उदयपुर ब्लॉग के लेंटर्न फेस्टिवल (ULF-17) के प्रति उदयपुर के युवाओं की दीवानगी चरम पर – फेस्टिवल 15 को .

संगीत का जादू बिखेरेगें मशहूर सिंगर पापोन

उदयपुर। उदयपुर वासियों के दिल के करीब रोशनी और रंगारंग से भरपूर उदयपुर ब्लॉग द्वारा आयोजित लेन्टर्न फेस्टिवल रविवार 15 अक्तूबर को शिल्प ग्राम के पास शोर्य गढ़ में होने जा रहा है। फेस्टिवल की रंगीनियों में सुरों का जादू बिखेरने के लिए इस बार बोलीवूड के मशहूर गायक पापोन अपनी लाइव प्रस्तुति देंगे। फेस्टिवल को लेकर युवाओं की दीवानगी का आलम अपने चरम पर है।
उदयपुर ब्लॉग हर वर्ष की तरह इस बार भी लेन्टर्न फेस्टिवल (ULF-17) रविवार को आयोजित होने जा रहा है। लेन्टर्न की रंग बिरंगी रोशनी के बिच इस बार सुरों की गंगा भी बहेगी। बोलीवूड के मशहूर गायक “मोह मोह के धागे” जैसे गानों के फेम पोपान को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। उदयपुर ब्लॉग के संस्थापक डायरेक्टर युवा संजीत चौहान ने बताया कि लेन्टर्न पिछले पांच सालों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। संजीत ने बताया कि इससे होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक कल्याण और ज़रूरतमंदों के बीच समर्पित किया जाता है। इस बार भी इससे होने वाली आय को जरूरत मंदों में ही दान की जायेगी।

पांच साल पहले 300 लोगों के बिच फतहसागर की पाल से उदयपुर ब्लॉग के संजीत और उसके साथ जुड़े कुछ जोशीले युवाओं द्वारा शुरू किया लेन्टर्न फेस्टिवल अब उदयपुर की पहचान बनता जा रहा है। यह फेस्टिवल सिर्फ उदयपुर ही नहीं पुरे प्रदेश में ख्याति पा चुका है जयपुर जोधपुर, कोटा अजमेर बांसवाडा डूंगरपुर के युवा इसमें भाग लेने के लिए आते है . युवाओं को हर वर्ष इस फेस्टिवल का इंतज़ार रहता है।
इस बार रोशनी का यह रंगारंग फेस्टिवल शिल्पग्राम के पास स्थित शोर्य गढ़ में रविवार को शाम 4 से 10 बजे तक के बिच आयोजित होगा। इस बार करीब 6000 लोग इसको देखने पहुचेगें। फेस्टिवल को लेकर उदयपुर ब्लॉग की टीम तय्यारियाँ जोरों पर कर रही है।
रविवार फेस्टिवल की शुरुआत जयपुर के बैंड ष्स्वरागष् की फोक.रॉक और सूफ़ी संगीत के साथ होगी। अंतिम प्रस्तुति के रूप में शहर के कलाकार डीजे कविश भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इन सबके आलावा शाम के चार बजे से ही वहाँ आपको ढेर सारी मस्ती.डांस और म्यूजिक देखने को मिलेगाए इनके साथ आप खाने का मज़ा भी ले पाएँगेए अलग.अलग तरह के कई खाने की स्टाल्स वहाँ आपको सभी तरह के ज़ायके उपलब्ध करवाएगी। कई तरह के गेम्सए क्विज और सेल्फी कार्नर आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे। कई सरप्राइसेज़ भी आपका इंतज़ार करेंगे।

लेन्टर्न फेस्टिवल में प्रवेश करने के लिए अधिकतर पास युवा हाथो हाथ ले चुके है। सशुल्क प्रवेश की मांग लगातार बढती जा रही है। इवेंट के पासेज़ और फेस्टिवल से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए इस नंबर 7665555028 पर कॉल कर सकते है।

महारानी साहिबा के फरमान से कवी कुमार विश्वास को केंसल किया तो देश भर के कवियों ने कवी सम्मलेन का ही बहिष्कार कर दिया – डूंगरपुर कवी सम्मलेन

