पर्यावरण चित्रकला के महाकुम्भ सम्पन्न

Painting_Clipart3११२ स्कूलों के दो हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया
उदयपुर, ब्रश के साथ जब नन्हें हाथ ड्रांइग शीट पर चले तो बच्चों ने पर्शवरण संरखण को लेकर किसी फल बनाया तो किसी ने फूल,किसी ने सूरजमुखी का फूल बनाया तो किसी ने उडती हुई चिडिया। किसी बच्चें ने उजडते वनों को बचाने का संदेश दिया तो किसी ने हरे-भरे गांवों का खाका खींचा। कुछ बच्चों ने विरान होते जंगलों को बचाने व उसमें वन्यजीव संरक्षण का संदेश देते हुए अपनी चित्रकला बनायी तो वे देखते ही बनी।
अवसर था रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर एवं तुलसी निकेतन रेजीडेंशियल स्कूल के सहयोग से भारतीय पर्यावरण शिक्षा एवं अनुसंधान परिषद (सीरी) के तत्वावधान में आज विद्यालय स्तरीय पर्यावरण चित्रकला का महाकुम्भ प्रतियोगिता का आयोजन। इस प्रतियोगिता में ११२ स्कूलों के लगभग २००० भाग ले लिया। प्रतियोगिता में भाग लेने का बच्चों में इतना उत्साह था कि आयोजकों के पास स्थान कमी पड गई जिस कारण ५०० बच्चों का वापस लौटना पडा।
क्लब की पर्यावरण संरक्षण कमेटी के चेयरमेन यशवंत कोठारी ने बताया कि प्रतियोगिता शाम ४ बजे से सेक्टर ४ स्थित टी. एन. रेजीडेंशियल स्कूल में ४ वर्गों में आयोजित की गई। इसमें नर्सरी व एलकेजी के लिए फूल या फल, यूकेजी एवं कक्षा प्रथम के लिए सूरजमुखी या चिडिया, कक्षा दूसरी से चौथी के लिए वन या गांव का दृश्य तथा पांचवी से आठवीं के बच्चों के लिए जंगल या वन्यजीव की ड्राइंग बनानी थी।

हज 2013- 84 की किस्मत खुली अल्लाह के घर हाजरी देने की ….

5312_hajउदयपुर.हजयात्रा 2013 में जाने वालों के चयन के लिए शनिवार को सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में लाटरी (कुर्रा) निकली। इसके माध्यम से 2519 आवेदकों का चयन हुआ। इस मौके पर बडी़ संख्या में आवेदक मौजूद थे। सबसे पहले अजमेर जिले की लाटरी निकाली गई। उदयपुर जिले के 84 जयपुर जिले को 273 सीटें आबंटित हुई है। इसमें 70 वर्ष से अधिक उम्र के आवेदक और पिछले तीन साल से लगातार आवेदन करने वाले भी शामिल है, जिन्हें बिना किसी औपचारिकता के यात्रा के लिए चुना गया है।

20 मई तक पहली किस्त :

हज कमेटी के सदस्य हाजी शाहिद मोहम्मद ने बताया कि रिजर्व केटेगरी और लाटरी में चयनित सभी आवेदकों को 20 मई तक हजयात्रा की पहली किस्त सेंट्रल हज कमेटी के खाते में जमा करानी होगी। इस बार पहली किस्त के रूप में 76000 रुपए प्रति हजयात्री जमा होंगे। यह किस्त पिछले साल के मुकाबले 25000 रुपए अधिक है।

9137 की वेटिंग लिस्ट जारी : हज के लिए राज्य हज कमेटी को इस बार 5018 सीटों के लिए 14155 आवेदन प्राप्त हुए थे। राज्य को आबंटित सीटों में से 2499 रिजर्व केटेगरी की हैं।

