सेक्स के नाम पर लेने के देने पड़े !

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वो गए तो ये सोच कर थे कि तन्हाई में खूबसूरत रात बिताएँगे, लेकिन पाँसा पलट गया.

पुलिस बुलाकर वो किसी तरह जंजाल से निकले.

दरअसल ये सज्जन एक महिला के साथ रात बिताने उनके फ़्लैट में गए थे. कई बार सेक्स करने के बावजूद महिला बार बार और सेक्स की माँग करती रही. किस्सा जर्मनी के म्यूनिख शहर का है.पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक़ एक समय ऐसा आया कि 43 वर्ष का वो आदमी बदहवासी में भागकर महिला के फ़्लैट की बॉलकनी तक पहुँचा और वहीं से चिल्ला कर पुलिस को बुलाने लगा.

पुलिस ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, “कई बार सेक्स के बाद भी जब उससे चार साल बड़ी महिला और सेक्स की माँग करने लगी तो आदमी ने मना कर दिया और फ़्लैट छोड़कर जाने लगा.”

यौन आमंत्रण

पुलिस ने कहा कि महिला ने उसे अपने फ़्लैट से जाने नहीं दिया. ऊपर से और सेक्स की माँग करने लगी.

इस पर वो आदमी जान बचाकर भागा.

पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक़ उस आदमी ने म्यूनिख शहर के एक शराबख़ाने में महिला से मुलाक़ात की.

दोनों ने रात साथ गुज़ारने का फ़ैसला किया और महिला उस व्यक्ति को अपने फ़्लैट में ले गई.

पर कहानी में एक और दिलचस्प मोड़ तब आया जब आदमी को बचाने के लिए मौक़े पर पहुँचे पुलिस वालों को भी महिला ने यौन आमंत्रण दे डाला.

पुलिस ने कहा, “पर वो असफल रही.” महिला के ख़िलाफ़ यौन दुर्व्यवहार का मुकद्दमा दर्ज किया जा सकता है.

देवास टनल में लिफ्ट गिरने से एक श्रमिक की मृत्यु, 11 घायल

घायल एम बी चिकित्सालय में भर्ती

घटनास्थल पर तनाव

उदयपुर, शुक्रवार को देवास परियोजना की डोडावली टनल शाफ्ट की लिफ्ट का रस्सा टूट जाने से एक श्रमिक की मृत्यु हो गयी और ११ जने घायल हो गए। सभी श्रमिक भोजनावकाश के बाद शिफ्ट बदली के समय टनल में कार्य के लिए लिफ्ट से उतर रहे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देवास परियोजना के अंतर्गत डोडावली डाबरमाल स्थित टनल में दोपहर के भोजन के समय १२ मजदूर ४३ मीटर नीचे टनल में लिफ्ट के सहारे उतर रहे थे कि अचानक दस मीटर नीचे उतरते ही लिफ्ट का रस्सा टूट गया और लिप*ट में मौजूद १२ मजदूर तेजी से लिफ्ट सहित नीचे आ गिरे टनल का कार्य कर रही कोस्टल कम्पनी के असिस्टेंट मैनेजर राजीव गौतम के अनुसार तकनिकी खराबी की वजह से तेजी से लिफ्ट जमीन पर चली गई। ऑपरेटर द्वारा आपातकालिन ब्रेक लगाने पर भी लिफ्ट नहीं रूकी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लिफ्ट पूरे वेग से नीचे गयी ओर जमीन से टकरा गयी। आस पास के गांव वाले दौ$ड कर बचाव के लिए आये और रस्से से नीचे उतरे तथा उन्हे टनल मतें मलबा ढोने वाले टाटा मोबाइल में डाल कर टनल के अगले छौर से बाहर निकाला। उदयपुर जनरल हॉस्पीटल में भर्ती कराया। मृतक में हरियाणा निवासी हरजेन्द्र ङ्क्षसह (५०) है। घायलों में नाना लाल (२४), पिता दल्ला गायरी निवासी गायरियावास गोराणा, सागर (२०) पिता वल्लन ठाकुर निवासी बिहार, प्रकाश (२५) पिता छोटु ङ्क्षसह, मोहन (३०) पिता लीलो माथुर झारखण्ड, मांगी लाल (२२) पिता कालु ङ्क्षसह नि.नांदेड, नाथु लाल (२५) पिता नाना गोमान निवासी करनाली डोडावली, धीरेन्द्र कुमार (३५) पिता नूर ङ्क्षसह निवासी उडीसा वीर ङ्क्षसह (३४) पिता मोहन ङ्क्षसह निवासी हिमाचल प्रदेश राम लाल (२३) पिता अमरा निवासी करनाली डोडावली व पोखर ङ्क्षसह (३०) नि.झारखण्ड सभी घायलों को अधिकतर पेरो में पे*क्चर हो गये है। घटना से स्थानिय ग्रामीण नाराज है जिससे स्थिति तनावपूर्ण है। उदयपुर से घटना स्थल पर पुलिस जाब्ता भेज दिया गया है। घायलों से पूछताछ के लिए हास्पीटल में आई.जी.टी.सी. डामोर पहुंचे जिन्होंने घटना की जानकारी ली।

