क्या साहेब, बापू के लिए हानिकारक है ?

उदयपुर। ( पोस्ट पंच ) कुछ दिनों से बड़ा हंगामा मचा रिया है अपने साहेब की खादी वाली फोटू पे, ट्वीटर और फेसबुक हंगामा मच रिया है तीन दिन से । सब के मन में एक ही बात रही है “साहेब .. बापू के लिए तू तो हानिकारक है” लेकिन भाई क्या हमने सोचा है के गांधी और खादी कोई इंसान या प्रोडक्ट नहीं ये एक विचार है एक सोच है, और ये सोच अगर साहेब के मन में आई तो बापू के लिए हानिकारक कैसे हो गयी। क्या आपने गली मोहल्लों में स्कूल जाते नन्हे मुन्ने बच्चों को फेंसी ड्रेस प्रतियोगिता में गांधी बन कर जाते नहीं देखा ? वो बच्चे आखिर गांधी ही क्यूँ बनते है ? गोडसे के भेष में क्यों नहीं जाते ? सोचा कभी ? अब जिस संगठन या जिस विचारधारा से साहेब आये है वहां गांधी बनने का ज्ञान तो कभी नहीं दिया जाता है, तो अब अगर साहेब के मन में गांधी की तरह दिखने की इच्छा जाग रही है तो,…. एक तरह से जीत तो गांधी के विचारधारा की ही हुई है। चाहे गुजरात के हिंसा के घोड़े पे सवार हो कर साहेब पीएम की कुर्सी तक पहुचे हों लेकिन मुक्ति तो आखिर अहिंसा के चरखे में ही दिखाई दे रही है। क्यों के भाइयों और बहनों हर दिल में गांधी कही न कहीं बसा हुआ है,.. गोडसे को पूजने वालों की संख्या बहुत कम है .

कार्टून के लिए मशहूर कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी का आभार
कार्टून के लिए मशहूर कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी का आभार

अब ये बात अलग है कि तरह तरह के फेंसी ड्रेसों में और अलग अलग मुद्राओं में फोटो पड्वाना साहेब का शोक रहा है,. चाहे वह झुला झुलाते हो, चाहे वो ड्रम बजाते हो, माँ के साथ नाश्ता करते हो,. या चाहे वो चरखा चलाते हो ।
वैसे भी खादी के केलेंडर और डायरी पर बापू ७० सालों से चरखा चलाते चलाते थक गए थे और साहेब ने उन्हें ज़रा आराम देदिया है, अब अगर ज्यादा तीन पांच की तो मालूम है ना साहेब के मंत्री ने क्या कहा ” नोटों पर भी हंसता हुआ साहेब का फोटू चिपक जाएगा” फिर चिल्लाते रहना और जेब में लिए घूमते फिरना।
वैसे आज तक के इतिहास से और बचपन से लेकर बड़े होने तक लिए हुए ज्ञान से आपने क्या सिखा कि आज़ाद देश भारत का राष्ट्रपिता बनने के लिए बापू की तरह होना जरूरी है ? आज़ादी की लड़ाई लड़ना जरूरी है ? अंग्रेजों को भारत से भागना जरूरी है ? अगर साम्प्रदायिक दंगे देश में हो रहे हों तो बापू की तरह आमरण अनशन करना जरूरी है कि जब तक दंगे नहीं रुकेगें तब तक एक बूँद पानी की मुह में नहीं डालेगें। नहीं भाई अब ये सब कुछ जरूरी नहीं हमने तो बचपन से शिक्षा ही गलत ली है। राष्ट्रपिता बनने के लिए ये सब जरूरी नहीं है, अब मोजुदा दौर में बस अहंकारी सताधारी होना जरूरी है। अगर सत्ता हाथ में है तो आराम से बिना कुछ किये स्वयं भू राष्ट्रपिता बना जा सकता है। बापू को सालों आज़ादी की लड़ाई लड़ने के बाद जो राष्ट्रपिता की उपाधि मिली अब वो उपाधियाँ तो अहंकारी सत्ताधारी बनते ही अपने आप ली जा सकती है। फिर खादी का ब्रांड एम्बेसेटर बनना तो मामूली बात है। सत्ता हाथ में हो तो ये सोचने की जरूरत नहीं की आखिर खादी चलन में क्यों आई थी,.. अंग्रेजो को भारत से भगाने में खादी का क्या योगदान रहा। केसे एक हाथ से बना हुआ कपड़ा पुरे देश में एक विचारधारा बन गया, ये सब सोचने की जरूरत नहीं ये सब फ़ालतू बाते है। सत्ता हाथ में हो सबसे ऊँची कुर्सी पर बैठ गए साहेब बन गए तो फिर जहाँ मर्जी फोटू चिपकाओ, एक फेशनेबल चरखे और फेशनेबल कपड़ों के के साथ शानदार स्टाइल में पूरा फोटो सेशन करवाओ और चिपका दो जहाँ मर्जी हो। चिल्लाने वाले चिल्लाते रहेगें कोई फर्क नहीं पड़ता वेसे भी चिल्लाने और विरोध करने के नए नए मोके देते रहना चाहिए ताकि पुरानी बाते भूलते रहे और नए ढकोसलों में लोग उलझे रहे ।
लेकिन काश… काश एसा होता के फेंसी ड्रेस में गांधी की पोशाक पहनने वाले बच्चे सच मच के गांधी बन के उनकी विचारधारा पे चलने लगते तो देश में ३० प्रतिशत से ज्यादा गांधी, भगत सिंह सुभाषचंद बॉस या कोई महापुरुष होते क्यों कि हर एक ने बचपन में स्कूल में यह भूमिका कभी न कभी तो जरूर निभाई ही होगी चाहे खेल खेल में ही सही।

