tssss_1446428906उदयपुर. मुस्लिम महासभा ने एक मंच पर हिंदू-मुस्लिम प्रतिभाओं का सम्मान किया। महासभा के 8वें प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह में प्रदेश के समाज के 351 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य के लिए अन्य समाज के लोगों को भी सद्‌भावना अवार्ड से सम्मानित किया गया।

समारोह में सांप्रदायिक सद्‌भावना अवार्ड से सम्मानित होने वालों में उदयपुर मार्बल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महिपालसिंह रूपपुरा को दलित परिवारों की सेवा करने पर, जोधपुर के राम स्नेही संप्रदाय के संत रामप्रसाद का सभी धर्मों के लोगों के लिए सामाजिक कार्य करने पर, कोटा के ओ-नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले मोइन कुरैशी का सौ से अधिक बार जरूरतमंदों को ब्लड डोनेट करने पर तथा जयपुर की रेखा किराड़ के ट्राइबल क्षेत्र में जाकर बच्चों को खासकर बालिकाओं को इंदिरा गांधी, कल्पना चावला, मदर टरेसा का उदाहरण देकर शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मुम्बई के उद्यमी दिनेश लोहार, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. के. पठान और प्रदेश अध्यक्ष सैय्यद आलम, प्रदेश उपाध्यक्ष शकील शेख ने कहा कि यह कार्यक्रम सांप्रदायिक सौहार्द का माध्यम है, जहां मुस्लिम समाज की प्रतिभाओं के साथ हिंदू समाज की प्रतिभाओं को नवाजा जाना एक परंपरा बनी है। संचालन मोइन रजा पठान और इरफान बरकाती ने किया।

समारोह में बतौर मुख्यअतिथि संबोधित करते हुए अजमेर दरगाह ख्वाजा गरीब नवाज के सदर असरार अहमद ने कहा कि यह अच्छा संकेत है कि मुस्लिम समाज की बालिकाएं भी शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल दर्जा पाकर समाज का नाम रोशन कर रही हैं।

यह समाज के लिए गौरव की बात है। शिक्षा के क्षेत्र में मुस्लिम समाज में खासकर महिलाओं का प्रतिशत कम रहा है, लेकिन आज वे भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वतन की एकता के लिए हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बना रहे इसमें शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान रखती है। समाज के भामाशाहों को चाहिए कि वे आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को शिक्षा के लिए सहयोग करें।

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