 

हुक्का बारों को बंद करने की मांग

उदयपुर, उदयपुर और राजस्थान के साथ साथ अन्य प्रदेशों में तेजी से पै*ल रहे हुक्का बार के नाम से जिस तरह से नई युवा पीढी को नशे की लत लगाने की शुरूआत की जा रही है ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए अरावली पर्यावरण झील व महासंघ एवं आलोक संस्थान के निदेशक डा.प्रदीप कुमावत ने सरकार से ज्ञापन भेजकर मांग की है कि तेजी से पनप रहे हुक्का बारों को शीघ्र बंद किया जाए। क्यों कि हुक्का बार की आड में नशीली दवाईयां मिलाकर और जिस ढंग से शुरूआत की जा रही है। वह न सिर्प* शरीर के लिए घातक है वरन नई पी$ढी को बर्बाद करने की शुरूआत है। यह एक प्रांरभिक अवस्था के लक्षण है। जिसके माध्यम से बच्चों में नशे की लत पडनी शरू हो जाती है। प्रांरभ में पीपरमेंट, कच्ची केरी, अंगुर इत्यादि प*लेवरेेे नाम से हुक्के के प*लेवर्स को नई पीढी को परोसा जा रहा है। उसके बाद उसमें तम्बाकु, निकोडीन, शराब और अन्य नशीली दवाईयां मिलाकर हुक्का पीने के लिए आकर्षित कर नशे की लत लगाने की शुरूआत की जा रही है।

फेसबुक पर भी मीडिया मैन के रूप में प्रचार

 

प्रशासन ने सतर्कता में किया मामला दर्ज

बांसवाडा, शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी द्वारा स्वयं को पत्रकार के रूप में स्थापित करने के समाचारों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने यह मामला सतर्कता में दर्ज कर लिया है। इधर शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी अब भी अपने आप को मीडिया मैन के रूप में प्रचारित करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अपनी फेसबुक पर उन्होंने अपने आप को मीडिया मैन के रूप में प्रचारित कर रखा है। ध्यान रहे कि एक दैनिक समाचार पत्र में उन्होंने सम्मान लेते हुए अपने आप को लेखक एवं पत्रकार के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया था। प्रशासन के साथ ही पुलिस प्रशासन ने भी उत्कृष्ठ शिविर के तथ्यों को भी जुटाना शुरू कर दिया है। इस शिविर के बारे में प्रचारित किया जाता रहा है कि यह शिविर पुलिस और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। इस मामले में शीघ्र ही पुलिस और शिक्षा विभाग वस्तुस्थिति तक पहुंचेगे कि कभी कोई जवाबदेही हुई तो जवाबदेह कौनसा विभाग होगा। ध्यान रहे कि शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी ही शिविर के प्रभारी के रूप में स्थापित हैं।

 

