झीलों की नगरी में पहुंची जेनिफर लोपेज सहित कई फ़िल्मी हस्तियां

jenifar lopez 2
उदयपुर | झीलों की नगरी में हो रही हिंदुजा ग्रुप के संजय हिंदुजा की शाही शादी में शाही मेहमानों के आने का सिलसिला शुरू होगया | मानक चौक में आयोजित महिला संगीत में जहां एक तरफ हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जेनिफर लोपेज ने अपनी आवाज़ और अदाओं से जम कर समां बांधा वही बॉलीवुड के कलाकारों ने भी खूब धमाल मचाई |
संजय हिंदुजा की शाही शादी में शिरकत करने के लिए मंगलवार शाम को डबोक एयरपोर्ट पर कई फिल्मी,व्यवसाय जगत की हस्तिया पहुंची ! इस विवाह समारोह में भाग लेने के लिए आज आइसलैंड के राष्ट्रपति ओलफर रेगनर ग्रिम्सन ,व्यवसाई लक्ष्मीनिवास मित्तल के बेटे आदित्य मित्तल,अभिनेत्री शिल्पा शेठी,प्रीति जिंटा अभिनेता संजय कपूर,डिनो मारियो,चंकी पांडे सहित कई फ़िल्मी और नामचीन हस्तिया लेकसिटी पहुंचे महिला संगीत के लिए मुख्य आकर्षण हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जेनिफर लोपेज रही “जेलो” को देखने के लिए एयर पोर्ट पर खासी भीड़ जमा हो गयी | सूत्रों के अनुसार जेनिफर लोपेज दुल्हन अनु मथानी की अच्छी दोस्त है और वह बिना पैसे लिए अपनी दोस्त की शादी में परफॉर्म करने के लिए आई है | शाम तक फ़िल्मी हस्तियां और व्यापार जगत से जुडी हस्तियों के आने का सिलसिला चलता रहा इस दौरान इन फ़िल्मी हस्तियों को देखने के लिए एयरपोर्ट पर कई प्रसंशकों का मजमा लग रहा !
गौरतलब है कि इस शाही शादी की सारी रस्मे 3 दिन तक उदयपुर की विश्व प्रसिद्ध पिछोला झील के बीच बने जगमंदिर और सिटी पैलेस के मानक चौक,जनाना महल के साथ कई ऐतिहासिक स्थलों पर आयोजित होगी ! विवाह समारोह में शिरकत करने के लिए कल भी कई राजनीति और फिल्म जगत की जानी मानी हस्तियों के पहुचने की संभावना हे ! १२ फरवरी को पिछोला के बीच स्थित जगमंदिर में रिशेप्शन पार्टी का आयोजन किया जाएगा |

chanky pande

jenifar lopez

priti zinta

shilpa setthy 2

shilpa setthy

इन 6 कारणों से थमा पीएम मोदी का विजय रथ

0

150210030319_kejriwal_cartoon_624x351_bbc_nocredit
दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले लगातार जीत का दम भरने वाली बीजेपी को बुरी तरह से शिकस्त का सामना करना पड़ा। दिल्ली चुनाव के नतीजों ने पीएम मोदी के विजय रथ पर ब्रेक लगा दिया है। चुनाव के बाद आए नतीजों में बीजेपी को महज तीन सीटों पर जीत मिल सकी। वहीं केजरीवाल की पार्टी आप को चुनाव में 67 सीटों पर जीत मिली है।
गौरतलब है कि 2013 में हुए चुनावों में बीजेपी को 32 सीटें मिली थी। बीजेपी की इस हार के बाद पार्टी के अंदर और बाहर हार के कारणों पर समीक्षा की जाने लगी है। इसी क्रम में हम आपको बता रहे हैं कि वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह से बीजेपी को इतनी शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।

