शादी के बहाने दो भाइयों ने विवाहिता से किया दुष्कर्म

rape-Logo--जयपुर। राजधानी जयपुर में गुरूवार को बेहद ही शर्मनाक मामला सामने आया। एक युवक ने पहले तो अपने किराएदार की बीवी से दोस्ती गांठकर शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी ने खुद की सरकारी नौकरी लगने पर महिला की अपने भाई से दोस्ती करवा दी। महिला को धोखे का सिलसिला यहीं नहीं रूका उसने अपने पति से तलाक ले लिया और आरोपी के भाई के साथ लिव-इन में रहने लगी। लिव-इन में रहने के बाद आरोपी के भाई ने भी शादी से इनकार कर नाता तोड़ लिया। सांगानेर पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवकों में एक की सालभर पहले सचिवालय के गृह विभाग में नौकरी लगी है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार उपेन्द्र सिंह जयपुर के निर्माण नगर और उसका फुफेरा भाई त्रिभुवन गांधी नगर में रहता है। दोनों के खिलाफ पीडिता ने 28 नवम्ब्ार को दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने रिपोर्ट में बताया कि उसने 1998 में सिरोही निवासी युवक से लव मैरिज की थी। 2008 में पति-पत्नी जयपुर आ गए और निर्माण नगर में उपेन्द्र के मकान में किराए से रहने लगे। इस दौरान पीडिता की उपेन्द्र से नजदीकी बढ़ गई और वह पति की कमाई से रूपए छिपाकर उपेन्द्र को देने लगी।

आरोपी उपेन्द्र ने शादी का झांसा दे उससे शारीरिक संबंध बना लिए। शक होने पर पति ने सांगानेर के प्रताप नगर में फ्लैट खरीद लिया और वे वहां रहने लगे। लेकिन उपेन्द्र से उसके संबंध जारी रहे। सालभर पहले उपेन्द्र की सरकारी नौकरी लग गई। उपेन्द्र ने उससे दूरी बना ली और खुद के फुफेरे भाई त्रिभुवन से दोस्ती करवा दी। इसके बाद त्रिभुवन ने भी पीडिता को शादी करने का झांसा दिया। इसपर पीडिता ने 2012 में अपने पति से तलाक ले लिया।

इसके बाद वह गांधी नगर स्थित उपेन्द्र के सरकारी क्वार्टर में त्रिभुवन के साथ रहने लगी। लेकिन कुछ दिनों पहले त्रिभुवन ने पीडिता को शादी से इनकार कर दिया और दूसरी लड़की से शादी करने की तैयारी में जुट गया। इस पर पीडिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करादी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

फेसबुक, गूगल, टि्वटर के 20 लाख पासवर्ड हुए लीक

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वाशिंगटन। सोशल साइट्स व इंटरनेट यूजर्स की निजता फिर खतरे में है। दुनियाभर में फेसबुक, गूगल और टि्वटर के लाखों पासवर्ड इंटरनेट पर पोस्ट कर दिए गए हैं।
कंप्यूटर शोधकर्ता ट्रस्ठवेव स्पाइडरलैब्स की मानें तो 20 लाख अकाउंट्स के यूजरनेम और पासवर्ड हैक कर इंटरनेट पर पोस्ट कर दिए गए। इनके जरिए हैकर्स फेसबुक, गूगल, याहू, टि्वटर और लिंकेडिन जैसी लोकप्रिय वेबसाइट्स तक पहुंच बना लेते हैं। यह हैकिंग उन अकाउंट्स की हुई है जिनके पासवर्ड बेहद सामान्य थे।
इससे पहले अक्टूबर में एडोब के करीब करोड़ों यूजर्स के पासवर्ड हैक किए गए थे। यह हमला इतना बड़ा था कि अन्य वेबसाइट वेंडर्स भी इससे प्रभावित हुए थे। इसका कारण यह था कि अधिकांश लोग अन्य वेबसाइट्स पर भी वही यूजरनेम और पासवर्ड यूज करते हैं। हालांकि इससे एक चीज यह सामने आई कि कितने लोग आसानी से याद रखे जाने वाले पासवर्ड यूज करते हैं।

