सोशल मीडिया पर बंट रहे हैं ‘देशभक्ति के नुस्ख़े’

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जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष की गिरफ़्तारी और वकीलों के लगातार हमलों के बाद देशद्रोह पर बहस तेज़ हो गई है.

भारत में इस समय राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रद्रोह पर जमकर बहस हो रही है.

टीवी स्टूडियो से लेकर गली-नुक्कड़ की बहसों तक मुद्दा देशभक्ति और देशद्रोह ही है.

ऐसे में सोशल मीडिया भी इससे अछूता नहीं है. ट्विटर और फ़ेसबुक पर जहां कुछ गंभीर तर्क दिए जा रहे हैं वहीं मज़ाक और व्यंग्य भी ख़ूब किया जा रहा है.

राष्ट्रवाद पर व्यंग्य कर रहे लोग #भक्ति_के_नुस्खे के साथ ट्वीट कर रहे हैं और ये टॉपिक शीर्ष पर ट्रेंड कर रहा है.

टीवी एंकर रवीश कुमार के नाम से संचालित एक पैरोडी अकाउंट (@raviishndtv) से ट्वीट किया गया, “बस्सी जब कहते हैं कि उनकी कमिटमेंट खाकी के प्रति है, तो समझ नहीं आता वो वर्दी की बात कर रहे हैं या निक्कर की #देशभक्ति_के_नुस्खे”

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी पर जेएनयू में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने एक न्यूज़ एजेंसी के बीजेपी विधायक ओपी शर्मा की गिरफ़्तारी और रिहाई से संबंधिट ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, “धोया, निचोड़ा, हो गया.”

प्रेरणा (@prena_) ने लिखा, दिन में दो बार हर हर मोदी और रात को खाने से पहले घर घर मोदी बोलने से देशभक्ति आ जाती है #देशभक्ति_के_नुस्खे

नदीम राम अली (@imNadimRamAli), लिखते हैं, “आरक्षण का सवाल उठे तो योग्यता की बात करें, दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़ों को बीच-बीच में उनकी औक़ात बताते रहें.”

Aarti (@aartic02) ने लिखा, “भारत माँ की सुरक्षा के नाम पर माँ बहन की गालियाँ #देशभक्ति_के_नुस्खे”

रहीस ख़ान (@rahiskhan77) लिखते हैं, “#देशभक्ति_के_नुस्खे आरएसएस ऑफ़िस में तिरंगा नहीं लगाएंगे .. लेकिन देश भख़्त कहलाएंगे.”

जेएनयू विवादImage copyrightAFP

आशु (@imashu9) लिखते हैं, “बीफ़ एक्सपोर्ट करो और बीफ़ बेचने वालो से चंदा भी लो पर बीफ़ खाने वालो को जान से मार दो #देशभक्ति_के_नुस्खे.”

बींग भगत सिंह (@BeingBhagatS) नाम से संचालित अकाउंट से लिखा गया, “लोकतंत्र को कोसते हुए बताएं कि सारी गड़बड़ियां वोट की राजनीति से है.”

नील (@neelpunjab) लिखते हैं, “मुँह में राम बगल में छुरी रखने में विशेषज्ञता हासिल करो.”

सांकेतिक (@kalyugkgandhi) लिखते हैं, “हर प्रेम को लव जिहाद हर आवाज़ को देश द्रोह कहने लगो. आप देशभक्त बन जाओगे”