किरण बेदी को सीएम उम्मीदवार प्रोजेक्ट करना –
बीजेपी नेतृत्व ने चुनाव में किरण बेदी को भले ही दिल्ली के सीएम पद के लिए उपर्युक्त उम्मीदवार समझा हो लेकिन दिल्ली की जनता ने उन्हें सिरे से खारिज कर दिया। बीजेपी नेतृत्व द्वारा प्रदेश के शीर्ष पदाधिकारियों को नजरअंदाज कर किरण बेदी को पार्टी उम्मीदवार घोषित करना नेताओं और कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतारा। जिससे नाराज नेता और कार्यकर्ता चुनाव प्रचार के दौरान ज्यादा सक्रिय नहीं दिखाई दिए। जिस वजह से बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। पिछला विधानसभा चुनाव बीजेपी ने हेल्थ मिनिस्टर हर्षवर्धन के नेतृत्व में लड़ा था और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। इस बार पार्टी ने हर्षवर्धन को दरकिनार करते हुए बेदी को चुनाव मैदान में उतारा।

विधानसभा चुनाव कराने में देरी –
दिल्ली में विधानसभा चुनाव कराने में की गई देरी ने भी बीजेपी को काफी नुकसान पहुंचाया है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सातों सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद पार्टी को अतिआत्मविश्वास के कारण लगा की वो कभी भी चुनाव जीत सकती है। अगर बीजेपी लोकसभा चुनावों के समय दिल्ली में विधानसभा चुनाव करवाती तो शायद हाल कुछ और ही होते। गौरतलब है कि 2014 में केजरीवाल के इस्तीफा देने के बाद से दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था।

दूसरे दल से आए नेताओं को टिकट देना –
बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में बाहरी उम्मीदवारों पर बड़ा दांव खेला था। पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं और नेताओं को नजरअंदाज कर दूसरे दलों से आए नेताओं को टिकट दिया। इनमें आम आदमी पार्टी से आए विनोद कुमार बिन्नी, एमएस धीर के अलावा कांग्रेस से आईँ पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ शामिल है।

सस्ती बिजली और पानी –
दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपनी 49 दिनों की सरकार में सस्ती बिजली और मुफ्त पानी की सौगात दिल्ली की जनता को दी थी। इससे काफी तादाद में लोगों को फायदा हुआ। लोगों को इस बार भी उम्मीद थी केजरीवाल के आने से उन्हें इसी तरह की सौगात मिल सकती है। जिस कारण से इस चुनाव में उन्हें वोट देने वालों की तादाद बढ़ गई।

विकास का एजेंडा पिछड़ा –
बीजेपी जो हर चुनाव में विकास को अपना मुख्य एजेंडा घोषित करती है। इस बार अपने एजेंडे को प्रोजेक्ट करने में पिछड़ गई। बीजेपी ने इस चुनाव में विकास से ज्यादा केजरीवाल के खिलाफ नकरात्मक प्रचार करने में ज्यादा फोकस किया। जिसका परिणाम उसे इस चुनाव में देखने को मिला। बीजेपी की सीएम कैंडिडेट किरण बेदी से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी तक ने केजरीवाल के खिलाफ जमकर नकरात्मक भाषण दिए।

कांग्रेस के वोटों में सेंधमारी –
दिल्ली विधानसभा चुनावों में रेस से बाहर कांग्रेस पार्टी के वोट बैंक रहे दलितों और मुसलमानों को अपने पक्ष में करने में आम आदमी पार्टी और केजरीवाल कामयाब रहे। दलितों और मुसलमानों को बीजेपी का परंपरागत वोट बैंक माना जाता था। इस चुनाव में कांग्रेस की निष्क्रियता से ये वोट बैंक केजरीवाल के खातें में चला गया।

जिसे कहा था एके-49, वो निकला एके-67

0

आम आदमी पार्टी- 67 पर जीत
भारतीय जनता पार्टी – 3 सीटों पर जीत
कांग्रेस- शून्य

150210112158_collage_624x351_bbc
चुनाव आयोग के अनुसार अाम आदमी पार्टी को 54.3 फ़ीसदी, भाजपा को 32.2 फ़ीसदी और कांग्रेस को 9.7 फ़ीसदी वोट मिले हैं.
‘डर लग रहा है’
‘आप’ नेता अरविंद केजरीवाल ने अपने समर्थकों की रैली में कहा कि ”उन्हें जो ज़िम्मेदारी मिली है उससे काफ़ी डर भी लग रहा है. मैं निवेदन करता हूं पूरी पार्टी से कि ज़रा सा भी अहंकार मत करना. कांग्रेस का हाल, बीजेपी का हाल अहंकार की वजह से हुआ. अगर किया तो यही सबक़ जनता हमें पांच साल बाद दिखाएगी. सभी को सेवा करनी है.”

