आज भी मुस्लिम, कब्रस्तान और मदरसे ज्यादा कुछ नहीं मांगते

उदयपुर, ’’आजादी के ६५ साल बाद भी ६० से ७० प्रतिशत मुस्लिम ना इंजीनियरिंग कालेज की मांग करते है ना पोलोटेक्निक कालेज को और ना आईआईटी की अगर उनकी मांग है तो कब्रस्तान की जगह मदरसे की जगह, मदरसा में पेराटीचर्स आदि छोटी छोटी मांगे है।’’

यह कहना है राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद माहीर आजाद का। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होने कहा कि शिक्षा से ही तरक्की संभव है। और अब अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने लगे है। देश में १४ हजार मुस्लिम कालेज है जबकी राजस्थान में १४ सौ भी नहीं लेकिन अब धीरे धीरे यहां भी रूझान बढ रहा है और सरकार भी अल्पसंख्यकों को सहयोग कर रही है। उसी क्षेत्र में मुस्लिम छात्राओं के लिए निशुल्क छात्रावास एक कदम है जिसका शुभारम्भ पायलट एकेडमी के साथ मिलकर किया जा रहा है अभी भवन किराये पर लेकर शुरू किया जा रहा है बहुत जल्द जमीन लेकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

माहिर आजाद ने कहा कि खांजीपीर के कब्रस्तान का रास्ता नहीं है और रेल्वे की जमीन में होकर जाना पडता है तो इसके लिए रेलमंत्री सी.पी.जोशी से बात की जाएगी। माहीर आजाद ने उदयपुर में अल्पसख्ंयकों में शिक्षा की तारीप* करे हुए कहा कि राजस्थान में सबसे अधिक साक्षर और सरकारी नौकरियों में उदयपुर से ही है। माहीर आजद १५ सूत्रीय तिमाही बैठक की समीक्षा लेने उदयपुर आये थे। यहां से संभाग का दौरा करके मंगलवार को बांसवा$डा से जयपुर रवाना होगें। माहीर आजाद ने बताया कि मुख्यमंत्री पन्द्रह सूत्रीय कार्यक्रम के लिए उदयपुर के तीन सदस्यों को मनोनित किया है जिसमें डी.आई.खान, रियाज हुसैन ओर रविन्द्रपाल कप्पू अब यह तीन मेम्बर हर माह कलेक्टर से मिटींग कर शहर में अल्पसंख्यकों की समस्याओं को सरकार के सामने रखेगें जिसका निपटारा हो सके।

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