उदयपुर में सर्दी ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, 2.2 डिग्री पर पहुंचा न्यूनतम तापमान ..

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उदयपुर . कश्मीर जैसी कड़ाके की ठंडक से लोग कंपकंपा उठे हैं। पारा लुढ़कता हुआ २.२  डिग्री पर पहुंच गया। इसके साथ सबसे कम न्यूनतम पारे का पिछले १० साल का रिकार्ड टूट गया।

बर्फीली हवाओं ने सुबह से शाम तक धूजणी छुड़ाई। सर्दी से बचने के लिए लोग सिर से पैर तक गर्म कपड़ों में लिपटे रहे।शरीर को धुजाने वाली ठंड का अलसुबह ही असर दिखा। सर्दी के का्रण सड़कों पर सैर करने वाले लोग कम नजर आए। नलों के बर्फीले पानी ने खून जमाने जैसे तेवर दिखाए। सड़क, घास और वाहनों पर ओस ही ओस नजर आई। धूप निकलने के बाद भी सर्दी ने पिंड नहीं छोड़ा। जगह-जगह लोग हीटर और अलाव जलाकर बैठे रहे। दोपहर में तेज धूप रही, पर गलन ने जमकर परेशान किया। हवा में घुली ठंडक सिहराती रही। शाम ढलते-ढलते ही सर्दी की रंगत फिर तेज हो गई।

यूं तो तेज सर्दी के बीच खिल रही धूप लोगों को राहत दे रही है, लेकिन धूप के बीच चल रही सर्द हवाएं धूप को बेअसर साबित करती नजर आ रही हैं। धूप के बीच भी लोगों को गलन का एहसास हो रहा है।

जनवरी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 

– 20.1.2005 … 3.9

-09.1.2006 … 5.3

-14.1.2007 … 5.2

-24.1.2008 … 3.0

-02.1.2009 … 6.0

-07.1.2010 … 4.5

-10.1.2011 … 3.4

-21.1.2012 … 2.5

-08.1.2013 … 2.8

-13.1.2014 … 4.4

-20.12015  … 4.2

-22.1.2016 … 3.8 डि.से.

“मयूरी” में अमेरिकी ग्रुप डांस का धमाल – मस्ती में झूमी छात्राएं

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उदयपुर। भूपाल नोबल्स पी.जी. कन्या महाविद्यालय, उदयपुर का वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘‘मयूरी‘‘ का शुभारम्भ गुलाबी सर्दी में सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन से प्रारम्भ हुआ। रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ आगाज पहले दिन अमरीका से आए ग्रुप की डांस परफॉर्मेंस पर सभी ने खूब ठुमके लगाए। वंस मोर-वंस मोर की हूटिंग ने समारोह को और रंगारंग बना दिया।

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त्रि-दिवसीय इस सांस्कृतिक महोत्सव में शुक्रवार के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर जे.पी. शर्मा, कुलपति (मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर) थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमान् शान्तिलाल जी मेघवाल (जिला प्रमुख, उदयपुर), श्रीमति प्रगति खराड़ी (अध्यक्ष, राजस्थान जनजाति आयोग), भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के प्रेसीडेन्ट प्रोफेसर महेन्द्र सिंह राठौड़, भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. निरंजन नारायण सिंह जी राठौड़, कर्नल हरीश चण्डोक एवं श्रीमती कर्नल चण्डोक समारोह में उपस्थित थे।
आज का विशेष आकर्षण अमरीका के ‘द वनेवर केरावन‘ नृत्य ग्रुप की मनमोहक प्रस्तुतियां रही। वसुधैव कुटुम्बकम्, अपनत्व एवं सहिष्णुता के उद्देश्य से यह नृत्य ग्रुप विभिन्न देशों में अपनी अद्भुत प्रस्तुतियांे का प्रदर्शन कर चुका है तथा नृत्य एवं संगीत के माध्यम से प्रेम, प्यार, भाई चारा, शान्ति तथा आपसी सद्भाव का संदेश सम्पूर्ण विश्व में इनके द्वारा निःस्वार्थ भाव से देना है। श्रीमती लीबीया एवं श्री बिल के नेतृत्व में इस ग्रुप के सदस्यों ने गायन, वादन एवं नृत्य प्रस्तुत कर छात्राओं को ओर कुछ ओर नया करने को प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि, मुख्य अतिथि, अभिभावक, विश्वविद्यालय पदाधिकारीगण एवं छात्राओं ने इस ग्रुप की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।

