आमादे रसूल की ख़ुशी में रोशनी से नहाया शहर – हर जुबां से निकला “सरकार की आमद मरहबा”


जश्ने ईद मिलादुन्नबी के पहले की रात शहर की मुस्लिम बस्तियां ऐसी जगमगाई मनो आका की आमद से नूर की बारिश हो गयी हो। शहर की मुस्लिम बस्तियां रोशनी से जगमगा रही है। बुधवार को शहर में जुलूसे मोहम्मदी निकाला जाएगा। जिसमें सभी मौहल्लों का जुलूस एक साथ दोपहर 1.30 बजे अंजुमन चौक से रवाना होगा।
शहर के खांजी पीर सिलावट वाड़ी, धोली बावड़ी, मल्ला तलाई सविना आदि हर मुस्लिम बस्तियों की रोनक मंगलवार की रात देखने लायक थी। हर घर हर सड़क रोशनी में जगमगा रही है। मजहबेइस्लाम के आखिरी पैगम्बर मुहम्मद स.अ.व. के दुनिया में आमद के उत्सव जश्‍ने ईद मिलादुन्नबी के मोके पर बच्चा बच्चा खुश दिखाई दे रहा था। हर जगह खाने पिने की स्टालें लगी हुई थी जहाँ तबर्रुक बांटा जा रहा था।

विडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें 

https://youtu.be/5tb6MFLptcg

खांजीपीर धोलीबावडी मल्लातलाई सिलावट वाड़ी में खाने पिने और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गयी थी जहाँ शहर के सभी मुस्लिम बच्चे महिलाऐं युवा शरीक हुए।
वही कई मस्जिदों में और अंजुमन चौक पर मिलाद के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है | बुधवार को रबीउल अव्वल ( इस्लामी माह ) की १२ तारीख को पैग़म्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब का जन्म दिन मुस्लिम समुदाय द्वारा जश्न -ए- ईद मिलादुन्नबी के रूप में मनाया जाता है | जिसकी तैयारियां रबीउल अव्वल का चाँद दिखने से ही शुरू हो जाती है |

कटारिया के खिलाफ जनता सेना ने की चुनाव आयोग को शिकायत – पत्नी के नाम बेशकीमती संम्पत्ति का ब्योरा छिपाया .

उदयपुर . उदयपुर शहर से भाजपा के उम्मीदवार गुलाबचंद कटारिया के नामांकन पर जनता सेना ने निर्वाचन आयोग को षिकायत दर्ज करते हुए परचा निरस्त करने की मांग की है . जनता सेना का शिकायत में आरोप है कि गुलाबचंद कटारिया ने पत्नी के नाम की जमीन की जानकारी को छिपाया है .
प्रदेष के पूर्व गृहमंत्री और मेवाड़ के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया ने लगातार चोथी बार उदयपुर शहर से विधायक के ताल ठोकी है। श्री कटारिया ने तीन बार जीतकर हेट्रिक तो मार ली है लेकिन वह चैका लगा पाएंगे या नहीं यह देखना दिलचस्प होगा। वहीं इस बार उनकी पार्टी से ही जुड़े लोगों का एक बड़ा धड़ा बगावती हो गया है।
शेखावत मंच के समन्वयक और हाल ही जनता सेना से जुड़े मांगी लाल जोशी ने बताया कि उदयपुर गौमती फोरलेन पर नेगडिया गांव में गृहसेवक कटारिया की पत्नी के नाम पर दो अलग – अलग भूखंड है जिनके बारे में आवेदन पत्र में जानकारी नहीं दी गई है। जो कि नियम का उल्लंघन है। इसके साथ ही जोषी ने निर्वाचन आयोग से षिकायत पत्र देकर अपील की है कि इस पर संज्ञान जरूर लेवें। गौरतलब है कि इस जमीन के बारे में पूर्व में समाचार पत्रों में फोरलेन में अवाप्त होने संबंधी खबरें भी छप चुकी हैं।
जनता सेना के जोशी ने मांग की है कि गृहसेवक पर हाल ही में संपत्ति सम्बन्धी मामले की कुछ और खबरें भी प्रकाशित हुई है इसलिए इस मामले में जाँच होनी चाहिए।

https://www.youtube.com/watch?v=eT8CS9jvck8&t=4s

गिरिजा ने कहा कटारिया की मानसिक स्थिति ठीक नहीं – कटारिया ने कहा डॉक्टर हो तो भेजो

