जावर के डीएवी स्कूल में बिईंग सेफ वर्कषाॅप का आयोजन

उदयपुर । डीएवी सेकण्डरी स्कूल जावर में मंगलवार को आयोजित बिईंग सेफ वर्कषाॅप में लगभग 100 से अधिक बच्चों ने सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संकल्प लिया। हिन्दुस्तान जिं़क के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेषन एवं बिईंग सेफ के फाउण्डर पवन कौषिक इन बच्चों से मिलने और इनके साथ इन्टरेक्षन के लिये डीएवी स्कूल जावर पहुंचे।

इस वर्कषाॅप में पवन कौषिक ने बच्चों से बातचीत के दौरान सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी देते हुए स्कूली बच्चों को बताया कि सुरक्षा की भावना अपने भीतर से आनी चाहिए। सुरक्षा के बारे में अध्यापिक एवं पेरेन्टस उन्हें सिखा सकते हैं क्रियान्वयन स्वयं को ही करना पड़ेगा। सुरक्षा के प्रति जागरूकता से खुद एवं परिवार सुरक्षित होगा, बच्चों को अपने से बड़ों, अध्यापकों एवं परिवार के हर बडे सदस्य की बात माननी चाहिए। विषेष रूप से इस उम्र में सडक सुरक्षा के लिये ट्राफिक नियमों की पालना, हेलमेट पहनना, बिना लाईसेंस वाहन नहीं चलाना, सुनिष्चित करना होगा। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से संवाद के लिये प्रजेन्टेषन के माध्यम से एक कहानी भी प्रस्तुत की जिसमें बच्चों की जिद और माता पिता की अपेक्षा दर्षाया गया था जिसे बच्चों ने खूब पसंद किया और उसकी गहराई को समझा, साथ ही विचार-विमर्ष भी किये।

पवन कौषिक ने बताया कि प्रति वर्ष भारत में लगभग एक लाख पच्चास हजार लोगों की किसी न किसी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है और यह भी देखा गया है कि लापरवाही से चलाने वाले वाहनों से बेकूसरों की जान चली जाती हैं। इन सब से बचने का एक ही तरीका है कि अपनी खुद की सुरक्षा और परिवार की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य एवं अध्यापकों ने इस वर्कषाॅप को लाभदायक बताया। बिईंग सेफ प्रोजेक्ट के माध्यम से पवन कौषिक ने अब तक करीब ढाई हजा़र से अधिक बच्चों और परिजनों से मिल चुके है, जिसके अन्तर्गत लघु फिल्म, प्रजेन्टेषन और कहानी के माध्यम से बच्चों को स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने की जाानकारी दी जा रही है।

बिईंग सेफ के फाउण्डर पवन कौषिक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्धेष्य सडक, घर या कार्यस्थल एवं हर स्थान पर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना है, सुरक्षा नियम सुरक्षा के लिए बनाये जाते हैं सभी को सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए जिससे परिजनों और बच्चों के स्वयं के मन में सुरक्षा के लिये प्रतिबद्धता उत्पन्न हो।

हथियारों के फर्जी लाइसेंस, खतरनाक हथियारों का जखीरा, संगीन अपराध फिर भी मिली आसानी से जमानत

