शिव भक्त अब नोका में सेर कर दर्शन करेगें महाकाल के

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उदयपुर. जल्दीहीशिव भक्त फतहसागर किनारे से नाव में सवार होकर महाकाल मंदिर दर्शन करने जा सकेंगे। नगर निगम ने ठेकेदार के माध्यम से लोगों को यह सुविधा देने की तैयारी कर ली है। अभी सड़क मार्ग से मंदिर दर्शन करने पहुंचा जा रहा है। निगम ने एमएम ट्रेवल्स कंपनी को 5 साल का ठेका दिया है। उसमें मुंबइया बाजार के पास से झील के रुटीन राउंड के साथ ही महाकाल मंदिर तक नाव संचालन भी शामिल है। इसके लिए महाकाल मंदिर की तरफ भी झील में जेटी लगाने की तैयारी कर ली गई है। ठेकेदार को सालाना 1 करोड़ 1 लाख में छह मोटर बोट और 4 स्पीड बोट चलाने का ठेका दिया गया है। अगले सप्ताह तक नाव संचालन शुरू होने की उम्मीद है। डिप्टी मेयर लोकेश द्विवेदी की अध्यक्षता वाली गैराज समिति ने फतहसागर से महाकाल मंदिर तक नाव संचालन का निर्णय लिया था। उसी के तहत यह सुविधा शुरू की जा रही है।
आमतौर पर फतहसागर किनारे बड़ी संख्या में पर्यटक आते है, मगर जानकारी के अभाव में बहुत कम लोग झील किनारे स्थित महाकाल मंदिर के दर्शन के लिए पहुंच पाते हैं। नाव शुरू होने से फतहसागर आने वाले लोगों को महाकाल मंदिर दर्शन करने की तरफ रुझान बढ़ेगा। फतहसागर किनारे ट्रैफिक दबाव कम करने पर्यटकों की बसों को महाकाल मंदिर के बाहर खड़ी करवा कर वहां से पर्यटकों को फतहसागर पाल की तरफ आने की सुविधा भी दी जा सकती है।

इधर चल रही थी दुल्हन की विदाई की तैयारी उधर ट्रोले ने कुचल दिया परिवार के तीन लोगों को

u6_1488745281उदयपुर . खमनोर क्षेत्र के उनवास गांव में दूल्हे पवन पालीवाल के घर रविवार को शादी की खुशियां मातम में बदल गई। दूल्हे पवन की उदयपुर से विदाई भी नहीं हुई थी कि चाचा और परिवार के तीन लोगों की हादसे में मौत की सूचना आ गई। हालांकि परिवार की महिलाओं को शाम तक हादसे से बेखबर रखा गया, लेकिन रात नौ बजे दादा-पोते सहित परिवार के तीन लोगों के शव गठरियों में लाए तो रुदन मच गया। श्मशानघाट पर लाइटों की व्यवस्था कर तीनों का रात को एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया।

रिटायर्ड फौजी हेमशंकर पालीवाल, उनका पोता धर्मेश और इंद्रलाल रविवार सुबह उदयपुर में पवन की शादी के फेरों के बाद होने वाली रस्मों में शामिल होने के लिए घर से मोटरसाइकिल पर निकले थे। तीनों ने घसियार के मंदिर में दर्शन किए। फिर सामने ही होटल पर चाय पीने के लिए रुक गए। उन्होंने होटल वाले को चाय पिलाने के लिए कहा ही था कि पिंडवाड़ा की तरफ से उदयपुर जाता अनियंत्रित ट्रेलर मोटरसाइकिल के साथ तीनों को कुचलते हुए आगे निकल गया।

रिश्तेदारों और समाजजनों को वारणी की भागल से एक किमी दूर गेट पर रोका गया। शव आने के बाद सभी एक साथ घर के लिए रवाना हुए। शव रात करीब नौ बजे घर लाए। महिलाओं काे कुछ देर पहले ही हादसे के बारे में बताया। इंद्रलाल खेती-बाड़ी करते थे। उनके लड़के सुरेश इंदौर से और नितिन मुंबई से गांव पहुंचे। हेमशंकर पालीवाल रिटायर्ड फौजी थे।
– सेवानिवृत्ति के बाद नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर में 15 साल तक गार्ड की नौकरी भी की। वे श्रीनाथजी मंदिर में कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे। धर्मेश पालीवाल अंकुर पब्लिक स्कूल नाथद्वारा में 10वीं की पढाई कर रहा था। धर्मेश मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति का था। धर्मेश हादसे के तीन घंटे पहले अपनी मां लक्ष्मी के साथ वारणी की भागल के पास रूपजी का गुड़ा स्थित भैरूजी के मंदिर में दूध का प्रसाद पहुंचाने गया था। हादसे से 24 श्रेणी पालीवाल समाज, पालीवाल ब्राह्मण समाज की श्रेणियों में शोक छा गया।
सड़क किनारे लोगा राम डांगी की होटल पर तीनों मृतकों के लिए चाय बना रहे 35 वर्षीय होटलकर्मी नानूराम पालीवाल ने भास्कर को हादसे का पूरा घटनाक्रम बताया। हादसे को देख वह तीन घंटे तक कांपता रहा। नानूराम ने उस वक्त चाय बना रहा था।
– सामने से आते अनियंत्रित ट्रेलर पर नजर पड़ी तो वह मृतकों की मोटरसाइकिल, टेबल-कुर्सियों को चपेट में लेते हुए होटल की तरफ आता दिखा। यह देख उसके होश उड़ गए। वह होटल के अंदर भाग गया। ट्रेलर होटल के टीनशेड को चपेट में लेते हुए उससे एक फीट दूरी से निकलकर यहां से करीब 75 फीट दूरी पर स्थित दूसरी होटल में जा घुसा। हादसे की घबराहट के कारण वह तीन घंटे तक कुछ बोल भी नहीं पाया।

