उदयपुर के नन्हे फेन्स सलमान के लिए प्रार्थना कर रहे है – जानिये कौन है ये बच्चे।

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उदयपुर। २० साल पुराने काले हिरन के शिकार के मामले में बॉलीवुड के सुपर स्टार सलमान खान को पांच साल की सजा हो गयी है, सलमान की सज़ा को लेकर उनके फेन्स में काफी मायूसी है, सलमान खान को आज के युग का हातिम ताई भी कहा जाता है,.क्यों कि सलमान अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा जरूरतमंद लोगों को दान कर देते है। अपने beeing ह्यूमन संस्था के तहत सलमान बंद मुट्ठी से ऐसे ऐसे लोगों की सहायता कर देते है जिनकी पुरे जहाँ में किसी ना सुनी हो, और अपनी हातिम ताई रुतबे के लिए वो हर दिल पर राज करते है। यही नहीं सलमान बच्चों के बिच भी उतने ही प्रिय है। सलमान के जेल जाने पर कई बच्चे भी उनकी सजा कम होने और उन्हें बेल मिल जाने की प्रार्थना कर रहे है और प्रार्थना करने वालों में राजस्थान के उदयपुर के वे बच्चे भी प्रार्थना कर रहे जो मेंटली डिसेबल है, और उसकी वजह हे सलमान द्वारा उनके प्रति जताया गया प्यार, जब सलमान खान प्रेम रतन धन पायो की शूटिंग करने के लिए उदयपुर kumbhalgarh आये थे तब विशवास समर्पित मंदबुद्धि विद्यालय की सचिव सरिता कपूर अपने विद्यालय में पढने वाले मेंटली डिसेबल बच्चों को सलमान खान से मिलवाने ले गयी थी। जब सरिता कपूर बच्चों को मिलवाने के लिए निकली थी तब उन्हें भी नहीं पता था कि वे बच्चों से मिलेगें भी या नहीं, लेकिन जैसे ही सलमान खान ने सूना कि उनसे मिलने के लिए कुछ बच्चे आये है तो सलमान अपनी साड़ी शूटिंग छोड़ कर बच्चों के बिच में आगये, सबके लिए खाने पिने का इंतज़ाम करवाया। सलमान बच्चों के साथ काफी देर तक खेलते रहे बतियाते रही। मेंटली डिसेबल यह बच्चे चाहे कोई बात समझे ना समझे लेकिन मोहब्बत्ब समझते है और इसीलिए वे सलमान खान की बच्चों के लोइए मोहब्बत को इन्होने महसूस किया। आज जब उन्हें सलमान की सजा के बारे में पता चला तो सलमान को याद कर वे प्रार्थना के लिए खड़े हो गए। अदालत का अपना काम है और कोर्ट के आदेश में कोई हस्तक्षेप भी नहीं लेकिन सलमान के फेंस और बच्चों के दिल से पूछे तो शायाद सलाम की सजा के लिए सभी को काफी बुरा लग रहा है।

https://youtu.be/ofl9yschybc

काला हिरण शिकार केस में सलमान 20 साल बाद दोषी: 5 साल की सजा, जमानत पर कल होगी सुनवाई

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बीस साल पुराने काला हिरण शिकार मामले में गुरुवार को जोधपुर की चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया। लंच ब्रेक के बाद सीजेएम देव कुमार खत्री ने सलमान खान को 5 साल कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। सलमान को जोधपुर जेल भेजा गया। वे चौथी बार जोधपुर जेल गए हैं, इससे पहले 1998, 2006 और 2007 में सलमान 18 दिन जेल में रहे थे। इस केस में सह आरोपी सैफ अली, तब्बू, सोनाली और नीलम को संदेह के लाभ पर बरी कर दिया गया है। पेशी के लिए ये सभी बुधवार को यहां पहुंच गए थे। मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है। तब ये सभी फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के सिलसिले में जोधपुर में थे। सलमान खान और उनके साथियों पर 2 चिंकारा और 3 काले हिरणों (ब्लैक बक) के शिकार का आरोप लगा था। सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था।

बताया जा रहा है कि सलमान खान को जोधपुर के सेंट्रल जेल में भेजा जाएगा, जहां पहले से ही आसाराम कैद में है. सरकारी वकील का कहना है कि सलमान खान को एक रात जेल में बितानी होगी. सलमान खान के खिलाफ जजमेंट 196 पेज का है.

जोधपुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में सज़ा पर बहस के दौरान जहां सरकारी वकील ने अधिकतम सजा की मांग की थी, वहीं सलमान के वकील ने कम से कम सजा की मांग की थी.

वहीं, विश्नोई समाज अन्य सभी आरोपियों को बरी किये जाने से नाराज हैं. उनका कहना है कि सलमान के साथ अन्य सभी को भी सजा मिलनी चाहिए थी.

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने 1998 में हुई इस घटना के संबंध में 28 मार्च को मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुये फैसला बाद में सुनाने की घोषणा की थी. गौरतलब है कि फैसला सुनाये जाने के समय सभी आरोपी कलाकार सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेन्द्रे और नीलम अदालत में मौजूद थे.

