रसोई गैस वितरण में नये नियम अवरोध

कई उपभोक्ता कर रहे कालाबाजारी
LPG
उदयपुर। साल के 12 सिलेंडर कुछ उपभोक्ताओं के लिए कमाई का साधन बन गया है, तो कुछ उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब। केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार प्रत्येक उपभोक्ता को साल के 12 सिलेंडर मिलने है। कई उपभोक्ता इस सुविधा का दुरूपयोग करते हुए महीने में तीन चार सिलेंडर उठा रहे हैं और उनको ऊंचे दामों में काला बाजारी कर रहे हैं। जब गैस एजेंसियों ने इस पर लगाम लगाई, तो जिन बड़े परिवारों को 15 से 20 दिनों में एक सिलेंडर की आवश्यकता है। उनको परेशानी उठानी पड़ रही है।

कैसे हो रहा है दुरूपयोग
कई उपभोक्ता के परिवार में दो या तीन लोग ही है या फिर उनके पास एक से अधिक कनेक्शन है, जो फर्जी जानकारी देकर ले रखे हैं। उनमें से कई उपभोक्ता मार्च से अब तक तीन तीन सिलेंडर उठा चुके हंै और वही लोग मार्केट में काला बाजारी का धंधा कर रहे हंै। जानकारी के अनुसार चांदपोल क्षेत्र के नागानगरी में एक व्यक्ति 1000 से 1200 रुपए लेकर भरा हुआ सिलेंडर देता है। उसके पास एक से अधिक कनेक्शन है। ऐसा ही एक परिवार सज्जन नगर में है, जो जरूरतमंदों को दो-तीन गुनी कीमत में सिलेंडर देता है। यह धंधा शहर में कई लोग कर रहे हैं। एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि पिछले दो महीनों में कई उपभोक्ता चार-चार सिलेंडर ले जा चुके हैं, जिन्हें अगर मना किया जाए तो सरकारी आदेश का हवाला देते हैं।
एजेंसियों ने लगाई लगाम तो कई परिवार परेशान
जब इस तरह से 10 – 15 दिनों में एक ही उपभोक्ता बार-बार सिलेंडर उठा रहा है, तो एजेंसियों ने लगाम लगाई कि एक महीने में एक ही सिलेंडर मिलेगा, लेकिन अब उन उपभोक्ता को परेशानी उठानी पड़े रही है, जिनके संयुक्त परिवार है, बड़े परिवार हैं, जिन्हें सही मानों में 15 दिन में एक सिलेंडर की आवश्यकता है, उन्हें भी अब एजेंसियों द्वारा मना किया जा रहा है। इसके पीछे गैस एजेंसी संचालक कंपनियों के आदेशों का हवाला दे रहे हैं। हालांकि आयल कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि हम ऐसे लोगों को चिह्नित कर रहे हंै, जिन्हें आवश्यकता नहीं है। फिर भी वह महीने में एक से अधिक गैस सिलेंडर उठा रहे हैं।

॥जिन लोगों को जरूरत नहीं है, वह लोग महीने में दो तीन सिलेंडर उठा कर बाजार में कालाबाज़ारी कर रहे हैं। यह सही है कि साल में कभी भी एक उपभोक्ता 12 सिलेंडर ले सकता हैं, लेकिन अगर इस तरह उपभोक्ता 10-15 दिनों में सिलेंडर ले जाएंगे, तो व्यवस्थाएं बिगड़ जाएगी, जिससे जो जरूरतमंद उपभोक्ता परेशान होंगे। हम अपनी सभी एजेंसियों में ऐसे लोगों को चिह्नित कर रहे हैं, जो जरूरत नहीं होने के बावजूद एक महीने में एक से अधिक सिलेंडर ले रहे हैं और जिनके बड़े परिवार हैं, उन्हें भी चिह्नित कर रहे हैं जिन्हें उनकी जरूरत के मुताबिक़ सिलेंडर दिए जाएंगे। इसके अलावा जो कालबाजारी में लिप्त है, उन पर लगाम लगाई जाएगी।
-राकेश तिवारी, असिस्टेंट मैनेजर इंडियन आयल कॉर्पोरेशन, उदयपुर।

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