पति और ससुर ने महिला के शरीर को गर्म लोहे के चिमटे से जला दिया – पुलिस ने बताई मामूली घटना

WhatsApp Image 2017-02-28 at 8.46.34 PMउदयपुर। जिस राज्य की मुख्य मंत्री महिला है जिस जिले का विधायक गृहमंत्री है उसी राज के जिले में दरिंदगी का ऐसा चेहरा सामने आया है जिसको सोचा भी नहीं जा सकता। महज एक फोन कॉल को आधार मानते हुए एक महिला को उसके ससुर और पति ने लोहे के गर्म चिमटे से पुरे शरीर को जगह जगह से दाग दिया। चेहरा, गर्दन, हाथ जांघ, यहाँ तक की गुप्तांग और वक्ष स्थल तक नहीं छोड़े और गर्म लोहे से दाग दिया। हद तो यह है कि पुलिस ने इसको मामूली आपसी घटना मानते हुए दोषियों को ले दे कर रफ दफा भी कर दिया।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ठीक आठ दिन पहले दिल दहला देने वाली इस वारदात ने दूनिया के सबसे खूबसूरत शहर की फिजा में दागदार रंग घोलकर सभी को शर्मसार कर दिया। उदयपुर जिले के गोगुन्दा थाना क्षेत्र तहसील कदमाल गांव रेबारियों का गुड़ा में रहने वाली विवाहिता २२ वर्षीय झमकू ने बताया की उसका विवाह २ वर्ष पूर्व छिपल गाँव के भग्गा गमेती से हुआ था १० माह का उसका एक बेटा भी है। पिछले ७ दिनों पूर्व झमकू के मोबाइल पर किसी का कॉल आया झमकू ने उससे बात की जब पति ने उससे पूछा तो झमकू ने अनभिज्ञता जाहिर की कि उसको नहीं पता कोन है। उस नंबर पर झमकू के पति भग्गा और उसके ससुर लहरी लाल ने भी बात की। भग्गा ने झमकू पर आरोप लगाते हुए कहा की उसका उस मोबाइल पर बात करने वाले से अवैध सम्बन्ध है। इस बात को लेकर भग्गा और ससुर लहरी लाल ने झमकू की जमकर पिटाई की। इतना ही नहीं लोहे के चिमटे को गर्म करके बेकसूर झमकू को जगह – जगह से जला भी दिया। वह चींखती रही,बिलखती रही लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। क्या पूरूष, क्या महिला,हर कोई तमाशबीनों की तरह इस मंजर को देखता रहा। आरोपी पति और ससूर उसके बदन पर तब तक आग बन चुका चीमटा दागते गए जब तक वह बेंहोश नही हो गई। चीमटे को चुल्हे से गर्म करके उसके चहरे, गर्दन, पेट, छाती, पांव ही नहीं गुप्तांगों को भी जला दिया। इस पूरी वारदात में पीड़िता की सास का भी अहम किरदार था उसने ही अपने पति और बेटे को बहू के खिलाफ भडकाकर दोनो को आक्रोशित किया। दरिन्दों के चंगुल से छुटकर फिलहाल विवाहित पीड़िता अपने पीहर तो आ गई है लेकिन उसकी हालत अभी भी दयनीय बनी हुई है। खौफ का वह मंजर पीड़िता की आंखों में अभी भी ताजा है, वह इतनी डरी हुई है कि कुछ भी बोल पाने में असमर्थ है, उसे इंसाफ तो चाहिए लेकिन बस यही भय है कि फिर से उसे प्रताड़ना नहीं दी जाए। पीहर में भी विधवा मां के साथ पीड़िता अकेली है। झमकू की हालत देख कर गांवकी महिलाओं में खासा रोष है।
झमकू के परिजनों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले इन वहशी दरिन्दों ने पीहर पक्ष वालों को बुलाकर पीड़िता को फिर कभी नहीं लाने को कहकर भेज दिया। जब पीहर पक्ष वालों को झमकू की हालात का पता चला और उन्होंने उसके घाव देखे तो उन्होंने उसके पति और ससुर से जवाब तलब किया। जवाब में झमकू का पति और ससुर उसके गाँव के कुछ लोगों के साथ आया और झमकू और उसकी मान को धमका कर चले गए कि अगर तूने थाने में रिपोर्ट करवाई तो अंजाम बुरा होगा। गाँव के जागरूक नागरिक नरपत सिंह ने गोगुन्दा थाने में फोन कर सारी कहानी बताई। लेकिन पुलिस भी रात १२ बजे उसके घर गयी और सुबह थाने में आकर रिपोर्ट देने की बात कह कर चली गयी। २६ फरवरी को झमकू परिजनों के साथ गोगुन्दा थाने में जा कर रिपोर्ट दी तो पुलिस ने आपस का छोटा मामला बताकर आरोपियों की जमानत तक कर दी। बाद में एक बार फिर भगा के गाँव के समाज के पंच भी गांव में पंहुच गए और पीड़िता के परिजनों को इतना डराया कि अब वह किसी को भी कुछ कहने को तैयार नहीं है। पति और ससूर के अत्याचारों से गम्भीर रूप से घायल हुई पीड़िता ठीक से चल भी नहीं पा रही है, आलम यह हो गया है कि पीड़िता अपने दूध मुहे बच्चें को जलने के कारण बाहर का दूध ही पिलाने को मजबूर है। पीड़िता को चीमटे से दागने की बात जैसे ही आसरा विकास संस्थान के भोजराज सिंह को लगी वे भी मौके पर पंहूचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। महिला को हर संभव मदद की दिलासा देने के बाद उन्होने महिला आयोग की प्रदेशाध्यक्ष को दूरभाष पर पूरे मामले से अवगत करवाया और जिला पुलिस अधीक्षक को कड़ी कार्रवार्इ करने की अपील भी की।