देखिये विडियो

https://youtu.be/UifxRfdEXLU

चुनाव के पहले गृहमंत्री निकले जनता का दर्द सुनने – झेलना पड रहा है जनता का आक्रोश

उदयपुर। शहर विधायक और गृह मंत्री  गुलाबचंद कटारिया को इन दिनों भारी विरोध झेेलना पड़ रहा है। कभी पलकों पर बिठाने वाले मतदाता ही कटारिया को खूब खरीखोटी सुना रहे हैं। रविवार से शुरू हुआ कटारिया का विधानसभा वार्डों का दौरा काफी भारी पड़ रहा है। कटारिया ने रविवार से वार्ड की समस्याओं के लिये मैराथन दौरा शुरू तो कर दिया है लेकिन पग-पग पर उनका भारी विरोध हो रहा है। कटारिया ने वार्ड चालीस से अपने दौरे की षुरूआत की थी और वहीं से उनको विरोध का सामना करना पड़ा था आज भी कटारिया को विरोध का सामना करना पड़ा और काले झण्डे दिखाए गए।
अपने विधानसभा क्षेत्र वार्डों का दौरा अभियान के दौरान मंगलवार को आयड़ से वार्ड ३६ के प्रताप चौक पाहेड़ा में पहुंचे वहां पर कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओं व् अन्य स्थानीय लोगों ने वार्ड की समस्या को लेकर काफी आक्रोश जताया। यहाँ तक की कटारिया को काले झंडे भी दिखाये गये। प्रताप चौक में जैसे कटारिया पहुंचे और समस्या सुनने के दौरान कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि कटारिया ने विकास के नाम पर इस वार्ड में कुछ नहीं किया फिर पर्चे बांट कर वह गुमराह क्यों कर रहे हैं।कांग्रेस नेता सूर्य प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि जब यहां पर कटारिया का दौरा था तो लोगों को पट्टे की समस्या के समाधान की बात कह कर बुलाया लेकिन कटारिया ने पट्टे देने की बात को सुनने से इंकार कर दिया। कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े बताकर कटारिया का विरोध किया। ज्यादा माहौल खराब हो उससे पहले ही कटारिया वहां से निकल गए लेकिन पीछे भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। रविवार को कटारिया के खिलाफ हुए विरोध को देखते हुए मंगलवार को इस क्षेत्र में दौरे के दौरान भारी पुलिस बल उनके साथ तैनात किया था। हालाकि मौजुदा पार्शद काफी प्रयास कर रहे हैं कि कटारिया को उन इलाकों में न ले जाया जाए जहां पर जनता आक्रोषित है और यही वजह है कि जनता के गुस्से के सामने पार्षद तो क्या विधायक भी टिक नहीं पा रहे है। सबसे ज्यादा समस्या, सड़कों, सीवरेज, पानी और बिजली की झेलनी पड़ रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले 20 साल से नालियों और सड़कों की स्थिति काफी खराब है। लेकिन स्थानीय पार्षदों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में ग्रहसेवक का वार्ड – वार्ड विरोध हो रहा है।
देखिये विडियो
https://youtu.be/mvPKtEWTr2k
इधर  राणाप्रताप मंडल के वार्ड नं. 38, 36, 35, 34 की जन समस्याओं को जानने के बाद गृहमंत्री गुलाब कटारिया ने कहा कि आमजन सकारात्मक सोच रखे और किए गए कार्यो की भी सराहना करे सिर्फ विरोध के लिए विरोध न करे हाॅ समस्याए तो होगी लेकिन दौरे के दौरान बडी समस्या नहीं आई सिर्फ नाली की सफाई, सफाई,  बिजली,  पानी का कम दबाव का आना, सुबह 03 बजे का पानी आना, गली में ब्रेकर्स बनाना, आवारा पशुओ के सडको पर घूमने, कुडादान न होने जैसी समस्या आई जिसका तत्काल सम्बंधित विभाग से समाधान भी करवा दिया जो आगामी दिनोें में पूरी हो जायेगी। कटारिया ने जनसुनवाई के दौरान जिला कलक्टर विष्णु चरण मलिक, यूआईटी सचिव राम निवास मेहता व नगर निगम सचिव से जनसुनवाई के दौरान आने वाली समस्याओं का त्वरित निरस्तारण कर कार्यवाही करावे। कटारिया ने  कहा कि आगामी 06 माह में आयड में 06 एनीकट बनाये जिससे वर्ष पर इसमें पानी भरा रहेगा जिससे उदयपुर की सुन्दरता में चार चांद लग जायेगे साथ ही इसके दोनो जहाॅ भी जगह मिलेगी गार्डन बनाने का प्रस्ताव है जिससे पर्यटन भी इसका लाभ उठा सकेगे।  वार्ड दौरे के दौरान गृहमंत्री गुलाब कटारिया ने कहा कि शहर में किराये पर रह रहे 10 हजार परिवारों न्यूनतम व रियायती दर पर सरकार की ओर से मकान दिये जायेगे।  महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने कहा कि वार्डो में खाली पडे प्लोट पर आस पास वालो द्वारा गंदगी डाली जाती है जिससे कई परेषानिया होती है जिस पर उनके मालिक को चिन्हित कर उन्हे नोटिस देने का कार्य किया जा रहा है। गृहमंत्री कटारिया के वार्डो में दौरे के दौरान पुलिस एवं इंटलीजेंस की महिला एवं पुरूष की टीमें पुरे समय साथ रही ओर कटारिया के इर्द गिर्द ही सुरक्षा का घेरा लिए खडे रहे ज्ञातव्य है कि कल बंद के दौरान भीम सेना द्वारा पूरे देष भर में उत्पात मचाया और उनकी गिरफ्तारिया भी हुई जिसे लेकर सूचना मिली कि कुछ दौरे के दौरान गडबडी कर सकते है।
कटारिया के वार्डो में दौरे दौरान आरएसईबी विभाग, पीएचडी, नगर निगव व यूआईटी विभाग के आलाअधिकारी साथ साथ चल रहे थे और आने वाली समस्या को जनसूनवाई के दौरान सम्बंधित विभाग को भी निर्देष दे रहे थे।