news source – BBC HINDI

भाजपा सिखाएगी अब जनता को देशभक्ति

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नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी को इस बात का जरा भी अफसोस नहीं है कि उसने जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के मामले में गलत तरीके से फंसाया है, क्योंकि भाजपा ने लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिये गुरूवार से ’’राष्ट्रवाद’’ पर देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है। ताकि देश की जनता में देशभक्ति की भावना जगाई जा सके।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हालांकि गुप्तचर रिपोर्ट पेश कर रहे हैं कि जेएनयू में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के पीछे कुमार का नहीं बल्कि एक कट्टर वामपंथी गुट डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (डी एस यू) जिसके नेता उमर खआलिद हैं, का हाथ था।
अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश को गुमराह करने एवं अलगाववादी एवं राष्ट्र विरोधी ताकतों को समर्थन देने पर विपक्ष दलों का विरोध करने के लिये भाजपा ने बुधवार को १८-२० फरवरी तक देशभर में ’’जन स्वाभिमान अभियान’’ शुरू करने का ऐलान किया है।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व चाहता है कि लोगों में राष्ट्रवाद की भावना को जगाया जाये तथा इस राष्ट्रवाद के मुद्दे को संसद में भी उठाया जाये ताकि पता चल सके कि कौन राष्ट्रवाद एवं देशभक्ति के साथ है और कौन देश को विभाजित करने में लगे लोगों के साथ है।
पार्टी मुख्यालय ने राज्य, जिलों एवं ब्लॉक स्तर की सभी इकाइयों को ’’जन जागरण (रात्रिकालीन कार्यक्रम)’’ ’’चौपाल’’ (सडक किनारे आयोजित होने वाली सभायें) आयोजित कर उनमें देशभक्ति गान गवाने का निर्देश दिया है।
भाजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि लोग किसके समर्थन में हैं, देशभक्तों के अथवा जेएनयू में संसद पर हमलों के दोषी आतंकी अफजल गुरू का समर्थन कर रहे देशद्रोहियों के, इस बात पर आम राय जानने के लिये पार्टी जनता के बीच जायेगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी राष्ट्र विरोधी ताकतों का खुला समर्थन दे रहे हैं इस बात को उजागर करेगी, उन्होंने लोगों को चेताया जेएनयू की गतिविधियां आतंकवाद एवं अलगाववाद को समर्थन दे रही है और उनको समर्थन देकर देश में राष्ट्र विरोधी विचारधारा को फैलाया जा रहा है।
कांग्रेस के ’’राष्ट्र विरोधी’’ रवैये से लोगों को अवगत कराने एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये पार्टी मुख्यालय ने हस्ताक्षर कार्यक्रम, स्थानीय स्तर के धरने, नुक्कड नाटक एवं वाद-विवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के सुझाव दिये हैं।
पार्टी नेताओं ने कहा कि ’’राष्ट्रवाद’’ हमेशा से ही भाजपा एवं आर एस एस दोनों का मुख्य ध्येय रहा है और हमें पार्टी के आरंभ से ही इस बात पर गर्व है और राष्ट्रवाद के अपमान अथवा किसी भी तरह के आघात को सहा नहीं जायेगा।

Source – राष्ट्रदूत दिल्ली ब्यूरो

देशभक्तों की ये भाषा – कोर्ट में बहन**** की गाली

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नई दिल्ली: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में वकीलों ने जमकर उत्पात मचाया . कोर्ट में जिस समय दिल्ली पुलिस जेएनयू के प्रेसीडेंट कन्हैया कुमार को पेशी के लिए ले जा रही थी उस वक्त वकीलों ने उन पर हमला कर दिया. इस दौरान दिल्ली पुलिस कन्हैया कुमार के साथ थी लेकिन बचाने में नाकामयाब रही. इसके बाद दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं. उधर कन्हैया कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा है.

एबीवीपी की जेएनयू यूनिट में बगावत. जेएनयू यूनिट के तीन नेताओं ने इस्तीफ़ा दिया. इन लोगों ने स्थित को ठीक से नहीं सभालने का आरोप लगाया है. प्रदीप, राहुल और अंकित हंस शामिल हैं.

वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा, मुझे बहन की गाली दी गई, पाकिस्तान का दल्ला कहा गया. आपको बता दें कि राजीव धवन 6 वकीलों की टीम में शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट ने पांच सीनियर वकीलों को स्थिति का जायजा लेने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट भेजा था. 

