उदयपुर। घरेलू गैस के सभी उपभोक्ता अगर आधार नंबर से लिंक हो जाते हैं तो तेल कंपनियों को को केवल उदयपुर शहर में 10 लाख रुपए प्रतिदिन का फायदा होगा। साथ ही गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर पूर्णतया अंकुश लग जाएगा।
तेल कंपनियों के सर्वे के अनुसार अकेले उदयपुर में प्रतिदिन करीब तीन हज़ार से अधिक सिलेंडर की खपत व्यावसायिक उपयोग में होती है, जो कालाबाजारी के जरिए यहां तक पहुचती हैं। तेल कंपनियों और गैस वितरकों का ध्यान अब सभी उपभोक्ताओं को बैंक अकाउंट में आधार नंबर से जोडऩे पर है। गैस वितरक भी उपभोक्ताओं पर इसीलिए दबाव बना रहे हैं।
असल में जिले में घरेलू गैस का उपयोग करने वाले करीब 40 फीसदी उपभोक्ता अब तक बैंक और गैस वितरक को अपने आधार नंबर उपलब्ध करा चुके हैं। जिले के करीब 2.82 लाख उपभोक्ताओं में से इस सप्ताह 1.30 लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हो जाएंगे, जिनके सिलेंडर की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में जमा होगी।
कालाबाजारी पर अंकुश : इससे फर्जी कनेक्शन या किसी अन्य के नाम का कनेक्शन उपयोग में ले रहे लोगों पर पाबंदी लग जाएगी। एक नाम पर एक से अधिक कनेक्शन वाले या फर्जी नामों से कनेक्शन ले चुके उपभोक्ताओं पर भी अंकुश लगेगा। आधार नम्बर से लिंक होने पर सिलेंडर कोई भी ले, लेकिन सब्सिडी कनेक्शनधारी उपभोक्ता के खाते में ही जाएगी।
रोजाना हो रहा नुकसान : रसोई गैस डीलर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता गोविंद गर्ग ने बताया कि कालाबाजारी के कारण सबसे अधिक नुकसान सीधा तेल कंपनियों को ही हो रहा है। मौजूदा समय में घरेलू गैस सिलेंडर की दर 397 रुपए है। बिना सब्सिडी का सिलेंडर 709 रुपए की दर पर उपलब्ध है। जिस उपभोक्ता ने आधार नंबर उपलब्ध करा दिया है, उसे सिलेंडर 709 रुपए में ही मिलेगा लेकिन उसके बैंक खाते में 312 रुपए सब्सिडी के सीधे जमा हो जाएंगे। इस लिहाज से उसे सिलेंडर मौजूदा दर पर ही मिलेगा। बताया गया है कि तीन हज़ार सिलेंडर की कालाबाजारी होती है तो रोजाना तेल कंपनियों को 10 लाख से अधिक का रुपए का घाटा होता है।
घरेलू गैस की कालाबाजारी पर अंकुश
बहुमंजिला इमारत से गिरकर मजदूर की मौत
उदयपुर। सेलिब्रेशन मॉल के पास निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की दूसरी मंजिल से आज दोपहर १२ बजे एक मजदूर गिर पड़ा, जिसकी यहां एमबी हॉस्पीटल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार सेलिब्रेशन मॉल के पास मंसूरी अली हींतावाला की आठ मंजिला इमारत बन रही है, जिसकी दूसरी मंजिल से आज दोपहर १२ बजे बांसड़ा (गोगुंदा) निवासी डाला २३ वर्षीय डाला पुत्र गोगाजी का पांव फिसल गया। इससे वह नीचे गिर और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे एमबी हॉस्पीटल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। शव को मुर्दाघर में रखवाया गया है।
रोडवेज की लग्जरी बसों की हालत खस्ता
