उदयपुर . जोधपुर के चिकित्सालय में रेजीडेंट डॉक्टर्स के साथ हुई मारपीट के विरोध में आज उदयपुर के रेजीडेंट डॉक्टर्स भी हडताल पर उतर आये। हड़ताल के दौरान सीनियर डॉक्टरों ने कमान संभाली और मरीजों का इलाज किया हालाँकि रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से महाराणा भूपाल चिकित्सालय सहित आर एन टी मेडिकल कोलेज से सम्बंधित अन्य अस्पतालों में व्यवस्थाएं गडबडा गयी है।
जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टर्स के साथ हुई मारपीट के मामले में वहां के रेजीडेंट डाक्टर्स की चल रही थी उसके समर्थन में उदयपुर आरेंती मेडिकल कोलेज के रेजिडेंट डॉक्टर हडताल पर उतर गये ओर कामकाज का बहिष्कार कर दिया। दरअसल तीन दिन पहले जोधपुर में रेजीडेंट डाक्टर्स के साथ मारपीट हुई थी जिसके बाद दो रेजीडेंट डाक्टर्स को आईसीयू में भर्ती करवाया गया। जिनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। जोधपुर के डाक्टर्स के हडताल के बाद आज उदयपुर के करीब साढे तीन सौ रेजीडेंट डाक्टर्स ने एक साथ काम का बहिष्कार करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उदयपुर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सांवरमल जाट ने कहा कि जोधपुर में रेजिडेंट के साथ मारपीट के आरोपियों को सख्त धाराओं में गिरफ्तार होना चाहिए। जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते तब तक हडताल जारी रखने की चेतावनी दी है। रेजिडेंट के हडताल पर जाने के साथ ही मरीजों के लिये भी परेशानी शुरू हो गई। आज सुबह से आउट डोर में मरीजों की भारी भीड थी ऐसे में हडताल का एलान होने के साथ ही रेजिडेंट मरिजों का इलाज छोड चिकित्सालय से रवाना हो गये। दुसरी ओर आरएनटी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने भी वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर मरिजों को राहत पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी है।
रेजिडेंट डॉक्टर फिर हड़ताल पर
एमजी कॉलेज की छात्राओं ने ली अपने माता पिता से शपथ
उदयपुर . आखीरकार उदयपुर के मीरा कन्या महाविद्यालय में कोलेज प्रशासन और छात्रा संघ के बिच का विवाद कार्यकारणी की शपथ ग्रहण समारोह के साथ समाप्त हो गया। छात्राओं ने अपनी मांग के अनुरूप शपथ अपने माता पिता द्वारा ली।
उदयपुर के मीरा कन्या महाविद्यालय की छात्रसंघ कार्यलय का उद्घाटन और कार्यकारिणी का शपथग्रहण शुक्रवार को आखिरकार शुक्रवार को हो ही गया। कार्यकारणी द्वारा अपने शपथग्रहण कार्यक्रम में कियी जनप्रतिनिधि को नही बुलाकर अपने माता-पिता द्वारा ही शपथ ली गयी। गौरतलब है कि कोलेज प्रशासन और छात्रासंघ अध्यक्ष डिम्पल भावसार के बिच इसी बात का विरोध था कि छात्राएं चाहती थी कि वे उनके माता पिता द्वारा शपथ लेना चाहती थी जब कि कोलेज प्रशासन ने छात्राओं की बात को दरकिनार करते हुए जनप्रतिनिधियों को बुला कर कार्यक्रम आयोजित कर दिया था जिसके बाद विरोध में छात्राओं ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर के शपथ नहीं ली थी, इस बात को लेकर बाद में भी दो बार कोलेज में हंगामा हो चुका है। अब कॉलेज प्राचार्य रामेश्वर आमेटा ने छात्रसंघ अध्यक्ष डिंपल भावसार और उनकी पूरी कार्यकारिणी को आयोजित कार्यक्रम में उनके माता-पिता की अध्यक्षता में शपथ दिलवाई। छात्रसंघ अध्यक्ष डिंपल भावसार ने बताया कि उनके लियें उनके माता-पिता से बढकर कोई भी कुछ नही है और पूरी कार्यकारिणी उनके साथ ही शपथ लेना चाह रही थीँ, लेकिन कॉलेज प्रशासन द्वारा बार-बार अन्य प्रतिनिधियों की अध्यक्षता में शपथ दिलवाई जा रही थीँ इसीलिए कार्यरिणी द्वारा इससे पहले यह शपथग्रहण दो बार टाला गया था।
