उदयपुर में पेट्रोल 2.52 रूपए हुआ सस्ता

petrol_b_02_04_2012उदयपुर, पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल दो रुपए प्रति लीटर सस्ता कर दिया। स्थानीय कर के साथ उदयपुर में भाव 2.52 रु. प्रति लीटर कम हो गए हैं। घटी कीमतें शुक्रवार आधी रात से लागू हो गई हैं।

पिछले नौ महीनों में यह पेट्रोल के दामों में सबसे बड़ी गिरावट है। डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले तेल कंपनियों ने एक महीने में दो बार पेट्रोल के दाम बढ़ाए थे।

16 फरवरी को 1.50 रुपए और दो मार्च को 1.40 रुपए प्रति लीटर। अनुमान लगाया जा रहा था कि तेल कंपनियां डीजल पर प्रतिमाह 40-50 पैसे की बढ़ोतरी जारी रखेंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

कच्चा तेल सस्ता होने से घटे दाम

तेल कंपनियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटी हैं। इसी कारण पेट्रोल के दाम घटाए गए हैं। डीजल पर नुकसान भी कम हुआ है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के अनुसार इस महीने की शुरुआत में डीजल पर 11.26 रुपए प्रति लीटर का नुकसान था। कच्चे तेल की कीमतें घटने से यह अब 8.64 रुपए रह गया है।

गेहूं के भाव 1500 रूपये से अधिक रहने की संभावना

images (3)उदयपुर, भारतीय सांख्यिकी आंकलन केन्द्र द्वारा गेहूं का उत्पादन वर्ष 2012-13 में 92.3 मिलियन टन होना आंका गया है। यह पिछले वर्ष से 3 मिलियन टन कम है। कृषि मंत्रालय के एक अनुमान के अनुसार वर्तमान वर्ष में भारत 8 मिलियन टन गेहूं का निर्यात करेगा। पिछले वर्ष ६.5 मिलियन गेहूं का निर्यात किया गया था।

राजस्थान सरकार के अग्रिम अनुमान के अनुसार इस वर्ष प्रदेश में गेहूं के अंतर्गत 28 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में 93 लाख टन उत्पादन होने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष से कम है। वर्श 2013 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1350 रूपये प्रति क्विंटल है तथा सरकार खरीद पर 150 रूपये प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में की गई है।

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत चल रही राष्ट्रीय कृषि नवोन्मेषी परियेाजना की कृषि विपणन व परिज्ञान केन्द्र इकाई ने कृषि बाजार में होने वाले उतार चढाव व आगे आने वाले समय में गेहूं के बाजार भावों में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन किया जा रहा है। कोटा नियंत्रित कृषि मण्डी के बाजार भावों के मासिक आंकडों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया इसके अलावा कोटा नियंत्रित बाजार में गेहूं के मुख्य थोक विक्रेताओं का सर्वेक्षण, आयात निर्यात की संभावना एवं वायदा बाजार के भावों का भी आंकलन किया गया।

 

आठ बाल श्रमिक मुक्त कराये

images (2)उदयपुर, मानव तस्करी एवं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम में कार्यवाही करते हुए मिष्ठान की दुकान पर कार्यरत आठ बाल श्रमिकों को मुक्त कराया।

सूत्रों के अनुसार मानव तस्करी युनिट प्रभारी रविन्द्र सिंह हेड कास्टेबल छोटू खां, प्रेमसिंह, कास्टेबल विवेक सिंह, महिपाल सिंह एवं चाइल्ड लाईन वेलफेयर कमेटी ने शुक्रवार को शास्त्रि सर्कल पर स्थित शास्त्रि मिष्ठाान भण्डार पर दबीश देकर वहां कार्यतरत आठ बाल श्रमिक लीकी आमेट निवासी कैलाश चन्द्र पुत्र भेरूलाल, मालाराम पुत्र रामजी गमेती, अलसी गढ निवासी रोशन पुत्र थावरचन्द, होलकी अलसीग निवासी भेरू उर्फ़ धातिक पुत्र थावरचन्द, सिकरोदा धोलपुर निवासी सोनू पुत्र राजेन्द्र सिंह केवट, शिवसिंह पुत्र रामसिंह केवट, विनोद पुत्र जगन्नाथ सिंह केवट, बादरोली आगरा निवासी थानसिंह पुत्र पप्पु केवट को मुक्त करा दुकान मालिक विनोद पुत्र रमेशचन्द्र वीरवानी को गिरप*तार कर प्रकरण दर्ज कर श्रमिकों को बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया।