कन्हैया का बयान

कन्हैया कुमार की मेडिकल जांच के लिए डॉक्टर की टीम कोर्ट पहुंची. कन्हैया कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा है. कन्हैया कुमार ने कोर्ट में कहा है कि ‘मुझ पर हमला किया गया है. मुझे संविधान पर  पूरा भरोसा है पुलिस ने ही मुझे बचाया वकीलों के हमले से बचाया’ तिहाड़ जेल सुपरीटेंडेंट को जेल में कन्हैया कुमार की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने को कहा है.

कन्हैया पर हमला करने वाले वकीलों में से एक वकील को खुद कन्हैया ने कोर्ट रुम में पहचान लिया और फिर भी वह वकील वहां से भाग निकला.

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा, ‘कोर्ट में वकीलों की इस तरह की हरकत की  हमारी पार्टी निंदा करती है.’

वरिष्ठ  वकीलों की कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कन्हैया कुमार को सुरक्षा देने में पुलिस नाकाम रही है.  400 पुलिसों की टीम चुपचाप तमाशा देखती रही.

सुप्रीम  कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के वकील से पूछा है कि आप कमिश्नर से पूछे कि वह व्यक्तिगत रुप से  कन्हैया कुमार की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेंगे, या हम अपनी ओर से आदेश जारी करें.

दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने बी.एस  बस्सी ने कहा कि ”हमने स्थिति संभाली फोर्स का इस्तेमाल करना सहीं नहीं  है.  विधायक ओपी शर्मा को भी बुलाया गया है.  विक्रम चौहान सहित तीन वकीलों को तलब किया गया. साथ ही कहा कि दिल्ली पुलिस कन्हैया की जमानत का विरोध नहीं करेगी.”

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया है. सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट में बवाल पर कहा है कि वो लॉ एंड ऑर्डर को लेकर चिंतित हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को रोकने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने कहा है कि कोर्ट रूम को अभी खाली कराया जाए. ऐसा पहली बार हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट ने किसी सुनवाई को बीच में रोकने का आदेश दिया है.

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कोर्ट परिसर में कन्हैया कुमार को पीटा गया. आपको बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट में करीब 400 जवान सुरक्षा के लिए मौजूद हैं लेकिन इसके बावजूद लगातार हमले हो रहे हैं. दिल्ली पुलिस की इस चूक पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

इस मामले में गृहसचिव ने कहा है कि यह मामला बहुत गंभीर है और इस पर दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है. पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया कुमार की पेशी के दौरान पथराव भी हुआ. कोर्ट परिसर के पास खड़ी ओबी वैन पर पत्थर फेंके गए. सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट परिसर में हो रही हिंसा पर दिल्ली पुलिस को आदेश देते हुए कहा कि पेशा देखे बिना आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और कोर्ट के बाहर हिंसा कर रहे सभी लोगों को हिरासत में लिया जाए.

इससे पहले  पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में तिरंगा लेकर आए वकीलों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए. कोर्ट परिसर में मौजूद वकील भी दो गुटों में बंटे हुए हैं. कन्हैया के समर्थन और विरोध को लेकर नारेबाजी कर रहे ये वकील कुछ देर पहले आपस में भिड़ गए थे.

इतना ही आज फिर वकीलों ने पत्रकारों की पिटाई की. आपको याद दिला दें कि दो दिन पहले कोर्ट में कन्हैया की पेशी से पहले वकीलों की पत्रकारों और छात्रों से झड़प हो गई थी. इस झड़प में वकीलों ने छात्रों के साथ-साथ पत्रकारों पर भी हमला कर दिया था जिसमें कई पत्रकार घयाल हो गए थे.

