उदयपुर। गुजरात दंगों के अभियुक्त अब कोटड़ा में नफरत की आग फैला रहे है। गुजरात दंगो के सजायाफ्ता साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ कर गोधरा काण्ड दोहराने की बात कर रहे है। इसमें साथ दे रहे है झाडोल के भाजपा विधायक बाबूलाल खराड़ी। कोटडा मुस्लिम कमिटी व् अंजुमन कमिटी ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर माहोल खराब करने वालों के खिलाफ कारवाई की मांग की है।
कोटडा में अल्पसंख्यक समुदाय के युवक द्वारा अन्य समाज की युवतीका कथित अपहरण करने के विरोध में 28 जनवरी को कोटडा में बंद का आव्हान किया गया था और रैली निकाली गयी थी। रैली में भाग लेने के लिए गुजरात के साबरकांठा जिले से होमा भाई और उसके कुछ साथी जो गुजरात दंगों के सज़ायाफ्ता अभियुक्त रहे वह भी शामिल हुए, गुजरात दंगों के इन सजायाफ्ता अभियुक्तों ने भाजपा विधायक बाइ बूलाल खराड़ी की मोजुदगी में कोटडा में भड़काऊ भाषण दिए और खुले तौर पर कहा कि गोधरा काण्ड एक बार फिर दोहराना पडेगा शायद ये लोग भूल गए है।
मुस्लिम कमिटी कोटडा और उदयपुर के अंजुमन तालीमुल इस्लाम कमिटी ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया है जिसमे कोटडा में सांप्रदायिक माहोल खराब करने वालों के खिलाफ कारवाई करने की मांग की है। कोटडा मुस्लिम कमिटी के पदाधिकारियों ने बताया कि जिस युवक ने अन्य समाज की युवती से शादी की थी और जिस पर अपहरण का आरोप लगाया था उसने खुद पुलिस में आत्मसमर्पण कर दिया है। युवती और युवक दोनों पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद कोटडा में सोहार्द पूर्ण माहोल को कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा अपने निजी फायदे के लिए बिगाड़ा जा रहा है। ताज्जुब की बात तो यह है कि इस तरफ के माहोल खराब करने में विधायक जो की एक जन प्रतिनिधि होता है वह खुद शामिल है उसकी मौजूदगी में यह काम किया जा रहा है। हालाकिं प्रशासन वहां मुस्तेद है लेकिन भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ अभी तक कोई कारवाई नहीं की गयी है।
खाटूश्याम जी में चार साल की अबोध बालिका के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। आरोपी युवक पड़ौस में रहने वाली बालिका को टॉफी खिलाने के बहाने श्मशान घाट के अंदर ले गया। घटना के बाद बच्ची को गंभीर अवस्था में जयपुर रैफर कर दिया गया है। जबकि आरोपी के बारे में पता लगने पर उसे मौके पर दबोच लिया गया और गुस्साई भीड़ ने उसकी जमकर धुनाई कर दी। उसे भी उपचार के लिए सीकर रैफर कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार स्कूल के पास डेरे में रहने वाली चार साल की बालिका को ढाबे पर काम करने वाला युवक कालिया बहला-फुसला कर नजदीकी श्मशान घाट ले गया था। शाम होने के बाद जब बालिका को परिजनों ने इधर-उधर तलाश किया। नहीं मिली तो परिजन श्मशान घाट के पास पहुंचे। यहां बच्ची को लहू-लुहान हालत में देखा और आरोपी को पकडऩे का प्रयास किया। हालांकि एक बारगी तो आरोपी मौके से भाग छूटा। इसके बाद बालिका को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल लाया गया। यहां उसकी हालत खस्ता होने पर चिकित्सकों ने उसे इलाज के लिए जयपुर रैफर कर दिया। इधर, फरार हुआ आरोपी अस्पताल के पास परिजनों के हत्थे चढ़ गया। जिसकी भीड़ ने जमकर धुनाई कर दी। पुलिस ने बीच बचाव कर उसे घायल अवस्था में सीकर रैफर कर दिया।
इधर, बच्ची के ताऊ ने पुलिस को रिपोर्ट दी है कि रात आठ बजे तक बच्ची अपने डेरे में नजर नहीं आई। एक व्यक्ति ने एक युवक द्वारा बच्ची को लेकर जाने की जानकारी दी। परिजन जब शमशान घाट के पास पहुंचे तो वहां बच्ची की चीख सुनाई दी। अंदर जाकर देखा तो आरोपी युवक उसके साथ गलत काम कर रहा था। आरोपी कालिया उर्फ करण जिला सुरेंद्र नगर गांव दिनारा (गुजरात) का रहने वाला है। जो कि, यहां ढाबे पर काम करता था।
