उदयपुर, उदयपुर संभाग में स्वाइन फ्लू का कहर निरंतर जारी है गुरूवार को इस बीमारी से ग्रस्त एक महिला की मृत्यु के साथ ही संभाग में यह बीमारी अब तक 16 जिन्दगीयां लील चुकी है। वर्तमान में चार रोगी एमबी चिकित्सालय में भर्ती है।
उल्लेखनीय है कि स्वाइन फ्लू संभाग में धीरे-धीरे पांव पसार रहा है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार यह बीमारी शरद ऋतु में ज्यादा होती है लेकिन यहां तो गर्मी आरंभ होने के उपरांत भी इस रोग का कहर जारी है। गुरूवार को शहर के दूधिया गणेशजी क्षेत्र की रहने वाली एक विवाहिता की इस रोग ने जान ले ली। इसी के साथ स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 16 हो चुकी है।
एमबी चिकित्सालय के डॉ. डी.सी. कुमावत ने बताया कि वर्तमान में चार रोगी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है।
एक तरफ बीमारी पांव पसार रही है तो दूसरी तरफ चिकित्सा विभाग में आपसी तालमेल नहीं होने से इस रोग के उपचार एवं रोकथाम के उपाय प्रभावी नहीं हो पा रहे है। यह तालमेल का अभाव गुरूवार को भी देखा गया। शहरी क्षेत्र में स्वाइन फ्लू रोगी की मृत्यु के बाद इसकी सूचना मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को होनी चाहिए लेकिन अधिकांशत: ऐसा नहीं हो रहा है।
गुरूवार को दूधिया गणेशजी क्षेत्र में विवाहिता की मृत्यु के बाद चिकित्सा विभाग को प्रभावी कदम उठाने चाहिए थे। इसके तहत पूरे क्षेत्र में टेमू फ्लू दवाई दी जानी चाहिए थी किन्तु विभाग ने केवल मृतक के परिजनों को टेमू फ्लू दवाई देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जिससे इस बीमारी से निजात के आसार अभी क्षीण है। इधर मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि क्षेत्र में टीम भेजी गई लेकिन इस संवाददाता को शाम छह बजे तक इस प्रकार की किसी टीम के क्षेत्र में नहीं पहुंचने की पुष्ट जानकारी मिली।
उदयपुर , राज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता गुलाब चाँद कटारिया एवं सभापति रजनी डांगी को झटका देते हुए राज्य सरकार ने नगर परिषद बोर्ड की सभी समितियों को भंग करने के लिए पारित प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। यह सभी प्रस्ताव 19 फरवरी २०१३ को आयोजित बोर्ड की बैठक पारित हुए थे।
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से गुरुवार को आदेश जारी होते ही कटारिया विरोधी पार्षद व निवर्तमान समिति अध्यक्षों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिषद आयुक्त सत्यनारायण आचार्य ने बताया कि बोर्ड के निर्णय को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही सभी समितियां फिर से पावर में आ गई है।
उल्लेखनीय है कि बोर्ड बैठक में जो प्रस्ताव पारित हुआ उस पर पहले दिन से ही विरोध के स्वर उठ खड़े हुए थे। उपसभापति, निवर्तमान समिति अध्यक्ष और पार्षदों ने इसको लेकर राज्य सरकार को शिकायत भी भेजी थी। इन लोगों का कहना था कि नियमानुसार समितियों को भंग नहीं किया जा सकता। शिकायत पहुंचने के बाद इस मामले में सरकार स्तर पर परीक्षण करवाया गया। जिसमे कमिश्नर से इसकी पूरी रिपोर्ट मांगी गयी तथा उसमें भी यह बात साफ हुई कि समितियां भंग किया जाना गलत है।
क्या था मामला: गौरतलब है कि बीती 19 फरवरी को हुई बैठक में परिषद की सभी समितियों को भंग कर दिया गया था। उस दौरान स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष पारस सिंघवी ने समितियों को भंग करने और समितियों का पुनर्गठन करने का अधिकार सभापति को देने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया था। लेकिन १९ फरवरी की बोर्ड की बैठक व् प्री बोर्ड की बैठक में अधिकतर समिति अध्यक्ष नहीं आये थे ।
