उदयपुर। न्याय नहीं मिला तो गृहमंत्री के घर के सामने आत्मदाह कर लूंगा। यह चेतावनी है पुलिस और धोखेबाजों से परेशान एक युवक की जिसको फर्जी कंपनी के झांसे में फंसा कर कुछ लोगों ने लाखों हड़प कर लिए। पीड़ित न्याय के लिए पिछले एक साल से थाने के तो कभी पुलिस अधिकारियों के यहाँ न्याय की गुहार लगा रहा है लेकिन न्याय मिलना तो दूर लाखों रुपये गवां देने के बाद इस शख्स ने जान तक गवाने के लिए आत्महत्या तक की कोशिश कर ली। पुलिस ने बाद में मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों को खुले छोड़ दिया। आरोपियों ने फिर पीड़ित पर जान लेवा हमला कर दिया अब पीड़ित ने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के घर के सामने आत्मदाह करने के चेतावनी दी है।न्याय नहीं मिला तो गृहमंत्री कटारिया के सामने ही कर लूँगा आत्मदाह -लाखों की ठगी से कर्ज़दार हुए परेशान युवक “राजू” का दर्द
उदयपुर। न्याय नहीं मिला तो गृहमंत्री के घर के सामने आत्मदाह कर लूंगा। यह चेतावनी है पुलिस और धोखेबाजों से परेशान एक युवक की जिसको फर्जी कंपनी के झांसे में फंसा कर कुछ लोगों ने लाखों हड़प कर लिए। पीड़ित न्याय के लिए पिछले एक साल से थाने के तो कभी पुलिस अधिकारियों के यहाँ न्याय की गुहार लगा रहा है लेकिन न्याय मिलना तो दूर लाखों रुपये गवां देने के बाद इस शख्स ने जान तक गवाने के लिए आत्महत्या तक की कोशिश कर ली। पुलिस ने बाद में मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों को खुले छोड़ दिया। आरोपियों ने फिर पीड़ित पर जान लेवा हमला कर दिया अब पीड़ित ने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के घर के सामने आत्मदाह करने के चेतावनी दी है।फेसबुकिया प्यार और व्हाट्सएपी वादे ने किया बेड़ा गर्क – निकल गया अल्हड़ जवानी का जोश जब खुली पोल .

जयपुर के वैशाली नगर थाना पुलिस ने फर्जी आईपीएस बनकर शादी करने के मामले में एक अभियुक्त को प्रताप नगर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने युवती के परिजनों से शादी के बाद 27 लाख की मांग भी की थी।गिरफ्तार अभियुक्त उदय यादव उर्फ आदित्य गांव डोइया जिला रोहताश(बिहार) निवासी है। उसने शाहजहांपुर (अलवर) की विनीता यादव से इसी साल 5 मार्च को फर्जी पुलिस अफसर बनकर शादी की।
जांच अधिकारी फूलचंद ने बताया कि आरोपी चार साल पहले फेसबुक के जरिए विनीता से दोस्ती की। एक सप्ताह में ही उनमें व्हाट्सएप, फोन के जरिए बातचीत होने लगी। यह दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई। शुरू में दोनों ही परिवार शादी के पक्ष में नहीं थे लेकिन लड़के और लड़की ने उन्हें मना लिया।
बताया जा रहा है कि उनकी सगाई खातीपुरा स्थित ग्रीन एवेन्यू में युवती के रिश्तेदार के घर हुई थी। उसके बाद शादी एक साल बाद 5 मार्च को हुई। शादी के चंद दिन बाद ही पीडि़ता के सामने दस्तावेज खंगालने पर असलियत आ गई।
इस पर आरोपी ने उससे मारपीट की थी। हालांकि पीडि़ता ने मां की बीमारी का बहाना बनाया और ससुराल से पति के साथ पीहर आ गई। बात बिगडऩे का अंदेशा होने पर उदय चुपचाप वहां से खिसक जयपुर आ गया जहां से वैशाली नगर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में पीडि़ता ने हाल ही मामला दर्ज करवाया था।
