महाराणा मेवाड फाउण्डेशन 32वाँ वार्षिक सम्मान समर्पण समारोह-2013
उदयपुर, महाराणा मेवाड चैरिटेबल फाउण्डेशन, उदयपुर के इस वर्ष होने वाले ३२वें वार्षिक अलंकरण सम्मान समर्पण समारोह 2013 के अवसर पर केन्द्रीय मंत्री एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्लाह्, जापान मूल की मिन्जा यांग, समाचार चैनल टाईम्स नाऊ के अरनाब गोस्वामी, भारतीय नौसेना के शौर्य चक्र से सम्मानित कैप्टन उदय कुमार सौंधी, मिसाइल वुमेन के नाम से ख्यातिप्राप्त अग्निपुत्री डॉ. टेसी थॉमस, पशुप्रेमी डॉ. विद्या आत्रेय को अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के महाराणा मेवाड फाउण्डेशन के अलंकरणों से सम्मानित किया जाएगा।
फाउण्डेशन के वर्ष 2013 के अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय अलंकरणों की गुरूवार को घोषणा करते हुए ३२वें वार्षिक अलंकरण सम्मान समर्पण समारोह के संयोजक डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि अलंकरण समारोह आगामी 3 मार्च, 2013, रविवार सायं 4 बजे सिटी पैलेस उदयपुर के माणक चौक प्रांगण में आयोजित होगा। जिसमें ये अलंकरण फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी अरविंद सिंह मेवाड प्रदान करेंगे। समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रकवि बालकवि बैरागी करेंगे।
PROF MINJA YANG
अलंकरण समारोह के संयोजक डॉ. गुप्ता ने बताया कि भारत के प्रति सार्वभौम संपादित स्थायी मूल्यों की सेवाओं के उपलक्ष में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष दिया जाने वाला कर्नल जेम्स टॉड अलंकरण मिंजा यांग को भारत में स्थित पुरा संपदाओं के संरक्षण एवं उन्हें विश्व मानचित्र पर अपनी विशेषताओं के साथ उभारने के लिए जाना जाता है। यांग के प्रयासों के फलस्वरूप ही उदयपुर के पुरा वैभव संपदा को पर्यटन मानचित्र पर एक विशेष पहचान मिली तथा इन जीवन्त पुरा वैभव (लिविंग हेरिटेज) के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए आपने बतौर यूनेस्को इंडिया के निदेशक पद पर रहते हुए इंडियन हेरिटेज सिटीज नेटवर्क फाउण्डेशन की स्थापना कर भारत की पुरा वैभव संपदा को संरक्षित एवं संपोशणियता के लिए जागरूकता लाने की एक नई पहल की। इस अलंकरण के तहत १११००१ रूपए की राशि, रजत तोरण, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि टाईम्स नाऊ के मुख्य संपादक एवं प्रख्यात पत्रकार अरनाब गोस्वामी को अपनी तेजतर्रार वाक शैली के लिए जाना जाता है। अपने कार्यक्रम न्यूजऑवर में देश के ज्वलंत मुद्दों पर राजनीतिज्ञों एवं विशेषज्ञों को अपने बेबाक प्रश्नों के जरिए वास्तविकता के धरातल पर लाने वाले अरनाब को राष्ट्रीय स्तर का हल्दीघाटी अलंकरण प्रदान किया जाएगा।
संयोजक डॉ. गुप्ता ने बताया कि साम्प्रदायिक सद्भाव, देश प्रेम एवं राष्ट्रीय एकता और अखण्डता के क्षेत्र में स्थायी सेवाओं के लिए दिया जाने वाला राष्ट्रीय स्तर का हकीम खां सूर अलंकरण इस बार केन्द्रीय मंत्री एवं जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री पद रहे डॉ. फारूक अब्दुल्लाह् को सामाजिक सौहार्द के लिए किए गए प्रयासों के लिए प्रदान किया जा रहा है।
संयोजक डॉ. गुप्ता के अनुसार पर्यावरण संरक्षण-संवद्र्घन के क्षेत्र में की गई स्थायी मूल्य की सेवाओं के लिए महाराणा उदयसिंह अलंकरण इस वर्ष देश की जानी-
CAPTAIN (IN) UDAY K SONDHI, SC
मानी पहली मिसाइल वुमेन डॉ. टेसी थॉमस एवं पुणे की पशु प्रेमी डॉ. विद्या आत्रेय को प्रदान किया जा रहा है। डॉ. टेसी ने मिसाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपनी कर्म क्षमता के बल पर देश की महिला शक्ति को नया मार्ग प्रदान किया है। इसके साथ ही पुणे की वन्यजीव प्रेमी डॉ. विद्या को भारत के महाराष्ट्र एवं हिमाचल प्रदेश में तेंदुआ एवं वन्यजीवों के विचरण क्षेत्र में बसे लोगों में तेंदुओं की प्रकृति एवं व्यवहारों आदि की बारीकि से जानकारी देकर उनके संरक्षण के प्रति विभिन्न योजनाओं पर कार्य करने के लिए प्रदान किया जा रहा है।