इनका कहना …..
झमकू के साथ हुई घटना एक तरह से दरिंदगी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह पुलिस ने इसको छोटा मामला बता कर रफ दफा कर दिया जब कि पीड़िता की हालात बहुत खराब है। जितेंद्र सिंह , वार्ड पञ्च

यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस को भी अपना काम सही तरीके से तप्तीश कर करना चाहिए। भोज राज , डायरेक्टर आसार विकास संस्थान

I LOVE UDAIPUR : पिछोला किनारे नया पर्यटन केंद्र

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उदयपुर. झीलों की नगरी में नया डेस्टिेनेशन बनकर तैयार है। जहां न केवल पर्यटक झील और स्थापत्य के खूबसूरत नजारों के साथ सुनहरी यादों को अपने कैमरे में सहजेंगे, बल्कि शहरवासी अपनी सेहत भी बना सकेंगे।प्रताप बसंतीलाल चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पिछोला रिंग रोड पर सिसारमा के समीप ईको पार्क विकसित किया  गया है। इस पार्क में आेपन जिम के साथ ही खूबसूरत पिछोला झील और सिटी पैलेस का मनमोहक नजारा दिखाई देता है। प्रकृति की गोद में बने इस पार्क का लोकार्पण सोमवार को होगा। सुबह-शाम शहरवासी इस पार्क में सेहत संवारने के लिए आेपन जिम में व्यायाम कर सकते हैं, तो दोपहर में झील किनारे ठंडी बयार के साथ खूबसूरत नजारे के साथ सुकून के पल बीता सकते हैं।

ट्रस्टी रिशित भण्डारी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व ट्रस्ट को यूआईटी ने 60 हजार वर्ग फीट की यह भूमि सौंपी थी। इसके बाद यहां यह सुंदर पार्क विकसित किया गया। इस पार्क में 250 मीटर लम्बा एक्युप्रेशर वॉकिंग ट्रेक बनाया गया है। इस पर एक्युप्रेशर टाइलें लगवाई गई हैं। इसके साथ ही आेपन जिम के विविध उपकरण भी पार्क में स्थापित किए गए हैं।

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उदयपुर में शहरवासियों एवं पर्र्यटकों के आकर्षण का नया केन्द्र तैयार है। पिछोला की रिंग रोड पर प्रताप बसंती लाल भण्डारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से प्रताप पार्क बनाया गया है। इसका लोकार्पण सोमवार को होगा। पार्क  से पिछोला झील एवं सिटी पैलेस का मनोहारी नजारा देखने को मिलता है। इसमें सुबह और शाम सैर करने जाने वालों के लिए प्राकृतिक माहौल में व्यायाम करने के लिए ओपन जिम भी स्थापित किया गया है।

जैविक खाद और सौर लाइट

प्रताप पार्क में लगाए गए पौधों के लिए जैविक खाद का उपयोग किया गया है। इसके साथ ही यहां पर सौर ऊर्जा से संचालित 18 पैनल लगाए गए हैं। ये सभी लाइटें रात होने के साथ ही जल उठती है और सुबह बंद हो जाती है। पार्क के बाहर पार्र्किंग एरिया के साथ ही कई अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं।