अप्रेल में यह पहली बार मिले थे। पुलिस के अनुसार 1 अप्रेल को वे पहली बार लालकोठी स्थित एक होटल में मिले। मई में उदय छोटे भाई अभय का इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन करवाने आया था। बाद में वह भी उसी के साथ यहां प्रतापनगर सेक्टर 3 में किराए से रहने लगा। यहां रहकर वह आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इसी बीच वह विनीता से भी मिलता -जुलता था।
बन गया बीएसएफ असिस्टेंट कमांडेंट। जुलाई में उसने युवती को बताया कि वह बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट बनने वाला है। अक्टूबर में उसने बीएसएफ कमांडेंट की वर्दी में फोटो खिंचवा एफबी अन्य सोशल साइट्स पर पोस्ट कर दी। युवती को यही बताया कि उसका चयन हो गया है। जिसे युवती ने सच मान लिया। हर कदम पर झूठ बोला पुलिस के अनुसार वह पिछले चार साल से पीडि़ता व उसके परिजनों से झूठ बोलता आ रहा था। शादी से पहले उसने कहा कि वह बीएसएफ से प्रतिनियुक्ति पर एनआईए में जा रहा है। उसके बाद बोला कि एनआईए में उसकी जान को खतरा है इसलिए उसे प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई में भेजा जा रहा है। प्रतिनियुक्ति के लिए उसे बीएसएफ महानिदेशक को 27 लाख देने हैं।
इस पर युवती के परिजनों से शादी से पहले उसके खाते में एक लाख रुपए डलवाए थे। शादी के बाद भी उसने किसी न किसी बहाने से पीडि़ता के घरवालों से ऐसे ही रुपए खाते में डलवाने का दबाव बनाया था।
सगाई के बाद भी उसने झांसा देकर पीडि़ता को कहा कि उसका आईपीएस में चयन हो गया है। इसके लिए उसे सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लडऩी पड़ी। उसे राजस्थान कैडर मिला है। इसके लिए उसे 5 लाख देने होंगे तब भी युवती परिजनों ने उसके खाते में एक लाख रुपए शिफ्ट किए थे और 4 लाख नगद दिए थे।
धूमधाम से हुई शादी पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उनकी शादी इसी साल मार्च में धूमधाम से हुई। इसमें करीब 2500 लोग शामिल हुए। 35 लाख का खर्चा हुआ बताया जा रहा है। दूल्हे को महंगी गाड़ी दी गई वहीं दुल्हन को जेवर व अन्य कीमती सामान बतौर गिफ्ट दिए गए।
बधाई हो सरकार ने पेट्रोल के दामों को उन उंचाई पर पहुचा दिया जहाँ पिछले 55 माह में नहीं पहुच सके थे – सबसे महंगा, डीजल भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर।
77.19रु. प्रति लीटर पेट्रोल
बधाई हो हमारी सरकार ने पेट्रोल के दामों को उन उंचाई तक पहुचा दिया जहाँ पिचले 55 महीनों में नहीं पहुचे। ज़ाहिर सी बात है पैट्रोल और डीज़ल के भाव इतने ऊँचे होंगे तो बाकी वस्तुएं मंहगी होनी ही है। लेकिन शायाद ना तो विपक्ष को ना ही सरकार को इन बड़े हुए भावों से जनता को होने वाली परेशानी में कोई दिलचस्पी है। जनता मरती है मरती रहे अब इस पर कंट्रोल शायद किसी का ना रहा। आम जनता लूटती रहे परेशान होती रहे चुनाव नजदीक आरहे है नेता लोग जोशीला भाषण देंगे कोई लोलीपोप जैसा कोई नारा थमाएंगे और अपना काम कर निकल जायेगें हम वही के वही बस उस लोलीपोप को देखते रहेगें। दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार पैट्रोल और डीज़ल के दाल पिचले 55 सालों में सबसे ज्यादा हुए है।
