रेडियो किया ऑन करते ही ब्लास्ट हो गया – उड़ गए शरीर के चिथड़े

उदयपुर. शनिवार रात करीब 11.30 बजे रेडियो ट्रांजिस्टर में ब्लास्ट होने से अधेड़ के शरीर के चिथड़े उड़ गए। मौके पर चारों तरफ खून बिखर गया। ब्लास्ट इतना तेज हुआ कि पास खड़ी गाड़ियों के कांच तक फूट गए। ब्लास्ट की आवाज डेढ़ किमी तक सुनाई दी। परिजनों ने बताया कि यह ट्रांजिस्टर एक साल पहले अनजान शख्स कपड़े के साथ ड्राईक्लीनर की दुकान पर छोड़ गया था।

घंटाघर सीआई राजेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि गडिय़ादेवरा निवासी 48 साल के देवीलाल धोबी की पत्नी घर के नीचे ही ड्राइक्लीन की दुकान पर काम करती है।
– शनिवार को देवीलाल दुकान गया और साल भर से रखे ट्रांजिस्टर को ऑन किया तो जोरदार धमाका हुआ। आवाज सुन पत्नी दौड़कर वहां पहुंची तो देवीलाल का शरीर क्षत-विक्षत पड़ा था।
– सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया। क्षेत्रवासियों के अनुसार प्राथमिक सूचना के आधार पर रेडियो का ट्रांजिस्टर फटना बताया जा रहा है।
– धमाके की आवाज गड़िया देवरा से करीब डेढ़ किलो तक गई, साथ ही घर के समीप घड़ी कारों के शीशे तक फूट गए। पुलिस ब्लास्ट का कारण जानने और जांच-पड़ताल करने देर रात तक मौके के बाहर पुलिस तैनात रही।
– मामले में रविवार को भी पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिजली सप्लाई होते ही रेडियो के अंदर लगा कॉपर बाइंडिंग ट्रांसफार्मर ब्लास्ट हुआ था।
– धमाका इतना जोरदार था कि ट्रांसफार्मर और रेडियो पर लगे बटन के टुकड़े अधेड़ के चेहरे और सिर में घुस गए थे। तथ्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाश का पोस्टमार्टम कराया और परिजन को सुपुर्द किया।
– देवीलाल सेवाश्रम स्थित कारखाने मेंं 8 हजार पगार में काम करता था। घर में बेटी और पत्नी साथ रहते थे और बेटा और उसकी पत्नी अलग रहते हैं। पूरे घर का जिम्मा देवीलाल पर ही था।
एफएसएल : कोई विस्फोटक सामग्री या कैमिकल नहीं मिला
एफएसएल वरिष्ठ वैज्ञानिक अभय प्रताप सिंह ने बताया कि मौके पर विस्फोटक सामग्री या कैमिकल नहीं मिला है। कोई वायर शाॅर्ट सर्किट नहीं हुआ है। ट्रांजिस्टर में कॉपर बाइंडिंग ट्रांसफार्मर पूरी तरफ से फटा, जिससे ब्लास्ट हुआ। मौके से कपड़े, रेडियो के टुकड़े सहित अन्य सैंपल लिए हैं।
विशेषज्ञ- एमपीयूएटीके सीटीएई महाविद्यालय के इलेक्ट्रिकल विभाग के प्रोफेसर का कहना है कि ट्रांजिस्टर से इतना बड़ा ब्लास्ट नहीं हो सकता कि उसकी आवाज 1 किमी दूर तक जाए और शरीर के चीथड़े उड़ जाए। बिजली उपकरणों में शॉर्ट सर्किट से स्पार्क हो सकता है।
क्षेत्रवासी-पड़ोसी बता रहे हैं कि देवीलाल की किसी से दुश्मनी नहीं थी। बेटी का तलाक हुआ है इसको लेकर कुछ माह पहले दामाद ने धमकी दी थी लेकिन परिजनों का मानना है कि वह ऐसा नहीं कर सकता।
परिवार– देवीलाल की पत्नी मंजू और बेटी का कहना है सालभर पहले एक आदमी आया था, वह चार जाेड़ी कपड़े, गणेश की मूर्ति और रेडियो रख गया था, लेकिन वह सामान लेने वापस नहीं आया। परिजनों का सवाल है कि ट्रांजिस्टर इतनी आवाज से कैसे फट सकता है। साथ ही मृतक के चेहरे पर छोटे-छोटे गड्ढे हो रहे थे, जैसे नुकीले टुकड़े चेहरे में घुसे हों, वह कैसे हुए। एफएसएल की टीम साक्ष्य जुटाने पहुंची।
पुलिस :घंटाघर थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह जैन ने बताया कि रेडियो में लगे कॉपर बाइंडिंग ट्रांसफार्मर फटने से ब्लास्ट हुआ था। घटना स्थल से कोई भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। पूरी जांच में यही सामने आया कि रेडियो जंग लगा हुआ था, स्विच बोर्ड में पिन लगाते ही ब्लास्ट हुआ है। परिजनों ने भी अभी तक किसी पर संदेह नहीं जताया है। साथ ही जो थैली में कपड़े मिले उनको भी बरामद किया जाएगा।

