उदयपुर में गुब्बारे से फैली दहशत

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उदयपुर। एक तरफ देश भर में अलर्ट जारी है। पाकिस्तान द्वारा संदिग्ध गुब्बारे छोड़े गया जिन्हें सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने बाद में गिराया। दूसरी तरफ गुरुवार सुबह से दो घंटे तक उदयपुर के आसमान में गुब्बारे उड़ते रहे शहर की जनता शक और भय की नज़रों से गुब्बारों को देखती रही। बाद में बलून पुरोहितों की मादड़ी में उतरे जिसमे विदेशी बैठे हुए थे। यह जयपुर की एडवेंचर कंपनी द्वारा बलून सफारी करवाई जा रही थी। जिसकी स्वीकृति नहीं ली गयी थी।
झीलों की नगरी हॉट ट्यूरिस्ट डेस्टिनेशन होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही उदयपुर को आंतकवादियों के निशाने पर बताया है। इसके लिए पिछले वर्ष ही एनएसजी कमांडो ने शहर के विभिन्न जगहों पर मोक ड्रिल भी की थी। इन सब के बावजूद शहर की सुरक्षा को धत्ता बताते हुए सुबह ७ बजे से ९ बजे तक शहर के आसमान में दो बड़े गुब्बारे उड़े जिसमे करीब आठ लोग सवाए थे उनमे चार विदेशी लोग बैठे हुए थे। बाद में बलून करीब ९ बजे पुरोहितों की मादडी पर नदी के किनारे गुब्बारे उतारे और सवार लोग गुब्बारे समेत कर गाड़ियों में बैठ रवाना हो गए।
बाद में थाना अधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि बलून सुबह ७ बजे गांधी ग्राउंड से दो बलून उड़े और पुरोहितों की मादडी में ९ बजे करीब उतारे। यह जयपुर की बलून सफारी करवाने वाले कंपनी स्काईवाल्ट द्वारा उडाये गए थे, जिसमे आठ लोग सवार थे चार विदेशी थे जो बाद में जयपुर के लिए रवाना हो गए। स्काई वाल्ट के धवल केदार ने बताया कि बलून लेक फेस्टिवल की टेस्ट ड्राइव के लिए उडाया गया था और इसके लिए ए टी सी और जिला कलेक्टर से स्वीकृति ली है। जबकि अतिरिक्त जिला कलक्टर और ए टी सी के अधिकारियों ने एसी किसी स्वीक्रति के लिए मना किया। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
बलून सुबह पर्यटक स्थलों के ऊपर होकर गुजरते रहे । कई जगह तो ऊँची इमारतों के पास हो कर भी निकले । शहर के लोग बाहर और छत पर निकल निकल कर गुब्बारों को देखते रहे । सुबह के अखबारों में पहली खबर पाकिस्तानी संदिग्ध गुब्बारों की होने से एक बार तो माहोल भी दहशत भरा हो गया।
सुरक्षा में भारी चूक :
किसी भी हवाई गतिविधि करने से पहले स्वीकृति होना हरूरी है। सुरक्षा के लिहाज से बिना स्वीकृति के हवा में बलून उड़ना सुरक्षा में भारी चूक है। इस बात को एडीएम सिटी ने भी माना है। शहर पुरे देश में मुख्य पर्यटक शहर है। यहा पर एकलिंग जी में सेना की छावनी भी है। लेक पैलेस और उदयविलास जैसी विश्व प्रसिद्द होटलें भी है, जिन पर खतरे के संकेत पहले ही सुरक्षा एजेंसियां बता चुकी है। इन सबके बावजूद गुब्बारे हवा उड़ना सुरक्षा के लिहाज़ से चिंता का विषय है।

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इनका कहना ………..

जांच करवाई जारही है, कोण लोग थे कहाँ से आये और कहाँ गए , किसी के द्वारा भी कोई गुब्बारे उड़ाने की स्वीकृति नहीं ली गयी थी। सुरक्षा के लिहाज़ से चिंता की बात है हनाल्की जांच करवाई जारही है । ओ पी बुनकर , अतिरिक्त जिला कलेक्टर उदयपुर शहर

उदयपुर हुआ अब स्मार्ट – स्मार्ट सिटी की पहली सूचि में शामिल हमारा उदयपुर

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उदयपुर. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित किए जाने वाले पहले चरण में शामिल 20 शहरों का गुरुवार को ऐलान कर दिया गया। इनमें राजस्थान से उदयपुर व जयपुर इस दौड़ में अपना परचम लहराने में सफल हुए हैं। इस सूची में जयपुर जहां तीसरे स्थान पर तो वहीं, उदयपुर 16वें पायदान पर रहा। 

गुरुवार को केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने इन शहरों के नामों की औपचारिक घोषणा की। बाद के वर्षों में सरकार 40 और शहरों की घोषणा करेगी जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में 100 स्मार्ट शहर विकसित करने की योजना के तहत स्मार्ट शहर के तौर पर विकसित किया जाएगा।

