सेवा कार्यो की पहचान बना रोटरी: देसाई

उदयपुर, रोटरी डिस्ट्रिक्ट ३०५० के प्रान्तपाल रो.आशीष देसाई ने कहा कि रोटरी अन्तर्राष्ट्रीय द्वारा अब पोलियो उन्मूलन के बाद विश्व में आर्थिक एवं सामुदायिक विकास,सौहाद्र्घ पूर्ण वातावरण का निर्माण, बीमारी की रोकथाम व उपचार, जल व स्वच्छता, मातृत्व व बाल स्वास्थ्य व बुनियादी शिक्षा एंव साक्षरता पर कार्य करते हुए विश्व के लाखों जरूरतमंदो तक पहुंच कर उनकी सेवा सुश्रुसा करने में तन-मन-धन से लगा हुआ है। यह कार्य विश्व में अपने करीब साढे बारह लाख सदस्यों के जरिये ही संभव हो पा रहा है।
वे आज रोटरी क्लब उदयपुर द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रहे थे। उन्होनें कहा कि रोटरी प्रारम्भ से ही शंाति का पक्षधर रहा है और आज भी वह विश्व के अंशात क्षेत्रों में शंाति बहाल करने की अपील करता है। रोटरी अन्तर्राष्ट्रीय विश्व में निरक्षर लागों को साक्षर करने व बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने की पुरजोर कोशिश कर हरा है और इसें वह काफी हद तक सफल भी रहा है।
उन्होनें कहा कि रोटरी अन्तर्राष्ट्रीय यही चाहता है कि पूरा विश्व निरोगी रहे और और इसमें अपनी आय का काफी कुछ हिस्सा इस मद में खर्च कर रहा है ताकि व्यक्ति निरोगी रहेगा तो उसका देश भी निरोगी रह कर विकास की राह पर आगे बढता रहेगा।

विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के दात्यिव पर चार दिवसीय सेमीनार

उदयपुर, सन्त पॉल हायर सैकण्डरी स्कूल में ६० वर्ष पूर्ण होने पर चार दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया। सेमीनार का विषय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बच्चों का सर्वांगीण विकास रखा गया। सेमीनार का उद्घाटन १६ अप्रेल को स्कूल प्राचार्य फादर जॉर्ज वी.जे. ने किया।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि हीरक जयंती वर्ष में संत पॉल ने यह बहुत ही महत्वपूर्ण आयोजन किया है जो बच्चों के सर्वांगीण शिक्षण की अधुनातन कार्य प्रणालियों तथा अध्ययन विधियों से संबंधित होने के साथ-साथ अभिभावकों के दायित्वों पर भी उपयोगी चर्चा लिए है। उन्होंने कहा कि रूकल का यह शैक्षणिक सत्र स्कूल परिवार को समग्रत: समर्पित है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में सभी का साझा प्रयास जरूरी है और इसे जिम्मेदारी के साथ निभाने के लिए कौशल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि २१वीं सदी में एक विद्यार्थी का जीवन सर्वप्रथम माता-पिता उसके बाद शिक्षक, मित्रगण व अन्त में मीडिया द्वारा सर्वाधिक प्रभावित होता है।
सेमीनार के तीसरे दिन गुरूवार शाम को कक्षा पहली से चौथी के बच्चों के अभिभावकों का सेमीनार आयोजित किया गया जिसमें भारी तादाद में अभिभावकों ने भाग लिया। सेमीनार में अभिभावकों ने इस उपयोगी एवं सार्थक आयोजन के लिए एसएमएस द्वारा प्राचार्य का आभार प्रकट किया।
अपने वक्तव्य के दौरान फादर मेनेजेज ने शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के तरीकों के साथ-साथ वर्तमान में विभिन्न संचार माध्यमों के प्रभावों से सावधान रहने के लिए बच्चों एवं अभिभावकों का आव्हान किया और शिक्षकों से अपने अध्यापक कार्य को रूचिपूर्ण बनाने के साथ-साथ उसे प्रभावशाली बनाने के मंत्र दिए।