आमजन को मिलेगा लाभ

प्रताप बसंतीलाल भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से विकसित किए गए इस पार्क में आमजन नि:शुल्क प्रवेश कर सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।  ट्रस्ट पांच वर्ष तक इस पार्क की देखरेख करेगा। पार्क में लगाई गई टाइलें रिसाइकिल स्लरी और सीमेंट की है।

युवाओं को लुभाएगा 

शहर की सुंदर झील के साथ ही एेतिहासिक इमारतों के नजारे और आई लव उदयपुर का साइन शहरवासियों को आकर्षित करेगा। यह साइन उदयपुर के लोगों के साथ ही खासकर युवाओं को मोहित करेगा।

 

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इसलिए खास है पार्क

-सोलर लाइट्स, नीम फर्टिलाइजर्स, रिसाइकल्ड सीमेंट स्लरी टाइल्स से बना ईको पार्क।

-एक्युप्रेशर वॉकिंग ट्रेक, ओपन जिम, गार्डन, मोगरा की महक।

-आई लव उदयपुर के साथ सेल्फी-ग्रुपी फोटो पॉइंट।

आधी दुनिया ने “पावर फॉर रन” में अपनी दिखाई शक्ति

1500 से ज्यादा महिलाओं ने हिस्सा लेकर दिया नारी सशक्तीकरण का संदेश

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उदयपुर। शहर की फतहसागर की पाल को मानो रविवार की खुशनुमा सुबह का ही इंतजार था। हवा के ठंडे झोंकों और पानी में आती-जाती लहरों के बीच पाल पर नारी शक्ति का संदेश देने इकट्ठा हुई 1500 से अधिक महिलाओं व युवतियों ने इतिहास रच दिया। मौका था महिलाओं की ओर से महिलाओं के लिए आयोजित ‘चिक्स कनेक्ट पावर रन मैराथन’ का। महिलाओं में जोश इतना था कि सुबह 8 बजे ही फतहसागर पाल का एक छोर नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सफेद कैप में सजी महिलाओं ने ‘भारत माता की जय,’ ‘वंदे मातरम्’ सहित अन्य जोशीले नारे लगा समां बांध दिया। यहां कदम से कदम मिले और कारवां बढ़ता गया। ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन का दौर चला व उसके बाद चार-चार का समूह दौड़ के लिए तैयार हो गया।

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मुख्य अतिथि पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री डॉ. गिरिजा व्यास ने चिक्स कनेक्ट की फाउंडर हुर्रतुल मलिका ताज, शोभागपुरा सरपंच कविता जोशी, सुधा भंडारी, पूजा भंडारी, बिंदु शर्मा, मोनिका, सोनाली मारू सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रोफेशनल्स व एंटरप्रेन्योर्स की मौजूदगी में ‘पावर रन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उदयपुर सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों व अन्य राज्यों से आईं प्रतिभागी महिलाओं ने जबर्दस्त उत्साह दिखाते हुए दौड़ के पहले पड़ाव की ओर कूच किया। कार्यक्रम के मुख्य सहयोगी इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लि.,के अलावा हेरिटेज गल्र्स स्कूल, गोल्ड एन ब्लश पॉर्लर, टेक्नो एन जे आर कॉलेज, अरनोल्ड जिम, क्वीन्स कांर्सोट, अरबन कॉपरेटिव बैंक, पी बडी, एक्शन उदयपुर टीम, इनोवेटिंग हॉस्पिटालिटी, फोर्टिस हॉस्पिटल्स रेडिसन उदयपुर, पिंक्स एंड पिचेज, वेस्ट साइड, प्रोप्स गुरु, पुकार ग्रुप , ब्रुबैरी लेनी भट्ट डांस ऐकेडमी एवं एसआईसीपीएल आदि थे।

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सेल्फी की मची होड़ :
मैराथन के पहले पड़ाव पर बने सेल्फी बूथ पर प्रतिभागी महिलाओं ने जबर्दस्त उत्साह दिखाया। फतहसागर के बेकग्राउंड तथा वहां रखे प्रोब के साथ विशेष सेल्फी प्वाइंट पर सबने सेल्फी ली जिन्हें फेसबुक पर हैशटेग चिक्स रन पर अपडोल करना था। सबसे यादगार क्षण वह रहा जब चालीस पार की महिलाओं के समूह ने हास्ययोग करते हुए सेल्फी ली।
गो ग्रीन एक्टिविटी :
इस पड़ाव को पार करते ही प्रतिभागी अगले पड़ाव की ओर रवाना हुए जिसका विषय ‘गो-ग्रीन’ था। यहां पर अपनी उपस्थित दर्ज कराते ही प्रतिभागियों ने वहां रखी बोतलों को आकर्षक ढंग से सजाया। उनमें मनी प्लांट लगाए व बोटल अपने साथ ले गए। कांसेप्ट यह था कि मनी प्लांट की तरह से लड़कियां भी जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की करते हुए निर्बाध रूप से आगे बढ़ें।