न्यूज़ पोस्ट उदयपुर। डूंगरपुर के लाखों लोगों को जिस कवी समेलन का महीने भर से इंतज़ार था वह मुख्यमंत्री राणी साहिबा के फरमान के बाद मायूसी में बदल गया। कवी सम्मलेन की आयोजक डूंगरपुर की नगर परिषद् ने अपने दीपावली मेले के दौरान होने वाले कवि सम्मेलन में जयपुर सीम हाउस से जारी हुए तुगलकी फरमान के बाद कवी कुमार विशवास को आने के लिए मना कर दिया तो, विरोध में बाकी कवियों ने कवी सम्मलेन का ही बहिष्कार कर दिया।
जानकारी के अनुसार डूंगरपुर में गुरुवार को दीपावली मेले में कवि सम्मेलन होना था जिसमे कुमार विशवास और उदयपुर के आजात शत्रु सहित देश के बड़े बड़े कवी भाग लेने वाले थे। दो दिन पहले ही जयपुर आलाकमान के आदेश पर नगर परिषद् डूंगरपुर को आदेश दिए गए कि डूंगरपुर में होने वाले कवी सम्मलेन में कवी डॉ कुमार विश्वास नहीं आने चाहिए। नगर परिषद् ने कवी सम्मलेन के संयोजक उदयपुर के कवी अजात शत्रु से कहा कि कुमार को केंसल कर दुसरे कवी को आमंत्रित करदो। जब यह बात कवी आजात शत्रु ने बाकी कवियों को कही तो कवी सम्मलेन में आने वाले सभी कवियों ने इसका भारी विरोध जताते हुए कवी सम्मलेन का ही बहिष्कार कर दिया। इधर डूंगरपुर के मेला प्रांगन में गुरुवार को रात ९ बजे तक हज़ारों की तादाद में जमा हुई पब्लिक कुमार विशवास का इंतज़ार करती रही लेकिन वहां कोई नहीं पहुचा। नगर परिषद् के सभापति के के गुप्ता ने आखिर 10 बजे सभी श्रोताओं से माफ़ी मांगी और कहा कि कवियों की फ्लाईट केंसल हो जाने की वजह से कवी नहीं पहुचे।
इधर महारानी साहिबा के इस फरमान का देश भर के कवियों और बुद्धि जीवियों ने जम कर आलोचना की। डॉ कुमार विशवास ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव आकर सभी डूंगरपुर वासियों से माफ़ी मांगी और ना आने की वजह भी बताई। गौरतलब है कि कुमार विशवास आम आदमी पार्टी के नेता है लेकिन वे एक कवी भी है। कवी के रूप में देश भर में उनको करोड़ों सुनने वाले और उनके फेन है। कुमार विशवास कवी के मंच से कभी पार्टी की बात नहीं करते वह सीधे तौर पर अपनी शैली की कविताओं का पाठ ही करते है। अपने फेसबुक लाइव में भी कुमार विशवास ने यह साफ़ किया कि वह चाहे पार्टी से जेड़े हुए है लेकिन कविता के मंच से वे कभी पार्टी की बात नहीं करते ना ही कभी करेगें। वे एक कवी है और मेरी कविता किसी भी पार्टी के नेता की चापलूसी में नहीं बिकेगी।
संयोजक कवी आजात शत्रु का कहना भी कि जिस कवी सम्मलेन का महीने भर पहले से सारा प्रोग्राम तय था उसको दो दिन पहले रद्द करना वह भी राजनैतिक पार्टी के लाभ और हानि को देखते हुए जो बिलकुल गलत है। एक तरह से यह साहित्य और कविता का अपमान है। लाखो लोगों की जनता की भावना का अपमान है।
जानकारी के अनुसार डूंगरपुर में होने वाले कवी सम्मलेन की तारीख महीने भर पहले से तय थी। कुमार विशवास की डेट भी पहले ही तय कर राखी थी। डूंगर पुर नगर परिषद् के जिम्मेदारों को भी जब पता था कि डॉ कुमार विशवास आम आदमी पार्टी के नेता है तो उन्हें पहले ही नहीं बुलाया जाता तो कम ए कम साहित्य और कविता का अपमान तो नहीं होता।