उदयपुर। राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया वैसे तो भाजपा के वरिष्ठ और कद्दावर नेता में गिने जाते है लेकिन आजकल भाईसाहब की ज़बान हमेशा धोखा दे जाती है। विवादास्पद बयान का भाईसाहब का पुराना नाता है। ख़ास कर विरोधियों के लिए और अब समाज विशेष के लिए। लेकिन मंगलवार के दिन श्री गुलाबचंद कटारिया ने हद कर दी और अपने भाषण में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बयान देते हुए कह दिया कि हमने किसी व्यक्ति की पूजा नहीं की हम किइस व्यक्ति की नौकरी करने के लिए पैदा नहीं हुए है। चाहे देश का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो या कोई भी हो हम उसकी चाकरी करने के लिए पैदा नहीं हुए है।
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मंगलवार को कटारिया भीलवाड़ा शहर के माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय के छात्र संघ उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे. उन्होंने कहा, मैं थोड़ा और पढ़ा होता तो राजनीति में ज्यादा योग्य होता. उन्होंने अखिल भारतीय परिषद (एबीवीपी) की ओर से नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष से कहा कि मन छोटा मत रखो. विरोध को बर्दाश्त करो. दुनिया को जोड़कर चलना है, तोड़कर नहीं. मिलकर देश को आगे बढ़ाना है. यह जो छोटी सोच है, इससे मैं नहीं डरता हूं. मैं धमकियां से भी नहीं डरता हूं. अगर डरता तो विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होते हुए इमरजेंसी में 18 महीने जेल में नहीं गुजारता. हमने कभी कायरता नहीं दिखाई है. किसी को 18 दिन जेल में रख दें तो हाथ जोड़कर बाहर आ जाएगा. मेरे मामाजी ने मुझसे कहा था कि माफी लिख दो तो जेल से छुड़ा देंगे. मैने कहा, लाश बाहर आ सकती है, मैं नहीं.
उन्होंने कहा कि जिन उदेद्श्यों को लेकर संगठन बनाया है, उससे हम पीछे नहीं हट सकते हैं. देश को रोकने का जो प्रयास करेगा उससे लड़ाई करेंगे. कटारिया यहां भी नहीं रुके. उन्होंने कहा, 40-41 साल की राजनीति हो गई. कोई एक काला धब्बा दिखा दे तो जान जाएंगे. हम ऐसी गंदी राजनीति नहीं करते हैं. अपने घर को भरने का धंधा नहीं करते हैं. मालामाल होने का काम नहीं करते हैं. देश भ्रष्टाचार की भट्टी में जल रहा था, तब ऐसे प्रधानमंत्री ने इसे बचाने का काम किया है. कार्यक्रम में सांसद सुभाष बहेडि़या, पूर्व मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर, विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी, एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री राजेश गुर्जर आदि उपस्थित थे.
आपकी ब्यूटी किट में मस्कारा न हो ऐसा हो नहीं सकता. मस्कारा जादू की तरह काम करता है यह न केवल पलकों को वॉल्यूम देता है बल्कि आंखों की खूबसूरती चार गुना बड़ा देता है. पर मस्कारे का चयन करना आसान नहीं होता. अगर आप डेली मस्कारा लगाती हैं तो यह कहना गलत नहीं होगा कि कई बार यह आंखों के मेकअप को पूरी तरह से खराब कर देता है. एक अच्छा मस्कारा न केवल आपकी पलकों को वॉल्यूम देता है बल्कि वॉटरप्रूफ भी होता है.
बारिश का मौसम हो या गर्मियां, ये 6 मस्कारे आपकी पलकों की खूबसूरती को और बढ़ा देंगे:
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Innisfree का यह वाटरप्रूफ मस्कारा आपकी पलकों को गंदगी से बचाता है. यह आपको 1,190 रुपए का मिल जाएगा. खरीदने के लिए क्लिक करें.
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यह मस्कारा वाटरप्रूफ है इसीलिए यह 24 घंटे तक चलता है. अगली बार जब आप बाहर जाएं और इस आसान आई मेकअप टूल के साथ स्टाइलिश दिखना न भूलें. यह मस्कारा आपको 798 रुपए में मिल जाएगा. खरीदने के लिए क्लिक करें.
3. L’Oreal Paris Voluminous Lash Paradise Waterproof Mascara
इस मस्कारे का ब्रिसल ब्रश आपको फुल लैश फ्रिंज देता है, जिससे पलकों की वॉल्यूम बढ़ जाती है. यह आपको 116 रुपए में मिल जाएगा. खरीदने के लिए क्लिक करें.
