संसद भवन के समीप पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के गुप्तांगों में घुसाया डंडा

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महिला प्रदर्शनकारियों ने लिखित में शिकायत दर्ज करायी है कि पुलिसकॢमयों ने एक अफसर के इशारे पर, उनके ’’गुप्तांगों’’ में ’’डण्डा’’ घुसाया।

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उदयपुर। पंछी समझते है कि गगन बदल गया,
              गुल समझते है चमन बदल गया ,
              मेहमाने शमशान की ख़ामोशी कहती है ,
             नहीं। ……. लाश वही है सिर्फ कफ़न बदल गया ।
इन्ही अल्फ़ाज़ों को अंजाम देती हमारे देश की नयी हुकूमत मुल्क की सियासी फ़िज़ाओं को खुशबु से लबरेज़ करने का दम्भ भर रही है । दम्भ के इसी अहंकार के मध्य देश की निगहबाँह संसद के समीप ही “खाकी” वाले गुंडे मात्र शक्ति को लज्जित कर अपनी मूंछों को ताव दे रहे है।
अफ़सोस इस बात का है कि इतनी बड़ी शर्मनाक घटना के बावजूदnaa तो किसी नेता ने इस सम्बन्ध में पीड़ित महिलाओं की सुध ली ना ही मीडिया ने पुलिस के इस दुस्साहसko उजागर करने की तकलीफ की । ऐसी घटना और भी दुखद होजाती है जब देश नरेंद्र मोदी जैसे प्रधान मंत्री और राजनाथ सिंह जैसे दबंग गृह मंत्री के नेतृत्व में एक नयी सुबह का इंतज़ार कर रहा है ।

यह थी घटना :
वर्दीधारी पुलिस कर्मियों द्वारा सदमा पहुंचाने वाले यौन आक्रमण की घटना बुधवार को हुई है जिसमें पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं के गुप्तांगों में कथित रुप से लाठियां डाली गईं। यह घटना किसी दूर दराज गांव में नहीं बल्कि यहां पार्लियामेंट स्ट्रीट पर संसद भवन से कुछ ही दूर नई लोकसभा के सत्र के शुरु होने के दिन हुई है। इन महिलाओं में से कई दलित समुदाय की थीं जो धरना प्रदर्शन कर रही थी।
यह प्रदर्शन पुलिस द्वारा जंतर मंतर पर धरना दे रहे हरियाणा के भागाना गांव के दलितों के एक समूह को हटाने के विरोध में किया जा रहा था। जंतर मंतर राजधानी में प्रदर्शनों का स्थल है। गत एक माह से ये ग्रामवासी चार अल्पायु लडकियों के अपहरण एवं सामूहिक बलात्कार के विरोध में धरना दे रहे थे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारी पुलिस थाने के प्रभारी से मिलना चाहते थे तब पुलिस कर्मियों ने उन्हें धक्के देना तथा ’’महिलाओं के गुप्तांगों को पकड कर तथा अपने हाथ उनके गुदा क्षेत्र में डालकर’’ निशाना बनाना शुरु कर दिया।
जहां कुछ पुलिस वालों ने भागाना समूह से हरियाणवी में कहा कि बेहतर होगा कि चले जाएं और परेशानी पैदा नहीं करें, वर्दी पहने किन्तु नाम की पट्टी नहीं लगाए हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थाने से बाहर आया और चिल्लाया, ’’अरे ये ऐसे नहीं मानेंगे इनकी —— लाठी घुसाओ’’
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इसके बाद जो कुछ हुआ वह वर्दीधारी पुरुषों तथा ४-५ वर्दीधारी महिला पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं पर यौन आक्रमण का घिनौना दृश्य था। उनमें से एक महिला पुलिस कर्मी सुमन डी को छोडकर किसी ने भी नाम का बैज नहीं लगा रखा था और उसने भी कुछ मिनिट बाद उसे हटा दिया। ’’हम उस अधिकारी सहित, जिसने यौन आक्रमण का आदेश दिया था, यदि सबको नहीं तो कुछ को चेहरे से पहचान सकते हैं।’’

पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने के लिए ज्ञापन :
एक एनजीओ ’वीमन अगेंस्ट वायलेंस एण्ड स्टेट रिप्रेशन’ द्वारा दिल्ली पुलिस को सौंपे गए दो पृष्ठ के ज्ञापन द्वारा प्रकाश में लाई गई है। एनजीओ ने आरोपी कर्मियों को सेवा से तुरंत बर्खास्त किए जाने तथा क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) एक्ट २०१३ की धारा ३५४ के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
इस ज्ञापन में पुलिस अधिकारी के विरुद्घ धारा ३७६ सपठित धारा ५११ (बलात्कार का प्रयास) के अंतर्गत कथित रुप से वर्दीधारी पुलिस कर्मियों को प्रदर्शनकारियों के गुप्तांगों में लाठी घुसाने का आदेश देने के लिये मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की गई।
पुलिस की यौन क्रूरता के शिकारों में सक्रिय कार्यकर्ता एडवोकेट, समाजवादी जन परिषद की पायोली स्वतीजा, राष्ट्रीय दलित महिला आंदोलन की सुमेधा बौध, राखी नामक एक महिला तथा पालियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही बलात्कार की शिकार दो महिलाओं की माताएं शामिल हैं।
ज्ञापन में पुलिस आयुक्त को ताना दिया गया कि वे पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों को ’’जेंडर सेंसिटिव पुलिसिंग’’ (लैंगिक संवेदनशीलता से पुलिस का कार्य करना) में प्रशिक्षित करने की प्रचार के लिये की जाने वाली कवायद पर करदाता का पैसा बर्बाद करना बंद करें और बेहतर होगा कि वे ’’इस अपराध के आरोपी कर्मियों के विरुद्घ तत्काल सख्त तथा अनुकरणीय कार्रवाई’’ करें।

सोर्स – राष्ट्रदूत – दिल्ली ब्यूरो

हिन्दुस्तान ज़िंक ‘‘डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट’’ से सम्मानित

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27. Mr. Rajesh Mohta, Chief  Marketing Officer, Hindustan Zinc Limited (Large)

उदयपुर । सेसा स्टरलाइट समूह की जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को अलौह धातु क्षेत्र में बेस्ट कार्पोरेट के लिए प्रतिष्ठित ‘‘डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट कार्पोरेट अवार्ड-2014’’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान हिन्दुस्तान जिंक को समारोह के मुख्य अतिथि माननीय पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं प्रख्यात जर्नलिस्ट डॉ. अरूण शौरी ने होटल पैलेडियम, मुम्बई में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। हिन्दुस्तान जिंक की ओर से यह पुरस्कार राजेष मोहता, चीफ मार्केटिंग ऑफिसर ने ग्रहण किया।

यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिं़क को सम्पूर्ण बिज़नेस एक्सीलेन्स के लिए प्रदान किया गया जिसमें उत्पादन, तकनीक, सामाजिक सरोकार तथा पर्यावरण संरक्षण शामिल है।

ज्ञातव्य रहे कि डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट दुनिया की जानी-मानी उद्योगों की सूचना एवं जानकारी उपलब्ध कराने वाली संस्था है। इस अवसर पर इस संस्था ने अपना 14वां पब्लिकेशन ‘भारत की शीर्ष 500 कंपनियों के प्रकाशन का लोकार्पण किया। कंपनियों के चयन के लिए उनकी कुल आय, शुद्ध लाभ आदि को मापदंड रखा गया। हांलाकि प्राथमिक चरण के चयन के लिए कंपनी के बाजारी पूंजीकरण को मापदंड माना गया था परन्तु सम्पादकीय टीम ने विभिन्न उदे्दश्यों एवं मापदण्डों के आधार पर शीर्ष 500 कंपनियों का चयन किया गया। इस पब्लिकेशन में निजी एवं सार्वजनिक कंपनियॉं जो बी.एस.ई. और एन.एस.ई. में सूचीबद्ध है, को सम्मलित किया गया है।

HINDUSTAN ZINC’S “SAKHI” INITIATIVE EMPOWERS SAKHI LALITA…

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Lalita Choudhary, a 30 year old house wife belongs to a lower middle class family staying in Gudli, Udaipur. Few years back, she and her family had to struggle a lot as her husband’s job was not sufficient to feed the family of five. To fulfill the needs and to meet day to day expenses, Lalita started working as an Akaal Rahat Worker where she used to get a 3 kg of wheat after the whole day labour. But she was unhappy as after putting so much hard work, her children’s education and other requirements still remained unattended.

Then she was approached by Hindustan Zinc through its women empowerment program in 2006 to join Self Help Group. She decided to give it a try and joined it that changed her life and this time it was a sustainable change.