 

 

गुलाबचंद कटारिया ले रहे है राजनीति से संन्यास ? वायरल सच या साजिश

उदयपुर। मेवाड़ भाजपा के कद्दावर नेता, गृहमंत्री और शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने राजनीतिक जीवन से संन्यास लेेने की घोषणा की है। वे 74 वर्ष के हो चुके है और स्वास्थ्य की दृश्टि से खुद को कमजोर महसूस कर रहे हैं इसलिए वह अब चाहते है कि उनकी इस स्थाई सीट पर किसी नए चेहरे को मौका मिले और वह अपना बाकी जीवन संघ में लगाना चाहते है। आज सुबह से यह घोषणा पत्र सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है। शहर भर में इस घोषणा पत्र को लेकर पार्टी के नेता अचंभित है। हालाँकि पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि यह घोषणा पत्र किसी की शरारत है।
शहर ही नहीं पूरे प्रदेश में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को जानने वाले किसी भी इंसान ने जैसे ही यह घोशणा पत्र सोशल मिडिया पर पडा, हैरान और अचम्भित  हो गया। सूत्रों के अनुसार यह काम कटारिया के विरोधियों का है। विरोधियों द्वारा यह शरारत उदयपुर से नहीं और जयपुर से की है। दिन भर यह मैसेज आगे से आगे बढ़ता गया और जयपुर से चलकर भाईसाहब के गढ़ उदयपुर तक आ गया। शहर में कई लोग इसे है जिन्होंने बताया की अधिकतर ग्रुप में जयपुर से जुड़े हुए लोगों ने यह मेसेज डाला। दिन भर शहर में इस मेसेज के बारे में ही चर्चा होती रही।  कटारिया समर्थकों का कहना है कि यह भाईसाब के लिए साजिश रची गयी है। इस मामले में पार्टी के प्रवक्ता चंचल अग्रवाल ने भी कहा कि यह फर्जी मेसेज है और किसी की शरारत है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को मेवाड़ के लाड़ले और जन – जन के लोकप्रिय गुलाब चंद कटारिया जीवन के 74 वर्ष पूर्णकर 75 वे वर्श में प्रवेष करने जा रहे है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से शहर में कई आयोजन भी होंगे। ऐसे में शुक्रवार को भाई साहब इस बात का भी पर्दाफाष कर देंगे की यह शड़यंत्र है या सत्य । सोषल मिडिया पर वायरल हुए उस घोशणा पत्र में अक्षरषह क्या लिखा हुआ था।  ’कटारिया के राजनीतिक सन्यास की घोषणा’  जयपुर – भाजपा प्रदेश की हुई बैठक के बाद राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने जयपुर में कहा जी अब में 74वंे वर्ष पूर्ण करने वाला हुं और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी कमजोर महसूस कर रहा हंु अब में चाहता हु की नए लोगो को मौका मिले । उनसे जब अगले विधानसभा चुनाव के बारे में पूछा तो कहा कि अगली बार भी प्रदेश में भाजपा ही सरकार बनाएगी और रहा सवाल खुद के चुनाव लड़ने का तो में इस बार चुनाव नही लड़ूंगा और राजनीति से पूर्ण सन्यास लेकर संघ को अपना पूर्ण समय दूंगा।

शहर के बीचोबीच चोरों का आतंक, नहीं उड़ी खाकी की नींद, भट्टियानी चैहट्टा से दस लाख के जैवर और डेढ लाख की नगदी की साफ

