…. जीनें दो कोख में मुझे, हम तो जीने का बहाना है

उदयपुर, । भारतीय लायन्स परिसंघ द्वारा आयोजित कन्या भूंण हत्या के विरोध में स्लोगन लेखन में प्रतियोगिता में कल मधु नाहर प्रथम व प्रकाश अमेटा द्वितीय रहे। जिन्हें मुख्य अतिथि समाजसेवी किरणमल सावनसुखा ने पुरूस्कृत किया।

परिसंघ की प्रणिता तलेसरा ने बताया कि मधु नाहर ने अपने स्लेागन में लिखा कि पराया धन क्यों कहतें हो, हम तो तुम्हारा खजाना है, जीने दो कोख में मुझे,हम तो जीने का बहाना है। लिखकर बेटी के प्रति अपनी ममत्व की छवि पेश की।

राष्ट्रीय समन्वक इन्दरसिंह मेहता ने बताया कि छाछ वितरण कर्यक्रम निर्बाध गति से संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन छाछ की मंाग बढती जा रही है।

 

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