इंसानियत हुई शर्मशार – दफनाए हुए शव को कब्र से बाहर निकाल सड़क पर रख दिया।

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उदयपुर । मंगलवार को लेकसिटी की माटी एक बार फिर शर्मसार हुई जब एक कब्र में दफ़न लाश को महज इस आरोप में कब्र से वापस निकाल दिया गया कि वह लाश सुन्नी मुसलमान की नहीं थी। मज़हब का हवाला देने वाले कुछ इंसानों की इस कारगुजारी ने आज इंसानी अहम के आगे इंसानियत को शर्मसार कर दिया और साथ ही अपने धर्म पर भी दाग लगा दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उदयपुर ( राजस्थान ) खांजीपीर निवासी 80 वर्षीय मोहम्मद युसुफ की सोमवार देर रात मृत्यु हो गई थी। मृतक परिजनों ने अश्विनी बाजार स्थित कब्रिस्तान में विधि-विधान से मृतक को दफना दिया। अंतिम संस्कार के बाद कब्रस्तान कमेटी के पदाधिकारी सहित कुछ लोग कब्रिस्तान पहुंचे तथा मृतक को सुन्नी मुसलमान नहीं होने का आरोप लगाते हुए हुए दफनाए शव को कब्र से बाहर निकालकर वाहन द्वारा मृतक के घर के बाहर सड़क पर छोड आए।
अचानक वापस लाए गए शव को देखकर परिजन स्तब्ध रह गए। मृतक मूल रूप से मंदसौर (मध्यप्रदेश) का निवासी था लेकिन पिछले 60 वर्षों से उदयपुर में ही निवासरत है। मृतक के पुत्र एडवोकेट हामीद कुरैशी ने बताया कि यह घटना सचमुच स्तब्ध करने वाली एवं अमानवीय है। लेकिन हम कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से शव को लेकर अपने पैतृक शहर मंदसौर पहुंच गए है जहां मेरे पिता का पुन: दफ़न किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साठ वर्षो से उदयपुर में रहते हुए समाज के सभी लोग हमारे हर काम में शामिल हुए और हम भी शामिल रहे लेकिन इस घटना ने हमें झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में शहर का कोई भी मुस्लिम नेता या अंजुमन के पदाधिकारी कुछ बोलने से अपना पल्ला झाड़ते रहे। मौलाना और मुफ़्ती भी इस बारे में बोलने से बचते रहे । शहर के एक मुफ़्ती से ने इस घटना को सही करार दिया तो उनसे हवाला पूछा की इस्लाम की कोनसी किताब में ऐसा लिखा हुआ है तो वे भी इस बात का सबूतों के साथ जवाब नहीं दे पाये और उन्होंने यह कह कर फोन काट दिया कि में देख कर बताता हू।
बहरहाल मजहब की आड में हुई इस घटना ने मानवीय दृष्टि से मानवता को निश्चित रूप से शर्मसार किया है, जिस पर भविष्य में एक सार्थक बहस की जरूरत होगी।

हाइवे पर टैंकर से गैस रिसाव – तीन घंटे तक अटकी रही जान

तीन घंटे तक अफरा-तफरी, बलीचा-प्रतापनगर बाइपास की दुकानें रहीं बंद, बड़ा हादसा टला

 

