उदयपुर। शिक्षक बनने के लिए परीक्षार्थी तरह तरह के जतन करते नजर आये। इसी कड़ी में शहर के बीएन कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र पर एक प्रसूता महिला दितीय चरण में आयोजित हुई परीक्षा में अपने कुछ घंटे पहले जन्मे नवजात को लेकर पहुची। इस महिला के जज्बे को देखकर परीक्षा केंद्र में मोजूद सभी परीक्षार्थी अचंभित हो गये। यही नहीं इस परीक्षा में बेठने के लिए इस प्रसूता ने अपने नवजात बच्चे के साथ 100 किमी का सफ़र भी तय किया। उदयपुर जिले के सेमारी गाव की रहने वाली निर्मला मीणा नाम की इस महिला ने आज तडके 3.30 बजे ऋषभदेव चिकित्सालय में एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन इस महिला ने अपने दर्द को भूलाकर और अपने शरीर की चिंता किये बगेर इस परीक्षा में बेठने का निर्णय लिया। हालंकि डॉक्टर ने निर्मला को तबियत ठीक नहीं होने का हवाला देकर सफ़र नहीं करने की हिदायत दी। लेकिन निर्मला ने डॉक्टर की नसीहत को दरकिनार कर इस परीक्षा में बेठने का निर्णय लिया। इस दौरान निर्मला के साथ उसके परिवार के लोग और उसे ट्यूशन पढ़ाने वाला शिक्षक भी मोजूद थे। निर्मला को पढ़ाने वाले शिक्षक ने कहा की निर्मला ने इस परीक्षा को उतीर्ण करने के लिए काफी मेहनत की हे। ऐसे में आज सुबह ही डिलेवरी होने से ये काफी नर्वस हो चुकी थी लेकिन इसके जज्बे ने आखिर निर्मला को परीक्षा केंद्र तक पंहुचा दिया।
बच्चे को जन्म देते ही हिम्मत जुटा कर चली आई परीक्षा देने
सुरक्षा और कड़ी चोकसी के बीच हुई रीट की परीक्षा
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उदयपुर । अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) रविवार को सुरक्षा और कड़ी चोकसी के बीच संम्पन्न हुई । उदयपुर जिले में ७७ केन्द्रों पर हुई परीक्षा में ९५ प्रतिशत परीक्षार्थियों के उपस्थिति रही। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के मुस्तैदी से जिले में कही भी कोई गड़बड़ी की सूचना नहीं है।
चोकसी इतनी कड़ी थी कि समय होते ही सभी केन्द्रों के दरवाजे पर ताले टांग दिए गए। यहाँ तक की किसी मीडिया कर्मी को भी अंदर नहीं जाने दिया।
अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) जिले भर में शांति पूर्वक सम्मपन्न हुई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ( प्रशासन ) छोगा राम देवासी ने बताया की कही से भी किसी गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं है। जिले भर के ७७ परीक्षा केन्द्रों पर चोकसी के लिए १९ फ़्लाइंग तैनात की गयी थी। लेवल टू परीक्षा [6 से 8 वीं कक्षा] सुबह की पारी 10 से दोपहर 12.30 बजे की थी। इसमें 25 हजार 95 अभ्यर्थी नामांकित थे, इसमें से 23 हजार 513 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे, 1582 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। लेवल वन [पहली से पांचवीं कक्षा] की परीक्षा दोपहर 2.30 से 5 बजे की थी। इसमें 4979अभ्यर्थी नामांकित थे, इसमें से 4 हजार 426 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, 553 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। लेवल वन और लेवल टू के प्रश्नपत्रों का स्तर दसवीं व बारहवीं कक्षा का ही था। इंग्लिश भाषा का प्रश्नपत्र थोड़ा जटिल था।
जांच में बरती सख्ती :
परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने से पहले किसी परीक्षा केंद्र पर तो अभ्यर्थियों के साथ सख्ती बरती गई और जामा तलाशी ली गई। तो कुछ परीक्षा केन्द्रों पर महिला अभ्यर्थियों को कान में टॉप्स और मंगलसूत्र तक पहन कर परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। कहीं महिला अभ्यार्थियों के दुपट्टे उतरवाये गए, कहीं उनके गहने, कहीं पारदर्शी पेन को लेकर बहस हुई, तो कहीं जांच के नाम पर काफी देर तक बाहर खड़े रहना पड़ा। अभ्यार्थियों को सिर्फ पेंट व शर्ट में अंदर जाने दिया गया। जूते, बेल्ट, पर्स आदि सामान को बाहर ही रखवा लिया गया।
परीक्षार्थियों की गहन जांच करके ही उन्हें क्लास में प्रवेश दिया गया। इस दौरान कुछ केन्द्रों पर चेन, बटन वाले स्वेटर उतरवा दिए तो कहीं जूते-मौजे खुलवाकर परीक्षा में बिठाया। एंट्री के समय परीक्षार्थियों के आईडी कार्ड का आॅरिजनल चेक किया गया।
उदयपुर स्टार्टअप फेस्ट में उमड़ा हुनरमंद युवाओं का कुंभ
100 स्टार्टअप आए, 15 ऎंजल एवं वेंचर कैपिटल इन्वेस्टर्स,
30 मेन्टर्स और स्टार्टअप कोचेज, और 20 वक्ता
स्टार्टअप्स के लिए उदयपुर हर मायने में आदर्श – वीनु गुप्ता

