डूंगरपुर में अधेड़ ने की आत्महत्या में पार्टनर पर आरोप, पुलिस को मिले सुसाइट नोट

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RPKGONL011270820141Z56Z38 AMडूंगरपुर. शहर के चमनपुरा घाटी क्षेत्र निवासी एक वृद्ध की सोमवार सुबह मौत हो गई। परिजनों ने पैसे के लेनदेन को लेकर साझेदार को जिम्मेदार ठहराया। चमनपुरा घाटी निवासी मोहम्मद ईशाक कुरैशी (63) पुत्र फतह मोहम्मद गौरी को सोमवार सुबह उसकी पत्नी फरीदा तथा पुत्री हवरा ने कमरे में बेसुध देखा। उन्होंने उसके हाथों पैरों की नसें कटी हुई व उससे खून बहता देखा। मां-बेटी के चिल्लाने पर आसपास के लोग एकत्र हुए तथा ईशाक को लेकर सामान्य चिकित्सालय पहंुचे। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए और बाद में कोतवाली पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस ने मौका मुआयना कर शव को चिकित्सालय के मुर्दाघर पहुंचाया।
मृतक के रिश्तेदार घाटी खाडिया निवासी उस्मान पुत्र मोहम्मद इशहाक ने पुलिस को रिपोर्ट में बताया कि मृतक ईशाक का कुवैत में कार्यरत उसके साझेदार अल्ताफ एहमद से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसे लेकर वह मानसिक तनाव में था।
पुलिस ने कमरे में सारे कागजात व दस्तावेजों को कब्जे में लेकर टटोला। इस दौरान बेड के नीचे एक कापी के पांच पन्नों पर लिखा सुसाइड नोट भी पुलिस ने बरामद किया। इस पर 24 अगस्त, 14 की तारीख अंकित है। इसमें मृतक ने खुदकशी करना तथा इसका जिम्मेदार अल्ताफ एहमद को बताया है। लोहे के किवाड़ लगी अलमारी से एक स्टाम्प पेपर भी मिला। इसमें मृतक व अल्ताफ के बीच खाड़ी संकट की राशि को लेकर आपसी इकरारनामा लिखा है।

नायलॉन की रस्सी के टुकडे मिले
पुलिस को कमरे से नायलॉन की रस्सी के टुकडे, गठान लगी रस्सी व रस्सी का बंडल भी मिला। इससे मृतक के फंदे पर लटकने की पुष्टि भी हुई। पुलिस ने कमरे से एक चाकू, छोटी कैची, खून से सनी चादरें आदि भी कब्जे में ली। पुलिस ने मृतक की पत्नी और परिजनों से आवश्यक पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार मृतक ने पंखे के लोहे के हुक में रस्सी डाल उसका फंदा लगाया था।

तिरूपति बालाजी की तर्ज पर हो नाथद्वारा का विकास : मुख्यमंत्री

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उदयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने मंगलवार को उदयपुर के क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान में नाथद्वारा मंदिर विकास योजना के बारे में नाथद्वारा टेम्पल बोर्ड से संबंधित बैठक ली।
श्रीमती राजे ने कहा कि नाथद्वारा मंदिर का विकास एवं प्रबंधन तिरूपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर होना चाहिए ताकि यहां आने वाले श्रद्घालुओं एवं पर्यटकों को कोई परेशानी नहीं होने के साथ उन्हें हर प्रकार की सुविधा मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के विस्तार एवं सौंदर्यीकरण का प्रथम चरण पूरा हो गया है। उन्होंने गोवर्धन परिक्रमा, लाल बाग व अन्य स्थानों पर बचे हुए विकास कार्यों को समयबद्घ तरीके से पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नाथद्वारा में होने वाले विकास कार्य स्थानीय निवासियों को विश्वास में लेकर करें।
श्रीमती राजे ने कहा कि गोवर्धन पर्वत के सामने स्थित दूसरी पहाडी पर वन भूमि में सुन्दर वृक्षारोपण करवाया जाना चाहिए। मंदिर तक पहुंचने वाले १२० फीट चौडे रास्ते का कार्य भी मई २०१५ तक पूरा कर लिया जाये। उन्होंने कहा कि नाथद्वारा शहर की जनता व यहां आने वाले पर्यटकों और दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए सीवरेज योजना को शीघ्र पूरा किया जाये। इससे नदी का पानी भी साफ रहेगा और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट से निकलने वाले पानी का अन्यत्र उपयोग भी किया जा सकेगा।
बैठक के बाद बाहर निकलकर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा की पिछली बार भाजपा सरकार में जो मंदिर के काम शुरू किये थे उनकी क्या स्थिति है इस बारे में आज बैठक बुलाई गई थी और भविष्य में मंदिर के विकास के लिए क्या-क्या करना चाहिए इस बार में चर्चा की गयी।
बैठक में राजसमन्द के सांसद हरिओम सिंह राठौड, विधायक कल्याण सिंह, मुख्य सचिव राजीव महर्षि, अति. मुख्य सचिव (देवस्थान) अशोक शेखर, संभागीय आयुक्त वैभव गालरिया, राजसमन्द कलक्टर के.सी. वर्मा, आर्किटेक्ट निरंजन हीरानंदानी, टेम्पल बोर्ड के निष्पादन अधिकारी जगदीश चन्द्र पुरोहित भी मौजूद थे।