उदयपुर। उदयपुर शहर में इन दिनों चोरों का आतंक थमने का नाम ही नहीं ले रहा है । खाकी डाल – डाल है तो चोर पात-पात और घण्टाघर थाने की तो बात ही कुछ और मंदिर के दस्तावेज चुराने वाले दादा पोते का अभी तक सुराख नहीं लगा है, वहीं भट्यिानी चैहट्टा इलाके में मंगलवार रात को एक निर्माणाधीन मकान को चोरों ने ऐसी सेंध मारी कि हाल ही यहां रहने आए मकान मालिक का मन ही यहां से उठ गया है। सूने पडे़ मकान से चोर करीब दस लाख रूपये के जेवर और डेढ लाख रूपये की नगदी चुरा कर ले गये। इस घटना की जानकारी भी पीड़ित को तब मिली जब मकान मालिक अपने परिवार के साथ जयपुर से उदयपुर लौटा। मकान मालिक ने जब सुबह उदयपुर आकर घर के ताले खोलने चाहे तो वह टूटे हुए थे। यह देख घर के सभी लोग बेसुध हो गए और सबसे पहले पुलिस को सूचना दी । कुछ देर बाद खाकी भी मौके पर पंहुच गई और घटना के बारे में जानकारी लेते हुए अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज जांच षुरू कर दी है। हालाकि इस घटना से पुलिस की रात्रि गस्त पर कई सवाल खडे हो रहे है क्यो कि भट्यिानी चैहट्टा शहर के बीचों बीच होने और जिस मकान में चोरी हुई उसके आसपास कई मकान होने के बाद भी किसी को पता नही चला ऐसे में लगता है कि पुलिस की रात्रि गस्त केवल नाम मात्र की रह गई है। इस चोरी की घटना के बाद मकान मालिक ने बताया कि मकान का निमार्ण कार्य चलने से यहां पर नगदी घर पर ही रखी थी लेकिन अचानक नीजी काम होने से परिवार के साथ जयपुर जाना पड़ा इसके चलते चोरों ने इस घटना को अंजाम दिया।

दिवाली पर स्मार्ट सिटी को गंदा करने की धमकी, साफ करने वाले ही नहीं चलने देंगे एक भी झाडू

उदयपुर। दीपावली के दिन शहर गन्दा करने की धमकी दी है बेरोज़गार सफाई कर्मियों ने। नगर निगम में अटकी पडी सफाई कर्मियों की भर्ती के विरोध में बुधवार को वाल्मिकी ओर हेला समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्री के बाहर नगर निगम की ओर से अटकाई जा रही भर्ती पर रोष व्यक्त किया। मुख्य मंत्री को दिए ज्ञापन में अगर 7 दिन में इसका निस्तारण नहीं किया गया तो दीपोत्सव के दिन शहर गन्दगी से भर जायेगा।
हो सकता है दीपो के महोत्सव के दौरान स्मार्ट सिटी उदयपुर में गंदगी ही गंदगी रहेगी और जिसनें भी इस शहर को साफ करने का प्रयास किया उसे बुरा खामियाजा भुगतना भी पड़ सकता है। 738 जरूरतमंदों ने जिला कलेक्टर के मार्फत मुख्य मंत्री को आज धमकी दी है कि दिवाली से पहले अगर उन्हें सरकारी नियुक्त नहीं मिली तो वह झाडू रोको आंदोलन करेंगे और किसी को भी सफाई नहीं करने देंगे। बेरोजगार सफाई कामगार संघर्श समिति की ओर से बुधवार को मुख्य मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को भर्ती प्रकिृया पूरी करने को लेकर ज्ञापन दिया गया। जिसमें हवाला दिया गया है कि तत्कालीन राजस्थान सरकार ने 2012 में सफाई कामगारों के नवीन पद सृजित करके 20 हजार सफाईकर्मियों की सीधी भर्ती करने की अनुषंसा की गई थी। इसके तहत उदयपुर नगर निगम में 1054 सफाई कर्मचारियों के पदों की आवष्यतानुसार निकाय ने भर्ती करने के लिए दिशा निर्देष जारी किए गए थे। लेकिन अभी तक सरकार द्वारा बार – बार नियमों में परिवर्तन और टालमटोल की नीति के चलते समय पर भर्तियां नहीं की जा सकी। 2014 में सिर्फ 97 विधवा और 219 महिलाओं का आरक्षित कोटा पूरा करते हुए नियुक्तियां दी गई और बाकी 738 सफाईकर्मियों को बाद में भर्ती करने का आष्वासन दिया गया। इसके बाद से ही भर्ती प्रकिृया में न्यायालय से रोक का बहाना बनाकर भर्तियां जबरदस्ती अटका रखी है। इतना ही नहीं ज्ञापन में इस बात का हवाला भी दिया गया है कि परम्परागत सफाई विषेश जाति सुदाय के लोग ही करते आए है और वह ही असल में कर सकते है। लेकिन अन्य लोगों को सफाई के पदों पर आसानी से भर्ती मिल जाती है, परंतु बाद में काम करने में असमर्थ रहते हैं। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से विभिन्न विभागों और निकायों में सफाई समुदाय के परम्परागत सदस्यों को ही प्राथमिकता देने के दिषा निर्देष लिखीत में जारी किए गए थे लेकिन सरकार द्वारा उन निर्देषों के अनुरूप न्यायालय में उचित पैरवी नहीं करने के कारण विपरित स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। वाल्मीकि और हेला समाज के युवकों ने जिला कलक्ट्री पर प्रदर्शन करते हुए मांगे नहीं माने जाने पर शहर को गन्दा करने की चेतावनी दी है।