उदयपुर, राजस्थान स्टेट इंडस्टि्रयल डवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (रीको) द्वारा उदयपुर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के चैम्बर भवन (यूसीसीआई) में शनिवार को आयोजित उदयपुर स्टार्टअप फेस्ट खूब जमा और हुनरमंद युवाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तथा वैश्विक एवं राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में नवीनतम तकनीक, सूचना प्रोद्योगिकी और बहुआयामी विधाओं के बारे में विचारों तथा तकनीक का आदान-प्रदान किया और विशेषज्ञों से सुनहरे भविष्य निर्माण के लिए मार्गदर्शन पाया।
इस फेस्ट का सह आयोजक राजस्थान का अग्रणी इन्क्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप ओएसिस रहा जबकि आईआईएम अहमदाबाद का सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एण्ड एंटरप्रेन्योरशिप (सीआईआईई) नॉलेज पार्टनर रहा।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रमुख शासन सचिव उद्योग एवं रीको की प्रबन्ध निदेशक श्रीमती वीनू गुप्ता ने कहा कि आईआईएम और पांच निजी विश्वविद्यालयों की मौजूदगी से उदयपुर स्टार्टअप्स ईकोसिस्टम के लिए हर दृष्टि से एक आदर्श स्थान है। उदयपुर स्टार्टअप फेस्ट के दौरान उपलब्ध मंच उभरते युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिये कई मायनों में उपयोगी सिद्ध होगा।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि राजस्थान में सदैव दृढ़ उद्यमशीलता रही है। जून 2013 में जबसे रीको और आईआईएम अहमदाबाद के सीआईआईई के साथ एमओयू हुआ है, राज्य में स्टार्टअप ईकोसिस्टम ने विगत दो वर्षों में महत्वपूर्ण गति हासिल की है।
उन्होंने बताया कि रीको के जयपुर स्थित इक्यूबेशन सेन्टर, ‘स्टार्टअप ओएसिस‘, अब तक वर्कशॉप्स के माध्यम से 1000से भी अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर चुका है, 100 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग और 58 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट किया गया है।

राजस्थान की स्टार्टअप नीति-2015 पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इस नीति की घोषणा गत वर्ष अक्टूबर में रिसर्जेंट राजस्थान पार्टनरशिप समिट से पूर्व की गई थी। इस नीति से अगले 5 वर्षों का रोडमैप तैयार होगा। इस नीति के माध्यम से हम सक्रिय रूप से जयपुर से बाहर के क्षेत्रों में स्टार्टअप ईकोसिस्टम के विस्तार में जुटे हुए हैं।
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि इस नीति में स्टार्टअप फेस्ट-2015 जैसा राष्ट्रीयस्तरीय एक स्टार्टअप फेस्टिवल तथा दो छोटे स्टार्टअप फेस्ट आयोजित करने का प्रावधान रखा गया है। इसी प्रावधान के तहत इस प्रकार के स्टार्टअप फेस्ट नियमित अंतराल पर प्रदेश के विभिन्न संभागों में आयोजित किए जाते रहेंगे। इससे प्रदेश में नवाचार तथा वाणिज्यिकरण वातावरण का निर्माण होगा।
रीको के चीफ जनरल मैनेजर अनिल शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। उदघाटन सत्र में स्टार्टअप ओएसिस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर चिन्तन बक्षी ने राजस्थान स्टार्टअप पर अपने प्रेजेन्टेशन के साथ का समापन किया।
इस फेस्ट में 300 से भी अधिक लोगों की भागीदारी रही जिनमें 100 स्टार्टअप्स, 15 ऎंजल एवं वेंचर कैपिटल इन्वेस्टर्स, 30 मेन्टर्स और स्टार्टअप कोचेज के साथ ही 20 वक्ता भी इस एक मंच पर शामिल हुए।
उद्घाटन समारोह में अन्य प्रमुख वक्ताओं बूंद के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रुस्तम सेनगुप्ता और थ्रिलोफिलिया डॉट कॉम की सह-संस्थापिका एवं सीईओ सुश्री चित्रा डागा ने अपने स्टार्टअप की विकास यात्रा प्रतिभागियों के साथ साझा की।
उद्घाटन सत्र के बाद उदयपुर स्टार्टअप ईकोसिस्टम पर एक रोचक सत्र आयोजित किया गया जिसमें वक्ताओं ने क्षेत्र में बढ़ते हुए स्टार्टअप ईकोसिस्टम पर प्रकाश डाला।
फेस्ट में ‘‘स्टार्टअप एक्सपो‘‘ में राजस्थान के 22 स्टार्टअप्स ने अपनी सेवाओं और उत्पादों का प्रदर्शन निवेशकों और मेन्टर्स के समक्ष किया।
मवेशियों के साथ करता था गन्दा काम – गाँव वालों ने पकड़ कर किया पुलिस के हवाले
उदयपुर। सुखेर क्षेत्र के देवास मोहल्ले में ग्रामीणों ने एक संदिग्ध युवक को पकडक़र पुलिस के हवाले किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त युवक गाय-भैंसों के साथ दुष्कर्म करते हुए कई दफा पकड़ा गया है। बीती रात को भी उसे इसी तरह का कृत्य करते हुए ग्रामीणों ने दबोच लिया। इधर, सुखेर पुलिस का कहना है कि उक्त युवक चोरी की नीयत से देवास मोहल्ले में घुसा था, जिसे ग्रामीणों ने पकडक़र पुलिस के हवाले किया।आग में खाक हुई दो जिंदगियां