मुफ्त में जमीन की लूट मची, भूमाफियां पहुच गए कब्जा करने

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उदयपुर। खेल गॉंव के पास स्थित पहाड़ी पर भू माफिया और बस्ती वालों द्वारा पिछले दो दिन से किये जा रहे अवैध कब्जे गुरूवार को युआईटी और पुलिस ने कारवाई करते हुए हटाया और चार लोगों को गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की गाड़ोलिया लोहार समाज को नि:शुल्क भूमि आबंटन योजना थी। इसके तहत इस समाज के लोगों को मादड़ी और बेड़वास में जमीन आबंटित की गई थी, लेकिन इनमें से आठ बच गए, जिनकों यूआईटी तहसीलदार ने उक्त पहाड़ी की तलहटी में डपिंग यार्ड की तरफ जाने वाले रास्ते पर भूखंड देने की बात की थी। इस पर समाज के लोग वहां पर जमीन देखने गए थे। इन्हें देखकर भूमाफियाओं ने आसपास के बस्तीवासियों को उकसाया और पहाड़ी पर कब्जा करने के लिए प्रेरित कर दिया। इससे कई बस्ती वाले पहाड़ी पर चढ़ गए और कब्जे शुरू हो गए। जबकि खेल गॉंव के पास स्थित यह पहाड़ी युआईटी के खाते में दर्ज है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से चुनाव के चलते अधिकारियों की व्यस्तता का फायदा उठाते हुए उक्त पहाड़ी पर असमाजिक तत्वों ने और भूमाफिया ने भूखंडों की लूट मचा दी, और वहाँ पर बाउंड्री बना कर, पत्थर कड़ी कर कब्जे करने शुरू हो गए यही नहीं कई गुंडे भू माफियाओं ने तो पैसे ले ले कर वहाँ कब्जे करवाना शुरू कर दिया दो दिन में तो कब्जे धारी पूरी पहाड़ी की चोटी तक पहुच गए। आज दिन में इन कब्जों की खबर शहर में आग कि तरह फैली और उस पहाड़ी से सटी अन्य पहाड़ियों पर भी लोग कब्जा करने के लिए पहुच गए। दिन को भूमाफियाओं की कारे मोटर साइकिल पहाड़ी की तलहटी में लाइन लग गयी और करीब ७०० – ८०० लोग अपने अपने कब्जे को बाउंड्री बनाने में लग गए । दिन को सुचना यु आई टी और पुलिस को लगी तो संयुक्त कारवाई करते हुए वहाँ से कब्जे हटाये गए और लोगों को वहाँ से भगाया और चार लोगों को गिरफ्तार किया जिसमे

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देवरों के नाम पर हो गए स्थाई कब्जे: पहाड़ी पर पहले नांदी फाउंडेशन से कुछ आगे एक आवरी माताजी का मंदिर बनाया गया, जो धीरे-धीरे पक्के निर्माण में बदल गया। इसके बाद पास ही में कुछ लोगों ने एक झंडा गाड कर स्थानक बनाया दिया। इसके आसपास भी पक्का निर्माण किया गया। इसी प्रकार डंपिंग यार्ड की तरफ जाने वाले रास्ते पर भी कई जगह देवरें बना दिए गए हैं। यह सिलसिला पिछले पांच वर्षों से जारी है, लेकिन यूआईटी कार्रवाई के अभाव में ये देवरे बढ़ते ही जा रहे हैं।

पिछले दो दिन से खेल गॉंव के पास यु आई टी के खाते में दर्ज पहाड़ी पर कई लोगों ने कब्जे कर लिए थे तथा झंडे और देवरे बना कर भी कब्जे कर लिए थे कई लोगों ने बाउंड्री का काम भी हुरु कर दिया था जिसको आज यु आई टी पुलिस के साथ कारवाई करते हुए कब्जे हटाये और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। ………आर पी शर्मा – यु आई टी सेक्रेटी

