सोनी टीवी ने मेवाड़ के इतिहास को किया कलंकित

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maharana-pratap-sony-tvउदयपुर। महाराणा प्रताप के जीवन पर आधारित टीवी सीरियल में मेवाड़ के इस महान् सपूत के साथ तत्कालीन सभ्यता और संस्कृति को भी गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है, जो निश्चित रूप से असहनीय और निंदनीय है। यह सीरियल सोमवार से गुरुवार रात 10 बजे सोनी टीवी पर दिखाया जा रहा है।
सीरियल की अब तक दिखाई गई कडिय़ों में महाराणा प्रताप के जन्म, बचपन और किशोरवय को प्रदर्शित किया गया है। इतिहास में महाराणा प्रताप के बाल्यकाल के बारे में ज्यादा कुछ नहीं मिलता। यही कारण हैं कि सीरियल के निर्माता निर्देशक को कल्पना करके फिल्मांकन की छूट मिलती है, लेकिन यह छूट इतनी नहीं मिलती कि मुगल बादशाह के मरजीवड़े रनिवास में घुस जाए और महाराणा उदयसिंह की रानियों से छेड़छाड़ करें। ऐसा ही दृश्य सोमवार को दिखाया गया, जो न केवल आपत्तिजनक बल्कि समस्त मेवाड़वासियों के लिए अपमान जनक भी है। विगत सोमवार को प्रसारित एपीसोड में ऐसा ही दिखाया गया है।
महाराणा प्रताप सीरियल के निर्माता निर्देशक ने उदयसिंह के शासनकाल के दौरान एक ऐसे जौहर की कल्पना की है, जो इतिहास में कहीं मौजूद नहीं है। मेवाड़ में जो तीन जौहर हुए हैं, उनकी काफी जानकारी मौजूद है, लेकिन सीरियल निर्माता यह चौथा जौहर कहां से उठा लाया, पता नहीं। यह इतिहास से खिलवाड़ है।जब से महाराणा प्रताप पर इस नये सीरियल का प्रसारण शुरू हुआ है, तभी से इस पर आपत्तियां आना शुरू हो गई। प्रतापसिंह का जन्म कुंभलगढ़ में हुआ और लालन-पालन भी वहीं हुआ, जो पहाड़ी इलाका है। सीरियल में इसे रेगिस्तानी क्षेत्र बताया गया तथा सभी पात्रों को वेशभूषा भी मराठी पहनाई गई। इस प्रथम कड़ी से ही यह पता चल गया था कि निर्माता को इतिहास की कोई जानकारी नहीं है। बाद के दो-तीन एसपीसोड्स में भी तत्कालीन समय के प्रतिकूल फिल्मांकन पर आपत्ति की गई और प्रदर्शन कर विरोध जताया तो निर्माता की ओर राजपूत समाज ने से जवाब मिला कि १५ कडिय़ां तो बन चुकी है, इसलिए कुछ नहीं किया जा सकता। इसके आगे की कडिय़ों में ऐसा कुछ नहीं होगा, जो मेवाड़ के आमजन की भावना को ठेस पहुंचाएं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। सोमवार को तो हद ही हो गई, जिसमें मुगल सैनिक महाराणा की रानियों से अभद्रता करता दिखाया गया। इन दृश्यों को देखने के बाद मेवाड़ के लोगों में, खासकर राजपूतों में गुस्सा है, लेकिन प्रात: स्मरणीय महराणा प्रताप के वंशज अपने महान पूर्वज महाराणा उदयसिंह के अपमान पर चुप्पी साधे बैठे हुए है।

