सीमा को डॉक्टरेट की उपाधि

seema jainउदयपुर ,। श्रीमती सीमा जैन पत्नि जिनेन्द्र शास्त्री को हिन्दी साहित्य में डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। श्रीमती सीमा जैन ने डॉ. हुकमचन्द भारिल्ल के साहित्य का समालोचनात्मक अनुशीलन विषय पर शोध करने पर डॉक्टरेट की उपाधि दी गई।

श्रीमती जैन ने अपना शोध कार्य एम. जी. कॉलेज के हिन्दी विभाग की प्रो. डॉ. मन्जु चतुर्वेदी के दिशा निर्देश में सम्पन्न किया।

पूरब और पश्चिम की लोक संस्कृति एक मंच पर

उदयपुर, । पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव के तीसरे दिन रविवार को ‘‘धरोहर’’ में लोगों को पूरब और पश्चिम की लोक कला व संस्कृति के रंग एक मंच पर देखने को मिले। मुख्य रंगमंच ‘‘कलांगन’’ पर प्रस्तुत त्रिपुरा का होजागिरी तथा राजस्थान का चरी नृत्य दर्शकों को खूब रास आया इन नृत्यों ने अपने अंचल की लोक रंगत उत्सव में बिखेरी।

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रंगमंच पर रविावर को कार्यक्रम की शुरूआत कथकली से हुई इसके बाद नेक मोहम्मद लंगा ने अपने चिर परिचित अंदाज में लोक गीत सुना कर दाद बटोरी। कार्यक्रम त्रिपुरा का होजागिरी नृत्य दर्शकों के लिये सुरम्य प्रस्तुति बन की। इसमें नृत्यांगनाओं ने सिर पर बोतल संतुलित करते हुए अपनी मंथर दैहिक थिरकन से समां बांध दिया। नृत्य के दौरान त्रिपुरा की बालाओं ने विभिन्न प्रकार की संरचनाएँ भी बनाई। मंच पर ही राजस्थान के किशनगढ़ का चरी नृत्य मनमोहनी पेशकश रही। बांकिये के स्वर और ढोल की थाप पर नृत्य के दौरान नर्तकियों ने अपने सिर पर चरी रख कर उसमें अग्नि प्रवाहित कर आकर्षक नृत्य प्रस्तूुत किया।

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कार्यक्रम में गोवा का वीरभद्र जहाँ शौर्यपूर्ण व ओजपूर्ण प्रस्तुति थी वहीं मध्यप्रदेश के ढिंढोर जिले के आदिवासियों का गुदुमबाजा ने अपना धूम धड़ाका जोशीले अंदाज में किया। इस दल द्वारा बनाई संरचनाओं व पिरामिड पर दर्शकों ने करतल ध्वनि से अभिवादन किया। उत्तराखण्ड का चापेली नृत्य कार्यक्रम की लुभावनी प्रस्तुति रही वहीं गुजरात के मेवासी कलाकारों ने अपनी तीव्र नृत्य रचनाओं से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। धरोहर में इसके अलावा पंजाब का जिन्द, महाराष्ट्र का लावणी भी दर्शकों ने सराहा। उत्सव के चौथे दिन सोमवार को ‘‘लोक परंपरा’’ के अंतर्गत सांस्कृति सांझ का आयोजन होगा।

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गुस्से की हद और मांग सिर्फ मौत

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राजधानी दिल्ली में २३ वर्षीय लड़की के साथ चलती बस में गेंग रेप और फिर दरिंदगी और अमानवीयता की सारी हदे पार हुई तो अब हिन्दुस्तान की जनता का गुस्सा हद के बाहर होगया और हिन्दुस्तान की एक बेटी के साथ हुए इस अमानवीय घिनोने कृत्य के बदले जनता की मांग है आरोपियों को सजाए मौत मिले कोई तारीख नहीं कोई सुनवाई नहीं सिर्फ और सिर्फ मौत या उन्हें नपुसंक बना दिया जाय और इस गुस्से की हद दिखी शनिवार को देहली में जहाँ राजपथ पर देर शाम तक लोगों ने ९ डिग्री तापमान की कडकडाती सर्दी में पानी की बोचरे सही पुलिस की लाठियां खायी लेकिन उनकी मांग और गुस्से में कोई कमी नहीं आई ।

शनिवार की सुबह बिना किसी योजना के  बड़ी संख्या में युवक राजपथ पर पहुंचे और लोगों ने फिर नार्थ ब्लॉक की तरफ कूच कर दिया.