विधानसभा चुनाव का माहौल जोर पकड़ने के साथ ही प्रत्याशियों में जुबानी जंग तेज हो गई है। इसमें गुलाबचंद कटारिया और गिरिजा व्यास जैसे बड़े नेता भी पीछे नहीं रह रहे हैं। शहर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया ने भूपालपुरा में एक दिन पूर्व चुनाव कार्यालय के उद्घाटन पर कहा था कि गिरिजा व्यास का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। पहले गिरिजा से जब चुनावी मुकाबला हुआ था तब वे बच्चे थे, इसलिए हार गए। इस बार परिस्थितियां अलग हैं। सोमवार को नामांकन के बाद पत्रकारों ने गिरिजा से जब इस मामले में सवाल किया गया तो उन्होंने कटारिया के लिए कहा कि वो भाई साहब हैं और भाई को एक बहन की चिंता करनी स्वाभाविक है। उनको मेरे स्वास्थ्य की चिंता है लेकिन मुझे उनके मानसिक अवस्था की चिंता है। उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहे। गिरिजा के इस पलटवार के बाद सोमवार शाम को पाठों की मगरी स्थित पार्टी के चुनावी मीडिया सेंटर पर जब कटारिया से इस मामले में सवाल किया गया तो कटारिया ने कहा कि गिरिजा जी को कहो उनके पास जो अच्छा डॉक्टर हो उसको मेरे पास भेज दे।

सियासी रण में बयानों के तीर

गिरिजा-विवेक के नामांकन में तीनों दावेदार रहे मौजूद, देहात जिलाध्यक्ष झाला रहे नदारद

कांग्रेस में सोमवार को उदयपुर शहर और ग्रामीण दोनों सीटों पर भरे गए नामांकन के दौरान कांग्रेस एकजुट नजर आई। सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास ने उदयपुर शहर और एआईसीसी सदस्य विवेक कटारा ने उदयपुर ग्रामीण से कांग्रेस के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा। इस दौरान दोनों विधानसभाओं से पद के दावेदारी की दौड़ में रहे प्रत्याशी, पदाधिकारी और महत्वपूर्ण सदस्य मौजूद रहे। कांग्रेस में जहां मेवाड़ की कई सीटों पर बगावत और नाराजगी के बीच कांग्रेस में फूट नजर आ रही है। वहीं दूसरी और उदयपुर में शहर और देहात दोनों प्रत्याशियों ने एकसाथ सभा कर एकजुटता दिखाई। सिर्फ देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला नामांकन के दौरान मौजूद नहीं रहे।

विवेक कटारा ने एसडीओ पर लगाया पक्षपात का आरोप

कटारिया ने कहा-गिरिजा जी, यदि आपके पास अच्छा डॉक्टर हो तो भेजें

शुभ घड़ी का इंतजार…

गिरिजा व्यास ने 4 मिनिट किया इंतजार…सवा 12 बजे भरा पर्चा।

देखिये विडियो 

https://www.youtube.com/watch?v=eT8CS9jvck8

 

विवेक कटारा के नामांकन के दौरान एसडीओ गिर्वा लोकबंधु ने मीडियाकर्मियों को विवेक के नामांकन के दौरान अंदर नहीं आने दिया। कटारा ने लोकबंधु पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व भाजपा से फूलसिंह मीणा के नामांकन के समय मीडियाकर्मियों को नहीं रोका गया था। एसडीओ लोकबंधु ने कहा कि किसी को भी रोका नहीं गया। नामांकन का अंतिम दिन था, इसलिए काफी प्रत्याशी थे और उनके फार्म जांचने का काफी दबाव था। शोर-शराबा न हो, उसके लिए टोका गया।

सुखाड़िया परिवार रहा मौजूद, दावेदार शारदा रोत नहीं पहुंची

गिरिजा व्यास के नामांकन में शहर से दावेदार रहे पंकज शर्मा, दिनेश श्रीमाली और सुरेश श्रीमाली नजर आए। पंकज शर्मा तो गिरिजा के साथ नामांकन और सभा में भी मौजूद रहे। जबकि गिरिजा के स्वागत और कार्यालय उद्घाटन में तीनों दावेदार नहीं आए थे। वहीं दावेदारी कर रहे सुखाड़िया परिवार के दीपक सुखाड़िया और उनकी मां नीलिमा भी मौजूद रहीं। िववेक कटारा के साथ इंटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश श्रीमाली और महिला देहात अध्यक्ष सीमा चोरड़िया भी मौजूद रहीं। मगर मावली से दिया टिकट वापस लेने के बाद कांग्रेस देहात के जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला दिखाई नहीं दिए। ग्रामीण से दावेदारी कर रही प्रदेश महिला उपाध्यक्ष शारदा रोत धरियावद गए होने के चलते शामिल नहीं हुई।

