उदयपुर। पड़ौसी राज्य गुजरात से आई युवतियां इन दिनों कार में लिफ्ट लेने के बहाने वेश्यावृत्ति कर रही है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अब तक कोई एक्शन नहीं लिया है, लेकिन इस खबर के प्रकाशन के बाद कई लोगों ने इन युवतियों द्वारा उनकी कार को रोकने की शिकायत की है। शहर में यह नजारा कई जगह देखा जा सकता है।
शहर के बलीचा, भुवाणा, रामपुरा चौराहा और पर्यटन स्थलों पर ये लड़कियां अलग-अलग समूहों में घूम रही है, जो महंगी कारों के आगे खड़ी होकर भीख मांगने के बहाने गंदे इशारे करके लोगों को रिझा रही है। कुछ समय पूर्व ही पुलिस ने गोगुंदा क्षेत्र में एक रिसोर्ट पर दबिश देकर नौ बार बालाओं सहित दो दलालों को गिरफ्तार किया था। इन बार बालाओं ने सूरजपोल स्थित चंपालाल धर्मशाला में ठहरने की बात कहीं थी, लेकिन जांच करने पर पता चला कि ये लड़कियां वहां नहीं ठहरी हुई है। ऐसी आशंका है कि ये बार बालाएं शहर के आसपास के रिसोट्र्स में ठहरी हुई है, जो दिनभर शहर में कार वालों को पकडऩे के बाद शाम ढलते ही वापस रिसोट्र्स या फिर आसपास के गांवों हाइवे के पास वाली होटलों में चली जाती है।
इस मामले में एसपी हरिप्रसाद शर्मा ने कहा है कि जांच करवाता हूं, फिलहाल आज में प्रोमोशन टेस्ट में हूं।
एएसपी का गुर्गा है कांस्टेबल अनिल!
उदयपुर/चित्तौडग़ढ़। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा ५० हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए कानोड़ थाने के कांस्टेबल ने उदयपुर के एएसपी लेवल के अधिकारी के कहने पर रिश्वत लेना कबूला है। उक्त कांस्टेबल को एसीबी की चित्तौड़ टीम ने मंगलवार को डूंगला पेट्रोल पंप से गिरफ्तार किया था। हालांकि एसीबी अधिकारियों ने जांच का बहाना बताते हुए अभी एएसपी के नाम का खुलासा नहीं किया है।
चित्तौडग़ढ़ ब्यूरो कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्रसिंह चूंडावत के समक्ष 11 मई को उदयपुर निवासी गिरिराज जाट ने शिकायत की थी कि उदयपुर में उसके एक परिचित का गुजरात जा रहा शराब से भरा ट्रक आठ मई को कानोड़ थाने में कार्यरत सिपाही सूरतगढ़ (झुंझनंू) थानान्तर्गत नेतराम की ढाणी निवासी अनिल चौधरी पुत्र हवासिंह जाट ने पकड़ लिया था। उसने ट्रक छोडऩे के नाम पर तीन लाख रूपए मांगे। गोपनीय सत्यापन के दौरान रिकॉर्डिंग के समय पहली किस्त के रूप में एक लाख रूपए कांस्टेबल को थमा दिए गए। इसके बाद अनिल बाहर चला गया। वह सोमवार को ही लौटा। शिकायतकर्ता ने अनिल को शेष राशि डूंगला स्थित एक पेट्रोलपंप पर लेने के लिए बुलाया।
एएसपी चूंडावत के निर्देश पर सीआई जयमलसिंह, सिपाही रमेश, भंवरसिंह, नारायण, दलपतसिंह, श्यामलाल की टीम ने वहां जैसे ही अनिल को ५० हजार रूपए की राशि दी। ब्यूरो टीम ने उसे दबोच लिया व उसे चित्तौडग़ढ़ ले गई। शिकायत में रिश्वत की राशि कांस्टेबल द्वारा उदयपुर के एएसपी लेवल के अधिकारी के नाम पर लेना बताया है। चूंडावत ने बताया कि अनिल ने मंगलवाड़ फोरलेन से यह ट्रक पकड़ा था।
:गिरफ्तार कांस्टेबल ने उक्त रिश्वत राशि उच्चाधिकारी के कहने पर लेना कबूल किया है। अभी तक उच्चाधिकारी का नाम उजागर नहीं हुआ है। कांस्टेबल को आज न्यायालय में पेश करके रिमांड मांगा जाएगा। उसके बाद ही उच्चाधिकारी के नाम का खुलासा होगा।
–भूपेंद्रसिंह चूंडावत, एएसपी, एसीबी चित्तौडग़ढ़
लक्ष्यराजसिंह की शादी 21 जनवरी को होगी

उदयपुर, सिटी पैलेस में शहनाई बजने की तारीख लगभग तय हो गयी है। सूत्रों के अनुसार पूर्व राज घराने के राजकुमार लक्ष्य राज सिंह मेवाड़ की शादी उड़ीसा की पूर्व रियासत बालांगीर की निवृत्ति कुमारी सिंह देव से २१ जनवरी २०१४ में तय हो गयी है । गत १३ मई को अक्षय तृतीय पर मुम्बई की एक होटल में सगाई का दस्तूर हुआ था जिसमे दोनों परिवार के खास मेहमान मुजुद थे ।
और अब शादी २१ जनवरी को शुभ मुहूर्त में होना तय किया गया है। मन जारहा है की पूर्व राजकुमार की शादी बड़े भव्य अंदाज़ में होगी सिटी पेलेस में होने वाली शादी की तय्यरियाँ अभी से चल रही है । हालाकिं शादी की तारीख की पुष्ठी अभी पेलेस में आधिकारिक तौर पर नहीं की गयी है।
लक्ष्य राज सिंह की होने वाली जीवन साथी पारिवारिक परिवेश शाही होने के साथ साथ राजनेतिक भी रहा है निवृति के पिता कनक वर्शन सिंह देव भाजपा के पूर्व राज्य मंत्री रह चुके है और माता संगीता सिंह देव बलिंगर की पूर्व सांसद रह चुकी है
महापौर पर “अविश्वास” की तैयारी !
उदयपुर, नगर निगम का घमासान अब सड़कों पर आने की तय्यारी में है। महापौर के खिलाफ विरोधियों ने खुले तौर पर मौर्चा खोल दिया है, और विरोधि खेमे के असंतुष्ट पार्षदों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। विरोधी पार्षद विपक्ष से मिल कर महापोर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का मन बना चुके है। महापोर के तिरस्कार और वार्डों में काम नहीं करने की प्रवर्ती के चलते सत्ता पक्ष के १८ से अधिक पार्षद महापोर के विरोध में खड़े हो गए है।इधर सूत्रों के अनुसार निगम आयुक्त ने भी जाते जाते बैठक के पांचवे प्रस्ताव “समितियों के गठन” में नोट डाल दिया कि इस पर आम सहमती नहीं बन पायी और अधिकतर पार्षद इस प्रस्ताव के विरोध में है । इस नोट से महापोर कि मुसीबत और बढ गयी है ।
आ सकता है अविश्वास प्रस्ताव :
महापोर कि मुसीबत आने वाले दिनों में बढ सकती है। क्योंकि विरोधियों के तेवर कम पड़ते नहीं दीखते, उनके पास अब बहुमत लगभग सिद्ध हो गया है। और अविश्वास के लिए सिर्फ एक कदम दूर है। कुल ५५ पार्षदों में से सत्ता पक्ष के १६ और विपक्ष के १९ पार्षद मिलकर ३५ पार्षद स्पष्ट तौर पर विरोध में है। अविश्वास प्रस्ताव के आवेदन के लिए आधे पार्षदों कि सहमती चाहिए और सिद्ध करने के लिए एक तिहाई बहुमत चाहिए जो विरोधियों को उम्मीद है कि पूरा कर लेगे।
महापोर लगी मानाने में :
महापोर अपने पे आये संकट को देख मंगलवार को दिन से रात देर तक अपनी पार्टी के पार्षदों को मानाने में लगी रही और घर घर जा कर पार्षदों कि मान मनव्वल का दौर चलता रहा लेकिन सूत्रों के अनुसार अधिकतर पार्षदों ने खास कर महिला पार्षदों ने महापौर को बेरंग यह कह कर लोटा दिया कि साड़े तिन साल तक आपने हमारा तिरस्कार किया है और हमारे वार्ड में काम नहीं कराया अब क्यों हम आप का साथ दे ।
तिरस्कार और तानाशाही से है परेशान:
भाजपा के अधिकतर पार्षदों ने खुले तौर पर कहा है, कि महापौर ने पिछले साडे तिन साल तक उनका तिरस्कार किया वार्डों में कोई काम नहीं किया। जनता ने हमे चुन कर भेजा है, हम जन प्रतिनिधि है । जनता के सामने किस मुह से जायेगे । महापोर के तानाशाही रवय्ये से हम अब परेशान हो चुके है ।
अब बस भाई साहब का सहारा :
महापोर व् एनी उनके सहयोगियों को अब गुलाब चंद कटारिया के आने का इंतज़ार है उनका मानना है कि भाई साहब ही आकर अब बिगड़ी स्थिति को संभालेगे । कटारिया मुम्बई अपनी पेशी से आज दिन तक लोटेगे ।
पार्टी किसी व्यक्ति विशेष कि नहीं है और किसी कि मनमर्जी नहीं चलेगी लोकतंत्र है सबको अधिकार है अगर जरूरत पड़ी तो अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकते है । महापोर के रवय्ये से नाराज़ कई भाजपा के पर्धाद हमारे साथ है ।… उप महापौर .. महेन्द्र सिंह शेखावत
नगर परिषद् में पार्षदों कि साड़े तीन साल से सुनवाई नहीं हो रही है, वार्डों में काम नहीं हो रहे है , नगर निगम कि महा पौर किसी कि सुनवाई नहीं करती उनके खिलाफ अविश्वाश बढ़ता जा रहा है …. प्रति पक्ष नेता , दिनेश श्रीमाली ।
महापोर पार्षदों का तिरस्कार और अपमान करती है सालों तक होने वाले कार्यों कि फ़ाइल दबा कर बैठी रहती है और पुरियो तरह भ्रष्टा चार में लिप्त है । अविश्कास प्रस्ताव आना क्घहिये जिससेव शहर के विकास में महापोर बाधा नहीं हो …. अजय पोरवाल .. पार्षद
कटारिया की जमानत पर फैसला 27 जून को
उदयपुर। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में अग्रिम जमानत पर चल रहे राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया की जमानत अवधि बढ़ाने को लेकर मुंबई के सेशन कोर्ट में मंगलवार को बहस पूरी हो गई।
भाजपा सह जिला के मीडिया प्रभारी चंचल अग्रवाल ने बताया कि कटारिया की जमानत अवधि को लेकर कोर्ट में बहस हुई जिसमें कटारिया के वकील ने कटारिया का पक्ष रखते हुए जमानत अवधि को बढ़ाने की मांग की। हालांकि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला 27 जून तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में सीबीआई ने भाजपा नेता गुलाबचंद कटारिया को आरोपी बनाया है। इससे पहले कटारिया 23 जून तक जमानत पर थे। इसके बाद 24 जून को भी सेशन कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी थी जो कि किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी।
बिजली बंद होने से मानो शहर ही रुक गया हो
उदयपुर।एक और तो गर्मी और उमस से लोग परेशां ऊपर से आपातकालीन रख रखाव
को लेकर शहर भर में बिजली दिन भर बंद रहने से घर और कार्यालयों में काम ठप्प रहा तो घरों में लोग गर्मी से परेशां रहे ।गौरतलब है कि लाइनों की मरम्मत और रखरखाव को लेकर मंगलवार को सुबह 9 बजे 10.30 और दोपहर 2 से 5 बजे तक लाइट बंद रखने का निर्णय विभाग ने लिया।
पानी चढ़ाना मुश्किल हो गया: बिजली के बंद रहते मोती मगरी, पंचवटी, दैत्य मगरी, हजारेश्वर कॉलोनी, प्रतापनगर, विश्वविद्यालय मार्ग, खरोल कॉलोनी क्षेत्रों में लोगों ने परेशानी बताई। इन क्षेत्रों के अधिकतर भवनों में बिजली के अभाव में पानी की मोटर नहीं चल पाई। ऐसे में कुछ लोगों ने टैंकर का सहारा लिया।

कार्यालय, दुकान, शोरूम में दिनभर चला जेनरेटर: शहर के प्रमुख कार्यालयों में जहां पब्लिक डीलिंग रहती है। उनमें नगर विकास प्रन्यास, आबकारी विभाग, इनकम टैक्स में सुबह से शाम तक जेनरेटर चला। शहर के बड़े शोरूम सहित दुकानों में भी जेनरेटर चलाना पड़ा।
ऑनलाइन आवेदन में परेशानी: बिजली बंद का प्रभाव मीरा कन्या महाविद्यालय सहित सरकारी महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में देखने को मिला।
बिजली के बंद रहते एमजी कॉलेज में फर्स्ट ईयर, सेकेंड ईयर और थर्ड ईयर में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को ऑनलाइन आवेदन के लिए शहर में भटकना पड़ा। कॉलेज में बिजली के बंद होने से छात्र छात्राएं ऑनलाइन प्रवेश के लिए साइबर कैफे तलाशते रहे।
इन क्षेत्रों में बिजली ठप रही: 132 केवी जीएसएस सुखेर से संबंधित क्षेत्र मधुबन, भुवाणा गांव, बडग़ांव, हॉस्पिटल, चित्रकूट नगर, पोलोग्राउंड, फील्ड क्लब, हजारेश्वर, सुखाडिय़ा सर्कल, दैत्य मगरी, मोती मगरी, यूआईटी, सर्किट हाउस, डाक बंगला, पंचवटी, न्यू फतहपुरा, चेतक सर्किल, हाथीपोल रोड, लोहा बाजार, शिक्षा भवन, चमनपुरा, गुमानियावाला, सरदारपुरा, सहेली नगर, शोभागपुरा, पुलां क्षेत्र, मॉडल कॉम्पलेक्स, अहिंसापुरी, रेलवे ट्रेनिंग स्कूल, बेदला, समता नगर, महावीर कॉलोनी, चिकलवास, देवाली, खारोल कॉलोनी, वीबीआरआई, पंचरत्न कॉम्प्लेक्स, नवरत्न कॉम्पलेक्स, साइफन, आदिनाथ नगर, बोहरावाड़ी, मंडी, अश्वनी बाजार, होटल राज-दर्शन, भोईवाड़ा,घंटाघर, मोचीवाड़ा, धोलीबावड़ी, रूपनगर कच्ची बस्ती, दिल्ली पब्लिक स्कूल, यूथ हॉस्टल, खेल गांव एवं संबंधित क्षेत्र।
132 केवी जीएसएस प्रतापनगर से संबंधित क्षेत्र: प्रतापनगर, आईटी पार्क, सेक्टर-4 से संबंधित क्षेत्र, मादड़ी का कुछ भाग,आकाशवाणी क्षेत्र, सुंदरवास, खेमपुरा, ढीकली, ट्रांसपोर्ट नगर, बेड़वास, विश्वविद्यालय कैंपस, बोहरा गणेश जी, आयड़, न्यू केशव नगर, आरटीओ, जयश्री कॉलोनी, पुरोहितों की मादड़ी, यूसीसीआई, मादड़ी रोड नंबर 12, यूआईटी कॉलोनी, काला भाटा, सेक्टर 3, 4,5 व 6, पानेरियों की मादड़ी, नौ खा एवं संबंधित क्षेत्र।
उक्त कार्य के तहत उदयपुर सिटी का क्षेत्र और सुखेर, अंबेरी, डबोक, घनोली, बिछड़ी, साकरोदा, झरनों की सराय, कुराबड़, बंबोरा, जगत, गुडली से संबंधित क्षेत्र एवं 132 केवी गोगुंदा एवं झाड़ोल से संबंधित आंशिक क्षेत्र में भी बिजली बंद रहने से कामकाज प्रभावित रहा।
मीरा गर्ल्स कॉलेज में ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ी
उदयपुर। राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय में प्रथम वर्ष में ऑनलाइन प्रवेश की अंतिम तिथि 21 जून से बढ़ाकर 26 जून कर दी गई है। कॉलेज निदेशालय ने विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।
जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालयों द्वारा अब तक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए गए हैं, इसके बावजूद कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने अगली कक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की छूट दी है।
जुलाई के पहले सप्ताह से कक्षाएं नियमित प्रारंभ हो सके, इस दिशा में द्वितीय वर्ष व तृतीय वर्ष की छात्राओं को अपने प्रथम वर्ष की अंक तालिका के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है।