BNgirls mayuri (3)छात्राओं की आज की प्रस्तुतियों में सोलो सॉंग, ग्रुप सॉंग,, फैन्सी डैªस, ड्यूट डांस एवं फॉक डांस आदि आकर्षण के केन्द्र रहे। आज की प्रस्तुतियों में फ्यूजन गीतों की धूम रही। ‘‘तेनू भूल जा भूल जा‘‘ ‘‘हिचकी, मचा जाऊ दे‘‘ ‘‘छन के मोहल्ला, हाई हिल्स‘‘ ‘‘ए उड़ी-उड़ी, काला चश्मा‘‘ ‘‘कौन तुझे, ओय-ओय‘‘ जैसे फ्यूजन गीतों को पांडाल में उपस्थित दर्शकों ने सराहा, वहीं छात्राएं अपने आप को नाचने से रोक न सकी। एक तरफ जहां नये फ्यूजन गानों की धूम रही वहीं पुराने फिल्मी गाने एवं गजल छात्राओं की जुबां पर अभी भी बरबस निकल आ रहे है, जिनमें ‘‘इन आंखों की मस्ती‘‘ ‘‘होंठों को ंछू लो तुम‘‘ जैसी गजलें शामिल है। वेस्टर्न ग्रुप डांस एवं सोलो डांस फिल्मी पर छात्राओं की प्रस्तुतियों ने खूब वाहीवाही लूटी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संगीता राठौड़, डॉ. अनिता राठौड़, मोहिता दीक्षित एवं आकांक्षा मेहता ने बारी-बारी से किया गया।

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परिणाम

प्रस्तुति                    प्रथम                 द्वितीय          तृतीय

सोलो सॉंग (गज़ल)     मारीषा दीक्षित        पूजा देवड़ा       शिवानी पालीवाल
ग्रुप सॉंग (फॉक)         आरोही ग्रुप            रियाज ग्रुप       डेजलर्स ग्रुप
सोलो सॉंग (फॉक)       मारीषा दीक्षित        मानसी व्यास    अनिता देवड़ा
सोलो डान्स (वेस्टर्न)    हेमलता राव           गौरी जोशी       देविका रानी
ग्रुप सॉंग (फिल्मी)       आरोही ग्रुप            दिलदार ग्रुप     डेजलर स्माईल
ग्रुप डान्स (वेस्टर्न)       डेजलर स्माईल        स्टनर्स ग्रुप      फ्यूजन ग्रुप
फैन्सी डैªस               विजय लक्ष्मी शक्तावत यामिनी कंवर राणावत पायल सुथार
सोलो डान्स (फिल्मी)   ऋचा सोनी             रिद्दी चौहान       गौरी जोशी

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सलमान-सैफ समेत 5 बॉलीवुड Celebs को 25 जनवरी को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा, काला हिरण शिकार मामले में सुनाए जाएंगे आरोप