हमने दबा दिया बटन नेताओं के भविष्य पे और चुन ली सरकार

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उदयपुर| विधानसभा-२०१३ के लिए रविवार को प्रात: ८ बजे आरंभ हुई एवीएम मशीनों की ’बीप’ शाम ५ बजते ही थम गई। इसी के साथ जिले की आठ विधानसभा सीटों के लिए ६० प्रत्याशियों का भाग्य एवीएम मशीनों में बंद हो गया।जिले मे लगभग 74.04 प्रतिशत मतदान
उदयपुर। उदयपुर जिले की आठ विधानसभाओं के लिए रविवार का हुए मतदान में पुरूषों के साथ साथ महिलाओं एवं युवाओं ने खासा उत्साह दिखाते हुए भाग लिया। जिले में करीब 74.07 प्रतिशत मतदान हुआ। झाडोल विधानसभा क्षेत्र में लगभग 68.16 प्रतिशत तक मतदान हुआ।
प्राप्त सूचना के अनुसार खेरवाडा विधानसभा क्षेत्र में करीब 79 प्रतिशत, मावली में 77.84 प्रतिशत, वल्लभनगर में 77.18 प्रतिशत, उदयपुर ग्रामीण में 73 प्रतिशत, गोगुन्दा में 71.7 प्रतिशत, उदयपुर में 67.65 प्रतिशत तथा सलुम्बर विधानसभा क्षेत्र में करीब 62 प्रतिशत तक मतदान हुआ।

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प्यार करने की सजा: 20 वर्षीय युवक को जिंदा गोबर में दफनाया

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सहारनपुर/लखनऊ। ये वीभत्स घटना उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की है। जहां 20 वर्षीय युवक को उसकी प्रेमिका के घरवालों ने उसे जिंदा जमीन में गाड़ गोबर से ढक दिया। बीते बुधवार को युवक के दोस्तों और घरवालों ने पुलिस की मदद से उसे बचा लिया। हालांकि उसकी हालत नाजुक है।

युवक के घरवालों ने पुलिस को बताया कि शरीर का आधा हिस्सा जमीन में धंसा हुआ था, जबकि ऊपरी भाग गाय के गोबर से ढका था।

गौरतलब है कि बिहार का रहने वाला मोहम्मद शहजाद जन्म से ही सहारनपुर के आलमपुर क्षेत्र में रहता था। युवक के स्थानीय अभिभावक जैज हसन ने गांव वालों से 27 नवंबर को बताया कि 26 नवंबर के बाद से ही शहजाद लापता है और उन्हें डर है कि कहीं युवती (शहजाद की प्रेमिका) के घरवालों ने उसका अपहरण तो नहीं कर लिया? हसन का कहना था कि युवती के घरवालों ने शहजाद को जमीन में गाड़कर उसके ऊपर गोबर डाल दिया था।

उन्होंने ने कहा, गांव वालों ने हमें बताया कि मंगलवार को शहजाद को युवती के घर की तरफ जाते हुए देखा गया, लेकिन उसके बाद वह नजर नहीं आया। हसन पड़ोसियों के साथ युवती के घर गए और शहजाद को छोड़ने के लिए कहा। लेकिन युवती के घरवालों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में मोहम्मद फारूख को गोली लगी। लेकिन उनकी जान बच गई। घटना के बाद हसन और उनके साथियों ने पुलिस को बुलाया।

हसन के मुताबिक पुलिस जब घर के अंदर गई तो शहजाद को बेहोशी की हालत में पाया। शहजाद घर से बाहर आया तो धूल और गोबर में लिपटा हुआ था। पुलिस ने लड़की के दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले की जांच कर रहे रतन लाल ने बताया, “शहजाद का कहना था कि उसे जमीन के अंदर जिंदा गाड़ा गया था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे।” शुरूआत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया, फिर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि शहजाद कई सारे इंफेक्शन से जूझ रहा है।