 स्मार्ट सिटी के नामों में उदयपुर का नाम भी शुमार होने पर जनप्रतिनिधियों सहित शहरवासियों में खुशी की लहर छा गई। लोगों ने आतिशबाजी कर और मिठाई बांट कर यह खुशी मनाई।
यह होगा फायदा :
सिलेक्ट शहरों को पहले साल 200- 200 करोड रुपए और बाद में तीन साल तक 100-100 करोड़ दिए जाएंगे।  इस प्रोजेक्ट के लिए 48000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। स्पेशल प्रोजेक्ट बनाया गया है जिसमें केंद्र और स्टेट गवर्नमेंट की हिस्सेदारी रहेगी।
ऐसे होगा हमारा स्मार्ट शहर:
परियोजना के तहत स्मार्ट बनाए जा रहे शहरों में क्वालिटी ऑफ लाइफ,  रोजगार, वाईफाई कनेक्टिविटी, बिजली-पानी की आपूर्ति, सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन, समुचित शहरी आवागमन, सार्वजनिक परिवहन, सूचना-प्रौद्योगिकी की कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस, बुनियादी सुविधाएं और नागरिक सहभागिता पर खास ध्यान दिया जाएगा।
ये शहर हुए हैं शामिल:  भुवनेश्वर (ओडिशा), पुणे (महाराष्ट्र), जयपुर (राजस्थान), सूरत (गुजरात), कोच्चि (केरल), अहमदाबाद (गुजरात), जबलपुर (मध्य प्रदेश), विशाखापटनम (आंध्रप्रदेश), सोलापुर (महाराष्ट्र), धवनगिरि (कर्नाटक), इंदौर (मध्य प्रदेश), नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी), कोयंबटूर (तमिलनाडु), काकीनाडा (आंध्रप्रदेश), बेलगाम (कर्नाटक), उदयपुर (राजस्थान), गुवाहाटी (असम), चेन्नई (तमिलनाडु), लुधियाना (पंजाब), भोपाल (मध्य प्रदेश)।

लेकसिटी प्रेस क्लब की सांस्कृतिक संध्या में हुआ उदयपुर रत्न व पत्रकारों का सम्मान

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उदयपुर। लेकसिटी प्रेस क्लब की ओर से गणतंत्र दिवस की संध्या पर आयोजित होने वाला सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक संध्या सज्जनगढ़ रोड पर स्थित होटल मेवाडग़ढ़ में हुई। सांस्कृतिक संध्या में समाज, शहर और प्रेस क्लब के लिए सहयोग करने वाली तीन विभूतियों का सम्मान किया गया। इनके अलावा पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने कार्य को बखूबी अंजाम देने वाले पत्रकारों का सम्मान किया गया। संस्कृतिक संध्या में पत्रकारों और परिजनों ने रंगारंग प्रस्तुति दी।
उदयपुर रत्न सम्मान :

लेकसिटी प्रेस क्लब की ओर से हर वर्ष गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में तीन विभूतियों का सम्मान किया गया। कल आयोजित हुए विभूति सम्मान में हिन्दुस्तान जिंक के कोर्पोरेट एवं कम्युनिकेशन हेड पवन कौशिक, समाजसेवी धीरेंद्र सच्चान एवं प्रत्यूष पत्रिका के प्रबंधक पंकज शर्मा का विभूति सम्मान किया गया। तीनों विभूतियों को महापौर चंद्रसिंह कोठारी, विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत द्वारा शॉल, ओपरना ओढ़ाकर मोमेंटो से सम्मानित किया गया।

हिंदुस्तान जिंक के कोर्पोरेट एवं कम्युनिकेशन हेड पवन कौशिक को उदयपुर रत्न से सम्मानित किया

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पत्रकारों को किया सम्मानित :

समारोह में पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने और उत्कृष्ठ कार्यों के लिए पत्रकारों को सम्मानित किया गया। विद्यापीठ द्वारा युवा और उर्जावान पत्रकारों के सम्मान में पत्रकार अख्तर खान और ईटीवी के ब्यूरो हेड रवि शर्मा का सम्मान किया गया। स्वर्गीय पत्रकार तरुश्री की स्मृति में राजस्थान पत्रिका की उर्जावान पत्रकार मधुलिका चौहान को सम्मानित किया गया। राष्ट्रदूत के प्रबंधक एवं समाजसेवी स्व. डीआई खान की स्मृति में राजस्थान पत्रिका के क्राइम रिपोर्टर मोहम्मद इलियास को सम्मानित किया गया। आनंदीलाल शर्मा एवं प्रमिला देवी के स्मृति में दैनिक नवज्योति के संपादक प्रकाश शर्मा, पत्रकार स्व. चंद्रेश व्यास की स्मृति में डॉ. जिनेंद्र शास्त्री के सौजन्य से फोटो जर्नलिस्ट राजेंद्र हिलोरिया का सम्मान किया गया। सभी सम्मानित पत्रकारों को अतिथियों द्वारा शाल ओढ़ाकर स्मृति चिह्न भेंट किया गया। साथ ही इक्यावन सौ की प्रोत्साहन राशि भी दी गई। इसके अलावा स्व. चंद्रमोहन खाब्या की स्मृति में नवोदित युवा पत्रकार के सम्मान में दैनिक भास्कर की अर्बुदा पंड्या को अपनी श्रेष्ठ रिपोर्टिंग के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर स्मृति चिह्न भेंट किया।

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प्रस्तुतिायों ने लुभाया :