प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में लड़कियां भी थीं. प्रदर्शनकारियों पर पहले पानी की तेज़ बौछारें की गईं जिसके बाद लाठीचार्ज़ भी किया गया.

दोपहर होते होते प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने लगी और वो इंडिया गेट की तरफ जाने लगे.

आंसू गैस के गोलों की बौछार के बाद लोग इंडिया गेट की तरफ आ गए हैं और इंडिया गेट के कई एंट्री प्वाइंट्स को बंद कर दिया गया है.

टीवी पर दिखाई जा रही  तस्वीरों के अनुसार इंडिया गेट पर जहां तहां लोग जमा होकर नारेबाज़ी कर रहे हैं और पुलिस उन्हें तितर बितर करने की कोशिश कर रही है.

असल में इस भीड़ का न तो कोई नेता है और न ही कोई अगुआ.

ऐसा लगता है कि मानो ये स्वत स्फूर्त भीड़ है और लोग अपने घरों से निकल आए हैं.

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अमानवीयता की सारी हदें पार, पत्नी के गुप्तांग पर लगा देता था ताला

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8378_lockइंदौर। इस साल यूं तो होश उड़ाने वाली कई खबरें सामने आईं, लेकिन मध्यप्रदेश के इंदौर में घटी एक खौफनाक घटना ने लोगों को सबसे अधिक हैरत में डाल दिया। शंकालु पति ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए पत्नी के गुप्तांग पर ताला लगा दिया। इसका खुलासा सोमवार को तब हुआ जब महिला ने तंग आकर जहर खा लिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच की तो उनके होश उड़ गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है।

मामला मूसाखेड़ी क्षेत्र के इदरीस नगर में रहने वाली महिला रोमा (परिवर्तित नाम) का है। रोमा ने दोपहर में जहर पी लिया था। पड़ोसियों ने बताया रोमा के बच्चे खिड़की से चीख रहे थे। आवाज सुनकर हम वहां पहुंचे। कमरे में रोमा अचेत पड़ी थी। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो घटना का पता चला। उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया।

उसने बताया उसका पति शंकालु प्रवृत्ति का है। उसने करीब चार साल पहले अमानवीय तरीका अपनाते हुए रोमा के गुप्तांग में छेद कर ताला लगा दिया। वह सुबह काम पर जाता तो ताला लगा जाता और शाम को लौटने पर ताला खोलता। पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया है।

रोमा ने बताया सोहन भांग व गांजे का नशा करता है। वह चाहता है कि मैं भी उसके साथ नशा करूं। जब मैं मना करती हूं तो पीटता है। उसके पांच बच्चे हैं। सबसे बड़ा लड़का 20 साल का है। 14 साल की बेटी पर वह बुरी नीयत रखता है और ज्यादती का कहता रहता है।

 

सीएसपी राजेश रघुवंशी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के तुरंत बाद सोहन को हिरासत में ले लिया गया। उससे चाबी जब्त कर ली गई।

सो.-भास्कर डॉट कॉम

दिल्ली गैंग रेप के खिलाफ उदयपुर में हुई आवाज़ बुलंद

उदयपुर , दिल्ली में गैंग रेप कांड के बाद दुष्कर्मियों के खिलाफ उदयपुर में भी विरोध और आरोपियों को सजाए मौत के लिए आवाज़ बुलंद हो गयी है शुक्रवार को मीरा गर्ल्स कोलेज की छात्राओं ने जैम कर कलक्ट्री पर प्रदर्शन किया और शाम को निजी कोलेज के छात्रों और शहर के युवाओं ने केंडल मार्च निकाल कर आरोपियों को सजाये मौत के लिए मांग की ।

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दिल्ली में युवती के साथ बस में गेंग रेप कांड के बाद उदयपुर में भी युवाओं ने आरोपियों के खिलाफ सजाये मौत के लिए आवाज़ बुलंद कर डी दिन में मीरा गर्ल्स कोलेज की छात्राएं रेली निकाल कर कलेक्ट्री पर आई और जैम कर नारे बजी की और आरोपियों के लिए सजाये मौत की मांग की करीब घंटे भर तक प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सोंपा ।