FINALLY `RANU’ WENT TO CHILD CARE CENTRE

0

This is a story that begins with a visit to one of the far-flung villages in Chattisgarh. This family is one of the typical migrating families who travel from one place to another for want of work. And here I met a small 4 year old child, Ranu, who was evidently malnourished, with less than 6 kgs of weight and visibly very ill. The condition of child was so bad that I was wondering how she would survive if this continued.

Story5

I came to know that her parents leave early and reach home very late. I was also shocked to note that she was being taken care by her 12 year old elder sister. The children were completely neglected.

BALCO runs Anganwadi Centres under the MAMTA Project where such children are provided nourishment, teaching through play-way method and beautiful toys; and there is a regular periodic health check-up of all the Anganwadi children to ensure their good health. The medicines are provided free of cost where ever necessary.

I tried convincing Ranu’s parents for sending her to Anganwadi but they seem just to ignore. Their lack of concern and careless attitude triggered me to no length.

Seeing the condition of Ranu, I decided to take her to Anganwadi Centre, disobeying her parents. I first took Ranu to health camp with the help of her sister. The doctor examined her and informed that indeed she was quite ill and initiated her treatment. During her treatment I made frequent visits to Ranu’s house. Regular medical attention and proper diet brought result.

Ranu’s weight increased to 8.5 kg and that changed her parent’s mindset. They realized their careless attitude towards Ranu and apologized and asked me to enroll her in the Anganwadi.

Today, Ranu is hale and healthy, weighs 12.5 kg. She regularly goes to the Anganwadi, eats poha with groundnut, undergoes regular health check-ups and gets basic education through play-way method under Mamta Project.

KHUSHI on Ranu’s face is now valued by her parents and they are thankful for saving their Child.

पशु चिकित्सकों के अभाव में नकारा साबित हो रही है सरकारी योजनाएं

उदयपुर, पशुपालन विभाग को पर्याप्त सरकारी सुविधाएं होने के बावजूद खाली पडे पदो के चलते कार्यरत चिकित्सक पर काम का बोझ बढ रहा है।