डॉक्टरों के मुताबिक शहजाद को किसी गंदे स्थान पर फेंक दिया गया था उसे चोट आई है और उसकी स्थिति गंभीर है।

रोज रंग बदल रही है वल्लभनगर सीट

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उदयपुर। जिले की वल्लभनगर सीट रोज नए रंग बदल रही है। प्रतिष्ठा, पार्टी, जाति, घात, भीतरघात जैसे सारे शस्त्र इस रण में चल रहे हैं, जहां भाजपा को पहले तीसरे नंबर पर माना जा रहा था और रणधीरसिंह भींडर की जीत के कयास लगाए जा रहे थे। आज वहां तीनों प्रत्याशी समांतर पर आकर खड़े हो गए हैं। जातिवाद और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता के चलते जो मतदाता रणधीरसिंह के खेमे में जाते हुए दिख रहे थे। आज फिर एक बार भाजपा के साथ खड़े हुए हैं।
मेनारिया बढ़ा रहे हैं बढ़त: भाजपा के प्रत्याशी गणपत मेनारिया को टिकट मिलने के बाद जहां उन्हें कांग्रेसी कहकर भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा नकार दिया गया था। आज वो ही कार्यकर्ता भाजपा के बड़े कद्दावर नेताओं के समर्थन के चलते उनके लिए दिन रात एक कर रहे हैं। भाजपा के आलाकमान से भी निर्देश है कि भाजपा किसी भी हाल में पिछडऩी नहीं चाहिए और वोटों की गणित के चलते भी मेनारिया बढ़त बनाते हुए लग रहे हैं। क्षेत्र के जैन मतदाता पहले ही कटारिया की वजह से मेनारिया के पक्ष में है। ऊपर से वहां ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है और मेनारिया के ब्राह्मण होने से यह वोट उनकी झोली में ही गिरने वाले हंै।
जहां सहानुभूति, वहीं विरोध भी: रणधीरसिंह भींडर का टिकट भाजपा ने काट दिया, तो भींडर के पक्ष में सहानुभूति की लहर चल गई, लेकिन जहां सहानुभूति है, वहीं एक और देखा जाए, तो उनका विरोध भी है। ख़ासकर कानोड़ में और राजपूतों के तो उन्हें सहानुभूति के चलते वोट मिल सकते हंै, लेकिन भींडर में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या का आरोप और भींडर हॉस्पीटल की जमीन के बेचान के मामले को लेकर भींडर में उनका भारी विरोध है, जिसका खामियाजा भींडर को उठाना पड़ सकता है।
राजपूत और रावत वोट बंटने का खतरा: कांग्रेस के प्रत्याशी गजेंद्रसिंह शक्तावत अपनी जीत को लेकर निश्चिन्त नजर आ रहे थे और यही उन्होंने गलती कर दी है। एक तरफ जहां रणधीरसिंह भींडर को सहानुभूति के चलते पारंपरिक राजपूत वोट भी मिलेंगे, जिसमें शक्तावत का सीधा नुकसान हैं, वहीं राजपा के भंवरलाल रावत अपनी जाति के वोट बैंक में सेंध लगाने का काम कर रहे हैं, जिसमे भी गजेन्द्रसिंह शक्तावत का नुकसान है, क्योंकि माना जाता है कि रावत अधिकतर कांग्रेस के साथ रहे हैं, लेकिन इस चुनाव में जातिवाद अपनी चरम सीमा पर है और इसका नुकसान कांग्रेस को निश्चित होगा। वल्लभनगर सीट पर हार-जीत का आंकड़ा बहुत कम अंतर से रहेगा। इस दौड़ में आगे वो ही रहेगा, जो आखरी समय तक लगातार दौड़ता रहेगा।

