पिछोला छलका, स्वरुप सागर के गेट खोले – फतहसागर के छलकने का इंतज़ार

आयड नदी मेें प्रवाह तेज, फतहसागर 11 फ़ीट पार

उदयपुर। एक हफ्ते से बरस रही बारिश ने झीलों की नगरी को आबाद कर दिया . शहर की जिलें लबालब हो चुकी है . शनिवार को पिछोला अपनी भराव क्षमता तक पहुच कर छलक गयी. ऊपर से पानी की आवक को देखते हुए स्वरुप सागर के गेट खोल दिए. फतह सागर भी अब छलकने को तैयार है .

ऐतिहासिक फतहसागर झील में मदार नहर से हो रही आवक के चलते शनिवार रात इसका जलस्तर 11 फ़ीट को पार कर गया। पीछोला लबालब होने से स्वरूपसागर के दो गेट दो-दो फ़ीट खुले हुए है। स्वरूपसागर से पानी तेज प्रवाह के साथ उदयसागर झील में समां रहा है। सीसारमा 4 फ़ीट 4 इंच व मदार नहर 2 फ़ीट 10 इंच बह रही है। उदयसागर अपनी पूर्ण भराव क्षमता 24 फ़ीट से 7 फ़ीट खाली है। बीते चौबीस घंटों के दौरान सई डेम में सर्वाधिक 6 इंच (152 मिमी) वर्षा दर्ज रिकार्ड की गई।
केचमेंट में अच्छी बारिश के चलते नदियां उफान पर है। शहर के पास स्थित पिकनिक स्थलों नांदेश्वर चैनल व थूर की पाल पर रपट चल रही है लेकिन प्रवाह तेज होने से शहरवासियों से अपील है कि ऐसे स्थानों पर थोडी एहतियात बरतें। इसके अलावा पिकनिक के लिए उभयेश्वर रोड पर बहते झरने व पिपलिया गांव पिकनिक के लिए अच्छी डेस्टीनेशन रहेंगे। शहर के 38 किमी पर टीडी डेम व चांदनी गांव, झामेश्वर महादेव, झाडोल, बाघदडा, उदयसागर व जयसमंद झील पर भी शहरवासी प्रकृति के नैसर्गिंक सौंदर्य का लुत्फ़ लेने जा सकते है।
फतहसागर – 11 फ़ीट 1 इंच
पीछोला- 11 फ़ीट २ इंच
स्वरूपसागर – दो गेट खुले हुए
सीसारमा नदी- 4 फ़ीट 4 इंच
मदार नहर टेल- 2 फ़ीट 10 इंच

रईसजादे ने मजे के लिए चलाई गोली, बेकसूर को जा लगी

उदयपुर . रानीरोड स्थित होटल पन्नाविलास के मालिक के बेटे का शूटिंग का शौक एक बेकसूर की जान पर बन आया। शनिवार सुबह उसने बिना देखे अत्याधुनिक एयरगन से फायर कर दिया जो सामने से आ रहे स्कूटी सवार के सीने में लगा। घायल को एमबी. चिकित्सालय में आपात ऑपरेशन कर सीने से छर्रा निकाला गया। अम्बामाता थाना पुलिस ने घायल वाल्मीकि बस्ती निवासी कमल पुत्र सुनील गहलोत की रिपोर्ट पर जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर शाम को आरोपित रानीरोड निवासी सिद्धांत पुत्र करणीसिंह परिहार को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने होटल की तलाशी ली तो वहां पर अवैध हुक्का बार में 90 बोतल बीयर व विदेशी अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कर होटल मालिक करणीसिंह पुत्र नारायणसिंह परिहार को भी गिरफ्तार किया।

पता ही नहीं चला सीने में जा लगा छर्रा

एएसपी सुधीर जोशी ने बताया कि क मल गहलोत सुबह अपने साले जतिन के साथ स्कूटी से रानी रोड होते हुए फतहसागर घूमने जा रहा था। करीब 10.30 बजे होटल पन्नाविलास से कुछ आगे पहुंचा,तभी अचानक धमाका हुआ। स्कूटी चला रहे कमल के सीने में छर्रा लगा, लेकिन उसे पता ही नहीं चला। दोनों बिना रुके आगे बढ़ गए। कुछ दूरी पर कमल को सीने में दर्द होने के साथ खून बहने लगा तो उसे फायर लगने का पता चला। पुलिस ने कमल के बयान लिए तो एकाएक मामला समझ में नहीं आया। प्रेम प्रसंग में हमले की अफवाह उड़ाई गई लेकिन पुलिस जब जतिन को साथ लेकर घटना स्थल पर पहुंची तो कई सुराग मिल गए।