सूत्रो के अनुसार राज्य सरकार द्वारा आमजन के साथ पशु चिकित्सा के लिए निशुल्क जांच एवं दवा वितरण की व्यवस्था की है लेकिन उक्त सेवा पर्याप्त स्टाफ के अभाव में प्रभावित अवश्यक होती है। शहर के चेतक सर्कल पर स्थित संभाग के अतिरिक्त निदेशक पशुपालन विभाग कार्यालय परिसर में संयुक्त निदेशक पशुपालन, उपनिदेशक बहुउदेश्यीय पशु चिकित्सा, उपनिदेशक पशुधन विकास, उप निदेशक पशु धन विकास, उपनिदेशक प्रयोगशाला, उपनिदेशक प्रशिक्षण विभाग कार्यरत है। जहां ग्रामीण क्षेत्रों से पशुपालक एवं कृषक उपचार के लिए बीमार मवेशी लेकर आते है उनके लिए सरका की ओर से ७२ दवाईयां निशुल्क, एक्सरे, सोनोग्राफी, ऑपरेशन की सुविधाएं दी जा रही है । लेकिन चिकित्सक सहित अन्य पदो के खाली होने के बावजूद कर्मचारी सेवा की मानसिकता से सरकार की योजना सफल बनाने के प्रयास में लगे रहते है जबकि वास्तव में संभाग के ७९० पशु चिकित्सालयों में करीब १०० पद चिकित्सक, ११० पद पशुधन सहायकों एवं ३५ पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रिक्त पद है। वहीं जिले में ३ चिकित्सक, ३ कम्पाउण्डर, सहायक कर्मचारी के ४ एवं एक चालक का पद रिक्त है। लेकिन उपलब्ध कर्मचारी स्थानिय चिकित्सालय में पशुधन विकास, प्रशिक्षण प्रयोगशाला में कार्यकर पशुधन बचाने एवं सरकारी योजना प्रभावी बनाने में लगे है। लेकिन विभाग पेयजल एवं लावारिस मवेशियों के खाने की सुविधा अभाव झेल रहा है। यहां पर विभागीय कर्मचारियों, क्वार्टर में रहने वाले स्टाप*,रोगियो के शुद्घ पेयजल के लिए उपलब्ध दो बोरिंग मे से एक खराब है। तथा एक पेयजल आपूर्ति करता है तथा हेण्डपम्प से पानी लाने को मजबूर है। इसी तरह उपचार के लिए आने वाले लावारिस पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं होने की परेशानी को झेलने विभाग मजबूर है। तथा रित्त* पदो का कार्य अधिकारियों द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर सुविधा दी जा रही है। लेकिन सरकार द्वारा रित्त* पदो की पूर्ति नहीं करने से कार्यरत कर्मचारियों पर कार्य का बोझ बढा हुआ है।

वकीलों ने पिटा पुलिस सिपाही को और पुलिस अधिकारी मूक दर्शक बन हाथ बांधे खड़ा रहा

उदयपुर, हड़ताल पर उतरे अधिवक्ता शुक्रवार को खुली गुंडागर्दी पर उतर आये और कोर्ट परिसर में अपनी मनमानी करते हुए तिन पुलिस कर्मियों के साथ जम कर गाली गलोच कर मारपीट करते रहे यहाँ तक की धक्के दे कर कोर्ट परिसर से बहार तक खदेड़ा और भूपाल पूरा थाना अधिकारी मूक दर्शक बन अपने सिपाही को पिटते हुए और धक्के खाते हुए देखते रहे ।

police

जयपुर में पुलिस द्वारा वकीलों पर किये गए लाठीचार्ज की आग उदयपुर पहुच गयी और वकील खुली गुंडा गर्दी करते हुए कोर्ट परिसर में अपना ही साम्राज्य जमाये पुलिस कर्मियों से मारपीट तक कर डाली ।शुक्रवार को अम्बामाता थाने पर तैनात एएसआई मांगीलाल किसी कार्य वश न्यायलय में एक सिपाही के साथ आये जहाँ पर हड़ताल पर उतरे अधिवक्ताओं ने मांगी लाल और और साथ में आये सिपाही को घेर लिया तथा कोर्ट परिसर से बहार जाने के लिए दबाव बनाते हुए नारे बजी करने लगे इस पर ए एस आई मांगीलाल ने कहा की में सरकारी काम से न्यायलय में आया हु और में वो कार्य कर के चला जाउगां इस पर वकील भड़क गए और मांगीलाल व्मा वकीलों के बिच की तू तू मै मै माँरपीट में बदल गयी वकीलों ने मांगी लाल को पीटना शुरू कर दीया मांगीलाल ने जेसे तेसे खुद को बचते हुए कोर्ट रूम में घुस कर अपनी जान बचायी इसी दौरान मोके पर आये एक कांस्टेबल संग्राम सिंग के साथ भी मारपीट करने के लिए दौड़े तो उसने भी मोके से भाग कर अपनी जान बचाई इधर मांगीलाल को कोर्ट रूम से बहार निकाल कर कोर्ट परिसर से बहार तक दौड़ाया मौके पर आये भूपाल पूरा थाना अधिकारी सतीश मीना और उनके साथ देवेन्द्र कांस्टेबल व् एक दो तिन सिपाही और थे जब वे मांगी लाल को वहां से ले जाने आये तो एक बार अधिवक्ता फिर आक्रोशित हो गए और कोर्ट परिसर में पुलिस को नहीं घुसने देने की बात कहने लगे थाना अधिकारी सतीश मीणा के साथ आये सदा वर्दी में कांस्टेबल देवेन्द्र से उलझ गए व् कोर्ट गेलेरी में ही उसकी जम कर पिटाई की अपने सिपाही को पिटते हुए भूपाल पूरा थाना अधिकारी मूक दर्शक बन कर देखते रहे ।