150210071128_delhi_election_cartoon_624x351_bbc
केजरीवाल ने अपने सभी समर्थकों का धन्यवाद किया और कहा कि जो सच्चाई के रास्ते पर चलते हैं, ब्रह्मांड की शक्तियां भी उनकी मदद करती हैं.
इस दौरान लोगों ने ‘पांच साल केजरीवाल’ के नारे भी लगाए.

150210030621_narendra_modi_cartoon_624x351_bbchindi
मोदी की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आप नेता अरविंद केजरीवाल को जीत के लिए बधाई दी है और दिल्ली के विकास के लिए पूर्ण सहयोग का वादा किया है.

150210030346_kiran_bedi_cartoon_624x351_bbchindi
भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने अरविंद केजरीवाल को बधाई देते हुए उन्हें इस कामयाबी के लिए ‘पूरे अंक’ दिए हैं.
माकन का इस्तीफ़ा
उधर, कांग्रेस नेता अजय माकन ने चुनाव में पार्टी की शिकस्त की ज़िम्मेदारी लेते हुए महासचिव पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
‘विपक्ष रहेगी भाजपा’
इस बीच ‘आप’ नेता कुमार विश्वास ने कहा है कि अगर भाजपा को सात से कम सीटें भी मिलती हैं तो भी उन्हें विधानसभा में विपक्ष का दर्जा दिया जाएगा.

150210023247_amit_sah_in_pensive_mood_cartoon_624x351_bbc
2013 में ‘आप’
पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 28 सीटें मिली थीं. इस बार चुनाव बाद के एग्ज़िट पोल में पार्टी को बहुमत के क़रीब दिखाया गया था.
2013 में केजरीवाल 49 दिनों तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे थे.

वहीं भाजपा को पिछले विधानसभा चुनाव में 31 सीटें मिली थीं.
दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की ओर से किरण बेदी मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार थीं.
कांग्रेस को पिछले विधानसभा में आठ सीटें मिली थीं, लेकिन तमाम सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कांग्रेस को इस बार काफ़ी कम सीटें ही मिलती दिख रही हैं.

सो. – बीबीसी हिंदी

हार से खीजे भाजपा नेता ने पूर्व केबिनेट मंत्री के बेटों पर लगाया झूठा आरोप ( बांसवाड़ा )