रिंग रोड के लिए एक होटल कि जमीन को आवाप्त करने मे पसीना आरहा है यु आई टी को

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उदयपुर, बड़े बड़े होटल समूह के आगे प्रशासन भी बौना साबित हो रहा है । और यही वजह है की पिछोला के रिंग रोड का काम अटका पड़ा है । यु आई टी और जिला प्रशासन को शहर के हित और झीलों के सोन्दर्य करण के लिए पिछोला झील के रिंग रोड के लिए ट्रायडेंट होटल से जमीन लेने में पसीना आरहा है और इसी के चलते २४ अप्रेल को हुई सिटी लेवल मोनिटरिंग कमिटी की बैठक में संभागीय आयुक्त सुबोध अग्रवाल ने खासी नाराजगी जताते हुए अफसरों को लताड़ लगायी और एक महीने पिछोला रिंग रोड की रिपोर्ट पेश करने को कहा है ।जब की हकीकत यह है की जिला प्रशासन और यु.आई.टी. दोनों भी मिल कर होटल प्रबंधन को जमीं के लिए सहमत नहीं करा पाए है और ट्रायडेंटहोटल प्रबंधन अपने अड़ियल रवय्ये पर कायम है ।

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उल्लेखनीय है कि यूआईटी द्वारा पिछोला में करोड़ों की लागत से रिंग रोड बनाया जा रहा है। रिंग रोड अधिकांश कार्य हो चुका है जबकि कुछ जमीनों की अवाप्ति नहीं होने से रोड का काम अटका पड़ा है। रिंग रोड में ट्रायडेंट होटल सहित राजस्व ग्राम सिसारमा के कुछ निजी खातेदारों की जमीन जा रही है। यूआईटी ने सरकारी नियमों का दबाव बनाते हुए निजी खातेदारों को तो अवाप्ति के लिए राजी कर लिया लेकिन ट्रायडेंट होटल समूह से एक साल की मशक्कत के बाद भी यूआईटी और जिला प्रशासन जमीन लेने में नाकाम रहे हैं। इसके चलते पिछोला का रिंग रोड का काम अटका पड़ा है।

जिला प्रशासन को दी जिम्मेदारी:- यूआईटी द्वारा ट्रायडेंट से जमीन लेने के बाद पिछले साल पिछोला रिंग रोड के दौरे पर आए नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव जीएस संधू ने इसमें प्रशासन को हस्तक्षेप की बात कही थी। बाद में एनएलसीपी की सिटी लेवल की मानिटरिंग कमेटी की बैठक में भी इस संबंध में काफी चर्चा हुई। तब संभागीय आयुक्त डॉ. सुबोध अग्रवाल ने इस संबंध में कार्रवाई की जिम्मेदारी कलेक्टर को सौंपी थी।

चर्चा के बाद बात आगे नहीं बढ़ी:- यूआईटी और जिला प्रशासन के अधिकारी होटल प्रबंधन के पदाधिकारियों से जमीन लेने के संबंध में कई बार चर्चा कर चुके हैं। बताया जाता है कि कुछ शर्तों पर होटल समूह बीच में राजी भी हो गया था लेकिन आगे जाकर बात ठंडे बस्ते में चली गई। काफी समय से रिंग रोड के संबंध में यूआईटी और जिला प्रशासन के अलावा एनएलसीपी की सिटी लेवल मानिटरिंग कमेटी ने भी इसमें कोई रूचि नहीं दिखाई है।

एनएलसीपी के अंतर्गत बन रही है रिंग रोड:- पीछोला पर रिंग रोड नेशनल लेक कंजर्वेशन प्रोजेक्ट (एनएलसीपी) के अंतर्गत बनाई जा रही है। यूआईटी द्वारा इसका कार्य कछुआ चाल से किया जा रहा है। बताया जाता है कि पहले निजी खातेदारों जमीन देने के कारण विलंब हुआ और अब होटल समूह से सड़क के लिए जमीन मिलने में विलंब से इस योजना के पूरा होने में देरी हो रही है।
रिंगरोड पर उठा सवाल:- झील संरक्षण समिति और शहर के अन्य कुछ झील प्रेमी संगठनों ने रिंग रोड को लेकर सवाल उठाया है। झील प्रेमियों का कहना है कि यूआईटी द्वारा पीछोला झील पर रिंग रोड गलत तरीके से बनाई जा रही है। तथाकथित लोगों की जमीन को लाभ पहुंचाने के लिए रिंग रोड के नक्शे में बदलाव किया गया है। इस संबंध में पिछले दिनों मुख्य सचिव को शिकायत भी भेजी गई है। आरोप है कि यूआईटी अधिकारियों ने मिली भगत कर प्रभावी लोगों की जमीन को पेटे से बाहर निकाल दिया है।
तीसरा रिंग रोड:- झील प्रेमियों का कहना है कि पीछोला झील पर यह तीसरा रिंग रोड बनाया जा रहा है। इससे पहले दो रिंग रोड पहले ही बने चुके हैं। एकलव्य कॉलोनी में रिंग रोड के बोर्ड आज भी लगे हुए है। पूर्व में बनाए गए रिंग रोड का नया रिंग रोड बनाए जाने से कोई मतलब नहीं रह गया है। पुराना रिंग रोड आबादी से घिर चुका है। झील प्रेमियों को कहना है कि नया रिंग रोड बनाने से झील का नुकसान हो रहा है।