बार एसोसिएश्न अध्यक्ष भरत जोशी व् अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओ ने बिच बचाव कर इन सिपाहियों और अधिकारीयों को बचाया और सब को कोर्ट परिसर से बहार निकाला, बहार जाते जाते भी वकीलों ने पुलिस वालों को गाली गलोच करते हुए धक्के दे कर बहार निकालने की कोशिश की ।

वकीलों के खिलाफ भूपाल पूरा थाने में शांति भंग और राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज किया गया इधर बार के अध्यक्ष भरत जोशी का कहना है की कोर्ट में पिछले दिनों चल रही हड़ताल के दौरान पुलिस कर्मी आकर चालान पेश कर रहे है हमने कोई रोक टोक नहीं की । आज मामूली बात पर अम्बामाता थाने के ए एसआई मांगी लाल ने गाली गलोच दे कर बात की जिससे बात बिगड़ गयी । अधिवक्ता चाहते है की बात आगे नहीं बड़े और पुलिस और न्याय पालिका दोनों ही समाज के दो सतम्भ हे जिन्हें साथ हो कर काम करना पड़ता है कोशिश करेगे की बात आगे नहीं बड़े ।

police1

 

थाना अधिकारी मूक दर्शक बन कर देखते रहे ।

इस सारे मामले में भूपाल पूरा थाने के थाना अधिकारी सतीश मीणा मूक दर्शक बन कर देखते रहे जब उन्हें ए एस आई के साथ मारपीट की सुचना लगी तो वो तिन सिपाहियों के साथ कोर्ट में पहुचे कोर्ट पहुचने पर डरे हुए इतने थे की कोर्ट परिसर में आने से ही इनकार कर दिया जब बार एसोसिएशन अध्यक्ष भारत जोशी उन्हें आश्वासन दे कर अन्दर ले गए तो वह भी अपने थाने की सिपाही देवेन्द्र को वकीलों के हाथों पिटते हुए देखते रहे और सिपाही ने उनको मदद भरी नज़रों से देखा भी लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की अध्यक्ष भारत जोशी और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओ ने बिच बचाव किया । यहाँ तक की उन्हें धक्का दे कर कोर्ट से बहार निकालते रहे लेकिन थाना अधिकार ने न तो कोई आवाज़ उठाई ना ही अपने उच्च अधिकारीयों को सुचना दी और न ही कोई और जाब्ता मंगाया ।

 

 

http://youtu.be/iD1sWyR19v0[youtube link=”http://youtu.be/iD1sWyR19v0″ width=”590″ height=”315″]

राजस्थान में 12 हजार कांस्टेबलो की होगी भर्ती

0

passingout1_080611023342जयपुर। राजस्थान मे वर्तमान मे 10 हजार कांस्टेबलो की भर्ती की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है और आगामी वर्ष 12 हजार सिपाहियो की भर्ती और की जाएगी। यह घोषणा कल यहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वित्त वर्ष 2013..14 के बजट भाषण मे की। उन्होंने कहा कि भरतपुर मे नया पुलिस प्रशिक्षण संस्थान स्वीकृत किया गया है तथा आगामी वर्ष बीकानेर मे भी नया पुलिस प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जायेगा।

 

उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष बाडमेर जिले के बालोतरा, सीकर के नीमकाथाना, चूरू जिले के राजगढ, तथा सुजानगढ मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय खोले जायेगे। इसके अलावा जोधपुर मे अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) और जयपुर मे अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात के कार्यालय खोले जायेगे। गहलोत ने कहा कि वर्ष 2013-14 मे जयपुर जिले के जमवारामगढ, राजसमंद के कुंभलगढ, जालौर के रानीवाडा, उदयपुर के सराडा, झुंझुनूं मे ग्रामीण, जैसलमेर मे नाचना, सीकर जिले के मे लक्ष्मणगढ मे पुलिस वृत्त कार्यालय खोले जायेगे। उन्होंने कहा कि जयपुर शहर मे सहायक पुलिस आयुक्त ट्रेफिक, जोधपुर मे सहायक पुलिस आयुक्त ट्रैफिक-बीकानेर मे उप अधीक्षक पुलिस यातायात, अलवर मे उप अधीक्षक पुलिस यातायात एवं सवाईमाधोपुर जिलें के बामनवास मे नवीन वृत्त कार्यालय खोला जायेगा।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश मे 10 नई पुलिस चौकियों को थानो मे क्रमोन्नत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर 24 नई पुलिस चौकियां स्थापित की जायेगी। इसके अलावा महिलाओ की सुरक्षा के लिए एक टोलफ्री (महिला सुरक्षा लाइन) सेवा प्रारंभ की जायेगी। गहलोत ने कहा कि आमजन मे सुरक्षा की भावना बनाये रखने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी 9 हजार 177 ग्राम पंचायत मुख्यालयो मे एक एक ग्राम रक्षक नियुक्त किया जायेगा। इसके अलावा सभी पंचायत समितियो के एक एक उच्च माध्यमिक विद्यालय मे (स्टूडेट पुलिस कैडेट योजना) लागू की जायेगी।

मावली से जामनगर, राजकोट व द्वारका तक सीधी ट्रेन

railway-top-imgउदयपुर . मावली से जामनगर, राजकोट व द्वारका के लिए जल्द ही सीधी ट्रेन की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने नाथद्वारा से वाया द्वारका होते हुए ओखा (गुजरात) तक नई ट्रेन की मंजूरी दी है। यह ट्रेन सप्ताह में एक बार चलेगी। इससे दो कृष्ण नगरी (गुजरात में द्वारका) का सीधा जुड़ाव होगा। इससे मावली क्षेत्र सहित मेवाड़ से द्वारका की यात्रा करने वालों को भी सुविधा मिलेगी।

वेस्टर्न व नार्थ वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों की बैठक में जल्द ही रूट और टाइम-टेबल का निर्धारण होगा। करीब दो साल पहले बड़ी लाइन में तब्दील हुए मावली-नाथद्वारा ट्रैक पर लंबे समय से ट्रेन चलाने की मांग की जा रही थी। रेलवे द्वारा हाल ही प्रदेश में पांच नई ट्रेनों के संचालन को मंजूरी दी है।

इसमें एक ट्रेन नाथद्वारा से ओखा (गुजरात) तक के लिए भी मिली है। नई ट्रेन नाथद्वारा से मावली जंक्शन होते हुए गुजरेगी। इससे जहां गुजरात, महाराष्ट्र, अहमदाबाद व देशभर से श्रीनाथजी के दर्शनार्थ नाथद्वारा आने वालों की यात्रा सुविधाजनक व कम खर्चीली होगी, वहीं इससे समय भी बचेगा।

ये हैं प्रस्तावित रूट

1. नाथद्वारा से मावली, चित्तौड़, अजमेर, मारवाड़ जंक्शन, आबू रोड, पालनपुर, वीरमगाम, सुरेंद्रनगर, राजकोट, जामनगर तथा द्वारका होते हुए सीधा ओखा तक जुड़ाव हो सकता है। जानकारों की मानें तो यह रूट कम दूरी वाला होने से रेलवे के साथ ही यात्रियों के लिए भी फायदेमंद रहेगा। वर्तमान में उदयपुर से इस रूट के लिए कोई ट्रेन नहीं है। अजमेर से जुड़ाव होने पर वहां के यात्रियों को भी नाथद्वारा व द्वारका तक की ट्रेन मिलने से यात्री भार बढ़ेगा।