उदयपुर। राजस्थान रोडवेज की लग्जरी बसों की हालत खस्ता हो चली है। कई दफा यात्रियों को लग्जरी बसों में सफर करना भारी पड़ रहा है, क्योंकि ये लग्जरी बसें बीच रास्ते में ही दम तोड़ रही है। जानकारी के अनुसार जोधपुर से उदयपुर चलने वाली डिलक्स वोल्वो बस पाली से दस किलोमीटर आगे बीच रास्ते में अटक गई। वहीं जयपुर-उदयपुर वोल्वो बस पाली से 30 किलोमीटर पहले जाम हो गई। इससे इन दोनों बसों में उदयपुर के यात्रियों को भारी परेशानी हुई। बस में सफर कर रही सुरभि, राहिला खान और विवेक सनाढ्य ने बताया कि जो बसें बाद में रोडवेज द्वारा उपलब्ध करवाई गई, वे भी इतनी खटारा थी कि रास्ते में खराब हो गई।
जोधपुर-उदयपुर वॉल्वो का फैन बेल्ट टूटा : जोधपुर से कल सुबह 6.30 बजे उदयपुर के लिए रवाना हुई वोल्वो बस आरजे 14 पीए 3462 पाली से 10 किलोमीटर बाहर निकलने के बाद बीच रास्ते में अटक गई। बस में सवार यात्री विवेक सनाढ्य व मिताली ने बताया कि बस का फैन बेल्ट टूट गया। इसके बाद चालक-परिचालक ने डीलक्स डिपो जयपुर के प्रबंधन को सूचना दी। जयपुर के प्रबंधन ने पाली डिपो को बस भेजने के निर्देश दिए। पाली डिपो में वोल्वो बस नहीं होने के कारण एक घंटे से अधिक इंतजार के बाद एक खटारा बस भेज दी। इस बस में वोल्वो के सभी 26 यात्री बैठकर देसूरी-चारभुजा के बीच घाट चढऩे लगे थे कि बस की सांसें फूल गई और रूक गई। महिलाओं, बच्चों और सीनियर सिटीजन को करीब दो किलोमीटर घाट पैदल चढ़कर जाना पड़ा। इसके बाद भी यात्रियों की परेशानी कम नहीं हुई और दो बसें बदलकर दोपहर 12 बजे के स्थान पर शाम चार बजे उदयपुर पहुंचे।
जयपुर-उदयपुर वॉल्वो भी जाम : बुधवार सुबह जयपुर से उदयपुर के लिए आई बस भी पाली से तीस किलोमीटर पहले ही बीच रास्ते में जाम हो गई। बस में सवार सुरभि और राहिला खान ने बताया कि जयपुर से ही बस में कुछ ना कुछ खराबी चल रही थी। रास्ते में कई जगह रूककर ड्राइवर ने बस में कुछ जुगाड़ किए और आधे रास्ते तक लाया, लेकिन पाली आने के पहले बस बिलकुल ब्रेक डाउन हो गई, जिसके बाद करीब दो घंटे के बाद पाली बस डिपो से दूसरी बस आई और उदयपुर तक आ सके दिन में एक बजे के स्थान पर 4.30 बजे उदयपुर पहुंचे।
बसें और मेंटिनेंस ठेके पर : जानकारी के अनुसार बुधवार को खराब हुई दोनों बसें अनुबंध पर चल रही थी, जो बस रोडवेज द्वारा चलाई जा रही है उनका मेंटिनेंस भी ठेके पर है। ठेकेदारों पर रोडवेज के अधिकारियों का कोई अंकुश नहीं है, इस कारण वे बेहतर सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं।
प्रशासन के जाल में फंसे अनपढ़ नेता
उदयपुर । पंचायत चुनाव में दसवीं पास की बाध्यता के चलते पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का पर्चा दाखिल करने वाले अधिकांश अनपढ़ नेता प्रशासन द्वारा बिछाए गए जाल में फंस गए हैं। कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला के बेटे अभिमन्युसिंह झाला सहित कई नेताओं के पर्चें खारिज कर दिए गए हैं। पता चला है कि जिन नेताओं ने उदयपुर से बाहर का रास्ता कभी नहीं देखा, वे भी यूपी, बिहार और मध्यप्रदेश से दसवीं की मार्कशीटें बनवाकर ले आए हैं। अनपढ़ नेताओं द्वारा की गई इस जालसाजी को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुश्तैद रहा, लेकिन एक दिन में सबके खिलाफ जांच संभव नहीं है। इसलिए प्रशासन ने आम जन से चुनाव मैदान में उतरे नेताओं के खिलाफ भी शिकायतें (यदि हो तो) आमंत्रित की है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा पंचायत चुनाव में सरपंच के लिए आठवीं और पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए दसवीं उत्तीर्ण अनिवार्य कर देने के बाद कई दावेदारों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। सूत्रों के अनुसार जिले में दोनों पार्टियों के कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जो जुगाड़कर दसवीं की मार्कशीट दूसरे राज्यों से बनवाकर लाए हैं। यह कार्य दलालों के जरिये कराया गया।
