शिल्पग्राम उत्सव में दिखेंगे सांस्कृतिक रंग, आगाज 21 से

shilpgram-utsav-566fd40bf2d62_lउदयपुर. मेवाड़ की धरा पर और अरावली की सुरम्य वादियों में विभिन्न संस्कृतियों का मिलन और कलाओं के संगम की शुरुआत होने जा रही है। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से दस दिवसीय राष्ट्रीय हस्तशिल्प एवं लोककला उत्सव  शिल्पग्राम  का आयोजन  21 दिसंबर से हवाला गांव में होगा।   

21 राज्यों के 750 लोक कलाकार, 960 शिल्पकार
केंद्र निदेशक फुरकान खान, अतिरिक्त निदेशक सुधांशु व कार्यक्रम अधिकारी लईक हुसैन ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्सव में 21 राज्यों के 750 कलाकार भाग लेंगे। साथ ही विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से देश के कोने-कोने से 960 शिल्पकार अपनी कला, शिल्प का प्रदर्शन करेंगे। उत्सव में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से कलात्मक गतिविधयां व हाट बाजार प्रारंभ हो जाएगा। रोजाना शाम 6 बजे से  मुख्य रंगमंच कलांगन पर लोक कलाकारों द्वारा लोक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 
प्रमुख आकर्षण: 
– हिवड़े री हूक- पहली बार आगंतुकों के लिए एक विशेष आयोजन किया गया है जिसमें आमजन अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पाएंगे। 22से 28 दिसंबर तक दोपहर 12 से 4 बजे के मध्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए नाम पहले पंजीकृत कराना होगा। 
– वृत्तचित्र प्रदर्शन- उत्सव में पहली बार फिल्म माध्यम को सम्मिलित किया गया है। केंद्र द्वारा विगत सालों में कुछ कलाओं व शिल्प पर लघु वृत्तचित्रों का निर्माण किया गया है। ये वृत्त चित्र मुख्य रंगमंच, कला निवास और कलाकुंज के समीप विशाल एलईडी स्क्रीन पर दिखाए जाएंगे। 
– विशेष दिवस- पश्चिम भारत के राज्य राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, व गोवा केंद्र के सदस्य राज्य हैं। इन राज्यों की कलाओं का विशेष प्रदर्शन मुख्य रंगमंच पर किया जाएगा। 
– हास्य झलकियां- मेहमानों को स्वस्थ मनोरंजन के लिए हास्य झलकियां होंगी। इसमें लघु नाटिकाओं में विभिन्न विषयों पर विशुद्ध हास्य देखने को मिलेगा। 
-मिमिक्री- अहमदाबाद के हेमंत खरसाणी इस विधा के जाने-माने कलाकार हैं। इनकी मिमिक्री में डॉग्स मीटिंग, युद्ध इत्यादि श्रेष्ठ हैं। ये अपनी प्रस्तुति से लोगों का मनोरंजन करेंगे। 
– कांच का नगाड़ा- मध्यप्रदेश के उज्जैन के नगाड़ा कलाकार नरेंद्रसिंह कुशवाहा कांच के नगाड़े पर प्रस्तुति देंगे। यह एक अनूठा प्रयोग है। 
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