उदयपुर। शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र में धुलण्डी की रात्रि को पुलिस और मेनारिया समाज के लोगों के बीच लाठी-भाटा जंग हो गई। पथराव और लाठीभाटा जंग में दो एएसआई सहित नौ पुलिसकर्मियों को चोंटे आई है। इस घटना के बाद थाने पर भारी जाब्ता तैनात किया गया था। इधर इस मामले में थाने में मेनारिया समाज, लौहार समाज और थानाधिकारी की ओर से अलग-अलग मामले दर्ज करवाए गए है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार धुलण्डी के पर्व पर एक होमगार्ड का जवान नरेन्द्र मेनारिया गारियावास क्षेत्र में गश्त कर रहा था। इसी दौरान एक मकान के बाहर बैठा चंचल महाराज उर्फ दिनेश जैन बैठा हुआ था। जिसने शराब के नशे में होमगार्ड के जवान नरेन्द्र को अपशब्दों का प्रयोग किया। यह देखकर जवान ने विरोध करने का प्रयास भी किया, परन्तु दिनेश जैन नहीं माना। यह देखकर नरेन्द्र ने फोन कर अपने कुछ साथियों को बुला लिया। पानेरियों की मादड़ी क्षेत्र से करीब दो दर्जन युवक संतोषनगर गारियावास पहुंचे। जहां पर इन युवकों ने चंचल को पीटना शुरू कर दिया। यह देखकर दो भाई सज्जन और प्रकाश लौहार बीच-बचाव करने के लिए आए तो मारपीट कर रहे युवकों ने चंचल को तो छोड़ दिया और इन दोनों भाईयों के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी।
जिससे सज्जन लौहार के सिर में गंभीर चोंटे आई। दोपहर बाद हुई इस घटना को लेकर सज्जन लौहार थाने पहुंचा और इस बारे में बताया। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मेनारिया समाज के लोगों को बुलाया। थाने में वार्ता के दौरान स्थानीय पार्षद राजकुमारी मेनारिया सहित कुछ मौतबीर लोगों ने सज्जन से समझाईश की। इसके बाद दोनों ही पक्षों ने मामला दर्ज करवाने से साफ तौर से इंकार कर दिया। समझाईश के दौरान मेनारिया समाज के लोगों में यह मैसेज चला गया कि पुलिस समाज के लोगों को पकड़ रही है। जिस पर काफी संख्या में मेनारिया समाज के लोग थाने के बाहर एकत्रित होना शुरू हो गए और कुछ ही देर में सैंकड़ों की संख्या में लोग थाने के बाहर एकत्रित होना शुरू हो गए। भीड़ को बढ़ता हुआ देखकर पुलिस ने थाने से लोगों को निकालना शुरू कर दिया।
यह देखकर मेनारिया समाज के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस ने जमीन पर लाठियां फटकारनी शुरू कर दी। मेनारिया समाज के लोगों ने पुलिस द्वारा लाठीचार्ज समझ कर भगदड़ मचनी शुरू हो गई और कुछ युवाओं ने थाने के बाहर खड़े होकर पथराव करना शुरू कर दिया। जिससे कुछ पुलिसकर्मियों को चोंटे आई है। यह देखकर पुलिस ने लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया। जिससे मेनारिया समाज के कई लोगों पुलिस ने पकडक़र जमकर धोया। समाज के लोगों द्वारा पथराव करने पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आस-पास के थानों का जाब्ता और कंट्रोल रूम से भी जाब्ता मंगवाया। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस के उच्चाधिकारी भी पहुंचे। यह देखकर मेनारिया समाज के लोग वहां से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने दबिश दी और कई लोगों को हिरासत में लिया है।
इनकों आई चोंटे
मेनारिया समाज की ओर से किए गए पथराव में दो एएसआई सहित ९ पुलिसकर्मियों को चोंटे आई है। सूत्रों के अनुसार हिरणमगरी थाने पर तैनात एएसआई शिवसिंह, एएसआई प्रेमसिंह, कांस्टेबल हिरालाल, जितेन्द्रसिंह, अर्जुनसिंह, सुखाराम, नरेश, कासिम और यशपाल को चोंटे आई है।
तीन मामले दर्ज
इधर इस मामले में पुलिस, मेनारिया समाज और सज्जनलाल की ओर से तीन अलग-अलग मामले दर्ज करवाए है। सूत्रों के अनुसार सज्जन लौहार की ओर से पुष्कर, राजू, देवेन्द्र और प्रकाश मेनारिया के खिलाफ मारपीट करने के और राजकुमार मेनारिया की ओर से चंचल महाराज उर्फ दिनेश जैन, प्रकाश सुथार, बंटी उर्फ कमलेश, सज्जन, प्रदीप, भरत और भूपेन्द्र लौहार के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। इधर थानाधिकारी कैलाश खटीक की ओर से राजकुमार पुत्र देवकिशन मेनारिया निवासी सुरभिस्कूल के पास पानेरियों की मादड़ी, नरेश पुत्र डालचंद मेनारिया निवासी बड़ा चौराहा पानेरियों की मादड़ी, योगेश पुत्र लक्ष्मीनारायण मेनारिया निवासी भट्ट तलाई नोहरे के पास हाल सेक्टर ४, जमनाशंकर पुत्र उदयलाल मेनारिया निवासी पानेरियों की मादड़ी पानकी टंकी के पास, हरिश पुत्र नारायण मेनारिया निवासी पानेरियों की मादड़ी, पवन पुत्र पूर्णाशंकर पानेरी निवासी पानी की टंकी के पास पानेरियों की मादड़ी, नरेश पुत्र पुष्करलाल पुरोहित निवासी पानेरियों की मादड़ी, नरेन्द्र पुत्र लक्ष्मीलाल मेनारिया निवासी सेक्टर ४, जुगल पुत्र पुष्कर मेनारिया निवासी पानेरियों की मादड़ी, जमनाशंकर पुत्र रामलाल निवासी पानेरियों की मादड़ी, देवेन्द्र पुत्र नौजीराम मेनारिया निवासी होली चौक पानेरियों की मादड़ी, सूर्यप्रकाश पुत्र मगनलाल मेनारिया निवासी शिक्षा निकेतन स्कूल के पास पानेरियों की मादड़ी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है।
उदयपुर। शहर के घंटाघर थाना क्षेत्र में एक युवती द्वारा आत्महत्या करने पर युवती के पिता ने पड़ोस में ही रहने वाले एक युवक के खिलाफ छेड़छाड़ कर परेशान करने का मामला दर्ज करवाया है।
गौरतलब है कि पूनम (२३) पुत्री सीताराम जीनगर निवासी भैसरोडग़ढ़ की हवेली मोती चौहट्टा ने सोमवार को अपने ही घर में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने तलाशी ली तो पुलिस को एक सुसाईड नोट मिला था। जिसमें प्रेमी द्वारा धोखा देने से आहत होकर आत्महत्या करना लिखाथा। इधर इस मामले में युवती के पिता ने पड़ोस में ही रहने वाले आबिद पुत्र रशीद के खिलाफ मामला दर्ज करवाया कि आरोपी आते-जाते उसकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ कर परेशान करता था। इसी डर से उसकी पुत्री ने आत्महत्या की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उदयपुर। जिले के भीण्डर थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के चलते छोटे भाई ने बड़े भाई की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मंजूर हुसैन पिंजारा निवासी बाहर का शहर का अपने छोटे भाई खलील हुसैन के साथ पारिवारिक विवाद के चलते झगड़ा चली रहा था। दोनों के बीच आए दिन मारपीट होता रहता था। धुलण्डी सुबह मंजूर हुसैन गाड़ी निकालने लगा तो खलील ने गाड़ी नहीं निकालने दी। जिससे दोनों के बीच विवाद हो गया। बाद में जैसे-तैसे समझाईश कर गाड़ी को निकाला और मंजूर उदयपुर आया। दोपहर करीब १ बजे मंजूर पुन: भीण्डर पहुंचा तो चिकित्सालय के बाहर ही फिर से दोनों भाईयों के बीच विवाद हो गया। आरोपी खलील ने बड़े भाई मंजूर पर चाकू से हमला कर दिया। जिससे चाकू मंजूर के सीने में घुस गया। यह देखकर पास ही खड़े मोहम्मद इरशाद ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो इरशाद के भी चोंटे आई। चाकू से हमला करने के बाद आरोपी फरार हो गया। परिजनों ने प्राथमिक उपचार के बाद मंजूर को उदयपुर लेकर आए। रास्ते में ही मंजूर ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा है।
इंटरनेट के जानकारों के अनुसार इंटरनेट पर ‘अब तक का सबसे बड़ा हमला’ हुआ है और इस कारण दुनिया भर में इंटरनेट की रफ़्तार काफ़ी धीमी हो गई है.
बताया जा रहा है कि स्पैम से लड़नेवाली एक संस्था का एक वेबसाइट चलानेवाली कंपनी के साथ मतभेद हो गया जिसकी प्रतिक्रिया में इंटरनेट की मूलभूत सुविधाओं पर हमले होने लगे.
सरल शब्दों में कहा जाए तो जानकारों को चिंता है कि अगर इस हमले पर क़ाबू नहीं पाया गया तो बैंकिंग और ईमेल सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है। अभी से इसका असर ‘नेटफ्लिक्स’ पर देखा जा रहा है. पांच देशों की साइबर पुलिस इन हमलों की तहक़ीक़ात में जुट गई है.
हमलावरों ने जिस तकनीक का इस्तेमाल किया है उसे ‘डिस्ट्रिब्यूटिड डिनायल ऑफ सर्विस’ कहते हैं. इसमें ‘टार्गेट’ को बहुत तादाद में ट्रैफ़िक भेजा जाता है । ताकि वो पहुंच के बाहर हो जाए. । इस हमले में लंदन और जेनेवा में स्थित एक ग़ैर-सरकारी संगठन ‘स्पैमहौस’ के ‘डोमेन नेम सिस्टम सर्वर’ को निशाना बनाया गया.
ये सर्वर वो होते हैं जो डोमेन नामों, जैसे बीबीसी.को.यूके, को वेबसाइट के इंटरनेट प्रोटोकॉल ऐड्रेस से जोड़ता है.
स्पैमहौस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीव लिनफोर्ड ने बीबीसी को बताया कि ये हमला अप्रत्याशित स्तर पर हुआ है.
उन्होंने कहा कि, “इसका निशाना अगर ब्रितानी सरकार हो तो इसमें इतनी ताक़त है कि उनका सारा काम ठप्प हो जाए और वो इंटरनेट से बिल्कुल कट जाएं.”
लिनफर्ड ने कहा कि जब बैंकों पर ऐसे साइबर हमले होते हैं तो उनकी तीव्रता 50 गिगाबिट्स प्रति सेकेंड होती है लेकिन ये हमले 300 गिगाबिट्स प्रति सेकेंड पर हो रहे हैं.
सर्रे विश्वविद्यालय में साइबर-सिक्यूरिटी के विशेषज्ञ, प्रोफेसर ऐलन वुडवर्ड के मुताबिक़ इस हमले का असर पूरी दुनिया में इंटरनेट की सेवाओं पर पड़ रहा है.
प्रोफेसर वुडवर्ड ने बीबीसी को बताया, “अगर आप एक सड़क को सोचें, तो ये हमले उसपर इतना ट्रैफि़क डाल रहे हैं, कि ना सिर्फ़ सड़क जाम हो गई है, बल्कि उसके आसपास चलने की भी जगह नहीं बची है.”
उदयपुर । मंगलवार की रात होलिका दहन के बाद बुधवार की सुबह से शहरभर में रंगों का त्योहार बड़े उत्साह और हर्ष के साथ मनाया जा रहा है। जैसे जैसे सूरज आसमान पर चढ़ रहा था, वैसे वैसे लोगों में रंगों की होली खेलने का खुमार भी बढ़ता जा रहा था। फिल्म ‘सिलसिला’ में अमिताभ बच्चन द्वारा गाया गीत भले ही बरसों पुराना हो गया हो लेकिन होली के पर्व पर देशभर में ‘रंग बरसे…भीगे चुनर वाली रंग बरसे…’ का गीत बजना रिवाज हो गया है और इस पर नाच-गाकर अपनी खुशी व्यक्त करना एक दस्तूर हो गया है।
कहीं भांग तैयार की जा रही है, तो कहीं म्यूजिक के बंदोबस्त, ताकि जब ढोल बजे तो पूरा मोहल्ला नाचे। होली के इस त्योहार की तस्वीरें देश की संस्कृति बयां कर दी।बाजारों में गली मोहल्लों में होली के रंगों में रेंज महिलाएं और पुरुष नज़र आये । कही मस्ती में झूमते युवा तो कही ठिठोली करती सहेलियां एक दुसरे पर पिचकारी से रंगों की बोछार करते बच्चे ।
कुछ लोगों ने ड्राय होली मनाने का फैसला लिया और वे सुबह 8 बजे से ही बाज़ारों पहुंच गए। जगदीश चोक पर कई पर्यटक भी आए हुए थे। कई पर्यटक परिवार पहली बार यहां आया और उदयपुर वासियों ने उन्हें भी रंग से सराबोर कर दिया। स्पेनी परिवार ने कहा कि यहां कलरफुल होली बहुत फनी लगी और वे बहुत खुश हैं।
झाला लोकसभा अध्यक्ष, हेमनानी शहर और सेन ग्रामीण विधानसभा अध्यक्ष पर निर्वाचित
उदयपुर। यूथ कांग्रेस के चुनाव में लोकसभा अध्यक्ष के पद पर झाला गुट के अभिमन्युसिंह झाला की छड़ी (चुनाव चिन्ह) ने कटारा गुट की टार्च (चुनाव चिन्ह) को जलने नहीं दिया। लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए हुई मतगणना में अभिमन्युसिंह झाला ने 1231 वोट प्राप्त किए है वहीं झाला के नजदीकी प्रत्याशी डॉ. रणजीत जैन को मात्र 698 वोट ही मिल पाएं। इसके साथ ही उदयपुर शहर विधानसभा के अध्यक्ष पद पर राहुल हेमनानी और ग्रामीण विधानसभा के अध्यक्ष पद पर पूरणमल सेन निर्वाचित हुए है।
यूथ कांग्रेस में विधानसभा, लोकसभा और प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए सोमवार को मतदान हुआ। सलूम्बर में चार विधानसभा और उदयपुर के सेक्टर ११ स्थित अग्रवाल धर्मशाला में शहर और ग्रामीण विधानसभा के मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया। दिन भर धर्मशाला के बाहर भारी संख्या में युवाओं की भीड़ मौजूद रही। लोकसभा अध्यक्ष के लिए झाला और कटारा गुट के बीच सीधी टक्कर थी। दिन भर चले मतदान के बाद शाम को मतगणना हुई। जिसमें पहले विधानसभा वार नतीजे आने शुरू हो गए। सूत्रों के अनुसार गोगुन्दा सहित कई विधानसभा अध्यक्षों के पद पर झाला गुट ने एक तरफा कब्जा कर लिया था और झाला गुट के ही प्रत्याशियों की ही जीत हुई। मात्र शहर और ग्रामीण विधानसभा पद पर झाला गुट अपना झण्डा नहीं गाड़ सका। शहर विधानसभा अध्यक्ष पद शहर जिलाध्यक्ष के समर्थित प्रत्याशी राहुल हेमनानी जीता और ग्रामीण विधानसभा अध्यक्ष पर कटारा गुट का पूरणमल सेन जीता।
शाम को ७ बजे बाद जैसे-जैसे परिणाम आते जा रहे थे, वैसे-वैसे युवाओं में जोश आता जा रहा है। विजेता प्रत्याशी के समर्थक जोर-जोर से अपने नारेबाजी कर रहे थे। सबसे ज्यादा नारेबाजी उदयपुर शहर और ग्रामीण विधानसभा के लिए हुई। इसके साथ रात्रि करीब ९.३० बजे लोकसभा अध्यक्ष के लिए मतगणना शुरू हुई। जैसे ही मतगणना में दोनों प्रत्याशियों के समर्थक अंदर गए तो कटारा और झाला गुट के कार्यकर्ता एकत्रित हो गए और जोर-जोर से नारेबाजी शुरू कर दी। एक-दूसरे के गुट के कार्यकर्ताओं को देखकर नारेबाजी कर रहे थे। हालांकि मौके पर जाब्ता होने के कारण कोई विवाद नहीं हो पाया था। मतगणना में बैठै झाला समर्थक लगातार फोन पर बाहर मतगणना के रूझानों के बारे में बताते जा रहे थे। जैसे ही अभिमन्युसिंह झाला अपने
rahul hemnani
निकटतम प्रतिद्धंदी डॉ. रणजीत जैन से ५०० वोट आगे निकला और इसकी सूचना बाहर खड़े झाला समर्थकों मिली तो ढ़ोल-नगाड़ों की थाप पर युवाओं ने नारेबाजी के साथ थिरकना शुरू कर दिया।
वहीं कटारा समर्थकों ने वहां से धीरे-धीरे खिसकना शुरू कर दिया। सूत्रों के अनुसार रात्रि को जैसे ही १०.३० बजे पता चला कि अभिमन्युसिंह झाला को १२३१ वोट मिले है और वह लोकसभा अध्यक्ष निर्वाचित हो गया तो बाहर जोरदार आतिशबाजी शुरू हो गई और युवाओं ने काफी देर थिरकते रहे। वहीं कटारा गुट के प्रत्याशी रवाना हो गया। करीब आधे घंटे तक बाहर जोरदार हंगामा करने के बाद अभिमन्युसिंह झाला की शहर में एक विशाल रैली निकाली गई। जिसमें सैंकड़ों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर डिप्टी अनंत कुमार, डिप्टी गिर्वा अताउर्रहमान, थानाधिकारी प्रतापनगर मंजीतसिंह, थानाधिकारी गोवर्धनविलास गोवर्धनलाल, थानाधिकारी हिरणमगरी कैलाश खटीक, थानाधिकारी धानमण्डी दिनेश सिंह अपने-अपने थानों के जाब्तों के साथ और कंट्रोल रूम का जाब्ता तैनात कर रखा था।
दिन में उलझे
इस दौरान सैंकड़ों की संख्या में मतदान करने के लिए मतदाता पहुंचे, जिनकों बाहर खड़े कटारा और झाला के समर्थक बार-बार अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इधर कई बार दोनों के समर्थक आपस में जोरदार उलझ पड़े। हर बार केवल मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करने के लिए ही झगड़ा हो रहा था। झाला गुट की ओर से कमल चौधरी और कटारा गुट की ओर से स्वयं विवेक कटारा बार-बार मतदाताओं को लेकर उलझते। दोनों एक-दूसरे को चुनाव के बाद देख लेने की धमकी देते। इधर बार-बार उलझता हुआ देखकर मौके पर तैनात थानाधिकारी गोवर्धनविलास गोवर्धलाल और हिरणमगरी थानाधिकारी कैलाश खटीक ने दोनों के समर्थकों को धर्मशाला की फाटक के बाहर से ही प्रचार करने की बात कहते हुए बाहर खड़ा कर दिया।
महंगी गाडिय़ों में लाया मतदाताओं को
इधर दोनों ही गुटों ने अपने-अपने मतदाताओं की बाड़े बंदी रात्रि से ही कर रखी थी। दोनों ही गुटों ने अपने मतदाताओं को शहर की अच्छी होटलों और फार्म हाउस में ठहराया गया था। सुबह इन मतदाताओं को महंगी गाडिय़ों के माध्यम से मतदान केन्द्र पर लाया गया और अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित किया।
लोगों को हुई परेशान
अग्रवाल धर्मशाला सेक्टर ११ के रिहाईशी क्षेत्र में है। सुबह से ही धर्मशाला के बाहर की रोड़ पूरी तरह से पोस्टरों से अटी पड़ी थी। वहीं सडक़ पर भी कुर्सियां लगाकर दोनों गुटों के लोग बैठे हुए थे। जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं रात्रि को जब सडक़ पर आतिशबाजी की जा रही थी तब भी वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं युवाओं के जोश के आगे पुलिस-प्रशासन भी कुछ नहीं कर पा रहा। मजबूरन वाहन चालकों को दूसरे रास्ते से निकलना पड़ रहा था।
सडक़ पर ही छलके जाम
शाम होने के साथ-साथ विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थक सेक्टर ११ क्षेत्र में ही सडक़ पर ही शराब लेकर बैठ गए और जमकर जाम छलकाएं। कई युवा तो महंगी गाडिय़ों में बैठकर शराब पी रहे थे। जमकर शराब सेवन करने के बाद तो कई युवा मतगणना स्थल के बाहर खड़े हो गए। नशे में ही थिरकने लगे।
उदयपुर ,अपने स्कूल के समय में आपसे जाने अनजाने में गलतियाँ हुई हो किसी को दुःख पहुचाया हो किसी से प्यार का इज़हार नहीं कर सके हो अपने मस्ती भरे पलों को बाँटना चाहते हों तो इसके लिए इनदिनों फेस बुक पर कन्फेशन पेज बन रहे है अलग अलग लोगों ने अपने अपने कन्फेशन पेज बनाये है और ऐसे कन्फेशन पेज शहर की तीन नामी गिरामी स्कूल के भी बनाये गए और इसपर लाइक भी तेजी से हो रहे है । लेकिन हेरानी की बात ये है की यहाँ हाल में पड़ने वाले छात्र छात्राएं और यहाँ से पढ़ चुके छात्र छात्राएं अपने कन्फेशन में या तो सेक्स की बाते शेअर कर रहे है या फिर अपने अध्यापक के लिए अशोभनीय बातें कर रहे है । और इन सब के बारे में सम्बंधित स्कूलों के संस्थापकों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है ।
शोशल नेटवर्किंग फेस बुक के जरिये शहर की प्रतिष्ठित स्कूलों के नाम पर बनाये गए कन्फेशन पेज पर जिस तरह के कन्फेशन और कमेन्ट आरहे है वह हैरान करने वाले ही नहीं बल्कि शर्मनाक भी है । जहाँ छात्र छात्राएं अपने योन संबंधों को खुल कर स्वीकार कर रहे तो कही अपने ही गुरु के बारे में शर्मनाक और अशोभनीय टिपण्णी कर रहे है ।
सेंट पौल , सेंट मेरी और सेंट्रल अकेडमी स्कूल के नाम से बनाये गए कन्फेशन पेज को बने अभी १० दिन से अधिक समय भी नहीं हुआ और इनमे सेकड़ों हजारों की संख्या में लाइक आना शुरू हो गए है । यहाँ आते ही जेसे स्टूडेंट को एक खुला मंच मिल गया और वे यहाँ बेबाक कन्फेशन कर रहे है । कन्फेशन शरारत और मस्ती की हद में होते तो ठीक था लेकिन यहाँ वे अपने प्यार का इज़हार ही नहीं स्कूल टाइम में बनाये गए योन सम्बन्ध के बारे में भी चर्चा कर रहे है । यही नहीं अपने अध्यापकों के बारे में भी ऐसी ही बेहूदा और अशोभनीय टिपण्णी कर रहे है जो शर्मनाक है।
पेज बनाने वाले ने कन्फेशन करने वाले की आईडी तो गुप्त राखी है लेकिन वो स्टूडेंट जिसके बारे में बात कर रहा हे उसका नाम लिख कर उस छात्र , छात्रा , अध्यापक , को बदनाम कर रहा हे ।इस पेज पर स्कूल में बीत रहे मस्ती भरे पलों के बारे में सोम्यता और शालीनता से पोस्ट किया होता वहां तक ठीक था लेकिन बात यहाँ इससे काफी आगे की है जो की स्कूल के लिए वहां पढने वाले बच्चों के लिए और पढ़ाने वाले अध्यापकों के लिए चिंताजनक है ।
इस बारे में जब हमने सेंट मैरी स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर अनुष्का और सेंट पोल स्कूल के प्रिंसिपल फादर जोर्ज वि.जे. से बात की तो उन्हें इस पेज की जानकारी नहीं थी और उन्होंने कहा की यदि एसा हो रहा है तो काफी गलत है । हम देखेगे और संभव हुआ तो इसकी शिकायत प्रशासन को भी करेगे जिससे यह पेज को ब्लोक किया जा सके ।
उदयपुर, गत दिनों मुंबई से दान की राशि लेकर लौट रहे नारायण सेवा संस्थान के एक कर्मचारी के बैग से अज्ञात चोर करीब 8 लाख की राशि [quote_right]नारायण सेवा संस्थान शक के घेरे में !