अपने निर्धारित दायित्व की सीमा से ऊपर उठकर किए गए कार्य के लिए दिया जाने वाला राष्ट्रीय स्तर का पन्नाधाय अलंकरण भारतीय नौसेना के शौर्य चक्र से सम्मानित कैप्टन उदय सौंधी को प्रदान किया जा रहा है। सौंधी सेना के एक प्रशिक्षण विमान को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया के दौरान उसमें आई तकनीकी खराबी के चलते आबादी क्षेत्र की ओर जा रहे विमान को अपनी जान की परवाह किए बगैर विमान को उस क्षेत्र से दूर ले जाने में सफल हुए। इस दुर्घटना में अपना दांया पैर गंवाने के बावजूद अपनी दृढ इच्छाशक्ति के बूते कृत्रिम पांव के साथ सेना में वापसी कर उसी हौसले के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है। वर्ष १९९७ में स्थापित इस अलंकरण से अब तक प्रो. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, किरण बेदी एवं श्रीमती अरूणा रॉय, करमबीर सिंह कांग, आमटे दंपत्ति सहित १५ विभूतियों सम्मानित हो चुकी है।
राष्ट्रीय स्तर पर दिए जाने वाले उक्त चारों अलंकरणों के तहत प्रत्येक विभूति को ५१००१ रूपए नकद, रजत तोरण, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किए जाएंगे।
उदयपुर, पूरे देश में आज जहां वेलेंटाईन डे मनाया जा रहा था, वहीं उदयपुर में विनोबा संदेश सेवा संस्थान के बैनर तले जनजाति क्षेत्र की आदिवासी बालाओं ने महिलाओं के साथ सामूहिक रैप करने के बाद अमानवीय तरीके से उनकी हत्या करने वाले दुष्कर्मियों के विरूद्घ सख्त कार्यवाही करने और उन्हें शेर के पिंजरे में बंद करने की मांग को लेकर पारस चौराहा से उदियापोल, सूरजपोल, बापू बाजार, देहलीगेट होते हुए कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के पश्चात प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया।
धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के लिए संस्थान के संस्थापक संचालक मनोहरलाल सरूपरिया ने समाज में जागरूकता लाने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री से मांग की कि ऐसे घृणित दुष्कर्मियों को यदि फांसी नहीं दी जाती है तो उन्हें जंगली जानवरों के पिंजरों में बंद कर दिया जाए ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके। समाजसेवी गोपाल वैष्णव ने महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और दुष्कर्म में पीडितों को पर्याप्त सुरक्षा देने की मांग की। इस अवसर पर झाडोल पंचायत समिति क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण गमार और उनके साथी भी उपस्थित थे।
उदयपुर, आकाशवाणी की ओर से प्रसारण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए नाथद्वारा में लघु पॉवर टी.वी. केन्द्र से 100 वाल्ट रेडियो स्टेशन की शुरुआत गुरुवार को हुई।
आकाशवाणी के उदयपुर केन्द्र के महानिदेशक माणिक आर्य ने बताया कि रेडियो प्रसारण के क्षेत्र में उदयपुर संभाग की यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है इससे नाथद्वारा एवं राजसमन्द के क्षेत्र के श्रोताओं को विविध भारती के प्रसारणों का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि 100.1 मेगा हर्ट्ज पर सुबह 6 से रात्रि 11 बजे तक विविध भारती मुम्बई के प्रसारण सुने जा सकेंगे। निदेशक (अभियांत्रिकी) सतीश देपाल ने बताया कि नई विधा एवं तकनीकी आधारित एफ.एम. प्रसारणों में यह अभिनव कदम है। देश के उत्तरी क्षेत्र के 16 स्थानों पर ऐसे ट्रांसमीटर स्थापित किए जा रहे हैं जिनमें राजस्थान के अनुपगढ झुंझुनू एवं नाथद्वारा शहर शामिल हैं।