मौका मुआयने में खुलते गए राज

पुलिस ने निरीक्षण किया तो मौके पर एक मकान व होटल पन्नाविलास सामने थे। पुलिस दोनों जगह अंदर गई। होटल के मालिक का पुत्र सिद्धांत उन्हें अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच करता हुआ मिला। पूछताछ करने पर हड़बड़ा गया। उसके मोबाइल में घटना से संबंधित टीवी चैनलों पर चले समाचारों के स्क्रीन शॉट मिले। पूछने पर गोलमाल जवाब दिए। होटल के मैनेजर व स्टॉफ से पूछा तो उनके बयानों में विरोधाभास आया।

कड़ाई से पूछताछ में टूटा आरोपित

पूछताछ में सिद्धांत के पास एयरगन होने की जानकारी आई, लेकिन उसने फायर से मना कर दिया। तकनीकी जांच में फायर होने की पुष्टि हो गई। पड़ोसियों ने आरोपित द्वारा आए दिन शूटिंग के नाम पर बंदर, चमगादड़ व अन्य पर फायर करने की जानकारी दी। पुलिस ने इन बिन्दुओं के आधार पर कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया।

खुद ही फंस गया जाल में

आरोपित ने बताया कि शूटिंग प्रेक्टिस के दौरान सुबह उसने फायर किया था। अचानक युवक के सामने आ जाने से उसे छर्रा लग गया। उसके नहीं रुकने पर उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन टीवी पर समाचार देखने के बाद होश उड़ गए। घटना होटल के सीसीटीवी कैमरे में कैद तो नहीं हुई, इसके लिए वह उन्हें चेक कर रहा था। होटल के स्टॉफ व मैनेजर को भी उसने गोलमाल जवाब देने के लिए कहा था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर टेलीस्कोपिक एयरगन बरामद की जिससे स्पीड के साथ फायर होता है और लाइसेंस की भी जरूरत नहीं है।

होटल में मिली शराब, पिता भी गिरफ्तार

पुलिस ने वारदात के खुलासे के बाद होटल की तलाशी ली तो वहां पर 90 बोतल बीयर व अंग्रेजी शराब तथा हुक्के के फ्लेवर मिले। पुलिस ने इन्हें जब्त कर होटल मालिक करणीसिंह पुत्र नारायणसिंह परिहार को गिरफ्तार किया।

टीम ने चंद घंटे में खोल दी वारदात

उपाधीक्षक गोपालसिंह के नेतृत्व में अम्बामाता थानाधिकारी चन्द्र पुरोहित के एसआई उम्मेदीलाल, एएसआई जगदीशचन्द्र, हेडकांस्टेबल औंकारसिंह, महेन्द्रसिंह, उम्मेदसिंह, रणजीसिंह, कांस्टेबल रणजीत, जगदीश व स्पेशल टीम प्रभारी शैतानसिंह नाथावत के नेतृत्व में टीम ने चंद घंटे में वारदात का खुलासा कर दिया।

प्रेम प्रसंग के चलते दिनदहाड़े रानीरोड पर युवक को गोली मारी

उदयपुर। शनिवार सुबह प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक को सरे राह दिन दहाड़े गोली मार दी गई। हालांकि एयरगन से गोली लगने के बाद भी गंभीर रूप से घायल युवक को अस्‍पताल में भर्ती करा दिया गया है। गोली मारने के बाद मोटरसाइकिल सवार दो आरोपी वहां से भाग निकले।