उदयपुर के वरिष्ठ पत्रकार अख्तर खान IFWJ के जिलाध्यक्ष बने

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उदयपुर पोस्ट . लेकसिटी के वरिष्ठ पत्रकार अख्तर खान को आई ऍफ़ डब्ल्यू जे का उदयपुर जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठोड ने वरिष्ठ पत्रकार अख्तर खान को नियुक्ति पत्र देते हुए उदयपुर में कार्यरत शर्म जीवी पत्रकारों के हितों के लिए कार्य करने का दायित्व सौंपा है। अख्तर खान उदयपुर जिले एवं उपखण्ड की शीघ्र ही कार्यकारणी की घोषणा करेगें।

उल्लेखनीय है कि इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट ( आई ऍफ़ डब्ल्यू जे ) देश में श्रम जीवी पत्रकारों का एक मात्र संगठन है। जो पत्रकार हितों एवं कल्याण के लिए सदैव संघर्षरत रहा है। खान की नियुक्ति पर जिले के पत्रकारों ने हर्ष व्यक्त किया है।

महिला पुलिस अधिकारी ने पुलिसियाई रॉब दिखा कर डॉक्टर की कार में भरवा दिया मृत गाय का शव – चिकित्सकों का विरोध करने पर अब करवाया जा रहा है संगठनों से विरोध .

उदयपुर पोस्ट।  अब तक आपने सुना होगा कि साम्प्रदायिका को हवा देने के पीछे समाज कंटकों की भूमिका रहती है। लेकिन “उदयपुर पोस्ट” एक ऐसा खुलासा कर रहा है कि आप भी दंग रह जाएंगे। गत २८ मार्च को शहर में तैनात एक आरपीस महिला पुलिस अधिकारी ने ऐसा करने की धमकी दे डाली। मामला था एक मृत पशु के निस्तारण का लेकिन निस्तारण हो रहा था इन आरपीएस के एक निजी भूखण्ड से ५०० मीटर की दूरी पर जो शायद इन्हें नागवार गुजरा।
आइये अब हम ले जाते है आपको घटनाक्रम की ओर २८ मार्च को लोयरा निवासी श्रीमती तुलसी सुथार पत्नी ओमप्रकाश सुथार ने सरकारी वरिष्ठ पशु चिकित्सक दत्तात्रेय चौधरी से सम्पर्क कर निवेदन किया कि उनकी भामाशाह बीमा योजनान्तर्गत बीमित गाय की मृत्यु हो गई है अत: उसका मौके पर आकर पोस्टमार्टम कर प्रमाण पत्र दिला दे। इस निवेदन पर सरकारी सेवा के तहत डॉ. चौधरी घटनास्थल पर गए और मृत पशु का पोस्टमार्टम कर उसके शव का निस्तारण हेतु पशुपालक को आवश्यक निर्देश देकर पशु चिकित्सालय लौट आए।
इस दौरान पशु पालक ने मृत गाय का निस्तारण हेतु जेसीबी मंगवा ली तथा गड्डा खोदकर उसमें शव को दप*नाने की तैयारी थी। इसी दरम्यान पुलिस उपाधीक्षक दिव्या मित्तल जिनका कि घटनास्थल से ५०० मीटर की दूरी पर एक फ़ार्म हाउस निर्माणाधीन है वहां पहुंची तथा शव निस्तारण से पशु पालक को रोक दिया तथा अपने लवाजमे के साथ पशु चिकित्सालय पहुंची तथा वरिष्ठ सरकारी पशु चिकित्सक दत्तात्रेय चौधरी को मोके पर पोस्टमार्टम करने पर धमकाया गया तथा उन्हें एक अपराधी की तरह पुलिस की जीप में बिठाकर घटनास्थल पर लाया गया तथा पोस्टमार्टम को गंभीर अपराध बताते हुए उन्हें धमकी दी गई कि  उपनाम के अनुसार तुम मुस्लिम प्रतीत होते है अत: तुम्हारे विरूद्घ तो गाय काटने के जुर्म में सांप्रदायिक मामला दर्ज होगा। अन्यथा इस शव का तुम अन्यत्र निस्तारण करो।
 चिकित्सक ने जब बताया कि ऐसे पोस्टमार्टम हमेशा पशुपालक के स्थान पर ही किए जाते है तो पुलिस उप अधीक्षक दिव्या मित्तल ने वर्दी का रौब दिखाते हुए उनके साथ अभद्रता की तथा उनसे पोस्टमार्टम की हुई गाय का शव उठवा कर पशु चिकित्सक की निजी कार में जबरन रखवाया गया,…..  जब गाय को कार में रखवाया । पशु चिकित्सक चौधरी एवं उनके दो प्रशिक्षु सहायकों ने बडी मुश्किल से क्षत विक्षप्त गाय का शव अपनी कार में रखा। मृत गाय की खाल पशुपालक पोस्टमार्टम के बाद ही किसी से निकलवा चुका था। स्कीन लेस गाय के शव को कार में लदवाया तो उसके पैर खिडकी से बाहर आ रहे थे। कोई हंगामा न हो इस पर चिकित्सक ने अपनी शर्ट खोल कर मृत गाय के शव के पैर बांधे। डॉ. चौधरी के कपडे मृत गाय के रक्त से रंजित हो गए। तब  पुलिस उप अधीक्षक ने उन प्रशिक्षकों को अपने स्तर पर गाय का शव निस्तारण करने का निर्देश देते हुए डॉ. चौधरी को पुलिस की गाडी में मुल्जिम की भांति थाने ले जाने की धमकी देते हुए बिठाया गया तथाा फतहपुरा चौराहा के समीप उन्हें जीप से उतार दिया। इस बीच पूरे मार्ग में उन्हें मानसिक प्रताडना दी गई।
इस दौरान इधर दोनों प्रशिक्षु पशु चिकित्सक गाय का शव लेकर रवाना हुए। वे दोनों ही केरल से यहां आकर प्रशिक्षण ले रहे है और ईसाई समुदाय से थे। भय यह था कि यदि कोई मृत गाय का शव उनकी कार में ले जाते हुए देख लेता तो हम उसकी कल्पना कर ही थर्रा जाते है कि आगे क्या होता। लेकिन वे दोनों युवा चिकित्सक शव के साथ पशु चिकित्सालय पहुंचे और नियमानुसार सूचना देकर शव का निस्तारण कराया। इस बीच डॉ. चौधरी बदहवास हालत में किसी से लीफ लेकर संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग के दफ्तर पहुचे और महिला पुलिस अधिकारी दिव्या मित्तल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई ।
https://www.youtube.com/watch?v=EIl2d2fYIT0&feature=youtu.be