कैमिकल फैक्ट्री अग्निकांड: अब तक 6 मजदूर चढ़ गए आग की भेंट, फैक्ट्री मालिक फरार, नहीं लगा पुलिस को सुराग

उदयपुर. सुखेर औद्योगिक क्षेत्र की दीपा केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के तीसरे दिन उपचार के दौरान एक और श्रमिक ने दम तोड़ दिया। इसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई। अस्पताल में उपचारत अन्य श्रमिकों की हालत गंभीर बनी हुई है। 60 से 70 फीसदी तक झुलसे श्रमिक दर्द से कराह रहे हैं। उनका असहनीय दर्द किसी से नहीं देखा जा रहा। गौरतलब है कि अग्निकांड का शिकार हुए 9 में से अब तक 6 की मृत्यु हो गई और 3 जने अब भी संघर्ष कर रहे हैं। उनके परिजन उनका दर्द किसी को बताते हुए रो पड़ते हैं। इधर, पुलिस ने फैक्ट्री का निरीक्षण कर मौका नक्शा बनाते हुए आवश्यक कार्रवाई की। फैक्ट्री मालिक मनीष जैन व दिनेश हरकावत की गिरफ्तारी के लिए दल उनके आवास पहुंचा तो दोनों उदयपुर छोड़कर बाहर भाग निकले। पुलिस उनकी तलाशी में जुटी है।
डीएनए या पोस्टमार्टम से होगी कंकाल की पहचान
थानाधिकारी मांगीलाल पंवार ने बताया कि हादसे के दौरान फैक्ट्री में नौ जने कार्यरत थे। इनमें मुनीम राजेश (45) पुत्र मुनिश्वर दुबे अब तक लापता है। संभवत: मौके से मिला कंकाल उसका है, लेकिन अधिकृत रूप से मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद खुलासा हो पाएगा। राजेश के परिजन बुधवार रात को उदयपुर पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि राजेश का एक हाथ कटा था। पोस्टमार्टम में अगर उसकी पुष्टि हो जाती है तो ठीक, नहीं तो डीएनए टेस्ट से पहचान करेंगे।
गर्भवती महिला को उठा ले गया पैंथर, खून से सना मिला शव
उदयपुर. खमनोर क्षेत्र के सपतलियों का भीलवाड़ा के पास जंगल में शुक्रवार दोपहर अपनी दो ननदों के साथ चारा काटने गई बीस साल की महिला को पैंथर उठा ले गया। बाद में उसका शव पचास मीटर दूर पहाड़ी पर मिला। उसे तीन महीने का गर्भ था। इससे पहले पैंथर यहां बच्चों का शिकार कर चुका है।
चहेतों को निकाला टेंडर तो एसीबी ने की कारवाई
उदयपुर. मुख्यमंत्रीजल स्वावलंबन अभियान के तहत खेरवाड़ा और ऋषभदेव पंचायत समिति में होने वाले कार्यों के ई-टेंडर में गड़बड़ी की शिकायत पर एसीबी टीम ने शुक्रवार को छापा मारा। टीम प्रतापनगर स्थित अधिशाषी अभियंता जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण कार्यालय पहुंची और आवश्यक दस्तावेज जब्त किए। एएसपी ब्रजेश साेनी ने बताया कि ई-टेंडर प्रक्रिया में प्रथमदृष्टया अनियमितता पाई गई है, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। एक्सईएन एनपी माथुर और एईएन प्रदीप सोमानी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। संदेह है कि अधिकारियों ने ई-टेंडर में अनियमितता बरत कर उनकी चहेती फर्मों को टेंडर जारी किए हैं।
एएसपी ब्रजेश सोनी ने बताया कि एक परिवादी फर्म ने ई-टेंडर में हुई गड़बड़ी की एसीबी को शिकायत दी थी। परिवादी ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत खेरवाड़ा अौर ऋषभदेव पंचायत समिति के कुछ गांवों में एनिकट नाड़ियां निर्माण से संबंधित चार कार्य होने थे। इसके लिए प्रतापनगर स्थित कार्यालय अधिशाषी अभियंता जल संग्रहण विकास एवं भू संरक्षण ने 31 दिसंबर को ई-निविदा निकाली। चार कार्यों के लिए 14 जनवरी तक ऑनलाइन और 16 जनवरी तक प्रतापनगर कार्यालय में आवेदन शुल्क के 500 रुपए और चारों कार्यों की कुल लागत की दो प्रतिशत धरोहर राशि के डीडी जमा कराने थे। सभी आवेदक फर्मों ने फाॅर्म के साथ डीडी स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन किया। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख से एक दिन पहले 13 जनवरी को अधिकारियों ने डीडी जमा कराने की जगह बदल खेरवाड़ा स्थित कार्यालय कर दिया। इसकी सूचना भी सिर्फ ऑनलाइन अपलोड कर दी। परिवादी फर्म ने तय समय में खेरवाड़ा स्थित कार्यालय जाकर डीडी जमा करा दिए। विभाग ने निविदा खोली और किसी भी कार्य में परिवादी फर्म को शामिल नहीं कर उसके आवेदन खारिज कर दिए। निविदा चार अलग-अलग स्थानीय ठेकेदारों को जारी कर दी गई। फिर परिवादी को बताया गया कि उसका डीडी समय पर जमा नहीं हुआ। 19 जनवरी को परिवादी के पास एक प्राइवेट व्यक्ति का फोन आया कि उनके डीडी ले जाएं। इस पर परिवादी को उसके साथ हुए धोखे का एहसास हुआ और उसने 19 जनवरी की शाम को एसीबी कार्यालय में शिकायत की।
प्रो. चुण्डावत की गिरफ्तारी के विरोध में एनएसयूआई और कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन
उदयपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में शिक्षक भर्ती मामले की जांच में सुखाड़िया विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसर दरियाव सिंह चुंडावत की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को शहर में कांग्रेस और एनएसयूआई ने राज्य सरकार के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। एनएसयूआई के बेनर तले सैकडों छात्र जिला कलेक्ट्री के बाहर पंहुचे और वसुधंरा सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की वहीं देहात और शहर जिला कांग्रेस के कार्यकर्ता भी जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने पंहुचे।
सोमवार सुबह भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के कार्यकर्ता और कांग्रेसियों ने जेएनवीयू के भर्ती घोटाले को लेकर सुविवि के पूर्व प्रोफेसर दरियावसिंह चूंडावत की गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने इसे द्वेषतापूर्वक गिरफ्तारी बताया। साथ ही उन्हें जल्द ही रिहा करने की मांग की।
एनएसयूआई के शहर अध्यक्ष रोहित पालीवाल ने बताया कि ये प्रो. चूंडावत के खिलाफ साजिश है, उन्हें राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। अगर प्रो. चूंडावत को रिहा नहीं किया जाएगा तो प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार व प्रशासन की होगी। सुखाडिया विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष हिमांशु चौधरी ने आह्वान किया है कि वह अपने गुरू के समर्थन में पहले तो विश्वविद्यालय बदं करवाएंगे और अगर 20 जनवरी से पहले श्री चुण्डावत को नही छोडा गया तो उदयपुर शहर बंद करवाया जाएगा। प्रो. चूंडावत को रिहा करने की मांग को लेकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओपी बुनकर को ज्ञापन सौंपा।
इधर कांग्रेस पदाधिकारियो ने भी जिलाकेलक्टरी पर प्रदर्शन किया। देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला, पूर्व संसदीय सचिव गजेन्द्रसिंह शक्तावत की अगुवाई में प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार के दबाव में एसीबी द्वारा पक्षपातपूर्ण एवं द्वेषतापूर्वक कार्यवाही की कडी निन्दा करते हुए कहा कि वसुंधरा सरकार अपने राजनैतिक विरोधियो को ठिकाने लगाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। दरियाव सिंह चुण्डावत के सर्मथन में जिला कलेक्ट्री के बाहर पंहुचे काग्रेंसी नेताओं ने साफ किया कि सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है जो कि गलत है और आगे सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन भी करना पडेगा तो वह पीछे नही हटेंगे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं विधानसभा प्रत्याशी रहे दिनेश श्रीमाली एवं काँग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा की जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय मे शिक्षण भर्ती मामले मे उदयपुर के से.