मशहूर कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी के मजेदार कार्टून


मशहूर कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी के मजेदार कार्टून



राजू ठैंठ गैंग के गुर्गे शंकरलाल को एटीएस के दबोचने के बाद फरार हुए तीन आरोपितों ने तीन जगह नाकाबंदी तोडऩे के बाद पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। इस दौरान क्यूआरटी के जवान वायरलैस पर उच्चाधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की अनुमति मांगते रहे लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
आरोपित गोल्डी, हरेन्द्र और रोहित की गोली से एक क्यूआरटी का जवान खुमाराम शहीद हो गया, वहीं दूसरे के पांव में तीन गोलियां लगीं। इधर, एटीएस ने शंकरलाल को बीकानेर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे सात दिन की रिमांड पर सौंप दिया।
नागौर पुलिस के पांच क्यूआरटी जवान भी एके 47 राइफल से लैस थे। लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण वह जवाबी कार्रवाई नहीं कर सके। अनुमति मिलने की स्थित में जवान अपराधियों पर भारी पड़ते।
गैंग किसकी, पुलिस के लिए गुत्थी
फायरिंग करने वाले आनंदपाल या फिर राजू ठैंठ गैंग के थे, यह पुलिस के लिए गुत्थी बन गई है। जयपुर में पकड़े गए शंकरलाल के साथियों के पास फॉरच्यूनर गाड़ी अलग थी और नागौर में जिस फॉरच्यूनर गाड़ी में तीनों बदमाश सवार थे वह गाड़ी नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के चाचा की थी जो फरवरी में बीकानेर से चोरी हुई थी। पुलिस पड़ताल कर रही है कि जयपुर से भागने वाले बदमाशों ने रास्ते में गाड़ी बदल ली या फिर गाड़ी में आनंदपाल तो नहीं था। स्पेशल ऑपरेशन के आईजी बीजू जोर्ज जोसफ को बदमाशों की धर पकड़ की कमान सौंपी है।
तलाशती रही पुलिस
आरोपितों के फरार होने के बाद से ही पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था। लेकिन 24 घंटे से ज्यादा समय होने के बाद भी पुलिस को तीनों का कोई सुराग नहीं लगा है। मंगलवार सुबह पुलिस ने खेतों में बदमाशों के पदचिन्ह देखकर पीछा करना शुरू किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
मिली आनंदपाल की फर्जी आईडी
आरोपितों की गाड़ी में कुख्यात बदमाश आनंदपाल का एक फर्जी वोटर आईडी कार्ड भी मिला। वोटर आईडी कार्ड पर आनंदपाल की धुंधली फोटो थी और उत्तरप्रदेश के मैनपुरी इलाके का पता दिया गया है।
बस टायर पर ही चला सके गोली
हरेन्द्र और खुमाराम एक व दो राउण्ड ही फायर कर सके। जो सीधे आरोपितों की गाड़ी के टायर को भेदती हुई निकल गईं। दोनों ही जवानों को गोली लग गई और आरोपित खेतों में फरार हो गए। आरोपितों ने तीस राउंड से ज्याद फायर किए।
खुद को बताया पुलिस
जैसे ही आरोपित खेत में भागे और ग्रामीणों को गोलियां चलने की आवाज आई बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। इस दौरान आरोपितों ने चालाकी की और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए भाग निकले।
हमारे जाबांज सिपाहियों ने बहादुरी से बदमाशों का मुकाबला किया। सिपाही की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। बदमाशों को पकडऩे के लिए स्पेशल ऑपरेशन आईजी को लगाया है। अभी यह तय नहीं है कि जयपुर से भागने वाले बदमाश ही इस गाड़ी में थे या फिर अन्य। इसकी भी जांच की जा रही है।
मनोज भट्ट, महानिदेशक पुलिस