कटारिया बोले कि कांग्रेस को वोट दे देना , लेकिन ….. क्यूँ बोले वो भी जानिये

मेवाड़ की सबसे हॉट सीट वल्लभनगर में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया सोमवार को रौद्र रूप में नजर आए। उन्होंने अपने धुर विरोधी जनता सेना संरक्षक रणधीर सिंह भींडर को उनके घर में जाकर ललकारा। उन्होंने मतदाताओं से कहा, चाहे कांग्रेस को वोट दे देना, लेकिन जनता सेना के रणधीरसिंह भींडर को वोट मत देना। इन्हें वोट देना अपने मत को कुएं में डालने जैसा है। मौका था नामांकन के अंतिम दिन भाजपा प्रत्याशी उदयलाल डांगी के नामांकन के बाद का। आमसभा में गृहमंत्री कटारिया भींडर पर जमकर बरसे। वे बोले- देश में भाजपा-कांग्रेस दो ही पार्टियां हैं। आप दोनों दलों के प्रत्याशियों को तराजू पर तौल कर वोट दे देना, पर जनता सेना या रणधीरसिंह भींडर को वोट मत देना। अगर आप अपना वोट इन्हें दोगे तो वह पत्थर बनकर आपके माथे मेंे ही वापस आकर लगेगा।

और कटारिया बोले… भींडर के रावले में कैद भाजपा को निकालने आया हूं

वल्लभनगर के दशहरा चौक में हो रही सभा के दौरान कटारिया इतने आवेशित हो गए कि कुर्सी पर बैठे-बैठे भाषण देने के दौरान वे अचानक खड़े हो गए। कटारिया ने कहा कि हमने जिस भाजपा को खून और पसीने से सींचकर लोकप्रिय बनाया था, वह आज वल्लभनगर की भाजपा रावले में कैद होकर रह गई है। इसे इस रावले से निकालने के लिए ही हमने किसान के एक बेटे को टिकट दिया है। कटारिया ने कहा कि जनता सेना वाले सपने देख रहे हैं कि वे चुनाव जीत जाएंगे। लेकिन अब की बार वे जमानत भी बचा करके बता दें तो मान जाऊंगा। लोगों ने मुझे कई बार कहा कि भाई साहब आप वहां जाकर उनके खिलाफ भाषण दोगे तो चुनाव हार जाओगे। मैंने कहा कोई बात नहीं- मैं चुनाव हार जाऊं, लेकिन पार्टी चुनाव जीतनी चाहिए।

अगर यह विडियो नहीं देखा है तो एक बार जरूर देखें 

https://www.youtube.com/watch?v=eT8CS9jvck8

 

इनकी मंजिल कांग्रेस या भाजपा | कटारिया ने कहा कि जनता सेना भींडर-कानोड़ तक ही हैं। हमें अपने पैर जमाने के लिए 55 साल लगे। जनता सेना वाले नेता की उम्र इतनी हो गई कि अब वह कहां तक चला पाएंगे। ये मानते हैं जनता सेना का राजस्थान में राज आ जाएगा। लेकिन जीत भी जाओगे तो कहां जाओगे जाना तो भाजपा-कांग्रेस में ही पड़ेगा, अलग से खड्डे में जाकर पड़ने से क्या फायदा।

कटारिया को इतना गुस्सा क्यों आया? |राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो मेवाड़ के दिग्गज नेता गुलाबचंद कटारिया को इतना गुस्सा आना स्वाभाविक ही है। क्योंकि पिछले कई दिन से जनता सेना के नेता रणधीरसिंह भींडर उदयपुर शहर में आकर गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया को चुनौतियां दे रहे हैं। उन्होंने भाजपा के नेता दलपत सुराणा को टिकट देकर चुनाव में भी उतार दिया है। दलपत सुराणा जैन हैं और वे कटारिया के परंपरागत भाजपा और जैन वोटों में सेंध लगा लेंगे, इस सोच के साथ उन्हें चुनाव मैदान में उतारा गया है। लेकिन कटारिया ने इसका जवाब सोमवार को वल्लभनगर जाकर दिया और भींडर को ललकारा कि किसी की मां ने दूध पिलाया है तो वह उन पर एक भी आरोप लगाकर और साबित करके तो बताए। वे यह भी कह चुके हैं कि वे जीते जी भींडर को भाजपा में नहीं आने देंगे।

क्या मैं चोर-डाकू-लुटेरा या बदमाश हूं!