Under the program, she was first imparted training on stitching and tailoring at sewing centre in her Kalika Mata Self Help Group. There, Lalita and other 20 women were trained for around 6 months on skill development.

After training, Lalita started working from home where she used to stitch clothes free of cost in order to enhance her skills. After seeing her work inspiration, one NGO approached her and offered the job of a Master Trainer in a 10 day tailoring program far from village. In her life, for the first time she went away from home for work which was actually a daring decision for her and her family to take up. But Hindustan Zinc’s Self Help Group Program had infused that courage into her to step forward and take up the given opportunity. It was a good learning experiencing for her and then and then with that confidence, in 2008, Lalita applied and got the job as a Master Trainer in Sewing Center program of Hindustan Zinc in Debari.

Things have changed for Lalita; she is now more confident, independent, socio-economically sound and most importantly has gained respect in her community and village.

She has completed 12 batches and has trained about 300 rural women. Lalita is now supporting her family financially while earning more than Rs 5000/- per month and with this money she is not only giving her children quality education but also has renovated her house that was pending for long time.

“I am training girls of my village in their summer vacations so that during the crisis they do not have to face problems as I did” – confirms confident Lalita.

प्रभावशाली लोगों पर यूआईटी मेहरबान

photo1-प्रभावशाली लोगों की

जमीनों को बचाने के लिए दिया जा रहा है अवैध रूप से मोड़
उदयपुर। शोभागपुरा से आरटीओ ऑÈिस तक निकाली जाने वाली रोड को अधिकारी अपनी मनमर्जी से रसूखदारों और प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जहां चाहे मोड़ देकर बनाया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा छोटे-छोटे खातेदारों की सुनी तक नहीं जा रही है, वहीं प्रभावशाली लोगों की एक Èीट जमीन भी सड़क के बीच ना आ जाए। इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
यूआईटी द्वारा शौभागपुरा चौराहे से आरटीओ तक 100 Èीट रोड निकाली जा रही है। यूआईटी के अनुसार उनके द्वारा आवप्त की हुई जमीनों से ही कब्जे हटाए जा रहे है, जबकि मौके पर स्थिति कुछ और ही है। 100 Èीट रोड पर नियम के अनुसार कही टर्न नहीं होना चाहिए, जबकि यूआईटी ने सारे-नियम कायदे ताक पर रख कर इस रोड को तीन जगह से टर्न दे दिया है। अधिकारी कागजों में बताते है कि यह टर्न मास्टर प्लान के अनुसार दिए गए हैं, जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं किया जा सकता।
निजी स्कूल को पंहुचा दिया Èायदा : इस निर्माणधीन सौ Èीट रोड पर नवनिर्मित निजी स्कूल डीपीएस पर यूआईटी के अधिकारी इतने मेहरबान है कि अगर सर्वे किया जाए, तो सीधे सीधे तौर पर डीपीएस स्कूल की बाउंड्री के अंदर से करीब 20 Èीट जमीन रोड के हिस्से में आती है, लेकिन अधिकारी इस स्कूल के मालिक पर इतने मेहरबान है कि एक Èीट जमीन भी उन्होंने स्कूल की नहीं ली और इसकी वजह से रोड को दो जगह से टर्न दे दिया और उसके सामने आने वाले खातेदारों की जमीनों पर खातेदारों को सुने बिना ही बुलडोजर चला दिया।
प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए यू टर्न : डीपीएस स्कूल के आगे के प्रभावशाली भाजपा और कांग्रेस के नेताओं का मकान और प्लाट की जमीन रोड पर नहीं आ जाए। इसके लिए पूरी सड़क को सीधे नहीं लेते हुए लगभग यू-टर्न दे दिया। इन्हीं मकानों के सामने वाले खातेदारों के मकान और प्लाट की बाउंड्री वॉल तोड़ दी गई।
मकान तोडऩे गए, लेकिन बेरंग लौटे : यूआईटी तहसीलदार और पटवारी जाब्ते के साथ 100 Èीट रोड पर शंकरसिंह के मकान पर कार्रवाई करने के लिए गए, लेकिन मौके पर आए मकान मालिक व परिजनों ने मकान गिराने के आदेश मांगे व कोर्ट के आदेश मांगे, तो अधिकारी उनको बताने में असमर्थ रहे। विरोध के चलते यूआईटी दस्ता बेरंग लौट आया, वहीं चित्रकूटनगर में शिमला पत्नी किशोर धनावत के मकान की किश्ते जमा नहीं होने पर सीज करने गए अधिकारियों को हाईकोर्ट के स्टे के आदेश के चलते बेरंग लोटना पड़ा।