उदयपुर। शहर में होली का दो दिवसीय पर्व धूम धाम और रंगों से सराबोर होकर मनाया । शहर भर में जगह जगह होली दहन के कार्यक्रम हुए जिसमे शहर भर के लोगों ने भाग लिया । धुलंडी के दिन मस्तानों की टोलियों ने झीलों के नगरी को रंगों से भर दिया । गली-मोहल्लों और सड़कों पर युवक-युवतियों की टोलियां एक-दूसरे पर जमकर अबीर-गुलाल उड़ाए और सेल्फी ली। पूरा शहर रंग-गुलाल और अबीर के रंग में रंग गया। महिलाओं की टोली भी अपने को रोक नहीं सकी। युवा अपने कपड़े फाड़कर डांस करते दिखे। कई परिवारों में नवजात बच्चों के ढ़ूंढ़ोत्सव भी मनाये गए। शहर भर में होली के दोनों दिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए किसी भी अप्रिय घटना के लिए चाक चौबंद निगरानी की |


होली का दहन :
शहर में होली दहन का मुहूर्त गोधूलि वेला का था। ६.46 के बाद शहर के हर गली मोहल्ले कॉलोनियों आदि में होली दहन के कार्यक्रम हुए । होली दहन के पूर्व पूजा अर्चना की गयी, नव विवाहितों और नव जात बच्चों को होली की परिक्रमा करवाई गयी । होली में नारियल का होम किया गया । बड़ी होली, जगदीश चोक, मल्लातलाई, होली के बड़े कार्यक्रम आयोजित किये गए | जगदीश चौक में होलिका दहन के पूर्व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया और सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने होली दहन के कार्यक्रम में हिस्सा लिया । मल्ला तलाई चौराहे पर होली दहन का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे पूजा अर्चना और पारम्परिक अनुष्ठान के बाद होली का दहन किया गया।

रंगोत्सव मना धूम धाम से :
होलिका दहन के बाद गुरुवार को सुबह से रंगों की होली की शुरुआत हो गई। खासतौर से बच्चों ने तो जमकर होली खेली, वहीं महिलाएं और युवा भी चेहरे रंगने में पीछे नहीं रहे। सुबह होते ही हर उम्र के लोगों के सिर पर होली का खुमार दिखाई देने लगा था। होली को खास अंदाज में मनाने की प्लानिंग कर रहे बच्चों को उकसाया जा रहा था। बच्चे भी टोलियां बनाकर होली खेलने निकल पड़े। एक प्रकार से पूरा शहर रंगों में सराबोर था।
रंगोत्सव पूरी तरह रंगों में डूबा रहा फिजां में उत्साह का गुलाल था…चेहरों पर रंगों की बहार है…आज खिलने लगी फिर मुस्कान है…ऐसे ही रंगबिरंगे माहोल में रंगोत्सव का आगाज़ हुआ। दोस्तों के साथ खिलखिलाते हुए ये रंग-बिरंगे चेहरे होली की खुशियों का पैगाम लेकर आए हैं। कही गुलाल तो कही रंग भरी पिचकारी, रंगों में लिपटे हुए मस्तों की टोलिया दिन भर शहर में घुमती रही, जगदीश चोक में विदेशियों ने भी रंगों के इस त्यौहार का आनंद लिया, कोलोनियों में महिलाओं ने घर घर जाकर अपनी सखियों के गलों पे गुलाल की चमक डाली। पुरुष, महिला, बच्चे और युवा उड़ते गुलाल और म्यूजिक की धुन पर होली है…. बुरा न मानो होली है…. बोलते हुए एक दूसरे को गुलाल से रंगते हुए देखे गए। शहर के अलग-अलग हिस्सों में समूह और संगठनों द्वारा मिल कर रंग खेला गया। रंगोत्सव पर हर ओर रंग और अबीर में लबरेज खुशियां दिखाई दी।