कटारिया ने कहा : ये बोलते है, गुलाबचंद हारना चाहिए। लेकिन मुझे बताआे कि क्या मैं चोर हूं? बदमाश हूं?डाकू या लुटेरा हूं? मैं 40 साल से राजनीति में हूं। उन्होंने भींडर को ललकारा कि किसी को किसी मां ने दूध पिलाया है तो एक दाग लगाकर बता दे।

इस चुनाव में जगह-जगह गूंज रहा है गुलाबचंद कटारिया का मुहावरा : वोट कुएं में डाल दो

वोट कुएं में डाल दो, मेवाड़ की चुनावी सियासत में यह मुहावरा काफी लोकप्रिय हो गया है। दरअसल यह कटारिया का ही ईजाद किया हुआ मुहावरा है। इसी साल अप्रैल में उन्होंने उदयपुर शहर के वार्ड दस में संपर्क करने के दौरान इसका प्रयोग किया था। उन्हें वार्ड की महिलाओं ने साफ सफाई को लेकर शिकायत की तो उन्होंने अनसुनी कर दी। इस पर भड़की महिलाओं ने उन्हें उलाहना दिया कि वोट तो आपको देते हैं। समस्या भी आपको ही बताएंगे। इस पर तमतमाए कटारिया ने कह दिया : अगली बार आप अपना वोट कुएं में डाल देना। लेकिन इसके बाद से कटारिया के विरोधी इस मुहावरे को ले उड़े और इसे जगह-जगह इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे देखते हुए अब मेवाड़ की सियासत बेहद दिलचस्प हो गई है।

मावली में कांग्रेस ने किस डर से काटा लाल सिंह झाला का टिकिट – किसके दबाव में दिया गया पुष्कर डांगी को टिकिट ?

उदयपुर। मेवाड़ की राजनीति में फिर एक बार बड़ा उलटफेर हो गया है। उदयपुर जिले की हॉट सीट मानी जाने वाली मावली विधानसभा की सीट पर कांग्रेस ने उदयपुर देहात जिलाध्यक्ष लाल सिंह झाला को दिया हुआ टिकिट वापस लेलिया और उनकी जगह पुष्कर डांगी को देदिया। लाल सिंह झाला ने अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था लेकिन सूत्रों के अनुसार सीपी जोशी और हार्दिक पटेल के दबाव में आकर आलाकमान ने अपना फैसला बदला और झाला को दिया हुआ टिकिट पुष्कर डांगी को देदिया।
माना जारहा है कि डांगियों को खुश करने के चक्कर में कांग्रेस राजपूतों को नाराज़ कर बैठी है और मावली को दोनों पार्टियों द्वारा वर्ग विशेष में बाँट दिया गया है भजपा से यहाँ पर धर्म नारायण जोशी मैदान में है साथ भाजपा के बागी कुलदीप सिंह भी मैदान में है।

 

क्या ये विडियो देखा आपने 

 

हार्दिक की दोस्ती और सीपी का साथ आया काम पुष्कर डांगी को :

ऐसे कटा टिकट : मावली सीट पर पुष्कर डांगी प्रबल दावेदार थे। उनके साथ इंटक के जगदीशराज श्रीमाली और गोरधन सिंह भी दावेदारी कर रहे थे। इन दोनों ने एक साथ डांगी का विरोध करते हुए किसी अन्य को टिकट देने की बात कही। ऐसे में डांगी की जगह लालसिंह को टिकट दिया गया।

झाला ने मांगा था कुंभलगढ़ से टिकट; दिया मावली से, नामांकन भी कर दिया, फिर काट दिया टिकट

मावली में आखिर कांग्रेस को क्या था डर या था किसी का दबाव , देखिये विडियो 

https://youtu.be/eT8CS9jvck8

 

कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला लंबे समय से कुंभलगढ़ से टिकट की दावेदारी जता रहे थे, मगर पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.सीपी जोशी के बेहद करीबी माने जाने वाले पुष्कर डांगी की दावेदारी दरकिनार कर झाला को मावली से टिकट दे दिया। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद झाला ने शनिवार को नामांकन भी दाखिल कर दिया। नामांकन दाखिल किए 48 घंटे का वक्त भी नहीं निकला होगा कि कांग्रेस ने बड़ा उलटफेर कर रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे एक सूची जारी कर उसमें झाला का टिकट काट पुष्कर डांगी को प्रत्याशी बना दिया। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष मुमताज मसीह ने झाला को फोन पर उनका टिकट कटने की सूचना दी थी तो एक बारगी झाला के पैरों तले जमीन खिसक गई।

