
उदयपुर/कपासन, 6 सितम्बर। कपासन स्थित बुरहानी स्कूल में बुधवार से दस दिवसीय हैण्डराइटिंग इम्प्रुवमेंट शिविर प्रारंभ हुआ। शिविर के शुभारंभ पर विद्यालय परिसर में शिक्षक दिवस समारोह भी आयोजित किया गया जिसमें विद्यालय के शिक्षकगणों का सम्मान किया गया। बुरहानी स्कूल के निदेशक आबिद अली ने अपने उदबोधन में कहा कि बच्चों के जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है। वर्तमान परिदृश्य में प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह छोटे से छोटा मजदूर ही क्यों ना हो अपने बच्चे को उच्च स्तर की शिक्षा देना चाहता है। गत कई वर्षों यह विद्यालय भी बच्चों को उच्चतर शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों मेें शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए हर वर्ष की तरह इस साल भी दस दिवसीय शिविर उदयपुर की एनआईईएल संस्था के सहयोग से लगाया गया। जिसकी शुरूआत आज हुई। शिविर के पहले दिन एनआईईएल निदेशक मेहजबीन मगर ने बच्चों में अंंग्रेजी की जरूरत व जीवन में बेहतर शिक्षा की महत्ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कई बार परीक्षा में शिक्षक बच्चों की हैण्डराइटिंग को देखकर ही उसे अंक प्रदान कर देता है। मगर ने बताया कि इस दस दिवसीय शिविर में विद्यालय के कक्षा पहली से सातवीं तक के बच्चों को हैण्डराइटिंग सुधार व अंग्रेजी का ज्ञान दिया जाएगा जिसके लिए उदयपुर से उनकी संस्था के पांच शिक्षक सहयोग करेंगे। सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि मेहजबीन मगर,मुफद्दल बोहरा, प्रिंसिपल मन्नालाल उपाध्याय व उपस्थित अतिथियों ने स्कूली शिक्षकों व उदयपुर एनआईईएल संस्था के शिक्षकों का माल्यार्पण कर एवं उपहार भेंट कर सम्मान किया।



उदयपुर। सुखाडिया विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों में अध्यक्ष पद पर कांटे की हुई टक्कर में ऑटो चालक के बेटे एबीवीपी प्रत्याशी भवानी शंकर बोरीवाल ने कपडा व्यापारी के बेटे एनएसयूआई से चुनाव लडे रौनक गर्ग को 167 मतों से शिकस्त दी। उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी, महासचिव व संयुत्त* सचिव पर एनएसयूआई के प्रत्याशियों की जीत हुई।



था। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंहने मालेगाव विस्फोट की मुख्य अभियुक्त साध्वी प्रज्ञा को परोक्ष क्लीन चिट दी थी और बताया जाता है कि वे प्रज्ञा से मिलने जेल में भी गए थे। करकरे ने कहा, ‘अब बहुत हो गया, मुझे लगता है कि वक्त आ गया है कि सारे तथ्य सामने रख दिए जाए।’ उनकी आवाज में बहुत चिंता झलक रही थी। अगले ही दिन मुंबई खौफनाक आतंकी हमले में रक्तरंजित हो गई और कर्तव्य निभाते हुए करकरे ने सर्वोच्च बलिदान कर दिया। अब लगभग एक दशक बाद मैं विचलित हूं : क्या ऐसा हो सकता है कि वह अधिकारी जिसका अंतिम संस्कार राष्ट्रीय सम्मान के साथ किया गया, जिन्हें ‘राष्ट्रीय हीरो’ माना गया, जिनके साथ के लोग उन्हें असंदिग्ध निष्ठा वाला व्यक्ति मानते हैं, अचानक जांच एजेंसियों के लिए संदिग्ध हो जाए।







post.डेरा सच्चा सौदा चीफ राम रहीम को दो साध्वियों का रेप करने के केस में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज जगदीप सिंहलोहान ने 10-10 साल की सजा सुनाई। बलात्कार केस में जेल जाने के बाद से बाबा गुरमीत की अय्याशियों के कई किस्से सामने आने लगे हैं। एक चैनल की खबर के अनुसार बाबा जहां रहता था वहां एक ऐसी गुफा थी जहां वह रोज नई-नई लड़कियों के साथ अय्याशियां करता था।