सुहागिनों ने मांगी अपने पति के लिए लम्बी उम्र की दुआ

Karwa-Chauth-उदयपुर. सुहागिन औरतों के लिए सबसे बड़ा त्यौहार करवा चौथ शहर भर में सुहागिनों ने परंपरागत तरीके पूरे उत्साह के साथ मनाया । इसकी तैयारी के लिए दिन भर बाजार महिलाओं से गुलजार रहे । महिलाओं ने पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत रखे और रात को चन्द्र दर्शन के साथ पति की पूजा कर व्रत पूरा किया |
करवा चौथ के लिए महिलाओं एक दिन पहले ही शाम तक खरीदारी की। चूड़ियां, डिजाइनर बिंदी और गहनों की खरीदारी के लिए बाजार में महिलाओं को हुजूम पूरे दिन नजर आया। आज के लिए मेहंदी वालों के यहां बुकिंग पहले ही फुल थी।
मुहूर्त के मुताबिक सुबह चार बजे महिलाओं ने सरगी लिया, जिसके साथ करवा चौथ व्रत शुरू हुआ। शनिवार शाम सवा आठ बजे चंद्र दर्शन के साथ पूजन कर व्रत खोला गया। भारतीय सुहागिनों का सबसे बड़ा पर्व करवाचौथ मना जाता है । आज के दिन महिलाएं अपने पति के लिए बिना पानी के व्रत रखती हैं। इस त्योहार के लिए लंबे अरसे से महिलाएं और लड़कियां तैयारी करती हैं । दिन भर महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। शाम के वक्त चंद्रमा की पूजा कर पति के आरती का भी विधान शास्त्रों में है। कहते हैं कि चंद्रमा की रोशनी में मौजूद अमृत से पति को लंबी उम्र मिलती है। गणेश, भगवान शिव व गौरी की पूजा से सुखमय जीवन, सुखद परिवार व पति के कष्ट का विनाश होता है। पुराणों के अनुसार कार्तिक वदी की चौथ को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। मिट्टी के करवे से अटूट धार छोड़ सुहागिनें चंद्रमा की पूजा करती हैं। पूरे दिन निराजल व्रती पत्नी को जल पिला कर पति व्रत का पारण कराते हैं।
कहते हैं कि नीलगिरी पर्वत पर एक बार अर्जुन तप करने गए थे। उस समय परिवार व अर्जुन पर मुसीबत आन पड़ी थी। भगवान कृष्ण के कहने पर द्रौपदी ने करवा चौथ का व्रत रख पूजन किया तो कष्ट दूर हो गए। करवा चौथ पर महिलाएं इच्छानुसार किसी भी समय चंद्रमा का पूजन नहीं कर सकतीं। पूजन के लिए चंद्रमा का उदय होना जरूरी है।
शनिवार को कई समाजों में सामूहिक उद्यापन भी हुए और करवाचौथ के सामूहिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गए जिसमे जहलावाद औदीच्य समाज विकास समिति का कार्यक्रम रामपुरा बाग़ स्थित कनक वाटिका में आयोजित हुआ जिसमे करीब ६० विवाहित जोड़े शामिल हुए | संयुक्त वैरागी वैष्णव समाज संस्थान का कार्यक्रम सेक्टर -३ स्थित सुभद्रा मैरिज हॉल में आयोजित हुआ | सेन समाज का सामूहिक उद्यापन सेन भवन में हुआ | कुमावत समाज का कार्यक्रम नारा घाटी स्थित समाज के बभवन में हुआ तथा आमेटा समाज का कार्यक्रम सेक्टर -४ में आमेटा भवन में आयोजित किया गया | सभी जगह सामूहिक उद्यापन में परंपरागत तरीके से चन्द्र दर्शन के बाद पूजा आरती कर व्रत खोला गया | हर घर में सुहागिनों ने चन्द्र दर्शन के साथ पति की लम्बी उम्र की दुआ मांगी और व्रत खोला |