भारत बंद: राजस्थान में आगजनी, तोडफ़ोड और पथराव, अलवर में एक की मौत , डूंगरपुर आसपुर में 9 घायल

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पोस्ट । एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों में किए गए बदलाव के विरोध में दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में स्थिति तनावपूर्ण रही। बाड़मेर, अलवर, सीकर, श्रीगंगानगर, दौसा, पाली, जालोर, डूंगरपुर कोटा , धौलपुर, भरतपुर, नागौर में दुकानदारों और पुलिस के साथ बंद समर्थकों की झड़प हुई तो कई जगह उपद्रवियों ने वाहनों में तोडफ़ोड़ और आगजनी की।बंद समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद उपद्रवियों ने पुलिस के वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा किशनगढ़बास डीएसपी और जोधपुर में एसआई समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं
माहौल बिगडऩे पर फलौदी, नीमकाथाना, बाड़मेर, सीकर, नागौर और डूंगरपुर में धारा 144 लगा दी गई। भीलवाड़ा, अलवर, भरतपुर, जोधपुर में बंद समर्थकों ने ट्रेनें रोक दी। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। डूंगरपुर के आसपुर कसबे में दो गुटों में आपस में पथराव की घटना के दौरान 9 लोग घायल हो गए जिसमे से दो घायलों को गंभीर हालत में उदयपुर रेफर किया गया
अलवर: दो थानों में आगजनी, बंद समर्थकों ने मचाया उत्पात बंद समर्थकों ने अलवर शहर सहित जिलेभर में जमकर उत्पात मचाया। हाथों में लाठियां लेकर निकले बंद समर्थकों ने दुकानदारों से मारपीट की। खैरथल व एनईबी थाने में आग लगा दी। दाउदपुर फाटक के समीप करीब 400 मीटर तक रेल पटरियां उखाड़ दी। पुलिस थानों एवं रोडवेज बसों पर पथराव किया। जिसमें कई लोगों को चोटें आई। इनमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी कई राउण्ड गोलियां चलाई। खैरथल में पुलिस की गोली लगने से एक बंद समर्थक की मौत हो गई। अलवर में भी बंद समर्थकों ने एनईबी थाने में तोडफ़ोड़ की।
उन्होंने थाने के बाहर खड़े वाहनों में आग लगा दी। बाद में खुद जिला पुलिस अधीक्षक ने गोलियां चला बंद समर्थकों को तितर-बितर किया। शहर में बंद समर्थकों के उग्र होने से हालत बिगड़ते देख जिला कलक्टर राजन विशाल ने दोपहर करीब 2.30 बजे से रात 8 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद करने के आदेश दिए।

