सलमान-सैफ समेत 5 बॉलीवुड Celebs को 25 जनवरी को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा, काला हिरण शिकार मामले में सुनाए जाएंगे आरोप

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salmanउदयपुर . सलमान खान को काले हिरण के शिकार मामले में 25 जनवरी को मुलजिम बयान यानी उन पर कोर्ट में तय आरोप सुनाए जाएंगे। इस दौरान कोर्ट में सैफ अली खान, एक्ट्रेस नीलम, तब्बू और सोनाली बेन्द्रे को भी मौजूद रहना होगा। सलमान के खिलाफ चल रहे आर्म्स एक्ट में भी 18 जनवरी को फैसला आ सकता है।
 – 18 साल पहले जोधपुर के पास कांकाणी गांव में हुए हिरण शिकार मामले में सलमान खान, सैफ अली खान, सोनाली बेन्द्रे, तब्बू और नीलम आरोपी हैं।
– सलमान पर आरोप है कि उन्होंने 1 अक्टूबर 1998 की रात कांकाणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया था।
– ये सभी वहां हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में गए थे। आरोप है कि गोली की आवाज से गांव वालों की नींद खुल गई तो ये लोग हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग निकले।
– जोधपुर की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है। 25 जनवरी को इन सभी कलाकारों के खिलाफ कोर्ट की ओर से तय किए गए आरोप (मुलजिम बयान)पढ़ कर सुनाए जाएंगे।
– मुलजिम बयान सुनने के लिए आरोपी का कोर्ट में मौजूद रहना जरूरी है।
मुलजिम बयान का मतलब क्या है?
– मुलजिम बयान में एक-एक आरोपी को कोर्ट में तय किए गए आरोप पढ़कर सुनाए जाते है।
– अमूमन आरोपी सारे आरोपों को नकार देता है। कोर्ट उनसे अपने बचाव में कोई और सबूत पेश करने को कहता है।
– देखना होगा कि सलमान, सैफ सहित बाकी कलाकार अपने बचाव में क्या तर्क देते हैं।
– माना जा रहा है कि मुलजिम बयान के बाद 2-3 महीने में केस का फैसला अा जाएगा।
शिकार के 3 और आर्म्स एक्ट का 1 मामला
– 1998 में हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर 3 अलग-अलग जगहों पर हिरणों का शिकार करने का आरोप लगा।
– जोधपुर के पास भवाद गांव में 2 काले हिरणों, घोड़ा फार्म में 1 काले हिरण का और कांकाणी गांव में 2 काले हिरणों का शिकार किया गया था।
– भवाद और घाेड़ा फॉर्म में हुए शिकार के मामले में लोअर कोर्ट ने सलमान को 1 साल और 5 साल की सजा सुनाई थी।
– बाद में हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में सलमान को बरी कर दिया। अब इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
– जबकि कांकाणी गांव में दो काले हिरणों के शिकार मामले में इन कलाकारों को अब मुलजिम बयान पढ़कर सुनाए जाएंगे।
– जांच में पाया गया था कि सलमान खान को पिस्टल और राइफल के लिए जारी लाइसेंस की तारीख खत्म हो चुकी थी।
– ऐसे में सलमान के खिलाफ अवैध तरीके से हथियार रखने और उनसे शिकार करने का एक अलग से मामला जल रहा है।

प्रोफ़ेसर भर्ती घोटाले में सेवानिवृत्त प्रो. चुंडावत को एसीबी की टीम पूछताछ के लिए जोधपुर ले गई