झमाझम बरस रहे है मेघ – सीसारमा नदी से पीछोला में शुरू हुई पानी की आवक

 

उदयपुर .  झीलों की नगरी में शनिवार की सुबह तेज बारिश से शुरू हुई और दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। सावन की इस बारिश से जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई है। नांदेश्वर चैनल के 9 इंच बहने से इसका पानी सीसारमा नदी होते हुए पीछोला में आ रहा है। लगातार बारिश से लेकसिटी में मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में जिले में तेज बारिश की संभावना जताई है। घने काले बादलों के बीच लेकसिटी में हो रही बारिश से ‘मानसून पैलेस’ भी बादलों की आगोश में दिखाई दिया। पीछोला में हल्की आवक हुई है। फ़तहसागर का जलस्तर 5 फ़ीट 4 इंच व पीछोला का जलस्तर 5 फ़ीट 8 इंच बना हुआ है। पूर्ण भराव क्षमता 13 फ़ीट से फ़तहसागर आठ व पीछोला पूर्ण भराव क्षमता 11 फ़ीट से 5 फ़ीट खाली है। झाडोल तालाब ओवरफ्लो होकर इस पर 6 इंच की चादर चल रही है। बारिश से देहलीगेट, गुलाबबाग रोड, दुर्गा नर्सरी रोड, आयड पुलिया, सूरजपोल, बापूबाजार पर सडकों पर पानी जमा हो गया जिससे कई वाहन बंद पड गए। प्रात: 8 बजे समाप्त हुए बीते 24 घंटों में जिले के कोटडा में करीब साढे तीन इंच (84 मिमी ) बारिश रिकॉर्ड की गई। उदयपुर शहर में डेढ इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। सई डेम 36 मिमी, सलूम्बर- 18, स्वरूपसागर- 40, उदयसागर 49, वल्लभनगर 37, बागोलिया 32, डाया42, जयसमंद 43, गोगुन्दा 21, ओगणा- 36, केजड 18, देवास 32, सोम पिकअप 16, सोम कागदर 10, झाडोल 20, मदार- 20, नाई- 16 व बावलवाडा में 12 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गर्ई।

झाड़ोल तहसील में 6 इंच एवं देवास के अलसीगढ़ में 5 इंच बारिश हुई। पहाड़ों में अच्छी बारिश के बाद जिले में कई जगह झरनों से कल-कल कर जलधारा फूट पड़ी।

जिले में झाड़ोल तहसील व देवास के अलसीगढ़ में गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक जमकर पानी बरसा जिससे क्षेत्र के नदी-नालों में पानी की आवक शुरू हो गई। देवास प्रथम के अलसीगढ़ व आड़ गांव की पहाडि़यों में तेज बरसात होने से नांदेश्वर चैनल में पानी की आवक बढ़ गई। 27 फीट भराव क्षमता वाले नांदेश्वर चैनल से पानी बह कर सीसारमा नदी की ओर चल पड़ा। जिले के सोम कागदर, सेमारी व बावलवाड़ा में 4-4 इंच व ऋषभदेव, ओगणा, केजड़ व जयसमंद में 3-3 इंच बरसात दर्ज की गई।

 