उदयपुर । फर्जी लाइसेंस और खतरनाक हथियार रखने वालों की जमानत बड़ी आसानी से तो हो गयी लेकिन यह जमानत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गयी है। जिस कानून की नज़र में एक 8 इंच का चाकू रखना बड़ा गुनाह माना जाता है और जमानत के लाले पड जाते है वहां इन रसूख वालों ने अपने करोड़ों के दम पर खुद को कानून से बचा लिया। आश्चर्य नहीं होगा कल को इनके पास से मिले खतरनाक हथियार बच्चों के खिलोने साबित हो जाएँ और ये बच्चों की तरह मासूम करार दे दिए जाएँ। सत्ता में बैठे इनके आक़ा ये कारनामा बड़ी आसानी से कर सकते है।
एटीस ने अवैध हथियारों और उनके फर्जी लाइसेंस के मामले में बड़ी जोर शोर से कारवाई की राजस्थान के बड़े बड़े रसूखदारों के बगल में दबे हुए खतरनाक हथियार निकलवाये और इस मामले में अगर राजस्थान में सबसे आगे रहा तो वह हमारा उदयपुर। सूत्रों की माने तो यहाँ से अभी तक ४० से अधिक लोगों के पास अवैध हथियार और फर्जी लाइसेंस निकल चुके है जिसमे सब के सब बड़े लोग और ख़ास कर भूमि व्यवसायी शामिल है। 10 रसूखदारों को एटीस ने गिरफ्तार किया। लेकिन बुधवार को इनकी बड़ी आसानी से जमानत हो गयी। इन रसूखदारों की आसानी से जमानत होने के बाद लगने लग गया कि शायद इनके पास खतरनाक हथियार नहीं और बच्चों के खेलने वाले खिलोने थे। जिससे ये भूमि पर कब्जे करने, डराने, धमकाने, का काम नहीं और बच्चों की तरह छुप्पन छुपाई का खेल खेलते थे।  गलती से एटीस ने इनको गिरफ्तार कर लिया ये लोग तो मासूम लोग है। इन 10 मासूम लोगों जिसमे  जिनमें हिन्दू जागरण मंच के रविकांत त्रिपाठी, अरवाना काॅम्प्लेक्स हसन पालीवाल, दीपक परिहार, पारस बोलिया, सुमीत भण्डारी, संजय तलेसरा, विषाल सुहालका, निर्मल मट्ठा और इंतखाब आलम है इन्हें एटीस ने बेजा ही परेशान किया।
इन मासूम लोगों कि खिलोना बन्दूक से तीन महीने पहले एक बेगुनाह मछुआरे की मौत हो जाती है। इसमें एक मासूम एयर पोर्ट पर जेब में कारतूस लेकर घुस जाता है पुलिस को अपना फर्जी लाइसेंस दिखाता है और पुलिस इसको नादाँ बच्चा समझ कर छोड़ देती है। सबसे बड़ी बात ये सारे के सारे बेगुनाह लोग जिसमे अधिकतर कुछ समय पहले तक कुछ भी नहीं थे आज करोड़ों के मालिक बने बैठे है। गरीबों और मजबूर लोगों की जमीनों को शायद इन्ही खिलोना बन्दूक के डरा कर हड़प लिया और आज करोड़ों की प्रोपर्टी के मालिक बने बैठे है। और यही करोड़ों के मालिकों ने अपने करोड़ों के दम पर हथियारों और फर्जी लाइसेंस का खतरनाक खेल खेलने के बावजूद भी जमानत करवा ली। एक सामान्य आदमी के पास अगर सब्जी काटने का बड़ा चाक़ू भी मिल जाए तो उसकी जमानत के लाले पड जाते है लेकिन यहाँ तो ये लोग पुरे असलाह साजो सामान के साथ गिरफ्तार होने के बावजूद भी मासूम होने का खेल खेल रहे है।
क्या हमको पुलिस और एटीस की इस तरह की कारवाई पर सवाल नहीं उठाना चाहिए ?  आखिर सभ्य समाज में रहने के लिए ये लोग हथियारों का इस्तमाल क्यों करते है ?  और फिर फर्जी लाइसेंस का गोरखधंधा करते है। बीएसफ की ड्रेस में फर्जी फोटो खिंचवा कर सारे दस्तावेज फर्जी देते है, और फर्जी लाइसेंस बनवाते है।  क्या इनका यह कृत्य किसी देशद्रोह से कम है ?
लेकिन शायाद इनके रसूख और करोड़ों के दम पर ना तो इन लोगों से यह सवाल किये जायेगे ना ही इन पर कठोर कारवाई होगी। यही नहीं इन्हें इनोसेंट और मासूम बना कर क्लीन चिट और देदी जाएगी। और इनको क्लीन चिट दिलवाने का काम करेगें सत्ता में बैठे हुए कुछ कानून से खिलवाड़ करने वाले दलाल। सत्ता में बैठे हुए इनके आक़ा जिनके बलबूते पर ये मसूम लोग रातों तार भूमी की दलाली कर करोड़ पति बने है।

सोहराबुद्दिन एनकाउंटर मामले में सत्ताधारी नेता और बड़े अधिकारी हो गए बरी – फंसे हुए है छोटे पुलिस कर्मी .