बच्चा नहीं होने पर पत्नी की हत्या

पति की पिटाई के बाद अस्पताल में हुई मौत, डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
images-82उदयुपर। झाड़ोल कस्बे में बच्चा पैदा नहीं होने पर एक व्यक्ति ने उसकी पत्नी की जोरदार पिटाई की, जिसकी मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। विवाहिता के भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार गोदवाड़ा (फलासिया) निवासी देवीलाल पुत्र नगाजी गमेती ने रिपोर्ट में बताया कि उसके पिता ने लगभग ड़ेढ साल पहले उसकी बहन नकुड़ी की शादी खोरिया (झाड़ोल) निवासी नक्का गमेती पुत्र दीता गमेती के साथ की थी, लेकिन शादी के बाद उसकी बहन को बच्चा नहीं हो रहा था। इससे ससुराल पक्ष काफी नाराज था। सोमवार को उसके दामाद नक्का ने उसकी बहन नकुड़ी की जोरदार पिटाई कर दी। गंभीर घायल हालत मेें उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

वकीलों को फिर मिला ठेंगा। हाईकोर्ट बैंच दूर की कोडी …

हाईकोर्ट बैंच आंदोलन का दबाव खत्म होते ही बदले सरकार के सुर

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उदयपुर। उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना को लेकर कैबिनेट ब्रीफिंग के बाद सरकार के सुर बदल गए हैं। कल वकीलों के आंदोलन को देखते हुए दबाव में आई मुख्य सेवक वसुंधरा राजे ने वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए बुलाया और विधि मंत्री को कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, लेकिन जब शाम को चिकित्सा सेवक राजेंद्र राठौड़ पत्रकारों को कैबिनेट ब्रीफिंग कर रहे थे, तब एक सवाल के जवाब में श्री राठौड़ ने कहा कि मामला राज्य सरकार के दायरे में नहीं है। इसका निर्णय उच्च न्यायालय, उच्चतम न्यायालय और केंद्र सरकार के हाथ में है। जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य सरकार इस संबंध में केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट को प्रस्ताव भेजेगी तो वे बात को टालते हुए निकल गए।
उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना को लेकर पिछले ३० सालों से आंदोलन चल रहा है। मेवाड़ के नेता जब सत्ता में होते हैं तो आंदोलन को लेकर उनका रूख नरम हो जाता है, जबकि विपक्ष में होते हैं, तो मेवाड़ की आदिवासी जनता और वकीलों का समर्थन पाने के लिए आंदोलन के साथ हो जाते हैं। ऐसे नेताओं में जहां कांग्रेस में डॉ. गिरिजा व्यास और डॉ. सीपी जोशी का नाम आता हैं तो भाजपा में गुलाबचंद कटारिया, कैलाश मेघवाल और शांतिलाल चपलोत का नाम लिया जाता है।
इन नेताओं ने सत्ता में रहते हुए कभी भी आंदोलन को समर्थन नहीं दिया जबकि विपक्ष में होने पर तुरंत समर्थन के लिए आगे आते हैं। अगर ये प्रबल इच्छा शक्ति के साथ सरकार के सामने मेवाड़ की इस मांग को पुरजोर तरीके से रखते तो शायद मांग कब की पूरी हो चुकी होती। ऐसा मेवाड़ की आदिवासी जनता और वकीलों का मानना है।

