उदयपुर। अब पुलिस लाइन भी अनसेफ हो गई है। चोरों की नजर वहां पर भी पड़ गई है, जहां पुलिस का भारी जाब्ता मौजूद रहता है। एक सूने क्वार्टर से रविवार रात एलईडी और नकदी चोरी चली गई। यह घटना डिप्टी गोपालसिंह के ड्राइवर संदीप कुमार के क्वार्टर में हुई। पुलिस के अनुसार शिवरतनगंज, अमेठी (यूपी) हाल पुलिस लाइन क्र्वाटर निवासी संदीप कुमार पुत्र दीपक कुमार ने रिपोर्ट में बताया कि तीन दिन पूर्व वह परिवार के साथ रिश्तेदारी में गया था। कल शाम को वह लौटा, तो क्वार्टर के मेनगेट का ताला टूटा हुआ था। क्वार्टर के अंदर जाने पर पता चला कि चोर एलईडी और नकदी चुरा ले गए हैं। संदीप ने सूरजपोल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कांस्टेबल की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस लाइन में चोरी
बेटी की हत्या के बाद रिटायर्ड फौजी ने खुद को गोली मारी
उदयपुर। सदर थाना क्षेत्र के सेंती इलाके में शादी करने से इनकार करने पर एक बेटी की उसके पिता ने गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में स्वयं ने भी कमरे में बंद होकर स्वयं को गोली मार ली। इस वारदात ने पूरे चित्तौड़ शहर को हिलाकर रख दिया है। वारदात के बाद भारी संख्या में सेंती इलाकें में लोग एकत्र हो गए। सूचना पर एसपी प्रसन्न खमेसरा और सदर थाना सीआई दिनेशसिंह सुखवाल जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को हॉस्पीटल मेें रखवाया है, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई चल रही है। रिटायर्ड फौजी के परिवार में अब उसकी पत्नी ही बची है, जो अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है।
सूत्रों के अनुसार सेंती इलाके में उदयपुर-चित्तौड़ रोड पर विजन कॉलेज के पास रहने वाले घीसूसिंह चूंडावत (६५) पुत्र गजूसिंह ने उसके मकान में १२ बोर बंदूक से बेटी आशाकुंवर (२१) के सिर में गोली मार दी। इससे आशाकुंवर के नाक के ऊपर की खोपड़ी उड़ गई। बेटी की हत्या करने के बाद घीसूसिंह दूसरे कमरे में गया और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। इस दौरान उसकी पत्नी रसोई में काम कर रही थी। गोली की आवाज आने के बाद उसकी पत्नी बाहर निकली, जो बेटी की लाश देखकर बेसुध हो गई।
इसी बीच घीसूसिंह ने गर्दन के नीचले भाग पर बंदूक की नली लगाकर खुद को गोली मार दी। इससे उसकी भी खोपड़ी उड़ गई और छत खून से लाल हो गई। कमरे में मांस के लौथड़े बिखर गए। घीसूसिंह के मकान में गोली चलने की आवाज सुनते ही पड़ोसी वहां एकत्र हो गए। कुछ ही देर में इस वारदात की सूचना शहर के कौने-कौने में पहुंच गई। घीसूसिंह के मकान के बाहर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने एसपी प्रसन्न कुमार खमेसरा मौके पर पहुंचे। दोनों शवों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई चल रही है। पता चला है कि घीसूसिंह ने आशाकुंवर के लिए समाज का एक लड़का ढूंढा था, लेकिन आशाकुंवर ने शादी करने से इनकार कर दिया। पिछले कुछ समय से परिवार में इस बात को लेकर झगड़े हो रहे थे।
आज सुबह गुस्से में घीसूसिंह ने बेटी की हत्या के बाद स्वयं को भी गोली मार दी, जिससे उसकी भी मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि घीसूसिंह २० साल पहले मिलेट्री से रिटायर्ड हुआ था। उसके बाद वह बिड़ला सीमेंट फैक्ट्री में गार्ड का काम करता था। मूल रूप से घीसूसिंह गंगरार तहसील के साड़ास गांव का रहने वाला है। पुलिस ने मृतक घीसूसिंह के छोटे भाई छोटूसिंह की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
दोनों कमरे में पसर गया खून : घीसूसिंह ने जैसे ही १२ बोर बंदूक से बेटी आशाकुंवर के सिर में गोली मारी, तो उसकी नाक के ऊपर की खोपड़ी उड़ गई। कमरे में सभी तरफ खून पसर गया और मांस के लौथड़े बिखर गए। कमरे की छत तक खून से लाल हो गई। इसके बाद घीसूसिंह ने स्वयं को दूसरे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद घुटने के बल बैठकर ढूडी के नीचे बंदूक की नली लगाकर गोली चला दी, जिससे उसकी भी खोपड़ी उड़ गई। इससे कमरे की छत और दीवारे खून से लाल हो गई और मांस के लौथड़े दीवारों से चिपक गए।
वर्जन…
घटनास्थल का मौका मुआयना किया गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। अनुसंधान जारी है।
-प्रसन्न खमेसरा, एसपी चित्तौडग़ढ़
सड़क पर दौड़ेगी गूगल की रोबोट कार
गूगल की रोबोट कारें जल्दी ही व्यस्त सड़कों पर दौड़ती नज़र आएंगी. इन्हें परीक्षण के लिए सड़कों पर उतारा जाएगा.
