उदयपुर, शहर के सूरजपोल थाना क्षेत्र में गत रात्रि को दो युवकों ने एक एटीएम को तोडकर नकदी निकालने का प्रयास किया। समय पर सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने एटीएम के कैमरे से फुटेज निकालकर दोनों युवकों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पटेल सर्कल पर स्थित एसबीबीजे के एटीएम में गत रात्रि को करीब १२ बजे अंदर घुस गए। दोनों युवकों ने एटीएम मशीन के पास स्थित एक छोटे से दरवाजे का इंटरलॉक तोड दिया और इस छोटे से कमरे में चले गए। कमरे में बैट्रियां और अन्य सामान देखकर युवक पुन: बाहर आए और एटीएम मशीन से छेडछाड करनी शुरू कर दी। इसी दौरान एक युवक बाहर निकल गया और बाहर निगरानी करनी शुरू कर दी। अंदर बैठे एक युवक ने एटीएम मशीन वह पार्ट जिसमें लाखों रूपए रखे हुए थे उसे तोडने का प्रयास किया, युवक ने सरिए से लाखों रूपए रखे पार्ट की चद्दर को मोड दिया और पैसे निकालने का प्रयास किया।
इसी दौरान वहीं से गश्त करते हुए गुजर रहे थाने के एक कांस्टेबल गमेरलाल ने यह देखकर आरोपियों पर नजर रखते हुए तत्काल रात्रि गश्त कर रहे एएसआई फतहसिंह को सूचना दी। एटीएम मशीन से छेडछाड की सूचना पाकर एएसआई फतहसिंह तत्काल वहां पर पहुंचे। इससे पहले ही युवकों को शंका होने पर आरोपी बाईक लेकर फरार हो गए। मौके पर अधिकारियों ने तत्काल एटीएम की जांच की जिसमें एटीएम मशीन की चद्दर मुडी हुई मिली। यह देखकर पुलिस ने रात्रि को ही मौके पर बैंक के अधिकारियों को बुलाया और जांच करवाई। जांच में स्पष्ट हो गया कि एटीएम मशीन की केवल चद्दर को ही नुकसान पहुंचाया गया है। यह देखकर पुलिस और बैंक के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने शुक्रवार सुबह एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकलवाए और जांच की तो सामने आया कि मशीन में चोरी करने वाले दो युवक पहुंचे थे और एक युवक बाहर खडा था। दोनों ही युवक करीब २०-२५ वर्ष के थे। एटीएम के सीसीटीवी कैमरे के अनुसार दोनों में एक युवक ने मशीन के पास स्थित एक छोटे से कमरे का इंटर लॉक तोडकर अंदर घुसा था और फिर से बाहर निकलकर एटीएम मशीन में छेडछाड शुरू कर दी थी। मशीन के समय के अनुसार दोनों युवक करीब २५ मिनट तक मौके पर रूके थे और फिर फरार हो गए थे। सीसीटीवी कैमरे के अनुसार दोनों युवकों का रंग साफ था और मुहं को किसी भी तरह से कपडे से नहीं ढंका हुआ था। पुलिस ने बताया कि हुलिए के अनुसार दोनों युवक आस-पास के गांव के दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने बैंक के उपप्रबंधक अनुराग की रिपोर्ट पर दोनों युवकों के खिलाफ चोरी के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एटीएम तोडकर नकदी निकालने का प्रयास
फेसबुक पर मासूम बच्चे की नीलामी
लुधियाना। शहर के इकबाल गंज इलाके के पैदा होते ही एक नवजात बच्चे को सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के जरिए एक बार नहीं तीन तीन बार बेच दिया गया। पुलिस ने इस मामले में बच्चे के नाना, सौदेबाजी करने वाली नर्स समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर बच्चे को दिल्ली के अस्पताल से बरामद कर लिया है।

नाना ने बच्चे को महज 45 हजार रुपए में नर्स को बेच दिया। नर्स ने इस बच्चे को 3 दिन अपने पास रखा और फिर इसे 3 लाख रुपए में कुछ दलालों के हवाले कर दिया।