यहां भी बरसा पानी

जिले के कानोड़, बम्बोरा, भटेवर, खेरोदा, भींडर, मेनार, सराड़ा, सलूम्बर व जावर माइंस क्षेत्र में बरसात हुई। कभी तेज तो कभी धीमी बरसात का दौर चला।

नदियों में आवक

शहर की सीसारमा, जावरमाइंस की टीडी नदी, लूणदा की गोमती नदी व सलूम्बर की सरणी नदी में पानी बहने से लोगों में खुशी की लहर छा गई। कई ग्रामीण नदी के तट पर जाकर पानी के बहाव का नजारा देखते रहे।

खेतों में भरा पानी

गुरुवार देर रात से शुक्रवार दिन भर बरसात होने से कई स्थानों पर खेत तलाई बन गए। छोटे-मोटे एनिकट भी छलक गए। इधर, एक पखवाड़े से मौसम शुष्क रहने से चिंतित किसानों ने बारिश होने से राहत महसूस की है।

शहर में बारिश

शहर में कुछ स्थानों पर सुबह हल्की बारिश हुई। दोपहर के बाद बरसात का जोर रहा। पूरे शहर में करीब आधा घंटा तक तेज बरसात हुई। बाद में रुक-रुक कर श्रावणी बौछारें गिरी। मानसून के दूसरे चरण में शहर में पहली बार अच्छी बरसात होने से शहरवासी प्रफुल्लित हो उठे। नांदेश्वर चैनल पर पानी देखने के लिए भी शहर के लोग पहुंचे।

कई स्थानों पर भरा पानी

शहर में आधा घंटा के करीब बरसात होने से जयश्री कॉलोनी, बोहरा गणेशजी, उदियापोल, सिटी स्टेशन रोड, सूरजपोल, बापूबाजार, देहली गेट व नाड़ाखाड़ा क्षेत्र सहित कुछ स्थानों पर नालियां व नाले अवरुद्ध होने से सड़कों एवं बस्ती में पानी भर गया। इस दौरान पानी में गुजरने से कई दुपहिया वाहन बंद हो गए।

Anaemia a silent killer – Dr. Kajal Verma

Anaemia is the most common nutritional deficiency disorder in the world. It is a condition that occurs when the red
blood cells do not carry enough oxygen to the tissues of the body. WHO defines anaemia as a condition in which the
Haemoglobin (Hb) content of blood is lower than normal as a result of deficiency of one or more essential nutrients, regardless of the cause of such deficiencies
1. Most of the anaemias are due to 

inadequate supply of nutrients like

iron, folic acid and vitamin B12, proteins, amino acids, vitamins A, C, and other vitamins of B-complex group i.e.,
niacin and pantothenic acid are also involved in the maintenance of haemoglobin level
2. Globally, anaemia affects 1.62 billion people, which corresponds to 24.8% of the population. The highest prevalence
is in preschool-age children (47.4%), and the lowest prevalence is in men (12.7%). However, the population group
with the greatest number of individuals affected is pregnant women (41.8%)

3. In women, anaemia may become
the underlying cause of maternal mortality and perinatal mortality
4. Nearly 50 per cent of women of reproductive
age and 26 per cent of men in the age group of 15-59 years are anaemic
5. Nine out of ten anaemia sufferers live in developing countries, about 2 billion people suffer from anaemia and
even larger number of people present iron deficiency. An alarming 600 million people in South-East Asia are
suffering from iron deficiency anaemia, predominantly affecting adolescent girls, women of reproductive age and
young children. The condition has a prevalence rate of 74 percent among pregnant women in the region ranging
from 13.4 percent in Thailand to 87 percent in India. About 74 percent of pregnant women in Bangladesh, 63
percent in Nepal, 58 percent in Sri Lanka and Myanmar, and 51 percent in Indonesia suffer from anaemia, According to the National Family Health Survey.
6. more than half of women in India (55%) have
anaemia, including 39 % with mild anemia, 15 % with moderate anemia and 2 percent with severe anaemia.
It is estimated that about 20%-40% of maternal deaths in India are due to
anaemia and One in every two Indian women (56%) suffers from some form of anaemia.