20160208232458उदयपुर। बलीचा-प्रतापनगर बाइपास रोड पर एकलिंगपुरा चौराहे के पास आज सुबह करीब नौ बजे एलपीजी टैंकर लीकेज हो जाने से अफरा-तफरी मच गई। तीन घंटे तक रास्ते जाम रहें। दुकानें और घरों से लोगों निकालकर दूर भेजा गया। बाद में टैंकर के ड्राइवर ने ही अपनी जान जोखिम में डालते हुए टैंकर के ऊपर चढक़र लीकेज बंद किया। बाद में साढ़े 11 बजे टैंकर को इंडियन गैस प्लांट में रिपेयर के लिए भेजा।
बलीचा बाइपास पर एकलिंगपुरा चौराहा और गीतांजलि हॉस्पीटल के बीच भावनगर गुजरात से उत्तर प्रदेश जा रहे एक गैस टैंकर में अचानक रिसाव शुरू हो गया। टैंकर का ड्राइवर सवाईमाधोपुर निवासी अनिलसिंह को रिसाव की तेज आवाज़ आई, तो उसने तुरंत टैंकर रोककर ट्रैफिक रूकवाया और पुलिस को सूचना की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मय जाब्ते के पहुंचे। गैस टैंकर के रिसाव को देखते हुए पुलिस ने आसपास का पूरा इलका खाली करवा दिया। दुकानों को भी बंद करवा दिया और घरों से लोगों को दूर भेज दिया। एकलिंगपुरा क्षेत्र के आसपास की बिजली लाइन को भी बंद करवा दिए। बाइपास पर आने वाले हर रास्ते पर नाकाबंदी कर रोक दिया गया। टैंकर से तीन घंटे तक रिसाव होता रहा, तब तक पुलिस और आसपास के लोगों की जान अटकी रही। साकरोदा स्थित इंडियन गैस प्लांट से लीकेज के एक्सपर्ट बुलवाए गए। जब गैस ज्यादा रिसने लगी और खतरा ज्यादा बढ़ गया। आखिर में टैंकर ड्राइवर ने ही अपनी जान पर खेलकर टैंकर के ऊपर चढ़ा और लीकेज वॉल को बंद किया और गैस लीकेज को रोका। तीन घंटे बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की जान में जान आई। ड्राइवर अनिलसिंह ने बताया कि तापमान बढ़ जाने से गैस का वॉल फट गया और गैस रिसने लग गई। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश भारद्वाज, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओपी बुनकर, डिप्टी सौभाग्यसिंह सहित गोवर्धनविलास, प्रतापनगर, हिरनमगरी के थानाधिकारी जाब्ते सहित मौजूद थे। नगर निगम के चार फायर ब्रिगेड गाडिय़ां भी मौके पर बुला ली गई।

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सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टला : एलपीजी गैस टैंकर के रिसाव से होने से एक बड़ा हादसा आज पुलिस प्रशासन के अधिकारी और ड्राइवर की सूझबूझ से टल गया। तीन घंटे तक आसपास के लोग और पुलिस अधिकारियों की जान सांसत में अटकी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही टैंकर से रिसाव शुरू होने की तेज आवाज आनी शुरू हुई, ड्राइवर अनिलसिंह ने खुली जगह में टैंकर रोक दिया, जहां बिजली के तार नहीं थे। पुलिस भी सूचना पाते ही मौके पर पहुंच गई और रिसाव को गंभीरता लिया। पुलिस ने पूरा इलाका खाली करवा दिया। यहां तक की आसपास के लोगों के मोबाइल तक भी बंद करवा दिए। आखिर में ड्राइवर ने ही हिम्मत करके टैंकर के ऊपर चढ़ा और वॉल को बंद किया। बाद में टैंकर को पुलिस और फायर ब्रिगेड के एस्कॉर्ट के साथ साकरोदा स्थित इंडियन गैस प्लांट में भेजा गया। जहां पर वॉल रिपेयर किया जाएगा। गैस का रिसाव इतना तेज था कि एक चिंगारी या छोटा-सा बिजली का शार्ट सर्किट बड़ा हादसे का कारण बन सकता था।

करोड़ों की जमीन व वर्चस्व को लेकर गैंगवार में चली गोलियां

मल्लातलाई क्षेत्र में इमरान कुंजड़ा के भाई पर फायरिंग, घायल अस्पताल में भर्ती

 