सूत्रों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार फतहसागर के रानीरोड़ पर शनिवार सुबह एक युवक को गोली मार घायल कर दिया। वारदात के बाद भाग निकले आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने नाकेबंदी की तथा अलग-अलग जगह दबिश दी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। पहली नजर में फायरिंग के पीछे प्रेम प्रसंग कारण माना जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार वाल्मिकी कोलोनी निवासी कमल गहलोत घर से निकलकर पैदल ही रानीरोड़ की तरफ जा रहा उसी समय सामने से मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने एयय गन से फायर कर दिया। एयरगन के छर्रे उसके पेट व सीने पर लगे। घायल अवस्था में परिजन उसे चिकित्सालय लेकर पहुंचे जहां आपात ऑपरेशन कर छर्रे निकाले गए। इस दौरान अस्पताल में घायल के परिजन रिश्तेदार पहुंच गए।

अधिकारी और मंत्री भी पीछे लिखा होना चाहिए ” नो रिश्वत प्लीज़ ” ” नो करप्शन प्लीज़”

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उदयपुर। रेलवे के सफाई कर्मचारियों के ड्रेस के पीछे बड़े बड़े अक्षरों में लिखवा दिया गया है “नो टिप प्लीज” अब इसको सामंतवादी सोच कहें या फिर छोटे कर्मचारियों को अपनी झूठी इमानदारी दिखाने का इश्तहार बोर्ड। ऐसा ही एक टेग टीटी के कोट पर भी लगाया जाना चाहिए “नो रिश्वत प्लीज़” और सिर्फ टीटी ही क्यूँ हर सरकारी कर्मचारी, बड़े बड़े अधिकारी के पीछे भी लगाया हुआ होना चाहिए “नो रिश्वत प्लीज़” या “नो करप्शन प्लीज़”। करप्शन और रिश्वत की सबसे बड़ी खदानें तो यह नेता और मंत्री है, इनकी खादी के पीछे भी लिखा हुआ होना चाहिए “नो करप्शन प्लीज़”। समझदार जनता रेलवे और सरकार में बैठे रेल मंत्री सुरेश प्रभु से सवाल पूछ रही है। क्या एक छोटे से सफाई कर्मचारी के पीछे “नो टिप्प प्लीज़” लिखा कर अपनी जूठी और दिखावी इमानदारी का विज्ञापन करवा रहे है। उसकी विशेष ड्रेस के पीछे यह लिख कर क्या दिखाना चाह रहे है ? कि देखो हम कितना ध्यान रखते है कि एक सफाई कर्मचारी को ख़ुशी से दी जाने वाली टिप भी नहीं लेने देते। टिप तो फिर भी किसी कि मर्जी से खुश हो कर दी जाती है। लेकिन मजबूरी में एक सीट के लिए टीटी कितने रूपये की रिश्वत लेता है क्या ये कभी सोचा है ? छोटा कर्मचारी है मजबूरी है उसकी कुछ नहीं बोलेगा ज़रा बड़े अधिकारियों और मंत्रियों की विशेष ड्रेस बना कर उस पर “नो करप्शन” “नो रिश्वत प्लीज़” लिख कर तो देखिये। सरकार में बैठा हर नेता मंत्री जनता का सेवक है, जनता के वोटों के रहमो करम से ही सरकार बनती है, नेता और मंत्री बने है तो फिर ये अपनी कमीज़, जाकेट और अपनी बड़ी बड़ी गाड़ियों के पीछे क्यूँ नहीं लिख देते “नो करप्शन प्लीज़” “नो रिश्वत प्लीज़”।
शायद ये नहीं होगा कमज़ोर तबके को ही निशाना बना कर उसको जितना ज्यादा कमज़ोर किया जा सकता है वो काम करेगें। एक सफाई कर्मचारी की ड्रेस पर लिखा जा सकता है नो टिप प्लीज़। अधिकारी और इन मंत्रियों के माथे पर बिना लिखे हुए ही सबको दिखता है “करप्ट” “रिश्वतखोर” ।