दलालों ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर बच्चे की तस्वीर लगा दी और इसके जरिए उन्होंने दिल्ली में एक व्यापारी ग्राहक भी तलाशा और 8 लाख रुपए में सौदा कर लिया।
बच्चा बेचने की इस करतूत का खुलासा खुद बच्चे की मां ने किया। सत्यम अस्पताल में पैदा हुए इस मासूम बच्चे को एक दो बार नहीं बल्कि तीन-तीन बार बेचा और खरीदा गया।
ऐसे घटी घटना : शाहनाज गांव (जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश) की निवासी नूरी का विवाह 3 दिसंबर 2011 को शहजाद के साथ हुआ था। वह पति के साथ छह माह रही। फिर उससे तलाक ले लिया। उस समय वह गर्भवती थी।
उसके बाद नूरी लुधियाना के टिब्बा रोड स्थित इकबाल गंज में अपने पिता फिरोज खान के साथ रहने लगी। उसे बीती 8 अप्रैल को यहां श्रृंगार सिनेमा के पास स्थित सत्यम अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया।
9 अप्रैल को उसने लड़के को जन्म दिया। बच्चे को जन्म दिया तो नूरी के पिता फिरोज खान (बच्चे का नाना), उसके दोस्त इरफान, नर्स सुनीता व अस्पताल कर्मी गुरप्रीत ने नूरी को बताया किबच्चा बीमार था और उसकी मौत हो गई।
इस पर नूरी ने उपचार के लिए आए डॉक्टर व दूसरी नर्स से पूछा कि मेरे बच्चे की मौत कैसे हुए है तो उन्होंने कहा आपका बच्चा तो ठीक है। नूरी ने यह सुनकर शोर मचाया। बाद में पोल खुलने पर नूरी के पिता ने बच्चा नूरी को सौंप दिया और चुपचाप घर आ गए।
फेसबुक पर बच्चे को बेचने का यह शायद पहला मामला सामने आया है। पुलिस अभी आरोपियों से पूछताछ कर जानने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल है।
आदिवासियों को स्कूल की सौगात
उदयपुर , आदिवासियों के उत्थान के उद्देश्य से डेरा सच्चा सौदा द्वारा कोटड़ा जिला उदयपुर में शाह सतनाम जी नोबल स्कूल की स्थापित किया है। मंगलवार को संत गुरु गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां ने रिबन जोडक़र स्कूल को लोकार्पण किया। स्कूल प्रांगण से गुरू जी शिक्षा का संदेश देते हुए स्लोग लिखे गुब्बारे छोड़े।
संस्था डेरा सच्चा सौदा ने राजस्थान आदिवासी बाहुल्य गांव कोटड़ा जिला उदयपुर में प्राइमरी स्कूल बनाकर क्षेत्रवासियों को शिक्षा की अनुपम सौगात दी। स्कूल के शुभारंभ अवसर पर गुरू जी ने कहा कि वर्ष 2001 में जब यहां आए तो यहां के लोग नशें करते थे, जहरभुजे तीर चलाते थे और तभी ख्याल आया कि इन्हें सभ्य इंसान बनाया जाए। इसी उद्देश्य के लिए यहां स्कूल खोला गया है। इस स्कूल में आदिवासी परिवारों के बच्चो को नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी और छात्र-छात्राओं को कॉपी-किताबे भी नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएंगी। गुरु जी ने कहा कि धर्मा का काम जोडऩा है और अगर सभी लोग अपने-अपने धर्म का अनुसरण करें तो ।
शाह सतनाम जी नोबल स्कूल में 10 क्लास रुम, कम्प्यूटर लैब, लाईब्रेरी, कांफें्रस हाल, प्रिंसीपल ऑफिस, स्टॉफ रुम बनया गया है। इसके अतिरिक्त इस स्कूल में लडक़ों के लिए 200 बैड का एक छात्रावास भी बनाया गया है। सीबीएसई से मान्यता प्राप्त इस स्कूल में आरम्भ में प्राईमरी (पांचवीं) कक्षा तक शिक्षा दी जाएगी।
हर बच्चे का हक है माँ का दूध
उदयपुर, नवजातों के लिए पन्नाधाय चिकित्सायल में स्थापित दिव्या मदर मिल्क बैंक शिशुओं के लिए सार्थक सिद्घ हो रहा है। [quote_right]संस्थापक देवेन्द्र अग्रवाल के अनुसार यह राजस्थान में ही नहीं पूरे उत्तर भारत क्षैत्र में प्रथम मिल्क बैंक है जहां यह सुविधा आरंभ की गई है। [/quote_right]वहीं झिझक छोड कर महिलाएं अपना दूध दान करने भी पहुंच रही है। और अनजाने बच्चों के लिए माताएं खुद आगे आरही है मिल्क बेंक शुरू होते ही ६२ यूनिट दूध माताओं द्वारा दान किया गया ।
