
उदयपुर. भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रहे इरफान पठान बुधवार को उदयपुर में थे। यहां उन्होंने शोरूम का उद्घाटन किया। इस दौरान उनकी एक झलक पाने को फैंस की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, पठान ने उदयपुर की तारीफ में सोशल मीडिया पर भी कसीदे पड़े।
इरफ़ान पठान को देखने उमड़े शहरवासी
हज के ऑनलाइन आवेदन मोबाईल एप पर भी भरे जा सकेगें

उदयपुर। इस साल हज यात्रा पर जाने वालों के लिए सोमवार से फ़ार्म भरना शुरू हो गए है। जानकारी के अनुसार हज कमेटी ने ऑनलाइन हज फार्म भरने की दिशा में कई सुधार किए हैं जिससे फार्म भरते ही हाथों-हाथ कवर नंबर मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रति हज यात्री 300 रुपए एसबीआई या यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की किसी भी शाखा में रुपए जमा कराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि उम्र 10 जनवरी, 2017 तक 70 तक वर्ष होनी चािहए और पासपोर्ट की मियाद 28 फरवरी, 2018 तक होनी चािहए। इस बार हाजियों का ग्रुप 5 से ज्यादा नहीं होगा। यही नहीं इस बार हज कमेटी ने हजयात्रियों की सुविधा के लिए आसान मोबाइल एप बनाई गई है, जिससे कोई भी आम व्यक्ति ऑनलाइन हज आवेदन भर सकेगा। फार्म भरने के लिए HCOI मोबाइल एप बनाई गई है। स्टेट हज कमेटी की वेबसाइट पर भी कवर नंबर, मुख्य तारीखें, हज शिड्यूल, फार्म भरने के निर्देश सहित हज यात्रा से संबंधित पूरी जानकारी मिलेगी।
हज फार्म भरने के लिए ये दस्तावेज अभी से तैयार करें
1.एक पासपोर्टसाइज फोटो, जिसका बैकग्राउंड सफेद हो और 80 प्रतिशत चेहरा दिखता हो।
2.पासपोर्ट कीफोटो कॉपी।
3.बैंक पासबुकअथवा केंसिल चेक।
4.बैंक मेंराशि जमा कराने की स्लिप।
5.शपथ पत्रजिसमें जनरल, रिजर्व कैटेगिरी, 70 की उम्र रिपीटर नहीं होने का शपथ लेना होगा।
हजयात्रा
आवेदन 2से 24 जनवरी
कुर्रा(लॉटरी) 1से 8 मार्च के बीच
एडवांसराशि जमा 22मार्च तक
यात्राकी फ्लाइटें 7जुलाई के बाद
हज(अराफात दिवस) 31अगस्त
वापसीकी फ्लाइटें 4सितंबर से
हिन्दुस्तान जिंक द्वारा ‘‘खुशी’’ 2017 कलेण्डर का विमोचन

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक ने अभी हाल ही में ‘खुषी क्रियटीव वर्कषॉप’ का अयोजन उदयपुर शहर में किया था जिसमें स्कूलों के 250 बच्चों ने मिलकर वंचित बच्चों के प्रति जागरूकता के अभियान खुशी के माध्यम से आम जनता को सन्देश देने के लिये अपने मन की भावनाओं को कैनवास पर 8 विषयों जैसे बाल विवाह, बाल उत्पीडन, बाल भिक्षावृत्ति, बालिका सुरक्षा, चाईल्ड ट्रेफिकिंग, बाल मजदूरी, बच्चों में कुपोषण एवं बाल षिक्षा पर अपने मन की भावानाओं को रंगों और सोच के अनुरूप केनवास पर उकेरे थे।
स्कूली बच्चों द्वारा 48 अदभूत कलाकृतियों के माध्यम से ‘‘खुशी’’ 2017 कलेण्डर निकाला गया है जिस पर प्रत्येक बच्चे एवं संबंधित स्कूल का नाम भी प्रिन्ट करवाया गया है।