सुखाडिया विष्वविद्यालय खिताब से सिर्फ एक ओर जीत की दूरी पर

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उदयपुर । विश्वविद्यालय क्रीडा मण्डल के प्रषिक्षक डॉ. दीपेन्द्र सिंह चौहान ने जानकारी देते बताया राजस्थान तकनीकी विष्वविद्यालय कोटा की मेजबानी में 25 नवम्बर से 28 नवम्बर 2013 तक आयोजित पश्चिम क्षेत्र अंतरविष्वद्यिालयी बेड़मिंटन प्रतियोगिता खेलते हुए सुखाडिया विष्वविद्यालय बेड़मिंटन पुरुश टीम ने तीसरे दिन पहले लीग मैच में एम एस युनिवरसिटी बडोदरा के विरुद्व आज खेले गए मैच में 3-0 से मुकाबला जीता।इसके पष्चात् सायं कालिन सत्र में दुसरे लीग मैच में षिवाजी युनिवरसिटी कोल्हापुर को भी 3-0 से परास्त किया जिसके पहले एकल में माइकल ने अपना मुकाबला जीता तथा दुसरे एकल में षानदार खेल से रजत राठौड ने अपने मैच जीतकर टीम को 2-0 से आगे किया फिर रजत व प्रंषात सेन की जोडी ने डबल मुकाबला जीत कर 3-0 से निर्णायक बढत ली। इस जीत के पष्चात् सुखाडिया विष्वविद्यालय बेड़मिंटन पुरुश टीम पश्चिम क्षेत्र अंतरविष्वद्यिालयी बेड़मिंटन प्रतियोगिता के खिताब से सिर्फ एक ओर जीत की दूरी पर है। खिताबी जीत हेतु कल सुखाडिया विष्वविद्यालय बेड़मिंटन टीम का निर्णायक मुकाबला मुम्बई विष्वविद्यालय मुम्बई से होगा।

महंगाई ने किया लगन का रंग फीका

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TH15DHANTERAS_-300x187उदयपुर। महंगाई का भूत लोगों का पीछा छोडऩे का नाम नहीं ले रहा। इसका असर पहले त्योहार और अब लगन में दिखने लगा है। सब कुछ महंगाई की भेंट चढ़ता जा रहा है। इन दिनों लगन सीजन जोरों पर है। धूमधाम से शादी करने का सपना संजोये लोगों के लिए तो महंगाई से पसीने छूट रहे हैं।
सोना नहीं है बस का
लगन में सबसे बड़ा खर्चा रहता है गहनों पर, इस बार गोल्ड के चढ़े हुए रेट को देखकर लोगों के पसीने छूट रहे हैं। ऐसे में लोगों के समझ में नहीं आ रहा है कि शादी में गोल्ड देने की रस्म को कैसे पूरा किया जाए। लगन सीजन काफी बिजी होने के बावजूद भी गोल्ड की एडवांस बुकिंग काफी डाउन है। लगन सीजन को देखते हुए बड़े दुकानदार कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के लिए कई तरह के नए कलेक्शन लेकर आए हैं, पर इसके बावजूद कस्टमर्स फुटफाल में कोई इजाफा नहीं हो रहा है।
लिबास का भी खर्चा डबल
यूं तो लगन सीजन ऑन है पर अब तक लगन सीजन को देखते हुए इक्का-दुक्का को छोड़क र किसी भी अपेरेल्स शॉप्स में कोई ऑफर एनाउंस नहीं किया गया है। ऊपर से पिछले कुछ दिनों में अपेरेल्स के रेट में काफी तेजी से उछाल आया है। लगन होने के बावजूद भी सेल्स बिल्कुल डाउन है। पिछले लगन सीजन में काफी सेलिंग हुई थी, पर इस बार तो सन्नाटा पसरा हुआ है। मार्केट में सेल्स को देखते हुए तो लग ही नहीं रहा कि लगन चल रहा है। नॉर्मल डेज के कंपैरिजन में मार्केट 40 परसेंट तक गोता खा गई है।
:पिछले कुछ दिनों में कपड़ों के रेट में काफी तेजी से इजाफा हुआ है, जिसके चलते लगन सीजन में भी मार्केट की हालत काफी पतली है। सेल्स नॉर्मल से भी करीब 40 परसेंट डाउन है।
-कमलेश जैन, कपड़ा व्यापारी
:लगन सीजन ऑन है, फिर भी सोने की सेल ठप पड़ी हुई है। लगन सीजन काफी बिजी होने के बावजूद भी गोल्ड की एडवांस बुकिंग काफी डाउन है। इसका सबसे बड़ा कारण सोने की रेट में इजाफा होना हैं।
-दर्शन शर्मा, सोने-चांदी के व्यापारी