acb-c_1484304717उदयपुर। जयनारायणव्यास विश्वविद्यालय में 2012-13 के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर के 111 पदों पर हुई भर्तियों के घोटाले में एसीबी ने शुक्रवार को सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो. डॉ. दरियाव सिंह चुण्डावत को पूछताछ के लिए जोधपुर ले गई। चुण्डावत उस भर्ती में राज्य सरकार के प्रतिनिधि थे। सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर दरियाव सिंह सुविवि में स्पोर्टस बोर्ड चैयरमेन, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, एचआरएम निदेशक तथा बोम के सदस्य भी रह चुके है। भर्ती के दौरान पद का दुरूपयोग करना एवं न्यूनतम योग्यता नहीं होने पर भी चहेतो को साक्षात्कार में शामिल करना आदि कई आरोप थे जिसे एसीबी ने जांच में प्रमाणित पाया था। विवादों में रहे प्रो. चुण्डावत कॉमर्स कॉलेज के डीन रहने के दौरान स्पोर्टस कोटे से ब$डी संख्या में छात्रों को प्रवेश देने को लेकर भी विवादित रहे है। इसी दौरान राजीव गांधी जनजाति विश्वविद्यालय का गठन हुआ। कुलपति के दावेदारेां में उनका नाम भी सबसे आगे था पर विवादों के कारण उनका नाम अंतिम समय में कट गया। वर्तमान में चुण्डावत एश्वर्या कॉलेज में कार्यरत है।

भारती घोटाले मामले में जयनारायणव्यास विश्वविद्यालय में 2012-13 के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर के 111 पदों पर हुई भर्तियों के घोटाले में एसीबी ने शुक्रवार को पूर्व कुलपति बीएस राजपुरोहित पूर्व विधायक जुगल काबरा समेत 5 जनों को गिरफ्तार किया। पूर्व विधायक काबरा उस वक्त सिंडिकेट के मेंबर थे। शेष तीन आरोपी सिंडिकेट के सदस्य रहे प्रोफेसर डूंगरसिंह खींची, लॉ-डिपार्टमेंट के पूर्व डीन श्यामसुंदर आसोपा, स्थापना शाखा का क्लर्क केशवन एम्ब्रन हैं। इनमें से क्लर्क को छोड़ कर चारों आरोपी भर्ती प्रक्रिया के हिस्से रहे हैं।

एसीबीके मुताबिक भर्ती घोटाले के सबसे बड़े जिम्मेदार पूर्व वीसी बीएस राजपुरोहित हैं। उन्होंने ऐसे नियम बदले जो सिर्फ भर्ती बोर्ड के सदस्यों को पता थे और रिश्तेदारों को असिस्टेंट प्रोफेसर लगवा दिया।

मुट्ठी ने उठाई महिला उत्पीडन के खिलाफ आवाज़

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उदयपुर। राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुठ्ठी संस्थान के तत्वावधान में महिला उत्पीड़न पर मौन रैली निकाली गई जो लाल निवास से शुरू होकर कोर्ट चौराहा होते हुए जिला कलेक्ट्री पहुची जहां पर प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया।
महिलाओं के साथ आये दिन बाद रहे अत्याचार और शोषण के विरोध में और समाज में महिलाओं के प्रति जागरूकता लाने के लिए मुट्ठी संस्थान द्वारा लाल बाग से शांति रैली निकाली गयी जिसमे जिसमें अरिहन्त नर्सिंग कॉलेज, विधि महाविद्यालय एवं अन्य महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस रैली में विरोध प्रदर्शन करने का एक अलग ही तरीका अपनाया मुहं पर काली पट्टी और काले वस्त्र पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध में महिलाओं के ऊपर हो रहे उत्पीड़न को समाज में एक काला कलंक बताया।
मुठ्ठी संस्थान की संस्थापक अर्चना शक्तावत एवं सरोज पटेल ने जो कि महिला सशक्तिकरण पर बहुत समय से काम कर रही है, उनका मानना है कि समाज में महिला व पुरूष की बराबरी की हिस्सेदारी मानी जाए और बहुत शर्मनाक बात है कि महिला को अपने ही हक के लिए लड़ना पड़ रहा है। अपने ही समाज में अपनों के बीच महिला असुरक्षित है। यह रैली का मुख्य कारण यह था कि 31 दिसम्बर की रात से अब तक के महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के हादसे बढ़ते ही जा रहे है, लगता है उन्हें नये साल के उपलक्ष में महिलाओं को तौहफे में बलात्कार, अपहरण, शोषण, छेड़छाड़ आदि दिया गया है। रैली के अन्त में मुठ्ठी संस्थान द्वारा एक पत्र प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम दिया गया। इस पत्र में इस संस्थान द्वारा महिलाओं पर हो रहे अपराधों को रोकने के सुझाव दिये गये।

