उदयपुर। हाल ही में उदयपुर में पंचायतों के उपचुनाव में भाजपा की की हार बाद मटून पंचायत के पूर्व सरपंच ओनार सिंह देवड़ा को पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगा कर निष्काषित करना भाजपा में अन्त्र्काहल का कारण बनता जारहा है। जिलाध्यक्ष द्वारा आनन् फानन में ओनार सिंह देवड़ा को निष्काशन का विरोध अंदरूनी तौर पर उठने लगा है।भाजपा के कई नेता इसको तुगलकी फरमान बता निष्काशन को गलत बता रहे है। जबकि उनके हिसाब से भाजपा के हार की वजह ओनार सिंह नहीं और दिग्गजों की रणनीति रही जिसके चलते भाजपा की हार हुई .
पंचायत राज के उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद शहर जिलाध्यक्ष दिनेस्भ भट्ट द्वारा लिए गए फैसले की पार्टी के ही अन्दरूनी गु्रपों में निंदा हो रही है। वहीं निष्काषित औनार सिंह देवड़ा को भी समर्थन मिलता जा रहा है। स्वर्गीय भैरूसिंह जाग्रती मंच के समन्वयक मांगीलाल जोशी जो खुद पार्टी के जिलाध्यक्ष रह चुके है, उनका भी कहना है कि किसी के भी निश्कासन का अधिकारी जिलाध्यक्ष के पास हो ही नहीं सकता। वह सिर्फ हाईकमान तक षिकायत पत्र भेज सकता है। दूसरी और जहां पार्टी के इतने दिग्गज लग गए और पार्टी को जीता कर नहीं ला पाए इससे लगता है कि सभी जनाधार विहीन नेता हो गए है।
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न पंचायतराज के उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी के मटून पंचायत के पूर्व सरपंच औनारसिंह देवड़ा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में सम्मिलित होने एवं वार्ड 29 की अधिकृत पार्टी प्रत्याशी को पराजित करने में अपनी अहम भूमिका निर्वहन करने पर भारतीय जनता पार्टी शहर जिला अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जिलाध्यक्ष दिनेशभट्ट द्वारा आरोप लगाया गया था कि ओनार सिंह देवड़ा ने खुले आम पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी को हराने का कार्य किया। कांग्रेस के एजेंट के तौर पर कार्य करते हुए विधायक द्वारा सतत अपनी विधानसभा में विकास के कार्य कराने उपरांत संघर्ष समिति बनाकर लोगो को सरकार के विरोध हेतु तैयार किया।
लेकिन भाजपा पार्टी में अब इस निष्काशन को लेकर विरोध के स्वर उभर रहे है। भाजपाई नेताओं का कहना है कि उप चुनावों में हुई हार पार्टी के दिग्गज पचा नहीं पा रहे है और इस स्थिति में पार्टी के जिम्मेदार पदों पर बैठे कर्ताधर्ता हार का ठीकरा जबरदस्ती बेकसूरों पर फोड़ते दिखाई दे रहे हैं। देश में जहां कहीं भी चुनाव जीते तो मोदी के जयकारे हो रहे है और हारने पर पार्टी में जनसंघ के समय से पीढी दर पीढ़ी जुडे कार्यकर्ताओं का निश्कासन कहां तक उचित है। भाजपाइयों का मानना है कि हार पर मंथन किए बिना आनन – फानन में शहर जिलाध्यक्ष ने बेकसूर का निश्कासन कर दिया। हार का कारण वह है ही नहीं जो जिलाध्यक्ष पार्टी हाईकमान और शहरवासियों को बताना चाह रहे है। असल में हार की मुख्यवजह और है। क्षेत्र के भाजपाईयों के अलावा मतदाताओं की माने तो झामेष्वर मण्डल के अध्यक्ष अमृतलाल मेनारिया का नेतृत्व रहा है। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला धड़ा श्री मेनारिया से काफी नाराज है और उस नाराजगी की वजह पर भाजपा ओबीसी प्रकोश्ठ गिर्वा के पूर्वध्यक्ष षिवलाल डांगी ने कहा कि टिकिट देने से पहले पार्टी ने एक बार भी क्षेत्र के वरिश्ठों से चर्चा नहीं कि साथ ही झामेष्वर मण्डलध्यक्ष की गलती का खामियाजा पूरी पार्टी को भुगतना पड़ा है। अब हार में किसी न किसी को सजा देनी थी तो वह औनार सिंह देवड़ा को मिल गई। श्री देवड़ा तो एक बार भी खरबड़िया में नहीं आए थे और यहीं से पार्टी को सबसे ज्यादा हार मिली है। यहां 152 वोटों से कांगे्रस की प्रत्याषी आगे रही थी। औनार सिंह देवड़ा जो कि दस वर्षों तक इस क्षेत्र में सरपंच रह चुके हैं उनसे बात की तो उन्होंने पूरे मामले का पटाक्षेप करते हुए साफ किया कि झामेष्वर मण्डलध्यक्ष की वजह से ही पार्टी की हार हुई है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि वह जनसंघ के समय से ही पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता है। सरकार की ओर से झील प्राधिकरण में करीब 5000 बीघा जमीन पेटा कास्ट में सरकार एक्वायर्ड करने जा रही है। वहां के किसान कहां जाएंगे। किसानों को उन जमीनों पर कुछ भी करने नहीं दिया जाएगा। ऐसे में हक की लड़ाई तो लड़नी ही पड़ेगी और आगे भी लड़ते रहेंगे। निष्काशन के बाद जिस तरह से पार्टी में विरोध उभरा है इसका खामियाजा पार्टी को ही भुगतना पड़ रहा है जिसके दूरगामी परिणाम भी कुछ अच्छे नहीं दिख रहे है।