जोधपुर: जमकर उत्पात, पांच पुलिस कर्मी घायल, एसआई गंभीर शहर में दलित संगठनों के युवाओं ने जमकर उपद्रव मचाया। जबरन दुकानें बंद कराने को लेकर शहर में कई जगह झड़पे हुईं। करीब 3 घंटे तक शहर में माहौल खराब रहा। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया। इससे एक थाना अधिकारी, एक उप निरीक्षक सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।
जिनमें उपनिरीक्षक महेंद्र चौधरी की हालत गंभीर बताई जा रही है। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस में 100 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़े। उपद्रव के दौरान पुलिस का जाब्ता भी कम पड़ गया। उपद्रवियों ने मालगाड़ी व यात्री गाड़ी को रोक दिया।
करीब दर्जनभर दुकानों में तोडफ़ोड़ की गई। इसमें करीब आधा दर्जन लोग घायल होने की सूचना है। फलोदी में धारा 144 लगाई गई है। जोधपुर ग्रामीण इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है।
बाड़मेर: पथराव, आगजनी और लूटपाट बाड़मेर में चौहटन चौराहे पर उपद्रवियों ने एक बाइक शोरूम को आग लगा दी, हालांकि दमकल की मदद से इस पर जल्द ही काबू पा लिया। इसके बाद दुकान बंद करवाने को लेकर दो पक्षों में पथराव हो गया। बंद समर्थकों ने दुकानों में जमकर तोडफ़ोड़ की। अहिंसा सर्किल पर उपद्रवियों ने खूब हुड़दंग और लूटपाट की।
जो आगे आया, उसी पर टूट पड़े। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस छोडक़र भीड़ को खदेड़ा। उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पथराव किया। इसके जवाब में पुलिस ने लाठियां भांजी। इस दौरान एक दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। माहौल बिगड़ता देख धारा 144 लगा दी और इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। बाड़मेर और बालोतरा को छोड़ जिले में कहीं भी बंद का असर नजर नहीं आया।

उदयपुर: वाहन रैली निकालकर बंद करवाया : उदयपुर कोर्ट चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में बंद समर्थकों ने रैली निकाली। उदयपुर के सनवाड़ क्षेत्र में बंद समर्थकों ने वाहन रैली निकालकर दुकानों को बंद करवाया। इस दौरान हल्की झड़प भी हुई। भीण्डर, कानोड, सेमारी, जावरमाइंस, कुराबड़ में भी बंद का मिलाजुला असर दिखा।
कोटा: सांगोद और इटावा में हंगामा जिले के सांगोद में बंद समर्थकों ने एक दुकान में तोडफोडक़र दुकानदार से मारपीट कर दी, इससे नाराज व्यापारियों ने हंगामा कर दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शांत करवाया। इटावा में भी बाजार बंद कराने को लेकर हंगामा हुआ। रामगंजमंडी, मोडक़ आदि में बंद का मिलाजुआ असर रहा
डूंगरपुर: आसपुर में पथराव, तनाव, धारा 144 लागू : डूंगरपुर में पूर्णतया सफल रहा। जिला मुख्यालय पर सुबह से शाम तक बाजार बंद रहे। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह बंद का मिला जुला असर दिखा। आसपुर कस्बे में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसमें 9 -लोग घायल हो गए। करीब एक घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा। हालात को काबू करने के लिए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है।

पथराव में एसडीओ, सीओ व कई पुलिस कर्मियों के आई चोटें गंगापुरसिटी में उपद्रवियों जमकर उत्पात मचाया। सालौदा मोड़ से उदेई मोड़ तक मुख्य सडक़ पर कई जगह टायर आदि जला दिए। साथ ही पथराव किया। इसमें एसडीओ, पुलिस उपाधीक्षक तथा करीब आधा दर्जन पुलिस कर्मियों के चोटें आई है। इधर उपद्रवियों की दहशत से बाजार बंद रहा। दोपहर बाद सालोदा क्षेत्र में उपद्रव होने से दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी। बाजार बंद कराने को लेकर सुबह रैली निकालने के दौरान दुकानें बंद कराई गई। इसका व्यापारियों ने विरोध किया। ऐसे में दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि पुलिस ने बाजार बंद कराने वालों को खदेड़ दिया। इसके बाद दोपहर बारह बजे बाद बाजार बंद कराने वालों का उपद्रव तेज हो गया।
सालौदा मोड़ से उदेई मोड़ तक पुलिस व प्रशासन पर पथराव किया। बाजार में भी पथराव किया गया। पुलिस ने उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। उपद्रवी गलियों में घुसकर घरों में दुबक गए। पुलिस उन्हें तलाश करती रही। इस बीच रुक-रुक कर पथराव होता रहा। पुलिस बल भी क्षेत्र में तैनात रहा।
बंद के नाम पर उत्पात, पुलिस-प्रशासन नजर आए बेबश