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salmanउदयपुर . सलमान खान को काले हिरण के शिकार मामले में 25 जनवरी को मुलजिम बयान यानी उन पर कोर्ट में तय आरोप सुनाए जाएंगे। इस दौरान कोर्ट में सैफ अली खान, एक्ट्रेस नीलम, तब्बू और सोनाली बेन्द्रे को भी मौजूद रहना होगा। सलमान के खिलाफ चल रहे आर्म्स एक्ट में भी 18 जनवरी को फैसला आ सकता है।
 – 18 साल पहले जोधपुर के पास कांकाणी गांव में हुए हिरण शिकार मामले में सलमान खान, सैफ अली खान, सोनाली बेन्द्रे, तब्बू और नीलम आरोपी हैं।
– सलमान पर आरोप है कि उन्होंने 1 अक्टूबर 1998 की रात कांकाणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया था।
– ये सभी वहां हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में गए थे। आरोप है कि गोली की आवाज से गांव वालों की नींद खुल गई तो ये लोग हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग निकले।
– जोधपुर की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है। 25 जनवरी को इन सभी कलाकारों के खिलाफ कोर्ट की ओर से तय किए गए आरोप (मुलजिम बयान)पढ़ कर सुनाए जाएंगे।
– मुलजिम बयान सुनने के लिए आरोपी का कोर्ट में मौजूद रहना जरूरी है।
मुलजिम बयान का मतलब क्या है?
– मुलजिम बयान में एक-एक आरोपी को कोर्ट में तय किए गए आरोप पढ़कर सुनाए जाते है।
– अमूमन आरोपी सारे आरोपों को नकार देता है। कोर्ट उनसे अपने बचाव में कोई और सबूत पेश करने को कहता है।
– देखना होगा कि सलमान, सैफ सहित बाकी कलाकार अपने बचाव में क्या तर्क देते हैं।
– माना जा रहा है कि मुलजिम बयान के बाद 2-3 महीने में केस का फैसला अा जाएगा।
शिकार के 3 और आर्म्स एक्ट का 1 मामला
– 1998 में हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर 3 अलग-अलग जगहों पर हिरणों का शिकार करने का आरोप लगा।
– जोधपुर के पास भवाद गांव में 2 काले हिरणों, घोड़ा फार्म में 1 काले हिरण का और कांकाणी गांव में 2 काले हिरणों का शिकार किया गया था।
– भवाद और घाेड़ा फॉर्म में हुए शिकार के मामले में लोअर कोर्ट ने सलमान को 1 साल और 5 साल की सजा सुनाई थी।
– बाद में हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में सलमान को बरी कर दिया। अब इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
– जबकि कांकाणी गांव में दो काले हिरणों के शिकार मामले में इन कलाकारों को अब मुलजिम बयान पढ़कर सुनाए जाएंगे।
– जांच में पाया गया था कि सलमान खान को पिस्टल और राइफल के लिए जारी लाइसेंस की तारीख खत्म हो चुकी थी।
– ऐसे में सलमान के खिलाफ अवैध तरीके से हथियार रखने और उनसे शिकार करने का एक अलग से मामला जल रहा है।

प्रोफ़ेसर भर्ती घोटाले में सेवानिवृत्त प्रो. चुंडावत को एसीबी की टीम पूछताछ के लिए जोधपुर ले गई

acb-c_1484304717उदयपुर। जयनारायणव्यास विश्वविद्यालय में 2012-13 के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर के 111 पदों पर हुई भर्तियों के घोटाले में एसीबी ने शुक्रवार को सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो. डॉ. दरियाव सिंह चुण्डावत को पूछताछ के लिए जोधपुर ले गई। चुण्डावत उस भर्ती में राज्य सरकार के प्रतिनिधि थे। सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर दरियाव सिंह सुविवि में स्पोर्टस बोर्ड चैयरमेन, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, एचआरएम निदेशक तथा बोम के सदस्य भी रह चुके है। भर्ती के दौरान पद का दुरूपयोग करना एवं न्यूनतम योग्यता नहीं होने पर भी चहेतो को साक्षात्कार में शामिल करना आदि कई आरोप थे जिसे एसीबी ने जांच में प्रमाणित पाया था। विवादों में रहे प्रो. चुण्डावत कॉमर्स कॉलेज के डीन रहने के दौरान स्पोर्टस कोटे से ब$डी संख्या में छात्रों को प्रवेश देने को लेकर भी विवादित रहे है। इसी दौरान राजीव गांधी जनजाति विश्वविद्यालय का गठन हुआ। कुलपति के दावेदारेां में उनका नाम भी सबसे आगे था पर विवादों के कारण उनका नाम अंतिम समय में कट गया। वर्तमान में चुण्डावत एश्वर्या कॉलेज में कार्यरत है।

भारती घोटाले मामले में जयनारायणव्यास विश्वविद्यालय में 2012-13 के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर के 111 पदों पर हुई भर्तियों के घोटाले में एसीबी ने शुक्रवार को पूर्व कुलपति बीएस राजपुरोहित पूर्व विधायक जुगल काबरा समेत 5 जनों को गिरफ्तार किया। पूर्व विधायक काबरा उस वक्त सिंडिकेट के मेंबर थे। शेष तीन आरोपी सिंडिकेट के सदस्य रहे प्रोफेसर डूंगरसिंह खींची, लॉ-डिपार्टमेंट के पूर्व डीन श्यामसुंदर आसोपा, स्थापना शाखा का क्लर्क केशवन एम्ब्रन हैं। इनमें से क्लर्क को छोड़ कर चारों आरोपी भर्ती प्रक्रिया के हिस्से रहे हैं।

एसीबीके मुताबिक भर्ती घोटाले के सबसे बड़े जिम्मेदार पूर्व वीसी बीएस राजपुरोहित हैं। उन्होंने ऐसे नियम बदले जो सिर्फ भर्ती बोर्ड के सदस्यों को पता थे और रिश्तेदारों को असिस्टेंट प्रोफेसर लगवा दिया।

