कैमरे में कैद हुआ रिश्वतखोर एएसआई

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दहेज यातना के मामले में सुलह कराने के लिए मांगी पांच हजार की रिश्वत
मनीष गौड़
उदयपुर। शहर के अंबामाता थाने का एएसआई Èतहसिंह क्रमददगारञ्ज के स्टिंग ऑपरेशन में रिश्वत की मांग करते हुए कैमरे में कैद हो गया है। इस एएसआई ने दहेज यातना के मामले में दोनों परिवारों में सुलह कराने के लिए अंबामाता थाने में पैरवी करने पहुंचे वकील के समक्ष यह डिमांड रखी। हालांकि यह एएसआई जब Èरियादी थाने में गया, तभी रिपोर्ट दर्ज करने के नाम पर एक हजार रुपए पहले ही ले चुका था। इस मामले में एसीबी ने भी एएसआई के लिए जाल बिछाया था, लेकिन यह चालाक एएसआई ट्रेप से बच गया।
सूत्रों के अनुसार सज्जननगर रोड निवासी मोहन पुत्र भैरूलाल भील ने अंबामाता थाने में अप्रैल माह में रिपोर्ट दी, जिसमेें बताया गया कि उसकी बेटी सीमा की शादी पड़ोसी युवक दिनेश से करवाई गई थी। सीमा के नौ माह की बच्ची है। शादी के बाद से ससुराल में सीमा को दहेज लाने के लिए यातनाएं दी जाने लगी। छह माह पूर्व सीमा ससुराल छोड़कर पीहर आ गई। इस बात को लेकर ससुराल व पीहर पक्ष में झगड़ा हुआ था, लेकिन समाज की बैठक में समझौता हो गया। उसके बाद सीमा पीहर से ससुराल चली गई, लेकिन Èिर भी सीमा पर ससुराल में जुल्म जारी रहे। परेशान सीमा Èिर से पीहर आ गई। अंबामाता थाने में यह रिपोर्ट दर्ज करके अनुसंधान एएसआई Èतहसिंह को सौंपा गया। रिपोर्ट लेते समय ही Èतहसिंह ने एक हजार रुपए सीमा के पिता मोहन से ले लिए। दो दिन बाद Èरियादी पक्ष को बुलाया गया। बयान लिए गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस पर Èरियादी मोहन थाने गया और दोनों पक्षों में सुलह कराने की गुहार की। एएसआई Èतहसिंह ने सुलह कराने की एवज में पांच हजार रुपए की मांग की। इस दौरान Èतहसिंह पांच हजार रुपए की डिमांड करते हुए कैमरे में कैद हो गया।
एसीबी के ट्रेप से बच गया एएसआई : इस मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में भी की गई। एसीबी ने जाल भी बिछाया, लेकिन इस चालाक एएसआई को एसीबी द्वारा बिछाए गए जाल की भनक लग गई और एसीबी का ट्रेप प्लान विÈल हो गया।

॥ यह मेरे खिलाÈ साजिश है। मैंने किसी से भी पांच हजार रिश्वत की डिमांड नहीं की है। वीडियो में मैं दिख रहा हूं, लेकिन यह गलत है। -Èतहसिंह, एएसआई।
॥ ऐसी कोई शिकायत मेरे पास नहीं आई है। Èरियादी ऐसा कोई वीडियो मेरे सामने पेश करेगा, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। -अजयपाल लांबा, एसपी उदयपुर।

कैमरे में रिकार्ड
हुई बातचीत
॥ मददगार : साहब मोहन भील वाले मामले में क्या करना है?
एएसआई : मैं क्या बताऊं।
॥ मददगार : आप ही बता दो, जो भी हो। मामला जल्दी से जल्दी निबटाना है।
एएसआई : कांस्टेबल मोहन से बात कर लेना, वो जो बताए, वो कर देना।
॥ मददगार : मुझे आप पर भरोसा है। आप ही बता दो। क्या करना है?
एएसआई : लेन-देन की जो भी बात है, वो कांस्टेबल मोहन ही देखता है। उससे ही बात कर लेना।
॥ मददगार : आप ही बता दो। आपको क्या देना है?
एएसआई : पांच हजार रुपए दे दो। आपका काम हो जाएगा।
॥ मददगार : समझौता तो हो जाएगा?
एएसआई : हम तो ऐसे आदमी है कि समझौता हो जाए, उसके बाद रुपया देना।