उग्रसेन राव की पहली पुस्तक राधे – आराधे का विमोचन

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उदयपुर। करीब चार दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भुमिका निभाने वाले वरिष्ठ पत्रकार उग्रसेन राव की पहली पुस्तक राधे – आराधे का विमोचन गुरूवार को राजस्थान विद्यापीठ सभागार में केंद्रीय सेवक की मौजुदगी में किया गया। मददगार और उदयपुर न्यूज के प्रधान संपादक श्री राव की इस पुस्तक का प्रकाशन हिमांशु पब्लिकेशन ने किया है और पूरे देश में यह पुस्तक हिमांशु पब्लिकेशन की ओर से ही वितरित की जाएगी। इस पुस्तक में राधा के पांच radhe aradheहजार वर्षों में बदलते रहे स्वरूपों का वर्णन किया गया है। डाॅ धर्मवीर भारती की पुस्तक कनुप्रिया का शोध भी इसमें किया गया है। पुराण से लेकर आज तक राधा ने कितने स्वरूप बदले हैं, सभी कवियों और लेखकों ने राधा को किस – किस तरह से वर्णित किया है इसका अनुसंधान भी किया गया है। इस पुस्तक के माध्यम से यह भी बताया गया है कि राधा ही मीरा के रूप में पांच सौ वर्षो पहले आई थी। इस बात का अनुसंधान भी श्री राव की राधे – आराधे में किया गया है। पुस्तक विमोचन के अवसर पर केंद्रीय सेवक रामकृपाल यादव, राजस्थान विद्यापीठ के कुलाधिपति एच सी पारख, कुलपति प्रोफेसर एस.एस. सारंगदेवोत, उदयपुर सांसद अर्जुन लाल मीणा, विद्यापीठ कुल की अध्यक्ष प्रोफेसर देवेन्द्र जोहर, रजिस्ट्रार सीपी अग्रवाल अतिथि की रूप में मौजूद रहे। दर्शकों में उदयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार और बुद्धिजीवी मौजूद थे।

जीवन तरंग जिंक के संग कार्यक्रम में उतरें तारे जमीं पर .

हिन्दुस्तान जिंक ने समारोहपूर्वक मनाया अपना 51वां स्थापना दिवस

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उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक का 51वां स्थापना दिवस समारोह जिंक के प्रत्येक कर्मचारी के मन में उमंग और तरंग के साथ एक अनूठी याद और प्रेरणा जगा गया। इस कार्यक्रम की खासियत थी विषेष योग्यजन बच्चों की अविस्मरणीय प्रस्तुती।
हिन्दुस्तान जिंक के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर यषद भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बधिर बाल कल्याण विकास समिति भीलवाडा, विकलांग कल्याण समिति उदयपुर, प्राच्य शोधपीठ प्रयास उदयपुर एवं राजकीय प्रज्ञा चक्षु सीनियर सैकण्डरी विद्यालय उदयपुर के बालक बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने समारोह को अद्भूत और उर्जावान कर दिया।

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इस समारोह मेें विषिष्ठ अतिथि जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता ने हिन्दुस्तान जिंक को 51वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनिल दुग्गल ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विषेष योग्यजनों के रूप में ईष्वर से साक्षात्कार जैसा सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर विषेष योग्यजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये आगे आने कि आवष्यकता है। श्री दुग्गल ने आव्हान किया कि प्रत्येक व्यक्ति इनके लिये समय निकाल कर इन्हें समाज का अभिन्न हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाएं।

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इससे पूर्व विषेष योग्य जन बच्चों ने कार्यक्रम में भक्तिगीत, देषभक्तिगीत, फिल्मी गीतों तारे जमीं पर, जय हो पर नृत्य के साथ ही राष्ट्र चेतना, स्वच्छ भारत मिषन, पानी बचाओं जैसे विषयों पर अपनी प्रस्तुती दी। मूक बधिर और विषेष योग्य बालक-बालिकाओं ने नाटिका प्लांटेषन वीक वर्सेज प्लांटेषन विक के माध्यम से वृक्षारोपण एवं वृक्ष बचाने का संदेष दिया, वहीं डस्ट फ्री डस्टबीन नाटिका के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार नागरिकता का बोध कराया। कार्यक्रम के मध्य मनमौजी विषेष योग्यजनों ने भोजन पूर्व हाथ धोने एवं स्वच्छता का संदेष दिया। कार्यक्रम में सभी प्रस्तुतियों की ऑडिटोरियम में मौजूद हर एक व्यक्ति ने तालियों की गडगडाहट और विषेष योग्यजनों को हाथ हिला कर अभिवादन से उत्साह वर्धन किया। कार्यक्रम में विषेषयोग्यजन जहां उत्साहवर्धन से खुष नज़र आये तो मौजूद हर व्यक्ति विषेष प्रस्तुती से अभिभूत नज़र आया।

