पुलिस ने दिखाई मानवियता, स्वयं के खर्चे पर शव भेजा

हिरणमगरी थाना क्षेत्र में मिले शव की शिनाख्त

नाम पर सम्पत्ति नहीं होने पर परिजनों ने किया था शव लेने से इंकार

उदयपुर, ’पैसा खुदा तो नहीं पर खुदा से जुदा नहीं’ यह कहावत आज लेकसिटी में एक युवक की मौत पर चरितार्थ हुई। युवक के नाम सम्पत्ति नहीं होने पर उसके परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने स्वयं के खर्चे पर शव को उसके घर पहुंचवाया जिसके पश्चात युवक का अंतिम संस्कार हो पाया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को हिरणमगरी थाना क्षेत्र के जडाव नर्सरी की गटर के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला था। पुलिस ने जिसकी शिनाख्त रेलवे कॉलोनी के समीप पथिक नगर सविना निवासी गणेश (२८) पुत्र चुन्नीलाल के रूप में की। शिनाख्तगी के बाद जब पुलिस ने इसकी सूचना परिजनों को दी तो उन्होंने शव लेने से इंकार कर दिया।

जानकारी में आया है कि मृतक के नाम कोई सम्पत्ति नहीं होने के कारण परिजन उसके शव को लेने से आनाकानी कर रहे थे। परिजनों के नहीं आने पर रविवार को हिरणमगरी थाना एएसआई रामलाल ने परिजनों को बुलवाकर पोस्टमार्टम करवाया और स्वयं के ही खर्चे पर एम्बुलेंस की सहायता से युवक के शव को उसके घर पहुंचाया।

कर्बला के शहीदों को सलाम

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[quote_center]हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और कर्बला में शहीद हुए तमाम शहीदों की याद में रवीवार को योमे आशूरा मनाया गया और शहर भर में ताजियों के जुलुस दो चरण में निकाले गए सुबह और शाम को निकलने वाली ताजियों की सवारी में अपार जन समूह उमड़ा।[/quote_center]

Muharram Procession in Udaipur 2012
रविवार को मुहर्रम की दस तारीख को योमे आशुरा मनाया गया ताजियों की सवारियों को पुरे जोश खरोश के साथ निकला गया ताजिये दो चरण में निकले जिसमे सुबह १० बजे से शहर के सभी मुस्लिम मोहल्लों के के करीब २० ताजिये व् कई छोटी बड़ी मेह्न्दियों का जुलुस हाथीपोल हर्वेन जी के खुर्रे से रवाना हुआ सब से आगे महावत वाड़ी के ताजिये थे उसके बाद सिलावट वाड़ी, कल्ले सात , आदि कई मोहल्लों के सजे धजे ताजिये थे अबरक से बना ताजिया आकर्षण का केंद्र रहा , ताजियों की सवारी पुरे जोश खरोश , और या हुसैन या हुसैन की मातमी गुंजों के साथ आगे बड़ा साथ में युवा ढोल नगाड़ों पर मातमी ताल बजाते चल रहे थे ।
घंटा घर पर घेरा बना कर कई देर तक युवाओं ने या हुसैन या हुसैन कर मातम मनाया जुलुस घंटा घर से गणेशा घाटी होता हुआ पांडू वाड़ी पंहुचा जहा पर ताजियों और मेह्न्दियों को ठंडा किया गया । कई जागरूक लोगों ने ताजियों को ठंडा नहीं किया और झील बचाओ का नारा लगते हुए पानी का छिटा लगा कर वापस ले आये ।
Muharram Procession in Udaipur 2012
शाम को शुरू हुआ बड़े ताजियों का दुसरा चरण जिसमे अकीदतमन्द भारी संख्या में मोजूद रहे । दुसरे चरण के ताजियों के लिए तीनों बड़े ताजियों के अलघ अलग खंड जुलुस के रूप में १ बजे से तीज के चोक में लाना शुरू हो गए अलीपुरा , बड़ी पलटन , और ढोली बावड़ी के बड़े ताजिये तीज के चोक में जमा होकर वही सरे खंड जमाये गए और करीब ४ बाजे वहां से ताजियों का जुलुस निकला गया तिन बड़े ताजियों के साथ विभिन्न मोहल्लों के छोटे ताजिये भी  थे ।
सबसे आगे धोलीबावड़ी के ताजिये जिसको अलनावाज़ कमिटी के युवाओं ने अपने कंधों पर उठा रखा था सर पर सबके सफ़ेद रुमाल बंधा हुआ और सब युवा या हुसैन के नारों के साथ ताजियों को आगे ले कर बड़ा रहे थे साथ में माइक पर नात और मर्सियाह भी पड़ा जारहा था । धोली बावड़ी के बड़े ताजिये अपने आप में एक कारीगरी और आर्ट का नमूना थे ताजियों पर बड़ी बारीकी से पेपर और रंग बिरंगे पन्नी और थर्मा कोल का खुबसूरत काम किया गया था ।
Muharram Procession in Udaipur 2012
दुसरे न. पर अलीपुरा के ताजिये थे उनको भी स्थानीय युवाओं ने बड़े करीने से काँधे पर उठा रखा था और सबसे आखिर में बड़ी पलटन के बड़े ताजिये थे , सभी ताजिये भडभुजा घटी बड़ा बाजार घंटा घर जगदीश चोक होते हुए रात ८ बजे तक लाल घाट स्थित कर्बला पहुचे जहाँ ताजियों को ठंडा किया गया ।
इस बिच बड़ा बाजार स्थित चिल्ले की मस्जिद पर ताजियों का मुकाम रुकवा कर सभी रोजदारों का रोजा खुलवाया गया और जगदीश चोक में विहंगम द्रश्य देखने को भरी जन सैलाब उमड़ा अन्धेरा होते ही सभी ताजिये आकर्षक रौशनी से जगमगा उठे ।
मन्नतें उतारी  
दुसरे चरण की सवारी में बड़े ताजियों पर कई लोगों ने अपनी मन्नतें उतारी तो कई यों ने मन्नते ली , कोई ताजियों के आगे लोटा तो कोई अपने बच्चे को लेकर ताजियों के निचे से निकला , जगह जगह महिलाओं ने फूल के सेहरे और नारियल पेशा किये ।
हर जगह सबिले लगायी गयी थी जिसमे शरबत चाय , पानी , हलवा , आइस क्रीम , पुलाव हलिम आदि खिलाये गए , हलिम तो शाम होते होते हर मुस्लिम मोहल्ले की हर गली में बनता हुआ दिखाई दिया ।