उलेखनीय है कि मां भगवती विकास संस्थान द्वारा स्थापित इस मदर मिल्क बैंक का गत १४ अप्रेल को राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री एमामुद्दीन खान ने उद्घाटन किया था। मां के दूध पर प्रत्येक नवजात का हक है। अमृत समान मां का दूध प्रत्येक रोग का स्वत: उपचार है। प्रत्येक जरूरतमंद शिशु को दूध का हक मिले इसी उद्देध्य को लेकर मां भगवती विकास संस्था द्वारा इस बैंक की स्थापना की गई । यहां चिकित्सक की सलाह के बाद जरूरतमंद नवजात शिशु आने को मां का दूध उपलब्ध् कराया जाता है और अब हर वर्ग की महिलाएं झिझक छोड कर प्रतिदिन दूध दान के लिए स्वयं आ रही है।
मिल्क बैंक की समन्वयक अर्चना शक्तावत एवं सरोज पटेल ने बताया कि पन्नाधाय चिकित्सालय की नर्सरी इन्सेन्टिव केयर
यूनिट (एन आईसी यू) में भर्ती नवजात शिशुओं को इस दूध की आवश्यकता होती है। क्योंकि समय पूर्व प्रसव शिशुओं की माताओं में दूध की कमी होती है जबकि शिशु को दूध की अत्यधिक जरूरत होती है। उनहोंने बताया कि बैंक की प्राथमिकता में प्रथम श्रेणी में उपरोक्त शिशु रहेगे। द्वितीय प्राथामिकता उन शिशुओं को दी जाएगी जिनकी माताओं को दूध नहीं आता है तथा तीसरी प्राथमिकता संस्थान में आने वाले अनाथ शिशुओं को दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि हालांकि अभी तक दूध दान करने वाली माताओं की संख्यापर्याप्त नहीं है परन्तु जैसे-जैसे संख्या में वृद्घि होगी प्राथमिकताओं का भी विस्तार होगा।
अर्चना शक्तावत ने बताया कि यहां दान देनी वाली महिलाओं को पहले पूरी तरह संतुष्ट किया जाताहै और स्वस्थ महिला पहले उनके अपने बच्चे को दूध पिलाने के बाद बचे दूध को दान में लिया जाता है। जिसके लिए मेन्युअल और आटोमेटिक मशीन लगी हुई हे। शक्तावत ने बतायाकि दान देने वाली महिला और उसकी दूध का पूरी तरह चेकअप किया जाता है। रिपोर्ट आने के बाद ही उसको उपयोग में लाया जाता है। उपयोग में लाने के पूर्व पुरी तरह आधुनिक लेब में दूध को पाश्चयुराइज्ड किया जाता है इसके बाद स्टेलाटेजेशन मशीन में डाल उसको ३० एमएल की छोटी छोटी बोतलों में जमा कर स्टोरेज किया जाता हे।
समन्वयक सरोज पटेल ने बताया कि अभी धात्री माताओं को समझाने में और उनको समर्थन में थोडी परेशानी आ रही है। दुधदान को लेकर काफी भ्रांतियां है जबकि दूधदान करने वाली महिलाओं को काउन्सलिंग की जाती है कि यह एक पुण्य का कार्य है ओर इससे किसी प्रकार का न तो माता को नही उसके बच्चे को नुकसान है और दान किया हुआ दूध किसी जरूरतमंद के काम आ रहा है।
पटेल ने बताया कि अभी जिन माताओं के बच्चे २ से १० महिने के है उनसे दूध दान देने का आग्रह किया जाता है।
निशुल्क समाज की सेवा: दिव्य मदर मिल्क बैंक में काउन्सलर के तौर पर सारा कामकाज संभालने वाली अर्चना शर्मा और सरोज पटेल यहां निशुल्क सेवा दे रही है। सुबह ९ से शाम ५ बजे तक वह इसी सेवा कार्य में लगी रहती है।
मणिपुरी नृत्यांगना ने मोहा मन