Source – ABP news

हकिम खान सूर की मजार पर तोड़फोड़ – पुलिस को पागल पर संदेह

jpr1162219-largeउदयपुर। महाराणा प्रताप के सेनापति हाकिम खान सूर की मजार बुधवार सुबह टूटी हुई मिली उस पर मार्बल की पट्टियाँ उखड़ी हुई थी और एक कोना टुटा हुआ था. इस घटना से हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय में काफी रोष है। रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इधर, ग्रामीणों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की थी।
मजार पर हुई तोड़फोड़ को लेकर पुलिस को उसी क्षेत्र के एक पागल पर संदेह है। पुलिस का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से पागल घूम रहा था उसी के द्वारा यह काम किया गया है। घटना को लेकर कसबे में किसी तरह का तनाव नहीं है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को स्थानीय किसी अन्य समुदाय के लोगों पर शक नहीं है। हाकिम खान सूर में दोनों समुदाय के लोग़ों की आस्था है।
महाराणा प्रताप के सेनापति जिन्होंने अकबर की सेना के खिलाफ हल्दी घाटी के युद्ध में लड़ते हुए शहीद हुए हाकिम खान सूर की मजार का एक कोना कल सुबह टूटा हुआ मिला था। मजार पर से चादर भी हटी हुई थी। हकिम खान सूर की मज़ार हल्दीघाटी की मुख्य चढ़ाई के साइड में ही स्थित है।   मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मजार को ठीक करवाया और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकसमा दर्ज कर छान बिन शुरू कर दी थी। खमनोर पुलिस थाना अधिकारी महेश मीणा ने बताया की कल दिन भर की पूछताछ और जांच के आधार पर आशंका है कि पिछले कुछ दिनों से कसबे में एक पागल घूम रहा था। कसबे के दूकान दारों ने ही बताया कि कल सुबह उस पागल को मजार की तरफ जाते हुए देखा था। कुछ अन्य लोगों ने भी पागल को मजार के आसपास ही देखा था। शंका जताई जारही है की मजार को नुकसान उसी पागल द्वारा पहुचाया गया है। फिर भी पुलिस हर पहलु को देखते हुए जांच कर रही है।
स्थानीय मुस्लिम समुदाय का भी मानना है की हकिम खान सूर को लेकर दोनों धर्मों के लोगों की आस्था है। हकिम खान सूर की मजार पर हर वर्ष कौमी एकता के कार्यक्रम भी आयोजित होते है जिसमे दोनों समुदाय के लोग भाग लेते है। स्थानीय मुस्लिम लोगों का कहना है की कोई भी स्थानीय हिन्दू या अन्य धर्म का कोई व्यक्ति यह काम नहीं कर सकता। या तो यह काम उसी पागल का है या फिर किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा यह शरारत की गयी है। पुलिस ने दोनों समुदाय के गणमान्य लोगों को पुलिस थाने बुला कर वार्ता भी की है । पुलिस ने आश्वाशन दिलाया है की कसबे में शांति बानी रहे और इसमें कोई भी दोषी होगा वह जरूर पकड़ा जाएगा।