गर्मी व बिजली कटौती के प्रकोप से मचा त्राहिमाम

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गर्मी से तंदूर बना शहर बिजली कटौती से हालात खराब
आज पूरा शहर त्राहिमाम कर रहा है। एक तरÈ गर्मी का कहर, तो दूसरी तरÈ बिजली कटौती का सितम। दोनों ने एक साथ मिलकर उदयपुर को तंदूर बना दिया है। ऐसे में शहरवासी कोसने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। दिन की शुुरुआत पसीने से तरबतर कर होती है, तो रात करवटें बदलते और बिजली के इंतजार में गुजरती है।
मददगार रिपोर्टर
उदयपुर। इन दिनों उदयपुर पर सूरज और बिजली विभाग ने कहर बरपाया हुआ है। कहर ऐसे कि लोग उबल जाएं, हालत यह हो गई है कि पूरा शहर तंदूर की तरह तप रहा है, लेकिन न तो सूरज की पतिश कम हो रही है और नहीं बिजली विभाग कोई दया करने के मूड में दिख रहा है। पिछले कुछ दिनों से शहर में हो रही कटौती ने शहरवासियों को पसीने से नहला दिया है, तो आग बरसाते सूरज ने उनके घाव में नमक लगाने का किया है। शहर के ज्यादतर इलाको में तीन-चार घ्ंाटे से अधिक बिजली कटौती हो रही है। दिन का तापमान ४३ और ४४ डिग्री के बीच डोल रहा है।
बिजली कटौती से पूरे शहर में त्राहिमाम की हालत है। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इसके लिए वे किससे Èरियाद करें? लगातार बिजली कटौती ने लोगों को जीना मुहाल कर दिया है। कटौती के चलते लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। हर जगह लोग गर्मी और आक्रोश से उबल रहे हैं। शहर में हालत और भी बदतर है। एक तो बजली नहीं आती है, और आती है तो वॉल्टेज दम तोड़ता नजर आ रहा है।