रोबोट कारों का ट्रैफिक के बीच परीक्षण कैलिफॉर्निया के माउंटेन व्यू में होगा.
गूगल की रोबोट कार में स्टीयरिंग व्हील नहीं होगा लेकिन टेस्ट के दौरान इसका डिटेचेबल संस्करण इस्तेमाल किया जाएगा. परीक्षण के दौरान कार की अधिकतम रफ्तार 40 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी.
अब तक गूगल की स्वचालित कारों को सिर्फ टेस्ट के लिए बने ट्रैक पर ही दौड़ाया गया है.
गूगल ने पहले भी स्वचालित वाहनों का आम सड़कों पर टेस्ट किया है लेकिन वो सभी संशोधित एसयूवी गाड़ियां थीं.
साथ होगा ड्राइवर
गूगल की रोबोट कार का जब टेस्ट किया जाएगा तो उसमें सुरक्षा के लिए ड्राइवर मौजूद रहेंगे जो जरुरत होने पर कार का नियंत्रण ले लेंगे.
गूगल के स्वचालित ड्राइविंग प्रोजेक्ट की सिस्टम इंजीनियर जैमी वायडो ने एक वीडियो बयान में बताया, “हर पल इन कारों को सड़क पर उतारने की तैयारी चल रही है जहां हम इनके जरिए और अधिक जानकारी हासिल कर सकते हैं.”
जैमी ने बताया कि व्यस्त सड़क पर उतारने के पहले कार की गुणवत्ता परखने के लिए कई परीक्षण होंगे.
हर कार को हर हफ्ते टेस्ट ट्रैक पर हज़ारों मील दौड़ाया जा रहा है. इसमें से कई ट्रैक कैलिफोर्निया के हाईवे और सड़कों से मिलते जुलते हैं.
जानकारी जुटाने की तैयारी
गूगल रोबोट कार के प्रोजेक्ट हेड क्रिस अर्मसन के मुताबिक कार का ट्रैफिक के बीच परीक्षण करने से इंजीनियरों को मदद मिलेगी.
उन्हें कई ऐसी स्थितियों की जानकारी हो सकेगी जिनका अब तक के परीक्षण के दौरान पता नहीं लगा. इस आधार पर वो कार के सॉफ्टेवेयर को बेहतर बना सकेंगे.
उन्होंने ये भी कहा कि सड़क पर परीक्षण करने से गूगल को ये भी जानकारी मिलेगी कि ट्रैफिक में दूसरे वाहनों के चालक इन रोबोट कारों को लेकर कैसी प्रतक्रिया देते है.
इस सप्ताह की शुरुआत में जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले आठ महीने के दौरान कैलीफोर्निया में व्यस्त सड़क पर परीक्षण के लिए उतारी गईं 48 में से चार कारें हादसे का शिकार बनीं.
गूगल और कार के पुर्जे बनाने वाली डेल्फी का कहना है कि इन हादसों की वजह दूसरी कारों के चालकों की गलतियां रहीं.
ब्रिटिश सरकार ने चार ऐसी परियोजनाओं के लिए धन मुहैया कराया है, जिनमें रोबोट कारों का ग्रीनविच, कॉवेन्ट्री, ब्रिस्टल और मिल्टन कीन्स में आम सड़क पर परीक्षण होगा.
