शराब-सट्टा और वेश्यावृति से परेशान कुवैत सरकार कर रही हे धरपकड़

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उदयपुर। कुवैत में वागड़ के युवाओं के कारण शराब-सट्टा और वेश्यावृति का कारोबार बढऩे से वहां की सरकार परेशान है। वागड़ के युवा वहां पर खजूर की शराब बनाकर बेचने, सट्टा कारोबार चलाने और वेश्यावृत्ति में लिप्त हो गए हैं, जिससे वहां पर क्राइम बढ़ गया है। इसी कारण वहां की सरकार को सख्त कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है। सरकार ने खादिम वीजा पर दूसरा काम करते पाए गए करीब ढाई हजार भारतीयों को गिरफ्तार किया हैं।
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वागड़ सहित अन्य कई इलाकों से खादिम वीजा पर करीब डेढ़ लाख लोग कुवैत में हैं, जिनका इन दिनों वेरिफिकेशन किया जा रहा है। डूंगरपुर के सून वीजा पर कुवैत में रह रहे फरीद हुसैन ने बताया कि वागड़ के कई युवा वहां पर खादिम  वीजा खरीद कर रह रहे हैं, जिन्होंने अपने कमरों में देशी तरीके से खजूर की शराब बनाने का कारोबार शुरू कर दिया है। ये युवा वहां पर रहने वाले भारतीयों को यह देशी शराब सप्लाई करते हैं, जिससे उन्हें काफी इनकम हो रही है। इससे वहां पर क्राइम भी बढ़ रहा है। वहीं बांसवाड़ा के रफीक और फिरोज खान ने बताया कि वागड़ के युवाओं ने देशी शराब के कारोबार के साथ ही रतन-कल्याण का मटका कारोबार शुरू कर दिया है। ये लोग वहां पर भारतीयों से सट्टा लगवाते हैं। इस कारोबार की लाइन आती तो मुंबई से हैं, लेकिन वह बांसवाड़ा के खाईवाल के जरिये कुवैत जाती है। यह धंधा वहां पर काफी फल फूल रहा है।  इसके साथ ही श्रीलंका, इंडिया, फिलिप्पीन की काफी लड़कियां वहां पर वेश्यावृत्ति में लिप्त है, जिनके पास भारतीयों का काफी आना-जाना है। इस प्रकार वहां पर वेश्यावृत्ति का कारोबार काफी फैल गया है।
वीजा के नाम पर गोरखधंधा
खादिम वीजा : कुवैती सरकार वहां की एक फैमिली को चार से पांच नौकर रखने की स्वीकृति देती है। वह परिवार फैमिली खादिम के लिए वीजा जारी करवा सकता है, लेकिन असल में वहां के लोग यह खादिम वीजा करीब एक से सवा लाख में बेच देते हैं। इस वीजा पर जाने वाले लोग वहां पर दूसरे कामों में लिप्त हो जाते हैं। ऐसे लोगों की इन दिनों वहां पर धरपकड़ जोरों पर है। इस वीजा के साथ आईकार्ड (बताका) और वर्क परमिट (एकामा) भी जारी होता है। अगर ये दोनों किसी खादिम के पास नहीं मिलते है, तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है।
सून वीजा : यह दुकान का वीजा होता है। इसमें आदमी के पास जिस दुकान का वीजा होता है। वहां पर काम करने के साथ ही वह आजादी से घूम-फिर भी सकता हैं। इसकी कीमत डेढ़ से दो लाख होती है।
एग्रीमेंट वीजा: ये वीजा कुवैत की बड़ी-बड़ी कंपनियां जारी करवाती है, जिसके तहत वह किसी भी व्यक्ति को ड्राइवर, स्टोर कीपर व अन्य नौकरियों पर नियुक्तियां देती है।
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