उदयपुर | विद्यापीठ पर कब्जे की कवायद शुरू होगयी है | पिछले दिनों हड़ताल के बाद चले घटना क्रम में विद्यापीठ के कर्मचारी और छात्र नेता दो गुट में बंट गए थे और कल चांसलर के इस्तीफे और कार्यवाहक चांसलर को कार्य भार संभालने के विवाद के चलते आज दोनों गुट खुल कर आपने सामने होगये गए यहां तक की टाउन हॉल स्थित चांसलर ऑफिस के बाहर दोनों गुट आमने सामने मरने मारने पर उतारू होगये जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और पुलिस को तितर बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा |
गौर तलब है कि पिछले दिनों दस सूत्रीय मांगों को लेकर विद्यापीठ कर्मचारी संघ की तरफ से विद्यापीठ में बेमियादी हड़ताल की घोषणा कर दी थी जिसमे मुख्य मांग ६० से ऊपर कर्मचारियों को पद मुक्त करने की मांग मुख्य थी जिसको कल वी सी सारग देवोत ने मानते हुए ६० से ऊपर के लोगों को पद मुक्त कर ने पर मोहर लगा दी | जिसके अंतर्गत चांसलर भवानीशंकर गर्ग ने भी अपना इस्तीफा दे दिया लेकिन कुल का संरक्षक बन कार्य वाहक चांसलर प्रफुल्ल नागर को बना दिया |
आज सुबह जब प्रफुल्ल नगर चांसलर का पदभार ग्रहण करने आये तो एक गुट वाइस चांसलर सारंग देवोत , कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राजोरा, कौशल नागदा, कुंज बाल शर्मा व् कई छात्र नेता सहित वहां पहुंच गया और प्रफुल्ल नागर को चांसलर बनाया जाना नियम विरुद्ध बताते हुए कार्य भार ग्रहण नहीं करने दिया और ऑफिस में टाला लगा कर सील लगा दी इधर प्रफुल्ल नागर के समर्थन में छात्र नेता पंकज चौधरी , उदयलाल डांगी, विजय सिंह पोएनवार, लक्षमीनारायण नंदवाना सहित कुछ छात्र आगये और दोनों गुट टाउन हॉल की मुख्य सड़क पर आमने सामने होगये मोके पर पहुंची पुलिस अधिकारी ने बीच बचाव किया लेकिन दोनों तरफ से जम कर नारेबाजी चलती रही कई बार तो पुलिस को हटा कर मरने मारने पर उतारू होगये जब स्थिति बिगड़ती देखि तो डिप्टी गोरधन लाल खटीक व्ने अन्य पुलिस कर्मियों ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तीतर बितर किया | और दोनों गुटों को दूर दूर किया | दिन में एक बजे तक मोके पर भारी पुलिस बल तैनात था और दोनों गुट अलग अलग खड़े थे |
विद्या पीठ में चांसलर की कुर्सी के लिए संघर्ष
फैशन डिजाइन के साथ सीखा वेस्ट से बेस्ट बनाना, समूहों में पाया प्रशिक्षण

उदयपुर. हिन्दुस्तान जिंक व दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित ‘सखी’ कार्यशाला में गुरुवार को 130 ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। यहां अशोका पैलेस में हुई कार्यशाला में महिलाओं ने अनुपयोगी चीजों से कलात्मक वस्तुएं तैयार करने से लेकर फैशन डिजाइनिंग के गुर सीखे। स्वयं सहायता समूह बनाने व उससे होने वाले सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण के बारे में भी जाना। हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने प्रतिभागियों को कार्यशाला की गतिविधियों से अवगत कराया। इस दौरान उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। वर्कशॉप में महिलाओं को 25-25 के समूह में बांटा गया।
समूहों में पाया प्रशिक्षण
वर्कशॉप में 20 समूह के पहले छोटे समूह के संचालक रहे लोकल आर्ट डॉॅट काॅम की टीम ने कतरन से बनी वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण दिया। दूसरे छोटे समूह के संचालक कोनिका हस्तकला केन्द्र के लोकेश जैन ने गृह सज्जा से अवगत कराते हुए उत्पादों को बनाना सिखाया। तीसरे समूह को कोनिका हस्तकला केन्द्र की कुशल जैन ने कपड़ों के बैग्स व की-चैन बनाना सिखाया। चौथे समूह की प्रशिक्षक धन लक्ष्मी हैंडीक्राफ्ट की सुरभि सोनी ने जूट से कलात्मक वस्तुएं बनाना सिखाया। अंतिम समूह ऐरीदेस स्कूल आॅफ फैशन के सुहेल कुरैशी ने फैशन डिजाइन के बारे में महिलाओं को जानकारी दी। फैशन गारमेंट्स बनाना भी सिखाया।