राजनीति लड़ाई में बेटी को ही मोहरा बना दिया भाजपा नेता ने
results-of-panchayati-raj-elections-rajasthanउदयपुर | बांसवाड़ा में भाजपा की करारी हार से खीजे एक भाजपा नेता ने राजनीति में अपनी बेटी की इज़्ज़त को घसीट लिया और अपनी खीज मिटाने के लिए कांग्रेस के पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया के बेटों पर छेड़खानी का झूठा आरोप लगा दिया | भाजपा नेता खेमराज गरासिया अपनी बेटी की इज़्ज़त की परवाह नहीं करते हुए थाने में जूठी रिपोर्ट कराने से भी बाज़ नहीं आया |
जानकारी के अनुसार रविवार रात को बांसवाड़ा के आनन्दपुरी थाने में कांग्रेस के वागड़ में कद्दावर नेता व् पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया के बेटे प्रेम प्रताप सिंह और हरजीत सिंह पर भाजपा नेता खेमराज गरासिया ने घर में घुस कर बेटी के साथ छेड़खानी का झूठा आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई | पुलिस ने भी घटना कि सत्यता जाँचे बिना रिपोर्ट दर्ज कर ली | दूसरी तरफ प्रेम प्रताप सिंह जो अभी हाल ही में आनन्दपुरी के उपप्रधान बने है, ने कहा कि यह सिर्फ राजनीति से प्रेरित आरोप है | भाजपा के नेता अपनी हार की खीज मिटाने के लिए झूठा आरोप मढ़ रहे है | प्रेम ने बताया कि जिस वक़्त खेमराज अपनी बेटी को छेड़ने का आरोप लगा रहा है, उस वक़्त उसके घर में पुलिस तैनात थी और मेरे बड़े भाई हरजीत सिंह पिछले तीन दिन से दाहोद में है | प्रेम ने बताया कि भाजपा नेता पंचायती चुनाव में बांसवाड़ा क्षेत्र में अपनी करारी हार को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे है | और इसी के चलते राजनीति की लड़ाई में माँ बहन बेटियों को घसीट रहे है | प्रेम ने कहा राजनीति की लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के साथ किसी तरह कि छेड़खानी ना हमारे क्षेत्र में कोई कांग्रेसी कार्यकर्ता करता है ना ही किसी को करने दी जाती है | ऐसी ओछी राजनीति ने भाजपा के इन नेताओं को बाज आना चाहिए |
गौरतलब है कि बांसवाड़ा में भाजपा की करारी हार हुई है, तथा वहां पर जिला प्रमुख कांग्रेस की रेशम मालवीया बनी है | दो दिन पहले गांगड़ तलाई पंचायत समिति के प्रधान पद के चुनाव के दौरान शनिवार को विधायक मालवीया की कार पर पथराव हुआ था। उसके बाद से उस क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के भाजपा नेता और प्रत्याशियों के घर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के हमले की आशंका को देखते पुलिस का पहरा था | और सत्यता यही है कि जिस भाजपा नेता खेमराज गरासिया ने अपनी बेटी पर छेड़खानी का आरोप लगाया उसके घर भी पुलिस का पहरा था |
इधर पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने भी भाजपा नेता खेमराज गरासिया द्वारा लगाये गए आरोप को राजनीति से प्रेरित बताया है, उन्होंने कहा है कि आरोप की सत्यता की जांच की जा रही है |

बहू का प्रधान प्रत्याशी से कटा पत्ता, तो ससुर की हृदय घात से हुई मौत

0

chittorgarh-54d5d5745766a_lचित्तौडगढ़ | राजस्थान में चित्तौडगढ़ जिले की राशमी पंचायत समिति में प्रधान पद की दावेदार महिला को प्रत्याशी नहीं बनाए जाने की सूचना पर उसके ससुर की संदिग्ध रूप से ह्वदयाघात से मौत हो गई।

कार्यकर्ताओं ने उनकी मौत के लिए क्षेत्रीय विधायक को जिम्मेदार बताते हुए आक्रोश जताया है। विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने उनकी मौत को स्वभाविक बताते हुए स्वयं को इस विवाद से बाहर बताया।

वहीं, इस घटनाक्रम के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। राशमी पंचायत समिति के वार्ड 14 से चुनाव लड़ कर पहली बार यह सीट भारतीय जनता पार्टी की झोली में डालने वाली रेखा देवी पिछले तीन दिनों से विधायक अर्जुन लाल जीनगर की बाडेबंदी में थी औैर रात तक पार्टी स्तर पर उन्हें प्रधान प्रत्याशी बनाए जाने की हरी झंडी दे दी थी।

लेकिन अचानक शनिवार सुबह उनके क्षेत्र में उनकी जगह मधुबाला नुवाल को प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना फैल गई जिससे रेखा के ससुर गौरीशंकर व्यास को ह्वदयघात हुआ और उनकी मौत हो गई।

उनकी मौत की सूचना पर रेखा को भी पार्टी नेताओं ने बाडेबंदी से मुक्त कर राशमी पहुंचाया लेकिन उन्हें मौत की सूचना नहीं दी। इधर, प्रत्याशी बदले जाने व मौत की खबर के बाद बड़ी संख्या में रेखा के समर्थक उनके आवास पर जमा हो गए व इसके लिए क्षेत्रीय विधायक को जिम्मेदार बता उनकी प्रति आक्रोश जताया।