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कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य प्रचालन अधिकारी स्मेल्टर्स विकास शर्मा ने हिन्दुस्तान जिं़क के इतिहास के बारे में विस्तार से अवगत कराया। इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया लेड जिं़क स्मेल्टर की सुरक्षा विभाग की टीम ने ‘‘चंदेरिया के शौले’’ नामक सुरक्षा नाटिका से सभी को कार्यस्थल पर सभी को सुरक्षित कार्यप्रणाली पीटीडब्ल्यू के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में सभी को सुरक्षा की शपथ दिलायी गयी।

इस अवसर पर युवाओं में प्रतिभा कौषल विकास कार्यक्रम के नाम ‘युवातंरण’ के लिये हिन्दुस्तान जिंक कायड माईन के कर्मचारी सुषांत कुमार एवं विषेष योग्यजन बच्चों के लिये चलाएं जा रहे अभियान के नाम ‘‘जीवन तरंग जिंक के संग‘‘ के लिये जिंक स्मेल्टर देबारी के कर्मचारी मनीष वैष्णव को अतिथियों ने सम्मानित किया।

 

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उल्लेखनीय है कि हिन्दुस्तान जिंक का 10 जनवरी, 1966 को गठन किया था जो आज भारत की एकमात्र एवं विष्व की अग्रणीय एकीकृत जस्ता-सीसा-चांदी उत्पादक कंपनी है। हिन्दुस्तान जिं़क की राजस्थान में रामपुरा आगुचा, सिन्देसर खुर्द, जावर, राजपुरा दरीबा एवं कायड़ में खदानंे स्थित है तथा राजस्थान में ही दरीबा, चन्देरिया एवं देबारी में कंपनी के स्मेल्टर्स स्थित है।

कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिं़क के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत मंे सहउपाध्यक्ष एचआर संजय शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन विलास जानवे एवं अमृता वाजपेयी ने किया।

हिन्दुस्तान ज़िंक बनी राजस्थान की पहली सीआईआई-आईजीबीसी प्लेटीनम रेटेड ग्रीन बिल्डिंग

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उदयपुर । वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को कन्फेडरेषन ऑफ इण्डिया ने आईजीबीसी ग्रीन एग्जिस्टिंग बिल्डिंग्स रेटिंग के लिए ‘प्लेटीनम रेटिंग अवार्ड’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान हिन्दुस्तान जिंक प्रधान कार्यालय के यषद भवन को हरा-भरा, जल क्षमता, ऊर्जा दक्षता, नवाचार, स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण, उत्कृष्ट प्रबन्धन एवं सुविधाओं से युक्त बनाये रखने के सफल क्रियान्वयन के लिए इण्डियन ग्रीन बिल्डिंग काउन्सिल हैदराबाद ने प्रदान किया ।
यह सम्मान सीआईआई-सोहराबजी गोदरेज ग्रीन बिज़नेस सेन्टर, हैदराबाद के कार्यकारी निदेषक के.एस. वैंकटगिरी ने हिन्दुस्तान ज़िंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनील को हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय में आयोजित एक समारोह में 10 जनवरी 2017 को प्रदान किया। इस अवसर पर उदयपुर जिला कलेक्टर श्री रोहित गुप्ता विषिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
सीआईआई-आईजीबीसी के कार्यकारी निदेषक श्री के.एस. वैंकटगिरी ने बताया कि उदयपुर में स्थित हिन्दुस्तान जिं़क का प्रधान कार्यालय पूरे देष की उन इमारतों के लिए उत्कृष्ट उदाहरण है जो कि अपने कार्यस्थल को सदैव हरियाली रखे हुए है। हिन्दुस्तान जिं़क भारत की प्रतिष्ठित कंपनियों में से एक है जो आईजीबीसी द्वारा ‘प्लेटीनम रेटिंग अवार्ड’ से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क इस अवार्ड से सम्मानित होने वाली राजस्थान की पहली कंपनी है। इससे दूसरी कंपनियां भी प्रोत्साहित होंगी और इस ओर प्रयास करेंगी।