पं. रतनमोहन शर्मा (शास्त्रीय गायन) और अनूप जलोटा (भजन) प्रस्तुत करेंगे
उदयपुर, आइडिया जलसा-म्यूजिक फॉर सोल, जो कि भारतीय संगीत की सबसे बडा कॉन्सर्ट टूर है, का आयोजन 15 फरवरी को शाम 7 बजे से शिल्पग्राम में किया जायेगा। इस कॉन्सर्ट टूर में 12 शहरों के 100 से अधिक कलाकार और 50 से अधिक विधाओं के संगीत को शामिल किया गया है। इस संगीत समारोह में आयोजन स्थल पर लगभग 30 हजार दर्शकों की उपस्थिति में मेवाटी घराना के पंडित रतन मोहन शर्मा और भजन सम्राट अनूप जलोटा भजन और भक्तिगीत प्रस्तुत करेंगे। आयोजन में प्रवेश नि:शुल्क है।
यह जानकारी गुरूवार को दरबार हॉल में आयोजित प्रेसवार्ता में आर्ट एंड आर्टीस्ट्स की संस्थापक एवं निदेशक तथा आइडिया जलसा कार्यक्रम की परिकल्पना तैयार करने वाली व निर्माता दुर्गा जसराज ने दी। प्रेसवार्ता को पंडित रतनमोहन शर्मा, आइडिया सेलुलर के सर्कल हेड-राजस्थान पुनीत कृष्णन तथा सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर पी.पी. बासू ने भी संबोधित किया।
पुनीत कृष्णन सर्कल हेड-राजस्थान, आइडिया सेलुलर ने कहा कि आइडिया ने हमेशा ही संगीत और मनोरंजन के अन्य साधनों के साथ अपने श्रोताओं का मनोरंजन और उन्हें मंत्रमुग्ध करने का प्रयास किया है।
दुर्गा जसराज ने बताया कि हमारा उद्देश्य दर्शकों के लिए एक मंच उपलब्ध कराकर विभिन्न शहरों में भारतीय संगीत का प्रदर्शन करना है, ताकि वे संपन्न विरासत और बेमिसाल प्रतिभा वाले भारतीय संगीत की निधि की खोज कर सकें। समसामयिक और प्रासंगिक तरीके से अपनी खुद की परंपराओं को पेश करना और युवाओं को उनकी संस्कृति एवं संगीत से जोडना सबसे बडी चुनौती है।
उदयपुर, धानमण्डी थाना पुलिस ने सर्राफा व्यवसायी के खिलाफ जेवरात बनाने के लिए दिया गया सोना हडपने का मामला दर्ज किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार खांजीपीर बीडा निवासी इस्माईल पुत्र हैसैन खां ने छबीला भैरू मार्ग सिंधी बाजार स्थित मधुरम ज्वलर्स के प्रोपराईटर रमेश सोनी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। कि 21 जुलाई 11 को आरोपी को जेवर बनाने के लिए 41.358 ग्राम पुराना सोना एवं ५० हजार रूपये दिये थे।इस पर आरोपी ने सोने की चूडियॉ, चेन, बनाने का आश्वासन दिया। 7 नवंबर को दुकान आरोपी से दुकान पर संपर्क किया तो जल्द ही देने को कहा। लेकिन अब तक आरोपी ने न जेवर बनाये न सोना वापस लोटाया। पुलिस ने प्रकरणदर्ज कर जांच शुरू की।
कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है… यह लाइन कवि कुमार विश्वास की हैं जो कि पूर्णत: सच्चाई को बयां करती हैं। वाकई में दो प्यार करने वाले लोग ही दूरियां, तड़प और बेचैनी को समझ सकते हैं। अगर दिल में मोहब्बत हो तो साथी की बुरी बात भी अच्छी लगती है। आज का दिन यानी 14 फरवरी को हम संत वैलेंनटाइन के नाम पर मनाते हैं। वो वैलेंनटाइन जिन्होंने प्यार करने वालों को एक करने के लिए अपनी जान दे दी। प्यार एक खूबसूरत एहसास है, बेहतर यही है कि इसे सिर्फ आप रूह से महसूस करें, तभी आप प्यार का आनंद ले पायेंगे। लेकिन आज की दौड़ती-भागती जिंदगी में आदमी के पास समय छोड़कर बाकी सब कुछ हैं। यूं तो प्यार करने और जताने के लिए किसी खास दिन की जरूरत नहीं लेकिन भागती हुई जिंदगी के लिए ही आज का दिन मोहब्बत के नाम कर दिया गया। अक्सर पति-पत्नी को कहते हुए सुना जाता है कि शादी के पहले तो तुम्हारे लिए हम ही खास थे लेकिन शादी के बाद हमें छोड़कर बाकी सब खास हो गये हैं। इसलिए वेलेंटाइन डे हो या फिर कुछ और हमें फर्क नहीं पडता है। प्यार-व्यार सब बकवास है। तो दोस्तो जरा सोचिए कि ऐसा क्यों होता है? वो प्यार कहां खो गया, क्या जिम्मेदारियों