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मेगा ब्रश और कोलेजन फॉर्मूला लिए Maybelline का मस्कारा आपकी पलकों को 7x वॉल्यूम देता है. यह आपको 752 रुपए में मिल जाएगा. खरीदने के लिए क्लिक करें.
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6. Avon Super Shock Max Waterproof Mascara
यह मस्कारा पलकों की मोटाई को 15 गुना बढ़ा देता है. यह वॉटरप्रुफ होने के साथ-साथ कॉन्टेक्ट लेंस पहनने वालों के लिए उपयुक्त है. यह आपको 508 रुपए में मिल जाएगा. खरीदने के लिए क्लिक करें.
लड़के की मां इसलिए ब्रेकअप कराना चाहती है क्योंकि अब गर्लफ्रेंड लड़के की सौतेली बहन बन चुकी है. दोनों के रिश्ते में तब भूचाल आया जब लड़के की मां ने लड़की के पिता से शादी कर ली.
एक स्टूडेंट 6 साल से रिलेशनशिप में था. लेकिन अब लड़के की मां उस रिश्ते को खत्म कराना चाहती है. ब्रेकअप कराने की वजह भी बहुत शॉकिंग है. जिसको जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. लड़के की मां इसलिए ब्रेकअप कराना चाहती है क्योंकि अब गर्लफ्रेंड लड़के की सौतेली बहन बन चुकी है. दोनों के रिश्ते में तब भूचाल आया, जब लड़के की मां ने लड़की के पिता से शादी कर ली. जिसके बाद दोनों भाई-बहन बन गए. अब दोनों को समझ नहीं आ रहा कि इस रिश्ते को कैसे आगे बढ़ाया जाए.
स्टूडेंट ने अपनी अजीबोगरीब समस्या Reddit पर शेयर की है. जिसको पढ़कर हर कोई शॉक्ड है. लड़के ने लिखा- मैं और मेरी गर्लफ्रेंड 20 साल के हैं और हम दोनों बचपन से ही एक दूसरे को जानते हैं और 14 की उम्र से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं. हमने एक ही स्कूल में पढ़ाई की और कॉलेज में भी साथ हैं. लेकिन अब न सिर्फ हम साथ पढ़ते है बल्कि साथ भी रहते हैं. क्योंकि मेरी मां ने लड़की के पिता से शादी कर ली है.
आगे की कहानी बताते हुए लड़के ने लिखा- ‘मेरी मां और लड़की के पिता जब पहली बार मिले तो दोनों का तलाक हो चुका था. दोनों रोज मिलने लगे और एक-दूसरे को डेट करने लगे. हम इस बात से नाराज थे और दोनों को अलग करना चाहते थे. लेकिन जब वो डेट कर रहे थे तो उन्हें हमसे कोई प्रॉब्लम नहीं थी, तो हमने भी कुछ नहीं किया. दोनों का जब अफेयर चल रहा था, तब हम स्कूल में थे. लेकिन पिछले साल दोनों ने शादी कर ली और एक ही घर में रहने लगे. अब दोनों को हमारे रिश्ते से प्रॉब्लम है.’
अब लड़के की मां लड़की को उसकी बहन बताती है. लड़के ने लिखा- ‘यह सारी चीजें अब समझ से परे हैं. जब मैंने पूरी बात अपने असली पिता को बताई तो उन्होंने मेरी मां को पागल करार दे दिया और कोई भी उम्मीद रखने से मना कर दिया. मैं लड़की से बहुत प्यार करता हूं और हम 6 साल से साथ हैं. हम फिलहाल चाहकर भी अलग नहीं हो सकते. क्योंकि, पढ़ाई और बाकी की जिंदगी के लिए हमारे पास पैसे नहीं है. मैं उसी के साथ अपनी पूरी जिंदगी जीना चाहता हूं.’