पोस्ट न्यूज़ . रिश्वत लेना मानो आजकल सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का हक बन गया हो हर छोटे मोटे काम के लिए रिश्वत और कमीशन तो इसे मांगते है जैसे सरकार ने इन्हें इसके लिए अधिकार दे रखे हों . शुक्रवार को राजस्थान में हनुमानगढ़, डूंगरपुर बांसवाड़ा में रिश्वत के तीन मामले सामने आये .
पोस्ट न्यूज़ . सवाई माधोपुर से 20 किलोमीटर दूर बनास नदी के पुल पर एक मिनी बस अनियंत्रित हो कर बनास नदी में जा गिरी जिससे 32 लोगों की मौत हो गयी और कई घायल हो गए . हादसा बस ड्राइवर की गलती की वजह से हुआ वह पुल पर अन्य वाहन को ओवर ट्रक कर रहा था और ओवार्त्रेक करते समय बस उसके कंट्रोल के बाहर हो गयी और नदी में जा गीति . प्रत्यक्ष दर्शियों की माने तो बस का मुख्य ड्राइवर अपने 16 वर्षीय नाबालिग कंडक्टर से बस चलवा रहा था.

Not only will the galvanized coating provide a pleasing aesthetic, it will also keep the appearance of the bridge unmarred by the unsightly effects of rust and corrosion. The barrier and cathodic protection developed during the galvanizing process will keep the bridge both structurally sound and free of dripping or streaking rust stains. All of the trusses, floor beams, flooring, diaphragms, supports, rail, and plates were hot-dip galvanized, ensuring the bridge will remain an attractive, functional addition to the two communities for generations to come. 
उदयपुर । हिन्दुस्तान ज़िंक की इकाई जिंक स्मेल्टर देबारी में सुरक्षा के प्रति जागरूकता के उद्देष्य से जिंक एवं संविदा कर्मचारियों के लिए ’’बिईंग सेफ’’ वर्कषाॅप का आयोजन किया गया। आयोजित बिईंग सेफ वर्कषाॅप में लगभग 200 से अधिक जिंक एवं संविदा कर्मचारियों ने सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संकल्प लिया। हिन्दुस्तान जिं़क के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेषन एवं बिईंग सेफ के फाउण्डर पवन कौषिक इन कर्मचारियों से इन्टरेक्षन के लिये जिंक स्मेल्टर देबारी में मिले।

उदयपुर. हाल ही में संपन्न पंचायतराज के उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी के मटून पंचायत के पूर्व सरपंच औनारसिंह देवड़ा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में सम्मिलित होने एवं वार्ड 29 की अधिकृत पार्टी प्रत्याशी को पराजित करने में अपनी अहम भूमिका निर्वहन करने पर भारतीय जनता पार्टी शहर जिला अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है। भाजपा मीडिया प्रभारी चंचल कुमार अग्रवाल ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भाजपा के पूर्व सरपंच ने चुनाव में खुले आम पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी को हराने का कार्य किया।कांग्रेस के एजेंट के तौर पर कार्य करते हुए विधायक द्वारा सतत अपनी विधानसभा में विकास के कार्य कराने उपरांत संघर्ष समिति बनाकर लोगो को सरकार के विरोध हेतु तैयार किया।इन सब को देखते हुए गिर्वा के पदाधिकारियों, प्रधान आदि ने पूर्व सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करने की जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट से मांग की, जिस पर कार्यवाही करते हुए जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने औनारसिंह देवड़ा को भाजपा से निष्कासित कर दिया।