पर्यटकों को मेहंदी, कला के साथ मिलेगा कठपुतलियों का लुत्फ
उदयपुर। अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के उपलक्ष में सोमवार को महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर द्वारा यहां सिटी पैलेस संग्रहालय में आने वाले पर्यटकों के लिए पारंपरिक स्वागत के साथ मेहंदी, टेराकोटा एवं कठपुतली प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भूपेन्द्र ङ्क्षसह आउवा ने बताया किअंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर पर्यटकों को मेवाड़ की परंपरा की अधिक से अधिक जानकारी देने के लिए यहां सिटी पैलेस संग्रहालय में पर्यटकों का पारंपरिक स्वागत किया जाएगा। संग्रहालय के मोती चौक में पारंपरिक कलाकार अलग-अलग प्रभाग में उन्हें मेहंदी, टेराकोटा एवं कठपुतली प्रदर्शन के साथ मनोरंजन ही नहीं वरन् इस परंपरा की जानकारी भी देंगे। संग्रहालय के प्रवेश टिकट दर में ही आयोजित इन कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया जा सकेगा। अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों एवं प्रवेश टिकटों की राशि को यहां राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय, (शंभू रत्न पाठशाला) जगदीश चौक के जीर्णोद्धार पर खर्च किया जाएगा। इस संबंध में फाउण्डेशन ने शहर के सर्मस्त होटलों एवं पर्यटक केन्द्रों पर पोस्टर जारी कर पूर्व सूचना दी है।
हिन्दुस्तान ज़िंक ‘‘डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट’’ से सम्मानित
उदयपुर । वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को अलौह धातु क्षेत्र में बेस्ट कार्पोरेट के लिए प्रतिष्ठित ‘‘डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट कार्पोरेट अवार्ड-2015’’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान हिन्दुस्तान जिंक को नीति आयोग के सदस्य श्री बिबेक देबरॉय ने मुम्बई में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया। हिन्दुस्तान जिंक की ओर से यह पुरस्कार श्री राजेष मोहता, चीफ कार्मिषियल ऑफिसर ने ग्रहण किया। इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री यषवन्त सिन्हा तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी एण्ड निदेषक, डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट बॉब कैरिगन एवं कई कंपनियों के निदेषक एवं एग्जिक्यूटीव उपस्थित थे।
यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक को सम्पूर्ण बिज़नेस एक्सीलेन्स के लिए प्रदान किया गया जिसमें उत्पादन, तकनीक, सामाजिक सरोकार तथा पर्यावरण संरक्षण शामिल है।
ज्ञातव्य रहे कि डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट दुनिया की जानी-मानी उद्योगों की सूचना एवं जानकारी उपलब्ध कराने वाली संस्था है। इस अवसर पर इस संस्था ने अपना 15वां पब्लिकेशन ‘भारत की शीर्ष 500 कंपनियों के प्रकाशन का लोकार्पण किया। कंपनियों के चयन के लिए उनकी कुल आय, शुद्ध लाभ आदि को मापदंड रखा गया। हांलाकि प्राथमिक चरण के चयन के लिए कंपनी के बाजारी पूंजीकरण को मापदंड माना गया था परन्तु सम्पादकीय टीम ने विभिन्न उदे्दश्यों एवं मापदण्डों के आधार पर शीर्ष 500 कंपनियों का चयन किया गया। इस पब्लिकेशन में निजी एवं सार्वजनिक कंपनियॉं जो बी.एस.ई. और एन.एस.ई. में सूचीबद्ध है, को सम्मलित किया गया है।
हिन्दुस्तान जिंक विष्व का सबसे बड़ा एकीकृत जस्ता उत्पादक है, और भारत में चांदी का सबसे बड़ा उत्पादक के साथ दुनिया में अलौह धातु क्षेत्र उत्पादन में भारत का नेतृत्व भी करता है। हिन्दुस्तान ज़िंक का भारत की जिंक आपूर्ति पर 85 प्रतिषत तक का नियत्रंण है।
हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का निर्वहन कर रही है। हिन्दुस्तान जिंक राजस्थान सरकार के साथ मिलकर राज्य में षिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुपोषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है। कृषि विकास एवं ग्रामीण युवाओं को प्रषिक्षण के क्षेत्र में भी हिन्दुस्तान जिंक ने सराहनीय कार्य किया है।
पुलिस के पास कोई जादू नहीं
उदयपुर। राजस्थान के नागौर में जमीन विवाद के चलते दलित और जाट समुदाय में हुए खूनी संघर्ष के आरोपियों को गिरफ्तारी नहीं होने पर मीडियाकर्मियों द्वारा आज सुबह उदयपुर में किए गए सवाल के जवाब में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि “पुलिस के पास कोई जादू नहीं है”, जो तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार कर लें। आरोपियों की तलाश चल रही है। आखिर आरोपी कितना भागेंगे, गिरफ्तार हो ही जाएंगे। कटारिया आज सुबह यहां उनके निवास पर मीडियाकर्मियों से मुखातिब थे। उल्लेखनीय है कि नागौर में तीन दलितों की ट्रैक्टर से कुचल कर हत्या कर दी गई। इस दौरान महिलाओं से भी अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप है। संघर्ष में कुल चार लोगों की मौत हुई। पुलिस ने कुल 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें 27 नामजद हैं। अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
फिर हमला होने के खौफ में पीडि़त : आरोप है कि जाटों ने अस्पताल में भर्ती घायलों पर भी हमले का प्रयास किया। जिसके बाद अस्पताल में पुलिस तैनात कर दी गई है। दलित समुदाय के लोगों ने मृतकों का अंतिम संस्कार करने के लिए पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्हें डर है कि इस दौरान आरोपी फिर से हमला बोल सकते हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
यह है मामला : नागौर के डांगावास गांव में गुरुवार को 23 बीघा जमीन विवाद में पंचायत बुलाई गई। इसका बुलावा लेकर पहुंचे एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद गुस्साए जाटों ने दूसरे पक्ष के तनी लोगों को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। बाद में यह झगड़ा और बढ़ गया जिसकी शिकार महिलाएं भी हुईं। हमले में मारे गए एक आदमी की आंखों में लकड़ी तक डाल दी गई।
घायल बोले : जहां छिपते, वहीं ट्रैक्टर चढ़ा देते
एक घायल महिला ने बताया, क्र250 लोगों की भीड़ से बचने को हम जहां भी छिपे, लोगों ने वहीं पर ट्रैक्टर चढ़ा दिए। घर की छत पर बचने को चढ़े तो मकान ही ढहा दिया। भीड़ ने महिलाओं को भी नहीं बक्शा, लाठी-सरियों से पीटा। दूसरे घायल खेमाराम ने बताया कि उसके परिवार के लोग पंचायत में थे, बातचीत के दौरान आरोपियों ने उनके एक सदस्य अर्जुन के सिर पर लाठी से वार कर दिया, सामने जाट समुदाय के लोग बंदूक लेकर बैठे थे, हमले के बाद अर्जुन एक बंदूकधारी के ऊपर गिरा, उसी दौरान अफरा-तफरी में ट्रिगर दबा और गोली रामपाल के लग गई।
कलेक्टर साहब! यहां पूरे कुएं में घुली है भांग
परिवहन, माइनिंग और पुलिस विभाग की मिलीभगत से रोजाना खरका से भरी जा रही है सौ ट्रक बजरी, २०१३ में कोर्ट की रोक के बाद से लगातार जारी है खरका नदी में खनन, राजसमंद और उदयपुर के बजरी माफिया ने बनाया सिंडिकेट, जो सब तक पहुंचा रहा है बंधियां, कुराबड़ थाना पुलिस प्रत्येक ट्रक से ले रही है दस हजार और ट्रैक्टर से पांच हजार रुपए