आशाधाम में वृद्घाश्रम के लिए आवासगृह का निर्माण

धनपतियों, दानदाताओं से सेवा-सहयोग का आव्हान
उदयपुर, वृद्घजन, लावारिस, मानसिक रोगी, विकलांग, अपाहिज, गरीब, असहाय, बेसहारा निश:क्तजनों की सेवा सहायता का संकल्प लेकर सिस्टर डेमियन ने बिशप डॉ. जोसफ पतालिन की प्रेरणा से दिसंबर १९९७ में आशाधाम आश्रम की उदयपुर में स्थापना की। प्रारंभ में नगर की सडक पर अस्थि भंग होकर असहाय एक ऐसी भिखारी को आश्रम से जोडा गया जिसके हाथ-पैर सडांध मार रहे थे। उसके पास कोई न जा पा रहा था। उसको सिस्टर डेमियन ने उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया और आवश्यक उपचार तथा देखभाल प्रारंभ की।
गुरूवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सिस्टर डेमियन, सिस्टर इगनस, सिस्टर अर्चना व सिस्टर शीना ने संयुक्त रूप से बताया कि इस प्रकार एक की शुरूआत से प्रारंभ हुआ यह सेवाकल्प आज १६५ जनों का संबल एवं सहारा बना हुआ है। इस बीच १५० व्यक्ति यहां रहते उपचार एवं स्वास्थ्य लाभ करते हुए मृत्यु को प्राप्त हुए जिनका उचित विधि से दाहकर्म किया गया। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य बहु आयामी है। धर्म, जाति, भाषा आदि का कोई भेदभाव किए बिना उन सबकी सेवा करना है जो असहाय, गरीब, निराश्रित अथवा परित्यक्त एवं बेसहारा है। साथ ही उनको शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से सहारा देकर उनके जीवन में नई आशा, आनंद एवं उमंग जागृत करने का प्रयास करना है।
सिस्टर डेमियन ने बताया कि वर्ष २०१२ में राज्य सरकार की ओर से ५० विमंदितों के लिए अनुदान स्वीकृत हुआ था। अभी वर्ष २०१३ में और ५० व्यक्तियों के लिए अनुदान की स्वीकृत हो गई है। इसके अलावा विगत ८ वर्षों से राज्य सरकार से निशुल्क या रियायती दर पर भूमि की मांग की जा रही थी जिसके फलस्वरूप गत फरवरी माह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में राज्य मंत्रीमंडल की बैठक में आश्रम को ग्राम हवाला खुर्द बडी में वृद्घाश्रम के लिए २ लाख ६९ हजार वर्गफीट भूमि का आवंटन किया गया जिसके लिए ३२ लाख रूपया जमा करना होगा।
सिस्टर डेमियन ने बताया कि संस्था के पास वर्तमान में ऐसा कोई फंड नहीं है और समय की मांग को देखते हुए वृद्घाश्रम का अलग से निर्माण अति आवश्यक हो गया है। लगातार ऐसे लोगों की संख्या बढती जायेगी जिन्हें आश्रम में रखना और उनका ठीक से उपचार कराना आवश्यक होगा। इसलिए उन्होंने धनपतियों, दानदाताओं, भामाशाहों से आव्हान किया कि वे इस परमार्थ कार्य में अधिक से अधिक सहयोग करें और अन्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें। प्रेसवार्ता में आश्रम के लिए मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा एम्बुलेंस, एसबीबीजे द्वारा एम्बुलेंस एवं आरएसएमएम द्वारा लोडिंग टेम्पो भेंट किए जाने पर संस्था सदस्यों ने आभार व्यक्त किया।