दी उदयपुर महिला अरबन बैंक की बड़ी धोखाधाड़ी उजागर

दी उदयपुर महिला अरबन कॉपरेटिव बैंक पर धोखाधडी का मुकदमा दर्ज
न्यायालय के नाम पर अवैध वसूली का खेल
16 लाख के लोन के एवज में कूट रचित दस्तावेजों से जब्त कर ली पांच करोड की प्रापर्टी
न्यायालय वसूली अधिकारी के नाम पर जारी नोटिस, फर्जी सील बनाई

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उदयपुर। भविष्य क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी द्वारा सैकडों लोगों के साथ की गई ठगी का मामला अभी शांत हुआ नहीं कि दी उदयपुर महिला अरबन कॉपरेटिव बैंक द्वारा लोन की रकम वसूली के लिए Èर्जी दस्तावेजों की मदद से लोन लेने वाले ग्राहक की करोडों की संपत्ति को अवैध रूप से जब्त करने का मामला प्रकाश में आया है।
मजे की बात यह है कि 14 साल पहले बैंक द्वारा 16 लाख रुपए लोन के रूप में दिए गए थे, जिन्हें ब्याज समेत एक करोड़ 49 लाख 51 हजार 164 रुपए बताकर बैंक ने Èर्जी दस्तावेजों के जरिए ग्राहक की पांच करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली है। बैंक की अध्यक्ष सविता अजमेरा, सीईओ एसएल अलावत, सीनियर मैनेजर मीनाक्षी नागर, प्राधिकृत अधिकारी एसके चित्तौड़ा एवं एसएनजी एनÈोर्समेंट एजेंसी के खिलाÈ हिरणमगरी सेक्टर 14 निवासी मनोज कुमार अग्रवाल ने एसपी को शिकायत की एवं न्यायालय में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120 ए, &84, 448, 147, 504 व 506 के तहत इस्तगासा दायर किया, जिसे दर्ज कर गोवर्धनविलास पुलिस थाने में जांच की जा रही है।
यह है मामला : Èरियादी मनोज अग्रवाल ने बताया कि हिरणमगरी सेक्टर 14 स्थित करधर कॉम्पलैक्स का स्वामित्व उनकी पत्नी राजकुमारी अग्रवाल की डायरेक्टरशिप वाली कंपनी स्वास्तिक बिल्ड मार्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से है और कभी इस संपत्ति को किसी भी वित्तीय संस्थान से ना तो मोर्टगेज कर लोन लिया गया और ना ही कभी कहीं गिरवी रखी है, लेकिन दी उदयपुर महिला अरबन कॉपरेटिव बैंक ने 14 साल पूर्व राजकुमारी अग्रवाल द्वारा हाउसिंग लोन के पेटे लिए गए 16 लाख रुपए की वसूली के लिए कागजातों में भारी हेराÈेरी, मोर्टगेज रजिस्टर में कांट-छांटकर व न्यायालय वसूली अधिकारी के नाम के Èर्जी लेटरहेड व सील बनाकर अवैध वसूली को कानूनी जामा पहनाने का प्रयास किया गया। मनोज अग्रवाल ने बताया कि बैंक ने डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल में भी साल 2006 में उक्त Èर्जी दस्तावेजों के माध्यम से वसूली का प्रयास किया, लेकिन प्रार्थीगण द्वारा उक्त कूटरचित दस्तावेजों की शिकायत करने एवं उन्हें जब्त करने की प्रार्थना करने पर बैंक ने उक्त केस को ही वापस ले लिया। इस पर रिकवरी टिब्यूनल ने बैंक पर जुर्माना लगाया एवं Èर्जी दस्तावेजों की सत्यापित प्रतिलिपियां प्रमाण के तौर पर सुरक्षित रखवाने का आदेश दिया। आठ साल की चुप्पी के बाद बैंक ने पुन: अवैध वसूली का प्रयास करते हुए एडवोकेट सत्यनारायण गुप्ता की एनÈोर्समेंट एजेंसी के माध्यम से प्रॉपर्टी में अनाधिकृत प्रवेशकर जब्ती का नोटिस चस्पा कर दिया। बाद में जब्त करने की सूचना सार्वजनिक कर दी। अग्रवाल द्वारा उक्त एजेंसी के खिलाÈ भी भूपालपुरा थाने एवं बार काउंसिल में शिकायत दर्ज करवाई है। गौरतलब है कि अजमेरा बीते 19 सालों से बैंक की चेयरपर्सन पद पर आसीन हैं एवं पूर्व में भी इनकी कार्यशैली पर सदस्य मंडल द्वारा विरोध किया गया है।
॥बैंक अपना काम कर रही है। बैंक का सारा काम हमारे सीईओ देखते हैं। वे ही इसके बारे में जानकारी देंगे।
-सविता अजमेरा, चेयरपर्सन,
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॥मामला जांच में हैं। Èरियादी के बयान दर्ज कर लिए हैं। बैंक वालों के बयान बाकी हैं, लेकिन दो दिन से मीटिंग की व्यस्तता बताने की वजह से उनका पक्ष नहीं आया है।
-गोपालसिंह, अनुसंधान अधिकारी, गोवर्धनविलास