अमान्य मार्कशीट से पर्चा खारिज : जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन जांच के बाद कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला के पुत्र अभिमन्युसिंह झाला का पर्चा अन्य प्रदेश कौंसिल ऑफ सैकंडरी एज्यूकेशन, मोहाली (पंजाब) की दसवीं की अमान्य मार्कसीट के कारण खारिज हो गया। उन्होंने गोगुंदा से पंचायत समिति सदस्य के लिए पर्चा भरा था। इसी तरह गोगुंदा में वार्ड 11 से प्रत्याशी ललिता की जामिया उर्दू स्कूल अलीगढ़ की दसवीं की मार्कशीट को भी अमान्य करते हुए पर्चा निरस्त कर दिया।
प्रशासन के पास मान्यता प्राप्त शिक्षण संथाओं की लिस्ट है, जिसके आधार पर मार्कशीट का आकलन किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार जिले में ऐसे कई महिलाएं और पुरुष उम्मीदवार है, जिन्होंने बाहर के राज्यों की दंसवीं की मार्कशीट लगाई है।
प्रशासन के पास जांच का समय नहीं : नामांकन पत्रों की जांच प्रशासन कर रहा है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि एक दिन में सभी नामंाकन पत्रों की जांच कैसे हो? ऐसे में प्रशासन की तरफ से पंचायत चुनाव में झूठी जानकारी देकर चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों के खिलाफ शिकायतें आमंत्रित की गई है, ताकि उनके खिलाफ चुनाव बाद भी कार्रवाई की जा सके। अगर किसी ने फर्जी मार्कशीट लगाई है, तो इसके लिए शिकायतों को आधार बनाकर शिक्षा विभाग द्वारा जांच करवाई जाएगी और प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ये हो सकती है कार्रवाई : चुनाव अधिकारी के अनुसार अगर फर्जी मार्कशीट से कोई व्यक्ति चुनाव जीत भी जाता है और कोई उसकी शिकायत करता है, तो मार्कशीट की संबंधित बोर्ड से जांच करवाई जाएगी। फर्जी पाई जाने पर निर्वाचन रद्द हो सकता है व आपराधिक मुकदमा भी दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
॥हमारे पास मान्यता प्राप्त और अधिकृत बोर्ड, जिसको राजस्थान बोर्ड ने अधिकृत कर रखा है, स्वीकृति दे रखी है, उनकी लिस्ट है। उसके आधार पर जांच की गई। यदि इसके अलावा किसी उम्मीदवार की कोई शिकायत करता है या आपत्ति जताता है, तो उसकी जांच भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा करवाई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-आशुतोष पेढणेकर, जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी
दबंग महापौर के खिलाफ उठ रहा विरोध

उदयपुर । नगर निगम के नये महापौर की कार्यप्रणाली को आमजन में सराहा जा रहा है, लेकिन अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए अभियान को सीमित करने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। यह दबाव पार्टी के भीतर से आ रहा है। सूत्रों ने बताया कि भाजपा के पिछले बोर्डों के दौरान किए गए अवैध निर्माणों तथा अतिक्रमणों पर चल रहे हथौड़ों ने उन पार्षदों तथा सर्वेयरों के लिए धर्मसंकट पैदा कर दिया है, जिन्होंने आंखे मूंदने की एवज में अच्छी खासी “दस्तूरी” प्राप्त कर ली थी। साथ ही उसका निर्धारित हिस्सा ऊपर तक भी पहुंचाया था।