उदयपुर . देश का बहुचर्चित सोह्राबिद्दीन एनकाउंटर मामला जिसमे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया सहित गुजरात और राजस्थान व्के गुजरात के  बड़े बड़े पुलिस अधिकारी फंसे हुए थे जो आज इस मामले से बरी हो कर अपना कद बढाने में लगे हुए है. लेकिन इसी मामले से जुड़े छोटे पुलिसकर्मी कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे है. जिम्मेदार बड़े लोग चेन की सांस ले रहे है और छोटे पुलिस कर्मी उनका मोहरा बन परेशानियों में ज़िन्दगी जी रहे है.
 सोहराबुद्दिन और तुलसी एनकाउंटर केस में  दो पुलिस कर्मियों राजस्थान के उदयपुर पुलिस कांस्टेबल करतार सिंह और गुजरात अहमदाबाद  सब इंस्पेक्टर बाल कृष्ण चौबे की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए मुम्बई सीबीआई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. जब की इसी मामले में बड़े अधिकारियों और नेताओं को बरी किया जा चुका है .
इस मामले में अब छोटे पुलिस कर्मी की कोई सुध लेने वाला भी नहीं है. नेता और बड़े अधिकारियों ने सोहराबुद्दीन और तुलसी के भूत से मानों पीछा छुड़ा लिया हो और अपने सर का भूत अब इन छोटे पुलिस कर्मियों पर डाल कर तमाशा देख रहे है.
सोहराबुद्दीन और तुलसी एनकाउन्टर ले मामले में बुधवार को करतार सिंह व् बालकृष्ण चौबे ने 15 नेताओं व उच्च अधिकारियों के सीआरपी सी की धारा 197 और 227 के तहत बरी होने के बाद इन्हें भी इन धाराओं के तहत बरी करने  का निवेदन करते हुए कोर्ट में याचिका लगाई थी। बुधवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पुलिस कर्मियों की याचिका खारिज कर दी। इन दोनों सहित इस मामले से जुड़े अन्य अधीनस्थ पुलिस कर्मी अब मुम्बई सीबीआई कोर्ट के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वही मामले से जुड़े सत्ताधारी नेता और , पुलिस अधिकारी न सिर्फ इस मामले से बरी हो गए है, बल्कि उन्होंने इस केस के जरिए जितना पद और कद पाना था, वह पा लिया और अपनी अब टीम को मझधार में छोड़ कर  केस से किनारा कर गए हैं।
मामले में आरोपी बनाए गए अमित शाह इस मामले के बाद ऐसे सुर्खियों में आए कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। मामले से जुड़े आईपीएस रह चुके डीजी बंजारा अब चुनाव लड़ कर विधायक और मंत्री बनने का सपना देख रहे है। सरकार ने इस मामले से जुड़े आईपीएस को भी खूब पदोन्नति दी। एक डीवाई एसपी को डबल प्रमोशन देकर मलाईदार जिले के एसपी