सही पकड़े हैं ना।

नई दिल्ली में सम्मानित हुए उदयपुर जिला कलक्टर रोहित गुप्ता

उदयपुर. महात्मा गांधी नरेगा दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में उदयपुर के जिला कलक्टर रोहित गुप्ता को राष्ट्रीय स्तर महात्मा गांधी पर नरेगा में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में देश के कुल आठ जिलों को सम्मानित किया गया।
2 महीने की बीमारी के बाद फिर लौटा उस्ताद,
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उदयपुर. आखिर 2 महीने की लम्बी बीमारी के बाद टाइगर टी-24 अब पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। उस्ताद को फिर से सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में उसके नॉन डिस्प्ले एनक्लोजर में छोड़ दिया गया है।
पेड़ पर लटकते अजगर का चीते ने पलक झपकते ही किया शिकार ( PHOTO)

वर्चस्व और ताकत की लड़ाई सिर्फ इंसानों की दुनिया में ही नहीं चलती है। जंगल में भी यही कहानी है। हर एक ताकतवर जानवर अपना जोर आजमाने में लगा हुआ है।
एसा ही एक द्रश्य हाल ही में दक्षिण अफ्रिका के गेम रिज़र्व पार्क में देखने को मिला। जहां एक चिता अपनी ताकत, अपनी फुर्ती को आजमा भी रहा था और और अपने शिकार करने की शक्ति का परिचय भी दे रहा था । चीते ने एक पेड़ से लटकते हुए भारी भरकम अजगर पर हमला बोल दिया और अपनी फुर्ती दिखाते हुए चंद सेकंडो में भयावाह अजगर को अपने शिकंजे में लेलिये और अपना शिकार बना लिया।
चीते के इस शानदार प्रदर्शन को कैमरे में कैद किया फोटोग्राफर विलियर्स स्टेयेन ने

झीलों की नगरी फिर हुई शर्मशार
Lake city was embarrassed again
उदयपुर। झीलों की नगरी में कन्या नवजात को त्यागने का सिलसिला ख़त्म नहीं हो रहा, हर बार ऐसे कृत्यों से झीलों की नगरी हर बार शर्मशार होरही है। आज भी उदियापोल रेल की पटरियों के पास एक मृत कन्या नवजात मिली।
आज सुबह उदियापोल पर रेल की पटरियों के पास नवजान कन्या का शव कागजों में लपेटा हुआ कचरे के ढेर में पड़ा हुआ मिला। कागज़ हटने से शव पर किसी की नज़र पड़ी और वहां धीरे धीरे भीड़ इकट्ठा हो गयी बाद में पुलिस मोके पर पहुंची और उन्होंने कन्या के शव को एमबी अस्पताल के मुर्दा घर में रखवाया। कन्या की नाभि पर किसी अस्पताल की चिपटी लगी हुई थी जिससे यह साबित होता है कि कन्या का जन्म किसी अस्पताल में ही हुआ था और एक या दो दिन पहले ही नवजात जन्मी है। कन्या मृत जन्मी जा उसको परिजनों ने ज़िंदा हालत में ही कचरे के ढेर में फेंक दिया गया बाद में उसकी मृत्यु हुई इस बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