जो तैयार किया, उसे साथ ले गईं
कार्यशाला में शामिल महिलाओं ने जो भी उत्पाद प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए थे, उन्हें वे घर साथ ले गईं। साथ ले जाने वाले उत्पादों में कतरन से बनी ट्रे, की-चैन, कुशन कवर, डिजाइनर कुर्ते, जूट का पॉट होल्डर तथा बैग्स शामिल थे। कार्यशाला का संचालन हिन्दुस्तान जिंक की मैत्रेयी सांखला ने किया। अधिकारी प्रद्युम्न सोलंकी, प्रणव जैन अथवा शिवनारायण ने समूहों के गठन एवं व्यवस्था में सहयोग किया। कार्यशाला में हिन्दुस्तान जिंक के की सुषमा शर्मा, अशोक सोनी, डी.एस. चौहान सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
यहां होंगी कार्यशालाएं
शेष तीन सखी कार्यशालाएं 26 जुलाई को राजसमंद में, 28 जुलाई को भीलवाड़ा तथा 30 जुलाई को चित्तौड़गढ़ में आयोजित की जाएंगी।
प्रत्येक कार्यशाला में लगभग 125-130 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
रोज़े में जबरन रोटी खिलाने वाले सांसदों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
उदयपुर। मुस्लिम महासभा राजस्थान द्वारा महाराष्ट्र के सांसदों द्वारा सदन में एक मुस्लिम कर्मचारी को जबरन रोटी खिलाकर रोजा तोडने पर मजबूर करने वाले सांसदों के खिलाफ कडी कार्यवाही की मांग को लेकर गुरूवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
मुस्लिम महासभा राजस्थान की ओर से प्रदेश यूथ संयोजक इरफ़ान मुल्तानी के नेतृत्व में आज एक प्रतिनिधि मण्डल अतिरिक्त जिला कलक्टर से मिला। ज्ञापन में उन्होंने मुस्लिम कर्मचारी मोहम्मद अरशद को जबरन रोटी खिलाने वाले सांसद राजन विचारे और उनके साथी सांसदों के खिलाफ कार्यवाही एवं सदस्यता रद्द करने की मांग की। इस अवसर पर हाफिज शाह, छोटु कुरैशी, अशफाक चंचल, इंतख्वाब हुसैन, युसुफ मंसुरी, याकुब खान, मोहम्मद सलीम, इरफान बरकाती आदि सदस्य उपस्थित थे।
शिव सेना सांसदों की ‘रोज़ेदार से ज़बरदस्ती’
Udaipur. दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में तैनात एक मुस्लिम कर्मचारी को रोज़े की हालत में शिव सेना के सांसदों पर ज़बरदस्ती रोटी खिलाने का मामला सामने आया है.ये घटना इसी महीने की 17 तारीख़ की है. एक निजी चैनेल की ओर से जारी फुटेज में शिव सेना के सांसद राजन विचारे को कैंटीन के मैनेजर अरशद के मुँह में रोटी ठूंसते हुए दिखाया गया है. शिव सेना के क़रीब 11 सांसदों ने उस दिन कथित तौर पर कैंटीन में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ भी की.
उन पर आरोप है कि उन्होंने केटरिंग स्टाफ़ के मैनेजर मोहम्मद अरशद को जबरन रोटी खिला दी जिससे उनका रोज़ा टूट गया और धार्मिक भावनाएं आहत हुईं.
संसद में हंगामा
महाराष्ट्र की सरकार ने महाराष्ट्र सदन की कैंटीन में हुई तोड़ फोड़ की घटना के बाद सदन के प्रबंधक को हटा दिया है.
इस कैंटीन का संचालन इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉर्पोरेशन यानी आईआरसीटीसी द्वारा किया जाता रहा है जिसने तत्काल प्रभाव से अपनी सेवाओं को बंद कर दिया है.
इस मामले को लेकर लोकसभा में सदस्यों ने जमकर हंगामा किया जिसको देखते हुए अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन को स्थगित कर दिया.
लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सदन को पूरी घटना जानने का अधिकार है. जबकि संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने लोकसभा की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से कहा कि जब तक मामले की पूरी जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक इस विषय को सदन में ना उठाया जाए.