हिन्दुस्तान जिंक आंगनवाड़ी केन्द्रों के सहयोग से वंचित बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सुशोषण उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहा है। हिन्दुस्तान जिंक वंचित बच्चों के विकास के लिए ‘खुशी’ अभियान प्रारंभ किया था जो विगत 5 साल से निरन्तर कार्य कर रहा है। ‘खुशी’ अभियान का उद्देष्य वंचित बच्चों के सम्पूर्ण विकास के प्रति एक जैसी सोच रखने वाले लोगों को साथ लेकर बदलाव लाने की दिशा में एक मुहिम है।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन एवं ‘‘खुशी’’ अभियान के फाउण्डर पवन कौषिक ने बताया कि वंचित बच्चों के प्रति जागरूकता लाने के लिए हिन्दुस्तान जिंक ने तकरीबन 3500 स्कली बच्चों से बातचीत की तथा उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे वंचित बच्चों से संबंधित विषयों पर जागरूक रहे तथा समाज को जागरूक बनाये। 2017 का ‘‘खुशी’’ कलेण्डर बच्चों को प्रोत्साहित करेगा तथा ‘खुशी’ के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक वंचित बच्चों के प्रति जागरूकता का संदेष पहुंचेगा।
हिन्दुस्तान जिं़क राजस्थान सरकार के सहयोग से 3000 से अधिक ‘खुषी’ आंगनवाड़ी केन्द्रों पर ग्रामीण बच्चों को सुपोषण, षिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।
ज्ञातव्य रहे कि ‘खुषी’ अभियान के तहत वर्तमान में तकरीबन 2 लाख से भी अधिक सदस्य हैं जो इन बच्चों की मदद करने के लिए तैयार है।
‘नोटबंदी के निशाने पर भ्रष्ट थे, लेकिन शिकार ग़रीब हुए’
2016 एक अजीब साल था, एक साल जो अपनी बातों से ज़्यादा ख़ामोशी के लिए जाना जाएगा. असल में, घोषणाएं शोर बन गईं और मोदी के भाषणों का शोर नीतियों पर हावी रहा. वो वास्तव में अपनी नीति के अर्णब गोस्वामी बन गए, विरोधियों पर ताने मारना, उन्हें धमकियां देना, ऐसी आक्रामकता दिखाना जो अक्सर उनके विचारों के खालीपन को छुपा लेती है.
मोदी की नोटबंदी की नीति की शुरुआत थ्योरी के शोर से हुई.
एटीएम पर लगी लंबी कतारों को नोटबंदी का समर्थन मान लिया गया. भारत के लोग लाइन में लगने के विशेषज्ञ हैं, समाजवाद से ये ही एक चीज़ उन्होंने सीखी है कि नागरिकता अधिकारों के इंतज़ार की रस्म है. राशन की कतार में लगकर बड़ी हुई पीढ़ी के लिए एटीएम की कतार में लगना कोई बड़ी बात नहीं है.
मोदी इन 10 बातों पर तो खामोश ही रह गए
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में शामिल कई बड़े ऐलान
‘नोटबंदी से क्या हासिल हुआ, मोदी ने ये तो बताया नहीं’
Image copyrightAPउनकी ख़ामोशी, और उनका ये विश्वास कि सरकार भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ रही है, दिलचस्प है. सबको यही लगा कि एक बड़ा स्वच्छता अभियान, एक सच्चा स्वच्छ भारत प्रगति पर है. वो विश्वास करना चाहते थे, वो विश्वास करने के लिए उतावले थे, इसलिए ख़ामोशी से इंतज़ार किया और समर्थन किया.
मीडिया ने इस ख़ामोशी को प्रशंसा की तरह दिखाया. तर्क दिया गया कि लोग सरकार का समर्थन कर रहे हैं और उनका ग़ुस्सा बैंकों पर है. मीडिया के लिए ये स्पष्ट था कि ख़ामोशी से इंतज़ार करना समर्थन है.
Image copyrightEPAअर्थव्यवस्था में आस्था को लगभग धार्मिक रूप दे दिया गया. नोटबंदी को सांस्कारिक कर्म की तरह देखा गया, स्वच्छता का एक संस्कार, भ्रष्टाचार के दानव का संहार. मतदाताओं ने यही सोचा कि उनकी कुछ दिनों की पीड़ा राष्ट्रनिर्माण में उनका योगदान है.
