यूआईटी ने अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया

uitउदयपुर। अतिक्रमण व अवैध निर्माण हटाने का यूआईटी का अभियान शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। राजकीय अवकाश के बावजूद यूआईटी के दस्ते ने शहर में सुबह से शाम तक कई जगह सरकारी जमीन से कब्जे हटाए। यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता के नेतृत्व में तहसीलदार बाबूराम मीणा, पटवारी चिरंतन शर्मा, राजेश मेहता, दुलीचंद शर्मा, भरत हथाया आदि सुबह दक्षिण विस्तार योजना में बाइपास किनारे पहंुचे। वहां एंट्री वाले 100 फीट रोड का बोटलनेक ध्वस्त किया। वहां पंकज सरूपरिया ने अपने भूखंड के साथ 100 फीट रोड पर आगे की तरफ 5-6 हजार वर्गफीट क्षेत्र में टिनशेड लगा रखे थे।

भीतर ऑयल, मशीनों के आइटम, टैंकर आदि रखे जा रहे थे। सौ फीट रोड पर बोटलनेक ध्वस्त करने के दौरान सरूपरिया ने गोवर्द्धन विलास क्षेत्र की जमीन का पट्टा और उस पर स्टे होना बताया। लेकिन, कब्जे वाली जगह सवीनाखेड़ा राजस्व ग्राम में आने से यूआईटी ने बोटलनेक तोड़ दिया।

हटे कैबिन, तोड़ी दुकानें
हिरणमगरी में मेनारिया गेस्ट हाउस के पास लगभग 40 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन के दोनों तरफ रोड पर बनी दुकानें ध्वस्त की गई। वहां रखे कैबिन खाली कर ले जाने के लिए कहा गया, जिस पर दुकानदारों ने कैबिन हटा लिए। वहां पक्की दुकानों सहित कार धुलाई का कारखाना भी ध्वस्त किया गया।

दोबारा कब्जा, फिर तोड़ा
नगर विकास प्रन्यास के दल ने हिरणमगरी सेक्टर-3 में बीएसएनएल ऑफिस वाली 100 फीट रोड के मुहाने पर हाल ही कब्जे ध्वस्त कर बोटलनेक खोला था। वहां पीछे हटी दुकानों के आगे फिर से 2 फीट तक कब्जा कर निर्माण कर लिया गया। इसे शनिवार को प्रन्यास के दल ने फिर तोड़ दिया। वहीं, गायत्रीनगर में बंजारा बस्ती के सामने मुख्य 120 फीट रोड किनारे घोड़े खड़े करने के लिए कब्जा कर बनाया गया चबूतरा, टिनशेड आदि ध्वस्त किया गया। यहां घोड़े बांधने के लिए जमीन पर अरसे से कब्जा किया हुआ था।

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