  • प्रेस क्लब के इस सांस्कृतिक संध्या में पत्रकार सदस्यों के परिवार के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। इसके अलावा पत्रकार संजय गौतम, कपिल श्रीमाली, मनुराव, अख्तर खान आदि ने भी प्रस्तुतियां देकर लोगों का मन मोह लिया। प्रेस क्लब की इस संध्या में नगर निगम के महापौर चंद्रसिंह कोठारी ने पत्रकारों को बधाई देते हुए शहर के विकास में अपनी कलम को हमेशा अग्रणी रखने का आह्वान। विद्यापीठ के एसएस सारंगदेवोत ने समाज के विकास में पत्रकारिता के योगदान को सराहते हुए शिक्षा के क्षेत्र में भी समाज को जागरूक रखने के लिए कहा। हिन्दुस्तान जिंक के कोर्पोरेट एवं कम्युनिकेशन हेड पवन कौशिक ने पत्रकारों को निकायों के साथ मिलकर शहर और शहर के लोगों को स्मार्ट बनाने का अभियान चलाने के लिए कहा। लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रतापसिंह राठौड़ ने सभी अतिथियों का धन्यवाद देते हुए प्रेस क्लब मेवाडग़ढ़ होटल के डायरेक्टर छोगालाल भोई और हंसा माली का कार्यक्रम के आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर हिना खान. सबा खान  दैनिक भास्कर के संपादक त्रिभुवन शर्मा, प्रबंधक अजित जोनी, प्रात:काल के प्रबंध संपादक सुरेश गोयल, राष्ट्रदूत के संपादक रफीक एम. पठान, जय राजस्थान के संपादक शैलेश व्यास, उदयपुर एक्सप्रेस के संजय खाब्या, मददगार के नारीश्वर राव, उदयपुर न्यूज के मनु राव सहित इलेक्ट्रोनिक मीडिया और समाचार पत्रों के पत्रकार, संपादक, प्रबंधक और पत्रकार मौजूद थे।

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फोटो की जुबानी पत्रकारों के रंगारंग शाम की कहानी 

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मैत्री मैच में फील्ड क्लब जीता
उदयपुर। 26 जनवरी पर लेकसिटी प्रेस क्लब व फील्ड क्लब के बीच खेले गए मैत्री मैच में फील्ड क्लब विजेता रहा। फील्ड क्लब पर खेले गए मैच में लेकसिटी प्रेस क्लब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 102 रन बनाए। प्रेस क्लब की ओर से ताराचंद गवारिया व अविनाश जगनावत ने बल्लेबाजी की शुरुआत की। टीम की ओर से सर्वाधिक राकेश सुहालका ने 45 रन बनाए। इसके अलावा चंदनसिंह ने 18 रनों का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी फील्ड क्लब की टीम ने 16 ओवरों में दो विकेट के नुकसान पर जीत हासिल की। पारी की शुरुआत करने उतरे अनिल गुर्जर व सूरज सोनी 34 व 15 रनों का योगदान देकर रिटायर्ड हुए। इसके अलावा विवेक जैन व सोहेल अख्तर ने 14 व 18 रनों का योगदान दिया। फील्ड क्लब ने सोहेल अख्तर व विवेक जैन के रूप में दो विकेट खोकर जीत हासिल की। मैच से पहले फील्ड क्लब पदाधिकारियों व लेकसिटी प्रेस क्लब के वरिष्ठ सदस्य ऋतुराज, नारीश्वर राव, संजय गौतम ने खिलाडिय़ों से परिचय प्राप्त किया।

पवन कौशिक ‘उदयपुर रत्न अवार्ड’ से सम्मानित

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उदयपुर। उदयपुर लेकसिटी प्रेस क्लब ने हिन्दुस्तान ज़िंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक को ‘सखी’ अभियान से ग्रामीण व आदिवासी महिलाओं को आत्मविष्वासी एवं सशक्त बनाने एवं ‘ख़ुशी’ अभियान से भारत में वंचित बच्चों के प्रति आम जनता में जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘उदयपुर रत्न अवार्ड’ से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार 26 जनवरी को प्रेस क्लब ऑफ उदयपुर द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में पवन कौशिक को प्रदान किया।
पवन कौशिक हिन्दुस्तान जिंक में पद ग्रहण करने से पहले केन्द्रीय सरकार के अनेकों महत्वपूर्ण अभियानों के साथ कार्य किया है। भारत सरकार के एडवरटाईजिंग एण्ड विजवल पब्लिसिटी निदेषालय में पदभार के साथ केन्द्र सरकार की नई आर्थिक नीति, ग्रामीण विकास, एड्स जागरूकता, टीकाकरण, बाल षिक्षा, आयकर, राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सद्भाव, भारतीय स्वतंत्रता के 50 वर्ष, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, नषा विरोधी जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनषील सामाजिक एवं आर्थिक विषयों के प्रचार अभियान को निर्देषित कर प्रतिपादित किया है। इसके पश्चात् पवन कौषिक ने राष्ट्रीय फैषन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट), दिल्ली में पहली बार फैषन कम्यूनिकेषन विभाग की षुरूआत की। इसी संस्थान में कम्यूनिकेषन विभाग में 8 वर्षांे तक एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में फैषन कम्यूनिकेषन को पढाने एवं निफ्ट को नई पहचान दिलाने में सफलता प्राप्त की।
पवन कौशिक ‘मी विदिन माईसेल्फ’ पुस्तक के लेखक है तथा प्रीन्ट मीडिया में नियमित रूप से लेख प्रकाषित होते रहे हैं।