कुछ भी गलत नहीं राणावत: महाराणा प्रताप सीरियल के सलाहकार पुष्पेंद्रसिंह राणावत ने कहा कि सीरियल बिलकुल ठीक है। इतिहासकारों ने उदयसिंह की जितनी मट्टीपलीद की है, वह तो दिखाया ही नहीं गया है। कहां थी महाराणा प्रताप के पास एक म्यान में दो तलवारें, फालतू का प्रचार है। मुगल सैनिक का रनिवास में घुसना एक ड्रामेटिक इफेक्ट है। यह बताने के लिए कि ऐसे हालात पैदा हो गए थे, जिनकी वजह से जौहर करना पड़ता था। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

आंदोलन किया जाएगा कानावत : मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष बालूसिंह कानावत ने कहा कि महाराणा प्रताप पर बने सीरियल में इतिहास से balu singh kanawatछेड़छाड़ की गई है। ऐतिहासिक घटनाओं को विकृत तरीके से पेश किया गया है। मेवाड़ की संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान किया गया है। इस सीरियल को बंद कराने के लिए प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।

 

tejsingh bansiहिंदुस्तान का अपमान है बान्सी : बीएन संस्थान के पूर्व एमडी तेजसिंह बान्सी ने कहा कि महाराणा प्रताप सीरियल में इतिहास को विकृत रूप देकर पेश किया जा रहा है, जो मेवाड़ का ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान का अपमान है। यह सीरियल बंद होना चाहिए। अगर बंद नहीं होगा तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा।

 

 

 

 

164522_153950447989291_3142851_nहाईकोर्ट में जाएंगे कृष्णावत : राजपूत महासभा अध्यक्ष तनवीरसिंह कृष्णावत ने कहा कि महाराणा प्रताप सीरियल में महाराणा प्रताप की छवि को धूमिल किया जा रहा है। सभी घटनाएं तोड़मरोड़ कर पेश की जा रही है। महाराणा प्रताप पहले स्वतंत्रता सैनानी थे। उनके साथ कई मुस्लिम मेवाड़ी यौद्धा भी थे। उन्होंने मुगलों से स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी थी, वो मुस्लिम विरोधी नहीं थे। जबकि सीरियल में महाराणा प्रताप को मुस्लिम विरोधी बताकर गुमराह किया जा रहा है। इस संबंध में हाईकोर्ट में जाकर सीरियल पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है।

 

 

मेवाड़ का अपमान: इस संबंध में एक गृहणी कनक कुंवर ने कहा कि राजपूत कल्चर तो सीरियल में दिखाया ही नहीं गया है। सीरियल पूरी तरह वास्तविकता से परे है। इस सीरियल में इतिहास के साथ छेड़छाड़ करके कई बार मेवाड़ का अपमान किया गया है।

दोस्तों के साथ नहीं सोने पर पत्नी को घर से निकाला

imagesउदयपुर। गोवर्धनविलास थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाली एक महिला को दोस्तों के साथ हम बिस्तर नहीं होने पर पति द्वारा घर से निकालने का  सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस शिकायत के साथ महिला ने पति के खिलाफ गोवर्धनविलास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बोरीकुआं हाल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी एक महिला ने रिपोर्ट दी है कि सात वर्ष पूर्व वह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में उसकी बहन के यहां रहने के लिए आई थी। उसी दौरान वह सैक्टर 14 निवासी लोकेश पुत्र छगनलाल जैन के संपर्क में आई। लोकेश ने उसे शादी करने का वादा किया। आरोपी के झांसे में आकर उसने वर्ष 2006 में उबेश्वर महादेव मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद लोकेश और वह सैक्टर १४ में एक किराये के मकान में रहते थे। इस बीच पीडि़ता के एक बेटी भी हुई। पीडि़ता ने आरोप लगाया कि लोकेश पिछले कुछ समय से उस पर उसके दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बना रहा था, लेकिन वह लोकेश की बात नहीं मान रही थी। इस पर लोकेश ने उसे मारपीट करके घर से निकाल दिया। पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