 

नाथद्वारा (मंडियाना) का रेलवे स्टेशन श्रीनाथजी के मंदिर से करीब 13 किलोमीटर दूर है। वर्तमान में बांद्रा-उदयपुर व इंदौर-उदयपुर ट्रेनों से श्रीनाथजी आने वाले यात्रियों के लिए नाथद्वारा व मावली से टैक्सियों की सुविधा मिलती है। नाथद्वारा तक नई ट्रेन चलने के बाद वहां से श्रीनाथजी जाने वाले यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए नाथद्वारा अथवा मावली से टैक्सियां चल सकती है। इससे टैक्सी संचालकों का धंधा बढ़ेगा। इसके साथ ही नाथद्वारा स्टेशन के आस पास भी चहल-पहल बढऩे से कई लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं खुलेंगी।

ये होंगे फायदे

राजसमंद से गुजरात की ट्रेन का सीधा जुड़ाव होने से मार्बल उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। गुजरात से श्रीनाथजी के दर्शन करने आने वाले यहां के उद्योगों का भी लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही नाथद्वारा व राजसमंद से गुजरात के विभिन्न शहरों में नौकरी पेशा व व्यापार के उद्देश्य से यात्रा करने वालों को भी फायदा होगा।

धार्मिक

द्वारका तक सीधी ट्रेन मिलने से राजसमंद व उदयपुर जिलों के साथ मेवाड़ से राजस्थान के श्रीनाथजी व गुजरात के प्रसिद्ध द्वारका मंदिर का सीधा जुड़ाव होगा। इससे मेवाड़ से द्वारका की तीर्थयात्रा पर जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी। वर्तमान में मेवाड़ से द्वारका के लिए कोई सीधी बस अथवा ट्रेन नहीं है, इस कारण तीर्थ यात्रा पर जाने वाले द्वारका की यात्रा से या तो वंचित रह जाते हैं, अथवा अहमदाबाद होते हुए द्वारका जाना पड़ता है। गुजरात का सीधा जुड़ाव होने से व्यापार के क्षेत्र में भी बढ़ोतरी होगी।

 

प्रयाग 2013 में प्रतिभा और मस्ती के रंग

उदयपुर .सीटीएई के सांस्कृतिक एवं तकनीकी समारोह ‘प्रयाग-2013 का समापन रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ बुधवार को हुआ।समारोह में लोकनृत्य, पारम्परिक नृत्य एवं फिल्मी नृत्यों की प्रस्तुतियां हुई। सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के सभागार में एकल गायन, समूह गायन, पश्चिमी, लोकनृत्य एवं पारम्परिक एकल नृत्य, समूह नृत्य एवं कॉमेडी सर्कस के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

prayaag7

मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओ. पी. गिल ने कहा कि तकनीकी उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्रों के मानसिक तनाव को दूर कर उनकी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतिभा के प्रदर्शन से विद्यार्थियों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा मिलती है। कार्यक्रम के अध्यक्ष सीटीएई के डीन डा. नरेन्द्र एस. राठौड़ ने छात्रों की सह-शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की।

नृत्य नाटिकाओं ने लुभाया

कार्यक्रम में विभिन्न थीम वाली नृत्य नाटिकाओं में जीवन की आशा-निराशा, उतार-चढ़ाव को पेश करते हुए उम्मीद का दामन ना छोडऩे का संदेश दिया गया। इसमें झांसी की रानी, इन्दिरा गांधी, मदर टेरेसा, प्रतिभा पाटिल आदि के रूप में कलाकारों ने उनके जीवन को स्टेज पर पेश किया। एकल नृत्य में प्रतिभागियों ने मेरे ढोलना, अगले जनम मोहे बिटिया ना कीजो, लागा चुंदरी में दाग, डाक बाबू लाया… की प्रस्तुतियों पर दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया।