भरत जोशी ने इतिहास रचा – 54 सालों में पहली बार चौथी दफा बने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष

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उदयपुर। बार एसोसिएशन की साल 2016 की कार्यकारिणी में अधिवक्ता भरत जोशी ने अधयक्ष पद चौथी बार जीत कर इतिहास बना लिया है। उन्होंने करीबी प्रत्याशी निवर्तमान अध्यक्ष रहे प्रवीण खण्डेलवाल 268 वोट से हराया। उपाध्यक्ष पद पर गोपाल सिंह चौहान, महासचिव रामलाल जाट व सचिव पद पर यशवंत मेनारिया चुने गए। वित्त सचिव पद पर शीतल नंदवाला और पुस्तकालय सचिव पद पर मनीष खण्डेलवाल जीते।
चुनाव अधिकारी ने वोटों की गिनती के बाद देर शाम परिणाम घोषित किए। इस बार 1598 मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया।
54 साल में पहली बार किसी प्रत्याशी ने चौथी बार दर्ज कराई जीत :
बार अध्यक्ष पद पर भरत जोशी ने चौथी बार जीत दर्ज करा कर इतिहास रचा है। इससे पूर्व 54 साल के इतिहास में कोई भी प्रत्याशी चार बार अध्यक्ष नहीं रहा। रिकॉर्ड के अनुसार 1961 में पहले अध्यक्ष बसंती लाल सरूपरिया थे। सन 1962-63 में जसवंत लाल मेहता का दोहरा कार्यकाल रहा था और 1965-66 में दुर्गा शंकर दुर्गावत, 1970-71 में सुंदर लाल शर्मा, 2005-06 में हीरा लाल कटारिया व 2012-14 में भरत कुमार जोशी लगातार तीन बार अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। और एक साल प्रवीण खण्डेलवाल के अध्यक्ष रहने के बाद अब चौथी बार फिर से भारत जोशी अध्यक्ष चुने गए।
कोर्ट परिसर में दिनभर चुनावी सरगर्मी :
सुबह मतदान के दौरान चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में जबरदस्त जोश दिखाई दिया। प्रचार करने वालों में युवा वकील ज्यादा थे। अदालत परिसर प्रत्याशियों के बैनर-पोस्टर से अटा था। सूट-बूट में आए वकीलों ने मतदान के बाद गपशप और चुनावी समीकरण की चर्चा में दिन बिताया। खाने-पीने और चाय की चुस्कियों का दौर शाम तक चलता रहा। परिणाम के रुझान आने के बाद माहौल में और गरमाहट आ गई और एक-दूसरे को बधाइयां देने का दौर चल पड़ा जो देर रात तक बना रहा।
विश्वास को बनाए रखूंगा : जोशी
नव निर्वाचित अध्यक्ष भरत जोशी ने कहा वे वरिष्ठ अधिवक्ताओं के आशीर्वाद और युवा साथियों के सहयोग से एक बार फिर निर्वाचित हुआ हूँ । साथियों के इस विश्वास को बनाए रखते हुए उनके साथ मिलकर काम करेंगे। कई मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर सहयोगियों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। जोशी ने बताया कि उच्च न्यायालय बेंच के लिए प्रयास उनकी प्राथमिकताओं में रहेंगे इसके अलावा अधिवक्ताओं के वेलफेयर और अधूरे बचे हुए हर काम को पूरा किया जाएगा।
कार्यकारणी के अन्य विजेता :
मतदान के बाद घोषित परिणामों में अध्यक्ष पद पर भरत जोशी 268 मतों से विजयी रहे। इस पद पर दो अन्य उम्मीदवार प्रवीण खण्डेलवाल को 510 व भरत वैष्णव को 299 मत मिले जबकि ११ मत निरस्त हुए। कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर गोपाल सिंह (चौहान) ३२ मतों से जीते। उपाध्यक्ष को लेकर चुनाव लडे विजय सिंह चौहान को ५५७ व अरूण सनाढय को ४१९ मत मिले जबकि ३३ मत निरस्त हुए।
महासचिव पद पर रामलाल जाट 412 मतों के साथ 17 मतों से विजयी रहे। उनके प्रतिद्वंदी आशुतोषपुरी गोस्वामी को 395, ओमप्रकाश बारबर को 392 व प्रवीण गदिया को 310 मत मिले। महासचिव पद पर यशवंत मेनारिया ने सीधी टक्कर ने सौभाग्य दुबे को 842 मतों से हराया। मेनारिया को 1200 व दुबे को 358 वोट मिले जबकि 40 मत निरस्त हुए। वित्त सचिव पद चार उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें शीतल नंदवाना 797 मत लेकर विजयी रही। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी उदय सिंह देवडा को 349 मतों से हराया। उदय सिंह को 448, प्रताप सिंह मई$डा को 104 व धर्मेन्द्र सोनी को 231 मत मिले। पुस्तकालय सवि पद पर सीधे मुकाबले में मनीष खण्डेलवाल 217 मतों से विजयी रहे। मनीष को 888 व हरीश सेन को 671 मत मिले।

समाज के इज्जतदार का घटिया काम – दूसरी पत्नी को बच्चों सहित कड़कती सर्द रात में सड़क पे निकाल दिया