॥मुख्य सेवक व चिकित्सा सेवक अगर अलग-अलग बात कर रहे हैं तो यह लोग धोखा दे रहे हैं। यह मेवाड़ की जनता के साथ विश्वासघात होगा। सर्किट बैंच देना राज्य सरकार के हाथ में है। इस सारे मामले में स्थानीय विधायक और काबीना सेवक गुलाबचंद कटारिया का कोई रोल नहीं रहा है।
– भरत जोशी, अध्यक्ष उदयपुर बार एसोसिएशन
॥कल हमने मुख्य सेवक से बात की थी। उन्होंने बात ध्यान से सुनी। विधि सेवक से बात करके आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अगर शाम को चिकित्सा सेवक राजेंद्र राठौड़ बात को टाल रहे हैं तो मुख्य सेवक की बात को टाला जा रहा है। सर्किट बैंच राजस्थान सरकार जब चाहे, तब स्थापित कर सकती है। मेवाड़ के नेता विपक्ष में होते हैं तो हाईकोर्ट बेंच के पक्ष में होते है और सरकार में होते हैं तो इन्हें सांप सूंघ जाता है। कोई नहीं बोलता। चाहे वह गुलाबचंद कटारिया हो या डॉ. सीपी जोशी।
– रमेश नंदवाना, संयोजक, मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति
॥राजस्थान सरकार की सहमति से यहां पर सॢकट बैंच आ सकती है। इसके लिए हमने कल मुख्य सेवक को पूरी विधि सहित जानकारी दी। इस पर उन्होंने कल विधि सेवक से चर्चा करके जयपुर बुलाया है। हां ये जरूर है कि इस मांग को लेकर मेवाड़ के नेताओं में इच्छाशक्ति का अभाव है, लेकिन गुलाबचंद कटारिया हमारे साथ है। वे इस मामले में लगातार सरकार से बात कर रहे थे।
-शांतिलाल पामेचा, वरिष्ठ अधिवक्ता

भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में मुख्यमंत्री के प्रति आक्रोश …

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उदयपुर | उदयपुर संभाग में सरकार आपके द्वार आकर चली गयी लेकिन सरकार कि मुखिया से उसी की पार्टी के लोग नाराज़ हो चले है और उनमे खुद को उपेक्षित रखने का आक्रोश भी है | सरकार दस दिन यहां रही लेकिन मुख्यमंत्री एक भी दिन समय निकाल कर अपने ही पाट्री के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से नहीं मिली इस बात का भाजपा के शहर के पदाधिकारियों और उनके साथ काम करने वाले आम कार्यकर्ताओं में भारी रोष है|
मुख्य मंत्री के जाने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से नहीं मिलना कार्यकर्ताओं में रोष का विषय बनता जा रहा है | पार्टी के पदाधिकारी तो यहां तक कह रहे है कि चुनाव के पहले कार्यकर्ताओं से और हमसे मतलब था तो हमारे बीच में आगयी लेकिन अब कार्यकर्ता तो दूर स्थानीय पदाधिकारियों से एक मीटिंग तक रखना मेडम को गवारा ना हुआ | शहर के एक बड़े पदाधिकारी ने तो मुख्य मंत्री के सरकार आपके द्वार दौरे पर ही सवालिया निशान लगा दिया और कहा कि महलों में रहने की आदि महारानी को समझना चाहिए कि मीडिया को दिखाते हुए एक टुकड़ा रोटी का चटनी के साथ खा लेने से गरीब का दर्द दूर नहीं होता जो मुख्य मंत्री कार्यकर्ताओं के साथ जाजम पर बैठ कर उनके दुःख दर्द नहीं सुन सकती उनकी जन सुनवाई नहीं कर सकती तो जनता के लिए क्या करेगी | उन्हें सिर्फ लोगों को और मिडिया में दिखाना है इसलिए दस दिन तक नौटंकी की |
कार्यकर्ताओं में इस बात का आक्रोश भी था कि उदयपुर शहर मेवाड़ का और पुरे संभाग का केंद्र है | और कार्यकर्ताओं की बदौलत ही संभाग की सारी सीटें लोकसभा में भाजपा के खाते में आई है | और विधान सभा में भी भारी जीत हुई | आज उन्ही कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को दरकिनार कर दिया गया | एक पदाधिकारी ने कहा कि पार्टी के खिलाफ नहीं जा सकते वर्ना ऐसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमे काम ही नहीं करना है | और इसका परिणाम कही ऐसा नहीं हो आने वाले नगर निगम के चुनाव में देखना पड़ जाय |
मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे १४ अगस्त को उदयपुर आई थी और राज्य स्तरीय स्वतन्त्रता समारोह का कार्यक्रम कर १६ से सरकार आपके द्वार के अंतर्गत यही रही | इस बीच एक भी स्थानीय पार्टी के पदाधिकारियों य कार्यकर्ताओं की बैठक नहीं रखी गयी | यही नहीं कई मंडल अध्यक्ष व् अन्य कई पदाधिकारियों के पास तो राज्य स्तरीय स्वतन्त्रता समारोह के कार्ड तक नहीं पहुंचे | जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट भी १५ अगस्त की पूर्व संध्या पर सहेलियों की बाड़ी में होने वाले एट होम कार्यक्रम में कार्ड होते हुए भाग नहीं लिया क्यों कि उनका मानना था कि मेरे किसी पदाधिकारी के पास आमंतण पत्र नहीं है में अकेला कैसे जा सकता हु | सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के पूर्व एक राज्य स्तरीय बैठक रखी गयी वह भी चुंण्डा पैलेस में जहां आम कार्यकर्ताओं या अन्य कोई भी जिले के पदाधिकारियों को जाने की अनुमति नहीं थी | उसके बाद पुरे जिले में दस दिनों तक कोई भी ऐसी बैठक नहीं रखी गयी जिसमे आम कार्यकर्ता या पदाधिकारी मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर सकें | मुख्यमंत्री का महलों में रुकना भी चर्चा का विषय बना रहा | यहाँ जितने दिन रुकी या तो देवी गढ़ पैलेस में या फिर होटल लीला में जहां सिर्फ वीआईपी लोग ही पहुंच सकते है | आखरी दिन २४ अगस्त को शहर जिलाध्यक्ष और देहात जिलाध्यक्ष को जरूर देवीगढ़ में औपचारिक मुलाकात के लिय बुलाया था |