नाबालिग पत्नी से बनाया शारीरिक संबंध तो वह बलात्कार होगा .

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न्यूज़ पोस्ट . सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक बड़ा फैसला सुनाया . सुप्रीम कोर्ट ने कहा की अगर 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाए तो वह बलात्कार मना जा सकता है . कोर्ट ने कहा कि शारीरिक संबंधों के लिए उम्र 18 साल से कम करना असंवैधानिक है. कोर्ट ने IPC की धारा 375 के अपवाद को अंसवैधानिक करार दिया. अगर पति 15 से 18 साल की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो रेप माना जाए. कोर्ट ने कहा ऐसे मामले में एक साल के भीतर अगर महिला शिकायत करने पर रेप का मामला दर्ज हो सकता है.

  1. इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की तमाम दलीलों को ठुकराया.
  2. कोर्ट ने कहा कि महज इसलिए कि बाल विवाह की कुरीती सदियों से चली आ रही है इसे कानूनी जामा नहीं पहनाया जा सकता.
  3. कोर्ट ने कहा, ये गैरकानूनी है और अपराध है.
  4. कोर्ट ने कहा कि संसद ने ही कानून बनाया कि 18 से कम उम्र की बच्ची न तो कानूनन शादी कर सकती है न ही सेक्स के लिए सहमति दे सकती है.
  5. कोर्ट ने कहा, संसद ने ही कानून के जरिये बाल विवाह को अपराध बनाया.
  6. कोर्ट ने किया सवाल, उसी बच्ची का बाल विवाह हो जाए और पति जबरन सेक्स करे तो वो अपराध नहीं? ये बिलकुल बेतुका और असंवैधानिक है.
  7. कोर्ट ने टिप्पणी की कि 18 साल से कम की उम्र में शादी बच्ची के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है.
  8. कोर्ट ने कहा, संविधान के अनुछेद 14 के तहत बराबरी के हक और अनुछेद 21 के तहत जीने के अधिकार का भी हनन करता है.
  9. कोर्ट ने कहा, ये पॉस्को कानून के भी खिलाफ है.
  10. कोर्ट ने फैसला दिया कि आईपीसी की धारा 375 का वो प्रावधान असंवैधानिक है जिसके तहत पति को छूट है कि अगर वो 15-18 साल की पत्नी के तहत शारीरिक संबंध बनाएगा तो वो रेप न

बेटी की एक गलती ने कर दिया पुरे परिवार का खात्मा – एक साथ चार अर्थियां देख रो पड़ा शहर