और ऐसे मिला वापस टिकट : गुरुवार रात को टिकट कटने के साथ ही शुक्रवार सुबह पुष्कर डांगी दिल्ली पहुंच गए। वहां हार्दिक पटेल को साथ लेकर अहमद पटेल और राहुल गांधी से मुलाकात की। इन दोनों ने आश्वासन तो दिया लेकिन फाइनल कुछ नहीं कहा। शनिवार को पुष्कर फिर मावली आए, यहां डांगी समाज के लोग पहले से ही लामबंद थे। उन्होंने मावली ही नहीं पूरे मेवाड़ में कांग्रेस की खिलाफत का बिगुल बजा दिया। सभी कांग्रेस प्रत्याशियों पर दबाव डाला। आखिर आलाकमान ने इसे गंभीरता से लिया और डांगी को टिकट देना पड़ा।

लालसिंह झाला ने नामांकन तक दाखिल कर दिया।

सीपी-झाला की दूरी : किसी समय सीपी जोशी बेहद करीब माने जाने वाले लालसिंह झाला इन दिनों उनसे दूरी बनाए हुए थे। पिछले दिनों सीपी जब जन्म दिन मनाने उदयपुर आए ताे झाला सर्किट हाउस में उनसे मिलने भी गए थे। कुंभलगढ़ में सीपी के विश्वासपात्र गणेशसिंह परमार की दावेदारी के बीच प्रबल दावेदारी जताने के कारण भी झाला और सीपी के बीच दूरी और बढ़ गई।

इतने साल पार्टी की सेवा का मुझे यह फल मिला, जिलाध्यक्ष भी नहीं रहूंगा

मैंने टिकट कुंभलगढ़ से मांगा और मावली से दिया। वापस काटना ही था तो पहले बोले देते नामांकन दाखिल मत करना मैं दो दिन और रुक जाता। इतने साल पार्टी की सेवा का यह फल मिला है। डांगी वोट बैंक की चिंता मेंं दबाव में पार्टी ने मेरा टिकट काटा हाेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष मुमताज मसीह ने फोन पर सूचना दी। मैंने सचिन पायलट को फोन पर बताया तो उन्होंने भी हैरानी जताई। मैंने पायलट से निवेदन किया है कि अब आप देहात जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी और को दे दो। हालांकि मैं संगठन के लिए काम करता रहूंगा। -लालसिंह झाला, कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष

हार्दिक को पुष्कर ने दी थी पनाह

गुजरात हाईकोर्ट ने पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को 17 जुलाई 2016 से छह माह के लिए गुजरात से राज्य बदर किया था। तब पुष्कर ने हार्दिक को उदयपुर के धाउजी की बाड़ी नाकोड़ा नगर स्थित अपने घर पर शरण दी थी। दोनों एक ही जाति से हैं।

गेम चेंजर

पुष्कर डांगी बोले- हार्दिक और सीपी ने टिकट दिलाया

टिकट बदलवाने में हार्दिक पटेल और सीपी जोशी का सहयोग रहा। समर्थकों और डांगी समाज ने पूरा साथ दिया। समाज तो पार्टी को पूरे मेवाड़ में हराने की चेतावनी दे चुका था। रविवार दोपहर को ही टिकट बदलने का संकेत मिल चुका था। अविनाश खन्ना, अशोक गहलोत के फोन भी आए। मैं पार्टी के विश्वास पर खरा उतरूंगा। – पुष्कर डांगी, मावली से कांग्रेस प्रत्या

भाजपा की आखिरी लिस्ट जारी, टोंक से सचिन पायलट के खिलाफ मंत्री यूनुस खान को टिकट

0

पांचवीं सूची में आठ नाम, छह नाम नए, दो के टिकट बदले गए
यूनुस खान भाजपा के इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार, कांग्रेस ने 15 मुस्लिमों को टिकट दिया
भाजपा और कांग्रेस ने अब सभी 200 सीटों पर उम्मीदवार तय किए, सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सोमवार को पांचवीं और आखिरी लिस्ट जारी कर दी। इसमें आठ नाम हैं। छह नाम नए हैं। दो घोषित उम्मीदवारों के नाम बदले गए हैं। पहला नाम टोंक सीट से मौजूदा विधायक अजीत सिंह का है। इनकी जगह पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट से होगा। वहीं, दूसरा नाम खेरवड़ा सीट से शंकरलाल खिराड़ी का है। पहले इन्हें मौजूदा विधायक नानलाल आहरी का टिकट काटकर दिया गया था, लेकिन अब पार्टी ने वापस आहरी पर भरोसा जताया।

इनके नाम तय

सीट भाजपा प्रत्याशी
कोटपुतली मुकेश गोयल
बहरोड़ मोहित यादव
करौली ओपी सैनी
टोंक यूनुस खान (पहले अजीत सिंह को टिकट दिया था)
केकड़ी राजेंद्र विनायका
डीडवाना जितेंद्र सिंह जोधा
खीवसर रामचंद्र उत्ता
खेरवड़ा नानालाल आहरी (पहले शंकरलाल खिराड़ी को टिकट दिया था)