उदयपुर। बेदला स्थित मेवाड़ आर्थोपेडिक हॉस्पिटल( mewar hospital udaipur ) में पहले तो घायल वृद्ध का ऑपरेशन गलत करने, वृद्ध की मौत होने के बाद सूचना काफी देर के बाद देने का मामला सामने आया है। इस बात को लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया।
मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख कर धंधा कर रहे निजी अस्पताल के रोज़ नए कारनामे सामने आरहे है। पेशेंट के रूप में इन निजी अस्पतालों को सिर्फ बकरा दिखता है और जब तक मरीज के परिजनों की खाल तक ना बिकने पर आजाये तब तक यह रुपये उगाहते रहते है। मेवाड़ अस्पताल में भी ऐसा ही कुछ घटा कर्म हुआ जिसके बाद बकाया रुपयों के लिए घंटों तक शव को अपने कब्जे में रखा।
मेवाड़ आर्थोपेडिक अस्पताल में करीब पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को एम.बी. चिकित्सालय ले गई, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई करा परिजनों को सौंप दिया। वहीं परिजनों की रिपोर्ट पर ( mewar hospital udaipur ) के संचालक व उनके पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
हुआ यूं कि हमेर सिंह जी का खेड़ा डूंगला निवासी किशन सिंह (60) पुत्र प्रताप सिंह राजपूत मंगलवार शाम कार्य करते समय छत से असंतुलित हो गिर गया था, जिससे कंधे की हड़ी व पेट की आंतों में चोटें आई। उसका मेवाड़ ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में मंगलवार को अपरान्ह 3 बजे ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद किशन सिंह को उसके परिजनों से मिलने नहीं दिया और अलसुबह पांच बजे उनकी मृत्यु होना बताया।इस बात पर परिजन आक्रोशित हो गए और आरोप लगाया कि डॉ. मनीष छापरवाल एवं उनके पुत्र डॉ. देवश्री छापरवाल ने लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन किया जिसके कारण वृद्ध की मौत हुई है और ऑपरेशन के बाद परिजनों को मिलने भी नहीं दिया। इस बात को लेकर वे अस्पताल में हंगामा कर रहे थे। उधर, अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन व अब तक किए गए इलाज पर खर्च किए दो लाख रूपए की परिजनों से मांग कर रहे थे और परिजन देने को तैयार नहीं थे। इस कारण अस्पताल प्रशासन ने मृतक किशन सिंह के शव को नहीं दिया। इस पर अस्पताल में सुबह 11 बजे तक हंगामा होता रहा। इधर, सूचना मिलने पर सुखेर थाने के हेड कांस्टेबल टील सिंह मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन को कहा कि सुप्रीम की रूलिंग के | अनुसार आपको किसी भी मृत व्यक्ति
के शव को रोकने का अधिकार नहीं है और शव को लेकर वे एम.बी. चिकित्सालय ले गए, जहां पर पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप | दिया। उधर, भतीजे हुमेर सिंह जी | का खेड़ा डूंगला निवासी राजेंद्र पुत्र | भंवर सिंह राजपूत की रिपोर्ट पर पुलिस ने डॉ. मनीष छापरवाल व डॉ. देवश्री छापरवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
आँखों की खूबसूरती के लिए अपनी मेकअप किट में जरूर शामिल करें ये 6 वॉटरप्रूफ मस्कारे
आपकी ब्यूटी किट में मस्कारा न हो ऐसा हो नहीं सकता. मस्कारा जादू की तरह काम करता है यह न केवल पलकों को वॉल्यूम देता है बल्कि आंखों की खूबसूरती चार गुना बड़ा देता है. पर मस्कारे का चयन करना आसान नहीं होता. अगर आप डेली मस्कारा लगाती हैं तो यह कहना गलत नहीं होगा कि कई बार यह आंखों के मेकअप को पूरी तरह से खराब कर देता है. एक अच्छा मस्कारा न केवल आपकी पलकों को वॉल्यूम देता है बल्कि वॉटरप्रूफ भी होता है.
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1. Innisfree Skinny Waterproof Microcara
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उदयपुर। लगता है मेवाड़ में नेताओं के दिमाग या तो हवा हो गए है या फिर खराब हो गए है। जो जीत गया उनके हवा हो गए जो हार गया उनके खराब हो गए। ऐसे नेता अपनी खीज हर किसी के सामने निकालने लग गए है।
हम बात कर रहे है उदयपुर शहर विधानसभा से चुनाव हारने वाली कांग्रेसी नेता गिरजा व्यास की, जो इस बात पर उखड गयी कि जब वह अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों का दौरा करने गयी और उन्हें कोई कैमरामैन व् पत्रकार नज़र नहीं आये। दौरा करने के बाद जब उनके घर लोट रही थी तब घर के बाहर पत्रकार भगवान् प्रजापत व् राम सिंह स्वाइन फ्लू के सम्बन्ध में उनकी बाईट लेने पहुचें तो यह कांग्रेस की वरिष्ठ और कद्दावर नेता महोदया ने इन दोनों पत्रकारों पर अपनी खीज निकाल ली, पत्रकारों को देखते ही कहा “तुम्हे शर्म नहीं आती तुम अब आये हो अस्पताल में क्यूँ नहीं आये, तुम्हारी शिकायत करूगीं तुम्हारे मालिकों से” यह शब्द है एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गिरजा व्यास के।