20160121054259उदयपुर । सुथार समाज के गणमान्य और बड़े होटल व्यवसाई ने वारिस के लिए दूसरी शादी तो करली लेकिन जिम्मेदारी उठाने से मुह मोड़ लिया, और दूसरी पत्नी को प्रताड़ित भी करने लगा। परेशान होकर दूसरी पत्नी बुधवार रात से होटल व्यवसाई की होटल के बाहर अपने तीन बच्चों सहित इन्साफ और भरण पोषण के लिए धरना दे कर बैठी हुई है।
सुथार समाज के अध्यक्ष होटल फ्लोरेंस कोंटीनेंटल के मालिक भंवरलाल सुथार की दूसरी पत्नी कल रात से भरण पोषण की मांग लिए अपने तिन बच्चे एक बेटा और दो बेटियों के साथ धरना लगा कर बैठी हुई है। रात में कड़कती ठण्ड में पुलिस कर्मियों ने उसको कम्बल दिए जबकि भंवर लाल शर्मा और उसके परिजनों ने गीता को धक्के दे कर होटल के बाहर कर दिया। गीता ने बताया कि भंवरलाल शर्मा की पहली पत्नी से भी एक बेटा और दो बेटियां है। बेटे की म्रत्यु एक्सीडेंट में हो जाने के बाद दुसरे बेटे की चाह में उसने छह साल पहले मध्यप्रदेश मंदसोर निवासी गीता शर्मा से शादी की थी और उसको चित्तोडगढ में किराय के मकान में रखा हुआ था। पिछले काफी समय से भंवरलाल गीता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। गीता ने यह भी आरोप लगाया कि भंवरलाल ने पिछले कई समय से उसको भरण पोषण देना बंद कर दिया और समाज के अन्य लोगों से दबाव बनाया जारहा है, कि वह यहाँ से उसके पीहर मंदसोर वापस चली जाए।
गीता खुद को व् बच्चों को न्याय दिलाने के लिए कल शाम को ही आरएमवी रोड पर स्थित उसकी होटल फ्लोरेंस कोंटीनेंटल पर पहुच गयी। गीता ने बताया की उसको देख कर भंवरलाल वहां से चला गया और उसकी बेटी और परिजनों व् होटल स्टाफ ने उसको होटल के बाहर निकाल दिया। गीता रात भर वहीँ बेठी रही रात में पुलिस के कुछ जवानों ने देखा तो उसको और उसके बच्चों को कम्बल लाकर दिए। हालाँकि गीता ने चित्तोडगढ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है लेकिन अभी तक कोई कारवाई नहीं हुई। गीता गुरुवार शाम तक होटल के बाहर ही धरना लगाए बैठी रही। उसने का कि जब तक भंवर लाल उसका पति उसके भरण पोषण और बच्चों के पालन पोषण की ववस्था नहीं करता वह यहां से नहीं जाने वाली है।

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तखत को पलट के झाला बनाया अब UIT पर होगी कुश्ती

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Gulab-chand-katariaउदयपुर । भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पर तखत सिंह का तख़्त पलट गुणवंत सिंह झाला को बैठाने के बाद मेवाड़ भाजपा में हलचल मच गयी है। अब सब की निगाह युआईटी अध्यक्ष पर जमी हुई है। अगर सूत्रों की माने तो कुछ ही दिनों में युआईटी के अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। और इसके लिए आलाकमान एक बार फिर कटारिया गुट को झटका देते हुए ताराचंद जैन, धर्म नारायण जोशी या रविन्द्र श्रीमाली पर अपनी मुहर लगा सकता है। जबकि कटारिया गुट मान रहा है की प्रेम सिंह शक्तावत के नाम की घोषणा की जासकती है।
एसा लगता है मानो प्रदेश नेतृत्व गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया को नगर निगम तक सिमित रखने की ठान बैठा है। इसीलिए देहात जिलाध्यक्ष के लिए कटारिया की गुड बुक के सारे संभावितों को एक तरफ कर ताराचंद जैन गुट और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का करीबी माने जाने वाले गुनवंत सिंह झाला को जिलाध्यक्ष घोषित कर एक तीर से दो शिकार कर दिए। तख़्त सिंह पर जिलाप्रमुख की कुर्सी के लिए लाखों रुपये लेने का दंड भी देदिया और कटारिया गुट को एक तरफ हाशिये पर भी खडा कर दिया।
चर्चा सिंफ यु आई टी अध्यक्ष की :
कल से राजनीति गलियारे में सिर्फ युआईटी अध्यक्ष पर किसका नाम होगा इसी बात की चर्चा हो रही है। कटारिया की चलेगी या फिर मुख्यमंत्री ही तय करेगी। अगर सूत्रों की माने तो वसुंधरा राजे युआईटी अध्यक्ष पर अपने ही विशवास के प्रतिनिधी को काबिज करना चाहती है। राजनेतिक गलियारों से आरही खबरों को सच माने तो अगले २४ घंटो में युआईटी के लिए नाम की घोषणा की जा सकती है, जिसमे ताराचंद जैन, रविन्द्र श्रीमाली का का नाम सबसे ऊपर है, इसके अलावा धर्म नारायण जोशी के समर्थक उन्हें बता रहे है। देहात जिलाध्यक्ष की घोषणा के पहले प्रेम सिंह शक्तावत सबसे दमदार दावेदार माने जा रहे थे। जो जाती और अपनी छवि के आधार पर अपना दावा मजबूत कर रहे थे। सबसे मुख्य बात की गुलाबचंद कटारिया की गुडबुक में सबसे ऊपर प्रेम सिंह शक्तावत का ही नाम है। ऐसे में अगर कटारिया ने अपनी बात मनवा ली तो प्रेम सिंह शक्तावत यु आईटी के अध्यक्ष हो सकते है। इंतज़ार सबको है क्यूंकि यह भी कहा जा रहा है कि युआईटी अध्यक्ष की घोषणा के बाद मेवाड़ की भाजपा की दिशा और नेतृत्व दोनों में बदलाव शुरू हो जाएगा।