विधायक से इस बारे में संपर्क किए जाने पर उन्होंने स्वयं को जयपुर में होना बताते हुए कहा कि उनकी मौत का पुत्रवधू को प्रधान प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से कोई लेना देना नही है। इस दोहरी घटना के बाद राशमी पंचायत समिति में विजयी भाजपा के कुल 11 सदस्यों के भी दो फाड़ होने की जानकारी सामने आई है।

इस बार राजस्थान बोर्ड परीक्षा के प्रवेश-प्रत्र वेबसाइट पर

rajasthan-board
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस साल से परीक्षार्थियों को उनके प्रवेश-पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था प्रारंभ की है। अब तक शिक्षा बोर्ड प्रवेश-पत्र विद्यालयों को डाक द्वारा भिजवाता रहा है।

विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और समय पर प्रवेश-पत्र पहुंचने में देरी की शिकायतों को देखते हुए बोर्ड प्रशासन अब ऑन लाइन प्रवेश पत्र भिजवाएगा।

शिक्षा बोर्ड की सीनियर सैकण्डरी की मुख्य परीक्षाएं १२ मार्च और सैकण्डरी की परीक्षा १९ मार्च से प्रारंभ होगी। इन परीक्षाओं में इस साल १९ लाख से भी अधिक विद्यार्थी सम्मिलित होंगे।

विद्यालय प्रभारी करेंगे सत्यापन : शिक्षा बोर्ड की नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों के प्रवेश-पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड होंगे। संबंधित विद्यालय प्रभारी अपने विद्यार्थियों के फोटोयुक्त प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर खुद ही सत्यापित कर विद्यार्थियों को वितरित करेंगे।

स्वयंपाठी विद्यार्थियों को भी उनके प्रवेश-पत्र उन्हींं विद्यालयों में मिलेंगे, जहां से उन्होंने परीक्षा का ऑनलाइन आवेदन भरा था।

इनका कहना है
बोर्ड की ऑनलाइन प्रवेश-पत्र भेजने की व्यवस्था की बदौलत प्रवेश पत्र भिजवाने में समय की बचत होगी। डाक से प्रवेश पत्र के गुम होने अथवा फटने की आशंका भी समाप्त होगी।
प्रो. बी. एल. चौधरी, अध्यक्ष, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

बांसवाड़ा में कांग्रेस का किला भेदने में नाकाम ‘कमल’

बांसवाड़ा
police-1423172847सांसद, एक मंत्री और तीन विधायक होने के बावजूद सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी पंचायतीराज चुनाव में बांसवाड़ा जिले में कांग्रेस का गढ़ भेदने में नाकाम रही।

जिले के पंचायतराज चुनाव प्रभारी राज्यमंत्री जीतमल खांट अपनी गृह पंचायत समितियों में पार्टी को जीत दिलाने में नाकामयाब रहे। समाचार लिखे जाने तक भाजपा सिर्फ कुशलगढ़ व घाटोल में आगे चल रही थी।

वहीं छोटी सरवन और कुशलगढ़ क्षेत्र में जनता दल व समाजवादी पार्टी का अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो गया है। बांसवाड़ा में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में जिला परिषद व पंचायत समितियों में कांगे्रस का ही कब्जा रहा है।

भाजपा मात्र एक बार अपना जिला प्रमुख बनाने में कामयाब रही थी। पिछले पंचायतीराज चुनाव में तलवाड़ा, घाटोल, गढ़ी, बागीदौरा, कुशलगढ़, आनंदपुरी और सज्जनगढ़ में कांगे्रस तथा छोटी सरवन में जनता दल का कब्जा था। पंचायत पुनर्गठन में जिले में अरथूना, गांगड़तलाई और बांसवाड़ा नई पंचायत समिति बनी।

इसमें अरथूना पंचायत समिति राज्यमंत्री जीतमल खांट की गृह पंचायत है। वागड़ से एकमात्र मंत्री होने से इस पंचायत समिति में भाजपा जीत के प्रति आश्वस्त थी, लेकिन यहां पार्टी की उम्मीदें धराशायी हो गई और उन्हें मात खानी पड़ी है।