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गांव से भी बदतर है हालत: सिटी के कई एरिया ऐसे भी है, जहां बिजली सप्लाई सामान्य है, लेकिन वॉल्टेज दम तोड़ देता है। वॉल्टेज इतना कम होता है कि मानो बिजली ही नहीं हो। शहर की ही नहीं, बल्कि गांव की हालत को और भी बदतर होती जा रही है। गांव में कटौती के नाम पर १२ से १५ घंटे तक की बिजली कटौती हो रही है।
पसीना पोंछते होती है सुबह: सुबह की आबोहवा सेहत के लिए अच्छी होती है। बड़े- बुजुर्गों की कही यह बात इस साल गलत साबित हो रही है। शहरवासियों की सुबह चेहरे से पसीना पोंछते हो रही है, तो पूरी रात गर्मी से तड़पते हुए बीत रही है। आज की सुबह ३३ डिग्री सेल्सियस टेंप्रेचर के साथ हुई। इस मौसम में जहां शहरवासियों गर्मी और पसीने से परेशान है। मौसम के बदले मिजाज के साथ सूरज आंखें दिखा रहा है। वहीं दूसरी और मौसम के साथ बिजली कटौती ने भी शहरवासियों को समस्या बढ़ा दी है। दिन के साथ रात में हो रही कटौती के चलते नींद पूरी नहीं हो रही है।
कहां, कब हुई कटौती
तीन जून
सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक : कैलाश कॉलोनी, कालाजी-गोराजी, नाइयों की तलाई, कानजी का हाटा, विनायक होटल, हेमराज अखाड़ा, रावजी का हाटा, जगदीश मंदिर, लालघाट, नावघाट, भट्टीयानी चौहट्टा व आसपास में।
सुबह 8 से दोपहर तीन बजे तक : मास्टर कॉलोनी, ब्रह्मपोल, दरगाह शरीÈ, चांदपोल, जाड़ा गणेश जी चौक, नागा नगरी, भींडर की हवेली, नगर परिषद कॉलोनी, लेक पीछोला होटल व आसपास में।
सुबह 9 से शाम 4 बजे तक : महावीर नगर, अणुव्रत नगर, कुंभा नगर, नेमीनाथ कॉलोनी, तुलसी नगर, ईएसआई रोड, टैगोर नगर, नोखा, आजाद नगर कच्ची बस्ती, भोपा मगरी व वाटर वक्र्स आदि क्षेत्रों में।
चार जून
सुबह नौ से चार बजे तक : 11 केवी सेक्टर-8 Èीडर से संबंधित जेपी नगर, केन नगर, लक्ष्मीनगर, दूधतलाई नोहरा, तिलक नगर, आवरीमाता कच्ची बस्ती, होली चौक, घाटी की मगरी एवं आसपास के क्षेत्र में। अशोकनगर Èीडर से संबंधित गांधीनगर, आरटीओ, रघुनाथपुरा तथा संबंधित क्षेत्र।
सुबह 10 से पांच बजे तक : मधुवन उपखंड से संबंधित बडग़ांव जीएसएस से निकलने वाले Èीडर, 11 केवी चिकलवास के रखरखाव के कारण मनोहरपुरा, बेसिक स्कूल, सत्यम शिवम सुंदरम, विनायक नगर, रामगिरि, छोटा बेदला, जोली नगर, अर्हम एनक्लेव, शुभ अपार्टमेंट, राजहंस अपार्टमेंट तथा संबंधित क्षेत्र।
10 से पांच बजे तक : 11 केवी लोयरा/लखावली Èीडर से संबंधित खालियों की भागल, लोयरा, राठौड़ों का गुड़ा, सियालपुरा, बीएसएÈ, पनवा, चौहानों का गुड़ा, डांगियों का गुड़ा, मानपुरा, लखावली, सोनारिया, नाल का भीलवाड़ा से संबंधित क्षेत्र में।
सुबह 10 से चार बजे तक : प्रतापनगर के 11 केवी कॉटन मिल Èीडर से संबंधित लाइनों के रखरखाव के तहत दक्षिण सुंदरवास, धरती धन, खेमपुरा, ढेबर कॉलोनी, ओस्तवाल नगर, ग्लास Èैक्ट्री, ज्योति कॉलोनी, शास्त्री नगर, सिक्योर मीटर, प्रतापनगर औद्योगिक क्षेत्र में।
सुबह नौ से पांच बजे तक : 33 केवी जीएसएस से संबंधित सालेरा कलां, नूरड़ा, घासा, खेमली, चंदेसरा Èीडर से जुड़े गांवों की बिजली लाइनों के रखरखाव के कारण नाहरमगरा, सालेरा कलां, खेमली, सांगवा, मांगथला, घासा, नामरी आदि गांवों में।
पांच जून
सुबह नौ से चार बजे तक : 11 केवी कॉलेज रोड Èीडर से संबंधित तिलक नगर, डोरे नगर, एकलिंगनाथ कॉलोनी, समता नगर, निर्मल विहार, ऋ षि नगर, एमडीएस स्कूल, आजाद नगर कच्ची बस्ती, स्वागत वाटिका रोड तथा संबंधित क्षेत्र में।
सुबह 10 से शाम पांच बजे तक : मधुवन जीएसएस से निकलने वाले Èीडर, 11 केवी मंडी के रखरखाव के कारण हजारेश्वर महादेव, पाश्र्वनाथ दवाघर, हॉस्पिटल रोड, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रेजिडेंसी परिसर, मधुवन, महावीर कॉम्पलेक्स, कृष्णा प्लाजा तथा संबंधित क्षेत्र में।
सुबह 10 से शाम पांच बजे तक : मादड़ी Èीडर से संबंधित आकाशवाणी यूआईटी, रोड नंबर-2 यूआईटी, ऑल इंडिया रेडियो, पुरोहितों की मादड़ी, काला भाटा एवं संबंधित क्षेत्रों में।
आज यहां हुई कटौती
सुबह आठ से तीन बजे तक : 11 केवी अंबामाता Èीडर से जुड़े ओटीसी मेन रोड, महाकाल चौराहा, अलकापुरी, रानी रोड, अंबा माता, आयुर्वेद चौराहा, कुराबड़ कोठी, एसपी व आईजी निवास, Èिल्टर हाउस व करीबी क्षेत्रों में।
सुबह नौ से चार बजे तक : गायत्रीनगर Èीडर से संबंधित ज्ञान नगर, सेक्टर-4, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सेक्टर -5, विद्यानगर, शांतिनगर, गायत्री नगर, सनराइज नर्सिंग कॉलेज, तुलसी नगर, बंजारा बस्ती, झामर कोटड़ा रोड, सेक्टर-6 एवं आसपास के क्षेत्र में।
सुबह नौ से शाम चार बजे : बोहरा गणेश जी, आयड़, यूनिवर्सिटी रोड, यूनिवर्सिटी कैंपस, कालका माता रोड, सुंदरवास, न्यू केशवनगर, सौ Èीट रोड, आनंद प्लाजा व करीबी इलाकों में।
कब कितना रहा तापमान
तीन जून अधिकतम ४१.४ न्यूनतम २७
चार जून अधिकतम ४२.५ न्यूनतम २७
पांच जून अधिकतम ४२.६ न्यूनतम २७.६
छह जून अधिकतम ४३.५ न्यूनतम २९
ऐसे रखें गर्मी का ख्याल
-बाहर जाते समय पानी पीकर घर से निकले।
-नींबू और चीनी का घोल समय-समय पर लेते रहे।
-घर से बाहर निकलते समय शरीर को कवर्ड रखें।
-तीन घंटे से अधिक रखा हुआ खाना न खाएं।
-बाजारों में बिक रहा कटा Èल व जूस न पिएं।
-तला हुआ और Èैटी खाना न खाएं।
-कच्चा प्याज, लहसुन, अदरक का यूज करें।
हो सकती हैं ये बीमारियां
-सडन डेथ, सन स्ट्रोक, हीथ स्ट्रोक, दस्त, डायरिया, एनीमिया, जांडिश, उल्टी, डिहाइड्रेशन, तेज बुखार, लू लगना, सिर दर्द जैसी कई बीमारियों हो सकती है।