जेएनयू विवाद उदयपुर की सडक़ों पर

कन्हैया के समर्थन में पर्चे बांटते छात्रों को एबीवीपी के पदाधिकारियों ने पीटा, पीडि़त छात्र मामला दर्ज कराने पहुंचे थाने
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उदयपुर। देशद्रोह का मामला झेल रहे जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया के समर्थन में आज साइंस कॉलेज में पर्चे बांट रहे एसएफआई के सचिव सहित तीन छात्रों की एबीवीपी के पदाधिकारियों ने पिटाई कर दी। यह आरोप लेकर एसएफआई सचिव सहित तीन छात्र प्रकरण दर्ज कराने के लिए भूपालपुरा थाने पहुंचे हैं। पुलिस सत्यता का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इससे पूर्व एबीवीपी ने कथित देशद्रोही कन्हैया का समर्थन करने वालों के खिलाफ तिरंगा लेकर मार्च करते हुए प्रदर्शन किया।
सूत्रों के अनुसार एसएफआई का सचिव और साइंस कॉलेज का छात्र सौरभ नरुका, आट्र्स कॉलेज का छात्र राहुल रोत और पेसिफिक यूनिवरसिटी का इंजीनियरिंग छात्र रामदेव झाखड़ आज दोपहर साइंस कॉलेज और कॉमर्स कॉलेज में आईसा और एसएफआई के पर्चे बांट रहे थे, जिसमें जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया को निर्दोष बताते हुए एबीवीपी पर राजनीतिक उन्माद खड़ा करने का आरोप लगाया गया है। सौरभ नरुका और उसके साथियों का आरोप है कि जब वे लोग कॉलेज कैंपस में पर्चे बांट रहे थे, तभी एबीवीपी के पदाधिकारी और छात्रनेता आए, जिन्होंने उनसे मारपीट की और पर्चे छीनकर भाग गए। यह मामला लेकर सौरभ और उसके साथ भूपालपुरा थाने पहुंचे, जहां मामले की सत्यता जानने के लिए पुलिस ने कॉलेज कैंपस में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की है।
ABVP का मार्च
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उदयपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आज मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में जेएनयु के मामले को लेकर तिरंगा मार्च निकाला। देश के खिलाफ मारे लगाने वालों का समर्थन करने वालों के खिलाफ नारे बाजी की ।
आज सुबह मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के गेट से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं ने मिल कर तिरंगा मार्च निकाला जो आर्स कॉलेज होता हुआ प्रशासनिक भवन पहुंचा वामपंथी दलों और कांग्रेस के खिलाफ काफी देर तक नारे बाजी की। प्रशासनिक भवन के बाहर ही सभा का आयोजन भी किया। एबीवीपी के राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण आसोलिया ने कहा कि जेएनयु में राष्ट्र विरोधी नारे लगाना बेहद शर्मनाक है, और उससे अधिक शर्मनाक बात हैं की उनके समर्थन में कांग्रेस और वामपंथी दल उनका समर्थन कर रहे है। इस मोके पर एबीवीपी के नेता देवेन्द्र चुण्डावत, जयेश जोशी, नीरज सामर, गजेन्द्र राणा ज्योति त्रिपाठी आदि मौजूद थे।

Ringing Bells ने पेश किया सबसे सस्‍ता स्‍मार्ट फोन Freedom 251, बुकिंग 18 से शुरू

फोन में 1.3 गीगाहर्टज क्‍वाडकोर प्रोसेसर है। साथ ही 1जीबी रैम और 2जीबी इंटरनल मैमेरी है। यह फोन पूरी तरह स्वदेशी है। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर असेंबलिंग तक भारत में ही हुआ है।
फोन में 1.3 गीगाहर्टज क्‍वाडकोर प्रोसेसर है। साथ ही 1जीबी रैम और 2जीबी इंटरनल मैमेरी है। यह फोन पूरी तरह स्वदेशी है। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर असेंबलिंग तक भारत में ही हुआ है।

भारतीय मोबाइल कंपनी रिंगिंग बेल्स ने बुधवार को भारत का सबसे सस्ता स्मार्टफोन लॉन्‍च कर दिया। कंपनी ने इस फोन की कीमत सिर्फ 251 रुपए रखी है। भारत में तेजी से बढ़ते स्मार्ट फोन के बाजार में इस फोन के उतरने के बाद भारी हलचल की संभावना है। इस फोन के लिए गुरुवार (18 फरवरी) से 21 फरवरी तक बुकिंग करानी पड़ेगी। इसके बाद 30 जून तक डिलिवरी मिल जाएगी। कंपनी ने प्रधानमंत्री के मेक एन इंडिया के प्रोजेक्ट को ध्यान में रखकर यह फोन बनाया है। नोएडा की  कंपनी ने मीडिया को बताया, “फोन की कीमत 500 रुपए के अंदर रखी गई है। लांचिग से पहले किये गये सभी टेस्ट सफल रहे हैं।”

इस समय बाजार में सबसे सस्ते स्मार्टफोन की कीमत 1500 रुपए के आसपास है। ऐसे में यह फोन अन्य फोन कंपनियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। यह फोन पूरी तरह स्वदेशी है। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर असेंबलिंग तक भारत में ही हुआ है। इससे पहले रिंगिंग बेल्स 2,999 रुपए में 4जी स्मार्टफोन मार्केट में लांच कर चुकी है।

राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश

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जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में हालिया विवाद को लेकर एक स्थानीय अदालत ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह के आरोप में बुधवार को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अष्टम सुनील कुमार की अदालत में सुशील कुमार ने याचिका दायर कर कहा कि जेएनयू परिसर में वहां के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उसके साथियों ने धरना प्रदर्शन आयोजित किया।

उस प्रदर्शन में भारत विरोधी और पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे लगे। याचिका में कहा गया है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी न सिर्फ जेएनयू परिसर गए, बल्कि देश के विरोध में नारेबाजी कर रहे लोगों के समर्थन में बयान दिया। इसलिए इनके

खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124, 124ए, 600 और 611 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। एसीजेएम ने सुनवाई के बाद मंगलवार को निर्णय सुरक्षित कर लिया था।

सलमान ने कैट से कहा था, मुझे छोड़कर पछताओगी तुम !

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हाल ही की सुर्खियों में रणबीर-कैटरीना के ब्रेकअप की वजह सलमान को माना जा रहा था। आपको बता दें कि कैटरीना-रणबीर 6 साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद अब अलग हुए हैं।

गौरतलब है कि कैटरीना ने रणबीर को उस वक्त डेट करना शुरु किया था जब वह सलमान के साथ रिलेशनशिप में थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2009 में सलमान खान को जब रणबीर और कैटरीना के रिश्ते की भनक लगी थी तो वह गुस्से में आधी रात को कैटरीना के घर पहुंच गए थे।

पहले सलमान खान कैटरीना पर चिल्लाएं उसके बाद कैटरीना के सामने गिड़गिड़ाते हुए कहा कि वह उन्हें ना छोड़ें। सलमान ने कैट को नशे की हालत में चेतावनी भी दी थी। सलमान ने कहा था कि वो रणबीर को डेट ना करें क्योंकि एकदिन रणबीर उन्हें छोड़ देगा।

खबरों के अनुसार, सलमान-कैट के आगे बहुत रोए थे। उन्होंने कैट से कहा था मुझे छोड़ कर एक दिन बहुत पछताओगी तुम। दोनों के बीच नोकझोक चल ही रही थी तभी सलमान के मैनेजर और ड्राइवर ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए सलमान को वहां से लेकर चले गए।

वनपाल की परीक्षा के दौरान महिलाओं शरीर का मापतौल पुरुष कर्मचारियों द्वारा किया

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उदयपुर। जहां एक ओर सरकार महिलाओं का सम्मान करने और उनकी रक्षा करने के लिए जोर-शोर प्रचार कर रही है, दूसरी ओर प्रदेश में वनपाल की परीक्षा के दौरान महिलाओं के साथ अपमानजनक घटना सामने आई है। राजस्थान वन विभाग में वनपाल पद के लिए हो रही शारीरिक दक्षता परीक्षा में महिला अभ्यार्थियों के शरीर का मापतौल पुरुष कर्मचारियों द्वारा किया गया। यह नियमों के उल्लंघन के साथ ही महिलाओं के अधिकारों का हनन है। नियमों के मुताबिक ऐसी किसी भी परीक्षा में महिला अभ्यार्थियों के शरीर का मापतौल केवल महिला कर्मचारी ही कर सकती है।

चितौडग़ढ़ में वनपाल पद के लिए लड़कों और लड़कियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा चल रही थी। जहां लड़कों के शरीर का मापतौल पुरुष कर्मचारी द्वारा किया जा रहा था। महिला अभ्यार्थियों के शरीर का मापतौल महिला कर्मचारी की जगह पुरुष कर्मचारी ही कर रहा था। यह घटना एक कैमरे में कैद हो गई, जिसमें साफ-साफ दिख रह रहा है कि महिला अभ्यार्थियां असहज महसूस कर रही हैं। लेकिन न तो उस पुरुषकर्मी को शर्म आई और न ही वहां मौजूद अधिकारियों को। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि जहां पर पुरुष कर्मचारी महिला अभ्यार्थियों के शरीर का मापतौल कर रहा था, वहां उसके साथ एक महिला कर्मचारी भी मौजूद थी।