लेकिन जब आप मिथक को बदल देते हैं तो अनुष्ठान के अर्थ भी बदल जाते हैं. भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई का अपना नैतिक गुण है. लेकिन भारत को डिजिटल करना और कैशलेस अर्थव्यवस्था एक अलग ही आदर्शलोक का स्वप्न है. यह यथार्थवादी होने के बजाए भविष्यवादी है. इसके लिए कोई तैयारी नहीं थी और इसके परिणामों के बारे में तो सोचा ही नहीं गया. जिस काम के लिए सालों की तैयारी की ज़रूरत है उसे सप्ताह भर के भीतर सतही रूप में सप्ताहभर के भीतर लागू कर दिया गया.
नोटबंदी को 500 और 1000 रुपए के नोटों को ख़त्म करने का नैतिक अनुष्ठान कहा जा सकता है. लेकिन डिजिटलीकरण एक तकनीकी क़दम था जिसका चरित्र मध्यवर्गीय पूर्वाग्रह है.
Image copyrightEPAकैशलेस अर्थव्यवस्था में ग़रीबों, प्रवासियों, दिहाड़ी मज़दूरों और कैश आधारित निर्वाहन अर्थव्यवस्था के लिए कोई जगह नहीं है. ये वो लोग हैं जो बहुत कम में गुज़ारा करते हैं और इनके लिए 10-100 रुपए तक के नोट अहम हैं. मोदी भूल गए कि ग़रीब को ही रोज़ाना धन की ज़रूरत होती है.
उनकी नीति को मिला ख़ामोश समर्थन पहले स्तर पर ही विभाजित था. इसमें से कुछ तो ख़ामोशी थी और कुछ उलझन.
अघोषित रूप से ऐसा लग रहा था कि सरकार ने गियर बदल लिया है. शुरुआती उम्मीदों ने व्याकुलता, थकावट और कम में गुज़ारा करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया.
Image copyrightGETTY IMAGESलेकिन थकावट की ख़ामोशी समर्थन की ख़ामोशी नहीं है. भारत में ख़ामोशी कई भाषाएं बोलती है और मौजूदा ख़ामोशी के कई संदेश हैं. मतदाताओं को लग रहा है कि भले ही नोटबंदी के निशाने पर भ्रष्ट लोग थे, लेकिन इसका शिकार ग़रीब ही हुए हैं.
फिलहाल नोटबंदी वो रॉकेट है जिसने ग़लत निशाना भेद दिया है. लेकिन अब भी ‘भक्त और आशावादी’ लोग इंतेज़ार ही कर रहे हैं.
ये स्वीकार करना मुश्किल है कि सरकार ने उन्हें बेवकूफ़ बनाया है और सुधारों को पटरी से उतार दिया है.
अब ख़ामोशी का मतलब इन दोनों धारणाओं में से किसी एक के सच बन जाने के इंतज़ार का खालीपन है.
Image copyrightGETTY IMAGESशक़ बढ़ता जा रहा है क्योंकि समय लगातार खिंचता जा रहा है. दो महीनों की परेशानी का वादा अब छह महीने हो गया है. इंतज़ार अपना अर्थ खो देता है जब वादे बदल जाते हैं.
जब रोज़मर्रा की ज़रूरतों का दबाव बढ़ता जाएगा तो गृहणियां, दुकानदार, चायवाले ये पूछने लगेंगे कि हो क्या रहा है? शुरुआत का जोश अब ग़ायब सा हो गया है. नोटबंदी स्वर्ग के वादे और जादू होने जैसी लगी थी. इसमें यक़ीन करने वाला हर व्यक्ति अब उस जादू को देखना चाहता है, लेकिन जैसे-जैसे समय खिंचता है, भरोसा करने वाले ही शक़ करने लगते हैं. तब ख़ामोशी का भी अर्थ बदल जाता है.
Image copyrightGETTY IMAGESमतदाता जानता है कि अभी वो निंदक या अविश्वासी नहीं है लेकिन उसे अहसास हो रहा है कि समय उसे ऐसा बना देगा. उसकी ख़ामोशी में निराशा भी है क्योंकि वो सच्चे मन से विश्वास करना चाहता है. मोदी जिसे नष्ट कर रहे हैं वो संस्थानों में लोगों का विश्वास है.