मौताणा तय हाने पर हुआ अंतिम संस्कार

उदयपुर, शराब के नशे में विषाक्त सेवन करने से पत्नि की मृत्यु हो गई तथा पति अचेता हो गया। घटना का पता चलने पर मृतका के परिजनों ने चढोतरा कर दिया। जहां तीसरे दिन दोनों पक्षों के बीच वार्ता में मौताणा राशी तय होने पर मृतका का अंतिम संस्कार हुआ।
जिले के पानरवा थानाक्षैत्र आधा लकड गांव निवासी हीरकी पत्नी कन्ना की शराब पीने के बाद विषाक्त सेवन करने से मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मोके पर पहुच कर मृतका के पीहर हेवरा थाना पानरवा सूचना दीं। इस पर दूसरे दिन मृतका के पीहर पक्ष के च$ढोतरा कर दिया। जहां तीसरे दिन सांय तक दोनों पक्षों के पंचों के बीच हुई वार्ता में २५ हजार रूपये झाल राशी देकर एक लाख पांच हजार में मौताणा तय हुआ। इस पर पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सुपुर्द किया। उल्लेखनीय है कि हीरकी व उसके पति कन्ना ने सोमवार रात में शराब पी। जहां किसी बात को लेकर विवाद होने पर दोनों ने विषाक्त सेवन कर लिया। जिन्हें उपचार के लिए झाडोल चिकित्सालय पहुचाया। जहां चिकित्सकों ने हीरकी को मृत घोषित कर दिया तथा कन्ना को रैफर करने पर उपचार के लिए एम बी चिकित्सालय में भर्ती कराया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस उप अधीक्षक कोटडा रामधन बैरवा, पानरवा थानाधिकारी अभयसिंह, ए एसआई लक्ष्मणप्रसाद मय टीम ने मोके पर पहुच कर मृतका के शव को झाडोल चिकित्सालय मोर्चरी में रखवा पीहर पक्ष को सूचना दी।

Vedanta Khushi: Mein Azad Hoon

child_labour12_h1frl_3868_310x235This story is of a village in Uttar Pradesh which is known for making bricks. The bricks are made from mud and several people from the nearby villages come and work in extreme conditions.

It was raining heavily and Yogi and Dharmu who work in a brick making small unit in Uttar Pradesh in Gajraula was coming back home from his daily work. Yogesh and Dharmu were quite drenched in the rains. As their house was still quite far, they decided to put-stay below a nearby tree. They saw a big tree, where many people were already hiding from the rains. 

Amongst many people standing was a small boy of 8-9 years with a turban on his head which was bleeding with the colour of mud and his hands were also full of mud. His knees were swollen and his elbows also bleeding.

Yogesh asked this small boy about his condition and whether hevedanta khushi - brick making factory has taken some medicine or is he going to the doctor. The child sounded a little stubborn , “I am alright and these are small wounds and i will be alright”. Dharmu was not convinced and he felt the child is in pain and is sounding brave. He started checking the wounds of the child and realized that the child must be working in a brick making factory and while lifting bricks he has got himself injured.

“How come a 8-9 year old child work like this. And how come the owner of the brick making factory employ these child labours”, Dharmu asked Yogesh, who had no certain answers. Dharmu asked the child where he was working and the child in innocence disclosed the name of the factory. It was not far away from the place Dharmu and Yogesh were working.

The rain stopped and both of them went ahead for their homes. Dharmu happened to know a social worker in his village who used to work for the welfare of children. He approached him in the night and next day, the government officials went and conducted a surprise check at the premises of this factory. Not one, the owner had engaged at least 10-12 children in work. To same a small petty amount, the owner had taken the law for a ride. The owner arrested and the children were set free. The factory was sealed.

Dharmu was quite happy and so was his friend Yogesh. While going back, Dharmu recognized the child, he was smiling and jumping. Dharmu asked his name and he said “Main Azad Hoon”. “My father now cannot force me to work. Ill go to school from next week”, he was shouting with his friends. The child name was ‘Azad’, but he rightly said, “Main Azad Hoon”. 