उदयपुर। कलेक्टर रोहित गुप्ता ने बीती रात बजरी से भरे ट्रैक्टरों को पकडक़र खरका नदी से हो रहे अवैध बजरी खनन का हाल खुद देखा। ये अवैध कारोबार २०१३ से चल रहा है, जिसमें परिवहन, माइनिंग और पुलिस विभाग की मिलीभगत है। अवैध कारोबार से इन तीनों विभागों के अधिकारी करोड़ों रुपए की चांदी काट रहे हैं। जानकारों के अनुसार राजसमंद और उदयपुर के बजरी माफिया द्वारा बनाए गए सिंडिकेट के तहत इन अधिकारियों तक घूस पहुंचाई जा रही है।
उदयपुर के पांचों जिलों में २०१३ से बजरी खनन पर न्यायालय ने रोक लगा रखी है। इस बीच राजसमंद के नाथद्वारा, हमीरगढ़ और बस्सी से रेती-बजरी यहां लाई जा रही है, लेकिन खरका नदी से रेती का अवैध कारोबार फिर भी बंद नहीं हुआ है। पता चला है कि रोज रात को करीब सौ से ज्यादा ट्रक खरका नदी से बजरी लेकर निकलते हैं, जो गींगला, मिथौड़ी, कुराबड़ होते हुए उदयपुर आते हैं। कुराबड़ में धोबीघाट पर माइनिंग विभाग की अस्थाई चौकी बना रखी है। पता चला है कि कुराबड़ पुलिस और माइनिंग विभाग वाले शामलात में प्रत्येक ट्रक से दस हजार रुपए घूस लेते हैं और देबारी चौकी से ट्रक पास होने पर दो सौ रुपए लिए जाते हैं। यहां आने पर प्रतापनगर चौराहे पर बजरी माफिया भी ट्रक मालिकों से एक फिक्स बंधी लेते हैं। यह पूरा कारोबार बजरी माफियाओं द्वारा बनाए गए सिंडिकेट के तहत चल रहा है। इस कारण खरका नदी से बजरी का खनन बेरोक-टोक जारी है।
ठेकेदारों ने बनाया सिंडिकेट
राजसमंद के ठेकेदारों ने यह सिंडिकेट बनाया है, जिसमें उदयपुर के बजरी माफिया भी शामिल है। इस सिंडिकेट का काम ही यही है कि अधिकारियों तक घूस पहुंचाए और रेती की ट्रकों को उदयपुर पहुंचाए। इस सिंडिकेट का ऑफिस हिरणमगरी में है, जहां से इस काम को अंजाम दिया जाता है।
सीएम को नहीं भेजी रिपोर्ट :
पिछले दिनों टीएसपी एरिया में बजरी खनन पर रोक हटाने के लिए मुख्य सेवक वसुंधरा राजे ने माइनिंग डिपार्टमेंट से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन ये रिपोर्ट आज तक नहीं भेजी गई। बताया गया है कि अगर खरका नदी से खनन पर रोक हट जाएगी तो माइनिंग, पुलिस और परिवहन विभाग में जा रही अच्दी खासी घूस बंद हो जाएगी। इसलिए ये रिपोर्ट नहीं भेजी गई। ये तीनों विभाग भी चाहते हैं कि खरका नदी से अवैध खनन होता रहे, ताकि उन तक लाखों रुपए की काली कमाई पहुंचती रहे।
मर्द कलेक्टर!
बजरी माफिया से निबटने के लिए उदयपुर जिले के नये कलेक्टर रोहित गुप्ता कल रात खुद की जान जोखिम में डालकर सडक़ पर दौड़ पड़े। जिसने भी यह सुना वह खुश हो गया। एक ने कहा बंदा क्रमर्दञ्ज है। दूसरे ने कहा जवानी का जोश है, बहुत ऊपर जाएगा। तीसरा बोला-महाराणा प्रताप के शहर में ऐसा अफसर ही चाहिए। बहरहाल यह वाक्या सुनकर पूर्व में रहे कलेक्टर आदर्श किशोर सक्सेना की याद आ गई, जिन्होंने हिंसा पर उतारू सैंकड़ों छात्रों की भीड़ को बड़े अस्पताल में अकेले ही ललकारा और काबू करके दिखाया। वह भी मर्द कलेक्टर ही थे।
NSUI चुनाव: प्रत्याशियों ने फिर उड़ाई कानून की धज्जियां
जयपुर। प्रदेश और जिला कार्यकारिणी के लिए 18 मई से होने वाले भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के चुनाव से पहले प्रत्याशियों ने कानून की जमकर धज्जियां उड़ाईं।
स्कूल बस और ट्रक में भिडंत – मासूमों की जान पर बनी
उदयपुर एकलिंगपुरा से बलीचा जाने वाले मार्ग के बीच गिरिजा व्यास पैट्रोल पम्प स्थित हाई वे पर गुरूवार सुबह एक ट्रक ने स्कूली बस को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में बस की खिड़की पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
गनिमत रही की इस मामले में स्कुलों बचचों को चोट नहीं लगी । हादसा उस वक्त हुआ जब महाराणा मेवाड़ स्कूल की बस बच्चों को लेकर गोकुल विहार से लेकर हाईवे पार कर सेक्टर नौं की तरफ जा रही थी ।