शाहिद के चित्रों की प्रदर्शनी दिल्ली में

उदयपुर, उदयपुर के चित्रकार शाहिद परवेज के चित्रों की एकल प्रदर्शनी शुक्रवार से दिल्ली की धुमीमल आर्ट सेन्टर में आयोजित की जाएगी।

उत्त* प्रदर्शनी में शाहिद ने ५० पेन्टिंग सेरिग्राप* व मूर्तियां प्रदर्शित की है। प्रदर्शित चित्रों में चटख रंगो से मानवीय संवेदनाओं, प्रकृति के प्रति प्रेम एवं बाल सुलभ चेष्टाओं का मनोरम अंकन किया है। यह प्रदर्शनी २८ अप्रेल तक दर्शकों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।

 

मोबाईल ने ली जान

उदयपुर, मोबाईल पर बात करते समय ट्रेन की चपेट में आने से युवती की मृत्यु हो गई।

सूत्रों के अनुसार गुरूवार सवेरे सेवाश्रम रेल्वे ट्रेक १०८ किमी पर मोबाईल पर बात करते समय उदयपुर से अजमेर जाने वाली लोकल ट्रेन की चपेट में आने से मुडी खेरोदा हाल सेवाश्रम चोराया निवासी रजनी (२४) पुत्री बाबूलाल साहू की मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना पुलिस ने मृतका का शव का पोस्ट मार्टम करा शव परिजनों को सुपुर्द किया। पूछताछ में पता चला कि रजनी अपने मामा सेवाश्रम निवासी पुष्कर लाल साहू के पास रह कर आईटीआई कर रही थी। सवेरे वह ट्रेक के किनारे मोबाईल पर बात करते हुए जा रही थी।

 

बजरी नहीं मिली तो भवन निर्माण कार्य संकट में

भवन निर्माण कार्य संकट में

उदयपुर, । बैंकों ने एक ओर ब्याज दरें बढा रखी हैं तो सरकार नित नये करों का प्रावधान कर जनता पर असाधारण महंगाई का बोझ लादती जा रही है। प्रोपर्टी मार्केट में प्रतिदिन जमीनें महंगी हो रही हैं वहीं सरकार प्रतिवर्ष डीएलसी दरें बढा रही हैं। इस पर माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बजरी निकासी पर रोक को लेकर उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोक पाना मुश्किल हो गया है।

ये विचार आज उदयपुर बिल्डर्स एसोसिएशन के संरक्षक श्याम बी. गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण का काम ठप हो जाएगा वहीं इस उद्योग में कार्यरत लाखों लोगों पर रोजी-रोटी का संकट हो जाएगा। भवन निर्माता ब्याज के बोझ से लद जाएंगे वहीं समय पर ग्राहकों को भवन, फ्लैट्स उपलब्ध नहीं करवा पाएंगे जिससे उनकी गुडविल पर विपरीत प्रभाव पडेगा। प्रोजेक्ट्स में देरी से अगले प्रोजेक्ट्स में देरी होगी जिसका सीधा असर व्यापार पर पडेगा।

एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश चौधरी ने कहा कि निर्माण सामग्री की दरों में गत अप्रेल से इस वर्ष मार्च तक में औसतन ३० प्रतिशत की वृद्घि हो चुकी है जो अत्यधिक असहनीय है। इसका सीधा असर फ्लैैट्स की कीमतों पर पडेगा। पूर्व में कम दरों पर बुक किए गए फ्लैट्स पर उन्हें हानि होगी।

मुख्यमंत्री को दिए जाने वाले ज्ञापन में कहा गया कि रेती के कारण भवन निर्माताओं पर भारी ब्याज का बोझ पडेगा। प्रोजेक्ट्स पर कार्यरत कर्मचारी, मजदूर आदि की रोजी-रोटी पर बन आएगी। आपूर्तिकर्ताओं के व्यापार तथा उनके कर्मचारी-मजदूर भी प्रभावित होंगे। केन्द्र व राज्य सरकार के राजस्व पर विपरीत प्रभाव पडेगा।