मुट्ठी ने उठाई महिला उत्पीडन के खिलाफ आवाज़

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उदयपुर। राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुठ्ठी संस्थान के तत्वावधान में महिला उत्पीड़न पर मौन रैली निकाली गई जो लाल निवास से शुरू होकर कोर्ट चौराहा होते हुए जिला कलेक्ट्री पहुची जहां पर प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया।
महिलाओं के साथ आये दिन बाद रहे अत्याचार और शोषण के विरोध में और समाज में महिलाओं के प्रति जागरूकता लाने के लिए मुट्ठी संस्थान द्वारा लाल बाग से शांति रैली निकाली गयी जिसमे जिसमें अरिहन्त नर्सिंग कॉलेज, विधि महाविद्यालय एवं अन्य महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस रैली में विरोध प्रदर्शन करने का एक अलग ही तरीका अपनाया मुहं पर काली पट्टी और काले वस्त्र पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध में महिलाओं के ऊपर हो रहे उत्पीड़न को समाज में एक काला कलंक बताया।
मुठ्ठी संस्थान की संस्थापक अर्चना शक्तावत एवं सरोज पटेल ने जो कि महिला सशक्तिकरण पर बहुत समय से काम कर रही है, उनका मानना है कि समाज में महिला व पुरूष की बराबरी की हिस्सेदारी मानी जाए और बहुत शर्मनाक बात है कि महिला को अपने ही हक के लिए लड़ना पड़ रहा है। अपने ही समाज में अपनों के बीच महिला असुरक्षित है। यह रैली का मुख्य कारण यह था कि 31 दिसम्बर की रात से अब तक के महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के हादसे बढ़ते ही जा रहे है, लगता है उन्हें नये साल के उपलक्ष में महिलाओं को तौहफे में बलात्कार, अपहरण, शोषण, छेड़छाड़ आदि दिया गया है। रैली के अन्त में मुठ्ठी संस्थान द्वारा एक पत्र प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम दिया गया। इस पत्र में इस संस्थान द्वारा महिलाओं पर हो रहे अपराधों को रोकने के सुझाव दिये गये।

उग्रसेन राव की पहली पुस्तक राधे – आराधे का विमोचन

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उदयपुर। करीब चार दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भुमिका निभाने वाले वरिष्ठ पत्रकार उग्रसेन राव की पहली पुस्तक राधे – आराधे का विमोचन गुरूवार को राजस्थान विद्यापीठ सभागार में केंद्रीय सेवक की मौजुदगी में किया गया। मददगार और उदयपुर न्यूज के प्रधान संपादक श्री राव की इस पुस्तक का प्रकाशन हिमांशु पब्लिकेशन ने किया है और पूरे देश में यह पुस्तक हिमांशु पब्लिकेशन की ओर से ही वितरित की जाएगी। इस पुस्तक में राधा के पांच radhe aradheहजार वर्षों में बदलते रहे स्वरूपों का वर्णन किया गया है। डाॅ धर्मवीर भारती की पुस्तक कनुप्रिया का शोध भी इसमें किया गया है। पुराण से लेकर आज तक राधा ने कितने स्वरूप बदले हैं, सभी कवियों और लेखकों ने राधा को किस – किस तरह से वर्णित किया है इसका अनुसंधान भी किया गया है। इस पुस्तक के माध्यम से यह भी बताया गया है कि राधा ही मीरा के रूप में पांच सौ वर्षो पहले आई थी। इस बात का अनुसंधान भी श्री राव की राधे – आराधे में किया गया है। पुस्तक विमोचन के अवसर पर केंद्रीय सेवक रामकृपाल यादव, राजस्थान विद्यापीठ के कुलाधिपति एच सी पारख, कुलपति प्रोफेसर एस.एस. सारंगदेवोत, उदयपुर सांसद अर्जुन लाल मीणा, विद्यापीठ कुल की अध्यक्ष प्रोफेसर देवेन्द्र जोहर, रजिस्ट्रार सीपी अग्रवाल अतिथि की रूप में मौजूद रहे। दर्शकों में उदयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार और बुद्धिजीवी मौजूद थे।

जीवन तरंग जिंक के संग कार्यक्रम में उतरें तारे जमीं पर .

हिन्दुस्तान जिंक ने समारोहपूर्वक मनाया अपना 51वां स्थापना दिवस

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उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक का 51वां स्थापना दिवस समारोह जिंक के प्रत्येक कर्मचारी के मन में उमंग और तरंग के साथ एक अनूठी याद और प्रेरणा जगा गया। इस कार्यक्रम की खासियत थी विषेष योग्यजन बच्चों की अविस्मरणीय प्रस्तुती।
हिन्दुस्तान जिंक के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर यषद भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बधिर बाल कल्याण विकास समिति भीलवाडा, विकलांग कल्याण समिति उदयपुर, प्राच्य शोधपीठ प्रयास उदयपुर एवं राजकीय प्रज्ञा चक्षु सीनियर सैकण्डरी विद्यालय उदयपुर के बालक बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने समारोह को अद्भूत और उर्जावान कर दिया।