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अंतिम पड़ाव बेहद दिलचस्प :
3.8 किलोमीटर की इस दौड़ का अंतिम पड़ाव दिलचस्प रहा। यहां पर कई टीमों के बीच मुकाबला बहुत करीबी रहा। तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ उत्साह बढ़ाते हुए लोगों ने टीमों का स्वागत करते हुए हौसला बढ़ाया। पहले पांच स्थानों पर रही टीमों को पुरस्कार के लिए चुना गया। इसके अलावा जिन टीमों के साथी दौड़ में पीछे रह गए उनमें से भी व्यक्तिगत स्तर पर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। यहां स्लोगन स्पर्धा भी हुई जिसमें नारी शक्ति, नारी सशक्तीकरण आदि पर प्रतिभागियों ने सुुंदर कविताएं, स्लोगन आदि लिखे।

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अंतिम पड़ाव राजीव गांधी उद्यान पर विजेताओं के पहुंचने के कुछ देर बाद तक प्रतिभागियों के आने का क्रम चलता रहा। कुछ प्रतिभागी वॉक करके भी पहुंचे। राजीव गांधी उद्यान के बाहर बने विशेष स्टेज पर पुरस्कार वितरण समारोह हुआ जिसमें प्रतिभागियों ने भी धमाकेदार प्रस्तुतियां दीं। इंडियन ऑयल कॉरर्पोरेशन लिमिटेड के सीनियर मैनेजर सुदीप्तो, हैरिटेज गल्र्स स्कूल की निदेशक सुधा भंडारी, एसआईसीपीएल की डायरेक्टर अंजु गिरी, टेक्नो एनजेआर कॉलेज की निदेशक श्रीमती मीरा सहित अन्य अतिथियों ने मैराथन की प्रथम पांच विजेताओं को पुरस्कृत किया। इसके अलावा गो ग्रीन की ओर से भी पांच पुरस्कार प्रदान किए गए। स्टेज पर बैंड अद्भुत की गीतों भरी पेशकश ‘ओ री चिरैया..अंगना में फिर आना रे..’ सबको खूब पसंद आई। थ्रिलर डांस एकेडमी की नन्जी बालिकाओं ने अपनी परफॉरमेंस से दिल जीत लिया। युवतियों व महिलाओं ने अपने अनुभव सुनाए और नारी सशक्तीकरण के नारे लगाए।

केंसर से बचाव और युवाओं में जागरूकता से ही केंसर को रोका जा सकता है- मारवाड़ी युवा मंच

mym logoउदयपुर। केंसर रोग के लिए जागरूकता अभियान के लिए प्रतिबद्ध मारवाड़ी युवा मंच लगातार अपनी कोशिशों को अंजाम देता जारहा है। मारवाड़ी युवा मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हर शहर में केंसर के प्रति जागरूकता अभियान चला कर जनता और ख़ास कर युवाओं को इसकी भयावहता के बारे में बता रहे है। मारवाड़ी युवा मंच का मानना है कि कैन्सर की भयावहता दिन पर दिन बहुत तेज़ी से बढ़ती जा रही है। कैन्सर से बचाव और जागरूकता ही एकमात्र रास्ता है कि इस बीमारी को रोका जा सके।
मारवाड़ी युवा मंच की प्रदेश केंसर संयोजक डॉ. काजल वर्मा ने केंसर से लड़ाई के इस मिशन को प्रदेश भर में बहुत आगे बढ़ाया है और यह कोशिश युवाओं में एक नयी सोच जगा रही है। मारवाड़ी युवामंच का हर पदाधिकारी हर एक कार्यकर्ता जन जन में जागरूकता फैला कर अपने केंसर से लड़ने की अलख जगाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश भर के मारवाड़ी युवा मंच के कार्यकर्ता इस अभियान को बखूबी अंजाम दे रहे है।

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इसी कड़ी में मारवाड़ी युवा मंच जयपुर मूमल शाखा द्वारा बुधवार को पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में एक सेमिनार आयोजित किया। सेमिनार में जयपुर के प्रसिद्ध दुर्लभ जी अस्पताल की वरिष्ठ कैन्सर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर उमेश खंडेलवाल ने कैन्सर की भयावहता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ खंडेलवाल ने केंसर से बचने और उसके लक्षणों के बारे में खुल कर चर्चा की। डॉ खंडेलवाल ने आज के युवाओं में केंसर जनित मादक पदार्थों के सेवन को लेकर चिंता जाहिर की। यूनिवर्सिटी में इस कार्यक्रम को करने का उद्देश्य भी यही रहा कि ज़्यादातर छात्र इस उम्र में धूम्रपान, गुटखा और कई अन्य कैन्सर जनित चीज़ों का सेवन करना शुरू करते हैं और अपने जीवन को ख़तरे में डाल लेते हैं। जिसका परिणाम आने वाले समय में उनको और उनके परिवार को भुगतना पड़ता है। इसे छात्रों को जागरूक केसे किया जाय और उन्हें इस घातक व्यसनों से केसे छुटकारा दिलाया जाय। कार्यक्रम में लगभग 300 छात्र छात्राओं की उपस्थिति इस कार्यक्रम में रही और सभी से कैन्सर जागरूकता से सम्बंधित डूडल पेपर भरवाए गए। कार्यक्रम में जयपुर मूमल की अध्यक्ष रेणु गुप्ता जयपुर केपिटल के अध्यक्ष अनूप कासलीवाल व् मंच के अन्य सदस्यों ने उपस्थित होकर सहयोग किया।