वल्लभनगर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला

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उदयपुर। विधानसभा चुनाव में राजस्थान की सबसे हॉट सीट वल्लभनगर सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। यहां भाजपा के बागी रणधीरसिंह भींडर तीसरी शक्ति के रूप में उभरे हैं और पूरे दमखम के साथ पहले पायदान पर है। इनका विरोध करके भाजपा के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया भी मुश्किल में फंसे हुए हैं और कटारिया को राजपूतों का विरोध झेलना पड़ रहा है, लेकिन मुकाबला यहां पर त्रिकोणीय है।
इस सीट से आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस के गजेन्द्र सिंह शक्तावत का कब्जा है, जो कांग्रेसी प्रत्याशी है। भाजपा से गणपत मेनारिया मैदान में है, जिन्हें ब्राह्मण होने के साथ ही सांठगांठ के कारण भाजपा से टिकट मिला है। इस सीट पर कांग्रेस को वोट बंटने का, तो भाजपा को बागी का खतरा है, क्योंकि भाजपा प्रत्याशी गणपत मेनारिया को कांग्रेस से लाकर आखिरी वक्त में भाजपा का प्रत्याशी घोषित किया गया है। वल्लभनगर में मतदाताओं की संख्या 221674 है। इनमें से 113019 मतदाता पुरूष और 108६55 मतदाता महिलाएं हैं। पिछली बार कांग्रेस के गजेन्द्रसिंह शक्तावत यहां से विजयी हुए थे।
वोट बंटने का खतरा: कांग्रेस ने इस बार मौजूदा विधायक गजेन्द्रसिंह शक्तावत को ही मैदान में उतारा हैं। हालांकि उनकी स्थिति भाजपा के बागी रणधीरसिंह भींडर के मैदान में होने से मजबूत समझी जा रही है, लेकिन रणधीरसिंह भींडर यह कहकर प्रचार कर रहे हैं कि शक्तावत कांग्रेसी प्रत्याशी है, मेनारिया मूल रूप से कांग्रेसी है, जिनको भाजपा ने टिकट दिया है। इनके अलावा राजपा प्रत्याशी भी टिकट मिलने से पहले कांग्रेस से ही जुड़ा था। टिकट नहीं मिलने के कारण रणधीरसिंह भींडर के प्रति पूरे क्षेत्र में एक सहानुभूति का माहौल बन गया है, जो शायद भाजपा से टिकट मिलने के बाद भी नहीं बन पाता।
ब्राह्मण कार्ड हो सकता है फेल: सबसे ज्यादा मुसीबत यहां पर भाजपा की है। भाजपा ने इस सीट पर मेवाड़ के ब्राह्मणोंं को खुश करने के लिए गणपत मेनारिया को टिकट दिया है। पिछले चुनाव में गणपत मेनारिया कांग्रेस के बागी के रूप में चुनाव लड़े थे और इस बार उन्हें स्वयं को सभी जगह भाजपा का प्रत्याशी बताना पड़ रहा है। सबसे बड़ा खतरा मेनारिया को रणधीरसिंह भींडर से है, जो भाजपा के बागी है। भींडर मेवाड़ के राजपूतों के सहानुभूति और समर्थन से मजबूत स्थिति में है। दूसरी और वल्लभनगर क्षेत्र में कटारिया का भारी विरोध है और मेनारिया को कटारिया समर्थित होने का खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
निर्दलीय होने का डर: इस सीट से भाजपा के सबसे प्रबल दावेदार रणधीर सिंह भींडर ही माने जा रहे थे, लेकिन कटारिया से विवाद के कारण उनका टिकट कट गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं के भारी समर्थन के चलते भींडर बागी बन निर्दलीय खड़े हो गए। 2003 में भींडर यहां से भारी मतों से विजयी हुए थे। इस बार उन्हें राजपूतों का भारी समर्थन हासिल है, लेकिन पार्टी सिम्बोल नहीं होने से उन्हें हर जगह अपने सिम्बोल क्रबल्लेञ्ज का प्रचार करना पड़ रहा है। क्षेत्र के अधिकतर मतदाता भींडर को कमल निशान से ही पहचानते हैं। वल्लभनगर सीट पर पूरे जिले की नजर है।