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इस समारोह मेें विषिष्ठ अतिथि जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता ने हिन्दुस्तान जिंक को 51वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनिल दुग्गल ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विषेष योग्यजनों के रूप में ईष्वर से साक्षात्कार जैसा सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर विषेष योग्यजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये आगे आने कि आवष्यकता है। श्री दुग्गल ने आव्हान किया कि प्रत्येक व्यक्ति इनके लिये समय निकाल कर इन्हें समाज का अभिन्न हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाएं।

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इससे पूर्व विषेष योग्य जन बच्चों ने कार्यक्रम में भक्तिगीत, देषभक्तिगीत, फिल्मी गीतों तारे जमीं पर, जय हो पर नृत्य के साथ ही राष्ट्र चेतना, स्वच्छ भारत मिषन, पानी बचाओं जैसे विषयों पर अपनी प्रस्तुती दी। मूक बधिर और विषेष योग्य बालक-बालिकाओं ने नाटिका प्लांटेषन वीक वर्सेज प्लांटेषन विक के माध्यम से वृक्षारोपण एवं वृक्ष बचाने का संदेष दिया, वहीं डस्ट फ्री डस्टबीन नाटिका के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार नागरिकता का बोध कराया। कार्यक्रम के मध्य मनमौजी विषेष योग्यजनों ने भोजन पूर्व हाथ धोने एवं स्वच्छता का संदेष दिया। कार्यक्रम में सभी प्रस्तुतियों की ऑडिटोरियम में मौजूद हर एक व्यक्ति ने तालियों की गडगडाहट और विषेष योग्यजनों को हाथ हिला कर अभिवादन से उत्साह वर्धन किया। कार्यक्रम में विषेषयोग्यजन जहां उत्साहवर्धन से खुष नज़र आये तो मौजूद हर व्यक्ति विषेष प्रस्तुती से अभिभूत नज़र आया।

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कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य प्रचालन अधिकारी स्मेल्टर्स विकास शर्मा ने हिन्दुस्तान जिं़क के इतिहास के बारे में विस्तार से अवगत कराया। इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया लेड जिं़क स्मेल्टर की सुरक्षा विभाग की टीम ने ‘‘चंदेरिया के शौले’’ नामक सुरक्षा नाटिका से सभी को कार्यस्थल पर सभी को सुरक्षित कार्यप्रणाली पीटीडब्ल्यू के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में सभी को सुरक्षा की शपथ दिलायी गयी।

इस अवसर पर युवाओं में प्रतिभा कौषल विकास कार्यक्रम के नाम ‘युवातंरण’ के लिये हिन्दुस्तान जिंक कायड माईन के कर्मचारी सुषांत कुमार एवं विषेष योग्यजन बच्चों के लिये चलाएं जा रहे अभियान के नाम ‘‘जीवन तरंग जिंक के संग‘‘ के लिये जिंक स्मेल्टर देबारी के कर्मचारी मनीष वैष्णव को अतिथियों ने सम्मानित किया।

 

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उल्लेखनीय है कि हिन्दुस्तान जिंक का 10 जनवरी, 1966 को गठन किया था जो आज भारत की एकमात्र एवं विष्व की अग्रणीय एकीकृत जस्ता-सीसा-चांदी उत्पादक कंपनी है। हिन्दुस्तान जिं़क की राजस्थान में रामपुरा आगुचा, सिन्देसर खुर्द, जावर, राजपुरा दरीबा एवं कायड़ में खदानंे स्थित है तथा राजस्थान में ही दरीबा, चन्देरिया एवं देबारी में कंपनी के स्मेल्टर्स स्थित है।

कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिं़क के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत मंे सहउपाध्यक्ष एचआर संजय शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन विलास जानवे एवं अमृता वाजपेयी ने किया।

हिन्दुस्तान ज़िंक बनी राजस्थान की पहली सीआईआई-आईजीबीसी प्लेटीनम रेटेड ग्रीन बिल्डिंग