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आजादी के बाद की सबसे खराब सरकार- यादव, स्वराज की आस लिए देश में ही गुलाम है आदिवासी

dr yogendr yadavउदयपुर . उदयपुर जिले के कोटड़ा में आयोजित मिलन मेले में शिरकत करने आए डॉ. योगेन्द्र यादव ने कहा कि इस तरह की किसान विरोधी सरकार आजादी के बाद कभी नहीं आई है। इस सरकार में किसानों के हालत और दयनीय हुए है, राजस्थान का कोटड़ा इलाका इसका सबसे ताजा और बड़ा उदाहरण है।
आप पार्टी के पूर्व नेता व् स्वराज इंडिया के संस्थापक डॉ योगेंद्र यादव ने आदिवासियों का मिलन मेला में शिरजकत करने के बाद आज यहाँ पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि आज भी आदिवासियों से हमारी सरकार का आज भी वेसा रिश्ता है जैसा अंग्रेजों के जमाने में इस देश से था। आदिवासियों की हालत देखकर यादव ने साफ किया कि यहां पर स्थिति आज भी दयनीय है, कैंद्र सरकार हो या राज्यसरकार आदिवासियों के साथ वैसा ही बर्ताव किया जा रहा है, जैसा अंग्रेजों ने भारत के साथ किया था। डॉ. यादव ने कहा कि जंगल जन जमीन आंदोलन समिति पिछले एक दशक से आदिवासियों के हितों के लिए काम कर रही है और इस समिति की मेहनत के बुते ही आदिवासियों में नई ताकत का इजाफा होगा। आज आदिवासियों को देश में बहूत पिछड़ा माना जाता है, स्वराज के नाम पर आदिवासी इलाकों में कुछ भी नहीं है आज भी यहां के लोग गुलामी की जिन्दगी सफर कर रहे है। सरकार ने सारे अधिकार इनसे छिन लिए
है। वन अधिकार कानून की भी यहां पर सही ढंग से पालना नहीं हो रही है। कई बार आंदोलन के बाद भी सरकार ने सिर्फ आश्वासन ही दिया है, लेकिन अब आदिवासियों को जागने की जरूरत है, उग्र आन्दोलन ही उन्हें उनके हक दिलाएगा। आपको बता दे कि आगामी छ मार्च को जंगल जन जमीन आंदोलन समिति की ओर से संभाग व्यापी आंदोलन किया जा रहा है, अगर सरकार ने फिर भी इनकी मांग को नहीं माना तो आंदोलन अनवरत जारी रहेगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगाी। आदिवासियों की प्रथक राज्य की मांग के सवाल पर डॉ यादव
ने कहा कि प्रथक राज्य बन जाए तो कोई दिक्कत वाली बात नहीं है लेकिन उसके बनने के साथ ही वहां की प्रजा के लिए काम हो, क्योंकि जहां जहां भी आदिवासियों के हितो के देखते हुए अलग से राज्य बने है। वहां पर भी सरकार आदिवासियों के लिए काम नहीं कर पाई है। इतना ही नही मौताणा और चढोतरा जैसी आदिवासी कुप्रथाओं के मुद्दे पर डॉ यादव ने कहा कि परम्पराओं को
सुधारने के लिए बाहर के लोग काम नहीं कर सकते हैं, जो परम्पराओं को मानते है है उन्हीं लोगों को मिलकर इनमें बदलाव करना होगा या सुधारना होगा।
पांच राज्यों के चुनावों के परिणामों के सवाल पर डॉ यादव ने कहा कि किसी भी राज्य में मुद्दों पर चुनाव नहीं हो रहे है। पंजाब में हरित क्रान्ति पर कोई नहीं बोल रहा, उतराखण्ड में पहाडों और
मैदान की रक्षा के लिए कोई नहीं बोल रहा, गोवा में माइनिंग मामले पर कोई नहीं बोल रहा। यह कहा जा सकता है कि राज्य की खास समस्या को गौण रखकर चुनाव लडा जा रहा है। चिन्ता यह नही है कि कौनसी पार्टी का घोड़ा इस चुनाव में आगे बढ़ेगा चिन्ता तो यह है कि परिणाम के बाद वह घोड़ा कितना टिकेगा। इसके साथ ही डॉ यादव ने कहा कि आगामी दो अक्टूबर को स्वराज इण्डिया पार्टी की अधिकृत घोषणा हो जाएगी और दिसम्बर में दिल्ली में होने वाले निकाय चुनावों में पार्टी अपने प्रत्याशी उतारेगी।

शिवमय हुई शहर की फिज़ा – हर जगह भोले के भक्तों की कतारें

20_1457398028उदयपुर। शुक्रवार को शिवरात्रि की जिले भर में धूम रही। महाशिवरात्री का पर्व शहर के कोने कोने में बडे ही हर्षो उल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर शहर के सभी शिवालयों में सुबह से भक्तों की भारी भीड रही। भक्तों का सुबह से ही मंदिरों में जमावड़ा लगा रहा, जो देर रात तक जारी रहा। शिव मंदिरों के बाहर और रास्तों में मेले सा माहोल रेहा।
महाशिवरात्रि पर शहर-देहात के शिव मंदिरों में शुक्रवार अल सुबह से ही पूजा अर्चना, जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक का दौर शुरू हो गया। भोलेनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले हर श्रद्धालु की जुबां भी जय भोलेनाथ, बम-बम भोले के जयकारे थे। भोले बाबा के दर्शन कर परिवार में सुख समृद्धि की कामना की। शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित एकलिंगनाथ के दर्शनार्थ कैलाशपुरी में भक्तों की भीड़ गुरूवार रात से ही जुटने लगी। शिव भक्तों की टोलियां रात भर पैदल चलकर मंदिर पहुंचीं। शहर से लेकर पूरे मार्ग में स्टॉलें लगी। मंदिर में चारों प्रहर तक पूजा-अर्चना की जा रही है। शिवरात्रि के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं की भीड़ देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। वहीं, मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया। शहर के प्रसिद्ध महादेव मंदिर महाकालेश्वर मंदिर में सुबह पांच बजे से ही दर्शनार्थियों की आवाजाही शुरू हो गई। इस अवसर पर भगवान का विशेष शृंगार व पूजा-अर्चना और रूद्राभिषेक किया गया। इसके अलाव अमरखजी महादेव, हजारेश्वर, सोमेश्वर, नीलकंठ, उभयेश्वर, नांदेश्वर, बैद्यनाथ, झामेश्वर महादेव सहित सभी शिवालयों में श्रद्धालुओं ने आक के फूल, जल व दूध शिवलिंग पर अर्पित कर पूजा की। साथ ही प्रसाद का भोग चढ़ाकर श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। बच्चे, युवा, प्रौढ़ से लेकर वरिष्ठजन भी भोलेनाथ का स्मरण करते हुए शिवालय पहुंचे। शिवभक्तों ने पंचामृत ओर दुध से शिवलिंग पर अभिषेक किया। शहर के सबसे बडे शिवालय महाकालेश्वर मंदिर में हजारों भक्तों ने दर्शन किये। मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए विशेष इंतजाम किये गये ताकि यहां पर आने वाले भक्त भगवान शिव के दर्शन कर अपनी मनोकामना की प्रार्थना कर सके। महाकालेश्वर मंदिर में उज्जैन के महाकालेश्वर भगवान के तर्ज पर पूजा अर्चना की जाती है। वही दिन भर रूद्राभिषेक सहित पूजा अर्चनाओं का दौर चला। देर शाम गंगा आरती और चारो प्रहरी का आयोजन किया गया। शहर के सभी शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं की कतारें लगी रही, शिव मंत्रों के साथ अभिषेक हुए। शहर के आसपास भीमहाकालेश्वर, अमरख जी, उबेश्वर महादेव, नांदेश्वर, झामेश्वर महादेव, गुप्तेश्वर महादेव सहित जिलेभर के शिवालयों
में इस महापर्व को मनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई। पैदल यात्रा करने के वाले शिवभक्तों के लिए शहरवासियों ने जगह— जगह फल, आहार, सेगारी, दूध, आदि प्रसाद के काउन्टर लगाए थे।

पागल बता कर फिर आरोपी हत्यारे को बचाने की कोशिश – रुचिता की ह्त्या के आरोपी दिव्य का इलाज मानसिक डॉक्टर से करवा रहा है जेल प्रशासन