दूध दान के प्रति माताओं को रूझान बड़ा

divya mothers milk bankउदयपुर, प्रदेश में स्थापित पहले मदर मिल्क बेंक मे दूध दान करने का रुझान बदने लगा है । विभिन्न माध्यमों से प्रभावित 18 धात्री माताएं १०२ यूनिट दूध दान कर चुकी है ।
उल्लेख निय है कि गत दिनों स्थानीय पन्नाधाय चिकित्सालय मे अपनी माँ के दूध से वंचित शिशुओं के लिए माँ का दूध उपलब्ध करने हेतु मदर मिल्क बेंक कि स्थापना कि गयी थी , विभिन्न माध्यमों से प्रचार के बाद धात्री माताएं दूध दान के महत्त्व को समझने लगी है तथा अब तक १८ माताओं ने १०२ यूनिट अपना दूध दान कर वंचित शिशुओं को उपलब्ध करवाया है । इन माताओं में में बोहत सी माताएं दो तिन बार दूध दान के लिए आचुकी है । इससे यहाँ शिशु नर्सरी इंसेंटिव केयर में भारती शिशुओं को दूध उपलब्ध कराया जारहा है ।

नए कानून ने दिखाया असर युवती को अश्लील इशारे करना महगा पड़ा

main-qimg-2dd833c00bb81d21082cabcffc44ad8fयुवती ने कराया अश्लील इशारे करने का प्रकरण दर्ज
उदयपुर, शहर के सूरजपोल थाना क्षेत्र में एक युवती ने एक युवक के खिलाफ सरेराह अश्लील ईशारे और पिता को जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार सवीना खेडा निवासी एक युवती ने मामला दर्ज करवाया कि वह शुक्रवार शाम को उदयपुर होटल के पास खडी थी। इसी दौरान आरोपी नीतिन शांडिल्य ने उसे देखकर उसकी पास आया और उसके साथ अश्लील हरकत की। इस आरोपी ने इस युवती को उसके पिता द्वारा गोवर्धनविलास थाने में दी गई रिपोर्ट को उठाने के लिए धमकाया और नहीं उठाने पर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद युवती सूरजपोल थाने पहुंची और आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। इधर पुलिस का कहना है कि युवती के पिता और आरोपी युवक के बीच किसी मकान को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें गोवर्धनविलास थाने में दोनों के खिलाफ मामले चल रहे है। मामले की जांच आरपीएस प्रशिक्षु स्वाती शर्मा कर रही है।