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इसी क्रम में शाम को फतह सागर की पाल पर दर्शन डेंटल कोलेज के छात्र छात्रों ने केंडल मार्च नीकाला और आरोपियों को इसी सजा देने की मांग की कि देश के लिए एक मिसाल बन जाए तथा कोई भी एनी एस कभी करने कि नहीं सोचे ।

युवाओं कि एनी टोलियों ने भी केंडल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्श किया ।

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२२ दिसंबर को दिल्ली गैंग रेप से पीड़ित युवती के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना को लेकर भाजपा महिला मोर्चा शहर जिला उदयपुर द्वारा जिलाध्यक्ष डॉ. अलका मुंदड़ा के नेतृत्व में फतेह स्कूल के सामने मंशापूर्ण बालाजी मंदिर में प्रातः 11 बजे सामूहिक रूप से 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा।

दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव प्रारम्भ

क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों का सिल्वर जुबली समारोह इस वर्ष

ग्रामीण दस्तकारों और प्रदर्शनकारी कलाकारों को मिला राष्ट्रीय मंच—राज्यपाल

Shilpgramotsav_21-12-12उदयपुर, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा उदयपुर के शिल्पग्राम में आयोजित दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव आज से प्रारम्भ हुआ। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की अध्यक्ष एवं राज्यपाल श्रीमती माग्र्रेट आल्वा ने उत्सव के विधिवत शुभारम्भ की घोषणा की।

राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र देश का अकेला ऐसा महत्वपूर्ण केन्द्र है जो भारत की समूची कला एवं संस्कृति के वैभव को प्रतिवर्ष एक मंच पर ला खडा करता है। यहां कोने-कोने से कलाकार,दस्तकार और लोक कलाओं से जूडे लोग यहां पहुचकर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीवगांधी ने उदयपुर में कलाकारों के लिए इस मंच का सपना संजोया था जिसे पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के रुप में एक राष्ट्रीय स्थल की पहचान मिली है। उन्होंने केन्द्र के रजत जयन्ती वर्ष के मौके पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि लोक कला एवं शिल्प का यह मंच उत्तरोतर प्रगति के साथ देश में अक्षुण्ण पहचान बनाये रखें।

इस मौके पर राज्यपाल ने प्रो. त्रिखा की संग्रहालयों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया।

कलाकारों ने किया राज्यपाल का स्वागत

शिल्पग्राम पहुचने पर राजस्थानी वेशभूषा में सजी संवरी बालिकाओं ने राज्यपाल श्रीमती माग्र्रेट आल्वा का परम्परागत रूप से स्वागत किया वहीं मध्यप्रदेश के लालपुर से आये कलाकारों ने गुदुम्ब बाजा, राजस्थान के कलाकारों ने अलगोजावादन एवं कच्छी घो$डी नृत्य तथा गुजरात के जामनगर से आये कलाकारों ने मेवासी नृत्य के साथ राज्यपाल की अगवानी की। राज्यपाल ने करीब डे$ढ घन्टे तक शिल्पग्राम में भ्रमण कर दस्तकारों एवं कलाकारों से भेंट की। उन्होंने शिल्पकारों द्वारा बनाई जाने वाली शिल्प आकृतियों की जानकारी भी ली।

अभिभूत हुई राज्यपाल

राज्यपाल शिल्पग्राम में हस्त शिल्पियों एवं देश के विभिन्न अंचलों से आये लोक कलाकारों से मिलकर तथा शिल्पग्राम की साज-सज्जा को देखकर अभिभूत हुई। शिल्पग्राम में देश के विभिन्न अंचलों की झोप$िडयों को आकर्षक माण्डनों से सजाया गया था। भगवान शंकर, मारवा$डी सेठ, नारद मुनि, दैत्य आदि का वेश धारण कर कलाकारों ने राज्यपाल को अपनी प्रस्तुतियों से गद्गद् कर दिया। एक कलाकार ने अपनी लम्बी मूछों के साथ नाक से अलगोजा बजाकर विशेष रूप से लुभाया। राज्यपाल ने उसकी मूछों को अपने हाथ से परखा और पाया कि ये लम्बी मूछें असली हैं। राज्यपाल ने शिल्पग्राम में कच्ची घाणी से बनाये गये तिल और गु$ड के व्यंजन को चखा और इसके स्वाद की प्रशंसा की। उन्होंने