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उदयपुर। शहर में करोड़ों की जमीन व वर्चस्व को लेकर एक बार फिर गैंगवार शुरू हो गई। मल्लातलाई क्षेत्र में दो बाइक पर सवार होकर आए युवकों ने इमरान कुंजड़ा के भाई पर दो फायर किए। फायरिंग में घायल युवक को उपचार के लिए निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
सूत्रों के अनुसार आज दोपहर करीब 12.30 बजे मल्लातलाई चौराहे के पास बनी यूआईटी की दुकानों के पास से इमरान कुंजड़ा का भाई मोहम्मद हुसैन अपनी सेन्ट्रो कार में जा रहा था इसी दौरान पीछे से दो बाइक सवार आये और हुसैन पर 20160208232451फायरिंग दो फायर किए जिसमें एक गोली कंधे व एक कमर में लगी। घायल युवक को उपचार के लिए निजी अस्पताल लाया गया जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश भारद्वाज, डिप्टी मंजीत सिंह, हाथीपोल थानाधिकारी राजेश शर्मा, अम्बामाता थानाधिकारी राजेन्द्र जैन सहित पुलिस जाब्ता चिकित्सालय पहुंचाया। हुसैन ने पुलिस को उस पर फायरिंग में इकबाल वाइपर के गुर्गों द्वारा किया जाना बताया। घटना के बाद चिकित्सालय में भीड़ जमा हो गई वहीं ऑपरेशन कक्ष से बाहर आने पर हुसैन चिल्ला रहा था कि ठीक होने के बाद मैं तहलका मचा दूंगा। शहर के ये मामूली गुंडे झुंड में आकर एक दूसरे पर हमला कर शहर की शांति व्यवस्था बिगाड़ रहे है। इसके बावजूद घटना के बाद मल्लातलाई में खुली हुई दुकानों के बीच हुई फायरिंग के बाद भी कोई व्यक्ति कुछ बताने को तैयार नहीं है। पुलिस शहर मेें नाकाबंदी करा हमलावरों की तलाश कर रही है।

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जमीन विवाद, वर्चस्व की लड़ाई :
प्रथम दृष्टया पता चला है कि फायरिंग की यह घटना इमरान कुंजड़ा और इकबाल वाइपर के बीच करोड़ों की जमीन का विवाद और वर्चस्व की लड़ाई की एक कड़ी है। ठोकर चौराहे पर करोड़ों की जमीन का इकबाल वाइपर और इमरान कुंजड़े के बीच विवाद चल रहा है। जिसे लेकर दो माह पूर्व इमरान कुंजड़े ने अपने गुर्गों के साथ इकबाल वाइपर के घर उसके परिजनों पर हमला कर दिया था। गैंगवार के चलते बदले में आज मौका देख इकबाल वाइपर के गुर्गों ने इमरान कुंजड़े के भाई पर हमला किया।

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यू.पी.चुनाव में भाजपा की थीम होगी हिन्दु-मुस्लिम तनाव?

डा. सतीश मिश्रा- राष्ट्रदूत दिल्ली ब्यूरो

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की मुख्य चुनावी जंग यद्यपि अभी भी करीब एक वर्ष दूर है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इसे हिन्दू -मुस्लिम संघर्ष के रुप में प्रस्तुत करना प्रारंभ कर दिया है, जैसा उत्तर प्रदेश विधानसभा की तीन सीटों के उप चुनावों के लिए भाजपा द्वारा किए जा रहे प्रचार अभियान में देखा गया है। भाजपा के दृष्टिकोण की झलक वर्तमान में मुजफ्फर नगर में देखी जा सकती है, जो कि 2013 के दंगों का गवाह है तथा वहां दो विधानसभा सीटों के लिए 13 फरवरी को उपचुनाव होने हैं। देवबंद विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार रामपाल सिंह पुन्ढीर, जो एक आर एस एस प्रचारक हैं, ने अपनी सभाओं में इस बात पर जोर देते हैं कि उनका प्रमुख एजेण्डा हिन्दुओं के गौरव को वापस दिलाना है। उन्होंने कहा, अगर वे चुनाव जीत जाते हैं, तो ’एक भय होगा उनके अन्दर’। हमारा टैरर होगा उनके ऊपर, उनके गुण्डों पर। (अर्थात मुस्लिम डर महसूस करेंगे। उनमें तथा उनके गुण्डों में हमारा डर व्याप्त होगा)।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुन्ढीर ने अगले ही क्षण इस बात पर जोर दिया कि ’’हिन्दु गुण्डे नहीं रखते हैं।’’ पुन्ढीर ने कहा, अब इन चुनावों ने मुख्यत: दो समुदायों के बीच संघर्ष का रुप ले लिया है, क्योंकि हिन्दू असुरक्षित हैं। उन्होंने कहा ’’हमारी माताओं तथा बहनों के सम्मान को खतरा है। हिन्दू व्यापारी चोरी, डकैती तथा हत्याओं का सामना करते हैं। उन्होंने आगे कहा ’’देवबंद में किसी हिन्दू की हिम्मत नहीं है कि कुछ बोल जाए।’’
उन्होंने वादा किया ’’जब 2017 में हमारी सरकार बनेगी, तब हम देखेंगे कि वे कैसे अत्याचार करते हैं।’’ यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि देवबंद एक मुस्लिम बहुल इलाका है तथा मुसलमानों की शिक्षा का प्रमुख स्थान (दार -उल-उलूम) है, जिसका काफी सम्मान है। देवबंद में 2013 के सामुदायिक दंगों के दौरान भी शांति व्यवस्था स्थापित थी तथा वहां सामुदायिक उपद्रव नहीं देखे गए हैं।