घटना पर वनमंत्री राजकुमार रिणवा का कहना है कि महिला डॉक्टर चाय पीने चली गई थी, जिसके पीछे से पुरुष कर्मचारियों ने महिला अभ्यार्थियों के शरीर का मापतौल लेना शुरू कर दिया। साथ ही उनका कहना है कि प्रारंभिक तौर पर उस केंद्र का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित काररवाई की जाएगी।

विरोध  नहीं : शायद इसे नौकरी का लोभ कहें या बेरोजगारी की मजबूरी। लेकिन उनका विरोध इसमें कहीं भी नजर नहीं आ रहा। आज के वक्त सरकारी नौकरी को लेकर युवाओं में बहुत ज्यादा कॉम्पीटिशन है, ऐसे में अभ्यार्थी परीक्षा देने एक ही सोच के साथ आता है कि उसे यह नौकरी कैसे न कैसे पानी है। ऐसे में चाहे उसे किन्हीं भी परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। उनके दिमाग में केवल सरकारी नौकरी पाना ही  मकसद होता है।

कुख्यात गांवों में पुलिस की दबिश, 24 संदिग्ध हिरासत में

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उदयपुर। उदयपुर के पूर्व एसपी दबंग दिनेश एमएन के कार्यकाल के बाद पहली बार सलूंबर के कुख्यात गांव गामड़ापाल और लसाडिय़ा के गांव कालीभीत में बीती रात पुलिस ने भारी जाब्ते के साथ दबिश देकर २४ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन बदमाशों पर चोरी, लूट और नकबजनी जैसे अपराधों में शामिल होने का अंदेशा है। पुलिस के आलाधिकारियों ने दो टीमों का गठन किया, जिसमें एक टीम का नेतृत्व एएसपी ग्रामीण ठाकुर चंद्रशील और दूसरी टीम का नेतृत्व गिर्वा डिप्टी रानू शर्मा ने किया।

एसपी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रशील ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस अधिकारी और सवा सौ से अधिक पुलिस कर्मियों ने रात से तड़के तक सलूंबर के गामड़ापाल गांव में छापामार कार्रवाई कर 14 संदिग्धों को हिरासत में लिया। दूसरी ओर लसाडिय़ा थाना क्षेत्र के कालीभीत गांव में डिप्टी रानू शर्मा के नेतृत्व में 50 से अधिक जवानों ने छापामार कार्रवाई करते हुए 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया। रात दो बजे से सुबह सात बजे तक विभिन्न थानों और पुलिस लाइन के सवा सौ से अधिक जवान, तीन डिप्टी और दस विभिन्न थानों के थानाधिकारियों ने ठाकुर चंद्रशील के नेतृत्व में गामडापाल गांव को घेरे रखा। हर एक घर की तलाशी ली। सुबह तक 14 संदिग्धों को पकड़ा।

जानकारी के अनुसार पुलिस को चोरी, लूटपाट और नकबजनी के कई मामलों में पिछले कई दिनों से अपराधियों की तलाश थी। सूचना के अनुसार गिरोह बनाकर काम करने वाले गामडापाल गांव के कुछ संदिग्ध युवकों की कई वारदात में लिप्त होने की सूचना थी। कल रात पुलिस ने इन संदिग्ध अपराधियों को पकडऩे के लिए पूरी तैयारी और जाब्ते के साथ बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में  वल्लभनगर डिप्टी घनश्याम शर्मा, सराड़ा डिप्टी नारायणसिंह, ऋ षभदेव डिप्टी शिवलाल शामिल थे। रात दो बजे गांव में पुलिस ने छापा मारा और सुबह सात बजे तक कार्रवाई चलती रही। एएसपी चंद्रशील ठाकुर ने बताया कि गामड़ापाल गांव में पूर्व में भी कई युवक चोरी, लूटपाट और नकबजनी जैसे जुर्म में गिरफ्तार हो चुके हैं। अभी भी कई ऐसे मामलों में गामड़ापाल गांव के युवकों की तलाश थी। ठाकुर चंद्रशील ने बताया कि हिरासत में लिए युवकों से पूछताछ की जा रही है।