रंजिश में युवक की हत्या

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-दो युवक गंभीर, एमबी हॉस्पीटल में भर्ती
उदयपुर। देबारी में पुरानी रंजिश के चलते आज सुबह १०-१२ हमलावरों ने तीन युवकों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार देबारी स्थित नाइयों का गुड़ा निवासी मांगीलाल रेबारी अपने छोटे भाई रामलाल व चचेरा भाई बद्रीलाल के साथ आज सुबह उदयपुर की तरÈ आ रहे थे। मांगीलाल और रामलाल एक बाइक पर थे, जबकि बद्रीलाल दूसरी बाइक पर था। बीच रास्ते में आला की ढाणी के पास ही नाइयों का गुड़ा निवासी १०-१२ हमलावर तलवारें, धारिये और लाठियां लेकर आए और तीनों पर हमला कर दिया। इस दौरान मांगीलाल की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि रामलाल और बद्रीलाल बूरी तरह घायल हो गए, जिन्हें अमेरिकन अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उनकी हालतचिंता जनक बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार रिपोर्ट में दर्ज 10 से अधिक लोग नामजद है, जिनमें लालू, प्रभु, शंभू, नत्था, मुकेश, गौतम शंकर, मदन हजारी, उदयलाल, रामा, गोविंद डीजल, अर्जुन संग्राम, हीरा व अन्य शामिल है। सभी आरोपी नाइयों का गुड़ा के रहने वाले हैं। इनकी मांगीलाल से जमीन के मामले को लेकर पुरानी रंजिश चली आ रही थी। मौके पर पुलिस अधिकारी पहुंचकर जांच कर रहे हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है। मांगीलाल का शव पोस्टमार्टम के लिए एमबी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया है।

मासूम की मौत का संदिग्ध मामला

-सेक्टर चार में टैंक में गिरकर २२ दिन की बच्ची की मौत ने लिया नया मोड़।
baby-crying-clip-artउदयपुर। हिरणमगरी क्षेत्र के सेक्टर चार स्थित ज्ञाननगर में शुक्रवार शाम को एक मासूम की पानी के टैंक में गिरने से हुई मौत को पुलिस संदिग्ध मान रही है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले की तह में जाने का प्रयास कर रही है।
हिरणमगरी थानाधिकारी वृद्धिचंद गुर्जर ने बताया कि ज्ञाननगर निवासी Èतहसिंह ने घर पर ही मिनरल वाटर बनाने का प्लांट लगा रखा है। शुक्रवार शाम को परिवार के सभी लोगों समाज में किसी समारोह में भाग लेने गए थे। घर पर Èतहङ्क्षसह की पत्नी व एक नौकरानी थी। शाम को इस बच्ची को लेकर मां मिनरल वाटर के लिए बना रखे टैंक को देखने के लिए गई थी। टैंक को देखने के दौरान उसकी 22 दिन की मासूम बेटी हाथ से Èिसलकर टैंक में जा गिरी। इस पर उसने शोर मचाया, लेकिन बच्ची को बाहर निकाला जाता। उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है, लेकिन पुलिस को परिजनों के बयान और मौका-ए-हालात देखने के बाद मामला संदिग्ध प्रतित हो रहा है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