युवक के शव पर रातभर गुजरते रहे वाहन

उदयपुर। गोवर्धनविलास थाना क्षेत्र दो दिन पूर्व सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई थी, उसके शव की सोमवार तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार शनिवार रात को बारापाल में एक वाहन ने एक युवक को चपेट में ले लिया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा देर रात होने के कारण शव रातभर सड़क पर ही पड़ा रहा, जिसके कारण शव के ऊपर से कई वाहन गुजर गए और शव का चेहरा बिगड़ गया। रविवार सुबह राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने शव को एमबी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया। पुलिस को स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त युवक लंबे समय से हाइवे पर घूम रहा था और होटलों पर खाना मांग कर खाता था। पुलिस मृतक के परिजनों की तलाश कर रही है।

कांग्रेसी नेता पंकज शर्मा के नर्सिंग कॉलेज पर एसीबी की कार्रवाई

उदयपुर। जयपुर में नर्सिंग काउंसलिंग के सलाहकार महेशचन्द्र शर्मा को घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद उसके पास से मिले दस्तावेजों के आधार पर राज्य के नौ नर्सिंग कॉलेजों में उसकी भागीदारी के साक्ष्य मिले, जिसमें उदयपुर में कांग्रेसी नेता पंकज शर्मा का मेवाड़ नर्सिंग कॉलेज भी शामिल है। जयपुर से मेवाड़ नर्सिंग कॉलेज की जांच के आदेश आने के बाद रविवार को कॉलेज सीज कर दिया और आज सुबह वहां पर एसीबी ने जांच शुरू कर दी है।

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मापदंड के अनुरूप नहीं पाया गया:
एसीबी के प्रसन्न खमेसरा ने बताया कि जांच अभी जारी है। प्रारंभिक जांच में महेशचंद्र शर्मा का इस कॉलेज में पार्टनर होने के कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं, लेकिन नर्सिंग कॉलेज मानक मापदंड़ों के अनुसार नहीं है। कॉलेज 23 हजार, 800 वर्गफीट पर बना होना चाहिए, जबकि  यह कॉलेज आधे से भी कम क्षेत्रफल में बना हुआ है।
सारा स्टाफ छुट्टी पर: एसीबी ने बताया कि हाजरी रजिस्टर से पता चला कि यहां 25 का स्टॉफ हैं। जिसमें से शनिवार को छह लोग छुट्टी पर थे, लेकिन आज 25 में से मात्र छह ही लोग उपस्थित है। बाकी कोई नहीं आया। खमेसरा ने बताया कि जांच जारी है।

चेन स्नेचरों के टारगेट पर जैन वृद्ध महिलाएं

DSC2712-189x300उदयपुर। शहर में जैन समाज की वृद्ध महिलाएं चेन स्नेचरों के टारगेट पर हैं। पिछले तीन दिनों में आज सुबह दूसरी वारदात हुई हैं, जिसमें जैन मंदिर से घर लौटती वृद्धा के गले से चेन छीन कर बाइक सवार बदमाश फरार हो गए हैं। पिछले माह की शुरुआत में बीएसएनएल ऑफिस के सामने एक खटीक समाज की महिला के गले से साढ़े सात तोला सोने का हार बदमाश खींच ले गए, जिसका भी अभी तक पता नहीं चल पाया है। भूपालपुरा थाना क्षेत्र के अशोकनगर रोड पर बाइक सवार दो बदमाश अशोकनगर निवासी चंद्रादेवी पत्नी महावीर प्रसाद जैन के गले से सोने की चेन छीन ले गए। यह वारदात अशोक नगर के रोड नंबर १४ पर आज सुबह आठ बजे हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची और शहरभर में नाकाबंदी की गई, लेकिन बदमाश का पता नहीं चल पाया है। इसी प्रकार सेक्टर चार में जैन मंदिर से लौटते समय बीते शनिवार बाइक सवार दो बदमाश वहीं की रहने वाली झंकार देवी जैन के गले से पांच तोला सोने का मंगलसूत्र और सोने की चेन छीन ले गए थे।