Sign and symptoms
Anaemia may be mild or severe. Mild

anaemia causes fatigue, weakness, paleness, irritability and drowsiness. Concentration and learning ability may be impaired. When severe, anaemia may cause headache, ringing in the ears, spots before the eyes, faintness, dizziness, increased thirst, sweating, a weak and rapid pulse and rapid breathing. Females have powerful leg cramps during exercise. More severe forms have shortness of breath and chest pain. Menstrual period may stop.

Is Anaemia due to Iron Deficiency or is it the tip to the Ice-berg? Let’s understand:

Iron deficiency anaemia does not always
mean iron intake is insufficient. It is mostly because of the iron imbalance in the body. So, blind supplementation of iron does not work well. Homoeopathy has solutions of iron imbalance in the blood and body as a whole. Homoeopathy being a science of exactness needs differential diagnosis to choose the correct medicine pertaining to a case of a disease. Pathological tests give us that exactness. But yes, in pregnancy cases with low MCV (iron deficiency) or high MCV (folic acid deficiency) demand of iron and folic acid is high, one may give regulated supplementation of iron. In other cases homoeopathic individualization works wonders. Haemochromomatosis is yet another disorder of iron metabolism with excess deposition of iron in the tissues with bronze skin pigmentation. Iron overload or haemochromomatosis are silent and can result in cirrhosis of the liver, bacterial infections, dementia, arteriosclerosis, diabetes and stroke.

Various Causes And Types of Anemia

Haemorrhage : After accidental trauma, heavy bleeding during periods in women or bleeding during childbirth, bleeding in medical conditions like gastric ulcers, inflammatory bowel disease, cancer of gut, parasitic manifestation in gut-like hook worm, Schistosomiasis.

Iron deficiency: Iron Deficiency Anemia is common during pregnancy and lactation and from acute haemorrhage or chronic blood loss. The cause is either a decreased intake of iron rich diet or impaired absorption of iron in the gut.

Causes :


Deficiency of Vitamin B12 or Folic Acid: It leads to Megaloblastic Anemia.

Pernicious Anemia: This type of Anemia arises from an autoimmune disorder where there is atrophy of gastric mucosa with the resultant decrease in parietal cells and intrinsic factor produced by these cells. Intrinsic factor is required to absorb Vitamin B12. So, in Pernicious Anemia, defective absorption of Vitamin B12 is the cause and not its nutritional deficiency.

Haemolytic Anemia: It is a result of destruction of red blood cells as in malaria, and abnormal red blood cells prone to breakage as in Sickle Cell Anemia.

Thallasemia : An inherited disorder in which the haemoglobin production is impaired.

Symptoms of Anemia
Pallor; weakness or fatigue; vertigo; mouth soreness; difficulty in breathing or shortness of breath; palpitation; jaundice in Haemolytic Anemia; Koilonychia (spoon-shaped nails) in Iron Deficiency Anemia; pica (desire to eat strange indigestible things including chalk, clay, lime, dry rice, etc) in Iron Deficiency Anemia; gastric symptoms (like diarrhoea, nausea and vomiting); tingling and numbness of limbs in Pernicious Anemia.[toc]

*Natural HomeopathicTreatment For Anemia.*

The Homeopathic mode of treatment, with
the use of medicines made of natural substances, is very effective in treating Anemia. There is no specific Homeopathic remedies for Anemia. The medicines are solely selected on the basis of individual symptoms.

Homeopathic treatment helps to increase the absorption capacity of iron from the diet, according to cause it helps to enhance the immunity of the patient to combat against the disease.
Constitution approach is the best to treat anaemia.

Remedies like
Pulsatilla
Ferrum met
China
Calc.phos
T.n.t
Nat.mur
Calc.ars etc.
Has given best results.

*Homeopathy medicines improve general vitality and well being of a patient to help him fight infections.

* Homeopathy medicines can be useful to control bleeding disorder associated with anemia.

*Homeopathy medicines are effective in curtailing further course and pace of disease.

* Homeopathy medicines having positive influence on the psyche of patient can take care of this mind-body link.

* Homeopathy medicines are beneficial in countering side-effects associated with conventional therapy.

* Homeopathy medicines have very effective long term beneficial effect or preventive effect in terms of countering genetic tendencies and balancing disturbed immunity that are root causes of this serious malady. The chances of relapse significantly diminish with homeopathy treatment.