उदयपुर। झीलों के शहर नजारा मंगलवार को काफी गमगीन था। जिस ब्राहमण परिवार को इस शहर ने 25 वर्ष पूर्व पनाह दी,, अपना बनाया उनमे से चार सदस्यों की अर्थी एक साथ शहर से निकली तो शवयात्रियों के साथ इस नजारे को देखने वाले लोगों की भी आंखें भर आई। दो दिन पहले खुशहाल जीवन जीने वाले पूरे परिवार का खात्मा बड़ी बेटी की एक गलती ने कर दिया। जो इस शहर के इतिहास में काले दिन के नाम से दर्ज हो गया है। हेप्पी होम स्कूल के वाईस प्रिंसिपल विनोद शर्मा ने अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ सोमवार दोपहर को जहर खा लिया, जिन्हें बाद में महाराणा भूपाल चिकित्सालय में अचेतावस्था में भर्ती कराया गया था। जहां ईलाज के दौरान सबसे पहले विनोद षर्मा के पत्नी कल्पना षर्मा ने दम तोड़ दिया और उसके बाद करीब 8 बजे बेटी अंजु षर्मा और थोड़ी देर बाद बेटे निखील की भी मौत हो गई थी। इलाजरत विनोद शर्मा भी अपनी सांसों को कुछ ही देर रोक पाए और रात करीब 10 बजे उनकी भी मौत के साथ पूरे परिवार का खात्मा हो गया। धोलपुर से आए परिजन सीधे महाराणा भूपाल चिकित्सालय की मुर्दाकाठरी में पहुंचे जहां विनोद शर्मा और उनके ​परिवार के सभी सदस्यों का पोस्टमार्टम चल रहा था। इस दौरान माहौल पूरा गमगीन हो गया था। प्रतापनगर थाने के एसएचओ हनुवंत सिंह ने परिजनों से बातचीत की। वहीं विनोद शर्मा से पढने वाले कई छात्र भी मोर्चरी के बाहर पंहुच गये। मोर्चरी के बाहर जमा सभी लोगों में इस बात की चर्चा रही कि विनोद शर्मा काफी सीधे इज्जतदार शख्श थे। उनका पढ़ाने के तरीका इतना अच्छा था कि एक बार में छात्र के दिमाग में बैठ जाता था। उनके घर पर भी दर्जनों छात्र ट्यूशन पढने आते थे। लेकिन जब घर की सबसे बड़ी बेटी की दूसरी कास्ट में शादी करने की सूचना मास्टर जी को मिली तो उनको बहुत बड़ा धक्का लगा। इतने वर्षों से शहर और समाज में जो इज्जत कमाई थी उसको कलयुगी बेटी ने एक बार में ही मिट्टी में मिला दिया। इस वाकये से कुछ भी फैसला नहीं कर पाने वाले विनोद शर्मा ने बड़ी बेटी को छोड़ पूरे परिवार के साथ जहर खा लिया और सुसाईट नोट में लिख दिया कि सभी ने अपनी मर्जी से आत्महत्या की है इसके लिए कोई जिम्मेदार नही है, परिवार के खत्म हो जाने के बाद उनकी चल और अचल सम्पति छोटे भाई पुरूशोत्तम शर्मा के नाम कर दी जाए। रूह को कंपा देने वाली इस घटना की मुख्य किरदार मानी जाने वाली बड़ी बेटी कोमल शर्मा का अभी तक कुछ भी पता नहीं चला है। पूरे परिवार के खात्मे का कारण भी अभी तक उसे ही माना जा रहा है लेकिन खाकी उस तक नहीं पंहुच पाई है हालाकि अनुसंधान जारी है और कोमल के सामने आने के बाद ही इस पूरी कहानी से पटाक्षेप हो पाएगा।

Homoeopathy ,wings of Hope for recurrent abortion – Dr Kajal Verma

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Abortion refers to expulsion of the fetus from uterus before the 20th week of gestation. When abortion occurs spontaneously, it is referred to as spontaneous abortion or miscarriage. Vaginal bleeding occurring during the first 20 weeks of pregnancy is referred to as threatened abortion. Bleeding varies from light spotting to heavy bleeding. This may or may not be attended with abdominal pain. Recurrent or habitual abortion refers to three or more spontaneous abortions occurring one after the other without any intervening pregnancy

Causes of abortion /miscarriage

-Fetal and maternal complaints are the two major causes of miscarriage. Causes related to fetus are mainly related to genetic makeup of the fetus. The most frequent cause of miscarriage in the first trimester of pregnancy is abnormal development of fetus, that is either due to chromosomal abnormality or teratogenic factor.

-Immunological factors may also present as a responsible factor for miscarriage. Another

डॉ. काजल वर्मा

common cause of early miscarriage includes abnormalities in implantation. Placental circulation does not develop due to inadequate implantation, leading to poor fetal nutrition, which ultimately may cause miscarriage.

-Miscarriage may also cause when the corpus luteum on the ovary fails to produce sufficient progesterone to maintain deciduas basalis.