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हिन्दुस्तान जिंक के यषद भवन को ओर अधिक सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। इस परियोजना के तहत 27 प्रतिषत ऊर्जा की तथा 37 प्रतिषत पानी की बचत हुई है। भवन के अंदर ताजा हवा के लिए वेंटिलेषन सिस्टम स्थापित गया है जिससे और अधिक सुविधा उपलब्ध होगी। 100 किलोवॉट अक्षय ऊर्जा की स्थापना की गई जिससे 162,000 यूनिट प्रतिवर्ष ऊर्जा पैदा होगी। ऊर्जा निष्पादन के ट्रेक नियंत्रण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है जिससे भवन की सभी जगह बिजली, यूपीएस, वातानुकूलित, बाहरी बिजली उपकरणों, वाटर रिकार्ड के लिए वाटर मीटर्स स्थापित किये गये है।

हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा कि हिन्दुस्तान जिं़क के प्रधान कार्यालय को पूर्णरूप से ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया गया है और यह सौर ऊर्जा से संचालित है। हिन्दुस्तान जिं़क के सभी परिसर एवं संयंत्रों में 13 लाख से अधिक वृक्षारोपण है। हिन्दुस्तान जिं़क भारत का एकमात्र एवं दुनिया का अग्रणी जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी है जिसे सीआईआई-आईजीबीसी ने इस सम्मान से नवाजा है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क को विष्व में ‘जीरो कार्बन’ एवं ‘जीरो वेस्ट’ कंपनी बनाने के लिए हिन्दुस्तान जिं़क प्रबन्धन एवं कर्मचारी प्रतिबद्ध है।

हिन्दुस्तान जिं़क अपने नवाचारों से वर्ष 2011 से 2016 के दौरान क्लाउड सीडिंग, ऐडियाबैटिक कूलिंग टाउर, कई प्रभावी वाष्पीकरण, डीप कोन थिकनर, एयर कूल्ड कन्डीषनर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग से पानी की खपत में 16 प्रतिषत की कमी लाया है। हिन्दुस्तान जिंक का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जो राजस्थान की पहली सतत् विकास परियोजना है प्रतिदिन 20 मिलियन टन मल का उपचार कर रहा है जिससे उदयपुर की झीलों में मल का प्रवाह कम होने लगा है तथा झीलों की सुन्दरता में भी प्रभाव दिखने लगा है।

हिन्दुस्तान जिं़क हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु तथा महाराष्ट्र में स्थित फार्मों में 274 मेगावाट पवन ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है। साथ ही हिन्दुस्तान जिं़क 474 मेगावाट थर्मल पावर का भी उत्पादन कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि हिन्दुस्तान जिंक पहले चरण में 80 करोड़ रुपये के निवेष से 15 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना करेगा जो मार्च 2017 तक कार्यरत हो जाएगी। दूसरे चरण में 550 करोड़ रुपये की लागत से 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएगी जो सितम्बर, 2017 तक कार्यरत हो जाएगी। हिन्दुस्तान जिं़क ने सौर ऊर्जा परियोजना विस्तार के तहत अपने प्रधान कार्यालय, उदयपुर एवं चन्देरिया लेड-जिंक स्मेल्टर, चित्तौड़गढ़ प्रत्येक में 100 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर चुका है।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कोर्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय, यषद भवन को हरियाली के लिए उत्कृष्टकता एवं आधुनिक तकनीक एवं नवाचार के साथ-साथ स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावारण हेतु उठाये गये प्रभावी उपायों की मान्यता है।

जयसमंद की पाल पर शिव मंदिर के सामने हुआ अष्लीलता का नंगा नाच – मेवाड़ को शर्मसार करने की हुक्मरानों ने कैसे दे दी अनुमति ?