उदयपुर। आलोक संस्थान के आलोक सी. सै. स्कूल, हिरण मगरी से. ११ में स्चपब डंबंल चेप्टर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि आलोक संस्थान के चेयरमेन श्यामलाल कुमावत थे। अध्यक्षता आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत थे। विशेष अतिथि मणिपुरी नृत्यांगना बीम्बावती देवी थी। आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. कुमावत ने स्चपब डंबंल का परिचय दिया। स्वागत उद्बोधन आलोक सी. सै. स्कूल, हिरण मगरी से. ११ के उप प्राचार्य शशांक टांक ने दिया। इस अवसर पर मणिपुरी शात्रीय नृत्यांगना एवं सहयोगी कलाकारों ने अपने नृत्य से सभी का मन मोह लिया।
20 दिन से नहीं उड़ रही पुलिस की नींद
उदयपुर ,एक तरफ पुरे देश में महिला अत्याचार बाद रहे है दूसरी तरफा पुलिस का रवैया लाख आलोचना के बावजूद बदलता नज़र नहीं आरहा ।उदयपुर जिले के खेरोदा थाना पुलिस को ही ले। इस क्षेत्र के केदारिया गांव से आज से करीब २० दिन पूर्व एक नाबालिग बालिका का अपहरण हो गया। बालिका के पिता ने इस घटना को लेकर एक युवती सहित तीन जनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया। इसके बावजूद पुलिस ने ना तो एफआईआर दर्ज की और ना ही अपहृत बालिका को ढंूढने का रत्तीभर प्रयास किया। ऐसे में थक हार कर बालिका के माता-पिता सोमवार को वल्लभनगर उपखंड कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठे तो पुलिस प्रशासन की कुंभकर्णी नींद उड़ी और जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
केदारिया निवासी बद्री लाल ने बताया कि उसने अपनी १७ वर्षीया पुत्री के अपहरण को लेकर बीस दिन पूर्व खेरोदा थाने में गांव के ही तुलसी राम पुत्र हीरा लाल शर्मा, सोन्या पति शंकर शर्मा व एक अन्य शंकर लाल गाडरी के विरूद्ध कार्रवाई करने और उसकी पुत्री को उनके चंगुल से आजाद कराने को लेकर मामला दर्ज कराने के लिए प्रार्थना सौंपा था, लेकिन अपराध पर नियंत्रण का दंभ भरने वाली पुलिस ने न एफआईआर दर्ज की और ना ही उसकी पुत्री की तलाश के कोई प्रयास किए। इससे आहत होकर प्रार्थी ने जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी परिवाद भी पेश किया। इसके बावजूद सन्तोषजनक जवाब नहीं पाकर बद्री लाल ने राष्ट्रपति के नाम वल्लभनगर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें मुल्जिमानों को गिरफ्तार करने एवं नाबालिग पुत्री की बरामदगी की मांग करते हुए बद्रीलाल व उसकी पत्नी उपखण्ड कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए।
विश्व की सिरमौर मेवाड़ की रॉल्स रॉयस पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन
197 पृष्ठों पर 261 रंगीन चित्रों में सजी रॉल्स रॉयस कार
उदयपुर, गत वर्ष अगस्त माह में अमेरिका के कैलिफॉर्निया प्रांत के पेबल बीच में आयोजित दुनियाभर की विंटेज कारों की प्रतियोगिता में उदयपुर के मेवाड़ घराने की विंटेज कार ‘1924 रॉल्स रॉयस 20 एचपी, बारकर ट्योरर’ (जीएलके 21) को अपनी श्रेणी में दुनिया भर में प्रथम नवाजा गया। इस संपूर्ण समारोह पर महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर के प्रबंध न्यासी एवं अध्यक्ष तथा एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स उदयपुर के चेयरमेन श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ के निर्देश पर लिखी पुस्तक ‘द रॉयल उदयपुर आरआरजीएलके 21 क्लासिक ड्राइव फ्रॉम डर्बी टू उदयपुर टू पेबल बीच एण्ड…कंटीन्यूस’ (कॉफी टेबल बुक) का सोमवार को यहां सिटी पैलेस स्थित शंभू निवास पैलेस में विमोचन किया गया। 197 पेजों एवं 261 रंगीन चित्रों के साथ प्रकाशित इस किताब में मेवाड़ घराने की ऐतिहासिक कारों, पेबल बीच में आयोजित समारोह के साथ विजेता कार की संपूर्ण यात्रा वृतांत दर्शाया गया है। पुस्तक में सामग्री संकलन विटेंज एण्ड क्लासिक कार कलेक्शन सिटी पैलेस के प्रबंधक अनु विक्रम सिंह करजाली ने किया है। जबकि सहयोग बॉब रूपानी एवं गौतम सेन ने किया है। पुस्तक का प्रकाशन महाराणा मेवाड़ हिस्टोरिकल पब्लिकेशन ट्रस्ट ने करवाया है।