कटारिया की राजपूतों को मानाने कि कोशिश , संघ भी साथ में

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उदयपुर। शहर से भाजपा प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया राजपूत , और ब्राह्मण समाज में फैली नाराज़गी को दूर करने का भरकस प्रयास कर रहे है । जहाँ एक और कटारिया इन समाज के प्रबुद्ध लोगों से बैठकें कर मानाने का प्रयास कर रहे है वही दूसरी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारकों ने भाजपा प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया के समर्थन में उदयपुर में डेरा डाल दिया है।
बुधवार को हरिदास जी की मगरी स्थित थाणा हाउस में कटारिया ने राजपूत समाज के साथ बैठक की जिसमे क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष बालुसिंह कानावत ने कहा की पूरा समाज भाजपा के साथ है। भाजपा ने राजस्थान में सीटों के वितरण में 14 सीट राजपूतों को दी, मुख्यमंत्री राजपूत को प्रपोज किया इसके विपरीत कांग्रेस ने हमारे समाज के विधायकों के टिकिट काटे। शिक्षाविद मनोहरसिंह कृष्णावत ने कहां कि हम विकास के साथ है। और मोहनलाल सुखाड़िया के बाद अगर कोई मेवाड़ का विकास कर सकता है, तो वह गुलाबचन्द कटारिया है और कटारिया को समर्थन करके मेवाड़ का विकास करवाना है।
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने कहां की राजपूत समाज मेरा परिवार है। और इस समाज को साथ लेकर ही वह विधानसभा में मेवाड़ के लिए आवाज बुलन्द करेंगे।
इधर राजपूतों और ब्राह्मणों से कटारिया की चल रही नाराजगी के मद्देनजर संघ आगे आया है। संघ कार्यालय में मंगलवार को संघ के वरिष्ठ प्रचारकों ने बैठक लेते हुए राजपूत और ब्राह्मण नेताओं को कटारिया के समर्थन में चुनाव में एकजुट होकर प्रचार करने के निर्देश दिए हैं।
संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्रीवद्र्धनजी ने मंगलवार को उदियापोल स्थित संघ कार्यालय में बैठक ली। इस बैठक में ब्राह्मण समाज की तरफ से हेमशंकर दीक्षित, मोहनशंकर जानी, गोपाल त्रिवेदी, अविनाश सनाढ्य, देवकिशन मेनारिया, गिरीश श्रीमाली, पूर्व सभापति रवींद्र श्रीमाली, उदयपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत जोशी और राजपूत समाज की तरफ से बीएस कानावत, प्रेमसिंह शक्तावत, गजपालसिंह, तख्तसिंह, घनश्यामसिंह चौहान, तनवीरसिंह कृष्णावत, करणसिंह शक्तावत और अक्षयसिंह राणावत मौजूद थे। इस दौरान संघ के वरिष्ठ प्रचारक रामप्रसाद भी मौजूद थे। श्रीवद्र्धन ने दोनों ही समाज के प्रतिनिधियों को जातिवाद से ऊपर उठकर भाजपा के प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया को विजयी बनाने के लिए प्रचार करने के निर्देश दिए हैं।