पुलिस रही चौकन्ना:
होली के हुड़दंग में कोई संदिग्ध गतिविधि न हो। ड्रिंक करके लोग सड़कों प दुर्घटनाओं को अंजाम न दे दें। लोगों में किसी तरह का विवाद न हो। इन बातों को रोकने के लिए पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद नज़र आई। कई बार मनचले रंग के बहाने शहर में घूम लोगों पर रंग डालने पर पुलिस द्वारा रोका गया। मुस्लिम समाज का जुमे का दिन होने से मस्जिदों के बाहर भी खासा पुलिस का जाब्ता नज़र आया। पुलिस की सतर्कता और शहर वासियों की सद्भावना के चलते होली के दोनों दिन कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई।

उदयपुर । एक तरफ यूआईटी और नगर निगम के अधिकारियों द्वारा अवैध निर्माण, कब्जे हटाने की कार्रवाई आये की जा रही है। इन निकायों की कार्रवाई की जद में अधिकतर वो लोग आजाते है जिनके रसूख नहीं है। जिन लोगों के रसूख है प्रभाव है उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। जहाँ एक तरफ नीमच खेड़ा की दुर्गा कॉलोनी में बिना अनुमति के व्यावसायिक फ्लेट बनाये जारहे है। बहुमंझीला इमारत बन रही है। जहाँ शिकायत होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं। पिछले दिनों सज्जन नगर ओड बस्ती में एक कमरे के लिए यूआईटी का पूरा महकमा पहुंच गया। सोमवार को भी बरसों से काबिज लोगों के एक कमरा बना देने की की शिकायत पर पुरे जाब्ते और बल के साथ कार्रवाई की गयी ।
युआईटी की ने की कार्रवाई :
युआईटी ने पुरे जाब्ते और बल के साथ देबारी के सकदर इलाके में अवैध कब्जों पर कार्रवाई करते हुए पक्के निर्माण और खेतों की बाड़ तोड़ दी । १६ हेक्टर सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण थे । लोगों का कहना है कि उनका वहां पर पिछले ५० सालों से कब्जा है। आज सुबह सात बजे ही यूआईटी सेक्रेटरी राम निवास मेहता एक दर्जन जेसीबी यूआईटी अधिकारियोजन और १०० से अधिक पुलिस कर्मियों के साथ पहुंच गए। कार्रवाई करते हुए करीं २० छोटे बड़े पक्के निर्माण तोड़े खेतों में बीच बीच में एक एक – एक और दो दो रूम के पक्के निर्माण थे। इसके अलावा खेतों की बाद और कच्ची दीवारों को भी ध्वस्त कर दिया। जानकारी के अनुसार देबारी के सकदर इलाके में सरकारी जमीन पर लोगों के ५० साल पुराने कब्जे थे। कुछ लोगों ने खेतों में पक्के निर्माण कर एक एक रूम बना लिए थे जिसकी शिकायत होने पर यु आईटी ने सबको नोटिस देते हुए १५ मार्च को जवाब देने को कहा था । जवाब देने के बाद युआईटी ने नोटिस देकर कब्जे हटाने के लिए कहा और आज पुरे जाब्ते के साथ आकर सारे कब्जे हटा दिया। कब्जे धारी अशोक चौधरी और घासी राम लोहार का कहना है की हमारे ४० साल पुराने कब्जे थे कोई पक्का निर्माण भी नहीं था। ना ही हमको नोटिस दिया गया इसके बावजूद भी हमारा कब्जा हटा दिया और हरे पेड़ों पर भी जेसीबी चला दी। रामनिवास मेहता के अनुसार १६ हेक्टयर सरकारी जमीन पर कब्जे किये हुए थेजो आज मुक्त करवा लिया ।
नीमच खेड़ा में अवैध कॉम्प्लेक्स कोई कार्रवाई नहीं :
नीमच खेड़ा की दुर्गा कॉलोनी में करीब चार बहुमंजिला इमारतों का निर्माण हो रहा है। जिस जमीन पर बहुमंजिला इमारतों का निर्माण हो रहा है वो जमीं कृषि भूमि और एसटी की जमीन है। क्षेत्रीय निवासी प्रेम ओबरावल ने बताया की हमने नगर निगम को अवैध निर्माण के लिए शिकायत की तो उनका कहना है की वह क्षेत्र युआईटी का है, युआईटी तहसीलदार से जब इस सन्दर्भ में शिकायत की तो उन्होंने बताया की वह क्षेत्र नगर निगम का है। ओबरावल ने बताया बहु मंजिला इमारते फ्लेट बेचने के लिए बनाई जारही है।