शैलेश सर्वश्रेष्ठ राइडर

Bulletiapa 475उदयपुर। इंडिया बुल राइडर्स की मेगा मिट मुम्बई में आयोजित की गई जिसमें उदयपुर के शैलेश ब्रिजवानी को सर्वश्रेष्ठ राइडर की ट्रॉफी प्रदान की गई।
इंडिया बुल राइडर्स उदयपुर चेप्टर के हेड सुजीत मेकडे ने बताया कि हर वर्ष आयोजित होने वाली इस मिट की शुरूआत उदयपुर में ही की गई थी। 2014 की मिट मुम्बई चेप्टर द्वारा मुम्बई में ‘‘बुलेटयापा 2014’’ के नाम से आयोजित की गई। जिसमें स्लो रेस, फिगर ऑफ 8, टाइम ट्रेल्स, बुलेट टोइंग और ट्रेसर हंट आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। उदयपुर के शैलेश ब्रिजवानी ने टाइम एण्ड ट्रेल्स और फिगर ऑफ 8 में पहला स्थान प्राप्त किया इसके अलावा ब्रेस्ट राइडर की ट्रॉफी पर भी कब्जा किया। उदयपुर से इनके अलावा संजय बाबेल, मनचिराग सोनी, क्रिस एण्ड क्रिस्टिना ने भाग लिया।

साइंस क्विज में एमएमपीएस ने बाजी मारी

IMG_9239 उदयपुर, भारत विकास परिषद ‘उदय’ ने बुधवार को सेंट्रल पब्लिक स्कूल में अंतरविद्यालयी विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की। जिसमें शहर के 10 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल की टीम – अक्षर सिंह गहलोत व दैवांग जैन ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। विजेता टीम के दोनों विद्यार्थियों को शब्दकोश व प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

गुलाबचन्द कटारिया का यात्रा कार्यक्रम

उदयपुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, आपदा प्रबंध एवं सहायता विभाग मंत्री श्री गुलाबचन्द कटारिया 12 अक्टूबर को प्रात: 8 बजे राजकीय वाहन द्वारा उदयपुर पहुंचेंगे। वे 12 व 13 अक्टूबर को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में भाग लेंगे। वे 14 अक्टूबर को राज्यपाल कल्याण सिंह के साथ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में भाग लेंगे। वे 14 को ही रात्रि 10.20 बजे उदयपुर से जयपुर प्रस्थान करेंगे।

राज्य स्तरीय लाडली सम्मान समारोह में सम्मानित होगी उदयपुर जिले की दो लाडलियां

उदयपुर , 11 अक्टूबर को अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जयपुर में राजस्थान सरकार एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में राज्य स्तरीय ला$डली सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है जिसमें पूरे राज्य से चयनित 41 बच्चों का जिन्होने अपने क्षेत्र में बाल विवाह, बालश्रम, बाल अधिकारों के हनन आदि विषयों पर उल्लेखनिय कार्य किया हो, का सम्मान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (राज्य मंत्री) अरूण चतुर्वेदी द्वारा किया जाएगा।
गायत्री सेवा संस्थान के संयुक्त निदेशक शैलेन्द्र पण्ड्या ने बताया की संस्थान के कार्यक्षेत्र में बालश्रम एवं अशिक्षा के खिलाफ जनजाति क्षेत्र सराडा के जनजाति 3 बच्चों का चयन इस सम्मान हेतु किया गया है जिसमें प्रथम सराडा के बटुका ग्राम की गीता मीणा पुत्री भैरा मीणा, द्वितीय गाँधीपुरा ग्राम की नोजी मीणा पुत्री पद्मलाल मीणा एवं तृतीय वीरपुरा गॉव के मुकेश कुमार मीणा पुत्र देवी लाल मीणा है। तीनों बच्चों को शुक्रवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग उपनिदेशक मान्धाता सिंह राणावत, पूर्व निदेशक एसआईईआरटी उदयपुर डॉ शरद चन्द्र पुरोहित एवं श्री पण्ड्या ने सम्मानित कर जयपुर रवाना किया, जहां इन्हें शनिवार को राजस्थान सरकार द्वारा महाराणा प्रताप सभागार, ओटीएस, जयपुर में सम्मानित किया जाएगा।