सेवाश्रम पुल के निचे बह जता युवा – एक्टिवा छोड़ जान बचाई ( VIDEO )

https://youtu.be/FS9fdhFdAIM

उदयपुर। उदयपुर शहर में हुई तेज़ बारिश के बाद नालों और सडकों पर खासा पानी भर गया। सेवाश्रम पुल के निचे भी तेज़ बहाव से बहते पानी में हादसा होते होते रह गया।
एक युवा तेज बारिश के बाद सेवाश्रम पुलिया के नीचे बहते तेज़ बहाव से एक्टिवा निकाल रहा था। पानी के तेज बहाव की वजह से बीच मे अटक गया। कुछ देर युवा ने एक्टिवा खींचने की कोशिश की लेकिन उनको लगा की अब कुछ नहीं हो सकता तो उसने एन वक़्त पर एक्टिवा छोड़ अपनी जान बचाई। एक्टिवा तेज बहाव की वजह से नाले में बह गया। इस विडियो को कई लोगों ने अपने मोबाइल में कद कर लिया।
उदयपुर पोस्ट युवाओं और सभी शहर वासियों को ये निवेदन करता है की तेज बहाव के पानी से दूर कर ले। इंतज़ार कर ले इंतज़ार ज़िन्दगी से बढ़ कर नहीं है।

उदयपुर में दो घंटे मुसलाधार बारिश – सागर बनी सड़कें

उदयपुर. बारिश का दौर लगातार जारी है . गुरुवार दिन को उदयपुर शहर में दो घंटे तक मुसलाधार बारिश बरसी शहर की सड़के मानों सागर में तब्दील हो गयी . हर जगह सिर्फ पानी ही पानी. नालियाँ और सड़के लबालब हो गयी .

जिले के सराड़ा, सलूम्बर, बनोड़ा, जयसमंद सहित कई क्षेत्र में मेघ जमकर बरसे। शहर में भी तेज बरसात के कारण देहलीगेट के एलआईसी वाले मार्ग व कलेक्टर कार्यालय मार्ग पर पानी भर गया। घुटनों तक पानी भरने से राहगीर को परेशानी हुई तो कई दुपहिया वाहन भी बंद हो गए। चार पहिया वाहन भी बड़ी मुश्किल से निकल पाए। देहलीगेट पर पानी भरने के कारण सूरजपोल व कोर्ट चौराहे से कलक्टर कार्यालय के बाहर होकर आने वाले मार्ग पर यातायात कुछ देर के लिए रोक कर दूसरे मार्ग से निकाला गया। उदियापोल व सिटी स्टेशन मार्ग पर, बापूबाजार, सिंधी धर्मशाला रोड, आरएमवी रोड, किशनपोल मार्ग सहित कई स्थानों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई।

लिंक नहर के गेट खोले

फतहसागर झील को भरने के लिए पिछोला लिंक नहर के दो गेट जलसंसाधन वि ााग ने सवेरे खोल दिए। इस दौरान पिछोला का जलस्तर साढ़े नौ फीट था। पिछोला में सीसारमा नदी में 5 फीट से पानी की आवक बनी हुई है।  वहीं, फतहसागर में मदार नहर के साथ ही अब पिछोला से पानी की आवक शुरू हो गई है।

हरिद्वार एक्सप्रेस ट्रेन शुक्रवार से हफ्ते में तीन दीं चलेगी

उदयपुर. मेवाड़वासियों को रेल यात्रा की एक और सौगात मिलेगी। अजमेर-हरिद्वार-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत शुक्रवार अपराह्न साढ़े तीन दिल्ली से होगी। रेलमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन करेंगे। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी। उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी तरुण जैन ने बताया कि 28 जुलाई को नई दिल्ली से रेल मंत्री सुरेश प्रभु वीसी के माध्यम से इस ट्रेन को हरी झण्डी दिखाएंगे। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, रेल राज्य मंत्री राजेन गोहांई भी उनके साथ होंगे। यहां सिटी स्टेशन पर गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया, उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा, राजसमंद सांसद हरिओम सिंह राठौड़, चित्तौडग़ढ़ सांसद सी.पी. जोशी, भीलवाड़ा सांसद सुभाष चन्द्र बहेडिय़ा, मेयर चन्द्रसिंह कोठारी आदि उपस्थित रहेंगे। यह गाड़ी संख्या 09609, उदयपुर-हरिद्वार उद्घाटन स्पेशल 28 जुलाई को अपराह्न 3.30 बजे रवाना होकर शनिवार दोपहर 2 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 09610 हरिद्वार-उदयपुर उद्घाटन स्पेशल 29 जुलाई को शाम 4.05 बजे रवाना होकर रविवार अपराह्न तीन बजे उदयपुर पहुंचेगी।