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उदयपुर। विश्व प्रसिद्द जयसमंद झील की पाल पर शिवजी के मंदिर के सामने कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे मेवाड़ को विष्व पटल पर शर्मसार किया है। जीहां यहां पर ऐसी अष्लीलता का छायांकन प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर कभी भी नहीं हुआ है। विष्व की कई मेग्जीनों, एलबम्स, हाॅलीवुड, वाॅलीवुड की फिल्मों में मेवाड़ के पर्यटन स्थलों ने काफी नाम कमाया है और इसीलिए उदयपुर का दूनिया के सबसे सुन्दर शहर में शुमार भी है। दो दिन पूर्व मीठे पानी की पहली मानव निर्मित झील जयसमंद की पाल पर स्थित एक मंदिर में किसी विदेशी मेग्जीन के कवर पेज का फोटो शूट हुआ, जैसे -जैसे वहां के रहवासियों और ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली सभी इस शूटिंग को देखने के लिए मंदिर परिसर तक पहुचने लगे। एक मेला सा शूटिंग स्थल पर लग गया। प्रोड्यूसर की सोच के अनुसार कवर पेज के लिए आसपास ग्रामीण महिलाओं को खड़ा jaysamand-photo-shoot-1करना था और बीच में उनकी माॅडल को खडा होकर अलग – अलग एंगल में फोटा शूट करवाना था। यहां तक तो ठीक था, लेकिन जैसे ही कैमरा, एक्शन, राॅल बोला गया तो सभी के होश उड गए। माॅडल ने उपरी वस्त्र सारे उतार दिए और सिर्फ अन्तः वस्त्रों में अपने जिस्म की नुमाईष करने लगी। यह देख हर कोई तोबा करने लगा . ग्रामीण महिलाओं ने तो अपनी आंखें तक बंद कर दी। लेकिन अष्लीलता परोसकर मेग्जीन के कवर पेज में खुद को ज्यादा से ज्यादा होट दिखाने वाली माॅडल को कुछ फर्क नहीं पड़ा। सवाल यह नहीं है कि प्रोड्यूसर को शूटिंग की अनुमति मिली की नहीं, सवाल तो यह है कि स्वयंभू प्रोड्यूसर ने किसी भी जिम्मेदार को यह बोला क्या कि वह यहां पर माॅडल को अन्तः वस्त्रों में उतारकर अपनी मेग्जीन का कवर पेज तैयार करेगा। जिम्मेदार हुक्मरान भी इस संबंध में कुछ बोलना नहीं चाहते है, लेकिन हमारी कोशिश रही है कि हमेशा पाठकों को पूरी निर्भिकता के साथ हर खबर की हकीकत बताकर प्रशासन को आईना दिखाए जो हम आगे भी करते रहेंगे।
मानव निर्मित पहली मीठे पानी की झील दूनिया भर में एक मात्र है। झील अपनी खूबसूरती के नाम से भी काफी प्रसिद्ध है। यहां पर कई हिन्दी अंग्रेजी फिल्मों की षूटिंग हुई है। शनिवार को एक मेग्जीन को षूट करने वाला विदेष क्रू यहां पंहुचा और नर्बदेष्वर मंदिर की लोकेशन को मेग्जीन के कवर पेज के लिए पूरी तरह से परफेक्ट माना। क्रू मेम्बरों बड़े बड़े कैमरो और एक साथ इतने व्बिदेशियों को देखने के लिए तमाषबीनों का तांता लगने लगा। प्रोड्यूसर ने कुछ मजदूरी करने वाली कुछ महिलाओं को षूटिंग स्थल पर एक गोला बनाकर खड़ा कर दिया और बीच में अपनी माॅडल को खड़ाकर के फोटो शूट करने लगे। इस दौरान मंदिर परिसर में ही क्रू मेंबर धू्रमपान भी कर रहे थे लेकिन कोई भी इन्हें रोकने वाला नहीं था। माॅडल टू पीस में अपने हुष्न का झलवा बिखरने लगी। ग्रामीण महिलाओ और कुछ संस्कृति बचाए रखने वाले ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो अष्लीलता पसंद बाहूबलियों ने यह कहकर उनकी आवाज दबा दी कि षूटिंग की अनुमति ले रखी है। करीब 4 घण्टे तक यहां पर अष्लीलता का नंगा नाच चलता रहा,लेकिन कोई भी इसे रोकने वाला नहीं आया। स्थानीय एक अधिवक्ता ने सलूम्बर थाने में मामला दर्ज करवाने के लिए रिपोर्ट डी है जिसकी जांच थाना अधिकारी कर रहे है। थाना अधिकारी का कहना है कि अगर मामला सही हुआ तो शुतिंक करने वालों के खिलाफ कारवाई की जायेगी।