झामर कोटडा माइंस में करोड़ों का घोटाला ?

jhamar kotadaउदयपुर। रोक फोस्फेट मजदूर संघ इंटक ने राजस्थान सरकार के उपक्रम आरएसएम्एम् की रोक फोस्फेट झामार कोटडा माइंस में केलसाईट खरीद में करोडो के घोटाला होने का आरोप लगाया है। मजदूर संघ ने इस घोटाले की जांच के लिए एसीबी सहित मुख्य मंत्री शासन सचिव लोकायुक्त में शिकायत की है।
मजदूर संघ इंटक के महामंत्री एस एम् अय्यर ने पत्रकार वार्ता में घोटाले की जानकारी देते हुए बताया कि झामर कोटडा माइंस में केलसाईट मिश्रण के रूप में प्रयोग में लिया जाता है। केलसाईट की खरीद पिछले कई सालों से खान मालिकों से की जारही है। अय्यर ने बताया कि हमने आरटीआई में जब २०१४-१५ के केलसाईट खरीद के टेंडर की जानकारी ली तो कई अनियमितताएं और घोटाला उजागर हुआ। अय्यर ने बताया कि झामर कोटडा माइंस के आला अधिकारिओं ने नियमों को ताक पर रख कर सुरभि प्रोसेस कंपनी से केलसाईट खरीद का कोंटेक्ट किया और एक करोड़ १५ लाख रूपए का भुगतान तक कर डाला। सुरभि प्रोसेस तकनिकी रूप से योग्य नहीं थी ना ही कोंटेक्ट की शर्तों में पूरी नहीं उतरती है, इसके बावजूद उससे केलसाईट खरीद का टेंडर उसके नाम खोला गया। अय्यर ने बताया कि सुरभि प्रोसेस ने टेंडर के लिए जो दस्तावे दीये उससे यह साबित होता है कि सुरभि प्रोसेस केलसाईट खनिज की आपूर्ति नहीं करता है। दस्वाजो के आधार पर देखा जाए तो सुरभि प्रोसेस मार्बल सप्लायर है। अय्यर ने बताया कि सुरभि प्रोसेस को फ़ायदा पहुचने के लिए आरएसएम्एम के आला अधिकारियों ने नियमों से परे जाकर सुरभि प्रोसेस को एक करोड़ १४ लाख का भुगतान कर दिया है। एस एम् अय्यर ने झामर कोटडा के प्रबंध निदेशक भानु प्रकाश एवं वित्तीय सलाहकार टी आर अग्रवाल पर आरोप लगाते हुए का कि नियमों की अनदेखी में मुख्य भूमिका इन्ही अधिकारियों कि रही है। अय्यर ने कहा कि झामर कोटडा के मजदूर संघ इंटक ने इस घोटाले और भ्रस्टाचार के लिए मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे, वित्त सचिव प्रमुख शासन सचिव लोकायुक्त और उदयपुर के एसीबी कार्यालय में दस्तावेजों के साथ की है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कारवाई एवं पुरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शेरखान का इंतकाल – देर रात सुपुर्दे खाक, जनाजे में राज्य भर से हज़ारों लोग हुए शरीक

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20160119081817उदयपुर । मुस्लिम में अपने साफ़ छवि व समाज सेवा में दिल खोलकर दान देने वाले खान व्यवसाई और समाजसेवी शेरखान का इंतकाल मंगलवार को कोलकाता के अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया। शेरखान की दोनों किडनियां खराब थी और इन्फेक्शन भी फ़ैल गया था। शेरखान सावा और चित्तौड़गढ़ में सामज सेवी के रूप में जाने जाते थे। शेरखान का शव ८.१५ एयर एम्बुलेंस से उदयपुर हवाई अड्डे पर लाया गया। जहां अजमेर दरगाह कमेटी के सदर असरार अहमद खान सहित सेकडों लोग मोजूद थे, देर रात सावा में शेर खान को सुपुर्दे ख़ाक किया गया।
शेरखान वे हरवर्ष १०० से अधिक गरीब लोगों अपने खर्चे पर को हज पर भेजते थे और अब तक हज़ारों को इसका लाभ मिल चुका है। शेरखान ने मस्जिद और मदरसों में व् लोगों को इस्लाम की पाक किताब कुरान बाटनें का भी एक रिकोर्ड बनाया था। आज तक इतने कुरान निशुल्क किसी ने नहीं बांटे।
शेरखान की मौत की खबर सुनकर उदयपुर चित्तौडगढ व सावा में सुबह से माहौल गमगीन हो गया। कलकत्ता के अस्पताल में चल रहे उपचार के दौरान कल देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। मंगलवार को उनका शव उनके पैतृक गांव सावा लाया गया जहां बडी संख्या में मुस्लिम समुदाय की मौजूदगी में उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया।