पाबंदी के बावजूद सलामी की रस्म करने पहुंचे युवा

पुलिस अधिकारियों ने की समझाइश, नहीं मानने पर किया बल प्रयोग

उदयपुर, मोहर्रम पर भडभुजा घाटी में हर वर्ष होने वाली छडी मिलन (सलामी) की रस्म पर पाबंदी लगने के बाद भी कुछ युवक छडी व ताजिये को लेकर सलामी स्थल के लिये रवाना हुए। जिसे पुलिस ने हवा में लाठियां घुमा हल्का बल प्रयोग कर पुन: लौटाया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आज रात भूपालवाडी स्थित छडी मिलन वाले स्थान पर भडभुजा घाटी से कुछ युवा मोहर्रम लेकर छडी मिलन (सलामी) के लिए रवाना हो गए। इसके लिए मोतबिर लोगों ने भी उन युवाओं से समझाइश की। नहीं मानने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे अतिरित्त पुलिस अधीक्षक तेजराज सिंह, डिप्टी दयानंद सारण व अधिकारियों ने समझाइश का प्रयास किया। बात बनते नहीं देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड को तितर-बितर किया एवं ताजिये को पुन: उसके मुकाम पर रखवाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूर्ण नियंत्रण में है एवं नायकवाडी क्षेत्र में भी पुलिस जाब्ते को बढा दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि करीब 150 वर्षों से चली आ रही इस छडी मिलन (सलामी) की परंपरा पर मुस्लिम युवाओं की पहल एवं मौतबिरों ने हर वर्ष बढ रही झगडों की घटना को देखते हुए शुक्रवार को इसे बंद करने का पै*सला लिया था। इसी के प*लस्वरूप आज ताजियों को जियारत के लिए अपने मुकाम पर ही रखे गए थे।

अब नहीं होगा छड़ी मिलन

उदयपुर, ताजियों के दौरान हर वर्ष होने वाले झगडे से परेशान होकर मेवाफरोश ओर नायकान समाज ने पहल करते हुए प्रशासन को लिखित में दे दिया अब भडभूजा घाटी पर मुहर्रम की 9 तारीख को रात होने वाले छडी मिलन की रस्म नहीं होगी।