वहीं घाटोल पंचायत समिति में कांगे्रस ने सांसद मानशंकर निनामा और विधायक नवनीतलाल निनामा के बीच दूरी का पूरा फायदा उठाने का प्रयास किया, लेकिन पूरी सफलता नहीं मिली। यहां बची साख: गत विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार कुशलगढ़ में कमल खिलाया था।

चौदह माह बाद गांव की सरकार बनाने के लिए हुए चुनाव में मतदाताओं ने पार्टी पर ही भरोसा जताया। हालांकि कांगे्रस ने यहां अपना प्रधान बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक यहां भाजपा की जीत का आंकड़ा ऊपर था।

इधर, गढ़ी प्रधान पद की दावेदार मानी जाने वाली पूर्व विधायक कांता भील को भी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि कांता की बेटी तलवाड़ा पंचायत समिति के वार्ड संख्या तीन से चुनाव जीत गई है। विधायक महेन्द्रजीत सिंह मालवीया का पुत्र भी आनंदपुरी में वार्ड संख्या से चुनाव जीत गया है।

वाट्सएप पर कहीं आप भी तो नहीं हो रहे धोखाधड़ी के शिकार

0

help line numberइंटरनेशनल नंबर्स से स्मार्टफोन यूजर्स को मिसकॉल के बाद अब झांसे का नया तरीका शुरू हुआ है।

देश-विदेश के कई नंबर्स से जयपुराइट्स को वाट्सएप पर मैसेज मिल रहे हैं। इनमें इंटरनेशनल कॉन्टेक्ट शेयर किए जा रहे हैं। इन पर कॉल करने पर आपका 50 से 200 रुपए तक का बैलेंस कट सकता है।

एेसे ज्यादातर नंबर लुभावने डेटिंग और कॉलिंग को टार्गेट कर शेयर किए जा रहे हैं। जैसे ही मोबाइल यूजर इन नंबर्स पर कॉल करता है, तो उसके मोबाइल से 200 तक का बैलेंस कट जाता है।

गौरतलब है कि इससे पहले जयपुराइट्स को बेलारूस और लातविया के कंट्री कोड से मिसकॉल मिल रहे थे।

जयपुराइट्स इससे जूझ ही रहे थे कि इंटरनेशनल गैंग ने नया तरीका अपनाकर वाट्सएप यूजर्स को परेशान करना शुरू कर दिया है।

दरअसल, यह एक तरह का इंटरनेशनल फ्रॉड है। कहा जा रहा है कि ये नंबर्स इंटरनेशनल गैंग के हैं, जिनके जरिए वे प्रीमियम नंबर्स खरीदकर धोखाधड़ी करते हैं।

‘नाहरगढ़ और भानगढ़ में निवास करती हैं आत्माएं’

bhangarh
जयपुर अगर आप यह सोचते हैं कि आपकी आत्मा आपके शरीर से निकल जाती है उसके बाद जीवन की समाप्ति है, लेकिन सही मायने में कहा जाए तो मृत्यु के बाद भी जीवन भी हैं, क्योंकि आत्माएं भी अपना जीवन जीती हैं।

यह कहना है देश में साइकिक रिसर्च में पायोनियर और भानगढ़ में पहली बार ओर्ब फि नोमिना की जांच करने वाली इप्शिता कोलकाता की इप्शिता रॉय चक्रवर्ती का।

पढ़ें: अगर है जान प्यारी तो न जाएं इन भुतहा जगहों पर!