प्रेम संग पत्नी भागी

उदयपुर, पति ने पत्नी खिलाफ जेवर चुराकर कथित प्रेमी के साथ फरार हो जाने का प्रकरण पुलिस में दर्ज करवाया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरणमगरी थानान्र्तगत सेक्टर नो निवासी सर्वत्र कुमार पुत्र प्रेमचंद गोतम ने पत्नी निर्मला, मामा कलाव$ड थाना हरियाणा निवासी सतपाल पुत्र किशनलाल भारद्वाज व उसके पुत्र अजय उर्प* बिट्टू के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया। कि ८ दिसम्बर ०६ को निर्मला के साथ विवाह हुआ था। व्यवसायिक काम से बाहर जाना प$डता था तथा मामा व उसका पुत्र घर आया करता था। गत दिनों घर पर रिश्तेदार अजय को पत्नी के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देखने पर पिता पुत्र को घर आने से मना कर दिया था। २१ अक्टूबर ११ को मैं कार्यवश बाहर गया था एवं मेरे माता पिता पुत्र निलेश्वर के लेकर बाजार गये थे। इस दौरान पत्नी पेटी से मां की सोने की चैन, अंगठी, टोकरिया, चांदी के दो जो$डी पायजेब व २० हजार रूपये निकाल कर आरोपियों के साथ प*रार हो गईं सम्पर्क करने पर आरोपियों के मोबाइल बंद मिले।

अब इंटरनेट पर पीएचडी थिसिस ओनलाइन

सुविवि और इनफ्लिबीनेट सेन्‍टर

के बीच हुआ एमओयू

उदयपुर, 10 अप्रेल (का.स.)। मोहनलाल सुखाडिया विश्‍वविद्यालय और इनफ्लिबीनेट सेन्‍टर अहमदाबाद के बीच मंगलवार को विज्ञान महाविद्यालय के विवेकानन्‍द सभागार में आयोजित एक समारोह में एक एमओयू हस्‍ताक्षर किया गया जिसके तहत सुविवि में किए जा रहे रिसर्च को दुनिया भर के शोधार्थी भी ओनलाइन पढ सकेंगे।

समारोह की अध्‍यक्षता विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्‍ठाता प्रो महीप भटनागर ने की। डीन पीजी स्‍टडीज प्रो वेणुगोपालन ने इस परियोजना से शोधार्थियों को होने वाले फायदों की जानकारी दी तथा बताया कि यह बेहतर शोध में मददगार सिद्ध होगा। समारोह के मख्‍य वक्‍ता इनफ्लिबीनेट अहमदाबाद के वैज्ञानिक डा मनोज कुमार थे। दोनों पक्षों की ओर से एमओयू पर आपस में हस्‍ताक्षर कर करार किया गया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी सेन्‍ट्रल लाइब्रेरी के प्रभारी प्रो एके गोस्‍वामी तथा डा रामकेश मीणा ने भी विचार व्‍यक्‍त किए।

इनफ्लिबीनेट अहमदाबाद की ओनलाइन कम्‍पनी है जो शोधगंगा नाम से एक परियोजना संचालित करती है जिसके साथ देश भर की 54 यूनिवर्सिटीज एमओयू हस्‍ताक्षर कर चुकी है। शोधगंगा में शामिल होने से सुविवि के पीएचडी शोधार्थियों की थिसिस दुनियाभर में पीएचडी स्‍कालर्स के लिए मार्गदर्शक और संदर्भ सामग्री के तौर पर काम में आ सकेगी। इसी तरह सुविवि के शोधार्थी भी अन्‍य यूनिवर्सिटीज में हो चुकी पीएचडी थिसि‍स का अवलोकन और अध्‍ययन इस शोधगंगा के माध्‍यम से कर पाएंगे। कम्‍पनी की ओर से एक साफ्टवेयर दिया जाएगा जिससे थिसिस की आपस मे नकल को आसानी से पकडा जा सकेगा। इससे मौलिक शोध कार्य अध्‍ययन किए जा सकेंगे तथा उसके कापी करने के खतरे से भी बचाव होगा। यह साफ्टवेयर यह भी सूचना देगा कि किसी शोध कार्य की आपस में नकल तो नही की गई है। यूजीसी की ओर से थिसिस के इस डिजिटल करने की प्रक्रिया और लेब बनाने के लिए इनफ्लिबीनेट के माध्‍यम से अनुदान भी दिया जाएगा और समय समय पर इसका मूल्‍यांकन भी होगा। इस करार के साथ ही सुविवि देश का 55 वां तथा प्रदेश का दूसरा विश्‍वविद्यालय हो गया है जिसने इस तरह का करार किया है।