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प्रतिदिन कार्यक्रम

राज्यपाल को जानकारी देते हुए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक शैलेंद्र दशोरा ने बताया कि उत्सव के दसों दिन सायंकाल मुक्ताकाशीय रंगमंच पर दर्शकों को लोक कलाकारों के कार्यक्रम देखने को मिलेंगे।

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मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय दीक्षान्त समारोह

युवा धर्म निरपेक्षता के मूल्यों को बनाये रखने व लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में आगे आयें — राज्यपाल

उदयपुर, छात्र जीवन में दीक्षान्त समारोह को एक बडा मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह एक अवसर है कि प्रयास, समर्पण, समय और धैर्य के साथ एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने में गुजर गया। आप विश्वविद्यालय में बिताये गये खुशनुमा दिनों तथा आज के दिन को जीवन में याद करेंगे जो बाहर की दुनियां में आपकी भूमिका धैर्यपूर्वक निभाने के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। यह विचार आज यहां महामहिम राज्यपाल श्रीमती माग्र्रेट आल्वा ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षान्त समारोह में अपने उद्बोधन में व्यक्त किये। उन्होंने विधिवत दीक्षान्त समारोह प्रारम्भ करने की अनुमति प्रदान की।

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राज्यपाल ने डिग्री और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अपनी ओर से खुशहाल भावी जीवन की शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे अर्जित ज्ञान का उपयोग कर सामाजिक, राजनैतिक, प्रशासनिक और व्यवसाय आदि क्षेत्र में दक्षता से कार्य कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने शिक्षा के महत्व के संदर्भ में नेल्सन मंडेला की उक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘शिक्षा सबसे बडा ताकतवर हथियार है जिसे आप दुनियां को बदलने के लिए उपयोग कर सकते हैं।’’

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षित होकर युवा समाज का सेतु बनें तथा बहुलवाद, सामाजिक न्याय और धर्म निरपेक्षता के मूल्यों को बनाये रखने तथा हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए आगे आयें। जिले के आदिवासी क्षेत्र में लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए युवाओं की भागीदारी बढाना चाहते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय से अपेक्षा की कि वह इस दिशा में आगे आयेगा।

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राज्यपाल ने कहा कि यह गर्व की बात है कि राजस्थान के जनजाति क्षेत्र में हुए विकास से यह क्षेत्र नक्सलवादियों तथा अन्य समूहों के हाथों में नहीं है जो हिंसक आन्दोलनों के माध्यम से अन्याय और शोषण से लडने की तलाश में रहते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय कई मामलों में उन विश्वविद्यालयों से अग्रणी है जहां कई काम पहली बार किये जा रहे हैं। आज यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के नेटवर्क में शामिल हो गया है। इससे प्रतीत होता है कि विश्वविद्यालय के छात्रों को इस प्रकार तैयार कर रहा है जो वैश्विक रोजगार के बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

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राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के लिए मोहनलाल सुखाड़िया चेयर की स्थापना की है जो आगे इस क्षेत्र में काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए गोल्डन जुबली रिसर्च अवार्ड प्रभावी अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगा।

राज्यपाल ने वर्ष 2011 की परीक्षा में प्रथम स्थान पर रहे 36 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से अलंकृत किया। उन्होंने विज्ञान संकाय में 18, वाणिज्य संकाय में 15, सामाजिक विज्ञान में 12, मानविकी में 8, शिक्षा संकाय में 4, प्रबंध अध्ययन में 3 एवं विधि संकाय में 2 विद्यार्थियों को उपाधियों का वितरण किया। राज्यपाल ने अकादमिक प्रोसेशन के साथ दीक्षान्त समारोह हॉल में प्रवेश किया। समारोह का प्रारम्भ राष्ट्रीय गान के साथ शुरु हुआ। राज्यपाल का विश्वविद्यालय की ओर से स्वागत किया गया। विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभाग के स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को आमंत्रित किया।

विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की अधिक संख्या को देखते हुए आशा जतायी कि आने वाले समय में महिलाओं का दबदबा रहेगा। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे ब$ढ रही हैं यह विकास के क्षेत्र में अच्छे सेकेत हैं। इस स्थिति को देखते हुए विचार आता है कि कहीं आने वाले समय में लडकों के लिए आरक्षण करना पडे।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आई.वी.त्रिवेदी ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस विश्वविद्यालय से चार संगटक महाविद्यालयों के अलावा 190 से अधिक अन्य महाविद्यालय सम्बद्घ हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष हमने साहसिक खेलों के अन्तर्गत पर्वतारोहण प्रशिक्षण के लिए 13 लाख रुपये की लागत से रॉक-क्लाइम्बिंग वॉल का निर्माण कराया है। यह राज्य का पहला विश्वविद्यालय है जिसमें शिक्षकों की भर्ती का प्रथम चरण पूर्ण कर लिया गया है तथा यहां सूचना क्रान्ति और तकनीकी विकास के अनुरूप अपनी परीक्षा पद्घति को युक्तिसंगत और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाये गये हैं। यह विश्वविद्यालय आदिवासी बाहुल दक्षिणी राजस्थान का सबसे ब$डा शिक्षा का केन्द्र है।

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कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में नैनो तकनीकी क्षेत्र में विस्तार के लिए नैनो तकनीकी केन्द्र की भी स्थापना की है। उन्होंने बताया कि इसी माह के अन्तिम सप्ताह में विश्वविद्यालय 38वां अखिल भारतीय समाजशास्त्री सम्मेलन आयोजित कर रहा है, जिसमें देश-विदेश के 1500 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। संस्कृत विभाग द्वारा प्राचीन भारतीय आर्थिक चिन्तन विषय पर आगामी फरवरी माह में एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भी किया जायेगा।

समारोह का संयोजन रजिस्ट्रार बी.एल.मंत्री ने किया। दीक्षान्त समारोह में जिला कलक्टर विकास एस. भाले, पुलिस अधीक्षक एचपी शर्मा सहित विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल के सदस्य, शिक्षक, गणमान्य नागरिक, जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारी तथा मीडियाकर्मी मौजूद रहे।

आधार कार्ड के लिए पदयात्रा

उदयपुर उदयपुर युवा कांग्रेस द्वारा सीधा लाभ अंतरण ( डी.बी.टी.) के तहत आधार कार्ड के लिए जन जागरूकता हेतु २२ दिसंबर से पदयात्रा का शुभारम्भ किया जाएगा तथा जिले के गाँव में भी पदयात्रा का अभियान चला कर लोगों को आधार कार्ड के लिए जागरूक किया जाएगा ।

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शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में लोक सभा उदयपुर युवा कांग्रेस अध्यक्ष विवेक कटारा ने बताया की २२ दिसंबर से शुरू होने वाली पदयात्रा में आम जन को आधार कार्ड की उपयोगिता से अवगत कराया जाएगा पदयात्रा से पूर्व सुखाडिया ऑडिटोरियम में एक कार्यशाला भी राखी गयी है पदयात्रा का शुभारम्भ केन्द्रीय मंत्री सी.पि.जोशी शुखाडिया ऑडिटोरियम से करेगे जो की आयड़ पुलिया , देहली गेट मोती चोहट्टा होते हुए जगदीश चोक पर ख़तम होगी ।

कटारा ने बताया की २३ दिसंबर को गोगुन्दा , २४ दिसंबर को धारियवाद में २५ दिसंबर को खेरवाडा में तथा २६ दिसंबर को आसपुर में पदयात्रा की जायेगी जिससे गाँव में आधार कार्ड की उपयोगिता से अवगत कराया जासके ।

पदयात्रा के द्वितीय चरण में ७ जनवरी को सलुम्बर ८ जनवरी को झाडोल तथा ९ जनवरी को उदयपुर के आसपास ग्रामीण इलाकों में पदयात्रा निकाल कर समापन होगा ।

एक गाँव जहाँ दूसरी शादी के बाद ही बच्चे पैदा होते है

3421746268_3cfac26deeएक ऐसा गांव जहां के लोगों के साथ जुडा है अजब संयोग, जिसके अनुसार वंश वृद्धि के लिए पुरुष को दूसरी शादी करनी पड़ती है।अब तक के इतिहास में यह संयोग किसी एक परिवार के साथ नहीं बल्कि हर परिवार के साथ देखने में आया है।