उल्लेखनिय है कि मोहर्रम की रात २ बजे भडभूजा घाटी पर वर्षो से चली आ रही छडी मिलन की परम्परा रही है। जिसमें मेवाफरोश व नायको की छडी मिलन होता था जिसको देखने हजारों की संख्या में लोग आते है पिछले कुछ वर्षो से मोहर्रम की सात तारीख को छडियों का जुलूस व छडी मिलन में हो रही चाकूबाजी की घटनाओं से तंग आकर दो वर्ष पहले बडी पलटन का मोहर्रम चमनपुरा लाने की परम्परा भी समाप्त की और अब गुरूवार को हुई चाकूबाजी की घटना के बाद मेवाफरोशियों व नायको के बुजुर्ग व नौज्वानों ने फैसला लिया कि अब भडभूजा घाटी पर मोहर्रम की ९तारीख को रात होने वाले छडी मिलन नहीं होगा। मेवाफरोशान की तरफ से रहीम बक्ष पटेल, नजर मोहम्मद, जाकीर हुसैन आदि तथा नायकान समाज की तरफ से सदर जान मोहम्मद आदिने सर्व सम्मति से जिला कलक्टर को लिख कर दे दिया कि आज के बाद भडभूजा घाटी में छडी मिलन नहीं होगा। समाज के लोगों का कहना है कि यह एक अच्छा निर्णय लिया गया है वेसे भी छडियों के मिलन का कोई ऐतिहासिक या सामाजिक महत्व नहीं था। अंजुमन सदर शराफत हुसैन ने भी छडी मिलन नहीं होने के निर्णय का स्वागत करते हुए मेवाफरोशन व नायकान समाज का धन्यवाद दिया।

लेकसिटी में दिखने लगा सर्दी का असर

उदयपुर, घाटी में हुई बर्फ बारी का असर अब लेकसिटी में भी दिखने लगा है और सर्दी जोर पकडने लगी है। जहां बडों की सर्दी से परेशानी हो रही है तो बच्चे भी सर्दी में सुबह-सुबह स्कूल जाने में मुंह बिगाडने लगे है।

मौसम विभाग के अनुसार गुरूवार को न्यूनतम 10 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया है। सुबह और शाम के तापमान में अधिक गिरावट आ जाती है। दिन में बिना स्वेटर व या जैकेट के चल जाता है लेकिन शाम होते ही स्वेटर जैकेट और शॉल की जरूरत महसूस होने लगती है। दुपहिया वाहनधारी टोपे पहने भी नजर आने लगे है।

सबसे ज्यादा परेशानी सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले नन्हे मुन्हे बच्चों को हो रही है। ये बच्चे मुंह बिगाडते हुए स्वेटर, मप*लर, टोपे पहने ऑटो या स्कूल बस में दिखाई देते है। पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों के मुंह तो सर्दी की खीज की वजह से फूले हुए रहते है और सोचते है कैसे स्कूल से बचा जाए। कई स्कूलों में टाईम में बदलाव कर सुबह 7 बजे की जगह 8 .30 बजे का कर दिया है। सुबह और शाम के तापमान में अंतर के चलते मौसमी बीमारियों की भी आशंकाएं बढ गई है। शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में बच्चों को सर्दी से बचाए रखना जरूरी है। उन्हें गरम कपडे और टोपे, मोजे अवश्य पहनाएं।

बाल विवाह को रोकने के लिए कलक्टर की पहल

शादी कार्डों पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि अंकित करने के निर्देश