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उदयपुर । वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को कन्फेडरेषन ऑफ इण्डिया ने आईजीबीसी ग्रीन एग्जिस्टिंग बिल्डिंग्स रेटिंग के लिए ‘प्लेटीनम रेटिंग अवार्ड’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान हिन्दुस्तान जिंक प्रधान कार्यालय के यषद भवन को हरा-भरा, जल क्षमता, ऊर्जा दक्षता, नवाचार, स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण, उत्कृष्ट प्रबन्धन एवं सुविधाओं से युक्त बनाये रखने के सफल क्रियान्वयन के लिए इण्डियन ग्रीन बिल्डिंग काउन्सिल हैदराबाद ने प्रदान किया ।
यह सम्मान सीआईआई-सोहराबजी गोदरेज ग्रीन बिज़नेस सेन्टर, हैदराबाद के कार्यकारी निदेषक के.एस. वैंकटगिरी ने हिन्दुस्तान ज़िंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनील को हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय में आयोजित एक समारोह में 10 जनवरी 2017 को प्रदान किया। इस अवसर पर उदयपुर जिला कलेक्टर श्री रोहित गुप्ता विषिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
सीआईआई-आईजीबीसी के कार्यकारी निदेषक श्री के.एस. वैंकटगिरी ने बताया कि उदयपुर में स्थित हिन्दुस्तान जिं़क का प्रधान कार्यालय पूरे देष की उन इमारतों के लिए उत्कृष्ट उदाहरण है जो कि अपने कार्यस्थल को सदैव हरियाली रखे हुए है। हिन्दुस्तान जिं़क भारत की प्रतिष्ठित कंपनियों में से एक है जो आईजीबीसी द्वारा ‘प्लेटीनम रेटिंग अवार्ड’ से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क इस अवार्ड से सम्मानित होने वाली राजस्थान की पहली कंपनी है। इससे दूसरी कंपनियां भी प्रोत्साहित होंगी और इस ओर प्रयास करेंगी।

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हिन्दुस्तान जिंक के यषद भवन को ओर अधिक सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। इस परियोजना के तहत 27 प्रतिषत ऊर्जा की तथा 37 प्रतिषत पानी की बचत हुई है। भवन के अंदर ताजा हवा के लिए वेंटिलेषन सिस्टम स्थापित गया है जिससे और अधिक सुविधा उपलब्ध होगी। 100 किलोवॉट अक्षय ऊर्जा की स्थापना की गई जिससे 162,000 यूनिट प्रतिवर्ष ऊर्जा पैदा होगी। ऊर्जा निष्पादन के ट्रेक नियंत्रण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है जिससे भवन की सभी जगह बिजली, यूपीएस, वातानुकूलित, बाहरी बिजली उपकरणों, वाटर रिकार्ड के लिए वाटर मीटर्स स्थापित किये गये है।

हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा कि हिन्दुस्तान जिं़क के प्रधान कार्यालय को पूर्णरूप से ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया गया है और यह सौर ऊर्जा से संचालित है। हिन्दुस्तान जिं़क के सभी परिसर एवं संयंत्रों में 13 लाख से अधिक वृक्षारोपण है। हिन्दुस्तान जिं़क भारत का एकमात्र एवं दुनिया का अग्रणी जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी है जिसे सीआईआई-आईजीबीसी ने इस सम्मान से नवाजा है। उन्होंने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क को विष्व में ‘जीरो कार्बन’ एवं ‘जीरो वेस्ट’ कंपनी बनाने के लिए हिन्दुस्तान जिं़क प्रबन्धन एवं कर्मचारी प्रतिबद्ध है।

हिन्दुस्तान जिं़क अपने नवाचारों से वर्ष 2011 से 2016 के दौरान क्लाउड सीडिंग, ऐडियाबैटिक कूलिंग टाउर, कई प्रभावी वाष्पीकरण, डीप कोन थिकनर, एयर कूल्ड कन्डीषनर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग से पानी की खपत में 16 प्रतिषत की कमी लाया है। हिन्दुस्तान जिंक का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जो राजस्थान की पहली सतत् विकास परियोजना है प्रतिदिन 20 मिलियन टन मल का उपचार कर रहा है जिससे उदयपुर की झीलों में मल का प्रवाह कम होने लगा है तथा झीलों की सुन्दरता में भी प्रभाव दिखने लगा है।

हिन्दुस्तान जिं़क हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु तथा महाराष्ट्र में स्थित फार्मों में 274 मेगावाट पवन ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है। साथ ही हिन्दुस्तान जिं़क 474 मेगावाट थर्मल पावर का भी उत्पादन कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि हिन्दुस्तान जिंक पहले चरण में 80 करोड़ रुपये के निवेष से 15 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना करेगा जो मार्च 2017 तक कार्यरत हो जाएगी। दूसरे चरण में 550 करोड़ रुपये की लागत से 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएगी जो सितम्बर, 2017 तक कार्यरत हो जाएगी। हिन्दुस्तान जिं़क ने सौर ऊर्जा परियोजना विस्तार के तहत अपने प्रधान कार्यालय, उदयपुर एवं चन्देरिया लेड-जिंक स्मेल्टर, चित्तौड़गढ़ प्रत्येक में 100 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर चुका है।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कोर्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय, यषद भवन को हरियाली के लिए उत्कृष्टकता एवं आधुनिक तकनीक एवं नवाचार के साथ-साथ स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावारण हेतु उठाये गये प्रभावी उपायों की मान्यता है।

जयसमंद की पाल पर शिव मंदिर के सामने हुआ अष्लीलता का नंगा नाच – मेवाड़ को शर्मसार करने की हुक्मरानों ने कैसे दे दी अनुमति ?