आईजी डामोर होंगे राजीव गांधी ट्रायबल यूनिवर्सिटी के पहले वीसी

tc-damor-igउदयपुर। आईजी टीसी डामोर राजीव गांधी ट्रायबल यूनिवर्सिटी के पहले वाइस चांसलर नियुक्त किए गए हैं।टी. सी. डामोर को राजीव गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय का कुलपति बनाए जाने की चर्चा सियासी गलियारों में लंबे समय से चल रही थी। गौरतलब है कि डामोर ने हाल ही में सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय से पी. एच. डी. की है।

पिछले दिनों उदयपुर संभाग से कुछ आदिवासी नेताओं ने मुख्यमंत्री से मिलकर जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के शिक्षा में पिछड़े आदिवासी छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसी आदिवासी को ही वीसी बनाने की मांग की थी जो, मुख्यमंत्री ने मान ली और उदयपुर के आईजी टीसी डामोर को पहला वीसी नियुक्तकर दिया।राजीव गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा राज्य सरकार ने 2012 के बजट में की थी। लेकिन स्थान और कुलपति नियुक्त करने को लेकर लंबे समय से मामला लटका हुआ था।

स्कूलों में लोटी रोनक

उदयपुर। डेड़ महीने की छुट्टी के बाद आज सरकारी और सरकार से मान्यता प्राप्त स्कूल खुल गए। सोमवार सुबह से ही स्कूलों और सड़कों की रोनक हँसते खेलते _DSC0554शरारतों से भरे बच्चों के खिल खिलाते चेहरों से लोट आई कुछ ख़ुशी ख़ुशी स्कूल पहुचे तो कुछ रोते हुए अपने माता पिता के साथ लेकिन स्कूल के पहले दिन की ख़ुशी ज्यादा थी बड़े छात्र जो पिछले डेड़ महीने से अपने स्कूली मित्रों को मिस कर रहे थे वे भी बड़े ख़ुशी ख़ुशी स्कूल गए और मित्रों का गले लग कर अभिवादन किया।
स्कूल जाने की तैयारी हर घरमे पिछले दो तीन दिन से चल रही थी हर मां अपने बच्चों के बेग टिफ़िन जूते किताबे आदि की तैयार करने में जुटी थी और आज सुबह सुबह सजे धजे अपने नन्हे मुन्नों को स्कूल तक छोड़ कर आई तो कोई बस और टेम्पो तक। कोई अपने पापा की ऊँगली पकड़ कर स्कूल तक गया तो बिटिया रोते हुए मम्मा की गोद में स्कूल तक पहुची ।
पिछले डेड़ महीने से छुट्टिय चल रही थी हालाकिं सीबीएससी से सम्बंधित कुछ स्कूल पहले ही खुल चुके है ।

अभिभावकों के उठने का समय भी बदला :
पिछले डेड़ महीने से बच्चों की छुट्टियाँ थी तो अभिभावक भी आराम में थे। जल्दी उठने की टेंशन नहीं थी लेकिन आज से उन्हें भी अपना टाइम टेबल बदलना पड़ा माताओं को बच्चों के टिफिन और कपड़ों की तैयारी के लिए उठाना ही होता है, तो पिता को अपने लाडलों को स्कूल तक छोड़ने जाने के लिए उठना पड़ा।

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ओटो अंकल भी मुस्तेद :
बच्चों के स्कूल की तैयारी और पढाई में जितना योगदान माता पिता और गुरु का होता है । उतना ही योगदान ओटो अंकल का भी होता है। चाहे गर्मी हो बारिश हो या सर्दी ओटो अंकल सही समय पर बच्चों के सारथि बन कर ठीक समय पर घर के आगे आजाते है । और बच्चे भी ख़ुशी से चिल्लाते हे “ओटो अंकल आगये ” आज सुबह से उन्ही ओटो अंकल का इंतजार हर घर के बहार बच्चे करते मिले और हर गली सडक पर ओटो अंकल बच्चों को लेने जा पहुचे ।