18 कोच की होगी ट्रेन

उदयपुर से हरिद्वार चलने वाली ट्रेन में 18 कोच लगेंगे। इनमें दो थर्ड एसी, एक सेकंड एसी, नौ स्लीपर, चार जनरल और दो गार्ड कोच रहेंगे। ट्रेन के लिए 20 कोच पहले ही पहुंच चुके थे। अब 11 और आए हैं। इनमें से 10 ट्रेन में जुडऩे लायक नहीं हैं। जानकारों के अनुसार उदयपुर-हरिद्वार ट्रेन का विस्तार उदयपुर किए जाने से यहां के यात्रियों को कुछ माह तक आरक्षण की सुविधा नहीं मिल पाएगी। एेसे में रेलवे को चाहिए कि वह इस ट्रेन में अतिरिक्त कोच लगाए। रेलवे 18 की जगह 22 कोच तक बढ़ा सकता है। इससे उदयपुर के यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।

रमेश व्यास ने दैनिक नवज्योति उदयपुर का संपादक पद संभाला .

 Post News. पत्रकारिता के स्तम्भ एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश व्यास का झीलों की नगरी में वापसी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार श्री व्यास ने दैनिक नवज्योति के संपादक का दायित्व बुधवार से संभाल लिया। अपनी सधी हुई भाषा पैनी नज़र, खबरों की विश्वनीयता एवं खबरों को सधा हुआ आकार देने वाले श्री व्यास से उदयपुर का हर बुद्धिजीवी वर्ग एवं हर आम नागरिक भलीभांति परिचित है।
श्री व्यास पूर्व में कई वर्षो तक उदयपुर राजस्थान पत्रिका एवं उसके बाद उदयपुर दैनिक भास्कर में संपादक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके है। श्री व्यास की खबरों की शैली और खबरों की विश्वनीयता से उदयपुर वासी उस अखबार की विश्वसनीयता आंकते थे।
अपनी सशख्त लेखनी के बूते पर श्री व्यास ने कई बार उदयपुर की गंभीर समस्याओं को उठा कर सरकार और प्रशासन को उनके निस्तारण के लिए विवश किया है। आशा है कि उदयपुर समाचार जगत उनके आगमन से उदयपुर के पत्रकारिता जगत को एक दिशा और गति मिलेगी।  श्री व्यास के उदयपुर दैनिक नवज्योति में संपादक का पद ग्रहण करने के बाद बुद्धिजीवी वर्ग में इस बात की खासी चर्चा रही, हर किसी ने इस मोके पर ख़ुशी ज़ाहिर की है। उदयपुर पोस्ट भी श्री व्यास के झीलों की नगरी में वापसी पर दिल से अभिनन्दन करता है।