तभी एकलिंगपुरा की और से आ रहे ट्रक ने बस को चपेट में ले लिया । ड्राईवर साईड से बस का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया ।
एक्सीडेंट में स्कुल बस की खिडकियों पर लगे कांच और एल्युमिनियम की जालिया टुट गई । हालांकि एल्युमिनियम की जालिया होने से बच्चों की जान बच गई ।
हादसे के बाद बस और ट्रक दोनो आपस में उलझ गए । स्कुल बस मे करीब पैंतिस बच्चे थे जो कि हादसे में बाल बाल बच गए ।
आरटीओ के डर से भागे चालक की पुलिया से गिरकर मौत

जानकारी के अनुसार कुराबड़ निवासी मनोहरसिंह (४५) पुत्र लालसिंह राजपूत बीती रात साढ़े 11 बजे रेलमगरा से रेती भरा ट्रेलर लेकर उदयपुर की तरफ आ रहा था। इसी बीच देबारी माताजी मंदिर के पास आरटीओ की फ्लाइंग ने ट्रेलर को रोका और मनोहरसिंह को ओवरलोड ट्रेलर की रसीद कटवाने के लिए कहा। पता चला है कि इस बात को लेकर फ्लाइंग कर्मचारियों और मनोहरसिंह के बीच मारपीट हो गई। मनोहरसिंह डरकर वहां से भागा, तो अंधेर में देबारी पुलिया से नीचे गिर पड़ा।
फ्लाइंग के एक कर्मचारी ने पीछे आ रही ट्रक के ड्राइवर जमनालाल को बताया कि ट्रेलर का ड्राइवर पुलिया से नीचे गिर गया है। जमनालाल ने उसकी ट्रक के मालिक ताराशंकर को यह जानकारी दी। इस पर ताराशंकर मौके पर पहुंचा और रेती एसोसिएशन के अध्यक्ष अंतोष चौधरी व संरक्षक प्रेमसिंह को मौके पर बुलाया। इन लोगों ने रात को पुलिया के नीचे ड्राइवर की तलाश की, लेकिन अंधेरे के कारण कुछ दिखाई नहीं दिया। आज सुबह ग्रामीणों ने पुलिया के नीचे लाश को देखी और पुलिस को सूचना दी।
सुबह लाश मिलने के बाद काफी संख्या में रेती एसोसिएशन के पदाधिकारी व ट्रक ड्राइवर मौके पर एकत्र हो गए। मृतक मनोहरसिंह का बेटा राजेंद्र व किशन, भाई पे्रमसिंह और साला डोलसिंह भी वहां पहुंच गए। इन लोगों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर देबारी से गुजर रहे हाइवे और पुलिया के नीचे के रास्तों पर पत्थर व कांटा डालकर जाम लगा दिया। करीब चार घंटे की समझाइश के बाद पुलिस जाम खुलवाने में सफल रही।
मृतक मनोहरसिंह के परिजनों का कहना है कि सुबह उन्होंने शव को एमबी हॉस्पीटल पहुंचाया, जहां से कार्रवाई के लिए वे सभी लोग प्रतापनगर थाने पहुंचे। इसी बीच मनोहर सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद एम्बुलेंस में प्रतापनगर थाने पहुंचाया गया, जहां पर मनोहर सिंह के परिजनों और रेती एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उनकी बिना मौजूदगी में पोस्टमार्टम होने पर नाराजगी जताई।
आरटीओ के बाद प्रदर्शन : प्रतापनगर थाने से सभी लोग मनोहरसिंह की लाश को लेकर आरटीओ के नये ऑफिस पहुंचे, जहां आरटीओ ऑफिस के बाहर लाश रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। यहां इन लोगों ने जमकर नारेबाजी की, लेकिन आरटीओ का कोई अधिकारी बाहर नहीं निकला। इस दौरान प्रतापनगर थानाधिकारी चंद्र पुरोहित और सुखेर थानाधिकारी हरेंद्रसिंह जाब्ते के साथ पहचे और काफी समझाइश के बाद परिजन शव को लेकर गए। मृतक के परिजनों और रेती एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दस लाख रुपए मुआवजा, मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने और फ्लाइंग के सभी कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की है।
इनका कहना ………..
घटनाक्रम के बाद मैं स्वयं मौके पर जाकर आया। मौके पर लगा जाम खुलवाया। मामले की जांच की जा रही है। अगर आरटीओ की फ्लाइंग होगी तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
-भंवरलाल, आरटीओ



