
उदयपुर। एक तरफ देश भर में अलर्ट जारी है। पाकिस्तान द्वारा संदिग्ध गुब्बारे छोड़े गया जिन्हें सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने बाद में गिराया। दूसरी तरफ गुरुवार सुबह से दो घंटे तक उदयपुर के आसमान में गुब्बारे उड़ते रहे शहर की जनता शक और भय की नज़रों से गुब्बारों को देखती रही। बाद में बलून पुरोहितों की मादड़ी में उतरे जिसमे विदेशी बैठे हुए थे। यह जयपुर की एडवेंचर कंपनी द्वारा बलून सफारी करवाई जा रही थी। जिसकी स्वीकृति नहीं ली गयी थी।
झीलों की नगरी हॉट ट्यूरिस्ट डेस्टिनेशन होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही उदयपुर को आंतकवादियों के निशाने पर बताया है। इसके लिए पिछले वर्ष ही एनएसजी कमांडो ने शहर के विभिन्न जगहों पर मोक ड्रिल भी की थी। इन सब के बावजूद शहर की सुरक्षा को धत्ता बताते हुए सुबह ७ बजे से ९ बजे तक शहर के आसमान में दो बड़े गुब्बारे उड़े जिसमे करीब आठ लोग सवाए थे उनमे चार विदेशी लोग बैठे हुए थे। बाद में बलून करीब ९ बजे पुरोहितों की मादडी पर नदी के किनारे गुब्बारे उतारे और सवार लोग गुब्बारे समेत कर गाड़ियों में बैठ रवाना हो गए।
बाद में थाना अधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि बलून सुबह ७ बजे गांधी ग्राउंड से दो बलून उड़े और पुरोहितों की मादडी में ९ बजे करीब उतारे। यह जयपुर की बलून सफारी करवाने वाले कंपनी स्काईवाल्ट द्वारा उडाये गए थे, जिसमे आठ लोग सवार थे चार विदेशी थे जो बाद में जयपुर के लिए रवाना हो गए। स्काई वाल्ट के धवल केदार ने बताया कि बलून लेक फेस्टिवल की टेस्ट ड्राइव के लिए उडाया गया था और इसके लिए ए टी सी और जिला कलेक्टर से स्वीकृति ली है। जबकि अतिरिक्त जिला कलक्टर और ए टी सी के अधिकारियों ने एसी किसी स्वीक्रति के लिए मना किया। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
बलून सुबह पर्यटक स्थलों के ऊपर होकर गुजरते रहे । कई जगह तो ऊँची इमारतों के पास हो कर भी निकले । शहर के लोग बाहर और छत पर निकल निकल कर गुब्बारों को देखते रहे । सुबह के अखबारों में पहली खबर पाकिस्तानी संदिग्ध गुब्बारों की होने से एक बार तो माहोल भी दहशत भरा हो गया।
सुरक्षा में भारी चूक :
किसी भी हवाई गतिविधि करने से पहले स्वीकृति होना हरूरी है। सुरक्षा के लिहाज से बिना स्वीकृति के हवा में बलून उड़ना सुरक्षा में भारी चूक है। इस बात को एडीएम सिटी ने भी माना है। शहर पुरे देश में मुख्य पर्यटक शहर है। यहा पर एकलिंग जी में सेना की छावनी भी है। लेक पैलेस और उदयविलास जैसी विश्व प्रसिद्द होटलें भी है, जिन पर खतरे के संकेत पहले ही सुरक्षा एजेंसियां बता चुकी है। इन सबके बावजूद गुब्बारे हवा उड़ना सुरक्षा के लिहाज़ से चिंता का विषय है।

इनका कहना ………..
जांच करवाई जारही है, कोण लोग थे कहाँ से आये और कहाँ गए , किसी के द्वारा भी कोई गुब्बारे उड़ाने की स्वीकृति नहीं ली गयी थी। सुरक्षा के लिहाज़ से चिंता की बात है हनाल्की जांच करवाई जारही है । ओ पी बुनकर , अतिरिक्त जिला कलेक्टर उदयपुर शहर











उदयपुर । सुथार समाज के गणमान्य और बड़े होटल व्यवसाई ने वारिस के लिए दूसरी शादी तो करली लेकिन जिम्मेदारी उठाने से मुह मोड़ लिया, और दूसरी पत्नी को प्रताड़ित भी करने लगा। परेशान होकर दूसरी पत्नी बुधवार रात से होटल व्यवसाई की होटल के बाहर अपने तीन बच्चों सहित इन्साफ और भरण पोषण के लिए धरना दे कर बैठी हुई है।
उदयपुर । भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पर तखत सिंह का तख़्त पलट गुणवंत सिंह झाला को बैठाने के बाद मेवाड़ भाजपा में हलचल मच गयी है। अब सब की निगाह युआईटी अध्यक्ष पर जमी हुई है। अगर सूत्रों की माने तो कुछ ही दिनों में युआईटी के अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। और इसके लिए आलाकमान एक बार फिर कटारिया गुट को झटका देते हुए ताराचंद जैन, धर्म नारायण जोशी या रविन्द्र श्रीमाली पर अपनी मुहर लगा सकता है। जबकि कटारिया गुट मान रहा है की प्रेम सिंह शक्तावत के नाम की घोषणा की जासकती है।
उदयपुर । मुस्लिम में अपने साफ़ छवि व समाज सेवा में दिल खोलकर दान देने वाले खान व्यवसाई और समाजसेवी शेरखान का इंतकाल मंगलवार को कोलकाता के अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया। शेरखान की दोनों किडनियां खराब थी और इन्फेक्शन भी फ़ैल गया था। शेरखान सावा और चित्तौड़गढ़ में सामज सेवी के रूप में जाने जाते थे। शेरखान का शव ८.१५ एयर एम्बुलेंस से उदयपुर हवाई अड्डे पर लाया गया। जहां अजमेर दरगाह कमेटी के सदर असरार अहमद खान सहित सेकडों लोग मोजूद थे, देर रात सावा में शेर खान को सुपुर्दे ख़ाक किया गया।