उन्होंने कहा कि उनकी रिचर्स के मुताबिक यह फेक्ट हैं, इसे बिल्कुल सही माना जा सकता है कि ये एक पैरेलल डायमेंशन भी होता हैं, जिनमें आत्माएं रहती हैं।

चक्रवर्ती के ये विचार फिक्की फ्लो के चैप्टर की ओर से आयोजित द मिस्ट्री एंड रिवेलेशन के प्रोग्राम में कहीं।

जहां पर द स्पिरिट WORLD एंड हाउ डज विक्का विषय पर एक सेमीनार का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर प्लो की चेयरपर्सन अपरा कुच्छल भी मौजूद थी। फ्लो मेंबर्स को संबोधित करते हुए चक्रवर्ती ने तीन तरह की एनर्जी के बारे में बताया।

पहली रेजीडुअल एनर्जी, यानी जब कोई बड़ी घटना या युद्ध में कई लोगों की मृत्यु हुई हो जाती है तब इस तरह की एनर्जी क्रिएट होती है, दूसरी इमोशनल एनर्जी यानी जब कोई किसी पैशन की के कारण जान गवाता है और तीसरी ट्रैप्ड एनर्जी (जब आत्माओं को शापित करने के लिए फं साया गया हो)।

उन्होंने कहा कि उन्हें ओर्ब फिनोमिना की जांच के बाद यह पता चला कि जयपुर के नाहरगढ़ किले, सरिस्का के निकट भानगढ़ और ओड़ीसा के पुरी स्थित बीएनआर होटल में भी आत्माएं निवास करती हैं।

उन्होंने दावा किया कि भानगढ़ में जब उन्होंने मिश्र के एक मंत्र का जाप किया तो इससे वहां मौजूद आत्माओं के बीच गतिविधियों हुईं। इसी तरह उन्होंने एक आत्मा की उपस्थिति की डरावनी कहानी सुनाई जो नाहरगढ़ में उनके समूह के साथ चल रही थी। चक्रवर्ती ने ऑब्र्स के माध्यम से आत्माओं दर्शाने के लिए एक प्रजेंटेशन भी दिया, जिसमें भानगढ़, नाहरगढ़ और बीएनआर होटल में क्लिक किए गए PHOTO थे।

मौके पर उपस्थित संदीप भूतोडिय़ा ने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में ऐसी कईं घटनाएं होती हैं, जिन्हें समझाया नहीं जा सकता।

उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों का हवाला देते हुए बताया कि 9/11 की घटना के दिन किसी अज्ञात ताकत द्वारा उन्हें न्यूयॉर्क के वल्र्ड ट्रेड पार्क में जाने से रोका था।

इस दिन उन्होंने होटल में इस फ्रैण्डली FORCE को महसूस किया, जिसने उन्हें होटल में ही रोके रखा। इसी वजह से वे उस समय वल्र्ड ट्रेड पार्क में उपस्थित नहीं थे, जब ट्विन टावर्स से विमान भिड़े थे।

जयपुर: चार सौ छात्राओं के खिलाफ मामला दर्ज

jaipur-maharaja-government-girls-54d48d71d6d69_l
जयपुर छोटी चौपड़ स्थित 149 साल पुराने राजकीय महाराजा बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की जमीन बचाने के लिए सड़क जाम करने पर कोतवाली पुलिस ने चार सौ अज्ञात स्कूली छात्राओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

कोतवाली थाना इंचार्ज राजवीर सिंह ने मामला दर्ज कराया है, जिसकी जांच उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। वहीं शुक्रवार को महिला संगठन विद्यालय का निरीक्षण और मामले में जानकारी लेने पहुंचे।

उधर, अखिल भारतीय नाटाणी परिवार समिति ने शुक्रवार से जनजागृत्ति अभियान शुरू किया है जिसके तहत सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बाद अदालत में पक्ष रखने की तैयारी की जा रही है।

गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही से महाराजा स्कूल की जमीन का केस हारने के मामले के खुलासे के बाद मंगलवार को महाराजा स्कू ल की छात्राओं ने प्रदर्शन किया था।

महिला संगठनों का दौरा
वहीं शुक्रवार को कई महिला संगठन स्कू ल पहुंचे। स्कू ल में जमीन का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने छात्राओं और विद्यालय प्रशासन से बात कर मामले की जानकारी ली। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वूमन की निशा सिद्धू ने कहा कि छात्राओं के खिलाफ मामला दर्ज करना गलत है।