नि. प्रोफेसर डॉ. दरियाव सिंह चुण्डावत को राजनीतिक बदले की कार्यवाही करते हुए अनुचित रूप से भाजपा की राज्य सरकार द्वारा फंसाया गया है जबकि डॉ. चुण्डावत पूर्व मे शिक्षा के क्षेत्र में ईमानदारी से सराहनीय योगदान के लिए कई बार सम्मानित हो चुके है । डॉ. दरियाव सिंह इससे पहले शिक्षक भर्ती मामले मे पुलिस प्रशासन द्वारा की गई जांच में सम्पूर्ण जानकारी साक्ष्यों सहित दे चुके हैं फिर भी उन पर सरकारी गवाह बनने के लिए लगातार दबाव बनाया गया और वह सरकारी गवाह नहीं बने तो षड्यंत्रपूर्वक उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया । डॉ. चुण्डावत स्वच्छ छवि के श्रेष्ठ प्रशासक है एवं उन्होने शिक्षा जगत में विद्यार्थियों के लिए सम्पूर्ण जीवन पर्यन्त ईमानदारी से कार्य किया है । भाजपा सरकार द्वारा राजनेतिक षड्यंत्र कर काँग्रेस विचारधारा के लोगों को सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर गलत तरीके से फंसाया जा रहा है ।
गौरतलब है कि प्रोफेसर दरियाव सिंह चुण्डावत वर्ष 2012 में हुई शिक्षक भर्ती में सिंडिकेट के सदस्य थे ओर उस दौरान भर्ती मामले को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी जिसको बाद में खारिज कर दिया गया लेकिन बाद में राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती मामले में कार्रवाई की और कुछ दिनों पहले जोधपुर एसीबी की टीम ने कुल पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जिसमें प्रोफेसर दरियाव सिंह चुण्डावत भी शामिल है।
भेड़िया शेर का मास्क पहनने से शेर नही बन जाता, ऐसे ही कोई चरखा चलाने से महात्मा गाँधी नहीं बन जाता – हार्दिक
उदयपुर। पटेल नवनिर्वाण सेना के संयोजक और गुजरात में पाटीदार आरक्षण के लिये आन्दोलनरत हार्दिक पटेल 6 महिने बाद अब मंगलवार को अपनी तड़ीपारी की अवधी पूरी कर उदयपुर से गुजरात के लिये रवाना होंगे। जाने के पहले उन्होंने अपने अस्थाई निवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित बयान देते हुए भेड़िये से तुलना कर दी। हार्दिक पटेल इसके पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ भी विवाधित बयान देचुके है और खुद के इनकाउंटर होने की आशंका भी जताई है।
हार्दिक पटेल को गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य से छह महीने के लिए राज्यबदर कर दिया था इस छह महीने की अवधी में वह उदयपुर ही रहे और छह महीने का कार्यकाल विवादित भी रहा। कभी टोल नाका वालों से झगड़े का मामला तो कभी शहर से बाहर जाने को लेकर पुलिस की सख्ती। छह माह तक पुलिस ने एक तरह से प्रताप नगर स्थित उनके अस्थाई निवास के बाहर अस्थाई चोकी भी बना डाली थी और सीसी टीवी कमर तक लगा दिए थे जिससे हर आने जाने वाले पर नज़र रखी जा सके।
गुजरात लोटने के एक दिन पहले हार्दिक पटेल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजस्थान की मेहमाननवाजी की जमकर तारिफ की। हार्दिक ने कहा कि पिछले छ: महिनों में राजस्थान की जनता ने उनका पुरा सहयोग किया और यही वजह रही कि वे असैवाधिनीक रूपसे कसी गई प्रशासनिक नकेल के बावजुद सुरक्षित रूप से गुजरात जा रहे है। हार्दिक ने कहा कि गुजरात सरकार पिछले 15 महिनों से सिर्फ बातचित कर रही हैं और इसके बिच सरकार पाटीदारों को बॉंटने की कोशिश में जुटी हैं लेकिन अपने हक की लडाई लड रहे पाटीदारों को तोडना इस सरकार के बस की बात नहीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चरखे को लेकर उपजे विवाद पर हार्दिक ने विवादीत बयान देते हुए प्रधानमंत्री की तुलना भेड़िये से की और महात्मा गांधी को शेर बताया। हार्दिक ने कहा कि शेर का मुखटा पहन लेने से भेड़िया शेर नहीं बन जाता ऐसे ही किसी के चरखा चला लेने से कोई महात्मा गांधी नहीं बन जाता। हार्दिक ने कहा कि पूजते तो नाथूराम गोडसे को हो और महात्मा गाँधी का चरखा चलाते हो। इस दौरान गुजरात दंगों का भी जिक्र करते हुए हार्दिक ने प्रधानमंत्री मोदी के संस्कारों को महात्मा गांधी के संस्कारों से बिल्कुल अलग बताया।