पता चला है कि पूर्व पार्षद ऐसे मामलों को नजरअंदाज करने के लिए दबाव बना रहे हैं। इनमें तीन सौ से ऊपर वे मामले भी है, जिनके खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने पर शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने विधानसभा में सवाल खड़ा किया था। हालांकि उसके बाद भी उन चिह्नित अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उस समय रवीद्र श्रीमाली सभापति थे, जिन्होंने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में कमिश्नर को एक सूची देकर कार्रवाई का निर्देश दिया था। बाद में कमिश्नर ने बताया कि एक सूची उनके पास आई जरूर है लेकिन उसका करना क्या है, यह नहीं बताया गया है। सूत्रों के अनुसार जो भी तोडफ़ोड़ की जा रही है वे सारे अतिक्रमण और अवैध निर्माण भाजपा के पिछले चार बोर्डों के कार्यकाल में ही हुए हैं। बहस इस बात पर चल रही है कि जिन्होंने हमें “चंदा” दिया और जो हमारे भरोसेमंद लोग या कार्यकर्ता है, उनके खिलाफ कार्रवाई विश्वासघात है। ऐसे में भाजपा के जनाधार को भारी नुकसान पहुंचेगा। पता चला है कि महापौर ने अब सारे सूचीबद्ध मामलों की छंटनी शुरू कर दी है। वे इन्हें नया क्रम दे रहे हैं। इसमें कोशिश यह है कि बड़े मामलों को पहले ले लिया जाए, हालांकि बड़े अवैध निर्माणों पर कार्रवाई में भी बड़ा संकट है। उनके ऊंचे रसुखात है। इसलिए पैंतरा यह तय किया गया है कि ऐसे मामलों को नियमित करने की अच्छी “शास्ती” वसूल की जाए ताकि आम लोगों में गलत संदेश न जाए। कुल मिलाकर यदि अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का काम लगातार चलाया गया तो भी कम से कम दो बरस लग सकते है।
अजमेर दरगाह के सदर असरार अहमद खान ने ओबामा को दिया राजस्थान आने का न्योता

उदयपुर। अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत यात्रा के दौरान अजमेर आ सकते हैं। ओबामा को अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह कमेटी ने न्यौता भेजा है। ओबामा 24 जनवरी को भारत आएंगे और गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
दरगाह कमेटी के सदर असरार अहमद खान ने बताया कि हमने ओबामा को पीएम मोदी की अमरीका यात्रा के दौरान अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अभार व्यक्त किया और इसके लिए यह न्यौता भेजा है।
अध्यक्ष असरार अहमद के मुताबिक ओबामा अगर सूफी इस्लाम के सबसे बडे केंद्र अजमेर की यात्रा करते हैं तो इससे इस्लाम और पश्चिमी संस्कृति के बीच बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ओबामा को यहां आमंत्रित करने के पीछे हमारा मकसद अमरीका की उस सोच को भी बदलना है जो कुछ अतिवादि संगठनों के कारण मुस्लिम सुमदाय के बारे में गलत धारणा बना बैठा है।
खादिमों की संस्था के सचिव सैयद वाहिद ने कहा कि सूफी इस्लाम का यह सबसे बड़ा केंद्र भाइचारे और विश्व शांति में यकीन रखता है। इस केंद्र की सीख ने कई नेताओं और राजाओं ने विश्व में शांति और सद्भाव के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि अगर ओबामा अजमेर की यात्रा पर आते हैं तो विश्व शांति के लिए उदारवादी मुस्लिमों से एक नए युग की शुरूआत होगी। गौरेतलब है कि 2010 में ओबामा ने पहली भारत यात्रा की थी। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अजमेर के कनकपुरा के गांववालों से बातचीत की थी।