उदयपुर के कपड़ा व्यवसाइयों द्वारा GST का विरोध प्रदर्शन

उदयपुर। कपडे पर जीएसटी लगाए जाने का विरोध कपड़ा व्यवसाई पिछले १४ दिन से कर रहे है। कपड़ा व्यवसाइयों ने आज रैली निकाल कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सांसद अर्जुन मीणा को ज्ञापन सोंप केंद्र सरकार से कपडे से जीएसटी हटाने की मांग की है।
कपड़ा व्यवसाई पिचले १४ दिनों से केंद्र सरकार द्वारा कपड़ा व्यवसाय पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाये जाने का विरोध कर रहे है। इसी कड़ी में आज कपड़ा व्यवसाइयों ने घंटा घर से मोती चोहट्टा, हाथीपोल मालदास स्ट्रीट में रैली निकाली हाथों में तख्ती लिए कपड़ा व्यवसाइयों ने कपडे पर लगाने वाले जीएसटी का जम कर विरोध किया। केंद्र सरकार और वित्त मंत्री अरुण जेतली के खिलाफ नारे लगाई। बड़ाबाजार में सभी व्यापारियों ने इकठ्ठा होकर जम कर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। प्रवक्ता अजय पोरवाल ने बताया कि आज़ादी के बाद से आज तक कपड़ा कर मुक्त रहा है। सरकार ने हमेशा इसको टेक्स से मुक्त रखा है। कपडे बनाने का प्रोसेस निचले स्तर से होकर कई प्रक्रिया से गुजरता है इसे में हर जगह टेक्स लगाना उचित नहीं है। इसके अलावा बी ही कपड़ा व्यवसाय में छोटे छोटे और साधारण लोग शामिल है जिन्हें टेक्स की जटिलताएं समझना मुश्किल है। व्यापारियों ने सांसद अर्जुन मीणा के घर जाकर ज्ञापन दिया और मांग है कि कपडे पर से जीएसटी हटा कर व्यापारियों और जताना को राहत दी जाए।

गायों के नाम पर वोट मांगती है बीजेपी लेकिन गौ माता की सेवा करना भूल जाती है: पायलट

उदयपुर. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने गुरुवार को उदयपुर के तितरड़ी स्थित काइन हाउस का दौरा किया। नगर निगम के इस काइन हाउस में गायों की मौत को लेकर पायलट ने गौशाला की व्यवस्था देखी और गायों की मौत को लेकर सरकार और नगर निगम की आलोचना की। पायलट ने गौशालाा में अलग-अलग शेड में जाकर गायों की स्थिति को देखा और स्थानीय कांग्रेस नेताओं से उसके बारे में जानकारी ली।

नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मोहसिन खान ने पायलट को बताया कि पिछले 6 महीने पहले भी यहां पर 135 गायों की मौत हुई लेकिन नगर निगम को गौशाला को संभालने की फुर्सत नहीं है। स्थानीय नेताओं ने पायलट को यह भी बताया कि इस क्षेत्र में कई मंत्रियों का आना-जाना पिछले दिनों हुआ लेकिन किसी ने काइन हाउस की हालत नहीं देखी। पायलट ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बीजेपी गायों के नाम पर वोट मांगती है लेकिन सरकार में आने के बाद गौ माता की सेवा करना भूल जाती है। उन्होंने कहा कि जयपुर की हिंगोनिया गौशाला और उदयपुर के काइन हाउस के जो मामले सामने आए उससे साफ  लगता है कि नीचे के ग्रामीण स्तर में गौशालाओं की क्या स्थिति होगी।  पायलट ने आनंदपाल के गांव सांवराद में फैली हिंसा को लेकर कहा कि सरकार चाहती तो इस तरह का माहौल खराब नहीं  होता। उन्होंने यह भी कहा कि देश में अगर कहीं एनकाउंटर होते है और उसकी सीबीआई जांच की मांग होती तो सरकार को डरने की जरूरत कहां है, जांच करानी चाहिए। पायलट ने कहा कि सरकार समाज के लोगों को लड़ाने का काम कर रही है अगर सरकार की नीति या सोच नहीं होती तो सांवराद में जो कुछ हुआ वह घटनाएं नहीं होती।