नोटबंदी संस्थानों को ख़त्म करने का ट्रेंड शुरू कर सकती है. फिर हमारे सामने ब्रेक्सिट जैसा मतदाता हो सकता है जो बहुत ख़ामोशी से मोदी को सत्ता से बाहर कर देगा.
ख़ामोशी को निष्क्रिय होने की ज़रूरत नहीं है. वो जितना इंतज़ार करती है उसकी शक्ति बढ़ती जाती है. जब उसकी शक्ति बढ़ती है तो उसके मायने भी बदल जाते हैं.
उम्मीद है कि मोदी ये समझेंगे कि ख़ामोशी के अलग वक़्त में अलग मायने होते हैं. ये शासन करने की बुनियादी समझ है. वो इसे नज़रअंदाज़ करने का ख़तरा नहीं उठा सकते हैं.
सोर्स – बीबीसी हिन्दी (
उदयपुर को आरबीआई ने भेजी 210 करोड़ रुपए की नई खेप, कम होगी लोगों की दिक्कतें
उदयपुर. जनवरी महीने की शुरुआत के साथ ही सैलेरी डे के दरम्यान नोटबंदी का असर नजर आ रहा है। हालांकि आरबीआई ने इस असर को कम करने के लिए उदयपुर को 210 करोड़ की नई खेप भेज दी है। यह खेप सोमवार को शहर के तमाम बैंकों की चेस्ट ब्रांचों को भेज दी गई।
जानकारी के अनुसार आरबीआई के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा के बीच चेस्ट ब्रांचों तक नई करेंसी के बक्से पहुंचाए। अभी आरबीआई की गाइड लाइन के हिसाब से 24 हजार की सप्ताह की लिमिट तक विड्रॉल भरा जा रहा है लेकिन सोमवार तक कुछ बैंकों ने इससे भी कम राशि दी। उम्मीद की जा रही है कि सोमवार से नई खेप पहुंचने के बाद मंगलवार से स्थिति में सुधार हो जाएगा।
बैंक अधिकारियों की मानें तो इस खेप से लोगों को सैलेरी निकालने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। आरबीआई से जो 210 करोड़ रुपए आए हैं, उसमें 2 हजार, 500 और 100 के नए नोट हैं। पीएस खींची ने बताया कि इस खेप के आने से काफी हद तक व्यवस्था में सुधार आ जाएगा। लोगों को अब दिक्कत नहीं आएगी।
पूर्व कार्यकर्ता का आरोप, ‘BJP सोशल मीडिया विंग ने आमिर खान को बनाया निशाना’
नई दिल्ली । साध्वी खोसला BJP की सोशल मीडिया यूनिट में कार्यकर्ता थीं। अब उन्होंने खुद को BJP और उसकी सोशल मीडिया विंग से अलग कर लिया है। साध्वी ने BJP सोशल मीडिया विंग पर नफरत और कट्टरता फैलाने का आरोप लगाया है। साध्वी का यह भी कहना है कि इसमें काम करने वाले लोगों को अल्पसंख्यकों और पत्रकारों को निशाना बनाने का निर्देश दिया जाता है। साध्वी का आरोप है कि नवंबर 2015 में आमिर खान के यह कहने के बाद कि भारत में असहिष्णुता बढ़ रही है, BJP सोशल मीडिया यूनिट ने आमिर के खिलाफ अभियान चलाया था। साध्वी के मुताबिक, इस अभियान के अजेंडे में आमिर को स्नैपडील के ब्रैंड ऐंबैसडर से हटवाना भी शामिल था।
साध्वी के दादा स्वतंत्रता सेनानी थे। सोशल मीडिया पर आमिर को निशाना बनाकर अभियान चलाने का निर्देश मिलने पर साध्वी को एहसास हुआ कि वह कुछ गलत कर रही हैं। उन्हें लगा कि वह एक ट्रोल बनकर रह गई हैं। साध्वी का आरोप है कि BJP के द्वारा चलाए जा रहे कई वॉट्सऐप ग्रुप्स पर महात्मा गांधी के खिलाफ नफरत उगली जा रही थी और इस सबको देखकर उन्होंने सोचना शुरू किया कि वह क्या कर रही हैं। वह कहती हैं, ‘मैं खुद को दोषी जैसा महसूस कर रही थी। मैंने खुद से पूछा कि मैं क्या कर रही हूं। गांधी बचपन से हमारे नायक रहे हैं। BJP खुले तौर पर उन्हें गालियां नहीं देती है, लेकिन उनकी विचारधारा ऐसी ही है।’ साध्वी ने हमारे सहयोगी अखबार मिरर के साथ फोन पर हुई बातचीत में ये बातें कहीं।
पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी की आने वाली किताब ‘आई अम अ ट्रोल’ में साध्वी खोसला ने अपने अनुभवों के बारे में बताया ,,,साध्वी की कहानी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी की जल्द ही रिलीज होने वाली किताब ‘आई एम अ ट्रोल’ का एक हिस्सा है। इस किताब में BJP की सोशल मीडिया यूनिट के बुरे और स्याह पहलुओं के बारे में बताया गया है। साध्वी के मुताबिक, BJP की सोशल मीडिया यूनिट ‘नफरत और कट्टरता की खुराक लगातार’ परोस रही है। चतुर्वेदी खुद भी दक्षिणपंथी तत्वों द्वारा की जाने वाली ट्रोलिंग का शिकार हुई हैं। वह लिखती हैं, ‘झूठे नामों और फर्जी फोटो वाले ये ट्रोल्स कौन हैं? ये लोग कहां से ताल्लुक रखते हैं? वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? क्या वे संगठित तौर पर काम करते हैं या फिर अलग-अलग स्वतंत्र रूप से? क्या वे सिर्फ BJP और प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसक हैं या फिर उनका पार्टी के साथ कोई आधिकारिक संबंध है?’
स्वाति चतुर्वेदी ने अपनी किताब में लिखा है कि किस तरह BJP की सोशल मीडिया शाखा ने अभिनेता आमिर खान के खिलाफ एक अभियान चलाया। स्वाति का कहना है कि नवंबर 2015 में जब आमिर ने ‘भारत में बढ़ती असहिष्णुता’ संबंधी टिप्पणी की थी, उसके बाद BJP सोशल मीडिया विंग ने आमिर के खिलाफ जबर्दस्त अभियान चलाया और सुनिश्चित किया कि स्नैपडील आमिर की सेवाएं अपने ब्रैंड ऐंबैसडर के रूप में जारी न रखे। BJP सोशल मीडिया में शामिल होने का कारण बताते हुए साध्वी खोसला ने मिरर से कहा कि 2013 में जब वह अमेरिका में थीं, तब उनके पास नरेंद्र मोदी का फोन आया, जो कि BJP की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ने वाले थे। वह बताती हैं, ‘मैंने 6 महीने के लिए अपनी नौकरी से छुट्टी ली, लेकिन फिर यह समय और लंबा होता गया। ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम के लिए हम रोजाना 18 घंटे काम करते।’ साध्वी का कहना है कि वह BJP के बदलाव के अजेंडे से प्रभावित होकर पार्टी से जुड़ी थीं।
साध्वी का आरोप है कि उन्हें और टीम के बाकी साथियों को अल्पसंख्यकों और पत्रकारों को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया। उस समय BJP सोशल मीडिया यूनिट की बागडोर अरविंद गुप्ता के हाथों में थी। वह बताती हैं कि उन्होंने पंजाब में ड्रग समस्या से लड़ने के लिए अरविंद को कई ट्वीट किए, लेकिन अरविंद ने उनपर कोई ध्यान नहीं दिया। वह बताती हैं, ‘पंजाब की गठबंधन सरकार में BJP भी शामिल है। पंजाब और ड्रग रैकेट में अकाली नेताओं की मिलीभगत के बारे में मैंने कम से कम 5,000 ट्वीट किए, लेकिन उनपर चुप्पी बनी रही।’
साध्वी ने हालांकि अपने इस अनुभव के बारे में इस किताब के अंदर कई चौंकाने वाली जानकारियां दी हैं, लेकिन इसके अलावा वह ज्यादा कुछ बताने को तैयार नहीं होती हैं। उनके साथ BJP सोशल मीडिया सेल में और कौन लोग काम करते थे और वह किसे रिपोर्ट करती थीं, इस बारे में साध्वी ने कुछ नहीं बताया है। वह कहती हैं, ‘हम तथ्यों के बारे में बात करें, तो बेहतर है। ऐसा नहीं है कि जिन्होंने बात नहीं मानी, उसके साथ BJP सोशल मीडिया यूनिट ने कुछ किया। आमिर के खिलाफ अभियान की बात करें, तो यह मुझपर था कि मैं BJP सोशल मीडिया विंग की बात मानती हूं या नहीं।’ वह कहती हैं कि BJP के साथ मोहभंग हो जाने का मतलब यह नहीं है कि BJP के विरोधी दल उनका फायदा उठा सकते हैं। वह कहती हैं, ‘मैं नफरत और कट्टरता फैलाने वाले इस अभियान का हिस्सा बनकर अपराधबोध महसूस कर रही थी। मुझे महसूस हुआ कि किसी बुलेट ट्रेन की तुलना में हमारे देश की एकता कहीं ज्यादा जरूरी है।’