टोंक में भाजपा-कांग्रेस, दोनों ने परंपरा तोड़ी
टोंक में 2.20 लाख वोटरों में से करीब 40 हजार मतदाता मुस्लिम हैं। यह कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक माना जाता है। 1972 के विधानसभा चुनाव से कांग्रेस यहां मुस्लिम उम्मीदवार ही उतार रही थी। 1980 से भाजपा ने यहां से सिर्फ हिंदू उम्मीदवार को ही टिकट दिया। इस बार समीकरण बदल गए। कांग्रेस ने 46 साल की अपनी परंपरा तोड़ते हुए गैर-मुस्लिम नेता को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद भाजपा ने नागौर के डीडवाना से विधायक यूनुस खान को टोंक से टिकट दे दिया। जबकि टोंक से पिछली बार भाजपा के अजीत सिंह जीते थे। शुरुआती सूचियों में डीडवाना से यूनुस टिकट नहीं मिलने पर खान के समर्थक नाराजगी जताने जयपुर पहुंच गए थे। खान डीडवाना से 2003 और 2013 का चुनाव जीते थे, लेकिन 2008 का चुनाव हार गए थे।

सियासी गुणा-भाग
भाजपा और कांग्रेस ने राज्य की सभी 200 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए। कांग्रेस ने पांच सीटें गठबंधन एनसीपी, लोजपा, रालोद के लिए छोड़ी हैं।

कांग्रेस भाजपा
नए चेहरे 110 82
महिलाएं 27 22
जाट 32 30
राजपूत 13 26
गुर्जर 12 09
एससी 34 34
एसटी 24 28
मुस्लिम 15 01
दोबारा टिकट 85 94

 

उदयपुर विधान सभा सीट के लिए विशेष रिपोर्ट देखिये विडियो

https://www.youtube.com/watch?v=aenFP9vOl34

उदयपुर शहरी विधानसभा में कौन कितना मजबूत क्या है खासियत कोन देगा साथ किसका छुटेगा हाथ जानिये हमारे राजनैतिक विश्लेषक तनवीर सिंह कृष्णावत से।

उदयपुर। मेवाड़ में अगर देखा जाए तो सबसे दिलचस्प मुकाबला उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में होने वाला है जहाँ एक तरफ है भाजपा से है लगातार जीत की हेट्रिक लगाने वाले गुलाबचंद कटारिया तो दूसरी तरफ है लम्बे राजनैतिक करियर की अनुभवी कांग्रेस की प्रत्याशी डॉ गिरजा व्यास .
क्षत्रिय महासभा के महामंत्री तनवीर सिंह कृष्णावत बेबाकी से अपनी निष्पक्ष विश्लेषण कर रहे है देखिये आखरी तक इस विडियो को। आपको पसंद आये तो अपना सुझाव जरूर दीजिएगा और हमारा यू ट्यूब चेनल सबस्क्राइब करना नहीं भूलें क्यूँ कि हम ले कर आयेगें रोज़ अलग-अलग विधानसभा का निष्पक्ष विश्लेषण ..

click and watch video

 

https://youtu.be/aenFP9vOl34

 

अमिताभ को शाहरुख का पिता समझता है नन्हा अबराम, साेचता है वे साथ क्यों नहीं रहते

अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान के पिता हैं। यह बात हम नहीं खुद अमिताभ ने कही है, अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में। दरअसल आराध्या बच्चन की बर्थडे पार्टी में शाहरुख का बेटा अबराम भी आया था। जब वह बिग बी से मिला तो उसके चेहरे के एक्सप्रेशन देखने लायक थे। अमिताभ ने उन्हीं एक्सप्रेशन के साथ फोटो शेयर किया है। ​​
साथ में क्यों नहीं रहते बिग बी : अमिताभ ने पोस्ट में लिखा है – और यह छोटा अबराम है, शाहरुख का छोटा बेटा.. जो सोचता है, विश्वास करता है और किसी भी संदेह से परे आश्वस्त है, कि मैं उसके पिता पिता हूं .. और वह आश्चर्य में है कि क्यों शाहरुख के पिता उनके साथ नहीं रहते।

बर्थडे सेलिब्रेशन में पहुंचे थे किड्स : 16 नवम्बर में आराध्या बच्चन का 7वां बर्थडे था। जिसका सेलिब्रेशन अमिताभ के बंगले प्रतीक्षा में किया गया। इस पार्टी में बॉलीवुड के नन्हें मुन्ने स्टार किड्स भी पहुंचे थे। अबराम के अलावा विआन कुंद्रा, नितारा भी इस पार्टी में नजर आए थे।