कॉलेज प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की नियमित छात्राओं के लिए प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि 29 जून कर दी गई है।
प्रथम वर्ष में प्रवेश 26 जून तक
तकनीकी नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार चौधरी ने बताया कि महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 26 जून कर दी गई है। उन्होंने इसके लिए छात्राओं को ऑनलाइन प्रवेश करने में आ रही परेशानी और बार-बार बिजली आपूर्ति बंद रहने को कारण बताया।
सुखाडिया के कर्म चारियों का धरना प्रदर्शन
उदयपुर,मोहन ललाल सुखाडिया वि.वि. में पीछे १५ से २० वर्ष से संविदा पर सेवा देने वाले शैक्षिणिक व् गेर शैक्षणिक कर्मचारी व् चतुर्थ श्रेणी कर्म चारियों को सेवा से हटाये जाने पर विश्व विद्यालय के सहायक व् शैक्षणिक कर्म चारियों ने मंगल वार को वि.वि. के प्रशाशनिक भवन के गेट पर धरना प्रदर्शन किया ।
सुविवि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भरत व्यास ने कहा कि लंबे समय से विश्वविद्यालय में कनिष्ठ लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवाओं से हटाया जाना अनुचित है। पंद्रह से बीस वर्षों से कार्यरत कर्मचारी जिनके परिवार का भरण पोषण विश्वविद्यालय की मामूली पगार से चल रहा है उसे सेवा से हटाया जाना अमानवीय कृत्य है।
सरकार एक ओर जहां लंबे समय से संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित कर रही है वहीं विवि प्रशासन इस दिशा में लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को बेदखल करने पर तुला है।
कर्मचारी संघ की महामंत्री हंसा हिंगड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि ऐसे कर्मचारियों को हटाए जाने के बजाए प्राथमिकता के आधार पर नियमित किया जाए।
आंदोलन की राह पर उतरे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने कहा कि अब हम कहां जाए? विवि से बेदखल किए गए सहायक शैक्षणेत्तर कर्मचारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समर्थन में स्थायी कर्मचारियों ने आंदोलन में भाग लेकर कामकाज का बहिष्कार किया।
राष्ट्र गान का ऐसाअपमान कही नहीं देखा !

उदयपुर मोका था नगर निगम में बोर्ड की बैठक का चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष पुरे सदन ने राष्ट्र गान का जो अपमान किया की मनो राष्ट्र का सम्मान मन जाने वाला हमारा गीत जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के बिच अपमानित हो कर रह गया और ये जनता के चुने हुए प्रतिनिधि उसकी खिल्ली उड़ाते हुए चल दिए। नगर निगम में बोर्ड की बैठक के दौरान समितियों की घोषणा के बाद आधे से ज्यादा पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया इसी बिच पार्षद पारस सिंघवी ने समिति प्रस्ताव पास करने का एलान किया और इसी हंगामे के बिच मेयर रजनी डांगी ने राष्ट्रगान शुरू कर दिया पुरे सदन में हो हल्ला हो रहा था सब लोग जम कर हंगामा कर रहे थे, और मेयर अपनी जिद्द पर अड़ी हुई राष्ट्रगान कर रही थी, सदन में मोजूद ५३ पार्षदों में से एक ने भी राष्ट्रगान के सम्मान में चुप रहना या सावधान खड़ा होना मुनासिब नहीं समझा। जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों ने भरे सदन में राष्ट्रगान को एक मजाक बना कर रख दिया