महाजन ने आश्वासन दिया कि वो शून्यकाल में मामले पर चर्चा कराएंगी मगर सदन में विपक्ष के सदस्य हंगामा करते रहे.
इजरायली हमले से तड़प-तड़प कर मर रहे मासूम

गाजा में इजरायली सेना और हमास के बीच संघर्ष जारी है। बीते 15 दिनों में इजरायल के हमले में मरने वाले फलस्तीनियों की संख्या लगभग 600 और घायलों की संख्या 3640 के पार जा चुकी है। युद्ध में इजराइल के भी 27 सैनिकों के मारे जाने की खबर है। इस संकट को खत्म करने के लिए अब तक संघर्ष विराम का कोई संकेत नहीं मिला है। हालांकि, कतर और मिस्र में अंतराष्ट्रीय प्रयास किए जा रहे हैं। चौबीसों घंटे हो रही बमबारी का सबसे ज्यादा असर मासूमों पर हो रहा है। फिलिस्तीन के हालात बेहद नाजुक और दयनीय बने हुए हैं। यहां तक कि अस्पताल में भर्ती घायलों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। बमबारी में कई अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अस्पताल पर हमले करने के पीछे इजरायली सेना ने तर्क दिया है कि हमास अस्पताल की आड़ लेकर हमले कर रहा था। इसलिए, वे अस्पताल पर हमला करने के लिए मजबूर हुए।

फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ इसराइल के सैन्य अभियान के कारण ग़ज़ा में भारी तबाही का मंज़र है. ग़ज़ा से आने वाली तस्वीरों को देखकर कोई भी विचलित हुए बिना नहीं रह सकता. आजकल समाचार चैनलों पर तबाही की ये तस्वीरें आम हैं.
यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है. यह इंसान की बनाई आपदा है जिसकी ज़द में बूढ़े, बच्चे, महिलाएं और नौजवान हैं. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, 2012 में भी ग़ज़ा में ऐसे मंज़र दिखे थे.
गैंग रेप के खिलाफ मीरा गर्ल्स कॉलेज छात्रों का प्रदर्शन

उदयपुर | लखनऊ, बेंगलोर में हुए महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में आज मीरा गर्ल्स कॉलेज की छात्रों ने जिला कलेक्ट्री पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और दुष्कर्म करने वालों को मौत की सजा की मांग की |
अभी कुछ दिनों पहले लखनऊ के मोहनलालगंज में एक महिला के साथ स्कूल में सामूहिक दुष्कर्म के बाद ह्त्या के विरोध में आज दिन में मीरा गर्ल्स कॉलेज की कई छात्राएं हाथों में तख्तियां लिए मीरा गर्ल्स कॉलेज से पैदल पैदल मार्च करती हुई जिला कलेक्ट्री पहुंची और दुष्कर्मियों को फांसी पर चढ़ाने जैसे नारे लगाते हुए करीब आधे घंटे तक जम कर प्रदर्शन किया | तथा बाद में जिला कलेक्टर आशुतोष पेढणेकर से मिल कर ज्ञापन दिया व् पुलिस अधीक्षक से भी मिल कर ज्ञापन दिया तथा स्कूल कॉलेज पर पुलिस सुरक्षा बढ़ाने की मांग की |
व्हाट्सप्प से वायरल हुआ फोटो : लखनऊ के मोहनलालगंज में हुई रेप की घटना का वीभत्स और दिल दहला देने वाला फोटो व्हाट्सप्प पर पिछले दिनों वायरल हुआ और व्हाट्सप्प पर बने ग्रुप में खूब शेयर किया और ईसिस से आम जान में उक्त घटना के प्रति आक्रोश और गुस्सा है जिसके चलते आज मेरा गर्ल्स कॉलेज की छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया
कॉलेजों में शुरू हुई मस्ती की पाठशाला के साथ चुनावी सरगर्मी
उदयपुर | सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के संघटक सभी कॉलेज का नया सत्र शुरू हो गया और साथ ही छात्र संघ चुनावों की घोषणा भी हो गयी | हालांकि छात्र नेता वैसे ही प्रवेश के दिनों से सक्रीय थे और चुनाव की तिथि आते ही सरगर्मियां और बढ़ गयी |
कॉलेज के शुरूआती दिन मस्ती की पाठशाला और दोस्ती के होते है, आर्स, साइंस, कॉमर्स आदि सभी संघटक कॉलेजों में शुरूआती दिनों में कहीं छात्रों ने अंताक्षरी और अपनी खूबियों को एक दूसरे छात्रों के साथ साझा कर एक-दूसरे से दोस्ती का हाथ बढ़ा रहे है तो कही केन्टीन में नए फ्रेशर के साथ सीनियर मस्ती की पाठशाला जमाए बैठे है |
