गर्मी का मौसम अपना दस्तक दे चुका है। हर तरफ लोग सूरज की तेज धूप से परेशान है और इस गर्मी से बचने के लिए ठंडक की तलाश कर रहे हैं। जिनके पास पैसे है उनके लिए तो स्थिति उतनी कष्टदायक नहीं है क्योंकि एअर कंडीशनर उनके घरों के चिल्ड रखते हैं लेकिन गर्मी का कहर तो सब पर एक समान है। बाजार में मिलने वाली ब्रांडेड एअर कंडीशनर्स काफी महंगी होती है जिसे हर कोई अफोर्ड नहीं कर सकता है लेकिन हम आपको बता दें कि अब एसी का मजा हर कोई ले सकता है वो भी कम से कम कीमत में, अब आप यहीं सोच रहे होंगे कि भला एसी की ठंडी हवा का मजा कम रेट में कैसे मिल सकता है? तो चलिए बताते हैं कि कैसे आप कम से कम मूल्य में एसी खरीद सकते है?
ये हैं दुनिया का सबसे छोटा एअरकंडीशनर जिसे आप सिर्फ २५० से 400 रूपए खर्च करके खरीद सकते हैं।
कूलिंग फैन के नाम से मशहूर इस एसी में किसी तरह का कोई मशीन नहीं लगा हुआ है बल्कि मशीन की जगह इसमें एक आइस ट्रे लगाई गई है जिसमें आप आइस क्यूब्स रख सकते हैं। आइसट्रे में आइस क्यूब्स रखकर जैसे ही आप इसको चलाते हैं, आपको चिल्ड हवा मिलने लगती है।
इस स्मॉलेस्ट एसी में ब्लेडलेस विंग्स लगे हुए है जिससे चार से पांच फीट की दूरी तक हवा पहुंच सकती है और तो और इसकी और एक खूबी ये है कि इसे आप यूएसबी की मदद से चला सकते हैं। इसे आप मोबाइल चार्जर,लेपटॉप, कंप्यूटर तथा पॉवर बैंक की सहायता से भी चला सकते हैं।
इसे आप अपने साथ कही भी और कभी भी लेकर जा सकते हैं। इसे आप आॅनलाइन अमेज़ॉन से परचेज कर सकते हैं निचे दिए फोटो के सामने बी नो पर क्लीक कर कम से कम कीमत में खरीद सकते है और भीषण गर्मी से राहत पा सकते है। आपकी सुविधा के लिए हम डिस्काउंट कीमत में लिंक उपलब्ध करवा रहे है। जिस कीमत में आपको टेबल टेबल फैन तक नहीं मिल पाता है अब उससे दस गुनी कम कीमत में आप एअर कंडीशनर की कूलिंग का मजा ले सकते हैं





भूपालपुरा स्थित लाडजी चेस एकेडमी के संचालक प्रवीण कोठारी के खिलाफ एक महिला ने उसकी नाबालिग पुत्री से सोते समय अश्लील हरकत का आरोप लगाते हुए भूपालपुरा थाने में मामला दर्ज करवाया। घटना स्थल जोधपुर का होने पर पुलिस ने जीरो नम्बर एफआईआर काटकर उदयमंदिर थाना पुलिस को भिजवाई है।

उदयपुर। महाराणा भूपाल चिकित्सालय ऐसा लगता है बच्चा चुराने वालों के लिए एक अड्डा बन चुका है। और उस पर यह कि अस्पताल प्रशासन बजाय ऐसी घटना को लेकर चिंतित रहे बच्चे चुराने वालों को बचाने में लगा हुआ है। पुलिस से सीसी टीवी फुटेज छुपाये जारहे है। अब ऐसे में आखिर कोई कैसे इस अस्पताल पर और अस्पताल के स्टाफ पर भरोसा करे जबकि गरीबों के लिए सरकारी अस्पताल जाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं होता। शनिवार हुई घटना को देख कर तो लगता है जैसे बच्चा चुराने में प्रशासन का भी हाथ है जिस तरह से अस्पताल प्रशासन ने सी सी टीवी कैमरे के फुटेज पुलिस से छुपाये जिस तरह से उसने आरोपी महिला के फुटेज तक जारी नहीं किये। यह एक बड़ा चिंता का विषय है। शनिवार की हम बात करें तो नतिया ताल, गोगुंदा निवासी गोपली बाई (30) पत्नी गोपाराम को शुक्रवार रात 10 बजे जनाना चिकित्सालय के इमोनाइजेशन कक्ष में भर्ती किया गया। चिकित्सालय लाते समय गर्भवती ने रोगी वाहन 108 में ही नवजात को जन्म दिया था। वार्ड में रात से ही खाली बेड पर अज्ञात महिला सोई हुई थी। उसने सुबह तक प्रसूता और परिजनों पर विश्वास बनाया। सुबह करीब 8.50 बजे पीडि़ता गोपली की सास पर्ची बनवाने जाते समय नवजात को अज्ञात महिला के सुपुर्द कर गई। मौका पाते ही वह नवजात को लेकर भाग निकली। इधर, सूचना पर हाथपोल थाना प्रभारी रवींद्र चारण एवं जाप्ता मौके पर पहुंचा और पड़ताल शुरू की। हद तो तब हो गयी जब एमबी हॉस्पिटल प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई आरोपित महिला के फुटेज को छिपाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मजबूरी में हाथीपोल थाना पुलिस को फुटेज दी गई।

प्रदेष के पूर्व मुख्यसेवक और आधुनिक राजस्थान के जनक स्वर्गीय मोहनलाल सुखाड़िया के पुत्र दिलीप सुखाड़िया की षनिवार षाम षहर के एक निजी चिकित्सालय में ईलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि षनिवार दोपहर श्री सुखाड़िया की अचानक तबीयत खराब हुई थी और उन्हें इलाज के लिए षहर के एक निजी चिकित्सालय में ले जाया गया था। जहां शाम को श्री सुखाड़िया ने ईलाज के दौरान आखिरी सांस ली। दिलीप सुखाड़िया की मौत का कारण ‘‘दिल का दौरा’’ पड़ना बताया जा रहा है।दिलीप सुखाडिय़ा के परिवार में पत्नी नीलिमा सुखाडिय़ा, उनकी एक पुत्री है और उनके छोटे भाई अरुण सुखाडिय़ा हैं।