तीन साल पहले कच्चे तेल के दाम घटने पर जब सरकार पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा रही थी, तब पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ने पर सरकार ड्यूटी घटाएगी। लेकिन अब सरकार इनकार कर रही है। सोमवार को जयपुर में पेट्रोल 77.17 रुपए प्रति लीटर रहा। यह 55 महीने में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 1 सितंबर 2013 को यहां पेट्रोल 77.78 रुपए प्रति लीटर रहा था। दिल्ली में भी सोमवार को पेट्रोल की कीमत 74.50 रुपए प्रति लीटर हो गई। इससे पहले 14 सितंबर 2013 को दाम 76.06 रुपए था। डीजल भी जयपुर में सोमवार को 70.06 रुपए प्रति लीटर रहा जो अब तक सबसे ज्यादा है।
दिल्ली में डीजल 65.75 रुपए है, जो अब तक का रिकॉर्ड है। फिर भी केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी घटाने के पक्ष में नहीं है। वह चाहती है कि राज्य वैट कम करें।
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी एक-एक रुपया कम हुई तो केंद्र सरकार का रेवेन्यू 13,000 करोड़ रुपए कम हो जाएगा।
गर हमें राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखना है तो एक्साइज कम नहीं कर सकते। वैसे भी अभी तक पेट्रोलियम मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से एक्साइज कटौती का प्रस्ताव नहीं भेजा है। उन्होंने कहा कि तेल उत्पादन करने वाले देशों में तनाव कम होने और अमेरिका में शेल ऑयल का उत्पादन बढ़ने से कच्चे तेल के दाम नीचे आएंगे। सरकारी तेल कंपनियां पिछले साल जून से पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना तय कर रही हैं। अब उनसे यह कहना उचित नहीं होगा कि दाम में बढ़ोतरी को वे खुद वहन करें
क्रूड सस्ता हुआ तो सवा साल में 9 बार बढ़ाई एक्साइज ड्यूटी : मई 2014 में भारतीय बास्केट क्रूड 106.85 डॉलर प्रति बैरल था, जो जनवरी 2016 में दो-तिहाई घटकर 29.80 डॉलर रह गया था। -नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के दौरान सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 9 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई। 15 महीने में पेट्रोल पर ड्यूटी 11.77 रुपए और डीजल पर 13.47 रुपए बढ़ी।
दो साल में क्रूड ढाई गुना महंगा, एक्साइज एक बार घटी : बीते दो साल में क्रूड ढाई गुना महंगा हुआ। मौजूदा कीमत 73.5 डॉलर प्रति बैरल है। लेकिन इस दौरान सरकार ने एक्साइज में सिर्फ एक बार कटौती की।
अक्टूबर 2017 में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज 2-2 रु. घटाया गया। राज्यों से वैट कम करने को कहा गया, लेकिन सिर्फ महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने ऐसा किया।
विश्व की सबसे महंगी फ़िल्म एवेंजर्स इनफिनिटी वार – प्रीव्यू इदरीस खत्री

विश्व की सबसे महंगी फ़िल्म
क्योकि फ़िल्म में सुपर हीरोज की भरमार है इसीलिए एक भाग में आलेख को समेटना नामुमकिन था , इसीलिए फ़िल्म के आने तक इसके 4 या 5 भाग में आपके सम्मूख पेश करूँगा
फ़िल्म में आयरन मैन, थॉर, केप्टन अमेरिका, स्पाइडर मैन, डॉक्टर स्ट्रेंथ, ब्लेक पैंथर, ब्लेक विडो, हल्क, विज़न,गार्जियन ऑफ गेलेक्सी के पात्र, क्विक सिल्वर, डेडपूल, और बहुत सारे सुपर हीरोज
मिलकर सामना करेंगे थॉनोस का,
जंग है ततिलास्माई पत्थरो के लिए थॉनोस दुनिया के 6 करिश्माई पत्थर पाकर पूरे ब्रह्मांड का सर्वशक्तिशाली व्यक्तित्व बनाना चाहता है। बस उसे रोकने के लिए सभी सुपर हीरो एक जुट होकर और पृथ्वी को बचाने की जंग लड़ेंगे,
*अगली कड़ी में इन स्टोन्स का खुलासा करने की कोशिश करूंगा,*
इस श्रृंखला की तीसरी फिल्म 2012, पहली 15 में दूसरी ओर अब 27अप्रेल 2018, तीसरी फिल्म देखने को मिलेगी.