आखरि समय में रहे महाघुस काण्ड के आरोपी :
उल्लेखनीय है कि खान गत वर्ष सितम्बर माह में प्रदेश में चल रही विभिन्न खदानों को प्रचलन के लिए दिए जाने वाली क्लियरेंस को लेकर महाघुस दिये जाने के प्रकरण का खुलासा हुआ था तथा खान व्यवसायी शेर खान के मुंशी रशीद खान को भीलवाडा से गिरफ्तार किया गया था तथा रशीद की सूचना पर १६ सितम्बर को शेर खान को भी ६ करोड की रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। कई बीमारियों से ग्रस्त शेर खान को गत १९ नवम्बर को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद २२ नवम्बर को उन्हें जेल से रिहा किया गया था। १६ से १९ नवम्बर के दौरान बीमारी के कारण उन्हें दो बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार ६२ वर्षीय खान किडनी इन्फेक्शन सहित विभिन्न आठ बीमारियों से ग्रस्त थे तथा उनका लंबे समय से उपचार चल रहा था। उनके निधन पर कई मुस्लिम नेताओं व व्यवसायियों में गहरा शोक प्रकट किया है। आज दिनभर सभी इस खबर की पुष्टि करते रहे। उनके इंतकाल के वक्त उनकी पत्नी व परिवार कलकत्ता में ही उनके पास मौजूद था। शेर खान के शव को कलकत्ता से विमान द्वारा जयपुर व जयपुर से चार्टड विमान से डबोक (उदयपुर) लाए जहां से एम्बुलेंस की सहायता से सावा ले गए जहां देर रात उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया। डबोक एयरपोर्ट से अजमेर दरगाह कमेटी के सदर असरार अहमद खान व कई मुस्लिम नेता उनके जनाजे के साथ सावा के लिए रवाना हुए।

उदयपुर एयरपोर्ट से रात आठ बजे  परिजन , अजमेर दरगाह कमिटी के सदर असरार अहमद खान सहित सेकड़ों लोग जनाजा लेकर सावा के लिए रवाना होते
उदयपुर एयरपोर्ट से रात आठ बजे परिजन , अजमेर दरगाह कमिटी के सदर असरार अहमद खान सहित सेकड़ों लोग जनाजा लेकर सावा के लिए रवाना होते

 

पर्यावरण प्रेमी रहे, बनवाया ख्वाजा बाग:
20160119081816शेर खान को एक सफल खनन व्यवसाय से ज्यादा पर्यावरण पे्रमी के रूप में ख्याती मिली थी। उनके प्रर्यावरण प्रेम के कारण उन्हे कई सम्मानों से नवाजा गया। वे राष्ट्रपति से भी सम्मानित हो चुके थे। ’भाईजान’ के नाम से प्रसिद्घ शेर खान ने अपने गांव सावा में ख्वाजाबाग और गुलाब बाग बनवाया था। पहले इसमें प्रवेश वर्जित था परंतु वर्ष १९९१ के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया। शेर खान हिन्दी फिल्मो के भी शौकीन रहे है। उन्होंने फिल्म निर्माण के क्षैत्र में भी अपना हाथ आजमाया लेकिन उन्हे खास सफलता नही मिली। कई फिल्मों की शूटिंग भी ख्वाज बाग में हुई। जिनमें फूल बने अंगारे, १५ अगस्त, सजना साथ निभाना शामिल है। इसके अलावा उनके ख्वाजा बाग में पाले गए खास नस्ल के घोडे काफी प्रसिद्घ थे।

शेर खान ने की थी बीवी की ‘तमन्ना’ पूरी

शेर खान आलीशान तौर-तरीकों से जीते थे । खान के आलीशान तमन्ना महल व सावा बाग को देखकर हर कोई दंग रह जाता था। शेरखान ने सावा से कन्नौज मार्ग पर एक पहाड़ी पर बना महलनुमा आलीशान बंगला बनवाया। इस बंगले का नाम बीवी तमन्ना के नाम पर तमन्ना मंजिल रखा गया। यह महल  जितना बाहर से आकर्षित करता है, उतना ही अंदर से भी खूबसूरत है। इसके अलावा सावा में शेरखान का कई हेक्टेयर क्षेत्र में फैला ख्वाजा बाग है जो जिले समेत विभिन्न क्षेत्रों में भी मशहूर है। इसमें सैकड़ों फ लदार पेड़, फूल पौधे और पशु-पक्षी हैं। शेरखान ने घोड़े भी पाल रखे हैं। 
कभी पिता की थी पंक्चर की दुकान
सावा के लोग बताते हैं कि शेरखान के पिता गुलबाज खान कस्बे में पंक्चर की दुकान लगाते थे। 45 साल पहले शेरखान ने खनन व्यवसाय में कदम रखते हुए साझेदारी में खानों से पत्थर निकालने का काम शुरू किया। 
 धीरे-धीरे रेड ऑकर चाइना क्ले समेत अन्य खनन कार्य के साथ उसकी दौलत भी उसी अनुपात में बढ़ती गई और वह सावा का नामी उद्यमी बन गए।
 