प्रताप की जय-जयकार से गूंजा शहर

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उदयपुर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 474वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। शहरभर में जश्न का माहौल है। विभिन्न प्रोग्राम और गोष्ठियां आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर आज सुबह विशाल शोभायात्रा शहरभर में निकाली गई, जिसका रास्तेभर सभी समाजों और संगठनों द्वारा स्वागत किया गया। आज सुबह सबसे पहले लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ ने मोतीमगरी पर महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद विभिन्न सामाजिक, राजनैतिक संगठनों के पदाधिकारियों और शहरवासियों ने महाराणा प्रताप का की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की।

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महाराणा प्रताप की 474वीं जयंती पर आज चेतक चौराहे से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के हाथीपोल, घंटाघर, बड़ाबाजार, अस्थल मंदिर, सूरजपोल चौराहा, बापू बाजार, बैक तिराहा व देहलीगेट होते हुए नगर निगम प्रांगण पहुंची, जहां सभागार में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। शोभायात्रा से पूर्व मोतीमगरी पर आज सुबह 5.&0 पर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनकी पत्नी निवृति कुमारी तथा परिवार के अन्य सदस्य मोतीमगरी पहुंचे, जहां प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा के समक्ष वैदिक मंत्रो’चार के साथ हवन किया गया। हवन और पुष्पांजलि कार्यक्रम करीब डेड़ घंटे तक चला। इस दौरान सेना, बोहरा समाज एवं पुलिस बैंड मधुर स्वर लहरियां बजती रही। इसके पश्चात क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी व अन्य लोगों ने भी पुष्पंजलि अर्पित की। नवनिर्वाचित भाजपा सांसद अर्जुन मीणा, ग्रामीण विधायक Èूलसिंह मीणा, महापौर रजनी डांगी आदि ने भी महाराणा प्रताप की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की।

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सुबह आठ बाजे मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा चेतक से शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बैंड की स्वर लहरियों के साथ केसरिया पगड़ी धारण किए लोग चल रहे थे, आगे ऊंट पर सवार क्षत्रीय समाज के गणमान्य लोग बैठे हुए थे। रास्ते में बैंड की धुन पर घुड़ सवारों का नृत्य, करतब करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में महाराणा प्रताप की आदमकद कांसे की प्रतिमा जीप में स्थापित की गई थी, जिस पर रास्तेभर शहरवासी पुष्पांजलि अर्पित करते रहे। राजपूत समाज सहित अन्य समाजों के करीब 400 युवा हाथों में केसरिया झंडा उठाए दुपहिया वाहन पर सवार होकर महाराणा प्रताप के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा का महाराणा प्रताप गाइड एसोसिएशन, सेन समाज, लायंस क्लब उदयपुर महाराणा, वीर मित्र मंडल, अग्रवाल वैष्णव समाज, सकल राजपूत महासभा मेवाड़, सोनी समाज, मुस्लिम महासभा राजस्थान, झुलेलाल सेवा समिति, मारू कुमावत समाज, भारत विकास परिषद मेवाड़, राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय, अखिल भारतीय राजपूत महासभा मेवाड़, भटनागर समाज, पीपा क्षत्रिय समाज, तैलिक साहू समाज, खटीक समाज, बजरंग सेना मेवाड़, वसीता गुर्जर समाज, क्षत्रिय जीनगर समाज, धर्मोत्सव समिति, अन्नपूर्णा माताजी सेवा संस्थान, भाजपा आर्टिक प्रकोष्ठ आदि कई समाजों व संगठनों ने स्वागत किया और कई जगह जलपान की व्यवस्था भी की गई। शोभायात्रा में जनप्रतिनिधि भी रास्तेभर चलते रहे, जिसमें Èूलसिंह मीणा, सांसद अर्जुन मीणा, महापौर रजनी डांगी, दिनेश भट्ट, चंचल अग्रवाल, रवींद्र श्रीमाली आदि कई नेता व भाजपा पदाधिकारी शामिल थे। पीछे खुली जीप में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के गणमान्य लोग सवार थे। टाउनहॉल पर शोभायात्रा का समापन हुआ, जहां नगर निगम के पार्षदों ने स्वागत किया और सभागार में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के सभी पदाधिकारी मौजूद थे। समारोह में बतौर अतिथि सांसद अर्जुन मीणा, ग्रामीण विधायक Èूलसिंह मीणा ने भाग लिया।