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उदयपुर। विश्व प्रसिद्द जयसमंद झील की पाल पर शिवजी के मंदिर के सामने कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे मेवाड़ को विष्व पटल पर शर्मसार किया है। जीहां यहां पर ऐसी अष्लीलता का छायांकन प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर कभी भी नहीं हुआ है। विष्व की कई मेग्जीनों, एलबम्स, हाॅलीवुड, वाॅलीवुड की फिल्मों में मेवाड़ के पर्यटन स्थलों ने काफी नाम कमाया है और इसीलिए उदयपुर का दूनिया के सबसे सुन्दर शहर में शुमार भी है। दो दिन पूर्व मीठे पानी की पहली मानव निर्मित झील जयसमंद की पाल पर स्थित एक मंदिर में किसी विदेशी मेग्जीन के कवर पेज का फोटो शूट हुआ, जैसे -जैसे वहां के रहवासियों और ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली सभी इस शूटिंग को देखने के लिए मंदिर परिसर तक पहुचने लगे। एक मेला सा शूटिंग स्थल पर लग गया। प्रोड्यूसर की सोच के अनुसार कवर पेज के लिए आसपास ग्रामीण महिलाओं को खड़ा jaysamand-photo-shoot-1करना था और बीच में उनकी माॅडल को खडा होकर अलग – अलग एंगल में फोटा शूट करवाना था। यहां तक तो ठीक था, लेकिन जैसे ही कैमरा, एक्शन, राॅल बोला गया तो सभी के होश उड गए। माॅडल ने उपरी वस्त्र सारे उतार दिए और सिर्फ अन्तः वस्त्रों में अपने जिस्म की नुमाईष करने लगी। यह देख हर कोई तोबा करने लगा . ग्रामीण महिलाओं ने तो अपनी आंखें तक बंद कर दी। लेकिन अष्लीलता परोसकर मेग्जीन के कवर पेज में खुद को ज्यादा से ज्यादा होट दिखाने वाली माॅडल को कुछ फर्क नहीं पड़ा। सवाल यह नहीं है कि प्रोड्यूसर को शूटिंग की अनुमति मिली की नहीं, सवाल तो यह है कि स्वयंभू प्रोड्यूसर ने किसी भी जिम्मेदार को यह बोला क्या कि वह यहां पर माॅडल को अन्तः वस्त्रों में उतारकर अपनी मेग्जीन का कवर पेज तैयार करेगा। जिम्मेदार हुक्मरान भी इस संबंध में कुछ बोलना नहीं चाहते है, लेकिन हमारी कोशिश रही है कि हमेशा पाठकों को पूरी निर्भिकता के साथ हर खबर की हकीकत बताकर प्रशासन को आईना दिखाए जो हम आगे भी करते रहेंगे।
मानव निर्मित पहली मीठे पानी की झील दूनिया भर में एक मात्र है। झील अपनी खूबसूरती के नाम से भी काफी प्रसिद्ध है। यहां पर कई हिन्दी अंग्रेजी फिल्मों की षूटिंग हुई है। शनिवार को एक मेग्जीन को षूट करने वाला विदेष क्रू यहां पंहुचा और नर्बदेष्वर मंदिर की लोकेशन को मेग्जीन के कवर पेज के लिए पूरी तरह से परफेक्ट माना। क्रू मेम्बरों बड़े बड़े कैमरो और एक साथ इतने व्बिदेशियों को देखने के लिए तमाषबीनों का तांता लगने लगा। प्रोड्यूसर ने कुछ मजदूरी करने वाली कुछ महिलाओं को षूटिंग स्थल पर एक गोला बनाकर खड़ा कर दिया और बीच में अपनी माॅडल को खड़ाकर के फोटो शूट करने लगे। इस दौरान मंदिर परिसर में ही क्रू मेंबर धू्रमपान भी कर रहे थे लेकिन कोई भी इन्हें रोकने वाला नहीं था। माॅडल टू पीस में अपने हुष्न का झलवा बिखरने लगी। ग्रामीण महिलाओ और कुछ संस्कृति बचाए रखने वाले ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो अष्लीलता पसंद बाहूबलियों ने यह कहकर उनकी आवाज दबा दी कि षूटिंग की अनुमति ले रखी है। करीब 4 घण्टे तक यहां पर अष्लीलता का नंगा नाच चलता रहा,लेकिन कोई भी इसे रोकने वाला नहीं आया। स्थानीय एक अधिवक्ता ने सलूम्बर थाने में मामला दर्ज करवाने के लिए रिपोर्ट डी है जिसकी जांच थाना अधिकारी कर रहे है। थाना अधिकारी का कहना है कि अगर मामला सही हुआ तो शुतिंक करने वालों के खिलाफ कारवाई की जायेगी।