…तभी मुकम्मिल मानी जाएगी विवाह पत्रिका

बांसवा$डा, शादी-ब्याह के लिए छपवाएं जाने वाले निमंत्रण पत्रों पर अब दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि अंकित करने के साथ ही बालिग होने का प्रमाण पत्र देना आवश्यक होगा। जिला कलक्टर कुंजबिहारी गुप्ता ने जिले में बाल विवाह को रोकने के लिए इस आशय के आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में जिला कलक्टर एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी कुंजबिहारी गुप्ता ने जिले में बाल विवाहों को रोकने की दृष्टि से जिले के समस्त प्रिन्टिंग पे*स मालिकों को निर्देशित किया है कि वे विवाह कार्ड छापते समय वर एवं वधु की आयु के संबंध में प्रमाण पत्र प्राप्त करें और वर तथा वधु की जन्मतिथि आवश्यक रूप से निमंत्रण पत्र पर अंकित करें। कलक्टर गुप्ता ने इस आदेश के साथ ही देव प्रबोधनी एकादशी, बसंत पंचमी, फुलेरा दूज तथा अक्षय तृतीया पर बाल विवाहों की संभावनाओं को देखते हुए उनकी रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर के कार्मिक यथा पटवारी, गिरदावर, सचिव, बीट कांस्टेबल, हेल्पर, एएनएम, आंगनवाडी कार्यकत्र्ता, सहायिका, सहयोगिनी,साथिन, गांव में स्थित किसी भी स्तर के विद्यालय के प्रधानाध्यापक व गांव के किसी भी सरकारी कार्यालय के कर्मचारी को पाबंद किया है कि वे बाल विवाह के आयोजन की सूचना तत्काल प्रभाव से उस क्षेत्र के उपखण्ड अधिकारी को देवें। इसके अलावा उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी को विवाह में प्रयुक्त होने वाले वाहनों को परमिट देते समय इस बात को प्रमाणित करने के निर्देश दिए हैं कि वाहन बाल विवाह में उपयोग में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने विवाह के कार्य करवाने वाले बेण्ड बाजा मालिक, हलवाई, पण्डितों को भी निर्देशित किया है कि वे कत्र्तव्यनिष्ठ रहते हुए इस प्रकार का बाल विवाह नहीं करवाएं। कलक्टर ने बताया कि आदेश की अवहेलना करने वाले दोषी व्यक्ति

युवाओं ने सरहद को प्रणाम किया

उदयपुर, फ़ोरम फॉर इनटीग्रंटेड नेशनल सिक्योरिटी के आव्हान पर आयोजित राष्ट जागरण अभियान में देश के 12000 युवाओं ने ’’ सरहद को प्रणाम’’ कार्यक्रम में भाग लेकर सीमावर्ती क्षैत्रवासियों के साथ संवाद किया।

यह जानकारी फिन्स राष्ट्रीय सचिव सेवानिवृत्त आई ए एस आशुतोष गुप्ता ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि देश में पनप रहे माओंवाद, आतंकवाद, बम , घुसपेठ, एवं पडोंसी देशों के आक्रमण से भारत की सीमा घटी है। जो देश की अखंडता के लिए खतरा बनती जा रही है। देश की सुरक्षा केवल सैना का ही नहीं अपितु देशवासियों की भी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 2003 में गठित फिन्स संगठन की ओर से 19से 22 नवंबर तक आयोजित ’’सरहद को प्रमणा’’ राष्ट्र जागरण का अभियान में भारत के 800 से अधिक जिलों के 12 हजार युवा अपने क्षैत्र से नदी कर जल लेकर देश की जमीनी सीमाओं पूर्वोत्तर, पंजाब कश्मीर, बिहार में स्थित भारत की सीमाओं सहित देश भर की 151067 किमी सीमाक्षैत्रों पर बनी 589 चोकियों पर पहुचे वहां जाकर शहीदों को श्रद्घाजली दी अभिषेक किया,सैनिकों रक्षा सूत्र बांधा तथा मानवश्रंखला बनाकर देश की एकता एवं अखंडता को प्रदर्शित किया इस दोरान युवाओं ने प्रशासन तन्त्र व आम जनस मुदाय से संवाद किया। 22 नवंबर को देश के युवा वापस अपने अपने स्थानों की ओर लोटकर गांव स्तर तक राष्ट्रीय एकता अखंडता के लिए आम जन में जागृति पैदा करेगे।उन्होंने कहा कहा कि देश की सुरक्षा कटींली बाड व सेना से संभव नहीं है यह देश के आम नागरिकों की जिम्मेदारी सीमावर्ती क्षैत्रों में दुश्मनों के फैले जाल को तोडने के लिए आवश्यक है नागरिक जागरूकता के लिए सरहद पर गये युवाओं ने मोके पर आने वाली समस्याओं को चिन्हींत किया है। जिसे प्रारूप तैयार कर सरकार, सेना, व अन्य संगठनों को भेज कर उन्हें अमल में जाने के लिए सरकार को अवगत करवाया जाएगा। गुप्ता ने कहा कि देश भर से आये युवाओं को 88 आधार शिविरों में रखकर उन्हें मार्ग में आने वाली चूनौतियों से अवगत करवाया । संभाग से गये 50 युवा 24 नवंबर को इंटरसिटी से शहर पहुचने पर उनका स्वागत किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर 4 दिसंबर को ’’सरहद को प्रणाम’’ कार्यक्रम नगर परिषद प्रांगण में आयोजित किया जाएगा ।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार नागरिकों का मार्ग दर्शन करेंगे।

