
उदयपुर। भूपाल नोबल्स पी.जी. कन्या महाविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘‘मयूरी‘‘ के अंतिम दिन बेस्ट स्टूडेंट के चयन के साथ समापन हुआ। इस साल की बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर आयुषी चुंडावत रही।
मयूरी के आखरी दिन का मुख्य आकर्षण श्रेष्ठ छात्रा चयन प्रतियोगिता रही। श्रेष्ठ छात्रा के चयन हेतु छात्राओं की वर्ष भर की शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों एवं योग्यता के आधार पर वरीयता सूची बनाकर पात्र छात्राओं को इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनाया जाता है। यह छात्राएं ज्यूरी के समक्ष तीन चरणों में प्रतियोगिता के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार अपना प्रदर्शन प्रस्तुत करती है। जो छात्राएं ज्यूरी के समक्ष अपनी कसौटी पर खरी उतरती है, उन्हीं में से एक छात्रा को श्रेष्ठ छात्रा एवं दो छात्राओं को फर्स्ट एवं सेकैण्ड रनरअप का खिताब दिया जाता है। डॉ. आशीष सूद, डॉ. सिमी सूद, डॉ. अंशु कोठारी, डॉ. मनीष श्रीमाली एवं श्री जयदीप सिंह चण्देला ने ज्यूरी के सदस्यों के रूप में श्रेष्ठ छात्रा चयन में निर्णायक भूमिका निभाई। ज्यूरी सदस्यों द्वारा बेस्ट स्टूडेन्ट (सर्वश्रेष्ठ छात्रा) के रूप में सुश्री आयुषी चूण्डावत का चयन किया गया। फर्स्ट रनरअप सुश्री आकांक्षा मेहता एवं सेकण्ड रनरअप सुश्री शैल्वी राव रही। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, अध्यक्ष महोदय, विश्वविद्यालय अध्यक्ष एवं कुलसचिव तथा संस्था परिवार के साथ पधारे हुए गणमान्य अतिथियों ने श्रेष्ठ छात्रा एवं रनर्सअप को क्राउन एवं शेशे धारण करवाकर पुरस्कृत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान् प्रो. उमा शंकर जी शर्मा (कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर) थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमान् लोकेश कुमार जी शर्मा (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उदयपुर) एवं श्रीमान् महावीर सिंह जी राणावत (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उदयपुर), श्रीमती बसन्ती देवी (पूर्व विधायक, सलूम्बर) उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमान् रघुवीर सिंह मीणा (पूर्व सांसद, उदयपुर एवं उपाध्यक्ष राजस्थान कांग्रेस समिति) ने की। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रोफेसर महेन्द्र सिंह जी आगरिया एवं भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. निरंजन नारायण सिंह जी राठौड़ भी उपस्थित थे।



उदयपुर। लेकसिटी के चेटक सर्कल पर ’पेरेमाउंट रेस्टोरेंट’ की शुरूआत रविवार को हुई। नॉनवेज व्यंजनों के लजीज जायकों का स्वाद इस रेस्टोरेंट पर किफायती दरों पर उपलब्ध होगा। पहली बार लेकसिटी में नॉनवेज थाली मात्र 180/- रूपए में उपलब्ध करवाई जा रही है। स्वादिष्ट व जायकेदार नॉनवेज बनाने के लिए मशहूर मो. जमील छीपा ’शेरा भाई’ का यह रेस्टोरेंट शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक खुला रहेगा। रेस्टोरेंट के सहयोगी मो. रफीक ने बताया कि मात्र 180/- ’पेरेमाउंट थाली’ के मैन्यू में मटन कोरमा, चिकन लॉलीपोप कोरमा-1 पीस के साथ, 250 ग्राम पुलाव, 2 पीस चिकन पेटिस व चार रोटी सलाद सहित मिलेगी। हर वर्ग व श्रेणी को ध्यान में रखते हुए रेस्टोरेंट पर मात्र 50/- रूपए में चिकन लॉलीपोप कोरमा मिलेगा। नॉनवेज जायकेदार व्यंजनों के साथ ही उदयपुर में पहली बार देशी घी में बना अंडे का हवाला 350/- प्रति किग्रा से उपलब्ध होगा। शादी व बर्थडे पार्टियों व अन्य आयोजनों के लिए 650/- प्रति किग्रा के हिसाब से मटन कोरमा/स्टू व 450/- रूपए प्रति किग्रा के हिसाब से चिकन स्टू/कोरमा ऑर्डर पर बनाए जाएंगे। रेस्टोरेंट एचडीएफसी बैंक के सामने चेटक सर्कल पर स्थित है।



छात्राओं की आज की प्रस्तुतियों में सोलो सॉंग, ग्रुप सॉंग,, फैन्सी डैªस, ड्यूट डांस एवं फॉक डांस आदि आकर्षण के केन्द्र रहे। आज की प्रस्तुतियों में फ्यूजन गीतों की धूम रही। ‘‘तेनू भूल जा भूल जा‘‘ ‘‘हिचकी, मचा जाऊ दे‘‘ ‘‘छन के मोहल्ला, हाई हिल्स‘‘ ‘‘ए उड़ी-उड़ी, काला चश्मा‘‘ ‘‘कौन तुझे, ओय-ओय‘‘ जैसे फ्यूजन गीतों को पांडाल में उपस्थित दर्शकों ने सराहा, वहीं छात्राएं अपने आप को नाचने से रोक न सकी। एक तरफ जहां नये फ्यूजन गानों की धूम रही वहीं पुराने फिल्मी गाने एवं गजल छात्राओं की जुबां पर अभी भी बरबस निकल आ रहे है, जिनमें ‘‘इन आंखों की मस्ती‘‘ ‘‘होंठों को ंछू लो तुम‘‘ जैसी गजलें शामिल है। वेस्टर्न ग्रुप डांस एवं सोलो डांस फिल्मी पर छात्राओं की प्रस्तुतियों ने खूब वाहीवाही लूटी।

उदयपुर। जयनारायणव्यास विश्वविद्यालय में 2012-13 के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर के 111 पदों पर हुई भर्तियों के घोटाले में एसीबी ने शुक्रवार को सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो. डॉ. दरियाव सिंह चुण्डावत को पूछताछ के लिए जोधपुर ले गई। चुण्डावत उस भर्ती में राज्य सरकार के प्रतिनिधि थे। सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर दरियाव सिंह सुविवि में स्पोर्टस बोर्ड चैयरमेन, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, एचआरएम निदेशक तथा बोम के सदस्य भी रह चुके है। भर्ती के दौरान पद का दुरूपयोग करना एवं न्यूनतम योग्यता नहीं होने पर भी चहेतो को साक्षात्कार में शामिल करना आदि कई आरोप थे जिसे एसीबी ने जांच में प्रमाणित पाया था। विवादों में रहे प्रो. चुण्डावत कॉमर्स कॉलेज के डीन रहने के दौरान स्पोर्टस कोटे से ब$डी संख्या में छात्रों को प्रवेश देने को लेकर भी विवादित रहे है। इसी दौरान राजीव गांधी जनजाति विश्वविद्यालय का गठन हुआ। कुलपति के दावेदारेां में उनका नाम भी सबसे आगे था पर विवादों के कारण उनका नाम अंतिम समय में कट गया। वर्तमान में चुण्डावत एश्वर्या कॉलेज में कार्यरत है।