इस गांव का नाम है ‘रामदियों की बस्ती’ जो राजस्थान के बाड़मेर जिले में जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर भारत-पकिस्तान की सरहद पर बसा हुआ। सत्तर परिवारों की इस बस्ती में सभी परिवार रामदिया मुसलमान समुदाय से हैं।इस गांव के हर परिवार में दो-दो निकाह हुए हैं।

दो-दो निकाह करना यहां के लोगों की शान नहीं बल्कि एक अनोखी मजबूरी है। एक ऐसी मजबूरी जो आज इस गांव के लिए एक आश्चर्यजनक परंपरा बन गई है।दरअसल इस गांव में किसी भी परिवार में पहले निकाह के बाद संतान का सुख प्राप्त नहीं हुआ जबकि दूसरी बेगम से सभी घरों में बच्चे खेल कूद रहे हैं।

गांव वालों के अनुसार यह परिपाटी कई दशकों से चली आ रही है, वे बताते हैं कि गांव के लाला मीठा की जब पहली शादी हुई तो कई वर्षों तक उन्हें कोई संतान पैदा नहीं हुई।उनके घर वाले उन्हें दूसरी शादी के लिए मनाते रहे लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।

55 साल की उम्र में मीठा की पहली पत्नी का निधन हुआ और घर वालों के दबाव में उन्हें दूसरा निकाह करना पड़ा।दूसरा निकाह करने के एक साल बाद उनके यहां एक लड़की और कुछ वर्षों बाद तीन लड़कों ने जन्म लिया।तब से इस गांव में किसी को भी पहले निकाह के बाद संतान प्राप्त नहीं हुई,संतान प्राप्ति के लिए उन्हें दूसरा निकाह करना ही पड़ा।

गांव के कई लोगों को तो आधी उम्र बीत जाने के बाद संतान कि चाह में दूसरा निकाह करना पड़ा, तब भी उन्हें निराशा हाथ नहीं लगी बल्कि उनके घर में किलकारी गूंज उठी।

स्वर्णिम 2012 में बिखरे रंग

उदयपुर, राजस्थानी, पंजाबी पॉप और लेटेस्ट रीमिक्स की धुनों पर स्वर्णिम-2012 में प्रस्तुतियां देने वालों की होड़ सी मच गई। प्रस्तुतियां भी ऐसी कि हर एक दर्शक के दिलों को छू गई।

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swrnim 2012कभी वन्स मोर के नारे तो कभी तालियों की गडग़ड़ाहट।
आयोजन था, केंद्रीय छात्रसंघ कार्यकारिणी की ओर से आयोजित स्वर्णिम 2012 के समापन पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का। सुखाडिय़ा ऑडिटोरियम भी खचाखच था। कार्यक्रम में निधि व राघव मिस व मिस्टर स्वर्णिम चुने गए।

मुख्य अतिथि राज्य क्रीड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी थे। कार्यक्रम के दौरान सभापति रजनी डांगी ने पुरस्कार वितरण किया।

फैशन शो में पारंपरिक और पश्चिमी दोनों ही तरह की संस्कृतियों का मिलाजुला रूप देखने को मिला।

कार्टूनिंग में जय सोनी, सूरज यादव व सूरज सोनी, एकल नृत्&52द्भ;य में शिवानी चौधरी, अंजलि गौड़ व श्वेता राजावत, मेहंदी में किरण, निर्मला वैष्ण्व व जेआर शर्मा, स्पॉट फोटोग्राफी में जयंत पुरोहित, नाजिया बंदूकवाला व पुलकित अग्रवाल, आशुभाषण में अर्शी खान, हर्षिता शर्मा व कौशिक शुक्ला, रंगोली में सुधा जाट, पूजा जिंजल व पूजा सिंघल, कोलाज में डिंपल चावंड, प्रिक्षिका दिवेदीव,

दीपक सेन, पोस्टर में मयंक सोनी, सूरज यादव व दीपक सेन, ग्रुप डांस में वसुधा राठौड़ व दल, अंजलि व दल व आयुष व दल, एकल गान में शालू वर्मा डिम्पी सुवालका, समूह गान में बाबू नारायण व दल, वीना व दल, तथा रिचा व दल ने क्रमश:प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया।