सभापति को झटका राज्य सरकार ने नगर परिषद का प्रस्ताव किया ख़ारिज

images (2)उदयपुर , राज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता गुलाब चाँद कटारिया एवं सभापति रजनी डांगी को झटका देते हुए राज्य सरकार ने नगर परिषद बोर्ड की सभी समितियों को भंग करने के लिए पारित प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। यह सभी प्रस्ताव 19 फरवरी २०१३ को आयोजित बोर्ड की बैठक पारित हुए थे।

स्वायत्त शासन विभाग की ओर से गुरुवार को आदेश जारी होते ही कटारिया विरोधी पार्षद व निवर्तमान समिति अध्यक्षों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिषद आयुक्त सत्यनारायण आचार्य ने बताया कि बोर्ड के निर्णय को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही सभी समितियां फिर से पावर में आ गई है।

उल्लेखनीय है कि बोर्ड बैठक में जो प्रस्ताव पारित हुआ उस पर पहले दिन से ही विरोध के स्वर उठ खड़े हुए थे। उपसभापति, निवर्तमान समिति अध्यक्ष और पार्षदों ने इसको लेकर राज्य सरकार को शिकायत भी भेजी थी। इन लोगों का कहना था कि नियमानुसार समितियों को भंग नहीं किया जा सकता। शिकायत पहुंचने के बाद इस मामले में सरकार स्तर पर परीक्षण करवाया गया। जिसमे कमिश्नर से इसकी पूरी रिपोर्ट मांगी गयी तथा उसमें भी यह बात साफ हुई कि समितियां भंग किया जाना गलत है।

क्या था मामला: गौरतलब है कि बीती 19 फरवरी को हुई बैठक में परिषद की सभी समितियों को भंग कर दिया गया था। उस दौरान स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष पारस सिंघवी ने समितियों को भंग करने और समितियों का पुनर्गठन करने का अधिकार सभापति को देने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया था। लेकिन १९ फरवरी की बोर्ड की बैठक व् प्री बोर्ड की बैठक में अधिकतर समिति अध्यक्ष नहीं आये थे ।

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