NOTE : When Vedanta Khushi campaign was launched, very little we knew how much impact it would bring in community. KHUSHI believes, sensitivity in people towards critical issues is increasing and people of all walks of society are taking steps forward for the prevention and also cure.

नौ हजार की घूस लेते नारकोटिक्स विभाग का उपनिरीक्षक गिरफ्तार

u15aprph-13चित्तौडगढ, भ्रष्टचार निरोधक ब्यूरो चितौडगढ की टीम ने अफीम पट्टे व तुली हुई अफीम के भुगतान की राशि बैंक खाते में डालने के एवज में नौ हजार रूपये की रिश्वत के साथ नारकोटिक्स विभाग के उपनिरीक्षक को रंगे हाथो गिरफ्तार किया है। रिश्वत की राशि उपनिरीक्षक की वर्दी में से ही बरामद हुई।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो चितौडगढ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्रसिंह चुण्डावत ने बताया कि रविवार को एमएल राठोड पिता एनएल राठोड निवासी निम्बाहेडा ने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई कि उसने उसकी अफीम तोल की रकम के लिए रकम के बैंक खाते में स्थानान्तरण के लिए निम्बाहेडा तोल सेन्टर पर तैनात उपनिरीक्षक नारकोटिक्स विभाग सुनील कुमार पिता कानु से सम्पर्क किया तो उसने उससे दस हजार रूपये की रिश्वत की मांग की। जिस पर शिकायत का गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया गया। जहां रिश्वत की पुष्टि होने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम सोमवार सवेरे निम्बाहेडा पहुंची। वहां पर दस हजार रूपये के केमिकलयुक्त नोट एमएल राठोड को देकर भेजा गया। राठोड ने वह राशि उपनिरीक्षक सुनील कुमार को तोल सेन्टर के बाहर बुलाकर दी। जहां पर सुनील कुमार ने रिश्वत की राशि मे से नौ हजार रूपये अपनी वर्दी की जेब में रख लिए एवं एक हजार रूपये एमएल राठोड को वापस लोटा दिए और उसके पास पडा एक पट्टा भी राठोड को दे दिया। इसी दौरान ईशारा पाते ही भ्रषटचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने नारकोटिक्स विभाग के घूसखोर उपनिरीक्षक सुनील कुमार को रंगे हाथो गिरफ्तार कर उसके कब्जे से रिश्वत की राशि नौ हजार रूपये बरामद कर ली। कार्यवाही करने वाली टीम में पुलिस निरीक्षक भ्रष्टाचा निरोधक ब्यूरो चितौडगढ जयमलसिंह, दलपतसिंह, रमेशचन्द्र, भंवरसिंह, श्यामलाल, भारतसिंह आदि शामिल थे।

इधर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्रसिंह ने भी नारकोटिक्स कोलोनी चितौडगढ में स्थित सुनील कुमार उपनिरीक्षक के निवास की तलाशी ली, लेकिन उसमें कुछ हाथ नही लगा। गिरफ्तार किए गए सुनील कुमार को मंगलवार को उदयपुर स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा।

 

मुस्लिम महासभा ने की निष्पक्ष जांच की मांग

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फेसबुक प्रकरण

उदयपुर, फेसबुक से उपजे विवाद के बाद पुलिस द्वारा एक तरफा कार्यवाही के विरोध में मुस्लिम महासभा के संस्थापक अध्यक्ष युनूस शेख ने कहा कि प्रशासन ने न्यायपूर्ण कार्यवाही नही की तो धरना प्रदर्शन के साथ उदयपुर संभाग में कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही संदेश यात्रा का विरोध किया जायेगा व काले झण्डे दिखाये जायेगें।

सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में युनूस शेख ने कहा कि १३ अप्रेल को मुस्लिम महासभा द्वारा फेसबुक पर समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए धार्मिक टिप्पणी के विरोध में ज्ञापन दिया था। बाद में असामाजिक तत्वों द्वारा टिप्पणी करने वाले की दुकान पर तोडफ़ोड की व उसके बाद विवाद उपजा। युनूस शेख ने बताया कि पुलिस प्रशासन अपनी नाकामी छुपाने के लिए मुस्लिम महासभा के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहा है तथा जिलाध्यक्ष अख्तर सिद्दिकी को ३०७ में गिरफ्तार कर लिया गया जबकि मुस्लिम महासभा का इस विवाद से कोई लेना देना नहीं।

शेख ने बताया कि उक्त घटना के बाद भी पुलिस ने एक तरफा कार्यवाही की व समुदाय विशेष के निर्दोष युवाओं को जबरदस्ती जेल में ढंस कर मुकदमा बना लिया जिससे समाज में रोष है। शेख ने बताया कि अगर प्रशासन न्यायोचित कार्यवाही नहीं करता व निर्दोष लोगो को जेल में डालना बंद नहीं करता है तो इसके विरोध में धरने प्रदर्शन किये जायेगें व उदयपुर संभाग में कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही संदेश यात्रा का विरोध किया जायगा व काले झण्डे दिखाए जाएगें।

 

फेसबुक से फ़ले तनाव को लेकर चला ज्ञापन का सिलसिला

u15aprph-3उदयपुर, फेसबुक पर समुदाय विशेष के संबंध में चित्र प्रसारित करने के तीसरे दिन सोमवार को मल्लातलाई क्षैत्र में स्थिति समान्य रही तथा क्षैत्र में निषेधाज्ञा जारी है। वही तनाव को लेकर शहर के हिन्दु संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ तथा सुन्निजमियत ओलामा के प्रतिनिधी मण्डल ने मोलाना के साथा मारपीट की घटना के विरोध में जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की।

सूत्रों के अनुसार गत दिनों फेसबुक पर समुदाय विशेष के लिए आपित्तजनक चित्र प्रसारित करने से शनिवार को मल्लातालई क्षैत्र में फेले तनाव के तीसरे दिन सोमवार को स्थिति सामान्य रही तथा कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। इधर घटना को लेकर सोमवार को हिन्दु जागरण मंच के बेनर तले विश्वहिन्दू परिषद, बजरंग दल, वनवासी कल्याण परिषद, भाजपा, बीएमएस सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधी मण्डल ने फेसबुकर पर टिप्पणी करने के बाद मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा तोडफ़ोड एवं निर्दोषों पर हमला करने वालों के खिलाफ आक्रोष व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाहीं करने , क्षैत्र में पुलिस चौकी स्थापित करने , पैट्रोलिग वाहन उपलब्ध करवाने, संदिग्धों के मकानों की तलाशी कर अवैध हथियार बरामद करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक हरिप्रसाद शर्मा को ज्ञापन सौपा। वहीं घटना के दौरान अम्बामाता थाने के बाहर मोलाना कमर रजा के साथ मारपीट करने की घटना के विरोध में सुन्नि जमियत ओलामा के मौलाना जुकरनेन के नेतृत्व में प्रतिनिधी मण्डल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर तेजरात सिंह को ज्ञापन सौप कर दोषियोंके खिलाफ कार्यवाहीं की मांग की। इधर सोमवार सवेरे एस पी हरिप्रसाद ने मय जाप्ता क्षैत्र का मौका निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। एस पी ने जल्द ही अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित करने की क्षैत्रवासियों की मांग के अनुरूप नियत स्थान की तलाश शुरू की। स्थिति सामान्य रहने के बावजूद एहतियात के तौर पर क्षैत्र में निषेधाज्ञा जारी है तथा पुलिस जाप्ता तैनात है।

इस मामले में दर्ज विभिन्न मामलों में पुलिस २० आरोपियों को जेल भिजवा चुकी है। जबकि इस सोमवार को अन्य आरोपी दुधिया गणेश निवासी विक्की उर्फ़ विक्रमसिंह पुत्र जोधसिंह पंवार, गांधीनगर हरिजन बस्ती निवासी गणपत पुत्र माधवलाल हरिजन, लोहिया नगर पानी की टंकी के पास सज्जन नगर निवासी जुबेर हुसैन, करामत हुसैन पुत्र अमानत हुसैन को गिरफ्तार किया है।

इसी दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले शिक्षक संघ एवं हिन्दु संगठनों के प्रतिनिधी मण्डल ने राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद द्वारा खिलाडियों को अनुदान राशि भुगतान हेतु चाहे गये परिपत्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गतिविधियों में भाग नहीं लेन के आशाय का शपथ पत्र मांगने के विरोध में महामहिम राज्यपाल महोदय एवं मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को ज्ञापन सौपा। जिसमें सभी ने राष्ट्रनिर्माण में लगे राष्ट्रव्यापी संगठन की तुलना जमात ए ईस्लामी जैसे प्रतिबंधित संग्ठन से करने का विरोध प्रकट करते हुए उक्त असवैधानिक आदेश को अविलम्ब वापस लेने तथा दोषि अधिकारी के खिलाफ कार्यवाहीं की मांग की।

 

स्कूटर की डिक्की से रुपयों से भरा बेग उड़ाया

उदयपुर, शहर के धानमण्डी क्षैत्र में प्रोपर्टी डीलर के स्कूटर की डीकी से नकदी से भरा बैग बदमाश चुरा ले गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवार को शहर के धानमण्डी थानाक्षैत्र गांछीवाडा में स्थित प्रोपर्टी डिलर के कार्यालय के बाहर खडे उसके स्कूटर की डिकी से चोर नकदी से भरा बैग चुरा ले गया। बैग में २ लाख ७ हजार रूपये थे। प्रकाश धानमण्डी गांछीवाडा में पी सी एण्ड कंपनी नाम से प्रोपर्टी डिलर का काम करता है तथा वहीं कार्यालय खोल रखा है। तीन चार दिन से वह स्कूटर की डिकी में करीब दो लाख रूपये नकदी लेकर गुम रहा था। सोमवार को वह टाउनहॉल रोड स्थित बैंक ऑफ बडोदा से २० हजार रूपये नकदी निकाल बैंग में रखकर डिकी में बैग रखकर कार्यायालय के पास पहुंच कर स्कूटर खडा कर हेंडपंप पर पानी लेने गया। वापस लौट कर देखा तो डिकी से नकदी से भरा बैग गायब था। इस संबंध में पुलिस को सूचना देकर प्रकरण दर्ज करवाया। पूछताछ में पता चला कि सवेरे काले कपडे पहना व्यक्ति ऑफिस आया जहां बाहर सब्जि बेच रही महिला को प्रकाश के संबंध में पूछा। पानी लेने जाने की बात कहने पर वह स्कूटर पर बैठा तथा डिकी खोल कर बैग निकाल पुन: डिकी को लॉक लगा फरार हो गया था। पुलिस इस संबंध में साक्ष्य जुटाने में लगी है।

फेस बुक का दंगा , शांत शहर में आग और निर्दोष युवा जेल में

शनिवार को सदभावना एवं कौमी एकता के प्रतीक शांत उदयपुर शहर की शांति भंग करने का दुष्प्रयास किया गया लेकिन यहां के परिपक्व वाशिन्दों ने इसे अपनी समझ एवं सुझबुझ से कुचल दिया। इस घटना ने जिला प्रशासन की व्यवस्था एवं खुफिया पुलिस की कार्य प्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिए हैं।अमन के दुश्मन असामाजिक तत्वों को छोड़ पुलिस द्वारा बेगुनाहों को जेल में डालने से पुलिस के रवैये पर एक समुदाय में बढ रहा है आक्रोश

2घटना की शुरूआत परिस्थिति शनिवार सुबह से ही हो गई थी। इसकी सुगबुगाहट पुलिस एवं प्रशासन के कानो तक पहुंच चुकी थी लेकिन दोनो ही व्यवस्थाओं ने इसे बहुत हल्के मे लिए परिणामस्वरूप शहर के हिस्से की शांति को पलीता लग गया। झगडे की जड तथा कथित सोशल नेटवर्क साइट ’फेसबुक’ एक सप्ताह पूर्व ही प्रदेश के एक जिले में भी तबाही दोहरा चुकी है। वहां सरकारी सम्पत्ति को भारी नुकसान हुआ जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना है किसी नेता या अधिकारी को नही।

इसी फेसबुक ने शहर मे भी पलिता लगाने का प्रयास किया जब प्रशासन को पूर्व ही जानकारी मिल चुकी थी तो प्रशासन ने संबंधित व्यक्ति के विरूद्घ कार्रवाई क्यों नही की। यदि ऐसा कदम उठा लिया जाता तो संभव है कि इस घटना की क्रियान्विति ही न होती। लेकिन लापरवाह प्रशासन सांप निकल जाने के बाद लकीर पीटने का अभ्यस्त है और इस घटना में भी वही हुआ। फेसबुक की तथा कथित टिप्पणी से आक्रोशित जब एक तबका ज्ञापन देने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा तो वहां कोई भी सक्षम अधिकारी ज्ञापन लेने के लिए मौजुद नहीं था। ऐसी स्थिति में आक्रोश भडकना स्वाभाविक है। इधर जब कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रतिनिधि मण्डल को कोई समाधान नहीं नहीं आया तो इसमें शामिल कुछ तत्वों ने मल्लातलाई पहुंच कर घटना को अंजाम देने की ठानी। इसकी जानकारी कलेक्ट्रेट से संबंधित थानाधिकारी को हो चुकी थी लेकिन उन्होंने इस संबंध में न तो अपने उच्च अधिकारियों को सूचित किया और न ही अम्बामाता थाना को इस संभावना से अवगत कराया । यदि ऐसा हो जाता तो घटना ही नहीं होती। हालाकि इस प्रसंग पर बाद में आई.जी.टी.सी.डामोर ने उक्त थानाधिकारी को तलाडा लेकिन तब तक तीर कमान से निकल चुका था। कुछ असामाकि तत्वों ने मल्लातलाई स्थित एक रेस्टारेंट पर तोडफ़ोड और कथित रूप से मारपीट कर डाली।

 

बेकसूर राहगीरों को मर मासूम बच्चों को भी बनाया शिकार

परिणाम स्वरूप दूसरे तबके ने इसे हाथों हाथ लेते हुए राह जाते समुदाय विशेष के परिवार पर हमला कर दिया कुछ ही पल में चिंगारी शोला बन गई और दोनो ही समुदायों की ओर से पथराव एवं मारपीट की घटनाएं होने लगी। मासूम बच्चों को भी इस त्रासदी ने अपना शिकार बनाया, पिता के साथ जाते मासूम बच्चे भी चोट ग्रस्त हुए। जो इस हादसे से ही अनजान थे। फिर रूटीन रेस्क्यू ऑपरेशन आंरभ हुआ बेमतलब समझाईश मे वक्त जाया कर पहले किया जाने वाला कार्य दूसरे चरण मे किया वह था भीड को तितरबितर करनरा अब तक शहर में अफवाहों का दौर आंरभ हो चुका था। कहीं हत्या होने की बात सुनने मिली तो किसी ने फायरिंग होने की घटना की अफवाह फैलाई। सम्पूर्ण शहर भयग्रस्त था। शहर के एक कोने में हुई इस वारदात ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। देर शाम अम्बामाता थाने से खदेडे हिन्दू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने चेटक एवं बापू बाजार में बंद कराने का प्रयास किया लेकिन विफल रहे।

 

नंबर बढाने के लिए पुलिस ने बेकसूरों को जेल में डाल दिया

इस बीच पुलिस ने राह जाते युवकों को दबोच अपने नम्बर बढाने की कार्रवाई आंरभ की। समुदाय विशेष की कॉलोनी के घरों में घुस कर वहां से युवाओ को उठा a1लिया गया और थाने की हवालात में ठूंस दिया। सूत्रों ने बतायाकि असामाजिक तत्व स्थानीय नहीं थे वे घटना को अंजाम दे कर फ रार हो गये और निर्दोष लोगो को गिरफ़्त में लेकर पुलिस ने वाह वाही लूटी।

लेकिन पुलिस को समझना चाहिए कि इस झूठी वाह वाही से उन्हें राहत नहीं मिलेगी उनकी समाज मे छवि और भी विकृत हो गयी। इसलिए उसे अपने खुफियातंत्र को मजबूत करते हुए ऐसी घटनाओं के वास्तविक कारणों तक पहुंचने की जहमत उठानी पडी।

 

 

हमको समझना होगा…..

इधर एक समुदाय विशेष को भी समझना होगा परिस्थितियों को ।फेस बुक पर हमारे मुल्क का नियंत्रण नहीं है इस पर किसी भी प्रकार के पोस्ट रोकने के लिए हमारे पास कारगर उपाय नहीं है। बनारस से डाली पोस्ट उदयपुर में दंगा करा दे। यह हास्यास्पद तो है ही शर्मनाक भी। शर्मनाक इस मायने में कि कई बार इस साइट के जूजर्स समझ में नहीं आने के उपरान्त भी लाइक या कमेंट कर देते है उन्हे इसके परिणामो की अथवा यथार्थ की जानकारी नहीं होती। इसे तुल देने की बजाय इसे मौके पर ही समझाईश कर खत्म करने के प्रयास होने चाहिए। लेकिन ऐसा न कर इसे तुल देते हुए एक शांत शहर के अमनचैन को पलीता लगाने की कार्रवाई आंरभ हो जाती है। इसे रोका जाना चाहिए। कुछ समय पूर्व किसी विवादित पोस्ट को लेकर कुछ हिन्दू संगठन भी कलेक्ट्रेट में ज्ञापन गए थे। उन्होंने भी ज्ञापन दिया शांति पूर्वक प्रशासन ने उनकी बात को सुना ओर उन्हे आश्वस्त कर भेजा। तब कोई माहौल नहीं था। समझाईश से राहे मिल जाती है लेकिन राह बताने वालो को भी नियत पवित्र होनी चाहए।

 

अब निर्दोष युवाओं को झेलनी पड़ेगी प्रताड़ना

इस पूरे घटनाक्रम के 24 घंटे बाद भी अल्पसंख्यक समुदाय के संरक्षण का ढोंग करने वाली कांग्रेस का एक भी नुमाइंदा पीड़ितों से नहीं मिला। न कोई एमएलए उन निदोष युवाओ के आंसू पौंछने पहुंचा जो बेवजह थाने में ढंस दिए और एक लम्बी कानूनी प्रक्रिया की प्रताडना उनके परिवारो को झेलनी है। इस समुदाय को अपने रहनुमाओं की पहचान कर अपना अगला कदम उठाना चाहिए। इधर मुस्लिम महासभा ने इस संबंध में पुलिस के रवैये को गैर लोकतांत्रिक बताते हुए सोमवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है । महासभा सूत्रों का कहना है कि इससे भी राहत नहीं मिली तो आगामी दिनों में प्रस्तावित कांग्रेस की संदेश यात्रा को काले झण्डो का सामना करना पडेगा।

उदयपुर पोस्ट उम्मीद करता है कि ऐसी नौबत नहीं आए और समझाईश और समझदारी से इस शांत शहर का अमन चैन पुन: लौट आए