इस मौके पर महासचिव जगदीश राज श्रीमाली, शहर जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा,  देहात जिला अध्यक्ष लाल सिंह झाला,  पूर्व विधायक सज्जन कटारा, उदयपुर के प्रभारी शंकर यादव, प्रदेश कांग्रेस सचिव पंकज कुमार शर्मा, कांग्रेस नेता विवेक कटारा,  दिनेश श्रीमाली, सुरेश सुथार, पूर्ण मेनारिया, सीमा चौरडिय़ा फि रोज शेख,  सुधीर जोशी आदि उपस्थित थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स के लेख में CM योगी आदित्यनाथ को बताया ‘हिंदू आतंकी’- युवा वाहिनी को बताया आतंकी सगंठन

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उदयपुर पोस्ट .यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के बारे अमरीका के न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने विवादित लेख छापा है। जहां लेख में आदित्यनाथ को अखबार ने हिंदू आतंकी बताया है। ‘राजनीतिक सीढ़ियां चढ़ता एक फायरब्रांड हिंदू पुजारी’ हेडिंग से पब्लिश इस लेख में सीएम योगी को हिंदू युवा वाहिनी का प्रमुख बताया गया है। साथ ही उनके संगठन को न्यूयॉर्क टाइम्स ने आतंकी संगठन के तौर पर पेश किया है।

अखबार में छपे लेख के मुताबिक, भारत के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में एक महंत को शासन चलाने के लिए चुना गया है। जिनके भाषणों नफरत रहती है। साथ ही लेख में लिखा गया है कि आदित्यनाथ को लोग योगी कहकर पुकारते हैं। और उनकी पहचान एक मंदिर के मंहत के रुप में की जाती है।

इस लेख में योगी को मुसलमानों से बदला लेने के लिए युवाओं की सेना का निर्माण करने वाला परंपरावाद के लिए कुख्यात नेता के रुप में बताया गया है। साथ ही कहा गया है कि योगी ने मुसलमान शासकों की ऐतिहासिक गलतियों का बदला लेने के लिए युवाओं की सेना खड़ी की और हिंदू युवा वाहिनी का निर्माण किया।

इसके साथ ही अखबार के लेख में योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक सफर के अलावा बीजेपी और पीएम मोदी को लेकर भी टिप्पणी की गई है। जिसमें कहा गया है कि नरेंद्र मोदी द्वारा योगी को यूपी का सीएम बनाने का फैसला आश्चर्यजनक है।

स्वच्छ भारत के नाम जनता से हो रही है लूट

उदयपुर संभाग .  उदयपुर जिले के भिंडर  तहसील के समस्त पंचायत समिति क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के नाम से मकानों पर नेम प्लेट लगाने के नाम पर प्रति मकान 30 रुपए की अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। अब तक जिलेभर में करीब 15 से 20 हजार घरों पर प्लेट लगाकर करीब 6 लाख रुपए वसूली होने के बाद अधिकारियों की निद्रा टूटी और कार्य रुकवाने के आदेश दे दिए। जिला प्रमुख ने 18 मई, 2017 को लेटरहेड पर जिले के समस्त विकास अधिकारियों को पत्र भेजा। इसमें बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों पर सप्लायर्स मन्कुर अंसारी ने नम्बर प्लेट लगाने के लिए सहयोग चाहा है। पत्र में क्षेत्र के सभी सरपंचों को इस कार्य में रुचि लेने तथा सहयोग देने को कहा है तथा ग्राम सेवकों को कार्य करवाने के लिए स्वविवेक से आदेश जारी करने का उल्लेख है। पत्र में यह भी कहा गया कि सरपंचों एवं पंचायत समिति द्वारा कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में प्रस्ताव भी ले सकते है।

तुरन्त रोका काम

मुझे 18 मई को जिला प्रमुख का पत्र मिला। इसके बाद जिला प्रमुख से फोन पर बात करने पर 3 जुलाई को समस्त सचिवों को पत्र जारी किया था। लेकिन जैसे ही इसकी शिकायत मिली तो तुरन्त सभी सचिवों को मैसेज करके यह काम रोकने के आदेश दे दिए।