जिला पर्यावरण समिति की बैठक 14 अक्टूबर को

उदयपुर, /जिला पर्यावरण समिति के परिसंकरमय अपशिष्टों के व्यसन स्थल चयन समिति की बैठक जिला कलक्टर आशुतोष ए.टी.पेडणेकर की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर को दोपहर 3.30 बजे जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जायेगी।
जिला पर्यावरण समिति के सदस्य सचिव ने बताया कि बैठक में वर्षा ऋतु में कराए गये पौधारोपण कार्य, शहरी क्षेत्र में कचरा एवं हेजार्डवेस्ट डिस्पो$जल व्यवस्था, शहर में ड्रेनेज व सीवरेज, मास्टर प्लान्स, मार्बल स्लरी निस्तारण, औद्योगिक इकाइयों एवं यातायात द्वारा प्रदूषण फैलाने की रोकथाम, पॉलीथीन के उपयोग पर प्रतिबंध, जिले में बडे अस्पतालों की सफाई व्यवस्था एवं जिले के क्लीनिकों व अस्पतालों के बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की समीक्षा, पर्यावरण संरक्षण के विषय में जनजागृति एवं उदयपुर शहर के आसपास की पहाड़ियों की खुदाई व कटान पर समीक्षा की जायेगी।

खबर की कीमत, एक मासूम की जान

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उदयपुर । कोटा के एक घर के इकलौते चिराग “रुद्राक्ष”, माँ, बाप के दिल का टुकड़ा एक मासूम का कुछ नामर्दों ने अपहरण कर लिया माँ बाप और दादा के हाल बेहाल होगये पुलिस के पास पहुंचे उन नामर्दों अपहरणकर्ताओं ने धमकी दी थी २ करोड़ दो वरना बच्चे की जान से हाथ धो बैठेगो ।
और हमारी पुलिस और हमारी मीडिया के महान कलाकारों ने आखिर उस बच्चे की जान लेने में भागीदारी बखूबी निभाई । पुलिस ने मीडिया को एक एक जानकारी दी जो उस वक़्त नहीं देनी चाहिए थी और मीडिया अपने अखबार को न. वन बताने के लिए इस खबर के एक एक पहलु को अपने अखबार और टीवी चैनल में बता कर उन नामर्दों की सहायता की नतीजा उस मासूम की मौत के रूप में सामने आया ।
“खबर हर कीमत पर ” और आखिर आज उस मासूम के अपहरण की खबर के हर पहलू बड़ी तफ्सील और किसी गुप्तचर विभाग के काबिल जासूस की भांति छापने की बदौलत एक मासूम को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा । क्या पत्रकारिता हे और क्या पुलिस छानबीन वाह मानना पडेगा इन काबिल रिपोर्टरों को और काबिल पुलिस के अधिकारीयों को ।
हमारे अखबार, टीवी चैनल, रिपोर्टर और संपादक अपने काम के प्रति इतने समर्पित है की चाहे किसी मासूम की जान जाती हे तो जाए, चाहे किसी के घर का चिराग बुझता है तो बुझे, हमे तो सिर्फ खबर छापनी है । यही हमारी पहली जिम्मेदारी है । और इस जिम्मेदारी को हमने बखूबी निभाया है । आज के कोटा के भास्कर और पत्रिका के एडिशन देख के तो यही लगता है ।