हम मैडम से कहना चाहते है कि मेडम शायद भूल गयी है कि पत्रकार आपके ख़रीदे हुए तोते नहीं है, जिन्हें जो मर्जी हो कह सकें जो मर्जी हो बुलवा सकें ना ही आपके घर के नोकर जिन्हें जब चाहें जहाँ चाहे हडका दें।
आपको चेनलों या अखबार के मालिकों से शिकायत करनी है तो जरूर करें , और इंतज़ार करें कि आपके बाकी के कवरेज़ के लिए अब अखबार व चेनल के मालिक खुद आकर करेगें। मेडम इतनी बड़ी नेता हैं तो मेडम को यह समझ लेना चाहिए कि एक पत्रकार अपनी मर्ज़ी से आपके कार्यक्रम के कवरेज के लिए आता है वह बाध्य नहीं है, चाहे राज्य में आपकी सत्ता हो चाहे आप कितने ही बड़े नेता जनप्रतिनिधि हो आपको पत्रकार हो या आम जनता इनसे हद और तमीज़ में रह कर ही बात करनी पड़ेगी। पत्रकार आपका कर्मचारी या आपका गुलाम नहीं है नहीं है कि आपकी मर्जी चाहे वैसी बात कह दें। मेरे हिसाब से तो उदयपुर के पत्रकारों को ये बड़ी नेता माननीय गिरजा व्यास के कवरेज का बहिष्कार करना चाहिए लोकसभा चुनाव तक तब शायद इन्हें पता चले की शर्म इन्हें आनी चाहिए या पत्रकारों को।
गिरजा व्यास के इस रवय्ये की लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष रफीक पठान व् सभी पत्रकारों ने निंदा की है।
ये खबर वरिष्ठ पत्रकार “अख्तर खान” ने लिखी है अगर गिरजा व्यास मेडम चाहें तो इसकी शिकायत कहीं भी कर सकती है।
दुनिया में दो तरह के लोग हैं। पहले वो, जिनकी मूलभूत ज़रूरतें रोटी, कपड़ा और मकान हैं। दूसरे वो, जिनकी मूलभूत ज़रूरतें रोटी, कपड़ा, मकान और इंटरनेट हैं। पैसा कमाने के लिए दोनों ही तरह के लोग असल दुनिया में उतरते हैं। How to earn money online
एक वह लोग है जो ऑफ लाइन पैसा कमाते है यानी बिना इंटरनेट के जिसमे बड़े कंपनी के सीईओ से लेकर पकोड़े तलने वाले तक ,… वो अपनी म्हणत और काबिलियत से कमा रहे है ,…. अब यही मेहनत और काबिलियत कुछ लोग ऑनलाइन आजमा रहे है ,…. और ऑनलाइन में पैसा भर भर कर कमा रहे है,….और ऑनलाइन कमाने के लिए ना तो किसी को इन्ताव्यु देने की जरूरत है ना ही किसी का कर्मचारी बनाने की जरूरत बीएस जरूरत है तो इंटरनेट कनेक्शन की और इस इंटरनेट और ऑनलाइन का थोडा ज्ञान की ,.. यहाँ थोडा मेने इसलिए कहा क्यूँ की ज्यादा तो थोडा थोडा कर हो जाएगा ,…. तो चलिए आपको ऑनलाइन पैसा कमाने के कुछ रास्ते बता देते है जो बिलकुल जेंयुनन है ,…. आपके सामने आकर बोल रहा हूँ ,… बस ऑनलाइन और ओफ्लिने पैसा कमाने में एक बात या एक काबिलियत कोमन है वह है मेहनत ,.. जी हाँ मेहनत करोगे तो हुजुर मंजिल मिलती जायेगी ,….. 7 वंडर की तरह आपको में सात तरीके बताता हूँ ,.. जान लीजिये
#1. फ्रीलांसिंग
किसी भी सर्विस की हो सकती है। आप इंटरनेट पर डेटा एंट्री से लेकर सर्वे करने और किसी प्रॉडक्ट को टेस्ट करने जैसा कोई भी काम कर सकते हों, तो आपको काम मिल जाएगा। आपके पास जो भी स्किल हो, अगर इंटरनेट पर किसी को उसकी ज़रूरत है, तो आप पांच से दस हज़ार रुपए तक कमा सकते हैं। Outfiverr.com, upwork.com, freelancer.com और worknhire.com जैसी वेबसाइट्स पर आपको काम मिल सकता है। लेकिन पैसा, काम पूरा होने और क्लाइंट के अप्रूव करने के बाद ही मिलता है। कई बार एक ही काम में क्लाइंट के मन-मुताबिक सुधार भी करने पड़ते हैं।#2. खुद की वेबसाइट
देखिए वेबसाइट बनाना अब कोई मुश्किल काम नहीं रह गया है। आप पैसा देकर बनवा सकते हैं और एफर्ट मारकर खुद भी बना सकते हैं। अगर आप विज़िटर्स को कुछ बेच रहे हैं और आपकी वेबसाइट पर विज़िटर्स लगातार आ रहे हैं, तो गूगल ऐडसेंस से आप कमाई कर सकते हैं। जितने ज़्यादा लोग वेबसाइट पर आएंगे, उतने ज़्यादा पैसे मिलेंगे। गूगल एडसेंस और ब्लॉग के बारे में आपको किसी अगले विडियो में डिटेल में बताउगा लेकिन यह एक बहुत अच्छा रास्ता है ऑनलाइन पैसे कमाने का .#3. एफिलिएट मार्केटिंग (आपस में धंधा करना) आजकल ई मोमर्स वेबसाइ जैसे अमेज़न फ्लिप्कार्ट आदि कई वेब साईट है और यह वेब साईट अपना एफिलेट प्रोग्राम चलाती है यानी की अगर सीधी भाषा में कहूँ तो यह साईट बजाये किसी को एड देने के आपको अपना प्रोडक्ट बेचने का मोका देती है और आपने इनका प्रोडक्ट बेचा तो उसमे से ये आपको कमीशन देती है .