नागौर. जिले भर में बंद समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया। बंद सफल नहीं होते देख बंद समर्थकों ने वाहनों के आग लगा दी व दुकानों में तोडफ़ोड़ के साथ लोगों में मारपीट की। नागौर में बंद समर्थक नंगी तलवारें व लाठियां लेकर पहुंचे। शहर की सडक़ों पर पहली बार ऐसा मंजर देख, खौफ में आ गए शहरवासी। गलियों में घुसे बंद समर्थकों की छितराई भीड़ को काबू करने में पुलिस के पसीने छूट गए। नागौर में सुगनसिंह सर्कल पर युवक की बुरी तरह पिटाई कर घायल कर दिया, जिसे जेएलएन अस्पताल पहुंचाया गया। शहर के काठडिय़ों का चौक व दिल्ली दरवाजा में दुकानों के कांच तोड़ दिए व सामान बाहर फेंक दिया। ठेलों से सब्जियां बिखेर दी। इसके विरोध में दुकानदारों ने रास्ता जाम किया।
श्रीगंगानगर: तोडफ़ोड़, पथराव, दुकानदार से मारपीट श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में कई जगह झड़पें हुई। श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर कस्बे में बंद समर्थकों ने चार दुकानों में तोडफ़ोड़ की वहीं हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा कस्बे में दुकानदार से मारपीट की। श्रीकरणपुर में कुछ देर पत्थरबाजी भी हुई हालांकि इसमें किसी के घायल होने का समाचार नहीं है।

श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर तीन दुकानों में तोडफ़ोड़ हुई। दो-तीन जगह दुकानदारों से झड़प भी हुई। बंद समर्थकों के भय से दुकानदारों ने दुकानें नहीं खोली। श्रीगंगानगर जिले में सर्वाधिक तनाव की स्थिति श्रीकरणपुर कस्बे में रही। वहीं तोडफ़ोड़ करने वाले लोगों के विरोध में दूसरे पक्ष के लोगों ने दोपहर एक बजे थाने के सामने धरना शुरू कर दिया।
नीमकाथाना में धारा 144, जिलेभर में इंटरनेट बंद, एएसपी चोटिल बंद का असर शेखावाटी में दिनभर रहा। बंद के दौरान नीमकाथाना में पुलिस व बंद समर्थन आमने-सामने हो गए और पथराव हुआ। पथराव में एएसपी चोटिल हो गए। जिलेभर में हालत बिगड़ते देख जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने सोमवार रात आठ बजे तक इंटरनेट सेवा बंद करा दी। बंद समर्थकों की गिरफ्तारी व लाठीचार्ज के विरोध में नीमकाथाना में बंद समर्थकों ने पांच वाहनों को जला दिया। इसके बाद नीमकाथाना के खेतड़ी मोड क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई। सीकर में बंद समर्थकों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। वहीं झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी में बंद समर्थकों ने विधायक शुभकरण चौधरी के पोस्टर फाड दिए। चूरू जिले में बंद समर्थकों ने रैली निकालकर जुलूस निकाला। कई स्थानों पर व्यापारियों से झड़प भी हुई।

https://www.youtube.com/watch?v=1Ijbql3lQrg&t=1s

कांग्रेस ने सीपी जोशी को बिहार प्रभारी के पद से हटाया, बाकी राज्यों के प्रभार से भी हो सकते है मुक्त -उदयपुर पोस्ट ने एक माह पहले दीठी जानकारी

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उदयपुर पोस्ट। कांग्रेस संगठन में अभी फ़ेरबदल जारी है। हाल ही में संगठन में गहलोत को संगठन महासचिव बनाने के बड़े फेरबदल के बाद अब कांग्रेस ने एक और बड़ा फेरबदल कर दिया है। हाल ही में हुई घोषणा के बाद कांग्रेस ने सीपी जोशी को बिहार प्रभारी पद से हटा दिया है। सीपी जोशी के मामले में उदयपुर पोस्ट पिछले एक माह पहले अपनी खबर में बता चुका था की कांग्रेस के महाधिवेशन के बाद सीपी जोशी से राज्यों के प्रभार छीने जा सकते है।
आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस की राजनीति में रणनीति के साथ बड़ी घोषणाएं हो रही है। हाल ही में कांग्रेस ने राष्ट्रीय महासचिव सीपी जोशी को बिहार प्रभारी पद से हटा दिया है। कांग्रेस ने जोशी की जगह बिहार के नए प्रभारी के स्थान पर
शक्ति सिंह गोहिल को नया प्रभारी का भार दिया है। शक्ति सिंह गोहिल गुजरात के वरिष्ठ कांग्रेस नेता है। जिन्हें बिहार का नया प्रभारी का पद सौंपा गया है। गहलोत ने संगठन महासचिव के पद से ये पहला आदेश पास किया की सीपी जोशी से बिहार प्रभारी का पद ले लिया है।
बिहार प्रभारी के पद के बाद भी जोशी के पास अभी भी पश्चिमी बंगाल, असम सहित नॉर्थ इस्ट के कई राज्यों का प्रभार है। सूत्रों की माने तो ये भी कांग्रेस की रणनीति का ही एक हिस्सा है की अब हर राज्य में अलग अलग प्रभारी ही रहेंगे।
गौरतलब है की गहलोत को पिछले साल गुजरात विधानसभा चुनाव से पूर्व पार्टी महासचिव नियुक्त करते हुए प्रदेश का चुनाव प्रभारी का पद सौंपा गया था। गहलोत ने गुजरात चुनाव में पार्टी का अच्छा प्रदर्शन किया था और इसी चीज़ के चलते गहलोत को कांग्रेस संगठन महासचिव का नए पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। गहलोत ने आज कांग्रेस संगठन महासचिव के पद के साथ-साथ प्रशिक्षण का प्रभार भी संभाला है। इससे पहले इस पद की जिम्मेदारी जनार्दन द्विवेदी की थी। गहलोत पहले महासचिव पद पर थे लेकिन अब उन्हें संगठन महासचिव का काम दिया है। इसी के साथ गुजरात का प्रभार लोकसभा सदस्य राजीव सातव को दे दिया गया है।