जितेन्द्र सिंह राजावत, विकास अधिकारी, भीण्डर

सरकारी योजना के तहत नहीं हैं काम

मकान पर प्लेट लगाने का काम सरकारी योजना के तहत नहीं हो रहा है। फर्म की ओर से करीब 5-10 बार आग्रह किया गया। फर्म ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य करना बताया और दूसरे जिलों में भी काम करना बताया। प्रति प्लेट 30 रुपए तय होने के बाद हमने आदेश किया है। पत्र में स्पष्ट लिखा है कि ग्रामीण इच्छा से लगाना चाहें तो लगाएं। शिकायत है तो हम रुकवा देंगे।

शांतिलाल मेघवाल, जिलाप्रमुख 

मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। स्वविवेक से लगाने की बात हैं लेकिन जबरदस्ती नहीं लगा सकते हैं। अगर ऐसा है तो कल स्पष्ट निर्देश जारी कर काम रुकवाया जाएगा।

अविचल चतुर्वेदी, सीईओ, जिला परिषद, उदयपुर

वकीलों ने फिर बजाया हाईकोर्ट बैंच की मांग का बिगुल

उदयपुर। हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर उदयपुर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने एक बाफ फिर आन्दोलन का बिगुल बजा दिया है। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने चेतावनी रैली के माध्यम से राज्य सरकार को चेताया और उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच के सथापना में सार्थक पहल करने की मांग की है। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि हाईकोर्ट बैंच को लेकर एक बार फिर आन्दोलन तेज किया जाएगा। शुक्रवार को सभी अधिक्वाक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर आज चेतावनी रेली का आयोजन किया गया। अधिवक्ताओं ने देहली गेट पर मानव श्रंखला बना जिला कलेक्ट्री पर प्रदर्शन किया। बाद में जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया।
उदयपुर अधिवक्ताओं की हाईकोर्ट बैंच की उदयपुर में स्थापना को लेकर मांग पिछले कई सालों से चली आरही है। मांग को लेकर अधिवक्ता हर माह की सात तारीख को प्रदर्शन करते है। इसी के मद्दे नज़र आज अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बैंच की मांग कोलेकर कोर्ट परिसर में एकत्रित हुए। कोर्ट परिसर से रैली के रूप में देहली गेट पहुचे व् देहली गेट चोराहा जाम कर मानव श्रंखला बनाई। राज्य सरकार के खिलाफ भी जम कर नारे बाजी की। देहली गेट से सभी अधिवक्ता जिला कलेक्ट्री पहुचे और जम कर प्रदर्शन किया। बाद अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। अधिवक्ताओं ने बताया कि उदयपुर में इस मांग को लेकर पिछले 35 वर्षो से अधिवक्ताओ द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा हे लेकिन कोई भी सरकार इस मांग को पूरा नहीं कर पायी हे। ऐसे में आज सभी अधिवक्ताओ ने चेतवानी रेली के माध्यम से सरकार को एक बार चेताया हे की इस मांग को वो जल्द से जल्द पूरा करे। हाई कोर्ट बेंच संगर्ष समिति के सयोजक अधिवक्ता रमेश नंदवाना ने साफ किया की इस मांग को लेकर कई बार उनके द्वारा सीएम से मुलाकात की गयी हे,लेकिन सरकार ने अभी तक इस मांग पर कोई विचार नहीं किया है, ऐसे में हम लोग आज से इस आन्दोलन को वापस तेज कर सडको पर उतरेंगे और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती तब तक यह आन्दोलन जारी रहेगा।

चुनाव में नामांकन पत्र में हेराफेरी के आरोप में राजस्थान की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी पर हुई FIR तो ली हाईकोर्ट की शरण

उदयपुर. विधानसभा चुनाव के तहत राजसमंद विधायक के लिए प्रस्तुत नामांकन पत्र में हेराफेरी कर विधायक बनने के आरोप पर राजनगर थाने में दर्ज एफआईआर के विरुद्ध अब उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने हाईकोर्ट की शरण ली है।

न्यायिक सूत्रों के किरण माहेश्वरी ने जरिये एडवोकेट डॉ. सचिन आचार्य ने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। सिंगल बैंच में अब शुक्रवार को सुनवाई होगी। राजनगर थाने में 170/2017 के तहत दर्ज प्रकरण के विरुद्ध उच्च शिक्षा मंत्री माहेश्वरी ने यह याचिका दायर की है। इधर, थाने में मंत्री पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कांगे्रस द्वारा विरोध जताते हुए मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की जा रही है।