छडी जुलूस के दौरान माहौल गर्माया

पुलिस ने किया बल प्रयोग्

15 जनों के खिलाफ मामला दर्ज

सिर में चोट लगने से एक घायल

उदयपुर, चेटक स्थित पलटन मस्जिद पर ताजियों से सलामी के दौरान हुई झडप में एक अधेड घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस ने भीड को तीतर-बीतर करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। पुलिस ने १५ जनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार शहर में आज मोहर्रम की सातवीं तारीख पर छड़ियों का जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान कुछ युवक पलटन पर रखे ताजिये के एक कठरा उठाकर ले गये। मेम्बर फैजे हुसैन कमेटी (बडा ताजिया), पलटन मस्जिद कमेटी के एक सदस्य ने जब इसका विरोध किया और उसे जगह पर लाकर रखने के लिए कहा। इसी दौरान युवकों और कमेटी के सदस्यों में तनातनी हो गई। भीड में से एक युवक ने खूखरी से कमेटी के सदस्य पर हमला कर दिया। हमले में सज्जननगर निवासी मशकूर अहमद (५०) पुत्र अकबर मोहम्मद के सिर में चोट लग गई। घायल मशकूर को एम.बी. चिकित्सालय ले जाकर उसका उपचार करवाया गया। इस दौरान भीड को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया।

घटना को लेकर पुलिस ने अस्थल मंदिर सूरजपोल निवासी सरवर खान पुत्र नजीर खां की रिपोर्ट पर कुंजरवाडी निवासी मोहम्मद हुसैन कुंजडा, फिरोज, हैदर, खालिद, भूरिया सहित करीब 15 जनों के खिलाप* नामजद मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने अनुसंधान प्रारंभ कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

जोशो खरोश से निकला छडी जुलूस

उदयपुर, हजरत इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम की सातवी तारीख को छड़ियों का जुलूस जोशो खरोश के साथ निकाला गया और बडी पलटन के ताजियों की सलामी के बाद मन्नते उतारी गयी।

हजरत ईमाम हुसैन और उनके 72 जांनिसारों को शहादत की याद में शहर के मुस्लिम मौहल्लों में छडियों का जुलूस निकला सुबह 9 बजे से ही लोहा बाजार स्थित जामा मस्जिद से शुरू हुआ जो अलीपुरा होता हुआ रहमानिया कॉलोनी पहुंचा तथा शास्त्री सर्कल होते हुए धोलीबावडी जहां जुलूस का जोरदार स्वागत हुआ। काली बावडी, कोठियों की गवाडी अंजुमन, कुंजरवाडी पहुंचा । खेरादीवाडा मे जुलूस का पारम्परिक तौर पर स्वागत किया गया। वहां से सिंधी सरकार की हवेली,मोची बाजार,नागानगरी, कल्लेसात,महावत वाडी,काजीवाडा, दरवान वाडी, सिलावट वाडी, कारवाडी होते हुए चेटक स्थित पलटन मस्जिद पहुंचा। जहां बडे ताजियो से सलामी की रस्म करायी गयी। छडियों के जुलूस में 17अलग अलग मौहल्लों की छडिया थी तथा 24 अलम शामिल थे। हजारों की संख्या में अकीदत मंद युवा ढोल नंगाडो के साथ एक मौहल्ले में पहुंचे हर मौहल्ले में छडियों के जुलूस का जोरदार स्वागत किया गया तथा पू*ल मालाएं छडियों पर चढाई गयी। छडियों पर नीबंू उतारे गये कई अकीदतम मंदी ने अपनी मन्नते उतारी। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस जाप्ता तैनात रहा। चेटक पर बडी पलटन के ताजियों से सलामी के दौरान हजारों की संख्या मे अकीदतमंद पहुंचे हाथीपोल से चेटक सर्कल तथा खचाखड भरा माहौल रहा। शाम करीब ५.३० बजे सलामी के बाद बडी पलटन के ताजियों का मुकाम वहीं रखा गया और मन्नते उतारने का दौर शुरू हुआ। पलटन मस्जिद के बाहर जियारत के लिये रखे गये ताजिये मौहर्रम की दसवीं तारीख को जुलूस के साथ रवाना होगें। छडियों के जुलूस के बाद हरवेन जी के खुर्रे से बेड वादकों द्वारा हसन हुसैन की नातों के साथ मेंहदी निकली गयी जो भडभूजा घाटी स्थित लंका पति बाबा की दरगाह तक गयी रात 8 से 11 बजे तक चलनेवाली इस रस्म में नात शरीफ , मनकबर,हम्द व मासिया ख्वानी पढी गयी।