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मुजफ्फरनगर तथा देवबंद विधानसभा सीट, दोनों की ही सभाओं में, चुनाव प्रचारको के भाषणों का मुख्य विषय ही यह है कि हिन्दुओं को मुसलमानों से खतरा है। मुजफ्फर नगर से लोकसभा सांसद संजीव बलियान हैं, जो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमण्डल में कृषि रा’यमंत्री हैं। लव जेहाद, गौ-वध तथा कुछ अन्य ऐसे ही इलजाम हैं जो कि भाजपा नेताओं द्वारा अपने भाषणों तथा निजी वत्त*व्यों दोनों में ही मुसलमानों पर लगाए जा रहे हैं। मुजफ्फर नगर में भाजपा के एक होर्डिंग पर सांसद साक्षी महाराज का एक चित्र लगाया गया है, जिससे वे शंख बजाते हुए दिखाई दे रहे है, इससे पार्टी की रणनीति का आभास होता है। होर्डिंग पर लिखा है ’’समझौता नहीं, सम्मान चाहिए।’’ मुजफ्फर नगर की दोनों ही सीटें समाजवादी पार्टी के विधायकों की मृत्यु के कारण खाली हुई हैं।
विधानसभा उपचुनावों का तीसरा स्थान, फैजाबाद जिले की बीकारपुर सीट है, जहां अयोध्या भी है, वहां भाजपा ने राम मंदिर प्रचारक राम कृष्ण को मैदान में उतारा है तथा यहां पर भी चुनाव अभियान का केन्द्र बिन्दु मुस्लिम अत्याचार तथा मुसलमान शासकों द्वारा इतिहास काल में हिन्दुओं के साथ किए गए गलत कार्यों को बताना ही है। यहां तक कि जहां चुनाव नहीं हैं, वहां भी भाजपा ने गौ-हत्या, राम मंदिर तथा लव -जेहाद जैसे मुद्दों पर ही ध्यान केन्द्रित किया है।
रा’य के पूर्वी प्रांतों की रिपोटर््स कहती हैं कि उनकी योजना संभाग को सामुदायिक रुप से विभाजित करने की है, जिससे भाजपा चुनाव रुपी फसल काट सके। सूत्रों का कहना है कि इस मिशन के लिए गोरखपुर सांसद महंत आदित्यनाथ की सेवाएं भी ली
जा रही हैं।

तुलसी ने खोला सुगन्धित मोमबत्तियां बनाने का केन्द्र

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उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक की ‘सखी परियोजना’ ग्रामीण महिलाओं को दे रही है व्यावसायिक कौषल में प्रषिक्षण। ग्रामीण महिलाओं ने विभिन्न प्रकार की आकृतियों में सुगन्धित मोमबत्तियां बनाने में दिखाई रूचि।
हिन्दुस्तान ज़िक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि राजस्थान में ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को सषक्त बनाने के लिए नये व्यावसायिक कौषल सिखाये जा रहे हैं। ग्रामीण महिलाएं रोजगार प्राप्त करने के लिए अपने खाली समय का सद्पयोग कर रही है। राजस्थान में वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान ज़िक ने ‘सखी’ परियोजना का शुभारम्भ किया है जिससे ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं को व्यावसायिक कौषल में प्रषिक्षण के माध्यम से उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थित सषक्त हो रही है। वे नियमित आय के लिए उत्पादों की बिक्री के लिए सीधे बाजार से जुड़ी हुई है।