के बोझ के आगे मुहब्बत कुर्बान हो गयी। आखिर आप जिनके लिए रात-दिन पैसे कमा रहे हैं, व्यस्त हैं वो आपका प्यार ही तो है। माना की प्यार को किसी परिचय और प्रमाण की जरूरत नहीं लेकिन कभी-कभी इसे जताना पड़ता है ताकि अगले को भी एहसास हो कि आप आज भी उन्हीं के हैं। आज के दिन आप अपने मीठे पलों को याद कीजिये। वैलेंटाइन डे पर राशि के अनुसार दें गिफ्ट जरा सोचिए अगर आपकी मुहब्बत आपके पास नहीं हैं फिर भी आप उसी के बारे में सोचते हैं, मोबाइल पर ना चाहते हुए भी आप उसी का नंबर डायल कर देते हैं, बिजी होने के बावजूद जिस टाइम वो घर आती है या आता है तो खुद ब खुद घड़ी की सुईयों पर आपकी नजर चली जाती है। तो अगर यह सब वाकई में आपके साथ हो रहा है तो समझिये आपका एहसास कहीं खत्म नहीं हुआ है वो तो आपके जहन में आज भी जवां है। जिसे आप आज के दिन फिर से अपने प्यार के आगे प्रकट कर सकते हैं। यकीन मानिये आपको दोबारा से ‘आईलवयू’ कहने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आपका आज का दिन आपकी जिंदगी का बेस्ट दिन बन जायेगा। हैप्पी वेलेंटाइन डे…
वैलेंटाइंस डे आने वाला है! आपने भी ढेर सारी तैयारियां की होंगी। उससे पहले हम कई अलग-अलग दिन मनाते हैं, जिनमें रोज़ डे कल निकल गया और आज है प्रोपोज़ डे। बेशक आपको भी कोई लड़की जरूर पसंद होगी और आज चाहेंगे कि वो आपके प्रोपोज़ल को स्वीकार करे और आपकी अच्छी दोस्त बने। क्या आप उसके नेचर से पूरी तरह वाकिफ हैं? अगर नहीं। तो हम आपकी मदद कर सकते हैं। हमारे ज्योतिष- लखनऊ से आचार्य रामजी मिश्र बता रहे हैं कि किस राशि की लड़की रिलेशनशिप में कैसा व्यवहार करती है। तो देर किस बात की है। यदि आप लड़की की राशि जानते हैं, तो नीचे आप उसके व्यवहार, व्यक्तित्व और वो रिलेशनशिप में कैसा व्यवहार करती है, जान सकते हैं। यह लेख जन्म तिथि पर आधारित राशि के अनुसार तैयार किया गया है। यानी यह सनशइन पर आधारित है। देखें- वैलेंटाइन डे स्पेशल पेज यह लेख सिर्फ प्रोपोज़ करने जा रहे लोगों के लिये नहीं है, बल्कि यदि आप शादी करने जा रहे हैं या अभी-अभी शादी हुई है और आप अपनी पत्नी को अच्छी तरह सझना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिये कारगर साबित हो सकता है। तो चलिये ड्रैग करते जाइये और जानिये किस लड़की कही राशि प्यार में कैसा व्यवहार करती है-
आज हम आपको उस जगह पर ले चलते हैं जहाँ अब तक किसी भी महिला की कल्पना नहीं गयी है आज हम बात करेंगे मेष राशि की उन महिलाओं की जो अभी ताज़ा तरीन प्यार की गिरफ्त में आयीं हैं, मेष राशि वाली महिलाओं को हमेशा सच्चे प्यार की तलाश रहती है। जो उन्हें बड़ी मुश्किलों के बाद मिलता है लेकिन जब ये इन्हें प्राप्त होता है तो ये प्यार इन्हें मंत्रमुग्ध कर देता है दूसरे लहजे में कहा जाये तो वो केवल आकर्षण ही है जो इन्हें इस तरह मंत्रमुग्ध करता है। जब आप एक मेष महिला से मिलते हैं, पहली बात जो आप को प्रभावित करती है वो है उस की प्रबलता और साज़िश की भावना। ऐसी महिलाएं चाहतीहैं कि उन्हें ऐसा प्रेमी मिले जो उसे विश्वास दिलाये की वो उस की ज़िन्दगी में सबसे पहले और महत्वपूर्ण है।
इस मसाजर को मंवाइये देखिये नाजुक हाथों सा रिलेक्स मिलेगा बोडी को
प्यार में वृषभ की महिलाएं
वृषभ राशि के लोगों का प्यार निर्मल कोमल और मधुर होता है इनके प्यार में जहाँ एक तरफ मिठास होती है वहीँ इनका प्यार दूसरों को अपनी और खींचता है या हम ये भी कह सकते हैं की इनका प्यार दूसरे के लिए बिलकुल चुम्बक की तरह काम करता है। वृषभ राशि की महिलाएं जिस किसी से भी प्रेम करती हैं उनसे बिलकुल सच्ची निष्ठां से प्रेम करती है और चाहती है की वो भी उनको ठीक उसी प्रकार समझे। ऐसी औरतों का मन बड़ा ही शांत और स्थिर होता है। इनके अन्दर दिखावा बिलकुल नहीं होता लेकिन जब इन्हें गुस्सा आता है तो इन्हें संभालना बड़ा मुश्किल होता है । ऐसी महिलाएं किसी एक व्यक्ति की होकर रहती हैं । ऐसी महिलाएं भरोसे के लायक होती हैं। ऐसी महिलाएं जब भी सम्बन्ध बनाएं कुछ विशेष बातों का ख़याल रखें फायदे में रहेंगी