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https://www.youtube.com/watch?v=JNnxA1dFDHk&t=53s

 

भारत बंद के दौरान राज्य में गर्माया माहोल, कई जगह हिंसक प्रदर्शन – उदयपुर में घंटों तक जाम – देखिये विडियो

उदयपुर पोस्ट। SC-ST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में आज कई दलित संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है. भारत बंद को कई राजनीतिक पार्टियों और कई संगठनों ने समर्थन भी दिया है. संगठनों की मांग है कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पहले की तरह लागू किया जाए. दलित संगठनों के विरोध का असर राजस्थान में खासा देखने को मिला कई जगह हिंसक प्रदर्शन भी किये गए।
उदयपुर शहर में भी आज सुबह से ही दलित संगठनों ने बंद के विरोध में रेलिया निकाल प्रदर्शन किया। कोर्ट चौराहे से निकाली गयी रैली चेतक हाथीपोल अश्विनी बाज़ार बापू बाज़ार सूरजपोल होते हुए देहली गेट पहुची जहाँ काफी देर तक प्रदर्शन किया।

भारत बंद के दौरान राजस्थान के कई जगहों पर हालात बेकाबू हो गए। खासतौर से बाड़मेर और राजधानीजयपुर से प्रदर्शनकारियों के उपद्रव ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए। सडकों से लेकर रेलवे ट्रेक तक विरोध प्रदर्शन का सिलसिला सुबह से दोपहर तक बदस्तूर जारी रहा। लेकिन इस बीच केंद्र सरकार ने भी अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश की समीक्षा के लिए पुनर्विचार याचिका दायर कर दी।सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय के माध्यम से सरकार ने इस मामले में याचिका दायर करके शीर्ष अदालत से अपने गत 20 मार्च के आदेश पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है। सरकार का मानना है कि एससी और एसटी के खिलाफ कथित अत्याचार के मामलों में स्वत: गिरफ्तारी और मुकदमे के पंजीकरण पर प्रतिबंध के शीर्ष अदालत के आदेश से 1989 का यह कानून ‘दंतविहीन’ हो जायेगा।
मंत्रालय की यह भी दलील है कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश से लोगों में संबंधित कानून का भय कम होगा और एससी/एसटी समुदाय के व्यक्तियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी होगी। उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में व्यवस्था दी है कि एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत दर्ज मामलों में बगैर उच्चाधिकारी की अनुमति के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी।

– केन्‍द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि हम समझते हैं कि लोग प्रदर्शन क्‍यों कर रहे हैं पर विपक्ष इस पर राजनीति क्‍यों कर रहा है? उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. भीम राव अंबेडकर को कभी भारत रत्‍न नहीं दिया लेकिन अब उनके अनुयायियों की तरह दिखा रहे हैं.
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. मैं सभी राजनीतिक दलों और संगठनों से अपील करता हूं कि वह शांति बनाएं रखें और किसी तरह की हिंसा ना करें.

– दलितों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है. राहुल ने कहा है कि दलितों को भारतीय समाज के सबसे निचले पायदान पर रखना आरएसएस /बीजेपी के डीएनए में है, जो इस सोच को चुनौती देता है उसे वे हिंसा से दबाते हैं. उन्‍होंने कहा कि हजारों दलित भाई-बहन आज सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार से अपने अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं. हम उनको सलाम करते हैं.

भारत बंद को लेकर हो रही हिंसा पर यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने लोगों से अपील की है कि कानून व्‍यवस्‍था को ना बिगाड़े. उन्‍होंने कहा कि अगर किसी को कोई दिक्‍कत है तो सरकार के संज्ञान में लाए.

– मेरठ में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. मेरठ में प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे और कारों में आग लगा दी थी जबकि शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की बात कही गई थी.