कैदियों को यौन संबंध बनाने की इजाजत
Udaipur.पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शादीशुदा उन कैदियों को जेल में यौन संबंध बनाने की अनुमति दी है जो अपनी संतान उत्पत्ति के लिए इच्छुक हैं।
कोर्ट ने मंगलवार को दिए अपने आदेश में कहा कि दोष सिद्ध कैदियों और सजायाफ्ता जोड़ों को संतान उत्पत्ति का मौलिक अधिकार है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पटियाला के सेंट्रल जेल में बंद जसवीर सिंह और सोनिया की याचिका पर यह आदेश दिया। एक निचली अदालत ने उन दोनों को होशियारपुर के एक धनी परिवार के किशोर की हत्या और फिरौती के आरोप में मौत की सजा दी है।
याचिका में की थी यह अपील
जसवीर सिंह और सोनिया ने अपनी याचिका में कोर्ट से संतान उत्पत्ति के लिए जेल में साथ रहने की अनुमति देने की मांग की थी। साथ ही जेल प्रशासन को इसके लिए प्रबंध करने का आदेश देने की भी अपील की थी।
जसवीर ने कहा था कि वह अपने मां-बाप की इकलौती संतान है। उसकी शादी के 8 महीने के अंदर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने कहा कि उसकी यह मांग उसके इंद्रीय सुख के लिए नहीं बल्कि संतान उत्पत्ति के लिए है।
समिति गठन का आदेश
कोर्ट ने दोनों के अपराध को देखते हुए इस याचिका पर सुनवाई से एक बार तो इनकार कर दिया लेकिन इस याचिका में समाहित जनहित के बडे पहलू पर को ध्यान में रखा। जज ने कहा कि जीवन जीने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों के तहत सजा प्राप्त कै दियों को संतान उत्पत्ति का अधिकार एक विकल्प है।
कोर्ट ने कहा कि समाज में समलैंगिकों के अधिकारों या थर्ड जेंडर पर चर्चा हो रही है। ऎसे मेे जेल में बंद कै दियों के संतान उत्पत्ति के अधिकार को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।
कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत कैदियों के इन अधिकारों को व्यवस्थित करना चाहिए तथा यह सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए कोर्ट ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जेल सुधार समिति का गठन करने का आदेश दिया। समिति जेलों में कै दियों के संतान उत्पत्ति के अधिकार के लिए व्यवस्था पर एक योजना बनाएगी। वह यह भी तय करेगी कि यह किन कैदियों के लिए होगा और क्या श्रेणियां होंगी।
इस समिति में समाजशास्त्री को भी शामिल किया जाएगा। समिति को जेलों का भ्रमण कर एक साल के अंदर अपने प्रस्ताव देने हैं।
अजमेर दरगाह कमेटी में हुवा बायोमेट्री उपस्थिती का शुभारंभ
Udaipur . दरगाह कमेटी अध्यक्ष असरार अहमद खान की अगुवाई में मंगलवार को अल्पसंख्यक मामलात मंत्रालय के सयुक्त सचिव श्री राकेश मोहन के हाथों प्रथम बायोमेट्रीक कर्मचारी उपस्थिती सयंत्र का शुभारंभ हुवा।