फोब्र्स इण्डिया टाॅप 50 कम्पनी की सूची में हिन्दुस्तान जिंक

Post News । फोब्र्स इण्डिया की सूची में राजस्थान की एकमात्र तथा प्राकृतिक संसाधन कंपनी में भी एकमात्र कंपनी हिन्दुस्तान जिंक
फोब्र्स इण्डिया ने 50 शीर्ष भारतीय कंपनियों की सूची जारी की है जिसमें एकमात्र प्राकृतिक संसाधन कंपनी के रूप में हिन्दुस्तान ज़िंक को शामिल किया गया है। फोब्र्स इण्डिया ने हिन्दुस्तान जिंक पर प्रकाष डालते हुए अयस्क के फायदे, लागत पर नियंत्रण, अधुनातन टेक्नोलाॅजी का उपयोग तथा त्वरित रूप से एकीकृत परिचालनों को अपनाना, कंपनी के मुख्य आकर्षण के रूप में केन्द्रित किया गया है।
हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनिल दुग्गल ने खुषी व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘हिन्दुस्तान जिंक फोब्र्स इण्डिया सुपर 50 कंपनियों की सूची 2017 में शामिल होने से अति प्रसन्नता हो रही है। हमारी मुख्य दक्षता लागत पर नियंत्रण और उत्पादन मात्रा में वृद्धि करना है। समय-समय पर भारत में जस्ता की खपत कई बार बढ़ी है। श्री दुग्गल ने बताया कि बुनियादी ढांचा, सौंदर्य प्रसाधन, दवाइयाॅं, पेंट, रबर, सर्जिकल उपकरण, प्लास्टिक, वस्त्र, साबुन और बैटरी जैसे बाजारों में जस्ता के उपयोग के साथ ही विस्तार किया गया है।’’
श्री सुनील दुग्गल ने कहा कि ‘‘जंग का सुरक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ता है जिससे रेलवे जैसे क्षेत्रों, तटीय क्षेत्रों के आस-पास आधारभूत ढांचे, आॅटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने की ज़रूरत है।’’
तटवर्ती इलाकों के निकट विषेष रूप से निर्मित ठोस संरचनाओं की गिरावट के लिए प्रमुख कारणों में से जंग एक है। नमी के साथ तटीय लवण से प्रभावित धातु सतहों से इमारतों में प्रवेष कर इमारत को नुकसान पहुंचाते हैं। मूल रूप से कहना है कि जब स्टील को जंग लग जाता है, तो स्टील का घनत्व बढ़ जाता है जिससे स्ट्रक्चर में दरारें आ जाती है, जो बाद में पतन का कारण बन सकती है।
एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है आॅटोमोबाइल जिस पर अधिक ध्यान देने की आवष्यकता है। भारतीय कार निर्माता घरेलू बाजार में निर्मित कारों के लिए लगभग 3 प्रतिषत गेलवनाईज का उपयोग करते हैं। यद्यपि एक भारतीय कार निर्माता उसी माॅडल की कारों के लिए 70 प्रतिषत गेलवनाईज का उपयोग करती हैं। ज्ञातव्य रहे कि यूरोप, उत्तरी अमेरिका, कोरिया और जापान में कार निर्माता दषकों से कार बाॅडी पैनलों के लिए गेलवनाईज का उपयोग कर रहे हैं और कम से कम 10 वर्षों की जंग की गारंटी भी प्रदान करते हैं। जबकि भारतीय उपभोक्ताओं के लिए बनाई जाने वाली अधिकांष कारों के लिए ऐसी कोई सुरक्षा नहीं है। भारत में 60 प्रतिषत से अधिक कारों की सतह पर जंग लगा है जो स्टील की मजबूती और कार की लाईफ को कम कर देता है जिससे सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसके लिए न तो कोई सरकारी पाॅलिसी है और न ही उपभोक्ताओं को इन मानकों के बारे में जानकारी है।
इसी प्रकार रेलवे की पटरियों का गैलेवेनाईजिंग केवल रेल गाड़ियों की सुरक्षा के लिए ही नहीं बल्कि रेलवे टेªक्स की भी ज्यादा लाईफ बढ़ाता है। 125,000 किलोमीटर से ज्यादा फैले भारत में रेल पटरियां विष्व का तीसरा सबसे बड़ा समूह है। जंग रहित रेल पटरियों के पूर्व-प्रतिस्थापन के कारण 450 करोड़ रुपये का वार्षिक नुकसान होता है। कई दुर्घटनाओं के लिए फिष-प्लेटों को जिम्मेदार माना गया है। न सिर्फ फिष-प्लेटें बल्कि बोल्टों को भी सुरक्षा की ज़रूरत है जो जंग से सुरक्षा करती है। विषेषज्ञों के अनुसार जंग के कारण प्रतिवर्ष लगभग 4 प्रतिषत जीडीपी का नुकसान हो रहा है जो रेलगाड़ियों में गेलवनाईज के माध्यम से रोका जा सकता है।
जब भारत स्मार्ट सिटीज प्रोजेक्ट, डिजिटल इण्डिया और मेक इन इण्डिया जैसी परियोजनाओं का संचालन कर रहा है तो ऊर्जा क्षेत्र और ग्रामीण विद्युतीकरण पर अधिक जोर दिये जाने की ज़रूरत है। हाई वोल्टेज लाइनों के आगमन के बाद से इलेक्ट्रिक यूटिलिटी मार्केट में हाॅट डिप गेलवनाईज स्टील का उपयोग किया गया है। भावी पीढ़ी की सुविधा, सबस्टेषन, टाॅवर और नवीनीकरणीय ऊर्जा घटकों में गेलवनाईज्ड किसी भी वैष्विक अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी है। जब भारत हर बुनियादी ढांचा के आधार पर प्रत्येक गांव में बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है तो बिजली ट्रांसमिषन को कई सालों तक सुरक्षित रखने की जरूरत है।
दुनिया भर में लगभग 50 प्रतिषत जस्ता खनित का गेलेवेनाईजिंग में उपयोग, 17 प्रतिषत जस्ता मिश्र धातु के लिए, 17 प्रतिषत पीतल और कांस्य बनाने के लिए, 6 प्रतिषत जस्ता सेमी-मैन्यूफेक्चरिंग में, 6 प्रतिषत रसायनों में और अन्य विविध प्रयोजनों के लिए 4 प्रतिषत का उपयोग किया जाता है।