prayaag1

पारंपरिक नृत्यों में होली के रंग, ढोली थारो ढोल बाजे, मानो तो भगवान नहीं तो पाषाण आदि खास रही। एकल गायन में प्रतिभागियों ने विभिन्न ओ री चिरैया, डम डम मस्त है, होली के रंग के गीतों का गायन कर सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समूह गायन में प्रतिभागियों ने तुझसे नाराज नहीं हैरान हूं मैं, म्हारो राजस्थान, क्यों डरता है दिल, लेट द म्यूजिक प्ले, जय हो आदि विभिन्न आंचलिक, देशभक्ति एवं पारम्परिक गीतों का गायन किया।

prayaag5

 

अब घर बैठे बनाएं ब्राइट करियर

0

brightआजकल ग्लोबलाइजेशन ने करियर के न्यू ऑप्शन उपलब्ध करा दिए हैं, अब आप नौकरी करनेकी बजाय घर बैठे ही जौब करके अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। इस आधुनिक टेक्नोलौजी की बदौलत एक देश में बैठा व्यक्ति दूसरे देश में स्थित कम्पनी के लिए भीकाम कर सकता है।

आजकल वर्क फ्रॉम होम का कॉन्सेप्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कम्पनियां भ फ्लेक्सिबल वर्क ऑप्शन्स दे रही हैं। इन सब में महिलाओं की भूमिका है, क्योंकि वे अपने परिवार की जरूरतों, जैसे-बीमार सास-ससुर की केयर करते हुए किसी का सहयोग ना होने की वजह से घर और काम में बैलेंस करते हुए ब्राइट करियर बना सकती हैं।

 

कैसे करें जौब

नेट पर दी गई जौब लिस्ट की हैल्प लें। करियर काउंसलर की सलाह लें, क्योंकि कई बार करियर बदलना भी पड सकता है।

अपने दोस्तों को अपने निर्णय के बारे में बताएं, रिसर्च करें। अपनी योग्यताओं की लिस्ट तैयार करें, यदि कोई अनुभव हो तो वह भी लिखें।

अपनी प्रोफाइल को ऑनलाइन जौब पोर्टल पर डालें।

 घर बैठे काम करने के फायदे

इससे बॉस को ऑफिस की जगह, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थायी कर्मचारियों को दी जानेवाली सुविधाओं के खर्च से मुक्ति मिलती है। इससे समय और एनर्जी दोनों की मिलती है। इससे टाइम और एनर्जी दोनों की बचत होती है। इससे कर्मचारी के काम का अनुभव बना रहता है, जो उसके भविष्य के लिए आवश्यक है।

 

वर्क शेडयूल बनाएं

अपने वर्क शेडयूल में अनुशासन बनाए रखें। दिया गया काम टाइम पर पूरा करें।

अपने क्लायंट्स व साथियों को अपने वर्किग आवर्स की जानकारी दें। साथ ही अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी बताएं, ताकि वे इन वकिंग आवर्स में आपाको डिस्टर्ब न करें।

दफ्तर के खर्चो की सारी रसीदों को सम्भालकर रखें, इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त मददगार साबित होंगी।

अपना काम रोज एक निश्चित वक्त पर शुरू करें, जिसमें काम में नियमित वर्किग आवर्स हों। यह टाइम ऎसा हो, जब आप फ्री रहती हैं। अपने काम की लिस्ट बनाएं और लक्ष्य निर्धारित करें। डेडलाइन का कठोरता से पालन करें। इससे आप कम समय में ज्यादा काम कर पांएगी।

 

सावधानियां कर रखें ध्यान

आए दिन होनेवाले ऑनलाइन स्कैम से सावधान रहें।

घर से काम बहुत ही जिम्मेदारी से हैंडल किया जाना चाहिए, ताकि आपकी प्रोफेशनल इमेज अच्छी बनी रहे।

कोई भी प्रोजेक्ट लेने से पहले क्लायंट के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें। आपके काम से संतुष्ट क्लायंट आपकी नए काम के लिए सिफारिश कर सकता है।