एक दिवसीय दौरे पर अजमेर आए राकेश मोहन की अध्यक्षता में दरगाह गेस्ट हाउज में बैठक का हुई। बैठक में अध्यक्ष असरार अहमद खान को सयुक्त सचिव को मौजूदा गतिविधीयों की जानकारी दी। इस पर श्री राकेश मोहन ने कमेटी के पिछले दो वर्षाे के कार्यो की सराहना करते हुए भविष्य में कमेटी से बेहतर कार्य की उम्मीद की। इसके बाद राकेश मोहन ने दरगाह शरीफ में हाजरी दी और मजार शरीफ पर मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश किए। जियारत के पश्चात् श्री राकेश मोहन ने नुजूर आफिस में लगी प्रथन बायोमेट्रीक उपस्थिती मशीन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर दरगाह कमेटी सदस्य चौधरी वहाज अख्तर,खान मोहम्मद सईद, नाजिम अशफाक हुसैन सहीत समस्त दरगाह कमेटी स्टॉफ उपस्थित रहा। इसके साथ ही दरगाह नाजिम की तरफ से सयुंक्त सचिव का दस्तार कर स्वागत किया गया।
पैसे निकलवा लें, पेट्रोल ले लें, कल रहेगी बैंक, पेट्रोल पंप की हड़ताल
यदि आप पैसे निकलवाना चाहते हैं या अपनी गाड़ी में पेट्रोल-डीजल डलवाना चाहते हैं तो आज ही कर लें।
बैंक, पेट्रोल पम्प बंद रहेंगे कल
पंप वैट वृद्धि के विरोध में तो बैंक वेतन समझौता लागू नहीं करने पर आक्रोशित
उदयपुर। कल का दिन शहरवासियों के लिए कुछ मुश्किल भरा हो सकता है। आवश्यक सेवाओं में शामिल पेट्रोल पम्प संचालकों ने वैट वृद्धि के विरोध में कल एक दिन की हड़ताल घोषित की है वहीं अपने वेतन समझौते को लेकर बैंकों में भी कल एक दिन की हड़ताल रहेगी। बैंककर्मियों की इस माह में 21 से 24 जनवरी तक भी हड़ताल प्रस्तावित है। वैट वृद्धि के विरोध में राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेश भर के पेट्रोल पम्प बंद रहेगे। पम्प संचालकों की मांग है कि पड़ोसी राज्यों के समान वैट, प्रदेश में पेट्रोल-डीज़ल का मूल्य एक समान हो। गत 18 दिसम्बर से लागू वैट वृद्धि के आदेश वापस लेने तथा पेट्रोल, डीजल और ल्यूब्रिकेंट के लिए जिला रसद अधिकारी का प्राधिकार-पत्र समाप्त करने की मांग को लेकर पेट्रोल पम्प आज मध्यरात्रि 12 बजे से कल रात्रि 12 बजे तक बंद रहेंगे। उधर बैंककर्मियों की दसवें वेतन समझौते की मांग दो साल से लंबित है, जिसको लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बंद रहेंगे। बैंक प्रबंधनों के अनुसार एटीएम में समुचित राशि डाल दी जाएगी ताकि कैश का काम आम आदमी के लिए नहीं रुकेगा हालांकि चेक और ड्राफ्ट अवश्य अटकेंगे।
युवक गिरफ्तार, पिस्टल जब्त
उदयपुर। सूरजपोल थाना पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने सोमवार शाम को पटेल सर्कल चौराहे पर दबिश देकर बाइक सवार युवक को गिरफ्तार कर उससे एक पिस्टल बरामद की। सूरजपोल थानाधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि सोमवार शाम सूचना मिली कि युवक अवैध हथियार के साथ पटेल सर्कल पर घूम रहा है। थानाधिकरी ने टीम गठित की। टीम ने मौके पर पहुंच युवक को गिरफ्तार किया। उससे एक पिस्टल भी बरामद की। पूछताछ में युवक ने अपना नाम खांजीपीर निवासी मजहर बताया। आरोपी प्रोपर्टी का काम करता है। उसने बताया कि एक साल पहले शहर में रहने वाले एक युवक से उसने पिस्टल खरीदी थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। सुखेर पुलिस व स्पेशल टीम ने कल शाम सौ फीट रोड पर दबिश देकर सावा, चित्तौडग़ढ़ निवासी आशिफ इमरान खान पुत्र युसुफ खान को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से एक देसी पिस्टल, कट्टा, 16 कारतूस बरामद किए। न्यायालय ने उसे रिमांड पर भेज दिया।