उदयपुर। पिछले दिनों भींडर कस्बे में हुई एक सात सात चोरियों के मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। पुलिस ने वाट्सएप्प और फेसबुक पर चोरों को सीसीटीवी फुटेज पोस्ट करके आमजन से चोरों को पकड़वाने में मदद करने की अपील की है। सीसीटीवी फुटेज के साथ ही पुलिस की तरफ से किए गए कॉमेंट में लिखा गया है कि क्रआप पुलिस की आंख और कान बने। चोरों को पकड़वाने में मदद करें।ञ्ज साथ ही कोई भी सूचना देने के लिए संपर्क नंबर 02957-250370 व 9414557336 भी दिए गए हैं।
भींडर कस्बे में शुक्रवार रात को चोरों ने योजनाबद्ध तरीके से एक साथ सात दुकानों के ताले तोड़े और लाखों का माल मिनीट्रक में भरकर ले गए। शुक्रवार की रात पुलिस सेमारी क्षेत्र में हुए उपद्रव में गई हुई थी। इस कारण पीछे चोरों का पता नहीं लग पाया। हालांकि पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज चोरों को पकड़वाने में काफी अहम साबित हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार कैलाश सोनी की ज्वैलर्स की दुकान, बाकेर भाई की हार्डवेअर, पुष्करराज डाक की कपड़े की दुकान, संजय कथोलिया की दुकान के ताले तोड़े गए। इसके साथ ही दो अन्य दुकानों के तालें भी टूटे, इनमें से चोर लाखों का सामान ले गए। भींडर थानाधिकारी हिमांशुसिंह ने बताया कि चोरों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा, जिनके अहम सुराग हाथ लेंगे। पुलिस द्वारा चोरों को पकडऩे के लिए टीमें भी गठित की, जो अनुसंधान में जुटी हुई है

उदयपुर। एलआईसी द्वारा सीज इमारत की नीलामी बोली में किसी अन्य को शामिल करने पर एलआईसी मैनेजर और वकील को जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भूपालपुरा पुलिस ने इस मामले में शामिल १३ आरोपियों को गिरफ्तार करके एक वाहन जब्त किया है। पता चला है कि इस नीलामी बोली में एक माफिया ग्रुप किसी अन्य को शामिल नहीं होने देना चाहता था और ऐसा करने पर इस गिरोह के बदमाशों ने एलआईसी मैनेजर और वकील को जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार एलआईसी द्वारा सीज की हुई भूमि और दो मंजिला भवन की नीलामी की निविदा पिछले दिनों निकाली गई थी, जिसकी नीलामी आज सुबह सरदारपुरा स्थित एलआईसी के ऑफिस में 11 बजे से शुरू होनी थी। नीलामी के लिए हिरणमगरी सेक्टर चार के वैशाली नगर निवासी भैंरोसिंह और अरविन्द पाटिया द्वारा एलआईसी के एरिया मैनेजर गौरांग मंगल और अधिवक्ता आरके भार्गव को कुछ दिनों से फोन पर धमकियां दी जा रही थी। अरविन्द पाटिया ने मैनेजर गौरांग और अधिवक्ता भार्गव को धमकाते हुए कहा था कि उक्त संपत्ति के लिए निविदा फार्म चार लाख के ड्राफ्ट सहित अरविंद के नाम से जमा करवा दिया है। अब यह संपत्ति वही खरीदेगा, उसके अलावा किसी और को नीलामी की सूचना दी, तो गोली मार देंगे।
इस मामले में मैनेजर गौरांग मंगल ने भूपालपूरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी और नीलामी प्रक्रिया को निर्बाध रूप से पूरी करवाने के लिए सुरक्षा मांगी थी। आज तय समय पर नीलामी शुरू हुई जहां पर अरविंद पाटिया सहित 13 लोग पहुंचे। नीलामी स्थल पर मौजूद भूपालपूरा पुलिस ने पाटिया सहित सभी 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवकों में कई पर पूर्व में भी धमकाने और जमीनों से जुड़े मुकदमें चल रहे हैं। इस मामले से जुड़े गिरफ्तार आरोपियों में महालक्ष्मी अपार्टमेंट, पाठों की मगरी निवासी रघुवीरसिंह, बनैड़ा, भीलवाड़ा निवासी दिनेश सुहालका, मालदास स्ट्रीट निवासी यशवंत टेलर, मल्लातलाई निवासी अमजद बैग मिर्जा, ओड़ बस्ती निवासी मांगीलाल चौहान, हरिजन बस्ती, अंबामाता निवासी जीवन हरिजन, चमनपुरा निवासी जगदीश, अंबामाता निवासी राकेश खटीक, दक्षिणी सुंदरवास निवासी यशपाल राजपूत, पाटिया, खेरोदा निवासी पर्वतसिंह पुत्र हरिसिंह राठौड़, अरविंदसिंह राठौड़ शामिल है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