दान के नाम पर नगद धन क्यों [/quote_right]चुरा ले गए। इस संबंध में जब कर्मचारी द्वारा संस्थान निदेशक को सूचना दी गई तो उन्होंने कर्मचारी पर शक किया और उसकी पुलिस थाने में राठौडी में पिटाई करा दी। जब की अगर संसथान निदेशक को कर्मचारी पर शक था तो रूपये चोरी होने की पुलिस में विधिवत रिपोर्ट दर्ज करवाते और पुलिस ने भी इतनी बड़ी राशि के बारे में संस्थान निदेशक से पूछताछ किये बगेर कर्मचारी पर कहर ढा दिया जब की सबसे बड़ा सवाल ही यह था की दान की इतनी बड़ी राशि मुंबई से नगद क्यों लायी जारही थी ?
राशि का चेक क्यों नहीं बनाया गया ?
डोनर ने दस लाख से अधिक की रकम केश में ही क्यों दी?
चेक क्यूँ नहीं बनाया गया?
कहीं ऐसा तो नहीं कि सेवा के नाम पर काले धन को सफ़ेद करने का यह एक तरीका हो ?
कही ऐसा तो नहीं कि डोनर ने अपना काल धन इसलिए दान में दिया के वो इससे दुगुनी राशि कि रसीद संस्थान से ले सके और अपने काले धन का कारोबार आराम से चला सके ?
[quote_left]राठौडी में पुलिस थाने में की गई पिटाई
संस्थान निदेशक शक के घेरे में[/quote_left]सवाल अधूरे है लेकिन संसथान निदेशक के रसूख के चलते कोई उससे पूछने कि हिम्मत नहीं कर रहा । और जब ये सवाल स्थानीय अखबार मददगार ने उठाये तो मददगार के अखबार बाँटने वाले होकर को नारायण सेवा संस्थान के कर्मचारियों ने गुंडे कि तरह पिटा और अखबार छीन लिए । क्या ऐसा करके वह अपने आप को निर्दोष बताना चाह रहे है । या अपने गोरख धंधे का सबुत दे रहे है ।
ज्ञातव्य है कि मुंबई की एक कंपनी द्वारा गुप्त करीब १० लाख रूपये इस संस्थान को दान दिए गए थे जिन्हें कर्मचारी नकद बस में लेकर उदयपुर आ रहा था। संस्थान द्वारा इतनी बडी राशि चोरी हो जाने के बाद भी इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज करवाना विचारणीय बिन्दु है।
नारायण सेवा संस्थान के कर्मचारी ने संस्थान के निदेशक प्रशांत अग्रवाल पर आरोप लगाया कि रूपये चोरी होने की घटना के बाद जब वह उदयपुर पहुंचा तो संस्थान निदेशक प्रशांत अग्रवाल ने उस पर शक करते हुए अपने दोस्त सीआईडी सीबी में पुलिस निरीक्षक के पद पर कार्यरत जितेन्द्र आंचलिया को बुलाया एवं संस्थान में ही पूछताछ के दौरान मारपीट की। इसके बाद कर्मचारी को हिरणमगरी थाने ले जाया गया जहां भी आंचलिया द्वारा उसके साथ राठौडी में मारपीट की गई। इस संबंध में हालांकि संस्थान निदेशक एवं पुलिस निरीक्षक ने युवक के साथ मारपीट की बात से इंकार किया है। संस्थान निदेशक द्वारा अभी तक इस संबंध में मुकदमा दर्ज नहीं करवाना एवं सिर्फ राठौडी में ही कर्मचारी से पूछताछ करवाना उन्हें संदेह के घेरे में ला खडा कर रहा है।