मान लीजिए आप वेबसाइट चला ले गए, तो आप अपनी वेबसाईट पर इन ई कोमर्स का अपना अफिलेतेद लिंक दे कर अच्छा पैसा कमा सकते हो . आपके लिंक पर क्लिक कर अगर कोई विज़िटर कोई सर्विस या प्रॉडक्ट खरीदता है, तो इससे आपको पैसा मिलेगा। इसके लिए आपको इन ऑनलाइन मार्केट के एफिलेट प्रोग्राम से जुड़ना पड़ेगा . अगर आपका काम जम गया तो दोस्तों महीने के 50 हज़ार तक आराम से कमा सकते हो .
#4. सर्वे, रिसर्च या रिव्यू करना
कई वेबसाइट ऑनलाइन सर्वे भरने, रिसर्च करने और प्रॉडक्ट्स के रिव्यू लिखने के लिए पैसे देती हैं। काम करने पर पैसा आपके खाते में आएगा। यहीं पर सावधान रहने की ज़रूरत है। आप उनके साथ अपनी बैंक डीटेल्स शेयर करते हैं, तो आपको वेबसाइट की प्रतिष्ठा के मुताबिक ऐक्शन लेना होता है। कई बार काम दिलाने वाले कुछ रकम दबा लेते हैं। इसमें कुछ भरोसेमंद साईट है उनके साथ काम करना ज्यादा अच्छा है .
#5. वर्चुअल असिस्टेंटशिप (किसी का ऑनलाइन काम संभालना)
मान लीजिए कोई भला आदमी बड़ा आदमी भी है। उसके पास अपने ऑनलाइन तामझाम के लिए समय नहीं है। तो वह एक वर्चुअल असिस्टेंट रख लेगा। ऐसे में ज़रूरी नहीं कि असिस्टेंट उस क्लाइंट के साथ ही रहे। वह कहीं से भी इंटरनेट के ज़रिए काम संभाल सकता है। आप किसी के लिए कर्मचारी की तरह काम कर सकते हैं या खुद का बिजनेस भी सेटअप कर सकते हैं।
#6. अनुवाद (ट्रांसलेशन)
भारत के लोगों की एक ताकत भाषा भी है। बतौर मुल्क, हमारे पास बहुत सारी भाषाएं हैं और उनका इस्तेमाल करने वाले बहुत सारे लोग हैं। इंटरनेट पर आने वाला ज़्यादातर काम इंग्लिश में होता है। दक्षिण भारत में अंग्रेज़ी बोलना आम है, लेकिन उत्तर भारतीय इस पर मेहनत करते हैं। नतीजा यह निकलता है कि किसी भी लेख, प्रेस रिलीज़ या किताब का ट्रांसलेशन किया जा सकता है। अंग्रेज़ी से भारतीय भाषाओं में और भारतीय भाषाओं का अंग्रेज़ी अनुवाद… दोनों तरह के काम किए जा सकते हैं। अंग्रेज़ी के बाद जो मार्केट बचता है, उसमें स्पैनिश, फ्रेंच, अरब और जर्मन जैसी भाषाएं आती है। Freelancer.in, Fiverr.com, worknhire.com और Upwork.com देखी जा सकती हैं।
#7. ऑनलाइन ट्यूशन (इंटरनेट वाले मास्टर जी)
मान लीजिए आप किसी विषय में ज्ञानी हैं, तो यह अच्छी बात है, क्योंकि दुनिया में आबादी इतनी है कि हर तरह का ज्ञान लेने वाला आदमी बैठा है। आप इंटरनेट पर ज्ञान बांटना शुरू कर दीजिए। आपकी वजह से बोर्ड का एग्ज़ाम दे रहे किसी स्टूडेंट का भी भला हो सकता है और कहीं खो जा रहा व्यक्ति लौटकर भी आ सकता है। सही वेबसाइट पर ज्ञान बांट रहे होंगे, तो पैसे भी कमाएंगे। यूट्यूब तो बहुत सही जगह है। Vedantu.com, MyPrivateTutor.com, BharatTutors.com और tutorindia.net भी देखे जा सकते हैं।
मुस्लिम समाज को अपनी तरक्की की राह खुद तलाशनी होगीक-खलील -अंजुमन का प्रथम संभाग स्तरीय सम्मेलन -मुस्लिम समाज की तरक्की के विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा
उदयपुर . अंजुमन तालीमुल इस्लाम उदयपुर द्वारा रविवार को यहाँ अलीपुरा स्थित रजा गार्डन में आयोजित प्रथम संभाग स्तरीय सम्मलेन कौमी एकता एवं सामाजिक विकास के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ जिसमे संभाग के 300 अधिक प्रतिनिधियों ने भाग भाग लिया !
कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना जुलकरनैन द्वारा कुरान शरीफ की तिलावत से हुई.सम्मेलन को संबोधित करते हुए अंजुमन तालीमुल इस्लाम उदयपुर के सदर मोहम्मद खलील ने कहा की अब वक्त आगया है मुस्लिम समाज को भी एक हो कर अपनी कौम की तरक्की की राह खुद को तलाशनी होगी.कोई केवल सियासत के लिए हमारी कौम को इस्तमाल करे यह कतई गवारा नही है.उन्होंने कहा कि जब हम सब एक हो कर अपनी कौम की तरक्की के उपाय तलाशने में कामयाब हो जायेंगे तब आज जो सियासी पार्टियाँ हमारी उपेक्षा कर रही है वे खुद हमारे पास मदद मांगने आयेंगी.उन्होंने तहसील स्तर से लेकर प्रदेश स्तरीय अंजुमन के गठन की रुपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज जिस तरह से हम सभी संभाग स्तरीय सम्मेलन अयोजित करने में सफल हुए है उसी तरह से एक महीने की अवधि में प्रदेश स्तरीय अंजुमन कमेटी को भी आकार दे दिया जायेगा जरूरत है कौम की खिदमत के लिए काम करने वाले नौजवानों की,तजुर्बेकारों की जिनकी सलाह,जज्बात और हौंसलों के बूते पर मुस्लिम समाज संवेधानिक दायरे में तरक्की की और अग्रसर होगा.उन्होंने सभी से समाज की तरक्की के लिए इस मुहिम में जुड़ने का आव्हान किया.
सम्मेलन को कपासन के प्रतिनिधि अशफाक हुसैन,चित्तोड़ गढ़ के रमजान भाई छीपा,गनी खान,राजसमन्द के आसिफ हुसैन,अख्तर खान,आबुरोड के सलीम खान,बांसवाडा के नईम शेख,नगर निगम,उदयपुर के पार्षद मोहसीन खान,अंजुमन के पूर्व सेक्रेटरी फारुख हुसैन आदि ने संबोधित करते हुए मुस्लिम समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा,रोजगार,तकनीकी शिक्षा,सामाजिक एकता जैसे मुद्दों पर पर अपने विचार प्रकट करते हुए प्रदेश स्तरीय अंजुमन गठित करने के उदयपुर अंजुमन के प्रयास की सरहाना की तथा इस मुहिम में अपने स्तर पर तन,मन,धन से जुड़ने की प्रतिबद्धतता दोहराई.पार्षद मोहसीन खान ने कौम की खिदमत के लिए किसी भी राजनीतिक प्रलोभन को ठुकराने की बात कही .
सम्मेलन के आरंभ में के.आर.सिद्दीकी ने संभाग स्तरीय एवं प्रदेश स्तरीय अंजुमन की कार्यकारिणी के गठन के लिए अब तक किये गए प्रयसों की जानकारी देते हुए कहा कि इस के बाद जोधपुर संभाग स्तरीय सम्मेलन शीघ्र आयोजित किया जायेगा जीसी तैयारियां शुरू हो गई है .
सम्मेलन में संभाग के सभी जिलों के प्रतिनिधि के अतिरिक्त उदयपुर की मुस्लिम संस्थाओं के प्रतिनिधि,समाज सेवियों,बुद्धिजीवियों,शिक्षाविदों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया.धन्यवाद की रस्म अन्जुमन सेक्रेटरी रिजवान खान ने अदा की.