मार्वल प्रोडक्शंस के एवेंजर्स का नाम आते ही कैप्टेन अमेरिका, थॉर, हल्क, आयरन मेन जहन में घूमने लगते है. लेकिन इस बार साथ मे दिखेंगे. गार्जियन ऑफ गेलेक्सी के पात्रों के अलावा ब्लेक पेंथर, ब्लेक विडो, विज़न, विंटा सोल्जर. लोकी ओर मार्वल के सबसे बड़े विलेन थानोस।
फ़िल्म की कहानी कुछ यूं बुनी गई है कि इनफिनिटी स्टोन्स जिसकी खोज में थानोस धरती पर पहुचता है और इस स्टोन्स की खासियत यह है कि जिसके पास यह स्टोन्स, वह ब्रमांड का सबसे बड़ा विजेता, सर्वशक्तिमान होगा।
विजन के फैन्स के लिए फ़िल्म से बुरी खबर है कि उसका विजन ओर सोर्स चले जाता है और आयरन मेन, हल्क भी थानोस के आगे पस्त दिखाई देंगे।
अच्छी खबर यह है कि कैप्टेन अमेरिका पूरी टीम को साधेंगे ओर सब मिल कर सामना करेंगे थानोस का।
यह फ़िल्म 2 भाग में बनी है :
पहला इस साल, दूसरा अगले साल प्रदर्शित होगा उसके बाद एवेंजर्स श्रृंखला समाप्त हो जाएगी।
एवेंजर्स के फैन्स के लिए यह एक बुरी खबर भी है कि फ़िल्म के दूसरे भाग के बाद इस पर काम बंद हो जाएगा।
फ़िल्म के ट्रेलर भी लाजवाब बनाया है जबरदस्त एक्शन और कम्प्यूटर जनित vfx से भरपूर.
यही फिल्मे भविष्य में भारतीय फिल्मों का मार्गदर्शन करेगी,
अगले भागो में
इनफिनिटी स्टोन्स- कौन कौन से है
फ़िल्म बजट, कमाई
कैसे मार्वल की सारी फिल्मे एक दूसरे से जुड़ी हुई है,
किस तरह मार्वल ने एक तारतम्यता के तहत सारी फिल्में गूँथते हुवे इस फ़िल्म तक पहुचा,
सारे सुपर हीरो कैसे और क्यो साथ मे है,
इनही मुद्दों पर चर्चा रहेगी,
समीक्षक :
इदरीस खत्री
ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले हर तीसरे शख्स को मिल रहा है नकली सामान, सर्वे में खुलासा

ई-कॉमर्स कंपनियों पर नकली प्रोडक्ट्स बिकने की शिकायत बढ़ती जा रही है। कंज्यूमर्स को मिलने वाली पसंद और आराम देने वाली इन ई-कॉमर्स साइट्स पर हैवी डिस्काउंट्स पर प्रोडक्ट बिक रहे हैं। कंज्यूमर्स के मुताबिक, लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए सेलर्स इन साइट्स पर नकली प्रोडक्ट्स को हैवी डिस्काउंट के साथ लिस्ट करते हैं। वहीं, ज्यादातर कंपनियां डिस्काउंट के चक्कर में सेलर्स की मूल जांच नहीं करती हैं। लोकलसर्किल्स ने इस मामले पर कंज्यूमर्स के विचार जानने के लिए 12 हजार यूनिक कंज्यूमर्स का सर्वे किया है।
सर्वे में लोगों ने क्या कहा
पहले पोल में 6,923 लोगों में से 38 फीसदी कंज्यूमर्स ने कहा कि उनहें बीते एक साल में ई-कॉमर्स साइट से नकली प्रोडक्ट मिले हैं। 45 फीसदी ने कहा कि उनके साथ ऐसा नहीं हुआ है जबकि 17 फीसदी ने कहा है कि वह इसके बारे में कुछ नहीं जानते। वहीं, मार्केट रिसर्च प्लेटफार्म वेलोसिटी एमआर द्वारा किए गए एक दूसरे सर्वे में पाया गया कि बीते छह माह में हर तीसरे ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले को नकली प्रोडक्ट्स मिले हैं। इस सर्वे में 3,000 लोगों को शामिल किया गया।
किस कंपनी पर ज्यादा नकली प्रोडक्ट
लोगों ने जब यह पूछा गया कि कौन सी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी ने बीते एक साल में नकली प्रोडक्ट भेजा है, तो जवाब में 12 फीसदी ने स्नैपडील, 11 फीसदी ने अमेजन और 6 फीसदी ने कहा फ्लिपकार्ट। 71 फीसदी लोग ऐसे हैं जो या तो ऑनलाइन शॉपिंग नहीं करते या उनहें नकली प्रोडक्ट नहीं मिला है।