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उदयपुर। एक बेरहम हत्यारे को पहले पुलिस ने साइकोसिस बता कर बचाना चाहा था, अब उससे एक कदम आगे उदयपुर का जेल प्रशासन उसको पागल घोषित करवा कर संदेह का लाभ दिलवाना चाह रहा है जिससे कि जधन्य हत्याकांड का आरोपी हत्यारा पागल घोषित हो कर बच जाए।
बहुचर्चित रुचिता हत्याकांड का आरोपी दिव्य कोठारी को अब जेल प्रशासन पागल बनाने पर तुला हुआ है। दिव्य कोठारी को गुरुवार को एम्बुलेंस में कोर्ट में पेश किया गया, पुलिस वें में नहीं ला कर एम्बुलेंस में लाने के पीछे जेल प्रशासन की यह मंशा है कि कोर्ट को यह बताया जा सके की दिव्य कोठारी मानसिक रोगी है। इससे पहले जेल प्रशासन ने दिव्य कोठारी को बीमार कैदियों के साथ महाराणा भूपाल चिकित्सालय के मानसिक अस्पताल भी भेजा गया था और वहां मानसिक रोगी के डॉक्टर को चेकअप करवा कर एक बार तो मासिक रोगी वार्ड में भर्ती करने की तय्यारी भी कर ली थी, लेकिन मामला बड़े अधिकारियों तक पहुचा और उन्होंने आपत्ति जताई, उसके बाद वापस उसको जेल भेजा गया। लेकिन जेल प्रशासन के अधिकारी हत्यारे के रसूखदार परिजनों के एहसान तले ऐसे दबे हुए है कि उन्होंने गुरुवार को जब कोर्ट में पेशी के लिए भेजा तो बजाय पुलिस वेन के एम्बुलेंस में भेजा। वरिष्ट अधिवक्ता राजेन्द्र सिंह हिरन का कहना है कि अभियुक्त दिव्य कोठारी को एम्बुलेंस में इसलिए लाया गया है नकी उसको संदेह का लाभ दिलाया जासके।
दिव्य को एमबी हॉस्पिटल लाने के आदेश के संबंध में जेल अधीक्षक प्रीता भार्गव कोई बात नहीं की उनका मोबाइल ही स्वीच ऑफ हो गया। जेल के डॉक्टर अरविंद मेहता के अनुसार दिव्य जेल के माहौल में मामूली डिप्रेशन में है, उसमें मानसिक रोगी जैसी कोई बात नहीं है, वह बिलकुल नॉर्मल है। मामूली डिप्रेशन के कारण ही उसे एमबी हॉस्पिटल मानसिक रोग विभाग में भेजा था। वहां डॉ. सुशील खैराड़ और डाॅ. सुरेश कोचर ने इसका रुटीन चेकअप भी किया है।
गौरतलब है की एक दिसंबर को रुचिता की ह्त्या कर दिव्य कोठारी ने फतहपुरा पुलिस चोकी में सरेंडर किया था। बाद में पुलिस ने उसको साइकोसिस का मरीज बताते हुए पूरी एक मनघडंत कहानी मीडिया को सूना दी थी, जिसके बाद पुलिस की काफी फजीहत हुई थी।अपनी फजीहत करवाने के बाद पुलिस को समझ में आया और उसने अपनी भूल मानते हुए सही दिशा में जांच की। लेकिन अब वो ही कहानी जेल प्रशासन दोहरा रहा है बल्कि उसको मासिक रोगी के डॉक्टरों से चेकअप करवा कर हत्यारे को पागल बनाने पर मुहर लगा रहा है।

उदयपुर में बनेगा 300 करोड़ की अनुमानित लागत का क्रिकेट स्टेडियम

phpThumb_generated_thumbnailउदयपुर . महाराणा प्रताप खेलगांव में अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के लिए आरसीए को किया गया जमीन आवंटन निरस्त कर दिया गया है। अब वहां करीब 300 करोड़ की लागत से पीपीमोड पर स्टेडियम का निर्माण होगा।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) को खेलगांव में स्टेडियम निर्माण के लिए करीब 40 बीघा जमीन आवंटित की गई थी। गुटबाजी में उलझे आरसीए ने जमीन आवंटन के बाद अब तक निर्माण शुरू नहीं किया। गत वर्ष युवा व खेल मामलों के मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर ने खेलगांव का निरीक्षण किया था। यूआईटी व खेलगांव अधिकारियों ने आरसीए की ओर से चार वर्ष में कोई भी निर्माण नहीं करने पर आपत्ति जताई थी। इस बारे में राज्य सरकार को भी पत्र भेजा गया था।

राज्य क्रीडा परिषद ने गत दिनों इस आवंटन को निरस्त कर दिया। उल्लेखनीय है कि गत माह उदयपुर प्रवास पर आए मंत्री खींवसर ने खेलगांव का पुन: अवलोकन किया था।
सूत्रों के अनुसार स्टेडियम निर्माण के लिए कई निजी फर्मों से बातचीत जारी है। सब कुछ ठीक रहा तो मार्च के अंत तक स्टेडियम निर्माण शुरू हो जाएगा। उदयपुर में तय मापदंडों के अनुसार एक भी क्रिकेट स्टेडियम नहीं है।

आरसीए को जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। अब पीपीपी मोड पर स्टेडियम का निर्माण करवाया जाएगा। इस कार्य के लिए कई निजी कंपनियों से बातचीत जारी है।
ललित सिंह झाला, जिला खेल अधिकारी उदयपुर