नगर निगम की लापरवाही से अटका पडा है फ्लोटिंग फव्वारों का काम

fountinउदयपुर, नगर निगम की लापरवाही और काम करने की इच्छा शक्ति की कमी की वजह से पिछोला के फ्लोटिंग फव्वारे खटाई में पडे हुए है और अपनी कमजोरी छिपाने के लिये नगर निगम के अधिकारी सारी गलती फव्वारे लगाने वाली कम्पनी पर डाल कर रहे है।
राष्ट्रीय झील संरक्षण परियोजना के अंतर्गत पिछोला के सौन्दर्यकरण के लिए पिछोला में अब फ्लोटिंग फव्वारे लगाने का निर्णय लिया था डेढ साल बाद भी जब कार्य की प्रगति नहीं हुई तो हाल ही में हुई सिटी लेवल की बैठक में संभागीय आयुक्त ने नगर परिषद आयुक्त सत्यनारायण आचार्य से जवाब तलब किया जिस पर आचार्य ने फाउन्टेन लगाने वाली कम्पनी आईवीआरएच पर आरोप मंढते हुए कहा कि उन्हें तीन बार नोटिस दिया गया है। तब संभागीय आयुक्त ने कह दिया कि यदि कार्य नहीं हो रहा तो ठेका निरस्त कर दिया जाना प्रस्तावित करों।
जबकी हकीकत कुछ और है: आईवीआरएच कंपनी के एक्युकेटीव नासीर जब्बार ने बताया कि फाउन्टेंन का ठेका जून २०११ में हमारी कंपनी को मिला जिसका वर्क आर्डर ५ अक्टूबकर २०१२ को नगर निगम द्वारा दिया गया इससे पूर्व कंपनी द्वारा कई बार लेटर लिख कर वर्क आर्डर के लिए कहा गया था।
परिषद के अधिकारियों कोई रूचि नहीं : नासिर जब्बार ने बताया कि आठ फाउन्टेंन के लिए हमने ११ जगह पम्प स्टेशन बनाने की fountin1जगह देने के लिये परिषद को लेटर लिखा था उसमें से परिषद ने सारा जगह अंकित कर अक्टुबर २०१२ में लेटर दिया लेकिन सात जगह में से सिर्फ मुश्किल से २ जगह ही पम्प स्टेश्न बनाने का कार्य शुय हुआ अन्य पांच जगह पर स्थानिय लीडर व जनता के भारी विरोध के चलते कार्य शरू नहीं किया जा सका।
नासिर ने बताया कि इस बारे में नगर निगम के अधिकारियों को बार बार लिखने सूचित करने पर भी कोई उचित कार्यवाही नहीं की।
फव्वारें यूनिट को तैयार : नासिर ने बताया कि फव्वारें की सारी यूनिट तैयार है कंपनी ने अपना काम समय पर किया है लेकिन पम्प लगाने की जगह ही नहीं तो कहां लगाया जाए। अभी सिर्फ दूध तलाई पर एक पम्प स्टेशन और अम्बापोल पर एक स्टेशन बनाने के रूपरेखा बनायी गयी है।
हमारे पास कोई नोटिस नहीं : नगर परिषद आयुक्त ने संभागीय आयुक्त को कहा कि फ्लोटिंग फव्वारें से संबंधित कंपनी को तीन बार कार्य प्रगति करने के नोटिस दिये जा चुके है। जबकि कम्पनी के नासिर जब्बार ने बताया कि हमारे पास कोई नोटिस नहीं आया। कुल मिलाकर नगर निगम आयुक्त व अन्य अधिकारी अपने ढुलमुल और टालमटोल रवैये के चलते कंपनी को पम्प हाउस बनाने मे आ रही अडचनों को दूर नहीं किया जिससे ना फव्वारें के पम्प हाउस बने ना ही झील में फव्वारे लगे।

अब तो पुलिस से भरोसा ही उठ गया है ….