की पोस्ट थमा दी और एक आईपीएस रिटायर हो गए तो उन्हें 2 साल का सर्विस एक्सटेंशन देकर अहम जिले में पोस्टिंग दे दी। राजस्थान के आईपीएस दिनेश एमएन को भी सरकार ने जेल से छूटते ही डबल प्रमोशन देकर आईजी बना दिया था। वहीं मामले से जुड़े अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को प्रमोशन तो दूर न्याय के लिए भी भटकना पड़ रहा है। इन पुलिस कर्मियों की स्थिति इतनी भी नही है कि वे मजबूत वकील खड़ा कर कोर्ट के सामने अपना पक्ष रख सकें। सीबीआई नेताओं और उच्च अधिकारियों के दबाव में आकर जल्द से जल्द ट्रायल शुरू करवाने का प्रयास कर रही है। ताकि इस मामले में अब तक बरी हो चुके बीजेपी नेता अमित शाह, गुलाबचंद कटारिया, मार्बल व्यवसायी विमल पाटनी, गुजरात के तत्कालीन डीजीपी डीसी पांडे, वर्तमान डीजीपी गीता जौहरी, आंध्रा के आईजी सुब्रमण्यम, गुजरात के आईपीएस राजकुमार पंड्यन, ओपी माथुर, चूडाश्मा, सेवानिवृत आई पी एस डीजी बंजारा, राजस्थान आईपीएस दिनेश एमएन,  गुजरात डीवायएसपी नरेन्द्र अमीन, दो अन्य व्यवसायी अजय पटेल, यशपाल चूडाश्मा सहित 15 लोगों को दोबारा इसमे फंसने का डर न रहे।  सूत्रों की माने तो बरी हो चुके अधिकारियों ने कोर्ट में गुजरात के तत्कालीन इन्सपेक्टर वीए राठौड़ को आरोपी बनाने की एप्लीकेशन लगाई और इस याचिका पर राठोड़ की डिस्चार्ज एप्लीकेशन भी खारिज कर दी गई। जबकि राठौड़ के खिलाफ न तो सीआईडी और न ही सीबीआई ने चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में राठौड़ के खिलाफ आरोप नही है, फिर भी उन पर चार्ज फ्रेम होंगे। यही हाल कांस्टेबल अजय परमार और संतराम शर्मा के साथ हुआ। सीबीआई ने इन दोनों कांस्टेबलों को मामले में आरोपी नही माना था। इसके बावजूद इनकी डिस्चार्ज एप्लीकेशन भी खारिज हुई। मामले में बरी हो चुके 15 नेता और अफसरों को डर है कि कहीं ये सरकारी गवाह न बन जाए और इन लोगों को दोबारा जेल न जाना पड़ जाए खास बात तो यह भी है कि सीबीआई को मामले में ट्रायल शुरू कराने की इतनी जल्दी है कि वह अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को सेशन कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद हाइकोर्ट में भी जाने का समय नही देना चाहती है। इन सब निर्णयों के बाद से राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र पुलिस कर्मियों में भारी रोष है और वे खुद को अपने ही अधिकारियों के अधीनस्थ रहकर अब कमजोर महसूस कर रहे है।