कीडे वाले ट्यूमर का पीएमसीएच में हुआ सफल इलाज

mohanउदयपुर । सामाजिक सरोकारो के निर्भहन के लिए स्थापित भीलो का बेदला प्रतापपुरा स्थित पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पीटल में कीडे से होने वाले ट्यूमर की बीमारी का सफल ऑपरेशन किया गया।
इस ऑपरेशन को अंजाम दिया डॉ.के.सी.ब्यास, डॉ.गौरव वधावन, डॉ.बी.एम.सोनी डॉ.कमलेश,डॉ.प्रकाश,डॉ.अनिता,डॉ.विमला,अजय चौधरी,नरेन्द्र एवं नितेश की टीम ने।
संस्थान के डॉ. डी.पी.अग्रवाल ने बताया कि तेजाबास कुण्डा निवासी 24 बर्षीय मोहनलाल चौहान पिछले कई महिनो से पेट दर्द को लेकर परेशान था। मोहनलाल ने इस बीमारी को कई जगह दिखाया लेकिन मॅहगे इलाज के चलते वह अपना इलाज कराने में असहाय थे। जब मोहनलाल के परिजनो ने इसे पीएमसीएच में डॉ.के.सी.ब्यास को दिखाया तो जॉच करने पर मोहनलाल के पेट में गॉठे पायी गई। डॉ.ब्यास ने जब इस मरीज का ऑपरेशन किया तो मोहन के पेट में ऐसी कोई भी जगह नही थी जहॉ पर अण्डे न हो। दो बडी सिष्ट लिवर में थी जिनमें से बहुत सारे छोटे-छोटे अण्डो के साथ-साथ लगभग 6 लीटर पानी भरा हुआ था। अलग-अलग रूप एवं आकार की सिष्ट जिसे हाइडर््ोसिस्ट कहते हैं आतो के बीच,पेशाब की थैली,तिल्ली के पास,पित्त की थैली के पास आदि जगहो पर थी। डॉ.ब्यास ने बताया कि एक दो हाइडर््ोसिस्ट का लीवर अथवा फेफडे में होना अक्सर देखा जाता है लेकिन जिस प्रकार से 40 से 45 हाइडर््ोसिस्ट पूरे पेट में समाई हुई थी मानो ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे इस बालक में कीडे के अण्डे बार बार प्रवेश करके एक ट्यूमर का रूप धारण किए हो। मोहनलाल चौहान अब पूरी तरह से स्वथ्य हैं।
डॉ. गौरव वधावन ने बताया कि शरीर के अन्दर पाए जाने वाली हाइडर््ोसिस्ट एक बिशेष कीडे का अण्डा होता हैं जिसके उपर कवच चढा होता हैं और यह अण्डा शरीर के जिस भी अंग में पहुॅचता है वहॉ धीरे-धीरे आकार में बडा होना शुरू हो जाता हैं। इस सिष्ट का सबसे प्रिय निवास स्थान या तो फेफडा होता है या फिर लिवर। अण्डो को जन्म देने वाले वाले कीडे का नाम इकाइनोकोकस ग्रनुलोसस होता है और यह मनुष्य के शरीर में न होके कुत्ते,लोमडी,गाय,भैस,बकरी,भेड,घोडा आदि के ऑतो में रहता हैं। यह बीमारी इन जानवरो के ज्यादा सम्पर्क में रहने एवं साफ सफाई न रखने के कारण फैलती हैं।