जब जानवर कोई इंसान को मारे …. एक जानवर की जान आज इंसानों ने ली है ….(वीडियो )

उदयपुर .भटक कर आये पेंथर ने घबरा कर ८ जनों को घायल किया तो ग्रामीणों ने उसको खदेड़ ने के बजाय लाठियों और पत्थरों से इतना मारा की उसकी मोके पर ही मोत हो गयी और मृत पेंथर को दूर तक घसीटते रहे ।

झल्लारा थाना क्षेत्र के शेषपुर मोड पर गुरुवार को पैंथर ने हमला कर ८ जनों को घायल कर दिया सूत्रों के अनुसार आलपुर निवासी देवा पुत्र वाला मीणा अपनी पत्नी कालू बाई के साथ गुरुवार सुबह शेषपुर मोड स्थित त्रिमूर्ति केन्द्र के निकट खेतों में गवार कटाई का कार्य कर रहे थे। इस दौरान खेत में छिपकर बैठे एक पैंथर ने कालू बाई पर हमला कर दिया। पत्नी को बचाने गए देवा पर भी पैंथर ने झपटा मार कर उसे लहुलुहान कर दिया।

दंपत्ति के चिल्लाने पर पास ही खेतों में कार्य कर रहे खोलडी निवासी पूंजालाल मीणा, वीरजी मीणा, नाथू लाल मीणा व आलपुर निवासी मीरा मीणा मौके पर पहुंचे। पैंथर ने इन सभी पर भी हमला कर लहुलुहान कर दिया। पैंथर के हमले से सभी के गले, सिर मुंह पर चोटें आई। घटना के बाद हल्ला सुनकर आसपास के घरों से दर्जनों लोग हाथों मेंं लकडिय़ां, पत्थर लेकर पहुंचे और करीब पंद्रह मिनट तक संघर्ष के बाद पैंथर को भगाया।

ग्रामीणों ने घटना की सूचना झल्लारा पुलिस को दी। थाने से एएसआई गोविंद सिंह मय पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों की सहायता से सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सलूंबर के राजकीय सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया।

इधर, पैंथर त्रिमूर्ति केन्द्र परिसर मे बनी पानी की टंकी के नीचे बैठ गया। पैंथर जिस जगह बैठा था उसके पास से ही शेषपुर-धोलागिर खेड़ा मार्ग गुजर रहा है। पैंथर के सड़क किनारे बैठा होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।

सूचना पर झल्लारा के वनपाल रतनसिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। बाद में पैंथर को पकडऩे के लिये उदयपुर से रेस्क्यू टीम व पिंजरा मंगवाया गया। दोपहर करीब बारह बजे शूटर सतनाथ सिंह, एसीएफ महिपाल सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी शंभूसिंह पहुंचे और पैंथर को पकडऩे का ऑपरेशन शुरू किया। शूटर सतनाथ सिंह ने पैंथर को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन दागा, लेकिन आहट सुनकर पैंथर मौके से भाग गया। पैंथर त्रिमूर्ति केन्द्र के सामने खेतों में घास के ओगे के अंदर छिपकर बैठ गया।

रेस्क्यू टीम ने पैंथर को घास के ओगे से निकालने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में घास हटाने के लिए दो जेसीबी मंगवाई गई। जेसीबी द्वारा घास हटाते ही पैंथर बाहर निकल कर भागा। पैंथर ने भागते हुए सलूंबर निवासी अब्दुल पुत्र युसुफ खान पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पैंथर ने एक अन्य ग्रामीण पर भी हमला बोल दिया तथा ग्रामीणों के पीछे भागा।

ग्रामीणों ने बचाव के लिए पैंथर पर पत्थर बरसाए तथा लकडिय़ों से वार किया। इससे पैंथर की मौके पर ही मौत हो गई। विभाग के अधिकारियों ने बताया की पैंथर नर था। पैंथर के शव को पोस्टमार्टम के लिए उदयपुर ले जाया जाएगा, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। मौके पर सलूंबर के उपखंड अधिकारी भगवतसिंह बारहठ, तहसीलदार धीरेंद्र व्यास, सलूंबर थानाधिकारी गजेन्द्रसिंह राव, झल्लारा थाने से एएसआई गोविंद सिंह मय जाप्ता मौजूद थे।

http://www.youtube.com/watch?v=6d_GTIQKUlM&feature=colike