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तुलसी एक ऐसी ही महिला है। तुलसी उदयपुर शहर से 15 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव कलड़वास में रहती है। हिन्दुस्तान जिंक ने तुलसी से व्यावसायिक कौषल में प्रषिक्षण के लिए सम्पर्क किया और वह इसके लिए सहमत हो गई तथा अपने अन्य साथियों को प्रषिक्षण के लिए साथ लाने के लिए कही। व्यावसायिक प्रषिक्षण संचालन में मुख्य सड़क से दूर होना तथा आधारभूत सुविधाओं एवं बिजली की कमी मुख्य समस्याएं थी। उन्होंने ऐसे जगह की व्यवस्था की जहां व्यावसायिक प्रषिक्षण दिया जा सके तथा जगह उपलब्ध करायी।
आधारभूत सुविधाओं के साथ सुनिष्चित किया गया कि सुगन्धित मोमबत्ती बनाने के लिए प्रषिक्षण कार्यषाला का आयोजन किया जाए तथा प्रषिक्षण के दौरान ही लगभग 2000 मोमबत्तियां बनायी जाए। इन मोमबत्तियों की शीघ्र ही बिक्री की जाएगी। तुलसी ने सहमती एवं वादा किया कि सीखने एवं इस परियोजना के संचालन के लिए और अधिक महिलाएं आएगी।
2-दिनों के भीतर सब कुछ तुलसी द्वारा आयोजित किया गया। हिन्दुस्तान जिं़क ने सभी कच्चे माल की व्यवस्था की और तुलसी ने मोम पिघलाने के लिए रसाई गैस, बर्तन और अन्य जरूरत के सामान जो घर में उपलब्ध थे व्यवस्था की।
और इस प्रकार कलड़वास गांव में 18 ग्रामीण महिलाओं के साथ 2000 मोमबत्तियां बनाने का ‘‘सखी’’ परियोजना शुरू हुआ।
परियोजना प्रारम्भ करते समय तुलसी और उसके दोस्तों को कई चुनौतियों को सामना करना पड़ा। तुलसी ने अपनी कौषलता से महिलाओं को समूह में बांटा और प्रत्येक समूह की महिलाओं को अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग कार्य करने को कहा गया। किसी ने नए-नए सॉंचें तैयार किये, मोम पिघलाये तथा किसी ने पैकेजिंग का कार्य किये। यह एक सपने के सच होने जैसा था।
सभी भावुक हो गई जब उनको इस कठिन परिश्रम का मानदेय दिया गया। तुलसी भी रो पड़ी। यह उसके लिए एक सपना सच होने जैसा था। सिखाने की व्यवस्था तथा इनाम के रूप में नकद मानदेय वास्तव में बहुत ही प्रोत्साहित था।

‘सखी’ उन सभी ग्रामीण महिलाओं के लिए आषा है जो अपने सपने और इरादों को पूरा करने की इच्छा रखती हैं।

दिल्ली: ब्वॉयफ्रेंड के घर की अलमारी में मिली गर्लफ्रेंड की लाश, 2 दिन बाद कर ली दूसरी शादी

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images (2)राजधानी दिल्ली के मॉडल टाउन में एक लड़की की लाश उसके ब्वॉयफ्रेंड के घर से बरामद हुआ है। लड़की दिल्ली यूनिवर्सिटी में थर्ड ईयर की छात्रा थी। पुलिस ने आरोपी ब्वॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया है जिसने हत्या की बात कबूल कर ली है। आप सुनकर दंग रह जाएंगे कि हत्या के दूसरे दिन बाद ही ब्वॉयफ्रेंड ने दूसरी लड़की से शादी रचा ली थी। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक लड़की का नाम आरजू सिंह था। आरजू दो फरवरी को घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी। आरजू घर वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। परिवार ने पुलिस के पास उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी और नवीन खत्री पर उसकी हत्या का शक जताया है। आज सुबह पुलिस ने आरजू के घर वालों को शव बरामद होने की खबर दी। पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरजू और नवीन एक-दूसरे से प्यार करते थे लेकिन दोनों के घरवालों को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था। दोनों ने कुछ ही वक्त पहले अपने रिश्ते की बात घरवालों को बताई थी। दोनों परिवारों की आपत्ति के बावजूद दोनों एक-दूसरे से मिलते थे। आरजू डिप्रेशन में भी थी।