किस कैटेगरी के समान सबसे ज्यादा नकली
सर्वे में कहा गया है कि नकली प्रोडक्ट्स की कैटेगरी में सबसे ऊपर परफ्यूम और दूसरे फ्रेंगनेंस हैं। इसके बाद शूज और स्पोर्टिंग गुड्स। वहीं, 51 फीसदी ने कहा कि दूसरे कैटेगरी के प्रोडक्ट जैसे फैशन, अपैरल, बैग्स, गैजेट्स आदि में नकली समान मिलता है।
2014 में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक सेलर को बैन किया था जोकि शॉपक्लूज.कॉम पर अपने हर प्रोडक्ट के लिए L’Oreal नाम यूज कर रहा था। वहीं, हाल ही में अमेरिका के लाइफस्टाइल और फुटवियर ब्रांड Skechers ने फ्लिपकार्ट और चार सेलर्स को अपने प्लेटफॉर्म पर उनके नकली प्रोडक्ट्स बेचने का आरोप लगाया था।
मरीजों की कतार लगी हुई है, लेडी डॉक्टर व्हाट्सप्प की चेटिंग में मस्त है।
उदयपुर। उदयपुर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल महाराणा भूपाल चिकित्सालय का यह वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे सभी लेडी डॉक्टर जो शायद ट्रेनी डॉक्टर दिख रही है वह बजाये मरीजों की तरफ ध्यान देने के अपने मोबाइल फोन में व्यस्त है। वह वीडियो में मोबाइल पर साफ़ दिख रही है की व्हाट्सप्प पर चेटिंग कर रही है। एक लेडी डॉक्टर नहीं बल्कि सभी लेडी डॉक्टर का यही हाल है। रूम में मरीज़ घूम रहे है और यह चेटिंग कर रही है। महाराणा भूपाल चिकित्सालय संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है, यहां पर उदयपुर संभाग के मरीज ही नहीं बल्कि आस पास के राज्यों के मरीज़ भी अपने इलाज के लिए आते है, लेकिन देखिये आप खुद इस वीडियो में डॉक्टर मेडम को मोबाइल में व्हाट्सप्प की चेटिंग से फुर्सत ही नहीं है, मरीजों का इलाज करना तो बहुत दूर की बात है, यह डॉक्टर तो मरीजों की तरफ देख भी नहीं रहे ,.. अगर यह डॉक्टर ट्रेनी भी है तो क्या, यह इस तरह हॉस्पिटल में फेसबुक और व्हाट्सप्प पर चेटिंग कर के ही डॉक्टर की डिग्री लेंगें क्या,.. महाराणा भूपाल चिकित्सालय प्रशासन को चाहिए कि अस्पताल में इस तरह मोबाइल फोन पर प्रतिबन्ध लगाए।
देखिये विडियो
https://youtu.be/ztJwZ0FjzLM
देखिये वीडियो में किस तरह इंसानों ने जानवर बन कर एक बेबस जानवर को मारा।
उदयपुर। स्वर्गीय राजेश खन्ना की फिल्म हाथी मेरे साथी फिल्म का वह गीत तो आपको याद होगा “नफरत की दुनिया को छोड़ के प्यार की दुनिया में खुश रहना मेरे यार” इसी फिल्म की एक लाइन है “जब जानवर कोई इंसान को मारे कहते हे दुनिया में वहशी उसे सारे इक जानवर की जान आज इंसानों ने ली है चुप क्यों है संसार” यह लाइन आज भी सार्थक है शनिवार को भीलवाड़ा के आसींद कसबे के पास में एक पेंथर को लोगों द्वारा मारे जाने का वीडियो देख कर। एक पेंथर को २५ लोग लाठियों से पीट रहे है और बिच में पेंथर मरणासन्न स्थिति में है,जंगल दिन ब दिन काटते जा रहे है, जानवरों के घर जंगल में इंसान अपना कब्जा करता जा रहा है, जब ऐसे में कोई पेंथर या अन्य जानवर जंगल के पास ही बसी बस्ती में घुस आता है तो इंसान उसको या तो जान से मार देते है या फिर अधमरा कर मरने के लिए छोड़ देते है। अब जानवर आखिर करे तो क्या करे और जाए तो कहाँ जाए,….. बेजुबान जानवर अपने हक़ की आवाज़ भी नहीं उठा सकता, जंगल उसका घर है लेकिन इन जंगलों पर राज इंसानों का है,और जानवरों को ये इंसान ना जंगल में रहने देते है ना ही अपने घर के आसपास फटकने देता है,….. देखिये वीडियो आपभी और बस अफ़सोस मनाइये क्यों के शायद इसका इलाज किसी के पास नहीं है।