साध्वी का कहना है कि जब भी कभी PM मोदी राष्ट्रीय हित से जुड़ा फैसला लेंगे, तब वह उनका समर्थन करेंगी। वह कहती हैं, ‘मैं नोटबंदी का समर्थन करती हूं, लेकिन जब आमिर खान पर हमला किया जाता है और मुहम्मद अखलाक की हत्या की जाती है और प्रधानमंत्री मोदी चुप रहते हैं, तब मैं उनका समर्थन नहीं करती।’ यह पूछे जाने पर कि BJP सोशल मीडिया के बारे में खुलकर ये बातें करने के बाद क्या उन्हें डर लग रहा है, साध्वी जवाब देती हैं, ‘देखिए, क्या होता है। अगर कोई मेरे साथ कुछ करता है, तो मेरी बात और पुख्ता तौर पर साबित हो जाएगी।
उदयपुर में भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का जंगी प्रदर्शन

उदयपुर। राजस्थान की भाजपा सरकार के तीन साल के शासन को कुशासन मान उनकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ शहर और देहात जिला कांग्रेस ने आक्रोश रैली निकाल कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर और देहात जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने अपने कार्यालय से रैली निकाली और देहली गेट पर सभा कर प्रदर्शन किया।
राजस्थान सरकार के तीन साल को कांग्रेसियों ने जनविरोधी और कुशासन करार देते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया। पहली बार शहर और देहात कांग्रेस के किसी कार्यक्रम में इतनी संख्या में कार्यकर्ता जमा हुए। शहर जिला की आक्रोश रैली दिन में १२ बजे पंचवटी स्थित शहर जिला का कांग्रेस कार्यालय से रवाना हुई जो चेतक अश्विनी बाज़ार होते हुए देहली गेट पहुची। दूसरी तरफ देहात जिला कांग्रेस की आक्रोश रैली आरएमवी देहात जिला कांग्रेस ऑफिस से रवाना होकर अस्थल मंदिर मार्शल चौराहा, मण्डी की नाल, धानमण्डी, देहली गेट चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च कर विशाल रैली के रुप में शान्ति आनन्दी स्मारक पर पहूचे ।

देहात और शहर जिला कांग्रेस की रैली में कार्यकर्ताओं की संख्या खासी रही। आक्रोश रैली में कांग्रेसियों ने पीएम मोदी के खिलाफ जम कर नारे लगाए। हाथों में बेनर और कांग्रेसी झंडे लिए कार्यकर्ता जोश में नज़र आये। देहलीगेट शांति आनंदी स्मारक पर पहले शहर जिला की रैली पहुची बाद में देहात की रैली पहुची। सभा को वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने संबोधित किया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास सहित कई कांग्रेसी निताओं ने सभा को संबोधित किया डॉ गिरजा व्यास ने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में दलित, आदिवासी एवं महिला वर्ग पर अत्याचारों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इन सब पर अंकुश लगाने में भाजपा सरकार नाकाम रही है। समाज के सभी वर्गों पर होने वाले अत्याचारों के ये आंकड़े राजस्थान जैसे सामरिक एवं सांस्कृतिक रूप से संगठित प्रदेश की सौहार्द भावना पर सवालिया निशान खड़ा करते हैं। कांग्रेस ने आजादी के योगदान से लेकर देश के विकास में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है। ये सरकार एक भी वादे पर खरी नहीं उतरी है।