द एडवेंचर ऑफ पलचिनगिरी हुई रिलीज पहले ही दिन से मिला फिल्म को जोरदार रिस्पोंस

उदयपुर। उदयपुर के १३ साल के बच्चों द्वारा बनाई गयी फिल्म “एडवेंचर ऑफ़ पलचिनगिरी” आज मकर सक्रांति के दिन यु ट्यूब पर रिलीज कर दी गयी। पहले ही दिन यु ट्यूब पर शाम तक ७०० लोगों से अधिक लोगों ने फिल्म को देख्।ली थी , जब की रविवार शाम तक ५००० हज़ार लोगों ने फिल्म को देखा और सराहा । शहरवासी फिल्म देख कर बच्चों के इस कारनामे से हैरान है। बड़े फिल्म डायरेक्टर की तरह और कुशल कलाकारों की तरह फिल्म में पल और चिन ने काम किया है। साथ ही पल चिन की माँ मंजू वर्धमान ने भी फिल्म में कुशल अभिनय किया है।
५१ मिनट की फिल्म ष् द एडवेंचर ऑफ़ पलछिन गिरीष् साइंस, टेक्नोलॉजी और बाहरी दुनिया के एलियन हमलों पर बनी हुई है। फिल्म में बच्चों द्वारा कमाल की ग्राफिक्स इफेक्ट का इस्तेमाल किया है। फिल्म देखने वालों ने आश्चर्य के साथ बताया की फिल्म देख कर लगता नहीं की यह फील १३ साल के बच्चों ने अपने घर में ही तय्यार की है। लोगों का कहना था कि इस तरह की ग्राफिक्स और इफेक्ट तो बड़े बेनर की फिल्मो में देखने को मिलते है जिसके लिए करोड़ों रुपया खर्च होता है।
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फिल्म की कहानी में पल और चिन दो जुडवा भाई है, जो शरारत से भरपूर है। दोनों भाई अपनी अपनी कला में माहिर है। एक भाई का शोक पेंटिंग बनाना है तो एक भाई को टेक्नोलोजी से प्यार है, वह अपनी सुझबुझ से तरह तरह के गेजेट्स बनाता है और शरारत करता है। यह भाई दुनिया के बाहरी लोगों से बातचीत करने के लिए एक विशेष गेजेट का आविष्कार कर लेता है। इस गेजेट पर बाहरी दुनिया के एलियन के मेसेज आने लग जाते है। एलियन जो प्रथ्वी पर विकसित टेक्नोलोजी से कई आगे है, लेकिन उनकी यही टेक्नोलोजी अब उनकी दुश्मन बन गयी है। एलियन अपने गृह पर शांति के लिए प्रथ्वी पर रेडियोएक्टिव पदार्थाे को भेजना चाहते है जिसको अपनी सुझबुझ और समझदारी से दोनों भाई रोकते है।
यह फिल्म एक मेसेज भी देती है कि दिन ब दिन बढत जा रहे टेक्नोलोजी के उपकरण एक दिन प्रथ्वी के लिए बड़ा खतरा बन सकते है जिसके बारे में हमे अभी से सोचना चाहिए।
फिल्म में पल चिन के अलावा माँ मंजू वर्धमान और कुता टाइगर ने भी काम किया है। कई इफेक्ट तो इतने दमदार बने है कि देखते बनाता है। फिल्म की एडिटिंग और अभिनय भी बढ़िया किया है। शनिवार को रिलीज होने के एक घंटे में २०० से अधिक लोगों ने देख ली थी। जब कि शाम तक ७०० से अधिक लोगों ने फिल्म को देखा था। कई लोगों ने तो इसके स्पेशल इफेक्ट की क्लिप व्हात्सप्प पर भी वायरल करदी। कई लोगों के बधाई के सन्देश भी आने शुरू होगये। उदयपुर के मयक शर्मा जो मुंबई में रहते है और फ़िल्मी दुनिया से सम्बन्ध रखते है, कई प्रोडक्शन हाउस में काम कर चुके है उन्होंने फिल्म देख कर बताया कि दोनों बच्चों में बहुत संभावना है अगर यह बच्चे बिना ज्ञान और शिक्षा के इतना अच्छा काम कर सकते है तो सिखाने के बाद तो यह तहलका मचा देंगे।
बेस्ट स्टूडेन्ट चयन प्रतियोगिता के साथ ‘‘मयूरी‘‘ का रंगारंग समापन

उदयपुर। भूपाल नोबल्स पी.जी. कन्या महाविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘‘मयूरी‘‘ के अंतिम दिन बेस्ट स्टूडेंट के चयन के साथ समापन हुआ। इस साल की बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर आयुषी चुंडावत रही।