सिंघानिया यूनिवर्सिटी पर काश्तकारों के हितों पर कुठाराघात करने का आरोप

भटेवर के खालातोड तालाब की जमीन ओर बरसाती नाले पर नियम विरूद्घ निर्माण रोकने की मांग

उदयपुर, भटेवर स्थित सिंघानिया युनिवर्सिटी द्वारा पिछले कई समय से तालाब के पेटे की डूबत में आने वाली जमीन तथा तालाब को भरने वाले बरसाती नाले पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य करने से क्षेत्र के काश्तकारों किसानों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है।

गुर्जर कृषि प*ार्म हाउस के संचालक लक्ष्मी लाल गुर्जर ने बताया कि भटेवर पंचायत का खाला तो$ड तालाब पिछले कई समय से अतिक्रमण के चलते दम तो$डता जा रहा है। इस तालाब के भरने वाले बरसाती नाले में सिघांनिया यूनिवर्सिटी द्वारा अतिक्रमण के बाद किये जा रहे निर्माण कार्यो से नाले का मार्ग अवरूद्घ हो गया है जिससे तालाब में पानी नहीं पहुंच पाता है।

रियासत काल से इस तालाब के पानी का उपयोग क्षेत्रवासियों को शुद्घ पेयजल, किसानों को कृषि भूमि की सिंचाई तथा मवेशियों को पानी पिलाने के लिए किया जाता रहा है। सिंघानिया यूनिवर्सिटी द्वारा अतिक्रमण के जरिए लगातार अवरोध पैदा करते रहने से इस तालाब की उपयोगिता धीरे धीरे नष्ट होती जा रही है।

शुद्घ पानी के लिए विख्यात यह तालाब धीरे धीरे प्रदूषण का शिकार हो रहा है । सिघांनिया यूनिवर्सिटी का सिवरेज का सारा गंदा पानी इस बरसाती नाले में ही छोडा जा रहा है ओर यह गंदा पानी जाकर सीधा तालाब में समाहित हो रहा है। नतीजन तालाब का शुद्घ पानी सिवरेज के गंदे पानी के साथ मिलने के बाद न तो इंसानों के पीने लायक ओर ना ही जानवरों के और तो ओर इस पानी से किसान अपने खेतों की प*सलों की सिंचाई भी नहीं कर पा रहे है क्यों कि इससे प*सले खराब हो सकती है। इतना ही नहीं सिवरेज के पानी से तालाब में रहने वाले जलीय जीवों पर भी मौत का खतरा मण्डरा रहा है कई जीव तो नष्ट भी हो चुके है। गुर्जर ने बताया कि तालाब पेटे में आने वाली डूबत जमीन और बरसाती नाले को सिघांनिया यूनिवर्सिटी उसके नाम पर आवंटन होना बता रही है जबकि वह कानूनी तौर पर आंवटित हो ही नहीं सकती क्यों कि सुप्रिम कोर्ट ने अपने आदेश में साप* निर्देश दे रखे है कि कहीं भी सरकारी नदी, नाला या डूब क्षेत्र में आने वाली जमीन की अवाप्ति या आवंटन किसी भी सूरत में नहीं हो सकता। पि*र यहां किस नियम कानून के तहत यह सब हुआ है। जिला कलेक्टर से निष्पक्ष जांच व उचित कार्यवाही के लिए अपेक्षित है।