पैट्रोल पम्पो की शहर में खुलेआम लूट – बेखबर प्रशासन

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उदयपुर । पेट्रोल के दाम कम तो हुए है, लेकिन पुरे शहर के पेट्रोल पंप अपने ही मनमाने दाम पर मनमाना पेट्रोल बेच रहे है। शहर के १० किलोमीटर की परिधि में २० से अधिक पेट्रोल पंप है, और सभी जगह अलग अलग दाम में पेट्रोल बिक रहा है। पेट्रोल पम्पो पर ३० से ५० पैसे का अंतर आरहा है। कही ६२.२२ पैसे है तो कही कही ६२. ८३ पैसे है। साथ ही पैट्रोल पंप मालिक अपनी आमदनी के चक्कर में सादा पेट्रोल नहीं भर कर हाई परफॉर्मेंस भर रहे है जो की सादे पेट्रोल से २ से ३ रुपये मंहगा है। सबसे बड़ी बात यह कि इस बात की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों ही नहीं है। उन्हें तो यह ही नहीं पता कि शहर में पेट्रोल अलग अलग दामों में बिक रहा है।

नियम के विपरीत शहर में अलग अलग दाम :
नियम के मुताबिक़ पुरे नगर निगम क्षेत्र में एक ही रेट में पेट्रोल बेचना जरूरी होता है। लेकिन शहर के सभी पेट्रोल पम्पो ने नियमों को ताक पर रख कर अपने मनमाने नियम लगा दिए है। चेतक सर्कल पर अप्पाजी पेट्रोल पंप पर ६२.53 रुपये लीटर है, वही मात्र १०० मीटर की दुरी पर मॉर्डन सर्विस पर ६२.२२ रुपये है। इससे थोड़ा आगे मध्ुबन में देखे तो ६२.२४ पैसे है। उदियापोल पर ६२.६३ पैसे इसके थोड़ा आगे पारस पर ६२.८३ रुपये तक बिक रहा है। वजह पूछो तो बताते है कि पेट्रोल लाने में आ रहा परिवहन खर्च है। जानकारों का कहना है कि पेट्रोल के घटते दामों की आड़ लेकर सभी कंपनियां तेल परिवहन में हो रहे घाटे की भरपाई रेट में अंतर से कर रही हैं। यही नहीं ऑयल कंपनियों के अफसरों का भी मानना है कि कीमतों पर सरकार का नियंत्रण खत्म हो गया है।
ग्राहकों को मेह्गा पेट्रोल लेने पर किया जारहा है मजबूर :
भारत पेट्रोलियम, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन तीन कंपनियों के पेट्रोल पंप शहर में है, तीनों कंपनियों के पेट्रोल पम्पो में अधिकतर मालिकों ने लूट मचा रखी है । अपने फायदे के लिए जनता की जेब पर डाका डाल रहे है। वाहनों में सादा पेट्रोल नहीं डाल कर एक्स्ट्रा प्रीमियम या स्पीड पेट्रोल डाला जारहा है जो की सादे पेट्रोल से २.५० से ३ रुपये तक महँगा है। यही नहीं चेतक स्थित अप्पा जी पेट्रोल पंप और मधुबन जैसे पेट्रोल पम्पों पर तो सादा पेट्रोल भरना ही बंद कर दिया है। ग्राहकों को मजबूरी में महगा पेट्रोल भरवाना पढ़ रहा है।
अपनी बैलेंस शीट मजबूत कर रही कंपनियां :
अर्थशास्त्रियों के अनुसार पेट्रोल के दामों की कीमतों में घोटाला सरकार से लेकर फुटकर व्यापारी तक कर रहे है। अर्थशाष्त्री प्रेमांशु पंड्या का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकार और कंपनियां सभी मानती हैं कि 65 रुपए प्रति लीटर से नीचे पेट्राेल सस्ता है। ऐसे में केंद्र सरकार जहां बार-बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर अपनी तिजोरियां भर रही है। वहीं राज्य सरकारें क्षतिपूर्ति के नाम पर वैट बढ़ाने के साथ नए टैक्स ला रहीं हैं। कंपनियां भी पीछे नहीं है। वे जहां पेट्रोल 4 रुपए सस्ता होने की उम्मीद होती है, वहां केवल 50 पैसे सस्ता करती हैं। बाकी से अपनी बैलेंस शीट मजबूत कर रहीं हैं। अब वे किसी फुटकर व्यापारी की तरह हर डीलर प्वाइंट पर लागत निर्धारण के बाद दाम तय कर रहीं हैं।

इनका कहना ………….

अलग अलग दामों में पेट्रोल बिक रहा है इस बात की जानकारी नहीं है। अभी पेट्रोलियम कंपनियों से पुचता हु। हाई परफोर्मेंस पेट्रोल लेने के लिए किसी को जबरदस्ती नहीं की जासकती अगर एसा कही हो रहा है तो अभी जांच करवाता हूँ। हिम्मत सिंह भाटी , जिला रसद अधिकारी

अलग अलग कंपनियों और ट्रांसपोर्ट की वजह से पेट्रोल पुम्पो के दामों में फर्क आता है। हाई परफॉर्मेंस पेट्रोल के लिए किसी भी ग्राहक से जोर जबरदस्ती नहीं की जासकती उसकी इच्छा हो तो वह पेट्रोल भरा सकता है । भूपाल सिंह , दलाल पेट्रोल पंप संचालक