एक वर्ष के सफलतापूर्वक कार्यकाल पर कुलपति का किया सम्मान

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उदयपुर। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत के कुलपति के रूप में सफलतापूर्वक कार्य करने पर राजस्थान विद्यापीठ एवं कुल कर्मचारी संघ द्वारा हार्दिक अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया किया। संघ के अध्यक्ष प्रकाष धाकड़ ने बताया कि अभिनन्दन समारोह विष्वविद्यालय के प्रषासनिक भवन के सभागार में दोपहर दो बजे समारोह कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत को माला,एवं स्मृति चिन्ह देकर अभिनन्दन किया गया। प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि कार्यकर्ता संस्था एवं देष हित में कार्य करें तभी संस्था आगे बढ़ सकती है। उन्हेांने कहा कि आने वाली चुनौती को हम सभी को मिल कर करना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओें की समस्त वाजिब मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उनका समाधान किया जायेगा। संघ के महामंत्री आषीष एस. नन्दवाना ने बताया कि इस अवसर पर सहायक कुल सचिव सुभाष बोहरा, डॉ. चन्द्र शेखर द्विवेदी, रियाज हुसैन, सहायक आचार्य डॉ. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. दिलिप सिंह, उपाध्यक्ष गणेषलाल डांगी, आरीफ मोहम्मद, रामलाल, नजमुद्दीन, धर्मनारायण सनाढ्य, प्रकाष जौदान, डॉ. संजीव राजपुरोति, निजी सचिव कृष्णकांत नाहर, डॉ. हरीष शर्मा, घनष्याम सिंह भीण्डर,डॉ. धीरज जोषी, डॉ. बबीता रासीद, डॉ. एस.बी. नागर सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पर्यावरण ही स्वास्थ्य का मूल मंत्र

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उदयपुर । राजकीय आदर्ष आयुर्वेद औशधालय सिंधी बाजार, फूटा दरवाजा, उदयपुर में विश्व पर्यावरण दिवस पर अरावली क्षेत्र में पाई जाने वाली वनौषधियों संबंधित विशाल प्रदर्शनी औषधालय के योग कक्ष मंे लगाई गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. हंसलता परमार एवं डॉ. रमेशचन्द्र भूतिया द्वारा किया गया।

आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. औदीच्य ने बताया कि पर्यावरण ही स्वास्थ्य का मूल मंत्र है। यदि पर्यावरण ही नष्ट हो जायेगा तो मनुष्य ही नहीं समस्त प्राणी जगत का जीना दुलर्भ हो जायेगा एवं आयुर्वेद की समस्त औषधि बिना वनस्पति के बनना संभव नही है यदि वनौषधियां ही नही रही तो वह दिन दूर नही जब मानव का स्वास्थ्य रक्षण करने हेतु वनौषधियों की कमी हो जायेगी एवं मानव का अस्तित्व संकट में आ जायेगा। अतः समस्त आयुर्वेदविज्ञ एवं आम जनता से आग्रह है कि अधिक से अधिक वनौषधि वृक्ष लगाकर पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ स्वयं की रक्षा भी करें।

प्रदर्शनी में राष्ट्रीय कलाविज्ञ रविन्द्र दायमा, प्रदीप आमेटा, विकास औदिच्य, रूकमणी कलासुआ, अमृतलाल परमार, इन्दिरा डामोर, रूकमणी परमार, गजेन्द्र आमेटा एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। यह प्रदर्शनी औषधालय समय में आम जनता के लिए खुली रहेगी।

हिन्दुस्तानजिंक के प्रधानकार्यालय मेंविश्वपर्यावरण दिवस मनाया

कंपनी की सभीईकाइयोंमेंविष्वपर्यावरणदिवस के अवसरपरपौधारोपणकिया
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उदयपुर । विश्वपर्यावरणदिवस के उपलक्ष मेंहिन्दुस्तान जिंक के प्रधानकार्यालय एवं कंपनी की सभी इकाईयों में पर्यावरण के प्रतिजागरूकता हेतु विश्व पर्यावरण दिवस आयोजित किया गया।

पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज हिन्दुस्तान जिंक के प्रधानकार्यालय में कंपनी के उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल, मुख्य वित्तीय अधिकारी अमिताभ गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष-परियोजना नवीन सिघल,उपाध्यक्ष-एच.आर. श्रीबी.के. मोहापात्र तथा कंपनी के कर्मचारियों ने पौधारोपण किया। इस अवसर पर कंपनी के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर दुग्गल, श्रीगुप्ता, सिंघल तथा हेड-पर्यावरण स्वप्न कुमार ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने सारगर्भित विचार व्यक्तकिये । सभी ने पर्यावरण सुरक्षा पर ध्यान देने का आव्हान किया तथा जागरूकता की शपथ भी दिलाई।

वक्ताओं ने पर्यावरण के सम्बन्ध में विदेश का अपना अनुभव बताते हुए विशेष रूप सेप्लास्टीक कचरें को पर्यावरण के लिए एक बडा खतरा बताते हुए सभी उपस्थित गणों को निजी जीवन में भी इसके सही निस्तारण करने के बारेमे ध्यान आकर्षित किया। पर्यावरण को आने वाली पीढ़ी के लिए संरक्षित रखने हेतु सभी से अपने स्तर पर यथा संभव प्रयास करने का आवाहन किया।पर्यावरण के महत्व व प्रभावोंपर संक्षेप मे प्रकाश डालते हुए सभी से पोधारोपण का अनुरोध किया । इस अवसर पर कंपनी कर्मचारीयां द्वारासामुहिक रूप से पौधारोपण भी किया गया । समारोह में पक्षियों के पीने के पानी हेतू परिण्डो का वितरण किया गया ।

Gandhigiri of Young Munna Bhais against Child Labour in Society

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Vedanta Khushi - Gandhigiri by Young Munna Bhais - PrayagIt was as usual morning hours when people leave for the office. While crossing the parking area Dinesh saw a small child of about 10 years cleaning a car. The child had a bucket and a small towel and he was cleaning the tyres of the car. Everyone passed by this boy, ignoring the act, but Dinesh could not stand. He went to the boy, asked his name, but the boy did not reply, as if he was trained not to respond to any query. Dinesh again asked his age, and the boy again did not reply. Finally, Dinesh asked whose car was he cleaning, and after listening this the boy took the bucket and ran in a hurry to the stairs, with tears in his eyes.

Dinesh is a member of “Khushi” and thought of not leaving this matter here. He went to his office and called up his son, who is of similar age, and who informed him that this boy is new and daily comes and stands in a corner when they play football. Many a times they have asked him to play but he refuses. If you insist he runs away and starts crying. Dinesh son also informed that his friends have seen this boy picking heavy house-hold groceries, sweeping the floor and doing various other work of the house.

The matter was quite clear. The boy has been engaged as a child labour and has been strictly told not to talk to anyone in the society and if people insist just come back to the house.

Dinesh had two thoughts, one, as it was a society matter and complaining against the gentleman, who had employed this child as labour, could lead to an internal society issues, and secondly, allowing such an act to continue right below the nose was also not acceptable. Thus a way was to be found out to sort the issue in such a manner that it does not hamper the relations and also resolves the issue.

Here came the gang of Young Munna Bhais in hand. The young children of society got together and decided to politely persuade this gentleman to free the boy from child labour. It was decided to make a beautiful card every day with a message .. “Please uncle, let the child play with us. His age is to play and go to school and not to work.. thank you”… and hook the card on his door.

The first day, the message was read and the card was mercilessly thrown away. Second day again the card was flown like a helicopter in the corridor of the society. But these children had decided to continue with their efforts. 15 days passed and no one was listening them. Meanwhile this child had stopped coming even down and was hardly seen. On the 16th day, when a member of this Young Munna Bhais gang had come quietly to attach the card, he found one greeting card was already placed with a bunch of 12 chocolates….the card read “I have told Raju that he can play with you and have also got him admitted in the nearby government school. I shall be gladly looking after his education, uniform and other expenses….. Young Munna Bhais of my society, I Am Sorry”…. The children were thrilled, more for the greeting card and even more for the chocolates.

Next day, they all lined up to see Raju coming from school.. Guess what.. right at 2 PM Raju came holding finger of his father, with a smile on his face….. just to say ‘thank you and good bye’.

Munna Bhais of Dinesh’s society deserve a salute for their incredible thought.