इन बड़े अखबार वालो ने उन नामर्द अपहरण करने वालों का पूरा साथ निभाया है । कुछ ही घंटों में इन अखबारों के पत्रकारों की टीम ने हर एक पहलु की छान बिन कर डाली एक एक पहलु अखबार में छाप दिया यहाँ तक की सीसी टीवी कैमरे के फुटेज में आई उस कार का फोटो , पुलिस की हर एक हरकत का फोटो सहित विवरण छाप दिया और तो और जिस पार्क से बच्चा अगवा हुआ उस पार्क में खेलने वाले एक एक बच्चे का इंटरव्यू । अपहरण कर्ताओं से उस मासूम के पिता से हुई बातचीत का पूरा ब्योरा अपने अखबार में छाप दिया और उस पर अपनी छाप भी छोड़ी ” भास्कर तत्काल ” “पत्रिका सबसे पहले ” नतीजा क्या हुआ इन जिम्मेदार बनने वाले मीडया के इस कारनामे से उन नामर्दों ने मासूम को मार डाला ।
अरे अक्ल का बाजार लगाने वालों क्या शर्म और अक्ल किसी चकले पर बेच कर आ गये जो इतनी भी समझ नहीं आई के इतना कुछ छाप कर अपनी पीठ थपथपाओगे तो अंजाम क्या होगा अपने आपको बुद्धिजीवी कहने वालों की बुद्धि इतनी ही रह गयी । एक बार भी उस मासूम की जगह या उस पिता या माता की जगह खुद को रख कर नहीं सोचा ।
और ये पुलिस के बड़े बड़े अधिकारी क्या सब के सब फर्जी डिग्री लेकर इतने बड़े अधिकारी बने है या हराम की कमाई खा खा कर इंटेलिजेंसी किसी आका के वहां गिरवी रख कर आये है । शर्म आनी चाहिए, एक मासूम के अपहरण की इन्वेस्टिगेशन इस तरह होती है। सारी मिडिया को जमा कर के काम होता है क्या ? जब रिश्वत के लाखों रूपये लेते हो तब भी मिडिया को बुलाया करो. जब सारे अवांछनीय काम टेबल के निचे और परदे के पीछे करते हो तब भी तो मिडिया को बुलाया करो तब भी पूरी की पूरी जानकारी दिया करो । ईमान तो जैसे मर गया है, और दिमाग किसी धन्ना सेठ या नेता के यहाँ गिरवी पड़ा है ।
एक मासूम का अपहरण हुआ उसकी पूरी की पूरी जानकारी अपनी कार्रवाई सहित पुलिस ने मिडिया के सामने खोल कर रख दी और मीडिया के बड़े बड़े ठेकेदार बने अखबार और टीवी चैनलों ने सनसनी खेज खबर बना कर दो दो पेज में छाप दी । हत्यारे सिर्फ वो नामर्द अपहरणकर्ता ही नहीं उनका पूरा साथ देने वाले ये पुलिस के अधिकारी और पूरी की पूरी मिडिया जिम्मेदार है । लेकिन शर्म अब भी नहीं आएगी इन्हे अब भी इसको सनसनी बना कर आठ दिन तक छापेंगे । अपहरणकर्ताओं को आगाह करने का काम इनका बदस्तूर जारी रहेगा ।

देश की सुरक्षा के नाम पर टेलीकॉम कम्पनियां फ्री नेट कालिंग जैसी सेवाएं बंद करवायेंगी ?