देखिये विडियो
https://youtu.be/mn238eEbQGQ
वीडियो में दिख रही घटना के बारे में बता दें की भीलवाड़ा के आसींद कसबे की यह घटना है जब पेंथर ने दो लोगों को घायल कर दिया तो लोगों ने पेंथर का क्या हाल किया खुद ही देखिये ,.. वन्य जीव प्रेमियों ने इस घटना की निंदा जरूर की है लेकिन इसका उपाय ना उनके पास है ना ही अधिकारियोंम के पास इसी तरह जंगल काटते रहेंगे जंगली जानवर बस्तियों में आते रहेगें और इंसान उनको मारते रहेगें।
मुस्लिम प्रतिनिधियों की उपेक्षा से कांग्रेस की बैठक में हुआ हंगामा

उदयपुर . शहर में २६ अप्रेल को होने वाले कांग्रेस के संभाग स्तरीय सम्मलेन के पूर्व तैयारी की बैठक में मुस्लिम नेताओं ने जम कर हंगामा किया उदयपुर संभाग से पीसीसी सदस्यों की सूचि में किसी भी मुस्लिम को नहीं जोड़ना व कार्यक्रम में मुस्लिम नेताओं को उपेक्षित रखे जाने को लेकर मुस्लिम नेताओं ने विरोध किया. सम्मलेन की तैयारी की बैठक के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव तरुण कुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर गिरिजा व्यास प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रघुवीर मीणा पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया सहित कई नेता मोजूद थे. मुस्लिम नेताओं की समझाइश के बाद बैठक शुरू हुई जिसमे संभाग स्तरीय सम्मलेन के बारे चर्चा की गयी.
https://youtu.be/qT1vBGUpExY
शनिवार को अशोकनगर स्थित विज्ञान समिति में देहात और शहर जिला कांग्रेस कमिटी की संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया जिसमे अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव तरुण कुमार २६ अप्रेल को उदयपुर में होने वाले कांग्रेस का संभाग स्तरीय सम्मलेन की तय्यारियों पर चर्चा कर रहे थे। बैठक जैसे ही शुरू हुई शहर के मुस्लिम नेता रियाज़ मोहम्मद, नासिर खान मोहसिन खान रिजवान खान ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। मुस्लिम नेताओं का आरोप था कि कांग्रेस को मुस्लिमों के वोट तो चाहिए लेकिन मुस्लिम नेताओं और मुस्लिमों से दूरी भी बनानी है। पुरे संभाग में कांग्रेस ने एक भी मुस्लिम नेता को पीसीसी का सदस्य नहीं बनाया यही नहीं कार्यक्रमों में भी मुस्लिम नेताओं से दूरी बनाई जा रही है . चाहे आज का ही कार्यक्रम हो जिसमे मंच पर एक भी मुस्लिम नेता नहीं है. कांग्रेसी मुस्लिम नेता रियाज़ हुसैन ने कहा की एसा नहीं है कि कांग्रेस में काबिल और पड़े लिखे मुस्लिम नेता नहीं है. शिक्षा में कई अन्य लोगों ने ज्यादा योग्यता रखते है इसके बावजूद मुस्लिम नेताओं से दूरी बनाई जा रही है. जबकि मुस्लिमों के वोट तो कांग्रेस को चाहिए लेकिन मुस्लिम नेताओं से दूरी की वजह समझ नहीं आरही . मुस्लिम समुदाय के अन्य प्रतिनिधियों ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस मुस्लिम समुदाय के लोगों को केवल अपना वोट बैंक मानती आई है लेकिन कांग्रेस में मुस्लिम समुदाय के लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं है साथ ही एआईसीसी के सचिव तरुण कुमार के सामने मुस्लिम समुदाय