-Failure of the growth of fetus due to an infection may also cause miscarriage, infections like Rubella, Syphilis, and Poliomyelitis readily cross the placenta and can produce complications.

-Teratogenic drugs like isotretinoin can be a cause for miscarriage.

Other causes mainly include

-Ager over 42 years
-Excessive smoking during pregnancy
-Alcohol intake during pregnancy
-Serious health problems like kidney disease.

Sign and Symptoms of abortion/ miscarriage

cramping pain and vaginal bleeding which can be mild, moderate, or severe, expulsion of tissue resembling clots.

Risk Factors

1. An increase in maternal age. Women under the age of 35 have about a 15% chance of miscarriage, but if you are over 35 yrs old, your chance of having a miscarriage goes up (your eggs get older too).
chance of miscarriage.
2. Pregnancies involving more than one fetus.
3. Uncontrolled diabetes. Women with controlled diabetes are not at higher risk of
miscarriage.
4. Polycystic ovary syndrome is a risk factor for miscarriage, with 30-50% of pregnancies
in women with PCOS being miscarried in the first trimester.
5. High blood pressure during pregnancy, known as pre eclampsia, is sometimes caused
by an inappropriate immune reaction to the developing fetus, and is associated with
the risk of miscarriage. Women with a history of recurrent miscarriages are at risk of
developing pre eclampsia.
6. Severe cases of hypothyroidism The effect of milder cases of hypothyroidism on
miscarriage rates has not been established.
7. The presence of certain immune conditions such as autoimmune diseases is associated
with a greatly increased risk of miscarriage.
8. Certain illnesses (such as rubella, chlamydia and others) increase the risk of
miscarriage.
9. Tobacco (cigarette) smokers have an increased risk of miscarriage. An increase in
miscarriage is also associated with the father being a cigarette smoker.
10. Cocaine use increases miscarriage rates. Physical traumas, exposure to environmental
toxins, and use of an IUD during the time of conception have also been linked to
increased risk of miscarriage.

Homeopathic approach

Homeopathy has a definite outcome to increase prospects of advancing pregnancy in most patients. Homeopathic treatment for miscarriages focus both on physical and emotional imbalances in a person. Homeopathy plays a constructive role in treating miscarriages by reinforcing the reproductive organs in both men and women, by improving uterine hostility and by regulating hormonal balance. The homeopathic constitutional approach also aides by mounting the thickness of the uterine lining and preventing the uterus from contracting hence abating chances of a miscarriage; it corrects placental insufficiency and can increase the quality and quantity of sperm count in men. The remedies furthermore help improve the patient’s immunity hence acting as prophylactic against infectious and systemic diseases. It can also be advantageous in reducing anxiety and grief caused by recurrent loss of pregnancy. Furthermore, reducing these overwhelmed emotions can help the embryo implantation take place in a favourable environment. Homoeopathy is a system of medicine directed at assisting the body’s own healing process and healing diseases.

मटके कारोबार में उधारी नहीं चुकाने वाले महेष सिंधी ने ही दोस्त के साथ मिलकर मारी थी राकेश सिन्धी गोली