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free voice callingउदयपुर। बहुत सस्ती लंबी दूरी के फोन कॉल्स करने के लिये वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल जैसे स्काइप, वीबर, टैंगो आदि के बढते उपयोग के कारण टेलीकॉम कंपनियों को राजस्व की बहुत हानि हो रही थी और वो टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑथोरिटी (ट्राई) द्वारा इन सेवाओं को ब्लॉक करवाने में असफल रही हैं। लेकिन अब लगता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे के नाम पर इन्हें रोकने के लिये सुरक्षा एजेंसियों के साथ लॉबी करने के बाद ये कंपनियां सफल हो रही हैं।
अपने यूजर्स के बीच मुफ्त कॉल तथा कौड़ियों के दाम पर लंबी दूरी की कॉल सुविधा उपलब्ध कराने वाली शीर्षस्थ कंपनी ’’स्काइप’’ ने १० नवंबर से स्काइप द्वारा भारत में मोबाइल तथा लैंडलाइन कॉल करने पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है।
गृह मंत्रालय ने इस आधार पर टेलीकॉम मंत्रालय को वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल कॉल्स को ब्लॉक करने के लिये लिखा था कि इनमें कॉल करने वाले के मोबाइल नंबर सहित अन्य विवरण उजागर नहीं होते हैं जिससे सुरक्षा को खतरा है।
सूत्रों ने कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आई बी) ने दूरसंचार विभाग को गत माह ’’वी फोन’’ एप्लिकेशन ब्लॉक करने को लिखा था जो एन्ड्रॉइड प्ले स्टोर्स तथा एपल के स्टोर्स पर मुफ्त उपलब्ध है। ऐसा इस आधार पर लिखा गया कि यह यूजर को नकली पहचान की सुविधा देता है जिससे वास्तविक कॉलर की पहचान या उसकी लोकेशन जान पाना कठिन हो जाती है। जहां इस एप्लिकेशन का नि:शुल्क संस्करण कॉलर की आई डी प्रदॢशत करता है, जो *७७७ से शुरू होती है, वहीं इसका सशुल्क संस्करण किसी भी कॉलर आई डी को डिस्प्ले करने की सुविधा देता है।
आई बी ने दूरसंचार विभाग को लिखा कि स्काइप की भांति ’’वी फोन’’ के सर्वर भारत से बाहर स्थित हैं और इसके माध्यम से की जाने वाली कोई भी कॉल विदेश स्थित सर्वर के रास्ते होती है, जिससे कॉल कर रहे वास्तविक नंबर या यूजर को पहचानना तथा उसकी स्थिति की जानकारी कर पाना कठिन हो जाता है। ट्राई ने अगस्त में स्काइप, वाइबर, व्हॉट्स एप तथा आधा दर्जन अन्य एप्स द्वारा उपलब्ध कराई जा रही मुफ्त एस एम एस तथा कॉल सेवाओं को रोकने या नियंत्रित करने की टेलीफोन ऑपरेटरों की मांग अस्वीकार कर दी थी और उन्हें शुल्क लेने तथा आय को इन कंपनियों या सरकार के साथ बांटने को बाध्य करने से इंकार कर दिया था। ट्राई ने तर्क दिया था कि लोगों को विज्ञान के उस लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता जो उन्हें कम कीमत या मुफ्त संचार सेवा उपलब्ध कराता हो।
मोबाइल फोन सॢवस ऑपरेटर ट्राई के पास यह शिकायत लेकर गए थे कि उन्हें भारी नुकसान हो रहा है क्योंकि उन्होंने अपने नेटवर्कों में करोडों का निवेश किया है जबकि इंटरनेट पर मुफ्त मैसेजिंग या वॉइस कॉल्स उपलब्ध कराने वालों ने उनके व्यापार में कटौती की है क्योंकि अधिकतर उपभोक्ता ऑपरेटरों की सामान्य एस एम एस या वॉइस कॉल सुविधा के बजाय मुफ्त सेवाएं पसंद करते हैं। ऑपरेटरों ने ट्राई से प्रार्थना की थी कि इन मुफ्त सेवा देने वालों को वे सभी शुल्क सरकार को देने चाहिये जो वे सरकार को देते हैं क्योंकि ऐसा करना ही एप निर्माताओं को उन सेवाओं का शुल्क देने को बाध्य करेगा, जो अभी मुफ्त हैं, तथा उन्हें टेलीकॉम कंपनियों के बराबर ले आएगा।

खुशखबरी: अब रेलवे टिकट लेना होगा आसान

RPJHONL0060910201411Z54Z53 AMUdaipur. अक्सर ऎसा होता है कि जब आप काउंटर पर रेल टिकट लेने जाते है तो आपको लंबी लाइन का सामना करना पड़ता है और कई बार ऎसा होता है कि लंबी लाइन के कारण आपको कंफर्म टिकट नहीं मिल पाती है।

लेकिन अब रेलवे आपको इस समस्या से निजात देने की तैयारी में है। रेल के टिकट कटाना अब बेहद आसान हो जाएगा और आपके शहर के हर कोने में यह सुविधा मिलेगी।