के लोगों ने साफ किया कि उदयपुर संभाग से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्यों के रूप में ऐसे लोगों का चयन किया गया जो केवल बड़े नेताओं की चमचागिरी करते हैं इस तरह के आरोपों के बाद करीब आधे घंटे तक बैठक में जमकर हंगामा हुआ साथ ही कुछ नेताओं ने तो मीडिया कर्मियों को भी कवरेज करने से रोका। मीडिया कर्मियों की ओर से लगातार कवरेज करने के दौरान कुछ बड़े नेताओं ने भी कैमरा बंद करने की बात कही। इस पूरे घटनाक्रम के बाद एआईसीसी के तरुण कुमार सहित पीसीसी के पदाधिकारियों की ओर से समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और बाद में बैठक सुचारु रुप से चल सकी।

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शहर की पुलिस है आराम में चोर लुटेरों की हो रही है मौज
उदयपुर। शहर की पुलिस मस्त है और चोर लुटेरे मदमस्त हो रहे है। इसी मस्ती मस्ती में लुटेरों ने पुलिस की नाक के निचे से शहर के दो एटीम को गैस क़तर से काट कर २४ लाख से ज्यादा रूपये ले उड़े फिलहाल लुटेरों का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस अपनी कोशिश में लगी हुई है। एसबीआई एटीएम को काटकर लूट की वारदात हुई। डबोक थाने से 50 मीटर दूर हाइवे पर स्थित एटीएम से 18 लाख 65 हजार 400 रुपए और तीतरड़ी चौराहे के एटीएम से 6 लाख रुपए कैश लूटकर बदमाश भाग गए। रात करीब 1 बजे तीतरड़ी और दो घंटे बाद 3 बजे के करीब डबोक में वारदात को अंजाम दिया गया। दोनों ही मामलों में पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई।
डबोक लूट में गुरुवार रात स्कॉर्पियो में आए पांच नकाबपोश बदमाशों ने महज 15 मिनट में ही वारदात को अंजाम दिया। पूरा घटनाक्रम एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है। उदयपुर पुलिस प्रशासन से अपराधी किस कदर बेखौफ हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां वारदात हुई है वह एटीएम डबोक पुलिस थाने से स्पष्ट दिखाई देता है। इसके बाद भी अपराधी गैस कटर से एटीएम को काटकर कैश निकालकर आराम से भाग गए। खास बात यह है कि गुरुवार रात थाने में 10 पुलिसकर्मियों के अलावा गश्त में भी कई जवान तैनात थे।
इतनी बड़ी वारदात का पता पुलिस को तब चला जब सुबह साढ़े छह बजे लोगों ने सूचना दी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया डबोक ब्रांच के मैनेजर सतीश आनंद पुत्र रामाधार ने डबोक थाने में लूट का मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया कि बैंक स्टाफ से सूचना मिली कि एटीएम को काटकर कोई पैसे निकालकर ले गया। सूचना मिलते ही एएसपी नारायण सिंह, थानाधिकारी श्याम राज सिंह और एफएसएल टीम के प्रभारी अभय पहुंचे और जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार दोनों ही एटीएम में गार्ड नहीं थे।
उदयपुर की जनता का मूड अब ठीक नहीं है – दो मंत्रियों निकायों के अध्यक्षों की मौजूदगी में 200 के पंडाल में 20 लोग रहे मौजूद।