उदयपुर की गौरवी ने बनाया कार्तिमान

उदयपुर. हनुमानगढ़ (संगरिया) में आयोजित 62वीं राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में उदयपुर की उभरती तैराक गौरवी सिंघवी ने 3 इवेन्ट में स्वर्ण पदक हासिल किए।

जिला खेल अधिकारी ललित सिंह झाला ने बताया कि गौरवी ने 200, 400 व 800 मीटर फ्री स्टाइल में स्वर्ण पदक प्राप्त करते हुए यह उपलब्धि हासिल की और आखिरी 200 मीटर फ्री स्टाइल में तेज बुखार के चलते उसे जयपुर ले जाया गया। झाला ने बताया कि यदि गौरवी का स्वास्थ्य ठीक रहा तो कल होने वाली रिले प्रतियोगिता में भाग लेने पुनः हनुमानगढ़ जाएगी। गौरवी ने हाल ही राज्य स्तर पर 1500 मीटर फ्री स्टाइल में नया कीर्तिमान बनाकर समुद्री तैराकी में अपना परचम लहराया।

बयोलिजिकल पार्क की शेरनी ‘‘महक’’ की हालत में लगातार सुधार

उदयपुर. बायोलोजिकल पार्क सज्जनगढ़ में उपचाराधीन बब्बर शेरनी ‘‘महक’’ की बुधवार को पुनः वन विभाग के वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक दवाइयां दी तथा ऑख में आवश्यक औषधियां डाली गयी। चिकित्सकों के अनुसार ‘‘महक’’ की ऑपरेशन वाली दाई ऑख की सूजन कम हुई है साथ ही दृष्टि में सुधार हुआ है। उप वन संरक्षक वन्यजीव श्रीमती हरिणी वी. ने बताया कि ‘‘महक’’ ने कल 5 किलोग्राम मीट खाया है तथा इसकी 24 घण्टे स्टाफ द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार इसका फोलो-अप ईलाज एक सप्ताह चलेगा जो कि पार्क के स्थानीय चिकित्सक द्वारा किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि 7 वर्षीय शेरनी ‘‘महक’’ का कल दायी ऑख में तीसरी पलक की अतिवृद्धि बीमारी की वजह से विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम जिसमें जयपुर जू के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ अरविन्द माथुर, जोधपुर जू के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉॅ श्रवण सिंह राठौड़ एवं उदयपुर जू के पशु चिकित्सक डॉ करमेन्द्र प्रताप सिंह शामिल थे, ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया था।

महिलाओं की सहायता के लिए विकल्प हेल्पलाइन सेंटर की शुरुआत

उदयपुर. विकल्प संस्थान द्वारा लड़कियों- महिलाओं के लिए विकल्प हेल्पलाइन एवं सपोर्ट सेंटर की शुरुआत की गई. महापौर चन्द्र सिंह कोठारी ने इसका उदघाटन किया जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सोनी, महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक रश्मि कौशिक ने हेल्पलाइन सेंटर को हर संभव पुलिस और प्रशासनिक सहायता देने की बात कही .

महापौर चन्द्र सिंह कोठारी ने इस मोके पर कहा कि इस दौर में भी महिलाओं को हिंसा का सामना करना पड़ता है यह दुखद है. इस तरह के ढांचे बहुत ही जरुरी है जो उनको समझे और उनके सशक्तिकरण की प्रक्रिया करते हुए उसको संबल प्रदान करे. साथ ही उनको हिंसा मुक्ति जीवन जीने का विकल्प दे.

अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक ब्रिजेश सोनी ने कहा कि महिलाओं के लिए हिंसा मुक्त वातावरण बनाने में पुलिस द्वारा हर संभव मदद प्रदान करेगी| और सेंटर द्वारा हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को जरुरी पुलिस मदद प्रदान की जाएगी.

आगे उन्होंने कहा कि यौन हिंसा का सामना करने वाली लड़कियों को भी इस सेंटर से मदद मिलेगी और इसमें पुलिस पूरी मदद करेगी. महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक रश्मि कौशिक ने कहा कि महिला अधिकारिता विभाग महिलाओं के लिए विशेष कार्य करने के लिए ही शुरू किया गया है. हम मिलकर हिंसा मुक्त समाज बनाने का कार्य करते रहेंगे.

विकल्प की कार्यक्रम निदेशक उषा चौधरी ने कहा कि आंकड़े कहते है कि हर तीसरी महिला हिंसा का सामना कर रही है. देश में महिलाओं के लिए अच्छे कानून भी है. परन्तु सामाजिक माहोल और धारणाओं के चलते उनको हिंसा का सामना करना पड़ता है. ऐसे में विकल्प 2004 से ही महिलाओं पर हिंसा के मुद्दों पर सक्रियता से कम कर रहा है. 14 वर्षों के अनुभवों से लड़कियों और महिलाओं के लिए एक एसी जगह बनाने की कोशिश की है जहाँ पर बिना झिझक के और बिना डर के अपनी बात रख सकती है. इस सेंटर में उनको संबल मिलाता है, जीवन के संघर्षों से लड़ने की हिम्मत मिलाती है. सेंटर पर फ़ोन द्वारा, पत्र लिख कर, स्वयं आकर या किसी रिश्तेदार, परिजन एवं मित्र द्वारा अपनी बात बता सकती है| सेंटर प्रतिदिन 10 से 5 बजे तक कर करता है. इसका हेल्पलाइन नंबर 7300288555 है|

उषा ने आगे बताया कि सेंटर कि टीम जिले के स्कुल, कालेज, विभाग, संस्थाए एवं अन्य मंचों पर जाकर विकल्प हेल्पलाइन एवं सेण्टर की जानकारी देंगी, मीडिया में आने वाले महिलाओं के केस पर भी स्वयं आगे जाकर मिलेगी और कार्य करेगी| यह सेंटर लडकियों  और महिलाओ के संस्क्तिकरण का काम भी करेगा.