प्यार में मिथुन की महिलाएं
एक मिथुन औरत बहुत रोमांटिक है और अगर वहाँ कोई भी संदेह है, तो वो उसे ढूँढती रहेगी। ऐसी महिलाएं बहुत ही चंचल होती हैं, जो प्यार में गिरती संभाली रहती हैऔरहमेशाही पूर्णता की तलाश मेंरहतीहैं। हालांकि, इसका मतलब ये नहीं की वो एक बेवफ़ा सुंदरी है- ज्यादातर लोग मिथुन महिलाओ की उम्मीदोंपरखरेनहींउतर पाते हैं। उसे बातचीत, मज़ा, और मानसिक उत्तेजना की जरूरत है। मिथुन महिलाओं को बहुत मुश्किल से ही पूरी तरह से प्यार मिलपाता है। इन महिलाओं के सपने भी बहुत ही चंचल होते हैं।इनका मानना होता है कि पूरा प्यार काल्पनिक है, इसलिए ये प्यार को केवल खेल समझती हैं। ऐसी महिलाएं अपने व्यक्तित्व के सारे पहलु अपने प्रेमी के सामने खोल कर रख देती हैं । ऐसी महिलाओं में ईर्ष्या का भाव दूसरे लोगों के अनुपात में ज्यादा होता है।
प्यार में कर्क की महिलाएं
धीरे, धीरे, जैसा कि इटालियंस कहते हैं। किसी भी कर्क महिला के लिए, रोमांस प्यार का एक अंग है – उपहार, फूल, और प्रेम पत्र उस पारंपरिक लुभाने और जीतने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक हैं। कर्क महिला प्यार करने के मामले में धीमी है और उसे इसमें कोई भी जल्दी नहीं है। एक बार वहाँ, लेकिन, वह एक समर्पित और सुरक्षात्मक प्रेमी है। उसे अनजाने में ठेस लग सकती है, इसलिए उसके साथी को विनम्र और संवेदनशील होना चाहिए। एक कर्क को दूसरे पर विश्वास करने के लिए समय लगता है, और के कड़ा शर्मीला और सुरक्षित स्वभाव का माना जाता है जब यहबातदिलकेमामले मेंआतीहै।
प्यार में सिंह की महिलाएं
सिंह महिलाओं के लिए इसके बारे में कोई दो तरीके नहीं हैं – यह एक सभी या कुछ भी नहीं सौदा है। इस तीव्रता और जुनून, जो उसके जीवन के हर पहलू में प्रकट होता है, उसने प्यार जीवन में अपना सबसे बड़ा ध्यान केंद्रित किया है। जो भी कुछ किताबों और फिल्मों में दर्शाते है प्यार के लिए, सिंह औरत के साथ उसे पाने कि उच्चतम संभावना है। इसका मतलब चरमसीमा की ऊचाई और अथाह गहरा के एक रोलर कोस्टर की सवारी है। इसका मतलब बड़ा प्यार, जैसे कि चट्टानों की नींव और टूटते सितारे। वो अपने प्यार को अपने ब्रह्मांड के केंद्र में में रखेगी, लेकिन वह यह भी मांग करेंगे कि इसे अदला बदली करो, और वो इस से कम में समझौता नहीं करेगी। सिंह प्यार में आसानी से गिर जाते हैं, और जब वह गिरती है, वो पूरी तरह से गिरती है। यह कहना कि वह आसान है या कि वह अभी किसी के लिए आदी हो जाएगा नहीं है, लेकिन जब सही प्रेमी उसकि कल्पना को प्रभावित करता है, यह उसके लिए प्यार भावनाओं को प्रस्तुत करने के लिए आसान है। एक क्षेत्रीय प्रेमी, सिंह महिलाएं स्वत्वबोधक हो सकती हैं, तो बिल्ली का पंजे सावधान रहना।
प्यार में कन्या राशि की महिलाएं
जब यह दिल के मामलों के लिए आता है, एक कन्या औरत के पास आंतरिक शक्ति है और दृढ़ संकल्प है जब वह प्यार में है। मेडेन शुद्ध है और सच्ची है और आसानी से विचलित होने वाली नहीं है। वो सच्चे प्यार, व्यावहारिक प्यार में विश्वास रखती है- ना कि परियों की कहानियों जिस में हमेशा ही खुशियाँ है, लेकिन भागीदारों और बराबर के बीच का प्यार। वह अत्यंत भावुक और तीव्र है, और उसके रिश्ते से पूर्णता की मांग है- नहीं हमेशा एक प्राप्त उपहार दे रहा है, लेकिन वह अक्सर वहाँ हो रही पर सबसे अधिक काम कर रही है। वह स्थिति का विश्लेषण करती है, खामियों के लिए खोज, कमजोरियों को मजबूत बनाने, और भावनाओं की खोज। वह केवल एक समय में एक व्यक्ति के साथ प्यार करती है, और अपने दिल को अपनी बांह पर नहीं पहनती, प्यार में गहराई से डूबनेवाला के बाद ही उसने अपना महत्वपूर्ण मन उसमे लागू किया है।