चूड़ासमा के गुर्गे थे सोहराब और तुलसी

उदयपुर। सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई द्वारा पेश की गई पूरक चार्जशीट में महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है कि कुख्यात अपराधी सोहराब और तुलसी गुजरात के आईपीएस अभय चूड़ासमा और अन्य पुलिस अधिकारियों के लिए काम करते थे। सीबीआई ने उदयपुर के अपराधी शराफत अली उर्फ कालू व मुश्ताक अहमद के बयानों के आधार पर इस बात की पुष्टि करते हुए न्यायालय में चार्जशीट पेश की है। एक अंग्रेजी दैनिक अखबार में छपी खबर के अनुसार सीबीआई को अभय चूड़ासमा के फर्जी मुठभेड़ में शामिल होने का शक था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे। हाल ही में मुंबई की एक अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया, जिसमें उदयपुर के शराफत अली के बयान से यह खुलासा हुआ कि चूड़ासमा फर्जी मुठभेड़ में लिप्त थे।

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शराफत अली के बयान: शराफत अली ने सीबीआई को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दिए हैं, जिन्हें अब बदला नहीं जा सकता। अली ने बताया कि जब वह आम्र्स एक्ट के मामले में उदयपुर जेल में बंद था। उस दौरान वह तुलसी प्रजापति से मिला था और तुलसी ने उसको बताया था कि जब गुजरात में उसको चूड़ासमा ने गिरफ्तार किया था, तब चूड़ासमा सोहराबुद्दीन और तुलसी की गतिविधियों से खुश नहीं थे। तुलसी ने चूड़ासमा को कहा था कि हम क्या गलत कर रहे हैं और आपके सारे निर्देशों को मान रहे हैं। चूड़ासमा ने तुलसी को विश्वास में लेकर सोहराबुद्दीन का पता जाना था, तब चुड़ासमा ने कहा था कि हम उसका एनकाउंटर नहीं करेंगे। बस कोई छोटे-मोटे मामले में जेल में डाल देंगे। लेकिन बाद में सोहराबुद्दीन को गिरफ्तार कर एक फर्जी मुठभेड़ में उसे मार दिया गया।
मुश्ताक अहमद के बयान
उदयपुर के ही 55 वर्षीय अपराधी मुश्ताक के बयान भी आरोप पत्र में दर्ज है, जिसमें मुश्ताक ने बयान दिए है कि सोहराबुद्दीन की उससे साबरमति जेल में मुलाकात हुई थी, तब सोहराबुद्दीन ने उसको बताया था कि गुजरात के कई बड़े पुलिस अधिकारियों से उसके अच्छे संपर्क है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने चूड़ासमा को सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ के मामले में अप्रेल, 2010 में गिरफ्तार कर लिया था। चूड़ासमा ने सोहराबुद्दीन और तुलसी का एनकाउंटर करना स्वीकारा था। शराफत और मुश्ताक के बयान सीबीआई ने चूड़ासमा की गिरफ्तारी के बाद लिए थे। सोहराब और तुलसी क्रमश: 2005 और 2006 में फर्जी एनकाउंटर में मारे गए थे। उल्लेखनीय है कि सीबीआई द्वारा आरोप पत्र में राजस्थान के तत्कालीन गृहमंत्री और प्रतिप्रक्ष नेता गुलाबचंद कटारिया सहित चार जनों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है, जिसमें कटारिया की जमानत पर पांच जुलाई को सुनवाई है।