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प्रताप को गार्ड ऑÈ ऑनर : शोभायात्रा जब सूरजपोल पहुंची, तो वहां पुलिस विभाग की और से महाराणा प्रताप का जोरदार स्वागत किया गया, पुलिस बैंड के साथ महाराणा प्रताप को गार्ड ऑÈ ऑनर दिया गया। पुलिस विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश भारद्वाज ने सेल्यूट कर माल्यार्पण किया।
मोतीमगरी पर प्रवेश निशुल्क : महाराणा प्रताप स्मारक समिति मोतीमगरी के सचिव युद्धवीर सिंह शक्तावत ने बताया कि समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय समारोह के दौरान आज से 2 जून तक सुबह सात से शाम सात बजे तक मोतीमगरी में आने वाले पर्यटकों के लिए प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। दो जून को प्रताप की मूर्ति के समक्ष समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इसी दिन सड़क सुरक्षा कार्निवल के तहत विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग, मूकाभिनय, लोकनृत्य एवं कठपुतली प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

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पुलिसकर्मियों पर बदमाशों का हमला

एक कांस्टेबल की अंगुली चबाई, दूसरे का सिर Èोड़ा

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कपासन। रात्रि गश्त करते दो पुलिसकर्मियों पर बाइक सवार चार संदिग्ध युवकों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने पीछा कर रहे पुलिसकर्मियों में से एक सिपाही की अंगुली चबा ली तथा दूसरे का सिर Èोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार कांस्टेबल राजेंद्र कुमार मीणा व जितेंद्रकुमार गुर्जर गुरुवार रात सदर बाजार में गश्त कर रहे थे। इस दौरान रात लगभग ढाई बजे पुराना बस स्टैंड की तरÈ से एक बाइक आती दिखाई दी, जिसे दोनों कांस्टेबल ने रोकना चाहा। बाइक पर चार जने सवार थे, जो रोकने के बजाय बाइक की स्पीड बढ़ाकर भागे। मामला संदिग्ध लगने पर दोनों कांस्टेबलों ने बाइक से उनका पीछा किया। ये संदिग्ध तालाब की पाल पर होते हुए भूपालखेड़ा की ओर निकल गए। कांस्टेबल भी पीछा करते रहे। भूपालखेड़ा के पास संदिग्ध युवकों ने गाड़ी से कोई थैला अथवा वस्तु झाडिय़ों में Èेंका। कुछ आगे जाकर दोनों कांस्टेबलों ने उनको रोक लिया।
कांस्टेबल जितेंद्र ने उनकी बाइक की चाबी निकाल ली तथा पूछताछ शुरू की। कांस्टेबल राजेंद्र मीणा संदिग्धों द्वारा Èेंकी गई वस्तु को झाडिय़ों में ढूंढने लगा। इस दौरान संदिग्ध चारों युवकों ने मौका पाकर कांस्टेबल जितेंद्र गुर्जर से हाथापाई शुरू कर दी तथा एक ने उसकी अंगुली मुंह में चबा ली। बदमाशों ने जितेंद्र के हाथ से लठ भी छीन लिया। हाथापाई व मारपीट देख झाडिय़ों में तलाशी कर रहा कांस्टेबल राजेंद्र दौड़कर वहां पहुंचा, तो चारों बदमाशों ने उसके सिर पर भी लठ से वार किया, जिससे वह घायल हो गया। बदमाश दोनों के साथ मारपीट करते हुए भाग गए। घायल कांस्टेबल राजेंद्र व जितेंद्र ने थाने में सूचना दी। पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा तथा दोनों घायल कांस्टेबलों को लेकर अस्पताल पहुंचा। डीएसपी रामस्वरूप मीणा व थाना प्रभारी करणसिंह भी अस्पताल पहुंचे। नाकाबंदी करवाते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने चार अज्ञात बदमाशों के खिलाÈ मामला दर्ज किया।

बॉलीवुड की एक और अभिनेत्री को हुआ क्रिकेटर से प्यार

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मुंबई : बॉलीवुड अभिनेत्री श्रुति हसन को इंडस्ट्री में आए हुए ज्यादा वक्त नहीं हुआ कि वो अपने पर्सनल रिलेशन के कारण चर्चा में आ गई हैं। जी हां सुनने में आया है कि किक्रेटर सुरेश रैना और श्रुति की दोस्ती अब अफेयर में बदल गई है। हाल ही में श्रुति हासन आईपीएल-7 में रैना की टीम चेन्नई सुपर किंग्स के लिए चीयर करते हुए देखी गई थी।