उल्लेखनीय है कि शहर के ऐतिहासिक सिटी पैलेस के जनाना महल के कोने में वर्षों से रखी विंटेज कार ‘1924 रॉल्स रॉयस 20 एचपी, बारकर ट्योरर’ (जीएलके 21) गत वर्ष अगस्त माह में अमेरिका के कैलिफॉर्निया प्रांत के पेबल बीच में आयोजित दुनिया भर की विंटेज कारों की प्रतियोगिता में सिरमौर नवाजी गई।
“उतरन ” की “इच्छा” उदयपुर में
उदयपुर , टीवी धारावाहिक उतरन की मुख्य किरदार “इच्छा” शुक्रवार को उदयपुर में फहतपूरा स्थित मंगलम साड़ी के शोरूम के उदघाटन के मोके पर पहुची ।
शोरूम पर काफी संख्या में बच्चे महिलाओं सहित सेकड़ों लोग इच्छा के इंतजार में घंटों खड़े रहे ।
ओपचारिक बात में “इच्छा” टीना दत्ता ने बताया उदयपुर उनका पहलीबार आना हुआ है और उदयपुर की खूबसूरती उनके दिल को छु गयी और वे यहाँ बार बार आना चाहेगी । टीना दत्ता ने अपने सभी फेंस का मनमोहक अंदाज में अभिवादन स्वीकार किया और उनको ओटोग्राफ दिए ।
निर्दोषों को फसा कर दागदार हुई खाकी ( उदयपुर , फेसबुक तनाव ..)
उदयपुर। गत दिनों शहर के मल्लातलाई क्षेत्र में तनाव के दौरान पुलिस ने खुल कर अपना साम्प्रदायिक रूप से दिखाया। इस दौरान खाकी ने दर्शा दिया कि चाहे सरकार सेक्युलर लेकिन फसिज्म पर उसका अंकुश नहीं हो सकता। यह हिमाकत उस समय हुई जब एक मुख्यमंत्री स्वयं गृह मंत्रालय संभाले हुए है।
उल्लेखनीय है कि गत १३ अप्रेल को फेसबुक पर अभद्र पोस्ट के विरोध में समुदाय विशेष के कुछ युवकों ने मल्लातलाई क्षेत्र में एक रेस्टोरेन्ट पर तोडफ़ोड करते हुए उसके मालिक के साथ मारपीट की थी। इस घटना ने कुछ ही देर में साम्प्रदायिक रूप से लिया था और कुछ समाजकंटको ने ऑटो में सवार मुस्लिम परिवार के साथ मारपीट कर कुछ बालिकाओं को घायल कर दिया।
घटना का पूर्वाभास पुलिस को होने के उपरान्त भी पुलिस ने तब तक कोई एक्शन नहीं लिया जब तक इस घटना ने दंगे
का रूप लेने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रण करने के लिए प्रभावित क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू करनी पडी।
इस निषेधाज्ञा का पुलिस ने जमकर दुरूपयोग किया।जो गुरुवार तक चलता रहा । केवल मुस्लिम युवकों को निशाना बनाते हुए उनके घरों पर दबिशें देकर निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक युवक को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह सब्जी खरीद कर घर लौट रहा था। उसका दंगो से कुछ संबंध नहीं था लेकिन जबरन उसकी बाइक छीनकर उसे पुलिस की जीप मे डाल दिया तथा बाद में देर रात उसके दंगे में शामिल दर्शाते हुए गिरफ्तार दर्शा दिया। इसी प्रकार मस्जिद में नमाज अता कर लौटते दो अन्य युवकों को भी धर दबोचा। एक युवक जो दंगे का समाचार सुन घर पर अपनी अकेली पत्नी के पास पहुच रहा था उसको भी गिरफ्तार कर दंगाई घोषित कर दिया ।
पुलिस दरिदन्दगी का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। केवल मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों को पुलिस छावनी में तब्दील कर अपना ताण्डव मचाया गया।गुरूवार रात तक मल्लातलाई क्षेत्र में मुस्लिम युवकों का रात को दुपहिया वहां पर चोराहा क्रोस करना मुश्किल बन गया सीधे आने वाले युवकों को घेर घेर कर पकड़ने वाले पुलिस के जवान अपने आपको सुरमा समझ रहे है ।