शेर खान ने दिया 20 लाख का मौताणा,पुलिस ने फिर निभाई बिचोलिये की भूमिका

Image3-300x219उदयपुर। चित्तौडग़ढ़ के सावा कस्बे में डम्पर की चपेट में आए युवक की मौत के बाद भड़के दंगे में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बिचौलिये की भूमिका निभाई और सावा के शेर खान से मृतक के परिजनों को २० लाख का मौताणे का चेक दिलवाया है। जबकि शुक्रवार को ही राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एचआर कुड़ी ने मौताणा मामले में पुलिस को बिचौलिये की भूमिका निभाने से बचने के निर्देश दिए थे। हालांकि शेर खान ने कहा है कि उन्होंने किसी को कोई मौताणा नहीं दिया है और ना ही पुलिस व प्रशासन के दबाव में कोई राशि दी है। उन्होंंने कहा कि कस्बे में शांति व्यवस्था बनी रहे। इसके लिए यह मुआवजा टैंकर मालिक से दिलवाया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कभी यहां पर हिंदु-मुस्लिम दंगें नहीं हुए हैं। यह पहला मौका है, जब बाहरी तत्वों ने आकर इस घटना को अंजाम दिया है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सावा में डम्पर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई थी। बाद में ग्रामीणों द्वारा आगजनी और तोडफ़ोड़ की गई। बाद में कुछ लोग ख्वाजा बाग स्थित मोहम्मद शेर खान के ख्वाजा बाग मकान में तोडफ़ोड़ के लिए गए, जिन्हें फायरिंग करके खदेड़ा गया।

: आजादी के बाद सावा में कभी हिंदू-मुस्लिम दंगा नहीं हुआ। यहां सभी भाईचारे से रहते हैं। सिर्फ कुछ शरारती तत्वों ने इस हरकत को अंजाम दिया है। हमने 20 लाख रूपए सिर्फ गांव में शांति व्यवस्था बहाली और गांव के बच्चे के परिवार की सहायता के लिए दिए हैं।
-मोहम्मद शेर खान, मार्बल व्यवसायी, सावा

घटना को लेकर सावा व्यापरियों का बंद: कल की घटना और बचे लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सावा के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे हैं। व्यापारियों की मांग है की कल फायरिंग की घटना व आगजनी में शामिल कई लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिनको गिरफ्तार किया जाए।
समय पर पुलिस पहुंचती तो घटना नहीं होती: सूत्रों के अनुसार डम्पर की चपेट में युवक के आने पर डम्पर चालक को सीधा स्थानीय लोग थाने में ले गए और सरेंडर करवाया। इसके बाद भी पुलिस ने तुरंत एक्शन नहीं लिया, जिससे मामला बढ़ गया। कुछ उपद्रवियों ने मिलकर आगजनी कर दी, जिससे घटना ने सांप्रदायिक रूप ले लिया।

कटारिया की अगली सुनवाई 6 जुलाई को

gulabchand katariyaउदयपुर। सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ के मामले में आज सुबह मुम्बई के लोअर कोर्ट में नेता प्रतिपक्ष और शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया मार्बल व्यवसायी विमल पाटनी सहित दो आईपीएस अधिकारी मुम्बई की लोअर कोर्ट में पेश हुए जिन्हें 6 तारीख को फिर पेश होने को कहा गया है।
एडवोकेट रोशनलाल जैन ने बताया कि सीबीआई की ओर से दायर चार्ज शीट मामले में शनिवार को मुंबई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख आगामी 6 जुलाई तय की है।

गौरतलब है कि इस मामले में पिछले दिनों मुंबई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। जिसमें कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 जून की तारीख तय की थी। सोहराबुद्दीन मामले में ही कटारिया ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी भी लगा रखी है।

उस पर सुनवाई आगामी 5 जुलाई को होनी है। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं व कटारिया समर्थकों की निगाहें अब आगामी जुलाई माह की 5 व 6 तारीख पर जा टिकी है। अगर 5 जुलाई को मुंबई अपर कोर्ट द्वारा जमानत कि अवधि नहीं बड़ाई जाती है तो कटारिया कि मुश्किलें बढ सकती है ।