https://youtu.be/1Ijbql3lQrg

मादड़ी में कबाड़ की फेक्ट्री में भीषण आग।

उदयपुर। उदयपुर के इंडस्ट्रियल इलाके में एक कबाड़ की फेक्ट्री रविवार की शाम को भीषण आग लग गयी, फेक्ट्री में लाखों का सामन जल कर ख़ाक हो गया। आगजनी के दौरान कुछ लोग अन्दर काम कर रहे थे जो बाहर निकल गए लेकिन तीन मजदूर अभी लापता है हालांकि किसी भी जन हानि होने की किसी ने अभी तक पुष्ठी नहीं की है।
मददी इंडस्ट्रियल एरिया रोड नंबर चार पर आज शाम को करीब 6 बजे उस वक़्त हडकंप मच गया जब एक पुरानी गाड़ियों को काटने की फेक्ट्री में धमाके के साथ आग लग गयी। शाम का वक़्त था तुरंत इलाके के लोग भारी संख्या में जमा हो गए मोके पर फायर ब्रिगेट की गाड़ियाँ भी पहुच गयी और आग बुझाने के प्रयास जारी है। जानकारी के अनुसार मादडी स्थित रोड नंबर 4 पर स्थित यह फैक्ट्री एक कबाड़ की फैक्ट्री है जिसमें पुरानी गाड़ियों को लाकर काटने का काम किया जाता है । बताया जा रहा है कि गैस कटर द्वारा जब एक पुरानी गाड़ी को काटा जा रहा था तभी अचानक से सिलेंडर में विस्फोट हुआ। इस वजह से पूरी फैक्ट्री में आग लग गई जानकारी में आया है कि आगजनी के दौरान फैक्ट्री के अंदर कुछ कर्मचारी भी मोजूद थे जो विस्फोट होते ही बाहर की तरफ भागे। लेकिन तीन मजदूर अभी लापता है अभी तक उनका पता नहीं चला था। फायर ब्रिगेट पूरी तरह से आग बुझाने की कोशिश में है। पुरानी गाड़ियों का लाखों का सामान जल कर ख़ाक हो गया। पुलिस ने या फायर ब्रिगेड अधिकारी ने अभीतक जन हानि की पुष्ठी नहीं की है।

एक अप्रेल से राजस्थान में बदल रहे कई नियम, आम जिंदगी पर ये होगा असर

पोस्ट न्यूज़। एक अप्रेल से नया वित्तीय वर्ष लागू होने जा रहा है। आम बजट आैर राजस्थान बजट 2018-19 में की गई अहम घोषणाएं इसी दिन से प्रभावी होंगी। यानी एक अप्रेल से आम आदमी के जीवन में कई बदलाव आने वाले हैं। प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं
– राजस्थान में एक अप्रैल से स्टेट हार्इवे पर टाेल फ्री हाे जाएगा। जनता को इससे सालाना करीब 200 करोड़ रुपए का फायदा होगा। प्रदेश के स्टेट हाइवे पर सालाना करीब एक हजार करोड़ रुपए का टोल कलेक्शन होता है।
सरकारी स्कूलों का संचालन एक अप्रेल से 30 अप्रेल तक सुबह 7:50 से दोपहर 2:10 बजे तक किया जाएगा। फिलहाल स्कूलों का समय सुबह 9:20 से दोपहर 3:40 बजे तक है। एक अप्रेल को रविवार होने से समय में बदलाव दो अप्रेल से प्रभावी होगा।
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों का ग्रीष्मकालीन समय एक अप्रेल से बदलेगा।
अब सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ओपीडी समय प्रात: 9 से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। जबकि चिकित्सा विभाग के अधीन जिला, उप जिला, सेटेलाइट, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और अन्य अस्पतालों में समय प्रात: 8 से 12 और शाम 5 से 7 बजे तक रहेगा।
सभी राजकीय अवकाश व रविवार के दिन सभी तरह के अस्पतालों का समय में प्रात: 9 से 11 बजे तक रहेगा।
बजट में ई-रेलवे टिकट पर सर्विस चार्ज घटाने का एलान हुआ था। इस तरह 1 अप्रेल से ऑनलाइन टिकट बुकिंग सस्ती हो जाएगी।
एक्साइज ड्यूटी, घटने से इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम के दाम कम होंगे। इसके अलावा पीओएस मशीनें, फिंगर स्कैनर, माइक्रो एटीएम, आरओ, मोबाइल चार्जर, देश में तैयार हीरे, टाइल्स, तैयार लेदर प्रोडक्ट्स, नमक, जीवनरक्षक दवाएं, माचिस, एलईडी, एचआईवी की दवा, सिल्वर फॉइल, सीएनजी सिस्टम भी सस्ती हो जाएंगी।
-नए वित्तीय वर्ष में डियोडरेंट्स, रूम फ्रैशनर, परफ्यूम, आफ्टर शेव, स्मार्ट वॉच फु टवियर और धूप के चश्मे के दाम बढऩे वाले हैं।
-सिगरेट, सिगरेट लाइटर, पान मसाला, जर्दा, खैनी और सिगार के दाम बढ़ जाएंगे।
-आयकर पर हेल्थ और शिक्षा सेस 1 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ लागू होगा। बजट में इसे 3 से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया था।
-वेतनभोगी वर्ग के लोगों को 40 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। यानी आपकी सैलरी से 40,000 रुपए की सीमा छोड़कर बाकी पर इनकम टैक्स लगेगा।
-सीनियर सिटीजंस को पोस्ट ऑफिस और बैंकों से मिले 50,000 रुपए तक के ब्याज पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
-जो लोग शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं, उन्हें शेयर बाजार, इक्विटी म्यूचुअल फंड में किए निवेश पर एक साल में एक लाख रुपए से ज्यादा का फायदा होने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।
– ई-वे बिल लागू हो सकता है। राज्यों के बीच 50,000 रुपए से अधिक मूल्य के वस्तुओं की ढुलाई के लिए ई-वे यानी इलेक्ट्रानिक वे बिल की जरूरत होगी।
-बजट में कई ऐसे प्रावधान भी नए वित्तीय वर्ष में लागू होंगे, जिनका फीसदी गरीब तबके पर पड़ेगा। जैसे – आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत गरीबों के इलाज के लिए 1200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं टीबी रोगियों के लिए भी सरकार 600 करोड़ रुपए खर्च करेगी।