शादी में ना डाले अड़चन इसलिए कर दिया कत्ल

जानकारी के मुताबिक नवीन के घरवालों से उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया था और 4 फरवरी को उसकी शादी तय हो गई थी। नवीन ने 2 फरवरी को आरजू को मिलने के लिए बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद वो फरार हो गया और 4 तारीख को उसने अपनी शादी कर ली।

DTH सेट टॉप बॉक्स बनेगा वाईफाई राउटर, अब टीवी संग इंटरनेट भी

07-1454843974-videocon-d2hटाटा स्काई और वीडियोकॉन डी3एच समेत कई बड़ी कंपनियां जल्द ही टीवी के साथ-साथ इंटरनेट कनेक्शन भी मुहैया करायेंगी। जी हां इस पर काम शुरू हो चुका है और हो सकता है 2016 के अंत तक आपके घर पर टीवी प्लस इंटरनेट का सेट टॉप बॉक्स लग भी जाये। असल में डायरेक्ट टू होम डिश चैनल सप्लाई करने वाले सभी बड़े ख‍िलाड़ी अब टीवी चैनलाें, मूवी, गेम्स आदि की सुविधा के साथ-साथ इंटरनेट भी मुहैया करायेंगे। यानि अगर आपके घर पर DTH हैै, तो आपको अलग से इंटरनेट लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनियां डीटीएच के साथ एक स्मार्ट सेट टॉप बॉक्स देंगी, जो राऊटर का भी काम करेगा। यह राऊटर वाई-फाई सिगनल भेजेगा, जिससे आप मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट आदि में इंटरनेट कनेक्ट कर सकेंगे। और अगर डेस्कटॉप पर इंटरनेट कनेक्ट करना है, तो उसके लिये सेट टॉप बॉक्स में ही पोर्ट दिये जायेंगे।

कैदी भी चला आया अध्यापक बनने

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उदयपुर के विद्याभवन पब्लिक स्कुल में डूंगरपुर से एक कैदी परिक्षा देने के लिये पहुंचा। दयालाल नाम का कैदी डूंगरपुर जेल में मारपीट के मामले में बंद हैं ऐसे में दयालाल ने जेल में ही रीट परिक्षा की तैयारी की ओर कोर्ट से परिक्षा में भाग लेने के लिये स्वीकृती मांगी। कोर्ट ने दयालाल की याचिका पर परिक्षा देने की छूट दी। कोर्ट के आदेश पर दयालाल को लेकर डूंगरपुर से तीन चालानी गार्ड दयालाल को लेकर उदयपुर पहुंचे और परिक्षा में शामिल करवाया। दयालाल का कहना हैं कि उन्होंने जेल में अच्छी तैयारी की हैं और इसका परिणाम भी अच्छा ही आयेगा।