प्रत्यक्षदर्शियो ने बताया कि कारों से आने-जाने वाले केवल मुस्लिम परिवारों को ही रोक कर बेवजह परेशान किया गया। इसी दौरान एक विवाह समारोह से लौट रहे चार युवकों को कार से उतार कर दरिन्दगी से पीटते हुए पुलिस वाहन में ठूंस दिया गया। तथा कथित दंगेके लिए जिम्मेदार आरोपियों की पहचान किए बगैर निर्दोष युवकों को हवालात में ठूंस कर बेरहमी से पीटा गया। गिरफ्तार युवकों की सूचना तक परिजनों को नहीं दी गई।
यह सब उस समय हुआ जब इस प्रदेश के गृह मंत्रालय की कमान स्वयं मुख्यमंत्री के हाथ मे जो कि हर जगह सेक्युलर होने का दावा करते है। निर्दोष युवकों के परिवार आज भी मानसिक एवं आर्थिक यंत्रणा झेल रहे है। यह केस अदालत में लम्बा चलेगा। पुलिस झूठे प्रमाण प्रस्तुत कर निर्दोषों को दोषी साबित करते हुए अपनी पीठ थपथपाना चाहेगी।
उदयपुर पोस्ट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अपेक्षा करता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो। दागदार खाकी के उन दोषियों को चिन्हित कर उनके विरूद्घ विधि समस्त कार्रवाई करे तथा इसमें निचले स्तर के ही नहीं उच्च अधिकारियों के आचरण की भी जांच की जानी चाहिए तब ही कांग्रेस की सेक्युलर छवि स्थायी रह पाएगी।
शक्ति रूप में 701 निशक्त कन्याओं का पूजन
उदयपुर, १८ अप्रेल । नारायण सेवा संस्थान ने गुरूवार को सेवा महातीर्थ बडी में दुर्गाष्टमी पर ७०१ निशक्त कन्याओं का महापूजन किया। ये सभी कन्याएं निशक्त एवं पोलियोग्रस्त है और इनमेसे अधिकतर के ऑपरेशन नवरात्रा में ही समपन्न हुए।
देवी शक्ति स्वरूपा इन कन्याओं को संस्थान निदेशक वंदना अग्रवाल व साधिकाओं ने भक्ति भाव से भोजन कराया व बाद में पूजन सामग्रियों से सज्जित चौकियों के समक्ष आसनों पर विजराजमान करवाया। कन्याएं राजस्थान, पं.बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार छत्तिसगढ, गुजरात, झारखण्ड व नेपाल सहित विभिन्न भागों से यहां निशुल्क ऑपरेशन के लिए आई थी।
ओढाई लाल चुनरी : कन्याओं को हलवा और पूडी परोसी गई। इसके बाद कन्याओं का माता की लाल चुनरी ओढाई गई और उपहार स्वरूप पोशाक व प्रसाधन सामग्री भेंट की गई।
संस्थान संस्थापक कैलाश मानव डा.प्रशान्त अग्रवाल व निदेशक वंदना अग्रवाल, जगदीश आर्य व देवेन्द्र चोबीसा ने पं.हरीश शमा्र के आचार्यत्व में हवन पूजन माता का आव्हान कर कन्याओं का महापूजन किया। मानव ने कहा कि वर्तमान समाज मे कई लोग नामसमझी के कारण बेटी की तुलना में बेटे को महत्व देते है। यही वजह है कि कन्या भ्रूण हत्या और महिला अत्याचार जैसी घटनाएं बढ रही है। ऐसे में संस्थान ७०१ कन्याओं का पूजन कर यह संदेश देना चाहता है कि हम बेटियों को समाज में आगे बढाए और सम्मान करें। अनुष्ठान की मुख्य अतिथि डा.विजयलक्ष्मी चौहान व अतिथियों ने १०८ दीपकों से माता स्वरूप कन्याओं की महाआरती की।
मूक-बधिर किशोरो के लिए प्रशिक्षण: नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में गुरूवार को सेवा महातीर्थ बडी में संस्थान के अपना घर में रहने वाले मूक बधिर किशोरो के लिए आईसीआईसीआई फाउण्डेशन के सहयोग से ३ माह का निशुल्क आर्टिपि*शयल ज्वैलरी निर्माण का त्रेमासिक प्रशिक्षण आंरभ किया गया।