13 साल के बच्चों ने घर में ही बना दी होलीवूड स्तर की शानदार फिल्म – 14 जनवरी को होगी यु ट्यूब पर रिलीज़

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परिंदों को मंजिल मिलेगी यक़ीनन
ये फैले हुए उनके पर बोलते है ,
अक्सर वो लोग खामोश रहते है
जमाने में जिनके हुनर बोलते है।

उदयपुर . मशहूर शेर की इस पंक्ति को सिद्ध कर दी उदयपुर के दो होनहार 13 साल के जुड़वां भाइयों ने। पल और चिन नाम के 13 साल के बच्चों ने अपनी लगन और और अपनी सूझ बुझ से अपनी तरह की पलचिन गिरी दिखाई और होलीवूड के बड़े बड़े डायरेक्टरों और प्रोड्यूसरों को टक्कर देती एक घंटे की फिल्म “द एडवेंचरऑफ पलचिन गिरी बिगिन्स” बना डाली। ताज्जुब की बात यह है कि यह फिल्म उन्होंने बिना किसी तकनिकी शिक्षा और फिल्म मेकिंग की व्यावसायिक ज्ञान लिए बिना अपनी सुझबुझ और समझ के साथ बना डाली। इन बच्चों ने तकनीक और स्पेशल इफेक्ट से भरपूर साइंस फिक्शन फिल्म सिर्फ खुद का ज्ञान बढ़ा बढ़ा कर बनाई। बच्चों की इस कला को निखारने का काम किया उनके अपने माता पिता ने जिन्होंने अपने बच्चों की इस कुदरती और विलक्षण प्रतिभा को पहचाना और उसको बढ़ावा दिया। आज वह फिल्म बन कर तैयार हो गयी है सिर्फ फिल्म के का म्यूजिक का काम उन्होंने मुम्बई से करवाया है बाकी सारी फिल्म उन्होंने खुद शूट किया जिसके डायरेक्टर और एक्टर वे खुद बने साथ में इस फिल्म में उनकी माँ मंजू वर्धमान और उन्हीके के कुत्ते टाइगर ने भी काम किया है। यह फिल्म 14 जनवरी को यू ट्यूब चेनल के जरिये विश्व भर में रिलीज़ होने वाली है।

फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह किसी भी नज़रिए से किसी होलीवूड की विज्ञान फिक्शन पर आधारित बनी फिल्म से कम नहीं है। जहां करोड़ों डॉलर खर्च कर के होलीवूड की स्पेशल इफेक्ट्स की फिल्म बनाई जाती है। वहीँ
दूसरी तरफ इन बच्चों ने यह फिल्म मामूली बजट के साथ अपने घर के अन्दर ही सिमित संसाधनों और नार्मल केमरों की मदद से बनाई है। चाहे तकनिकी से उड़ने वाले जूते हो या हवा में सेर करते ये बच्चे, हर तरह का स्पेशल इफेक्ट और
टेक्नोलोजी से भरपूर मनोरंजक फिल्म है।