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सूत्रों के मुताबिक रैना श्रुति हासन को अपने लिए लकी मानते हैं। अपने बिजी शेड्यूल के बावजूद भी दोनों एक दूसरे से मिलने के लिए वक्त निकाल लेते हैं। श्रुति और रैना अपने रिलेशन के लिए काफी सीरियस हैं
बता दें कि सिद्धार्थ से ब्रेक अप के एक साल बाद एक कॉमन फ्रेंड ने श्रुति की रैना से मुलाकात करवाई थी । यह मुलाकात पिछले साल एक पार्टी के दौरान हुई थी। जिसके बाद दोनों की दोस्ती बड़ गई।
फिलहाल दोनों अपने इस रिश्ते को निजी रखना चाहते हैं ,लेकिन श्रुति और रैना की बढ़ती नजदीकियां इस बात को सच साबित कर रही है।

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‘…तो वो मेरा एनकाउंटर कर देते’…कौन देगा उन 11 साल का हिसाब…. ?

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सो. – बीबीसी हिंदी

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गुजरात की अहमदाबाद सेंट्रल जेल के बाहर उस दिन मेला लगा हुआ था. मुफ्ती अब्दुल क़यूम को जेल से दरीपुर तक
स्थित अपने घर के दस किलोमीटर के सफ़र में तीन घंटे लग गए.
11 साल जेल में रहे क़यूम को अक्षरधाम मंदिर हमले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी. अब उन्हें बेकसूर क़रार दिया गया है.क़यूम के दोस्त सलाम शेख कहते हैं, ”उनकी रिहाई के दिन अहमदाबाद के पुराने शहर बिस्तर में सैकड़ों किलो मिठाई बंटी.”
15 अगस्त 2003 यानी आज़ादी के 56वें वर्ष के जश्न के दो दिनों बाद ही पुलिस क़यूम को पकड़ ले गई । क़यूम अहमदाबाद के दरीपुर इलाके की मस्जिद में मुफ्ती थे. उस आजादी के दिन मस्जिद में उन्होंने तकरीर दी थी, ”आज़ाद भारत में मुसलमानों का उतना ही हक है, जितना और किसी का.”

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‘इनकार पर अत्याचार और बढ़ गया’

क़यूम कहते हैं, ”मुझे 17 अगस्त 2003 को क्राइम ब्रांच में ले जाया गया. मुझे हरेन पंड्या मर्डर और फिर अक्षरधाम मंदिर हमले के बारे में बताया गया.”
वे कहते हैं, ”मुझ पर वर्ष 2002 दंगों का बदला लेने के लिए अहमदाबाद में फिदायीन को शरण देने और हैदराबाद के कुछ लोगों के साथ मिलकर हमले के लिए जगह तलाशने का आरोप लगाया गया.”
क़यूम कहते हैं, ”मुझसे गुनाह क़बूल करने को कहा गया. मेरी उंगलियों में करंट लगाया गया. बेड़ियों से बांधकर डंडों से पिटाई की गई.”
जब क़यूम ने गुनाह क़बूल करने से इनकार कर दिया. तब अत्याचार और बढ़ गया. ”रोज मुझे मारा जाता. मैं बेहोश होता, उठता और फिर बेहोश हो जाता.”
वो बताते हैं, ”फिर एक दिन मुझे रात में कहीं ले जाया गया. देखकर लग रहा था कि ये अहमदाबाद एयरपोर्ट के पीछे का हिस्सा है.”
क़यूम ने बताया, ”वहां पहुंचकर कहा गया, ये कोतरपुर है. तेरे लतीफ को हमने यहीं मारा है. उन्होंने मेरे आसपास पांच गोलियां चलाईं. मुझे लगा कि अगर मैं नहीं माना तो यहीं एनकाउंटर हो जाएगा.” अब्दुल लतीफ अहमदाबाद का एक कुख्यात गैंगस्टर था. जिसका एनकाउंटर यहीं हुआ था. कोतरपुर वही जगह है, जहां 2004 में इशरत जहां और उसके तीन दोस्तों को फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मार गिराया गया था.
वह कहते हैं, “हमारी नाराज़गी सिस्टम से हो सकती है लेकिन हम भी मुल्क के उतने ही हैं जितने हिन्दू. कौम के मुट्ठीभर लोगों की ग़लत हरकत के लिए सबको जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते.”