सभा को सम्बोधित करते हुए उदयपुर प्रभारी महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने कहा कि भाजपा के राज में आदिवासी, दलित, किसान, महिला, युवा, पिछड़ा, अल्पसंख्यक, मजदूर वर्ग बहुत बड़ी पीड़ा के दौर से गुजर रहा है। किसानों को पर्याप्त बिजली, पानी उपलब्ध कराने में सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार जनता को दुखी कर किस बात का जश्न मना रही है? प्रदेश के बेरोजगार युवाओं में सरकार की विफलता के फलस्वरूप निराश घर कर गई है। किया पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि कांगेस ने सदैव कमजोर तबके को उपर उठाने का काम किया है । राजस्थान के मुख्यमंत्री लोकतन्त्र को राजतन्त्र से चला रही है । सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारीयों के लिये सरकार के वरिष्ठ मंत्री स्तरहीन भाषा का प्रयोग कर रहे है । 3 साल पुरा होने पर उदयपुर में जश्न मनाने पहुची मुख्यमंत्री को लेकर मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री उदयपुर की जनता को यह तो बता जाती कि उन्होंने 3 साल में उदयपुर के लिये क्या काम किया और आने वाले 2 वर्षों में कौनसी बड़ी सौगात देने जा रही है ।
प्रदेश महासचिव जगदीश राज श्रीमाली ने बताया कि नोटबन्दी के दौरान हुई 125 मौतों का जिम्मेदार प्रधानमंत्री मोदी को टहराते हुए राष्ट्रपति से उनके खिलाफ अभियोग चलाने की मांग की और कहा कि राज्य की वसुन्धरा सरकार इन मौतों पर संवदेना व्यक्त करते हुए कर्नाटक व उतरप्रदेश की तर्ज पर आर्थिक मुआवजा प्रदान करावें । जिलाध्यक्ष लाल सिंह झाला ने कहा कि सरकार के जश्न के विरोध एवं सरकार की विफलताओं पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने का यह मात्र ट्रेलर है । सभा को महासचिव शंकर यादव, पूर्व विधायक मांगीलाल गरासिया, शहर ब्लॉक अध्यक्ष मुजीब सिद्दीकी, पूरण मेनारिया, महिला कांग्रेस अध्यक्ष चंदा सुहालका, पूर्व नेता प्रतिपक्ष के. के. शर्मा, मोहम्मद अयूब, दिनेश श्रीमाली, नेता प्रतिपक्ष मोहसिन खान, आदि ने भी सम्बोधित किया। सभा का संचालन श्याम लाल चौधरी ने किया । धन्यवाद की रस्म राजीव सुहालका अदा की ।
50 दिन हो रहे है पुरे और नोटबंदी का जवाब देने के लिए बच रहे है केंद्रीय मंत्री भी

उदयपुर . नोट्बंदी के बाद हालात सामान्य नहीं हुए है और यह बात केन्द्र सरकार के केन्द्रीय मंत्री भी मान रहे है, इसीलिए वह नोट्बंदी से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब देने से कतरा रहे है। नोट्बंदी के बाद देश के बिगड़े हालात के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से ५० दिन मांगे थे और उसके बाद जो चाहो सजा देने को कहा था। अब जब ५० दिन पुरे हो गए है तो सरकार का कोई मंत्री जवाब नहीं दे रहा। बुधवार को गाँधी ग्राउंड में आरएनटी मेडिकल कोलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लोक के शिलान्यास के दौरान केन्द्रीय स्वास्थ मंत्री नोट्बंदी को लेकर कुछ भी कहने से इनकार करते रहे और आखीर तक उन्होंने नोट्बंदी को लेकर किसी सवाल का जवाब नहीं दिया यही नहीं आर एन टी मेडिकल से जुड़े अस्पतालों में फैली भ्रस्टाचार पर भी गेंद प्रदेश स्वास्थ मंत्री कालीचरण सर्राफ को दे कर बच निकले।