लोगों को आसानी से टिकट मिल सके इसके लिए रेलवे अब रेट टिकट सुविधा केन्द्र खोलने जा रही हैं। अब तक यह काम रेल कर्मचारी या रेलवे के मान्यता प्राप्त एजेंट ही करते आ रहे थे।

रेलवे के इस फैसले के बाद रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि वह प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप के तहत कंप्यूटराइज्ड पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) में सामान्य जन को भी टिकट काटने देगी।

इस सुविधा के अंतर्गत अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी रेलवे के टिकट काट सकेगा। इन्हें यात्री सुविधा केन्द्र कहा जाएगा और इस सुविधा के शुरू होने के बाद लोगों को रेलवे काउंटरों तक जाने की जरूरत नहीं होगी और उन्हें लंबी लाइन से भी निजात मिलेगा।

रेलवे ने शुरूआती तौर पर ये केन्द्र उन्हीं एजेंटों को देने का विचार किया है, जिन्होंने पांच साल तक रेल टिकटें बेची हैं और उनके पास रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर अपना ऑफिस है जहां पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर है।

रेलवे के अनुसार इन रेलवे एजेंटों का स्टैंडर्ड रेलवे के मानदंडों के अनुरूप होगा। उन्हें रेलवे के काउंटर खुलने के कम के कम एक घंटे बाद यानी नौ बजे अपने कार्यालय खोलने का अधिकार होगा।

भले ही रेलवे के इस फैसले से लोगों के लिए टिकट लेना आसान हो जाएगा, लेकिन प्राइवेट पार्टियों को टिकट काटने के काम में शामिल करने का रेलवे यूनियन विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे धोखाधड़ी बढ़ेगी और रेलवे का नाम खराब होगा।

राशन की दुकानों पर दाल, मसाले भी बिकेंगे

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RPKGONL005071020144Z23Z48 AMUdaipur.देश में अब उचित मूल्य दुकानों पर किराणा दुकानों की तर्ज पर उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की वस्तुएं उपलब्ध हो पाएंगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में निजी जन सहभागिता मॉडल के तहत राशन दुकानों के संचालन की राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।
इसके पीछे सरकार की मंशा राशन दुकानों को हाईटेक करने के साथ ही आम उपभोक्ताओं को दैनिक उपयोग की गुणवत्ता युक्त गैर पीडीएस तथा अन्य आवश्यक ब्राण्डेड वस्तुएं उचित एवं प्रतिस्पर्द्धात्मक दरों पर उपलब्ध कराना है। इसकी पालना सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए हैं।

केवल चयनित उत्पाद
राज्य में अधिकृत उचित मूल्य दुकानदार केवल राज्य सरकार के चयनित उत्पादकों, थोक विक्रेताओं तथा मल्टी उत्पाद वितरकों से ब्राण्डेड, पैक्ड उपभोक्ता वस्तुएं क्रय कर उचित मूल्य दुकानों पर विक्रय कर सकेंगे। गौरतलब है कि जिले में 646 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं।

सोलह वस्तुएं मिलेंगी
डीलर अनुसूची प्रथम व द्वितीय में उल्लेखित 16 प्रकार की वस्तुओं का विक्रय कर सकेंगे। इनमें चना, ज्वार, बाजरा, मक्का, चावल, खाद्य तेल, दालें मसालें, माचिस, चाय, ब्लेड्स, साबुन, सामान्य विद्युत सेवा लेम्प्स, अभ्यास पुस्तिकाओं के अलावा सूती वस्त्र शामिल हंै। बिक्री की राशन कार्ड में इंद्राज करने की अनिवार्यता भी नहीं होगी।

पहुंच होगी आसान
उचित मूल्य दुकानों पर निजी जन सहभागिता मॉडल के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली राशन सामग्री से उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे गुणवत्ता युक्त वस्तुएं उपलब्ध हो सकेंगी।हजारीलाल आलोरिया, प्रवर्तन अधिकारी