’11 साल का हिसाब मांगेंगे’
जेल में क़यूम के 11 साल बहुत ख़राब बीते. बकौल क़यूम, “जेल में कई बार आत्महत्या करने का मन किया. पर उम्मीद जग जाती थी कि सुप्रीम कोर्ट में तो न्याय मिलेगा ही. ”
वो कहते हैं, “पूरे केस में सबूत के तौर पर क्राइम ब्रांच ने केवल दो चिट्ठियां पेश कीं. जो उनके अनुसार मैने लिखकर फिदायीन को दी थीं, जिन्होंने क्लिक करें अक्षरधाम पर हमला किया. जब सुप्रीम कोर्ट ने फिदायीन की पैंट और पोस्ट मार्टम रिपोर्ट देखी तो पूछा कि इनकी लाशें खून और मिट्टी में लथपथ हैं, पैर में इतनी गोलियां लगीं हैं और चिट्ठियों पर खून का एक कतरा तक नहीं, ऐसा क्यों?”
वह कहते हैं,” क़ानून ने हमें बेगुनाह साबित कर दिया लेकिन उन 11 साल का हिसाब कौन देगा. जब मुझे फांसी की सजा हुई तो अख़बार में बड़े बड़े फोटो छपे जब रिहा हुआ तो कुछ ही अख़बारों और चैनलों ने ख़बर दिखाई.” क़यूम कहते हैं, “अब हम सोच रहे हैं कि जिन लोगों की वजह से हम 11 साल जेल में रहे उन पर मुक़दमा करें और हिसाब मांगें.”

चलती बस बनी पांच लोगों की चिता

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वर्धा. धुले से नागपुर की ओर आ रही एसी यात्री बस में आग लगने से गुरुवार को पांच लोग जिंदा जल गए। जबकि 14 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसा तड़के पांच बजे तलेगांव-श्यामजीपंत गांव के पास हुआ। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। बाबा ट्रेवल्स की नागपुर की ओर आ रही बस में तलेगांव स्थित जैन मंदिर के पास आग लगी। आग लगने का पता चलते ही ड्राइवर ने बस रोक दी।
इसके बाद यात्री खुद को बचाने के लिए दरवाजे, खिड़कियों से बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। इस भगदड़ में पांच यात्री खिड़की में ही फंसकर जल गए। घटना के बाद बस ड्राइवर राजेश व क्लीनर घटना स्थल से फरार हो गए। माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ। घायलों को कारंजा, आर्वी व नागपुर में इलाज के लिए भर्ती किया गया है। मृतकों में से दो की ही शिनाख्त हो पाई है। इनमें बनारस निवासी 28 वर्षीय श्वेता व नौ माह का शामिल है।अन्य तीन मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई।

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ये भी झुलसे
हादसे में झुलसने वालों में अमितकुमार सोनी (27) रायपुर, राजेश अग्रवाल (53) रायपुर, अतुल रमेशराव घाटे (42) नागपुर, विष्णु किसनराव सूर्यवंशी (31) नागपुर, प्रवीण कोनेर (31), दिवानषु चक्रधर भगवन (10) जलगांव, आकाश शशिकांत जैन (23) जलगांव, प्रसाद प्रभाकर जोशी (39) जलगांव, संदीप ज्ञानेश्वर वंजारी (30), मयंक रामेश्वर शुक्ला (24) नागपुर, आशीष गणपत खिलारिया (30) नागपुर निवासी का समावेश है।

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लेकसिटी में परदेसी पामणों की आवक कम हुई

देशी पर्यटको में हुआ इजाप*ा
बढती रेप की घटनाओं से विदेशी पर्यटको का रूझान हुआ कम, सुविधाओं का टोटा