बाल कल्याण समिति कि प्रीति जैन ,सुशील दसोरा ,बाल मुकुंद गुप्ता ने कहा कि लडकियों से जुड़े मामलो में हम सभी का पुर सहयोग रहेगा |

कार्यकर्म में चाइल्ड लाइन, सम्बल महिला अल्पावास आवास गृह, बाल  कल्याण सिमित , पुलिस विभाग , सामाजिक कार्य कर्ता, एडवोकेट , संस्थाओ के प्रतिनिधियो ने भाग लिया .

कपासन के बुरहानी स्कूल में NIEL ने बच्चों को हैण्डराइटिंग इम्प्रुवमेंट की दी शिक्षा

उदयपुर। स्कूली बच्चों व शिक्षकों के लिए अंग्रेजी ज्ञान व हैण्डराइटिंग इम्पु्रवमेंट का 14 दिवसीय शिविर एनआईईएल संस्था द्वारा आयोजित किया गया।
संस्था निदेशक मेहजबीन मगर ने बताया कि इस १४ दिवसीय शिविर में कपासन स्थित बुरहानी स्कूल के कक्षा 1 से 8 तक के 150 बच्चों को हैण्डराइटिंग इम्पु्रवमेंट व अंग्रेजी का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के लिए स्कूली शिक्षकों के लिए भी रात 7 से 9 बजे तक इंग्लिश इम्पु्रवमेंट की कक्षाएं लगाई गई। शिविर संयोजक मुफ़द्दल बोहरा ने बताया कि शिविर के समापन पर मुख्य अतिथि स्कूल ट्रस्टी आबिद अली बोहरा व प्रधानाध्यापक मन्नालाल उपाध्याय ने अंतिम दिन हुई हैण्डराइटिंग इम्पु्रवमेंट प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेन्टों प्रदान किए।  अजय मीणा को बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर चुना गया। शिविर में मेहजबीन मगर, अलेफीया खोजेमा, फातेमा, नाजेमा एवं शाहेदा ने बच्चों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान उपस्थिति अभिभावकों ने बच्चों की लेखनी में हुए सुधार के लिए संस्था का आभार जताया।