इन्ही सबके बीच अगर सबसे ज्यादा सक्रीय है तो वह है छात्र नेता | माना जाता है, कि प्रथम वर्ष में एडमिशन लेने वाले छात्र ही छात्र संघ चुनावों का रुख मोड़ते है | इस लिहाज से हर छात्र नेता न्यू कमर्स छात्रों को अपनी तरफ झुकाने में लगे हुए है और इसके लिए वह हर नए छात्र के छोटे छोटे कामों के लिए दौड़ भाग कर रहे है | एडमिशन से लेकर फीस जमा कराने तक व् अन्य हर नए छात्र के साथ आने वाली समस्याओं के लिए ये छात्र नेता हर वक़्त खड़े हुए है |

कॉमर्स आर्स साइंस कॉलेजों के मुख्य द्वार पर प्रवेश करते ही छात्र नेताओं के बड़े बड़े पोस्टर नवागंतुकों का स्वागत करते हुए लगे हुए है, साथ साथ संगठन के पदाधिकारी हर कॉलेज में मौजूद कही तिलक लगा कर स्वागत कर रहे है, तो कही हाथ मिला कर दोस्ती कर रहे है | कई छात्र नेता और संगठनों के पदाधिकारियों ने नए छात्रों कि समस्या समाधान के लिए अपने विजिटिंग कार्ड छपवा रखे है, जो किसी भी काम के लिए एक कॉल पर उपलब्ध होने का द्ववा जाता कर नए छात्रों को बांटे जारहे है |
गोरतलब है कि केंद्रीय छात्र संघ के चुनावों की घोषणा हो गयी है जो आगामी २३ अगस्त को सरकार की उपस्थिति में चुनाव सम्पन्न होंगे क्यों कि सरकार भी १६ से २६ तक उदयपुर में ही उपस्थित रहेगी |
गेस्ट फेकल्टी के लिए एबीवीपी का प्रदर्शन
उदयपुर ,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने आज यूनिवर्सिटी से गेस्ट फेकल्टी व्याख्याता हटाय जाने के विरोध में सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन का घेराव कर प्रदर्शन किया |
एबीवीपी के छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि अगर सुखादि यूनिवर्सिटी से गेस्ट फेकल्टी व्याख्याताओं को हटाया गया तो आंदोलन और ज्यादा उग्र होगा | एबीवीपी के छात्रों ने प्रशासनिक भावक के बाहर दो घंटे तक प्रदर्शन किया तथा वीसी को ज्ञापन देने के लिए अड़े रहे लेकिन तबियत खराब होने की वजह से वीसी नहीं आपत्ये तब छात्रों ने ज्ञापन कंट्रोलर को दिया | कंट्रोलर ने छात्रों को आश्वस्त किया कि गेस्ट फेकल्टी को नहीं हटाया जाएगा | और इस सम्बन्ध में कुलपारी और राज्य सरकार को भी बता दिया गया है | एबीवीपी के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि गेस्ट फेकल्टी हटी तो आंदोलन उग्र होगा जिसकी जिम्मेदारी सुखाड़िया यूनिवर्सिटी प्रशासन की होगी | प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के अजय आचार्य, सुनील कल्याणा, विष्णु शंकर पालीवाल, अजय मेहता भारत गायरी, भवानी सिंह सहित सैकड़ों कार्य छात्र मौजूद थे |
विद्यापीठ अनिश्चित काल के लिए बंद
उदयपुर | विद्या पीठ के कर्मचारियों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों के चलते सोमवार से विद्यापीठ की सभी इकाइयों में अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल की घोषणा कर दी | तथा विद्यापीठ की सभी इकाइयों को बंद कराया गया | वी सी से वार्ता भी हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला |
विद्यापीठ के कर्मचारी संगठन की और से सोमवार से अनिश्चित काल के लिए विद्यापीठ में हड़ताल की घोषणा की गयी विद्यापीठ कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राजोरा ने बताया की हमारी ८ सूत्रीय मांगे है। जिसको हमने पहले भी विद्या पीठ प्रशासन को सौंप दिया था, उस पर अबतक कोई कार्रवाई नहीं होने पर आज से अनिश्चितकाल के लिए विद्यापीठ के सभी कर्मचारी हड़ताल पर है । और इस दौरान विद्यापीठ की किसी इकाई में कोई काम नहीं होगा सिर्फ जिस कॉलेज में परीक्षा चल रही है, वहां बंद से मुक्त रखा जाएगा । राजोरा ने बताया कि 8 सूत्रीय मांगों में हमारी मुख्य मांग ६० साल से अधिक उम्र वाले कर्मचारी को अभी तक कार्य मुक्त नहीं किया गया है, जिससे कई दूसरे कर्म चरियों का प्रमोशन रुका हुआ है, इसका विरोध है। ऐसे कर्मचारियों को तुरंत कार्य मुक्त करवाया जाए । आज भी सुबह से श्रमजीवी कॉलेज प्रतापनगर में कॉलेज ऑफिस और डबोक स्थित कॉलेज बंद करवाये गए। राजोरा ने बताया कि मांगों को लेकर वाइस चांसलर सारंग देवोत् से वार्ता हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया, जब तक हमारी मांगों पर गौर नहीं किया जाता तब तक विद्यापीठ में कोई काम नहीं होगा । धरना प्रदर्शन के दौरान अध्यक्ष धर्मेन्द्र राजोरा के अलावा , महामंत्री कुंज बाला शर्मा, महेंद्र मेघवाल , बालकृष्ण शुक्ल, कौशल नागदा, खेमराज सहित कर्मचारी शामिल थे। इधर वी सी सारंग देवत ने कहा है कि वार्ता का दौर जारी है और जल्दी ही कोई सकारात्मक हल निकल जाएगा |
उदयपुर संभाग में भारी वर्षा की चेतावनी
उदयपुर। लेकसिटीवासियों के चेहरों पर बारिश की फुहार रूपी खुशी देखी जा सकती है। मानसून की अब तक की देरी ने श्रावण मास के शुरू होते ही सूने चेहरों पर रौनक ला दी। मौसम विभाग ने 12 घंटे में संभाग भर में भारी बारिश की चेतावनी दी है वहीं राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय मौसम कार्यालय के अनुसार शुक्रवार सुबह समाप्त हुए 24 घंटों में शहर में 43 मिमी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार दोपहर 12.25 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई वहीं कई इलाकों में तेज वर्षा की जानकारी भी मिली है।
सुबह से बादल छाने के बाद शाम ढलते ढलते मेघ अपनी मेहर बरसा जाते हैं। गुरुवार शाम को भी रिमझिम से शुरू हुई बारिश मूसलाधार में बदल गई जो रात तक रुक रुक कर जारी रही। सुबह से आसमान में छाए बादल दोपहर साढ़े बारह बजे बाद बूंदाबांदी के रूप में बरसना शुरू हो गए।
गुरुवार शाम शहरवासियों को उमस से राहत मिली। सुबह से बादल छाए रहे। बारिश का इंतजार करा रहे बादलों ने शाम होते होते चुप्पी तोड़ी। करीब 5 बजे तेज बारिश शुरू हुई जो आधे घंटे तक होती रही। मूसलाधार बारिश के कुछ देर थमने के बाद एक बार फिर हल्की मध्यम वर्षा का दौर शुरू हुआ जो रात तक बूंदाबांदी के रूप में जारी रहा। शहर की सड़कें दुर्गा नर्सरी रोड, अशोकनगर, बापूबाज़ार, देहलीगेट, सूरजपोल आदि कई जगह सड़कों पर पानी भर गया। शाम को शुरू हुई बारिश का शहर के युवाओं ने भी खूब लुत्फ़ उठाया। डबोक स्थित मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 30 डिग्री व न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में सर्वाधिक बारिश सेमारी में करीब चार इंच व ऋषभदेव में तीन इंच दर्ज की है।
नियंत्रण कक्ष पर बढ़ाई ड्यूटी : शहर में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए संभाग के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, चित्तौडग़ढ़ व राजसमंद मुख्यालयों को भी इसकी सूचना दी गई है। शहर में बारिश एवं स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए सितम्बर तक बाढ़ नियंत्रण कक्ष पर 24 घंटे अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। तीन दिन से हो रही बारिश ने जलाशयों के भरने की उम्मीद को बढ़ा दिया है। श्रावण की पहली बारिश से ही पिछोला को भरना शुरू करने वाली सीसारमा नदी में पानी की आवक शुरू हो गई थी। नांदेश्वर चैनल के ढाई फीट पर चलने सीसारमा नदी होते हुए पिछोला में पानी की आवक शुरू हो गई थी।
