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उदयपुर झीलों की नगरी होने से देश दुनिया के पर्यटन में खासा महत्त्व रखता है। देश के चुनिंन्दा खूबसूरत शहरों में से उदयपुर का स्थान सबसे ऊपर है। हर साल यहां लाखों की संख्या में देसी विदेशी पर्यटक आते है। लेकिन पिछले साथ की तुलना में अगर हम इस साल के पिछले चार महीनो पर नजर डालें तो देसी पर्यटक भले बढे हो लेकिन विदेशी पर्यटकों में कमी आई है।
पर्यटन विभाग के अनुसार २०१३ में जनवरी माह में देसी पर्यटक ४३८१०. विदेशी २२७३३ , फरवरी में ४१७४३ विदेशी २४८४०. मार्च में देसी ४०५२०. विदेशी २१२४६ तथा अप्रेल माह में देसी ३७२७३ और विदेशी ११५२९ पर्यटक आये थे जबकि इसकी तुलना में इस वर्ष जनवरी में देसी पर्यटक में १६४४८ पर्यटकों की बढोतरी के साथ कुल ६०२५८ पर्यटक झीलों की नगरी में आये जबकि विदेशी पर्यटकों में पिछले साल की तुलना में ६३१ पर्यटक कम आये और इनकी संख्या २२१०२ रही फरवरी में भी देशी पर्यटकों में ४५०९ पर्यटकों का इजाफा हुआ कुल ४६२५२ व विदेशी पर्यटकों में इस माह में खासी कमी देखी गयी। जब कि फरवरी माह विदेशी पर्यटकों के हिसाब से मौसम अनुकूल होता है फिर भी पिछले साल की तुलना में ३८७९ पर्यटकों की कमी के साथ २०९६१ विदेशी यहाँ पहुंचे मार्च में देसी पर्यटक ४४१३६ व विदेशी २०८०९ इस माह में भी देसी पर्यटक बढे तो विदेशी घटे अप्रेल में भी देशी पर्यटकों की संख्या ४३००५ रही जो पिछले साल की तुलना में ५७३२ अधिक पर्यटक है इस माह में विदेशी पर्यटकों में आंशिक बढोतरी हुई ११८९२ विदेशी पर्यटक आये जो पिछले साल की तुलना में ३६३ अधिक है ।
विदेशी पर्यटक घटने के कारण : पर्यटन विभाग की डिप्टी डायरेक्टर सुमिता सरोच के अनुसार वैसे तो उदयपुर शहर में जयपुर के बाद सबसे अधिक ट्यूरिस्ट आते है, लेकिन पिछले साल की तुलना में इस साल कम विदेशी ट्यूरिस्ट आये जबकि इस बार अंदाजा था की पिछली बार की तुलना में अधिक आयेगे । सरोच इसकामुख्य कारण बताती है राज्य और देश में होने वाली रेप की घटनाओं को विदेशी मिडिया ने इस बार खूब उछाला जिससे देश के साथ साथ राजस्थान की छवि भी एक तरह से खराब हुई है । और विदेशी पर्यटकों में एक तरह का डर है । दूसरा अक्सर विदेशी पर्यटन टूर्स ऑपरेटर्स और ट्यूरिस्ट एजेंसियों पर अधिक निर्भर करते है । और यह लोग बजाय भारत के इन विदेशियों को और एशियाई देशों में जाने की सलाह देते है । एक मुख्य कारण उदयपुर शहर में विदेशी टयूरिस्टों का काम आना यह भी है, की दूसरे शहरों के मुकाबले यहाँ के थ्री स्टार और फाइव स्टार होटल ज्यादा महंगे है।

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कई सुविधाओं की कमी :
उदयपुर में लगभग १२ ही महीने पर्यटक रहते है । लेकिन उन्हें यहाँ कई असुविधाओं का सामना करना पढता है जिसमे सबसे अधिक अगर परेशानी होती है तो शहर में रात्रि १०. बजे बाद कोई खाने की दूकान रेस्टोरेंट आदि खुला नहीं होता पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था के नाम पर शहर को १०. बजे बाद बंद करवा देती है । जबकी अक्सर १०. बजे के बाद बाहर से आने वाले ट्यूरिस्ट खाने पीने की होटल ढूंढते रहते है । दूसरी बडी समस्या पाबंदियों के बावजूद लपकों का आतंक सुबह से रात देर तक ये लपके टयूरिस्टों के पीछे घूमते रहते है और कई बार अपने कमीशन के चक्कर में घटिया होटल और अन्य घटिया सुविधा उपलब्ध करवा देते है जिससे ये पर्यटक शहर की अच्छी छवि लेकर नहीं जाते । प्रशासन को चाहिए की की देश के कई शहरों में जहाँ खास कर पर्यटक आते है वहां नाईट बाजार की व्यवस्था है यहाँ पर भी करनी चाहिए । और इन लपकों पर पूरी तरह अंकुश लगाना चाहिए ।

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