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सूचना के अधिकार के तहत खुला मामला
असहाय पिता पीड़ित बेटी के लिए कर रहा गुहार
दहेज प्रताडना का मामला
images (10)उदयपुर, अपनी बेटी और नवासी को न्याय दिलाने के लिए नाहर सिंह पिछले छह महिनों से पुलिस के आला अधिकारियों के चक्कर काट कर आखिर थक के कह उठा कि अब तो पुलिस से भरोसा उठ गया।
फतहपुरा के रामदास कालोनी निवासी नाहर सिंह ने अपनी इकलौती पुत्री गुडिया (परिवर्तित नाम) की शादी जयपुर निवासी प्रवीण से बडे अरमानों से करायी थी और ससुराल वालों को खुश करने अपनी बचत की पाई पाई लगा दी। गुडिया की शादी के कुछ ही दिन बाद जयपुर से फ़ोन आया । नाहर सिंह ने सोचा की कोई खुशखबरी होगी लेकिन काल दहेज की मांग का था और आरोप लगाया कि गुडिया की जो बाजुबंद दिया वह नकली है ओर यह असली दिया जाय साथ ही उन्होंने गुडिया के साथ मारपीट कर दहेज के लिए प्रताडित करना शुरू कर दिया। जब गुडिया गर्भवती हुई तो उसको गर्भपात के लिए मजबूर करना शुरू कर दिया। लाचार नाहर सिंह जब अपनी बेटी से मिलने जयपुर पहुंचे तो ससुर कन्हैयालाल, सास कांता बाई, जेठ हेमंत, अनिल ओर प्रदीप उन पर टूट पडे क्यों कि फर्नीचर के नाम पर उन्होने सवा लाख मांगे थे। जिसमें से नाहर सिंह ने ६० हजार ही दिये थे। गुडिया के पिता नाहर ङ्क्षसह भारी मन से वापस उदयपुर आ गये।
कुछ दिनों बाद गुडिया के पति प्रवीण को जयपुर के बांगड अस्पताल में भर्ती कराया तब नाहर सिंह को अन्य लोगों की मार्फ़त और नाहर सिंह गुडिया के मामा पन्ना लाल पगारिया व अन्य परिचित के साथ जयपुर मिलने गये लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया और हाथापाई भी कर दी। उपचार के दौरान प्रवीण की मौत हो गयी तब गुडिया के परिजनों को पता चला कि प्रवीण को पहले से ब्रेन टयूमर था जिसका पता गुडिया के परिजनों को नहीं लगने दिया। अपनी इकलौती पुत्री के विधवा होने का दूख साथ ही ससुराल वालों का राक्षसी रवैया नाहर ङ्क्षसह ने बातया कि बेटी के ससुराल पक्ष ब्याह के वत्क्त दिया गया तमाम सामान अपने कब्जे में ले रखा है।
नाहर सिंह ने बताया कि बेटी व नवासी सुखद भविष्य के लिए कोर्ट के जरिये महिला थाने में गुडिया ने मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने पिता नाहर सिंह, मां प्रेम देवी , मामा पन्ना लाल पगारिया व नरेन्द्र ङ्क्षसह शेखावत के बयान दर्ज किये थे। जब सूचना के अधिकार के तहत बयान की प्रति मांगी तो पता चला कि पुलिस ने बयान ही बदल दिये। यहीं नहीं पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर मामला उठाने व समझौता करने का दबाव भी बनाया। जांच अधिकारों को बदलने के लिये भी आईजी एसपी को ज्ञापन दिये गये लेकिन न्याय को कहीं आस नहीं जगी। एसपी के आदेश पर जांच डिप्टी को सौंपी गयी लेकिन डिप्टी ने भी पीडित पक्ष से बयान लिये बिना ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। अब नाहर ङ्क्षसह सवाल कर रहे हे कि अपनी पुत्री ओर नवासी को न्याय दिलाने कहां जाये।

हज यात्रियों की लॉटरी आज

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hajj lotteryउदयपुर। शनिवार शाम ४ बजे राजस्थान हज कमेटी जयपुर में सन २०१३ में हज यात्रा पर जाने वाले हाजियों के लिए कुर्रान (लॉटरी) निकाला जाएगा। मोहम्मद युसूप* खान चौहान जिला संयोजक स्टेट हज कमेटी उदयपुर ने कुर्रा (लॉटरी) में जिन हाजियों का हज यात्रा जाने के लिएचयन हो जायेगा। उन्हे पहली किश्त के रूप में ७६ हजार रूपयों एक हाजी के हिसाब से पे इन स्लीप में बैंक रेप*रेंस के साथ स्टेट बैंक ऑप* इण्डिया में जमा कराने हे। साथ ही असल पासपोर्ट, जिसके पीछे की तरप* ऊपर लेटेस्ट प*ोटो पासपोर्ट साईज, व्हाईट बेक ग्राउण्ड का चिपका कर स्टेट हज कमेटी को भेजा जाएगा। सन २०१३ में सेन्ट्रल हज कमेटी द्वारा राजस्थान को ५१२५ सीटे आंवटित की गई है।