उदयपुर। दो दो मंत्रीयों की मौजूदगी उसमे से एक तो वह जो मेवाड़ के कद्दावर नेता जिनकी एक आँख का इशारा जाने क्या गज़ब ढा जाता है वो गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया., उनकी की मौजूदगी और ऊपर से शहर करीब करीब सभी बड़े नेता और दोनों निकायों नगर निगम व UIT के चेयर में मौजूद इसके बावजूद बावजूद भी एक उदघाटन समारोह में मात्र 20 से 22 लोग,. लगता है कहीं कुछ गड़बड़ है। गुलाब जी भाईसाब को भी और शहर के दोनों निकायों के चेयर में श्री कोठारी जी और रविंद्र जी को भी ध्यान देना चाहिए कि शहर की जनता खुश नहीं है उसका मूड अब अच्छा नहीं रहा। उदियापोल पर होने वाले कार्यक्रम में जनता की भागीदारी तो बहुत दूर की बात है खुद के कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी नहीं है। खेर कार्यकर्ताओं की भागीदारी नहीं होना पार्टी की आपसी खींचातान का मामला हो सकता है लेकिन इसके अलावा व्यापारी वर्ग और वार्ड की जनता ने ही इन बड़े नेताओं और मंत्रियों को नकार दिया तो यह एक चिंता की बात हो सकती है।

ठीक चुनाव के पहले ताबड़तोड़ वार्डों के दौरे और ताबड़तोड़ निर्माण उदघाटन के कार्य अपने आप में खुद ही सवाल बन कर उठ जाते है,. जनता जानना चाहती कि आखिर चार साल तक आप कोनसे दड़बे में मुँह डाल कर बैठे हुए थे क्यों चार साल तक जनता की जरूरतों पर आपका ध्यान नहीं गया क्यों इस स्मार्ट सिटी का बेड़ा गर्क होने दिया। और अगर यह सवाल जनता पूछती है और आप कहदो की “वोट कुँए में डाल देना” तो भाईसाब अब जनता का जमीर इतना भी नहीं मरा है कि आपकी जी हुज़ूरी में खड़ी रहेगी जनता का भी अपना स्वाभिमान है। हो सकता है पार्टी के कुछ नेता कार्यकर्ता आपकी हुज़ूरी में आगे पीछे रह सकते है लेकिन लाखों वोट ये चुनिंन्दा लोग तो नहीं डालेनेगें ना वोट तो जनता ही डालेगी और आपका कहा मान लिया और “वोट कुँए में डाल दिया” तो फिर ” तेरा क्या होगा … “ आप भाईसाब नमक का नाम भी नहीं ले सकते क्यों की सरकार के पास नमक जनता के पैसों का ही हे इसलिए नमक सरकार ने खाया है जनता का इसलिए आप नहीं कह सकते तुमने हमारा नमक खाया है। अब तो जनता कहेगी सरकार ने हमारा नमक खाया,..
खेर चलिए हम बात कर रहे है गुरुवार को उदियापोल में होने वाले उस पॉवर रोड के उद्घाटन समारोह की जहाँ दो मंत्रियों के तहते २०० के पंडाल में मात्र २० लोग थे वह भी अधिकारी और कुछ कार्यकर्ता।
उदियापोल से सेक्टर 14 स्थित सरस डेयरी तक 3 करोड़ 61 लाख में बनने वाली साढे़ 4 किलोमीटर लंबी पेवर रोड का गुरुवार को मुख्य अतिथि गुलाब चंद कटारिया और जिले के प्रभारी मंत्री धनसिंह रावत ने शिलान्यास किया। कार्यक्रम में नगर निगम महापौर चंद्र सिंह कोठारी और यूआईटी अध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली विशिष्ट अतिथि थे। उदियापोल स्थित ताेप प्लेटफार्म पर सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से हुए कार्यक्रम में व्यापारियों और आमजन के लिए 150 कुर्सियां लगाई गई थीं लेकिन यहां दोनों अधिकारियों के प्रोटोकॉल में चलने वाले अधिकारियों सहित सिर्फ 20 लोग ही आए। कार्यक्रम में उदियापोल क्षेत्र के प्रमुख व्यवसायी एवं नगर निगम की निर्माण समिति के अध्यक्ष पारस सिंघवी, वार्ड 40 के पार्षद राकेश पोरवाल सहित भाजपा के प्रमुख लोग उपस्थित नहीं हुए। गौरतलब है कि उदियापोल से सिटी स्टेशन, बीजेपी कार्यालय, पटेल सर्कल, पारस तिराहा, एकलिंगगढ़ छावनी गेट, गोवर्धन विलास, सेक्टर 14 होकर बना हुअा पुराना राेड तोड़ कर नया पेवर रोड बनाया जाएगा।
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https://www.youtube.com/watch?v=Y0ZW6q7UsvY