उदयपुर। शहर के पर्यटन स्थलों पर इन दिनों सरेआम बेखौफ शराब पार्टियां हो रही है। कल रविवार को फतहसागर की पाल पर सरेआम कुछ युवतियां और एक युवक बीयर पीते देखे गए, जिससे ये बात और भी पुष्ट हो जाती है कि पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है।
कल फतहसागर की पाल पर चल रही बीयर पार्टी की कुछ तस्वीरें कैमरे में कैद की है, जिसमें सरेआम युवतियां और युवक हाथों में बीयर लेकर पाल पर बैठे नजर आए। इसी तरह शहर के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी रोजाना शराब पार्टियां आयोजित होती है, लेकिन पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है, जिससे शहर का माहौल बिगड़ा हुआ है। रविवार दोपहर फतहसागर पर तीन युवतियां अपने पुरुष मित्र के साथ हाथों में बीयर लेकर डेढ़ घंटे तक हुड़दंग करती रही। सरेआम बियर पीती रही। इस दौरान ना तो कोई पुलिसकर्मी आया और ना ही उन्हें किसी ने रोका या टोका।

सड़क किनारे कारों में लग जाते हैं बार : शहर के फतहसागर सहित दूधतलाई, पीछोला के आसपास और अन्य सुनसान इलाकों में सड़क किनारे कारें लगाकर कार में ही बार खुल जाते हैं। ऐसे कई शराबी देखे गए हैं, जो यूनिवरसिटी से सौ फीट रोड, सौभागपुरा से भुवाणा रोड और सौभागपुरा से एम्बिशन होटल रोड पर कारें सड़क किनारे लगाकर शराब पार्टियां करते हैं। चित्रकूटनगर मेें खेलगांव के आसपास की सड़कों पर शराबी सरेआम हुड़दंग मचाते देखे जा सकते हैं।