हत्या करने वाला महेश सिन्धी

उदयपुर शहर के गोवर्धन विलास थाने से महज पांच सौ मीटर दूर कपड़ा और ब्याज व्यवसायी की हत्या करने वाले को आखिरकार पुलिस ने दो दिन के अंदर अंदर पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की है। मटके और सट्टे का खेल मृतक राकेश खतवानी को इतना भारी पड़ेगा उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। जीहां ब्याज के साथ – साथ राकेश मटके और सट्टे का भी खेल खेलता था। हिरण मगरी सेक्टर छह निवासी महेश सिंधी से एक लाख 20 हजार रूपए मांगता था, यह रूपया दोनो के बीच खेले गए मटके का बाकी था। खाकी की गिरफ्त आए महेश सिंधी ने कबूल किया है कि दो साल पहले राकेश से इसी उधारी हो गई थी और आधे पैसे उसने लौटा भी दिए थे, लेकिन माली हालत और खराब होती गई और महेश पैसे देने में असमर्थसा हो गया। ऐसे में राकेश महेश को हमेशा उसके घर पर बोल देने की बात पर धमकाता रहता था। कई बार राकेश महेश के घर के सामने भी आकर उसे फोन करता था। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए उसने अपने मित्र उत्तरप्रदेश के दिनेश कुष्वाह से सम्पर्क किया जो हाल में बड़ोदा नर्सरी के पास रहता है और सब्जी मण्डी में कार्य करता है। दोनों ने राकेश को ठिकाने लगाने के लिए एक शड़यत्र रचा और कहीं से एक देषी कट्टे का इंतेजाम कर लिया। वारदात वाली शाम दोनो ने राकेश को सीए सर्किल के यहां मटके के कारोबार की पूरी फाईल लेकर बुलाया और बाद में तीनों ही आगे एकांत जगह में शराब पीने और पैसे का हिसाब वहीं करने की बात करके युएन आॅटोमोबाईल के सुनसान इलाके में चले गए। अंधेरे का फायदा उठाते हुए महेष सिंधी ने बिना कोई अवसर दिए स्कूटी पर बैठे राकेश के सीने में गोली मार दी। राकेश ने तत्काल भागने की भी कोशिश की लेकिन कुछ दूरी पर ही धड़ाम से गिर पड़ा। इसके बाद दिनेश और महेश दोनो आरोपी मोटर साईकिल लेकर फरार हो गए और उदियापोल के रैन बसेरे में दोनो ने रात्रि विश्राम किया और सुबह उठकर दोनो खमनोर चले गए दिन में वापस आए तब उन्हें राकेश के मरने की सूचना मिली। इस पर दोनो अलग – अलग हो गए। खाकी ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महेश सिंधी को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन वारदात में शामिल शड़यंत्रकर्ता दिनेष अभी भी खाकी की पंहुच से दूर है।

समाज में शर्मसार होने से बचने एक ही परिवार के चार लोगों ने खाया ज़हर – 3 की मौत

पोस्ट न्यूज़। उदयपुर शहर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के चार लोगों ने सोमवार दिन में जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इनमें से माँ बेटा और बेटी की तो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि एक पिता की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस की तप्तिश में मिले सुसाईट नोट में सभी ने अपनी स्वेच्छा से बिना किसी के दबाव में आए जहर खाने की बात स्वीकारी है, लेकिन सूत्रों की माने तो घर के एक सदस्य के कहीं चले जाने के बाद लोकलाज के चक्कर में पूरे परिवार ने आत्महत्या करने की ठान ली। शहर के ग्लास फेक्ट्री इलाके में रहने वाले पेशे से शिक्षक रहे विनोद कुमार शर्मा ने सोमवार को दिन दहाड़े अपनी पत्नी कल्पना शर्मा , छोटी बेटी अंजु शर्मा और बेटे निखील षर्मा के साथ मिलकर चुहे मारने की दवा पीली। इस दौरान बड़ी बेटी कोमल षर्मा मौजूद नहीं थी। सुसाइड करने से पहले इन्होंने मकान के बाहर आज छुटी है कि चिट चस्पा कर दी। ट्यूशन आये बच्चे वापस जाने लगे उसी उक्त विनोद का छोटा भाई पुरषोत्तम आ गए उनको छोटी बेटी अंजू ने बेहोसी की हालत में इस कदम की फोन पर जानकारी दे दी। पुरुषोत्तम ने पड़ोसियों के जरिये देखा तो गेट खुल गया अंदर चारो उल्टी किये हुए अचेत पड़े थे। छोटे भाई और पड़ोसियों ने सभी को अस्पताल पहुंचाया ओर पुलिस को सूचना की। कमरे में सल्फॉस की गोलियां, जहर की शीशी ओर पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। भूपाल चिकित्सालय पंहुची जहां इलाज के दौरान कल्पना शर्मा और निखील शर्मा की मौत हो गई बाद में इलाज के दौरान ही अंजू की भी मौत हो गयी। विनोद शर्मा की हालत नाजुक बताई जा रही है। पता चला है कि समाज में प्रतिश्ठित विनोद कुमार शर्मा हेप्पी हाॅम स्कूल के अध्यापक थे और कुछ दिनों से परिवार में काफी परेषानी भी चल रही थी।