उदयपुर। भारतीय जनता पार्टी के शहर जिलाध्क्ष दिनेश भट के इस्तीफे के बाद अब शहर का भाजपा का नया कप्तान तय करने की कवायद चल रही है। शहर के नए कप्तान में रविन्द्र श्रीमाली, महेंद्र सिंह शेखावत, किरण जैन के नाम मुख्य है लेकिन अगर सूत्रों की माने तो गुलाबचंद कटारिया अपनी पुरानी टीम से गठ जोड़ करने के मूड में है और इसीलिए भाजपा जिलाध्यक्ष की दौड़ में ताराचंद जैन जो की पहले छह बार जिलाध्यक्ष रह चुके है और अनिल सिंघल सबसे ऊपर है।
पार्टी के कुछ ख़ास नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है की दिनेश भट्ट और गुलाबचंद कटारिया की पटरी कई समय से बैठ नहीं रही थी। तभी से भाईसाब ने अपने पुराने साथियों को अपने साथ लाने का मन बना लिया था। वैसे भी राजनीति है यहाँ हमेशा के लिए ना कोई दोस्त होता है ना ही कोई दुश्मन और इसीलिए अब भाईसाहब मोजुदा साथीयों को अलविदा कह कर अपने पुराने टीम के साथ गठ जोड़ करने के लिए हाथ बढ़ा सकते है। सूत्रों की माने तो पुरानी टीम ने भी एक तरह से हार मान कर कटारिया के साथ होने का मन बना लिया है, क्यूँ कि लाख कोशिशों के बावजूद कटारिया को ज्यादा नुकसान नहीं पहुचा पाए। यहाँ तक कि हाल ही के विधानसभा चुनाव में तो विरोधियों ने एडी से चोटी तक का जोर लगा दिया कटारिया को हराने के लिए लेकिन इसके बावजूद कटारिया ने जीत हासिल की। इसके अलावा किसी समय में कटारिया के घोर विरोधी माने जाने वाले धर्म नारायण जोशी की कटारिया से दोस्ती फिर मावली विधानसभा से टिकिट मिलना और चुनाव जितना यह घटना क्रम भी बताता है कि कटारिया अपनी पुरानी टीम को एक बार फिर साथ में लेकर मैदान में आ सकते है। और इसकी पहल होने वाली है ताराचंद जैन या अनिल सिंघल को जिलाध्यक्ष बना कर।
वैसे भी भट्ट के इस्तीफे को लेकर पार्टी में कई तरह की अफवाहें सुनाई दे रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं का कहना है कि भट्ट पिछले एक वर्ष से नाममात्र के अध्यक्ष थे। विधानसभा चुनाव तक उन्हें झेला जा रहा था। चुनाव निपटते ही भट्ट को निपटा दिया गया। चर्चा है कि भट्ट ने अपना इस्तीफा स्वेच्छापूर्वक नहीं दिया बल्कि उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया गया। एक वर्ष से भाजपा के मेवाड़ के नेता गुलाबचंद कटारिया और दिनेश भट्ट की पटरी मेल नहीं खा रही थी। हालांकि संगठन के कार्यक्रमों और विधानसभा चुनाव की रैलियों, सभाओं के दौरान भट्ट को कटारिया के साथ देखा गया। जानकारों का कहना है मंच पर साथ बैठना मजबूरी थी लेकिन कटारिया और भट्ट के बीच मतभेद और मनभेद उजागर हो चुके थे। दो माह पूर्व कवी सम्मलेन के दौरान सूरजपोल थाना अधिकारी द्वारा दिनेश भट्ट के साथ किया गया बुरा बर्ताव और उसके बाद कटारिया द्वारा मंत्री होने के बावजूद कोई एक्शन नहीं लेना दोनों के बिच के संबंधो को उजागर कर दिया था।
ताराचंद जैन गुट के रविन्द्र श्रीमाली से पहले ही गुलाबचंद कटारिया का मेल हो चुका है अनिल सिंघल जिनका कि किसी समय में कटारिया और सिंघल का चोली दामन का साथ था और अनिल सिंघल को जिलाध्यक्ष बनाने के पूर्ण आश्वासन के बाद भी कटारिया द्वारा दिनेश भट्ट को शहर जिलाध्यक्ष बना दिए जाने के बाद से कटारिया और सिंघल अलग अलग हो गए थे। लेकिन अब कटारिया अब अनिल सिंघल के नाम पर मोहर लगा कर एक एक बार फिर अपनी पुरानी टीम को साथ में कर सकते है।