प्यार में तुला राशि की महिलाएं
तुला वीनस द्वारा शासित संकेत है, और तुला महिलाओं तालमेल भागीदारी चाहते हैं। प्यार में,तुला संतुलन देखती है, सही प्रेमी जो उसके कागज दिल और ताजा फूलों के साथ स्नान करना चाहते हैं। वह प्यार किया जा रहा में आनंद लेता है, और पूरी तरह से उसेके लिए समर्पित है जिसे उसने चुना है। हालांकि Libras शांत, स्थिर और एकत्र लग सकता है, और जब वे आराम करते है तब वे काफी चंचल और रोमांटिक हो सकते हैं। जब तुला महिलाएं प्यार में होती है तब वे खेलती नहीं हैं। वे राजनीति निष्पक्ष और कभी कभी दर्द ईमानदार होती हैं। कृपया यहाँ दिमाग का खेल नहीं, यह उचित नहीं है।
प्यार में वृश्चिक राशि की महिलाएं
नर्क एक अपमानित वृश्चिक की तरहकामकरताहै ।ऐसेलोगोंकेलिए अच्छी खबर यह है कि वह अक्सर अपमानित नहीं होते है। प्यार में, किसी और की तरह वृश्चिक महिलाएं भी बखूबी खेलती है और वे अविश्वसनीय रूप से बूट करने के लिए सेक्सी हैं। तीव्रता से भावुक और भावनात्मक हैरत की बात है, यह जल हस्ताक्षर अपने प्रेमी के लिए एक पहेली हो सकती है। उनकी वास्तविक भावनाओं और इरादों कभी कभी संदिग्ध हैं, गहरे छिपे, और अस्पष्ट है। प्यार में एक वृश्चिक आकर्षक और रहस्यमय है, उसे तूफानी जुनून कि हलचल के बल के साथ जीत।
प्यार में धनु राशि की महिलाएं
प्यार हमारे आर्चर महिला के लिए अनन्त रहस्यों में से एक है। यह इसलिए भी है, एक और एक ही समय में दोनों उसे सबसे इंतज़ार पुरस्कार और सबसे छिपा खजाना के लिए। उसे एक ऐसा साथी चाहिए जो मानसिक और शारीरिक रूप से बराबर हो, कोई ऐसा जो उसे जीवन का रहस्य समझा सके और उसे प्यार कर सके। उसे अक्सर अंतरंगता की आशंका है, और उसके लिए, प्यार अक्सर दोस्ती से विकसित होता है। प्यार में एक धनु महिला ईमानदार और विश्वसनीय है। वह नियमों से खेलती है और तब भी जब पूरी तरह से पीटा गया, आकर्षक स्वतंत्रता बरक़रार रखने में सक्षम, जो केवल उसके आकर्षण में वृद्धि करने के लिए कार्य करता है।
मकर राशि की महिलाएं न तो पहली नजर में प्यार में पड़ जाती हैं, और न ही नासमझ इश्कबाज़ी पर समय बर्बाद करती हैं। प्रेम गंभीर बात है और उसे नष्ठ नहीं किया जाना चाहिए। वह प्यार में विश्वास करती है, लेकिन उसका भाग्य के साथ कोई लेन देन नहीं होगा। हमेशा अपनी क्षमताओं का पूरा भरोसा है, वह अपने हाथों में दिल के मामलों को लेती है, हालांकि यह थोड़ी देर हो इससे पहले कि वह उसकी चाल बनाती है। चौकस और भेदभाव, वो अपने साथी को समझने क लिए कुछ समय बिताती है, और अपने आप को प्यार करने की अनुमति तभी देगी जब सभी परिणामो पर विचार कर लिया हो।
प्यार में कुंभ राशि की महिलाएं
सब कुछ कुंभ महिला के लिए एक खेल है, और कुछ प्यार के खेल से भी बड़ा दांव नहीं है। कुम्भ राशि की महिलाएं बड़े ही मज़बूत विश्वास का परिचय देती हैं। प्यार एक कुंभ महिला के लिए मजेदार है, और वह उसके प्रेमी के लिए कई भूमिकाओं के भाग लेती हैं, सिर्फ बातें दिलचस्प रखने के लिए। इस प्रकाश दिल दृष्टिकोण का मतलब यह नहीं है एक कुंभ औरत प्यार में आसानी से हो जाती है। इसके विपरीत, यह कुछ समय के लिए उसे और भावनात्मक रूप से जोड़ने के लिए किसी और पर भरोसा करने में सक्षम होने के लिए लेती है।
प्यार में मीन राशि की महिलाएं