तुलसी एनकाउंटर – दलपतसिंह रिहा, सीआई अब्दुल रहमान का आवेदन खारिज. दिनेश एमएन सहित पांच पर हैं आरोप

उदयपुर . बहुचर्चित तुलसी एनकांउटर मामले में मुम्बई जिला न्यायालय ने हेड कांस्टेबल दलपतसिंह को सोमवार को रिहा कर दिया। जबकि मंगलवार को मुम्बई जिला न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सीआई अब्दुल रहमान के आवेदन को खारिज कर दिया।

इस मामले में एसआेजी आईजी दिनेश एमएन सहित राजस्थान के पांच जनों के विरुद्ध अभी निर्णय बाकी है। सोहराबुद्दीन का राइट हैण्ड माने जाने वाले तुलसी उर्फ प्रफुल्ल प्रजापति का वर्ष 2007 में अहमदाबाद पेशी पर ले जाते समय एनकाउंटर हो गया था। इसका कारण शार्प शूटर तुलसी को उसके साथी द्वारा फायर कर भगा ले जाने से रोकना बताया गया था। मामले में सीबीआई ने उदयपुर के तत्कालीन एसपी दिनेश एमएन, सीआई अब्दुल रहमान, एएसआई नारायणसिंह, कांस्टेबल युद्धवीर, करतारसिंह व गुजरात के कुछ अधिकारियों  को आरोपित बनाते हुए उनके विरुद्ध न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया था। काफी समय न्यायिक अभिरक्षा में बिताने के बाद सभी जमानत पर रिहा हुए थे। मामले में मुंबई जिला न्यायालय में लगातार सुनवाई चल रही थी। मामले में दलपतसिंह ने आरोपों को नकारते हुए फायरिंग के दौरान मौके पर मौजूद नहीं होना बताया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद उसे रिहा कर दिया। तुलसी का केस पर भी सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से जुड़ा होने के कारण दोनों की सुनवाई एक साथ हो रही है। तुलसी-सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में अब शीघ्र ही एसआई श्यामसिंह, हिमांशु राव सहित अन्य की सुनवाई होने वाली है। इस एनकाउंटर में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, उद्यमी विमल पाटनी, गुजरात के राजकुमार पाण्डेर रिहा हो चुके हैं।

अपराध जगत में शॉर्प शूटर था तुलसी 

शॉर्प शूटर प्रफुल्ल उर्फ तुलसी गुजरात, महाराष्ट, राजस्थान व मध्यप्रदेश के चार राज्यों का मोस्ट वांटेड अपराधी था। 24 वर्ष की उम्र में से दस वर्ष अपराध जगत में गुजारे दस सालों में उसके खिलाफ  चार हत्या व लूट, नकबजनी व फिरौती के बीस मामले दर्ज हुए। वर्ष 1997 में मध्यप्रदेश पुलिस ने उसे पहली बार राजू नामक युवक के साथ चोरी व नकबजनी में पकड़ा था। उसके बाद 1999 तक नकबजनी की अनेक वारदातों में वह अन्दर-बाहर होता रहा।  इस अवधि में उसकी मध्यप्रदेश के भैरूगढ़ जेल में छोटे दाऊद के साथी सोहराबुद्दीन से मुलाकात हुई। बाद में तुलसी आतंक का दामन थामते हुए सोहराब के इशारे पर बड़े-बड़े राजनीतिज्ञों, बिल्डरों व व्यवसाइयों की सुपारी लेने लगा।