बागियों की बगावत पड़ेगी भारी – राजस्थान में 90 और मध्यप्रदेश में 105 की बगावत – भाजपा-कांग्रेस के सामने अपने ही बने बागी

0

राजस्थान, मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे से चुनावी मैदान के बजाय अपने ही घर में लड़ रही हैं। वजह, टिकट न मिलने से नाराज नेता हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरे भी हैं, जो पहले मंत्री या सांसद रह चुके हैं, अब वे दूसरे दलों से या फिर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। बागी नेता पार्टी दफ्तर और अपने इलाकों में प्रदर्शन भी कर रहे हैं। ऐसे में दोनों दलों के बड़े नेता बागियों को मनाने में जुटे हैं।

राजस्थान में भाजपा को करीब 60 सीटों पर और कांग्रेस को 40 सीटों पर बागी नेताओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, मध्यप्रदेश में भाजपा को 60 और कांग्रेस को 40 से 45 सीटों पर बगावत का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा-कांग्रेस को इन राज्यों में इसलिए भी डर सता रहा है, क्योंकि यहां हर चुनाव में 10% से 20% सीटों पर हार-जीत का अंतर काफी नजदीकी रहता है।

राजस्थान: भाजपा के 170 प्रत्याशी घोषित, 41 विधायकों का टिकट कटा

राजस्थान में भाजपा अब तक 200 में से 170 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। इसमें 41 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे गए हैं। इनमें चार मंत्री भी हैं। कांग्रेस ने 184 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। इनमें तीन मौजूदा विधायकों के नाम नहीं हैं।

2013 में अशोक गहलोत के नेतृत्व में जिन 152 नेताओं ने चुनाव लड़ा था, उनमें से 79 को इस बार टिकट नहीं मिला। कांग्रेस ने दो चुनाव हारे चेहरों को भी टिकट नहीं दिया है। यहां पार्टी को 40 से 45 सीटों पर बगावत का सामना करना पड़ रहा है। यहां टिकट न मिलने से नाराज नेता समर्थकों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।

भाजपा के सांसद, विधायकों को कांग्रेस दे रही टिकट

कांग्रेस ने भाजपा के सात बागियों को टिकट दिया है। इनमें दौसा से भाजपा सांसद हरीश मीणा भी शामिल हैं। भाजपा नेता जसवंत सिंह के विधायक बेटे मानवेंद्र सिंह को कांग्रेस ने शनिवार को वसुंधरा राजे के खिलाफ झालरापाटन से टिकट दिया। भाजपा ने पांच बागियों को टिकट दिया है।

भाजपा के बागी: मंत्री बाबूलाल वर्मा, सुरेंद्र गोयल, धनसिंह रावत, राजकुमार रिणवा, विधायक ज्ञानदेव अहूजा, अनीता कटारा, राधेश्याम, दिया कुमारी, विधायक हबीबुर्रहमान आदि। कांग्रेस के बागी: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चंद्रभान, बीडी कल्ला, विधायक घनश्याम, नारायण सिंह, हीरालाल।

मध्यप्रदेश: भाजपा ने 54 विधायकों के टिकट काटे, आधे पार्टी के विरोध में
मध्यप्रदेश में भाजपा के 14 मंत्रियों के सामने अपने ही पार्टी के नेता निर्दलीय या किसी अन्य पार्टी के सहारे मैदान में हैं। इनके अलावा भाजपा के तीन मंत्री और 25 विधायक अन्य पार्टियों या बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। पार्टी ने पांच मंत्रियों समेत 54 मौजूदा विधायकों का टिकट राज्य में काटा है।

भाजपा ने करीब 63 बागियों को पार्टी से भी बाहर भी कर दिया है। भाजपा के बागी 25 से 30 सीटों पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, कांग्रेस को करीब 20 से 25 सीटों पर अपने बागी नेताओं से नुकसान दिख रहा है। राज्य में नाम वापसी की तारीख निकल चुकी है। इसके बावजूद भाजपा-कांग्रेस अपने बागियों को पार्टी में बड़ा ओहदा देकर मनाने की कोशिश में लगे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद वीडियो काॅन्फ्रेंस कर नेताओं को मना रहे हैं। शिवराज सरकार में मंत्री रहे सरताज सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी बेटे को टिकट नहीं से मिलने से बगावत पर उतर आए। उन्होंने अपने बेटे नितिन को सपा से टिकट दिलाया है।