बच्चे को जन्म देते ही हिम्मत जुटा कर चली आई परीक्षा देने

babydad_hands_w300उदयपुर। शिक्षक बनने के लिए परीक्षार्थी तरह तरह के जतन करते नजर आये। इसी कड़ी में शहर के बीएन कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र पर एक प्रसूता महिला दितीय चरण में आयोजित हुई परीक्षा में अपने कुछ घंटे पहले जन्मे नवजात को लेकर पहुची। इस महिला के जज्बे को देखकर परीक्षा केंद्र में मोजूद सभी परीक्षार्थी अचंभित हो गये। यही नहीं इस परीक्षा में बेठने के लिए इस प्रसूता ने अपने नवजात बच्चे के साथ 100 किमी का सफ़र भी तय किया। उदयपुर जिले के सेमारी गाव की रहने वाली निर्मला मीणा नाम की इस महिला ने आज तडके 3.30 बजे ऋषभदेव चिकित्सालय में एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन इस महिला ने अपने दर्द को भूलाकर और अपने शरीर की चिंता किये बगेर इस परीक्षा में बेठने का निर्णय लिया। हालंकि डॉक्टर ने निर्मला को तबियत ठीक नहीं होने का हवाला देकर सफ़र नहीं करने की हिदायत दी। लेकिन निर्मला ने डॉक्टर की नसीहत को दरकिनार कर इस परीक्षा में बेठने का निर्णय लिया। इस दौरान निर्मला के साथ उसके परिवार के लोग और उसे ट्यूशन पढ़ाने वाला शिक्षक भी मोजूद थे। निर्मला को पढ़ाने वाले शिक्षक ने कहा की निर्मला ने इस परीक्षा को उतीर्ण करने के लिए काफी मेहनत की हे। ऐसे में आज सुबह ही डिलेवरी होने से ये काफी नर्वस हो चुकी थी लेकिन इसके जज्बे ने आखिर निर्मला को परीक्षा केंद्र तक पंहुचा दिया।

सुरक्षा और कड़ी चोकसी के बीच हुई रीट की परीक्षा

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उदयपुर । अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) रविवार को सुरक्षा और कड़ी चोकसी के बीच संम्पन्न हुई । उदयपुर जिले में ७७ केन्द्रों पर हुई परीक्षा में ९५ प्रतिशत परीक्षार्थियों के उपस्थिति रही। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के मुस्तैदी से जिले में कही भी कोई गड़बड़ी की सूचना नहीं है।
चोकसी इतनी कड़ी थी कि समय होते ही सभी केन्द्रों के दरवाजे पर ताले टांग दिए गए। यहाँ तक की किसी मीडिया कर्मी को भी अंदर नहीं जाने दिया।
अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) जिले भर में शांति पूर्वक सम्मपन्न हुई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ( प्रशासन ) छोगा राम देवासी ने बताया की कही से भी किसी गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं है। जिले भर के ७७ परीक्षा केन्द्रों पर चोकसी के लिए १९ फ़्लाइंग तैनात की गयी थी। लेवल टू परीक्षा [6 से 8 वीं कक्षा] सुबह की पारी 10 से दोपहर 12.30 बजे की थी। इसमें 25 हजार 95 अभ्यर्थी नामांकित थे, इसमें से 23 हजार 513 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे, 1582 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। लेवल वन [पहली से पांचवीं कक्षा] की परीक्षा दोपहर 2.30 से 5 बजे की थी। इसमें 4979अभ्यर्थी नामांकित थे, इसमें से 4 हजार 426 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, 553 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। लेवल वन और लेवल टू के प्रश्नपत्रों का स्तर दसवीं व बारहवीं कक्षा का ही था। इंग्लिश भाषा का प्रश्नपत्र थोड़ा जटिल था।
जांच में बरती सख्ती :
परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने से पहले किसी परीक्षा केंद्र पर तो अभ्यर्थियों के साथ सख्ती बरती गई और जामा तलाशी ली गई। तो कुछ परीक्षा केन्द्रों पर महिला अभ्यर्थियों को कान में टॉप्स और मंगलसूत्र तक पहन कर परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। कहीं महिला अभ्यार्थियों के दुपट्टे उतरवाये गए, कहीं उनके गहने, कहीं पारदर्शी पेन को लेकर बहस हुई, तो कहीं जांच के नाम पर काफी देर तक बाहर खड़े रहना पड़ा। अभ्यार्थियों को सिर्फ पेंट व शर्ट में अंदर जाने दिया गया। जूते, बेल्ट, पर्स आदि सामान को बाहर ही रखवा लिया गया।
परीक्षार्थियों की गहन जांच करके ही उन्हें क्लास में प्रवेश दिया गया। इस दौरान कुछ केन्द्रों पर चेन, बटन वाले स्वेटर उतरवा दिए तो कहीं जूते-मौजे खुलवाकर परीक्षा में बिठाया। एंट्री के समय परीक्षार्थियों के आईडी कार्ड का आॅरिजनल चेक किया गया।