डीजे कोर्ट से याचिका खारिज

उल्लेखनीय है कि जितेंद्र खटीक के परिवाद पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजसमंद द्वारा 4 मई को धारा 156(3) के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए राजनगर थानेदार को निर्देश दिए थे। मगर 11 मई मंत्री माहेश्वरी व अतिरिक्त कलक्टर ब्रजमोहन बैरवा ने जरिये अधिवक्ता रामचंद्र देवपुरा के पुनरीक्षण याचिका जिला एवं सेशन न्यायालय में पेश कर दी। सुनवाई के बाद 27 मई को मंत्री व एडीएम के वकील देवपुरा ने पुनरीक्षण याचिका को नोट पे्रस (वापस उठाना) कर दिया, जिस पर न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका खारिज कर थी और नीचली अदालत के आदेशानुसार एफआईआर राजनगर थाने में दर्ज करने के आदेश दिए। इसके चार दिन बाद राजनगर पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली और जांच के लिए सीआईडीसीबी उदयपुर को फाइल रेफर कर दी।

जयपुर गुलाबी तो अब उदयपुर होगा सफ़ेद शहर – white city

उदयपुर. पिंक सिटी जयपुर और ब्लू सिटी जोधपुर की तर्ज पर अब लेकसिटी बनेगी व्हाइट सिटी। इसके लिए स्मार्ट सिटी के तहत फिलहाल वॉल सिटी में कदम बढ़ाए जाएंगे। वहां पर एक बाजार में कार्य शुरू कर दिया गया है। हैरिटेज संरक्षण और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के मकानों और दुकानों को सफेद रंग से पोता जा रहा है।

इसकी शुरुआत वॉल सिटी के पांच बाजारों से की गई है। जल्द ही पूरे शहर को व्हाइट सिटी का स्वरूप देने के लिए प्रयास किए जाएंगे। फिलहाल घंटाघर से जगदीश चौक तक के बाजार में चल रहे इस कार्य से इनका स्वरूप निखरने लगा है। स्मार्ट सिटी के तहत पुराने शहर के पांच बाजारों को हैरिटेज स्वरूप देने के लिए पांच करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ। उल्लेखनीय है कि स्मार्ट सिटी घोषित होने से पहले भी नगर निगम की हैरिटेज समिति ने इस कार्य के लिए कई बार मंथन किया, लेकिन यह काम पूरा नहीं हो सका था।

नगर निगम और स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से शहर के सरकारी विभागों और नगर निगम की निर्माण समिति को आदेश भेजे जा रहे हैं कि उनके अधीन कोई सरकारी भवन बनता है या उनका रंगरोगन किया जाता है तो उसका कलर व्हाइट ही हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही नगर निगम की भवन अनुमति की शर्तों में भी इस बात को जोड़ा जा रहा है कि निर्माण के बाद मकान या बिल्डिंग का कलर सफेद ही किया जाए।

जगदीश चौक से घंटाघर बाजार 2. बड़ा बाजार 3. मोती चौहट्टा बाजार  4. जगदीश चौक से गणगौर घाट बाजार 5. जगदीश चौक से सिटी पैलेस बाजार

एक जैसे साइन बोर्ड होंगे

वॉल सिटी के इन पांचों बाजारों को व्हाइट बनाने के साथ-साथ हर दुकान का साइन बोर्ड भी एक जैसा होगा और उसमें हैरिटेज स्वरूप का ध्यान रखा जाएगा। एक जैसे साइन बोर्ड में फर्म का नाम ही अंकित होगा, अन्य जानकारी नहीं लिखी जाएगी।

वॉल सिटी में अभी जहां कार्य शुरू किया गया है, वहां मुख्य सड़क पर रहने वाले लोग और व्यापारी भी इस कार्य में पूरा सहयोग दे रहे हैं। घंटाघर के आसपास तेजी से कार्य चल रहा है। इस कार्य में दुकानदारों या मकान मालिक से कोई राशि नहीं ली जा रही है, स्मार्ट सिटी के बजट से यह खर्च वहन किया जा रहा है।