भाजपा के बड़े बागी: पूर्व मंत्री राघवजी, रामकृष्ण कुसमरिया, केएल अग्रवाल, विधायक रेखा यादव, बह्मानंद रत्नाकर, नरेंद्र सिंह कुशवाह, संगीता, नीलम मिश्रा, जीतेंद्र डागा, कमल मर्सकोले। कांग्रेस के बड़े बागी: पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव, राजेश शुक्ला, प्रताप सिंह, साहिब सिंह गुर्जर, प्रदीप जयसवाल, किसान नेता डीपी धाकड़, चिंटू चौकसे, छोटे यादव, बाबूलाल शर्मा।

क्या सलूम्बर में होगा त्रिकोणीय मुकाबला – रघु , अमृत या रेश्मा।

उदयपुर। उदयपुर जिले की सलुम्बर विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है। भाजपा के अमृत मीना कांग्रेस के रघुवीर मीना तो कांग्रेस से बागी हुई रेशमा मीणा ने नामांकन दाखिल कर दिया है। रेशमा मीणा ने अपना नामांकन पहले ही दाखिल कर दिया था शनिवार को भाजपा के अम्रतलाल मीना और कांग्रेस के रघुवीर मीना ने नामांकन पर्चा भरा। नामांकन के दौरान भीड़ को देखते हुए शक्ति परिक्षण की बात की जाए तो उसमे रघुवीर मीणा के नंबर बढ़ते हुए दिखाई देते है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने दावा किया की सलुम्बर प्रत्याशियों ने हज़ारों की भीड़ के साथ अपना नामांकन दाखिल किया है।
शनिवार को दोपहर बाद कांग्रेस के प्रत्याषी रघुवीर सिंह मीणा ने हजारों समर्थकों के साथ अपना नामांकन भरा वैसे भीड़ देखकर तो लग रहा था कि रेष्मा मीणा और अमृतलाल मीणा से ज्यादा संख्या रघुवीर मीणा के रैली में थे। नामांकन के बाद आयोजित सभा में श्री मीणा ने समर्थकों और प्रत्यक्षदर्षियों को कहा कि इस बार पंजे के निशान को चुन कर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है। 5 सालों से जो राज चल रहा है उससे तोल – मोल करने की आवश्कता है और जनता ने पिछला कॉग्रेस का राज भी देखा है। हमारा मतदाता भोला है जिसको हमको बताना होगा कि, राज्य एवं केंद्र की सरकार ने लोगों को ठगा है और अबकी बार ठगी सरकार को जमीन से उखाड़ फैकना है। इस दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए मीणा ने कहा कि मैं भाजपा की तरह झूठे वादे नही करता हूं। अगर सलूम्बर जिले की कही बात होती है तो में पूरे जोर शोर से इए मुद्दे को उठाऊँगा और सलूम्बर क्षेत्र को हर ऊँचाई पर पंहुचाने का कार्य करूंगा। इस मौके पर नगर मण्डल अध्य्क्ष लक्ष्मीकांत शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह धारोद, पूर्व विधायक बसन्ती देवी मीणा, हीरालाल तोरवत सहित कार्यकर्ताओ ने संबोधित किया।

भाजपा के अमृत मीणा ने भी भरा नामांकन :

जिले की सलूम्बर विधानसभा सीट पर पूर्व विधायक और भाजपा प्रत्याशी अमृत लाल मीणा ने अपने हजारों समर्थकों के साथ शनिवार को अभिजीत मुहूर्त में नामांकन दाखिल किया।
नामांकन दाखिल को लेकर सुबह से ही नगर के चारभूजा ट्रस्ट भूमि के मैदान पर कार्यकर्ता एकत्रित हुए और रैली के रूप में उपखण्ड कार्यालय पहुँचे, जहां अमृतलाल मीणा ने अपना नामांकन दाखिल किया। बाद में अमृत लाल मीणा अपने 2000 समर्थकों के साथ नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए रैली के रूप में सभास्थल पंहुचे, जहां उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा ने कार्यकर्ताआंे को संबोधित करते हुए कहा कि सभी एकजुट होकर भाजपा का जिताने का प्रयास करें, सलूम्बर विधानसभा के 46 वर्षों का इतिहास दोहराते हुए कहा कि सलूम्बर जीता तो प्रदेश जीता, इसीलिए जब सलूम्बर से अमृत मीणा विजय होंगे तभी राजस्थान में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी। वहीं भाजपा प्रत्याषी अमृतलाल मीणा ने राजस्थान सरकार द्वारा पूर्व में किए गए कार्याें को गिनाया और कार्यकर्ताओं से कहा कि आपसी मन मुटाव भुलाकर भाजपा को जीताने का प्रयास करें।