रॉयल मोटर्स के कर्मचारी हड़ताल पर

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-कंपनी मालिक के खिलाÈ कलेक्टर और संभागीय आयुक्त से शिकायत
उदयपुर। हीरो मोटरसाइकल की एजेंसी रॉयल मोटर्स के वर्कशॉप के कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी, पीएÈ व ईएसआई जमा कराने को लेकर पिछले 16 दिनों से हड़ताल कर रॉयल मोटर्स के सामने ही धरने पर बैठे हैं। इस संबन्ध में जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त को भी ज्ञापन दिया गया है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन बढ़ाने और ईएसआई की बात करने पर कंपनी के मालिक शब्बीर के. मुस्तÈा ने कर्मचारियों को कंपनी से बाहर निकाल दिया। 14 मई से कंपनी के वर्कशॉप में काम करने वाले सभी 19 कर्मचारी शोरूम के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि कई लोग पिछले पांच-साल सालों से कंपनी में कार्य कर रहे हंै, लेकिन अभी तक उनकी ना तो उचित वेतन वृद्धि की गई है और ना ही कंपनी उनका पीएÈ और ईएसआई का पैसा संबंधित विभाग को जमा करवाती है। कंपनी के मालिक शब्बीर के मुस्तÈा अपना तानाशाही रवैया रखे हुए हंै। अभी तक कोई सकारात्मक वार्ता भी नहीं हुई है। कर्मचारियों ने अपना 15 सूत्रीय मांग पात्र दे रखा है, जिसमें वेतन बढ़ोतरी, पीएÈ और ईएसआई मुख्य है। बाकि नियम के अनुसार सवैतनिक छुट्टियां आदि की मांग रखी गई है।
श्रम विभाग के अधिकारियों को किया गुमराह
श्रम कानून के तहत रॉयल मोटर्स में कई घपले बाजियां हैं। धरने पर बैठे कर्मचारियों की शिकायत पर दो दिन पूर्व जब श्रम विभाग के कर्मचारी रॉयल मोटर्स में पहुंचे, तो उसके पहले कंपनी मालिक ने कई कर्मचारियों को यह कहकर घर भेज दिया कि आज तुम्हारी छुट्टी है। श्रम अधिकारियों को गुमराह करते हुए उन्हें कंपनी में कार्य करने वालों के कोई भी कागज़ या रजिस्टर उपलब्ध नहीं करवाए। श्रम विभाग ने रॉयल मोटर्स को नोटिस देते हुए कर्मचारियों से संबंधित सभी दस्तावेज मंगवाए है। अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है।
वर्जन….
वेतन बढ़ोतरी व अन्य मांगों को लेकर कंपनी के कुछ कर्मचारी हड़ताल पर है। हमने वार्ता के सारे रास्ते खुले रखे हैं। उनकी मांगे भी हम मानने के लिए तैयार है, लेकिन कंपनी हमारे घर जैसी है और कंपनी में यूनियनबाजी नहीं चलेगी। बिना यूनियन के आए और वार्ता कर समाधान निकाल ले। इसके लिए मैं तैयार हूं। अगर उन्हें बाद में कंपनी से निकाले जाने का डर है, तो मैं सभी कर्मचारियों को 10 साल तक काम पर ही रहने के लिए वचन देता हूं
-शब्बीर के. मुस्तÈा, मालिक रॉयल मोटर्स

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