मीन राशि वाली महिलाएं जो प्यार के आगोश में है वो इस समय एक अलग ही खुमार में हैं। मजे की बात ये है की ऐसी महिलाओं को सपने भी कुछ ऐसे ही आते हैं इन्हें सपने में भी प्यार दिखता है । इनके सपने में भी प्यार का ही खुमार होता है ।इनकी कल्पना और इनका अस्तित्व बस प्यार के ही खुमार में गोते लगाता है। ऐसा माना जाता है की मीन राशि वाली महिलाओं का प्यार समय के साथ साथ कम होता है या यूँ भी कहा जा सकता है की ऐसी महिलाओं के प्यार पर समय का बड़ा गहरा प्रभाव होता है । अगर जानकारों की मानी जाए तो मीन राशि वाली महिलाएं जिसे भी अपने जीवन के लिए चुनती है उसका बखूबी अध्यन्न करती है बड़ा जांचती परखती हैं । इनके बारे में ये भी कहा जाता है की ये प्यार में रहना पसंद करती हैं। हमेशा प्यार में रहना इनके लिए किसी हसीं सपने से कम नहीं होता ऐसी महिलाएं हमेशा बस प्यार के आगोश में रहना चाहती हैं।
उदयपुर . भारत-पाकिस्तान की सीमा के साथ लगते गांव राजस्थान के बिंजौर (अनूपगढ़) में लैला-मजनूं की मजार पर देश भर से आए प्रेमी-प्रेमिकाओं का हुजूम एकत्र होकर उनकी मजार पर माथा टेकते हैं। ऐसा माना जाता है कि लैला व मजनूं ने इसी गांव में अपनी जान दी थी। इस मजार पर पूजा करने के लिए दूर- दूर से नव विवाहित जोड़े आते हैं और साथ में प्रेमी-प्रेमिकाओं का हुजूम भी उमड़ता है।
मजनूँ के काल्पनिक होने के संबंध में कई कथन वर्णित हैं। लेकिन सदियों से लैला-मजनूँ की प्रेम कहानी दुनिया भर के प्रेमियों के लिए मिसाल बनी हुई हैं। प्रेमी युगल आज भी लैला मजनूं की मजार पर सजदा करते हैं। प्रेमी जोड़ों को विश्वास है कि सैंकड़ों वर्ष पुरानी इस मजार पर मत्था टेकने से उनकी सभी मनोकामनाएँ पूरी होंगी।
अरब के प्रेमी युगल लैला-मजनूं सदियों से प्रेमियों के आदर्श रहे हैं। कैस-लुबना, मारवा-अल मजनूं अल फरांसी, अंतरा-अबला, कुथैर-अजा, लैला-मजनूं सरीखी प्रेम कहानियां इसकी मिसाल हैं। और रहें भी क्यों नहीं, इन्होंने अपने अमर प्रेम से दुनिया को दिखा दिया है कि मोहब्बत इस जमीन पर तो क्या जन्नत में भी जिंदा रहती है। इनमें लैला-मजनूं की प्रेम कहानी जगजाहिर है।
अरबपति शाह अमारी के बेटे कैस की किस्मत में यह प्रेम रोग हाथ की लकीरों में ही लिखा था। उसे देखते ही भविष्य वक्ताओं ने कहा कि कैस प्रेम दीवाना होकर दर-दर भटकता फिरेगा।उनकी भविष्यवाणी को झुठलाने के लिए शाह अमारी ने खूब मन्नतें कीं ताकि उनका बेटा इस प्रेम रोग से महरूम रहे, लेकिन कुदरत अपना खेल दिखाती ही है।दमिश्क के मदरसे में जब उसने नाज्द के शाह की बेटी लैला को देखा तो पहली नजऱ में उसका आशिक हो गया | मौलवी ने उसे समझाया कि वह प्रेम की बातें भूल जाए और पढ़ाई में अपना ध्यान लगाए। लेकिन प्रेम दीवाने ऐसी बातें कहां सुनते हैं। कैस की मोहब्बत का असर लैला पर भी हुआ। नतीजा यह हुआ कि लैला को घर में कैद कर दिया गया और लैला की जुदाई में कैस दीवानों की तरह मारा-मारा फि रने लगा।
कुछ कथाओं में यह कहा गया है कि मजनूं को जब यह पता चला तो वह पागल हो गया और इसी पागलपन में उन्होंने कई कविताएं रचीं। उसकी दीवानगी देखकर लोगों ने उसे ‘मजनूं’ का नाम दिया। आज भी लोग उसे ‘मजनूं के नाम से जानते हैं और मजनूं मोहब्बत का पर्याय बन गया है। लैला-मजनूं को अलग करने की लाख कोशिशें की गई। लेकिन सब बेकार साबित हुईं। लैला की तो बख्त नामक व्यक्ति से शादी भी कर दी गई। लेकिन उसने अपने शौहर को बता दिया कि वह सिर्फ मजनूं की है। मजनूं के अलावा उसे और कोई नहीं छू सकता। बख्त ने उसे तलाक दे दिया और मजनूं के प्यार में पागल लैला जंगलों में ‘मजनूं-मजनूं’ पुकारने लगी। जब मजनूं उसे मिला तो दोनों प्रेम पाश में बंध गए। लैला की मां ने उसे अलग किया और घर ले गई। मजनूं के गम में लैला ने दम तोड़ दिया। लैला की मौत की खबर सुनकर मजनूं भी चल बसा।
उनकी मौत के बाद दुनिया ने जाना कि दोनों की मोहब्बत कितनी अजीज थी। दोनों को साथ-साथ दफ नाया गया ताकि इस दुनिया में न मिलने वाले लैला-मजनूं जन्नत में जाकर मिल जाएं। लैला-मजनूं की कब्र आज भी दुनिया भर के प्रेमियों की इबादतगाह है।