पिछले कई दिनों से रोज कार्रवाई की जा रही है। कल भी पाल पर बैठकर बीयर पीते हुए दो युवकों पर कार्रवाई की गई। इसके पहले भी करवाई हो रही है। शाम छह बजे से देर रात तक पुलिस गश्त रहती है। ऐसी शराब पार्टियों के बारे में जनता को भी पुलिस का सहयोग करना चाहिए। पुलिस को सूचित करते ही कार्रवाई की जाएगी।
-राजेंद्र जैन, थानाधिकारी अंबामाता
अनिता कटारा ने आज़ादी का नारा अपनी ही साकार के खिलाफ बुलंद कर दिया । विधान सभा में अनिता कटारा ने “वी वांट फ्रीडम” “वी वांट फ्रीडम” का नारा लगाते हुए वागड़ को अफसर शाही से आज़ादी दिलाने की मांग कर डाली। अनिता कटारा ने विधान सभा में नियम 295 के तहत विचार व्यक्त करते हुए वागड़ क्षेत्र में हावी अफसरशाही और मौताणा-डायन प्रथा पर तीखा प्रहार करते हुए वागड़ अंचल को वेदनाओं और दुखों से आज़ादी दिलाने की बात प्रभावी तरीके से रखी।

POST. मैरिड लाइफ में मैच्योर महिलाएं आखिर क्यों अपनी लाइफ में पसंद करती हैं गैर मर्दों का आना और करती हैं पति से चीटिंग…
1- सेक्सुअल रिलेशन में सेटिस्फाई नहीं होना इसका एक बड़ा कारण है कि महिलाएं गैर मर्दों के प्रति आकर्षित होती हैं और उनके साथ रिलेशन बनाने को गलत नहीं मानती। यही कारण है एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर बढ़ते जा रहे हैं। दरअसल इंडियन वाइफ इस बात को अपने पति से खुलकर नहीं कह पाती और दूसरा विकल्प तलाशने लगती हैं।
2- अकेलापन और लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप के कारण भी मैरिड वुमन की लाइफ में पति से भी ज्यादा महत्वपूर्ण कई पुरुष हो जाते हैं। चाहे जरूरत के चलते या फिर अकेलापन मिटाने के चलते। ऐसे में इमोश्नल रिलेशन कब फिजिकल रिलेशन में बदल जाता है, उन्हें खुद को पता नहीं चलता और यह उन्हें गिल्टी भी फील नहीं कराता।
3- आपसी अनबन के कारण भी इंडियन कपल रिश्तों में धोखा देते हैं। महिलाएं लगातार ऐसी परिस्थिति झेलते-झेलते पति से चीटिंग कर बैठती हैं और देती हैं अपनी लाइफ में गैर मर्दों को एंट्री।

4- बेमेल शादियां भी इसका बड़ा कारण है। भारत में बेमेल विवाह खूब होते हैं। जबरन बिना राय लिए माता-पिता शादी कर देते हैं, खासतौर पर लड़कियों के साथ ऐसा ज्यादा होता है। ऐसे में वकिंग प्लेस पर किसी से दोस्ती होने पर महिलाओं को लगता है कि वह ही उनका सोलमेट। ऐसे में पति को साइड करने में वे गुरेज नहीं करती।
5- उम्र का गैप होने के कारण भी कपल्स के बीच किसी तीसरे की एंट्री हो जाती है। ऐसे में पति का अफेयर भी किसी अन्य महिला से हो जाता है।
6- पैसे और शोहरत के लिए भी बहुत सी शादीशुदा महिलाएं अपने पति को धोखा देती हैं। हैरत की बात यह है कि वे इसे धोखा नहीं मानतीं। वे इसे गलत भी नहीं मानतीं।
फैसले से पहले सुप्रीम कोर्ट के जज ने स्वीकारा आतिथ्य