आरएनटी मेडिकल कोलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लोक के शिलान्यास के बाद केन्द्रीय स्वास्थ मंत्री जगत प्रकाश नड्डा पत्रकारों के रूबरू हुए तो उन्होंने कुछ कहने से पहले ही कह दिया कि में सिर्फ अपने विभाग के बारे में बात करुगा। स्वास्थ या अस्पताल से सम्बंधित सवालों के बारे में बात करूगां। नड्डा से पूछा गया कि नोटबंदी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से जो ५० दिन मांगे थे वाह पुरे होने आये इसके बावजूद अभी तक हालात सामान्य नहीं हुए तो इस पर नड्डा ने कोई उत्तर नहीं दिया और कह दिया कि आप मेरे विभाग से जुड़े सवाल करिये और जिस काम के लिए में यहां आया हू वही बात करुगा। केन्द्रीय मंत्री नड्डा के इस इनकार से यह साफ़ हो गया कि वह पीएम मोदी के ५० दिनों की मोहलत वाली बात से बचना चाहते है और मानते है कि हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए है और जनता परेशान है।
नड्डा को जब बताया गया कि यहां पर आरएनटी मेडिकल कोलेज में काफी भर्ष्टाचार फैला हुआ है और इसकी जाँच एसीबी में भी चल रही है, सरकार इस पर कारवाई क्यूं नहीं करती। इस पर नड्डा ने प्रदेश स्वस्थ मंत्री कालीचरण सर्राफ की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आपकी इस बात का जवाब यह देंगे और भाजपा काल में कही भी भ्रस्टाचार नहीं होने दिया जायेगा। कालीचरण सर्राफ कुछ बोलते इसके पहले ही गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि आप भ्रस्टाचार की बात ऐसे मुह जबानी मत कहो और आपके पास कोई कागज़ हो या लिखित में कुछ हो तो बताओ हम उसकी एसीबी से जांच करवाएंगे। जब कटारिया को बताया गया कि एसीबी में भ्रस्टाचार की जाँच चल रही है लेकिन अभी तक कोई कारवाई नहीं हुए है तब भी गृहमंत्री अपनी ही बात पर अड़े रहे कि आप हमको कागज़ दो उसके बाद बात करेगे और आगे चलते बने।
प्रदेश सरकार के तीन विफल वर्षो के विरोध में बांसवाडा में कांग्रेस का जंगी प्रदर्शन


सी.बी.एस.ई. राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में एम.डी.एस. का आठवॉ स्थान

उदयपुर। दिल्ली पब्लिक स्कूल वाराणसी, उत्तरप्रदेश की मेजबानी में सम्पन्न हुई सी.बी.एस.ई. राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में स्थानीय एम.डी.एस. स्कूल के अण्डर-14 टीम ने आठवॉ स्थान हांसिल किया। प्राचार्य निधी माहेषवरी ने बताया कि प्रशिक्षक राजेन्द्र तेली के मार्गदर्शन अण्डर-14 टीम ने सेट तेरेसा स्कूल इन्द्रापुरम, डी.पी.एस. मोर्डन इण्डियन स्कूल, दिपीका इंगलिष मिडीयम, डी.ए.वी. मल्टीप्रपोस पब्लिक स्कूल, न्यू मिलेनियम डी.पी.एस.स्कूल, एल्फा विस्डम विद्याषर्मा सिनीयर स्कूल से खेलते हुए बालक वर्ग में कनिष्क पाण्डे, प्रभव माहेष्वरी, आयुष लोढ़ा, उद्वलक्ष्य रैना ने आठवॉ स्थान हांसिल किया। व अण्डर 19 बालक वर्ग में साकेत अग्रवाल, भावेष पण्डियार, वेदान्ता शर्मा, तुषार चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20वॉ स्थान हांसिल किया। इसी प्रकार अण्डर-14 बालिका वर्ग ने 28वॉे स्थान हासिल किया।