पहल – गरबा मंडलों को दिलाई पर्यावरण संरक्षण की शपथ

0
उदयपुर .  बजरंग सेना मेवाड  तथा आलोक संस्थान की ओर से शुक्रवार को सेक्टर 11 स्थित श्रीराम मंदिर प्रांगण में  शहर के विभिन्न गरबा मंडल के सदस्यों को पर्यावरण संरक्षण एवं शहर की झीलों को बचाने के उद्देष्य से माताजी की तस्वीर भेंट की गई। बजरंग सेना के संस्थापक कमलेन्द्र सिंह पंवार ने बताया कि माताजी की तस्वीर का वितरण मुख्यआलोक संस्थान के निदेशक डाॅ. प्रदीप कुमावत ने 51 गरबा मंडलों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए माताजी की तस्वीर का वितरण किया गया। उन्होने बताया कि पीओपी की बनी माताजी की मूर्तिया न तो पानी में गलती है और इससे पानी रहने वाले जीव जन्तु एवं पर्यावरण को भी नुकसान होता है। पंवार ने बताया कि गरबा मंडलों में तस्वीर लगाने वाले मंडलों का आगामी माह में सम्मान समारोह का आयेाजन भी किया जायेगा। समारोह में डाॅ. घनश्याम सिंह भीण्डर, कृष्णकांत कुमावत,, शिवसिंह सोलंकी, मदन सालवी, राजकुमार खण्डेलवाल, भानु प्रताप सिंह, मनोज चावला, शंकर लाल माली, कर्णवीर सिंह, सुनील कालरा, गोपाल सिंह तितरडी, नाथुलाल सेन सहित विभिन्न सामाजिक संगठन एवं गरबा मंडलों के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इन गरबा मंडलों को दी तस्वीर:- राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पीपलीया  अम्बामाता नवयुवक मण्डल, महिला मंडल सेक्टर 11 सुर्या स्टेट, गवरी चैक वंदे मातरम ग्रूप सेक्टर 11, रावजी का हाटा गरबा मंडल, रामेश्वर गरबा मंडल सेक्टर 14, सेन्ट्रल एरिया गरबा मंडल, लेक पिछोला गरबा मंडल, पुला गरबा मंडल, नवदीप नवयुवक मंडल पहाडा, कृष्णपुरा नवयुवक मंडल, खाराकुआं नवयुवक मंडल, नवदुर्गा मित्र मंडल, राणा पुंजा नवयुवक मंडल, जयमाता दी, तितरडी गरबा मंडल, सकल राजपुत गरबा मंडल, पशुपतिनाथ गरबा मंडल,  नवयुवक मंडल सहित 51 मंडलों को तस्वीर का वितरण किया गया।

विजय माखीजा मीडिया प्रभारी बने

उदयपुर. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट एवं उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष सीताराम अग्रवाल के निर्देशानुसार जिला अध्यक्ष जसवन्त गन्ना की अनुशंसा पर उदयपुर जिले के उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के जिला मीडिया प्रभारी पद पर विजय माखीजा को नियुक्त किया गया।

विद्यापीठ के स्कूल आॅफ सोशल में ध्रूव राज सिंह झाला मिस्टर एवं सृश्टि मिस फ्रेशर चुनी

0

उदयपुर. युवाओं की उर्जा एवं सोच के बिना देश का विकास संभव नहीं है, देश की आधी से अधिक आबादी युवा है जो अपने को नई सोच के साथ जीने की चाह रखता है। युवा ही राष्ट्र का भविष्य है एवं विश्व की वर्तमान व्यवस्था में युवाओं पर  के उपर बडा दायित्व आ जाता है उक्त विचार बुधवार को जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक उदयपुर स्कूल आॅफ सोशल के छात्र छात्राओं की ओर से आयोजित  फ्रेशर पार्टी में प्रो. एस.के. मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कही। आयोजन सचिव गुंजन राणावत ने बताया कि हरिया बना, बेबी को  बेस पसन्द है, डीजे वाले बाबु मेरा गाना चला दे, किची है कलाईयां, ले ले तू सेल्फी ले ले तू, नागीन डांस,एकल डांस, समूह डांस, मिरिकरी, पधारांे म्हारे देश, म्हारी घूमर छे, पीली लुगड़ी रो, पंछिडा रे…, निम्बुडा – निम्बुडा देश भक्ति, राजस्थनी व पंजाबी गीतों पर छात्र छात्राए खुब थिरके। ये चुने मिस्टर एवं मिस फ्रेशर:- समारोह अध्यक्ष प्रो. एस.के. मिश्रा ने प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं के विभिन्न सत्र हुए जिसमें ध्रूव राज सिंह झाला मिस्टर फ्रेशर एवं सृष्टि मिस फ्रेशर चुनी गई जिन्हे अतिथियों द्वारा दुपट्टा एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डाॅ. अवनीश नागर, डाॅ. लाला राम जाट, डाॅ. सीता गुर्जर,  डाॅ. सुनील चैधरी, डाॅ. अनुकृति राव, कृष्णकांत कुमावत, नवनीत औदिच्य, कुंजबाला शर्मा, स्नेहलता शर्मा, राजकुमार शर्मा, शम्भू सिंह, सहित छात्र छात्राओं ने फ्रेशर पार्टी का जमकर लुफ्त उठाया।