मयूरी के आखरी दिन का मुख्य आकर्षण श्रेष्ठ छात्रा चयन प्रतियोगिता रही। श्रेष्ठ छात्रा के चयन हेतु छात्राओं की वर्ष भर की शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों एवं योग्यता के आधार पर वरीयता सूची बनाकर पात्र छात्राओं को इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनाया जाता है। यह छात्राएं ज्यूरी के समक्ष तीन चरणों में प्रतियोगिता के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार अपना प्रदर्शन प्रस्तुत करती है। जो छात्राएं ज्यूरी के समक्ष अपनी कसौटी पर खरी उतरती है, उन्हीं में से एक छात्रा को श्रेष्ठ छात्रा एवं दो छात्राओं को फर्स्ट एवं सेकैण्ड रनरअप का खिताब दिया जाता है। डॉ. आशीष सूद, डॉ. सिमी सूद, डॉ. अंशु कोठारी, डॉ. मनीष श्रीमाली एवं श्री जयदीप सिंह चण्देला ने ज्यूरी के सदस्यों के रूप में श्रेष्ठ छात्रा चयन में निर्णायक भूमिका निभाई। ज्यूरी सदस्यों द्वारा बेस्ट स्टूडेन्ट (सर्वश्रेष्ठ छात्रा) के रूप में सुश्री आयुषी चूण्डावत का चयन किया गया। फर्स्ट रनरअप सुश्री आकांक्षा मेहता एवं सेकण्ड रनरअप सुश्री शैल्वी राव रही। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अध्यक्ष महोदय, विश्वविद्यालय अध्यक्ष एवं कुलसचिव तथा संस्था परिवार के साथ पधारे हुए गणमान्य अतिथियों ने श्रेष्ठ छात्रा एवं रनर्सअप को क्राउन एवं शेशे धारण करवाकर पुरस्कृत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान् प्रो. उमा शंकर जी शर्मा (कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर) थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमान् लोकेश कुमार जी शर्मा (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उदयपुर) एवं श्रीमान् महावीर सिंह जी राणावत (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उदयपुर), श्रीमती बसन्ती देवी (पूर्व विधायक, सलूम्बर) उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमान् रघुवीर सिंह मीणा (पूर्व सांसद, उदयपुर एवं उपाध्यक्ष राजस्थान कांग्रेस समिति) ने की। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रोफेसर महेन्द्र सिंह जी आगरिया एवं भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. निरंजन नारायण सिंह जी राठौड़ भी उपस्थित थे।

लेकसिटी में पहली बार नॉनवेज थाली मात्र 180/- रूपये में
उदयपुर। लेकसिटी के चेटक सर्कल पर ’पेरेमाउंट रेस्टोरेंट’ की शुरूआत रविवार को हुई। नॉनवेज व्यंजनों के लजीज जायकों का स्वाद इस रेस्टोरेंट पर किफायती दरों पर उपलब्ध होगा। पहली बार लेकसिटी में नॉनवेज थाली मात्र 180/- रूपए में उपलब्ध करवाई जा रही है। स्वादिष्ट व जायकेदार नॉनवेज बनाने के लिए मशहूर मो. जमील छीपा ’शेरा भाई’ का यह रेस्टोरेंट शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक खुला रहेगा। रेस्टोरेंट के सहयोगी मो. रफीक ने बताया कि मात्र 180/- ’पेरेमाउंट थाली’ के मैन्यू में मटन कोरमा, चिकन लॉलीपोप कोरमा-1 पीस के साथ, 250 ग्राम पुलाव, 2 पीस चिकन पेटिस व चार रोटी सलाद सहित मिलेगी। हर वर्ग व श्रेणी को ध्यान में रखते हुए रेस्टोरेंट पर मात्र 50/- रूपए में चिकन लॉलीपोप कोरमा मिलेगा। नॉनवेज जायकेदार व्यंजनों के साथ ही उदयपुर में पहली बार देशी घी में बना अंडे का हवाला 350/- प्रति किग्रा से उपलब्ध होगा। शादी व बर्थडे पार्टियों व अन्य आयोजनों के लिए 650/- प्रति किग्रा के हिसाब से मटन कोरमा/स्टू व 450/- रूपए प्रति किग्रा के हिसाब से चिकन स्टू/कोरमा ऑर्डर पर बनाए जाएंगे। रेस्टोरेंट एचडीएफसी बैंक के सामने चेटक सर्कल पर स्थित है।