palchingiriदोनों बच्चों की माँ मंजू वर्धमान ने बताया कि यह फिल्म “द एडवेंचर ऑफ पलचिन गिरी बिगिन्स” का निर्माण 90 प्रतिशत घर में हुआ है। मंजू वर्धमान ने बताया कि बच्चों ने घर पर ही नार्मल केनन के कमरे की मदद और नार्मल घर की ही लाइट्स को अपनी सुझबुझ के साथ यूज किया। जितने भी इफेक्ट डाले वे उन्होंने खुद ही अपने घर के पीसी से ही डाले। मंजू ने बताया कि बच्चे जब 10 साल के थे तब से उन्होंने इस फिल्म पर काम करना शुरू कर दिया था। फिल्म का ट्रेलर देख कर ही लगता है बच्चों ने अपनी इस फिल्म के लिए काफी मेहनत की साथ ही बच्चों के मातापिता को सबसे अधिक श्रेय जाता है, जिन्होंने अपने बच्चों की इस कुदरती और छुपी हुई प्रतिभा को पहचाना। उन्होंने इसको पूरा बढ़ावा देते हुए उनके लिए सारे संसाधन जुटाए। दोनों बच्चे 8 वीं और 9 वीं में स्कूल भी नहीं गए इसी फिल्म पर काम करते रहे वे घर पर रह कर पढाई करते, इसमें उनकी स्कूल सीडलिंग पब्लिक स्कूल ने भी काफी योगदान दिया जिन्होंने घर पर ही ट्यूशन की व्यवस्था की और परीक्षा ली।
यह पलचिन गिरी 14 जनवरी को यु ट्यूब के जरिये वर्धमान सिने क्राफ्ट इन्कोर्पोरेशन के बैनर तले पुरे विश्व भर में रिलीज़ की जायेगी। जिन्होंने इस फिल्म का फर्स्ट लुक देखा है उनका कहना है कि दोनों बच्चे पुरे विश्व भर में उदयपुर का नाम रोशन करेगें। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ फिल्मे देख देख कर फिल्म बनाना सीखना और फिर पूरी एक टेक्नोलोजी से भरपूर फिल्म बना देना अपने आप में बहुत बड़ी सफलता और आश्चर्य की बात है।

“द एडवेंचर ऑफ पलचिन गिरी बिगिन्स” फिल्म का ट्रेलर 

ऑटो चालकों द्वारा छेड़छाड़ से आक्रोशित छात्राओं ने कॉलेज गेट बंद कर की नारेबाजी और प्रदर्शन

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उदयपुर. ऑटो वालों द्वारा छेड़छाड़ पर कार्यवाही और कॉलेज के बाहर बस स्टॉप की मांग सहित कई मांगों को लेकर एमजी कॉलेज की छात्राओं ने बुधवार को कॉलेज गेट बंद कर प्रदर्शन किया। छात्रसंघ अध्यक्ष डिंपल भावसार ने बताया कि लंबे समय से कॉलेज के बाहर खड़े हाने वाले ऑटो चालकों द्वारा कॉलेज छात्राओं के साथ छेड़छाड़ होती आ रही है। इस पर कार्यवाही और कॉलेज के बाहर बस स्टॉप की मांग सहित कई मांगों को लेकर एमजी कॉलेज की छात्राओं ने कॉलेज गेट बंद किया और नारेबाजी की। भावसार ने बताया कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक कॉलेज बंद रहेगा।

आपसी रंजिश के चलते युवक की तलवार से ताबड़तोड़ वार कर हत्या

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उदयपुर. हिरणमगरी इलाके में आपसी रंजिश से हुई मारपीट के दौरान एक युवक की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हितेश परदेसी अपने मित्रों के साथ सेक्टर तीन इलाके में स्थित नेमीनाथ कॉलोनी के मंदिर के पीछे बैठा था उस दौरान आधे दर्जन से ज्यादा लोगा वहां पहुंचे और हितेश पर तलवार और हॉकी स्टिक से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमलावरों ने हितेश के साथ जमकर मारपीट की, वहीं लेागों के जमा होने के बाद वे मौके से फरार हो गए।

इस दौरान हितेश को निजी चिकित्सालय पहुंचाया गया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर हिरणमगरी थाना पुलिस भी चिकित्सालय पहुंची और हितेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमबी चिकित्सालय के मोर्चरी में रखवाया। वहीं, हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस के पास हितेश पर हमला करने वाले सभी आरोपियों की जानकारी आ चुकी है,  ऐसे में अब उस आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि हितेश परदेसी के साथ कई लोगों की रजिंश थी और इसी के चलते उस पर यह हमला हुआ। पुलिस ने हितेश के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पोस्टमार्टम में हितेश के शरीर पर करीब एक दर्जन से ज्यादा चोटें सामने आई हैं जो धारदार हथियार से की गई है। हितेश के सिरए हाथ, पांव और शरीर के अन्य अंगों पर चोट के निशान घटना की भयावहता को साफ  दर्शा रही है