उदयपुर। मेवाड़ राजपरिवार के सदस्यों के बीच उच्चतम न्यायालय में चल रहे संपदा विवाद में उस समय नया मोड़ आ गया, जब उसी न्यायालय के जज रंजन गोगाई के खिलाफ यह कहकर मुख्य न्यायाधीश के यहां आपत्ति दर्ज करवाई गई कि सुनवाई कर रहे जज ने पिछले साल उदयपुर में विवादित संपदा पर ही अरविंदसिंह मेवाड़ का आतिथ्य स्वीकार किया था, लिहाजा उन्हें प्रकरण से हटा दिया जाना चाहिए। अरविंदसिंह इस प्रकरण में प्रतिवादी है।
यह आपत्ति पूर्व महाराणा भगवतसिंह की पुत्री और महेंद्रसिंह मेवाड़ तथा अरविंदसिंह मेवाड़ की बहन श्रीमती योगेश्वरी कुमारी के वकील मृणाल कांति मंडल की ओर से पेश की गई है। मुख्य न्यायाधीश ने पिछले सप्ताह ही इस प्रकरण को देख लेने को कहा है। सालों से विवादित राजपरिवार की इस संपदा में कुछ समय पूर्व ही योगेश्वरी कुमारी भी यह कहते हुए एक पक्षकार बनी थी कि राजपरिवार की पुत्री होने के नाते वो भी इस संपदा की एक हिस्सेदार है। इससे पूर्व दोनों भाइयों में ही संपदा विवाद चल रहा था। प्रकरण उच्चतम न्यायालय की उस पीठ में विचाराधीन हैं, जहां रंजन गोगोई जज है। पिछले साल वो उदयपुर की यात्रा पर आए थे। उनकी यात्रा को लेकर “एटरनल मेवाड़” की वेबसाइट पर विशेष
अतिथियों के पेज पर फोटो अपलोड किए गए थे, जिसमें अरविंदसिंह के पुत्र लक्ष्यराजसिंह मेवाड़़ उनको बुके भेंट करते दिखाई पड़ रहे हैं। लक्ष्यराज इस विवादित कंपनी लेक श्योर पेलेस होटल प्रा.लि. के निदेशक बताए गए है। एक फोटो में गोगोई अपनी पत्नी के साथ पेलेस में मौजूद है। उनके सम्मान में विवादित संपदाओं जगमंदिर, लेक पैलेस आदि पर हुए भव्य भोज में अरविंदसिंह मौजूद रहे बताएं। योगेश्वरी कुमारी की ओर से पहले तो संबंधित बेंच में ही आपत्ति की गई थी, जिसे लेकर जज नाराज हो गए और उल्टा वकील के खिलाफ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए बार कौंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिख दिया। बार ने तब वकील को नोटिस भी जारी कर दिया। उसके बाद वकील ने मुख्य न्यायाधीश के यहां गुहार लगाई, जहां अभी कोई आदेश पारित नहीं हुआ है।
आमतौर पर यह देखा गया है कि किसी प्रकरण में जज को यह लगता है कि उनकी मौजूदगी से प्रकरण प्रभावित हो सकता है तो जज खुद ही केस से “एक्सेप्सन” ले लेते हैं, यानी कि वे प्रकरण से अलग हो जाते हैं, लेकिन यह एक ऐसा मामला है, जिसमें जज के ही खिलाफ उनकी ही कोर्ट में आपत्ति की गई हैं कि वे खुद प्रकरण से अलग हो जाए तो न्यायिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। राजपरिवार की इस विवादित संपदा को लेकर इस प्रकार की शिकायतें पूर्व में महेंद्रसिंह मेवाड़ की ओर से भी होती रही है। एक बार महेंद्रसिंह मेवाड़ ने अरविंदसिंह के बुलावे पर पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभादेवी सिंह पाटील के पैलेस आगमन पर भी विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने श्रीमती पाटील को पत्र लिखकर सावचेत करने का प्रयास किया था कि वे इस विवादित संपदा पर न आए तो अच्छा रहेगा क्योंकि प्रकरण उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन में है और उनके आने से इस विवादित प्रकरण पर असर पड़ेगा। फिर भी श्रीमती पाटील पैलेस गई थीं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राजपरिवार के ज्येष्ट पुत्र महेंद्रसिंह पैलेस के नीचे समोरबाग में ही रहते हंै, जबकि उनसे छोटे अरविंदसिंह पैलेस के गैर व्यावसासिक हिस्से में रहते हैं, जो न्यायिक विवादों में है।