बाल श्रमिक मुक्त कराये

images (9)उदयपुर, मानव तस्करी विरोधी युनिट एवं चाइल्ड लाईन युनिट ने शहर चेतक सर्कल क्षैत्र में कार्यवाही करते हुए आठ बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया।
मानव तस्करी विरोधी युनिट प्रभारी रविन्द्रसिह की टीम एवं चालइल्ड लाइन युनिट ने शुक्रवार के संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए शहर के चेतक सर्कल स्थित श्रीराम कोल्ड ड्रिंक्स एण्ड ज्यूस, अम्बिका भोजनालय, , शिवराम कोल्ड हाउस, शिव रेस्टोरेन्ट, कैलाश भेजनालय एवं निलम भोजनालय पर दबीश देकर बारिण्ड केलवा$डा, उभयेश्वर थाना नाई, सालोद खमनोर के आठ बालश्रमिकों को मुक्त कराया। टीम ने दुकानदार एम आई रोड भूपालपुरा निवासी गरूल कुमार आहुजा पुत्र द्वारकादास,बारिण्ड केलवाडा निवासी तख्तसिंह, भूपालपुरा निवासी किशन पुत्र द्वारकादास आहूजा, बारिण्ड केलवाडा निवासी शिवसिंह, सालोद खमनोर निवासी कालूसिंह पुत्र शंकरसिंह, भूपालपुरा निवासी प्रवीण मादवानी के खिलाफ मामला दर्ज कर मुक्त बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया।

पांच लाख रूपए चुराने के आरोप में चपरासी गिरफ्तार

कर्मचारियों के साथ मिलकर पैसे ढूंढने का नाटक करता रहा
उदयपुर, शहर की भुपालपूरा थाना पुलिस ने बैंकों से पैसे लेकर एटीएम में डालने वाले कंपनी के एक चपरासी को कंपनी से ५ लाख रूपए की नकदी चोरी करने में गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक पहले कई देर तक तो कंपनी के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर पैसे ढूंढने का नाटक करता रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार भुपालपूरा थाना क्षेत्र के आई रोड पर सीएएमएस इन्फो प्राईवेट लिमिटेड नामक कंपनी है। इस कंपनी का काम है कि वह बैंकों से पैसे लेकर उनके एटीएम में डालती है। जिसके लिए इस कंपनी को ठेका दे रखा है। गुरूवार को इस कंपनी के कर्मचारी बैंक से १२ लाख रूपए लाकर एटीएम शाखा में रख दिए थे। इसके बाद जब शाम को जाने से पहले जांच की तो १२ लाख में से मात्र ७ लाख रूपए ही मिले शेष ५ लाख रूपए गायब मिले। जिसपर कंपनी के कर्मचारियोंके होंश उड गए। कर्मचारियों ने इस बारे में कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी और गायब ५ लाख रूपए की तलाश शुरू कर दी। काफी तलाश के बाद भी पैसे नहीं मिलने पर कंपनी की ओर से पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर भुपालपूरा थानाधिकारी सतीश कुमार मीणा, एएसआई शंकरसिंह मय जाब्ते के कंपनी कार्यालय पहुंची और घटना के समय कंपनी में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ करनी शुरू कर दी।
कंपनी के कर्मचारियों द्वारा कुछ नहीं बताए जाने पर पुलिस सभी कर्मचारियों को थाने लेकर आई और एक-एक से पूछताछ की। जिसमें से एक ऑफिस बॉय गेंदसिंह उर्फ गजेन्द्रसिंह पुत्र नाथूसिंह निवासी कुडिया ब्यावर अजमेर हाल के ब्लॉक गोवर्धनविलास घबरा गया। जिस पर पुलिस को शंका हुई और पूछताछ की। बाद में सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी युवक ने कंपनी से चुराए पैसों को कंपनी परिसर में ही स्थित रिकार्ड रूम में छुपाना बताया। जिस पर पुलिस ने आरोपी के बताए स्थान से ५ लाख रूपए बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में कंपनी के धीरज पुत्र रतनलाल मोटावत की ओर से मामला दर्ज करवाया गया है।
ढूंढने का नाटक कर रहा था : कंपनी परिसर से ५ लाख रूपए गायब होने के बाद जब सभी कर्मचारी पैसों को ढूंढ रहे थे तब यह आरोपी भी इनके साथ मिलकर पैसे ढूंढने का नाटक कर रहा था। इसी दौरान बीच-बीच में रिकार्ड रूम में जाकर चोरी किए पैसों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर छिपा भी रहा था।