समय की गति ने उनकी कब्र को नष्ट कर दिया है, लेकिन लैला-मजनूँ की मोहब्बत जिंदा है और जब तक दुनिया है जिंदा रहेगी।
लैला मजनूं की प्रेम कहानी पर हिंदी में पहली फि ल्म इसी नाम से 1953 में ऑल इंडिया पिक्चर्स के बैनर तले बनी थी जिसके निर्देशक थे – अमरनाथ।
उस फिल्म में बेगम पारा, नूतन, रतन कुमार, शम्मी कपूर आदि कलाकारों ने काम किया था।
उसके बाद हरनाम सिंह रवैल ने ऋषि कपूर और रंजीता को लेकर ‘लैला मजनूं’ फिल्म बनाई थी जो 1976 में रिलीज हुई। उसमें गीत साहिर लुधियानवी ने लिखे थे और संगीत मदन मोहन का था।
फिल्म बनाने के दौरान ही 1975 में मदन मोहन की मौत हो गई और फिर संगीत पूरा करने की जिम्मेदारी जयदेव को सौंपी गई थी।
उदयपुर . अभिनेता अनुपम खेर का बचपन दादी के किस्से सुनते हुए शिमला में बीता। उसका चाचा सातवीं कक्षा में आठ बार फेल हुआ। दादाजी अंग्रेजों के जमाने के ईमानदार सिविल इंजीनियर थे। किशोर जीवन में ही उन्हें अभिनय में दिलचस्पी बढ़ी और युवावस्था में फिल्मों की तरफ कदम बढ़ा दिया। अभिनेता ने अपनी यह कहानी जुबानी नहीं बताई, बल्कि नाटक ‘कुछ भी हो सकता है के माध्यम से दिखाई। मौका था पीआई इंडस्ट्रीज के स्थापना दिवस का। नाटक के निर्देशक फिरोज अब्बास खान थे। अशोक सिंघल और सलिल सिंघल ने सभी का आभार व्यक्त किया। संयोजन रागिनी पानेरी ने किया।
नाटक मंचन के दौरान अनुपम खेर जैसे-जैसे अपने जीवन सफर का मंचन करते गए, सूत्रधार की भूमिका भी निभाते रहे। कहानी आगे बढ़ती है जिसमें अनुपम खेर को किशोर जीवन में ‘राधा का तथा युवावस्था में ‘मीरा का साथ रहा। इसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का जीवन, फिर फिल्म इंडस्ट्री में उतार-चढ़ाव वाली जिंदगी दिखाई गई। वे कभी चंचल बच्चे बने, कभी छिछोरे किशोर, तो कभी मस्तमौला युवा। जीवन के उतार-चढ़ाव को स्टेज पर उतारते खेर के प्रभावी अभिनय का कमाल था कि दर्शक ढाई घंटे तक जमे रहे।
पत्नी को सच्चा साथी
इस दौरान अनुपम खेर अपने साथियों और समर्थकों को शुक्रिया कहना नहीं भूले। बचपन के साथी विजय मल्होत्रा उनके किस्सों में कई बार आए तो आठ साल दोस्त रहने के बाद जीवनसाथी बनी किरण खेर को उन्होंने अपना सच्चा साथी बताया। दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन को उन्होंने महान प्रेरणा स्त्रोत कहा तो महेश भट्ट, सुभाष घई, माधुरी दीक्षित, श्री देवी और मनमोहन देसाई का जिक्र भी कई बार आया। इस दौरान एक स्क्रीन पर दिखाए गए उनकी पहली फिल्म ‘सारांश दिलीप कुमार के साथ फिल्म ‘कर्मा के दृश्य, अपनी टीवी प्रोडक्शन कंपनी की शुरुआत के दौर के दृश्य भी विशेष आकर्षक रहे।
उदयपुर, कन्या भ्रूण हत्या रोकने की लाख कसमे खाने और शपथ लेने के उपरांत भी लेकसिटी के माथे से कन्या भू्रण हत्या का कलंक मिट नहीं पा रहा है और पहला कलंक धुंधला हो उसके पहले नया कृत्य हो जाता है। बुधवार को जब आवारा कुत्तों के जबडे में कन्या भ्रूण फसा देखा तो हर किसी का दिल पसीज गया।
बुधवार दोपहर ३.३० बजे स्वरूपसागर रोड पर आवारा कुत्ता अपने मुंह में मृत कन्या भू्रण दबा कर भाग रहा था जिसको एक मोटरसाइकिल सवार पेट्रोल पंप कर्मचारी श्यामलाल नागदा ने देखा तो उसे कुत्ते का पीछा कर बडी मुश्किल से उस भू्रण को कुत्ते के चंगुल से छुडाया और पुलिस को सूचित किया। जल्द ही आसपास काफी भीड एकत्र हो गई और भु्रण को कपडे से ढका। पुलिस के अनुसार भ्रूण कन्या का है और 4-5 दिन पूर्व स्वरूपसागर पर किसी अज्ञात ने डाला होगा। जागरूक श्यामलाल नागदा की वजह से कन्या भ्रूण कुत्तों का भोजन होने से तो बच गया लेकिन झीलों की नगरी में फिर कन्या भू्रण हत्या का कलंक लग गया।