झीलों की नगरी में होगा एशियाई देशों का यूथ फेस्टिवल

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उदयपुर। एशियाई देशों की यूनिवर्सिटीज का यूथ फेस्टिवल अगले वर्ष जनवरी में झीलों की नगरी उदयपुर में मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय की मेजबानी में होगा। 

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. कुंजन आचार्य ने रविवार को यहां बताया कि भारतीय विश्वविद्यालय संघ (आई यू ए) ने इस आयोजन की जिम्मेदारी के लिए सु.वि.वि को चुना है। 

इस अन्र्तराष्ट्रीय आयोजन में एशिया के सौ से अधिक विश्वविद्यालयों के छात्र छात्राएं भाग लेंगे। सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति आई वी त्रिवेदी ने इस कार्यक्रम की मेजबानी को विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि वह इस कार्यक्रम के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री वसंुधरा राजे से आग्रह करेंगे। 

उन्होंने कहा कि इस फेस्टिवल का आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है तथा हम इसको सफलतापूर्वक आयोजित कर दुनिया में राजस्थानी संस्कृति की अनूठी मेजबानी का रंग बिखेरेंगे।

Dim sum and Noodles Fiesta’ at The Lalit Laxmi Vilas Palace Udaipur August 23- 31, 2014

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Udaipur. The Lalit Laxmi Vilas Palace Udaipur, brings to the table the authentic taste of China with an irresistible assortment of Dim Sums and Noodles to choose from.

The ‘Dim sum and Noodles Fiesta’ presents Chef Dharma Lama from The Lalit New Delhi, who offers traditional dim sums and noodles from the Chinese kitchen in an innovative style at Padmini, the 24-hour multi-cuisine restaurant.

Choose from a delectable range of dim sums starting from Trio of Mushroom Dim sum, Chicken Mandarian Dim sum, Sui Mai Vegetable Dim sum, Seafood Dim sum to Chilli Cottage Cheese with Bok Choy and many more. While the lip- smacking range of noodles includes Szechuan noodle, Hong Kong style noodle, Cantonese style noodle amongst others.

Details –
Event: Dim Sum and Noodles Fiesta
Outlet: Padmini Restaurant (Lunch and Dinner)
Date: August 23- 31, 2014

About The Lalit Laxmi Vilas Palace Udaipur
Nestled amidst the Aravalli Hills with captivating view of Fateh Sagar Lake, The Lalit Laxmi Vilas Palace Udaipur showcases the rich history and culture of the vibrant state of Rajasthan.
Built by his Highness Maharana Fateh Singh in 1911, this luxury heritage hotel sits on a hilltop, with a majestic architecture and décor that reflect the culture, charm and grandeur of this bygone era. The hotel is located just kilometres away from the city centre, international airport and railway station.
The Lalit Laxmi Vilas Palace Udaipur features 55 well-appointed, spacious rooms and suites, all of which offer captivating view of the lake, valley or Udaipur skyline. The entire palace has been meticulously restored, blending modern luxuries with royal splendour.

छात्रसंघ चुनावों के नामांकनों की धूम

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उदयपुर। उदयपुर संभाग में आगामी ३० अगस्त को होने वाले छात्रसंघ चुनावों को लेकर शनिवार को नामांकनों की धूम रही। छात्रसंघ अध्यक्ष पद के दोनों प्रमुख संगठनों के प्रत्याशी जुलूस के रूप में नामांकन दाखिल करने पहुंचे। सुविवि छात्रसंघ चुनावों के लिए प्रत्याशियों के छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय में नामांकन पेश किए वहीं महाविद्यालय प्रत्याशियों ने अपने ही कॉलेज में नामांकन प्रस्तुत किए।
सुखाडिया विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर चुनाव लड रहे प्रत्याशियों ने आज एम.बी. कॉलेज के समीप स्थित छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय पर पहुंच नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने से पूर्व विद्यार्थी परिषद से छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर चुनाव लड रहे देवेन्द्र सिंह चुण्डावत ने जुलूस के साथ आयड पुलिया, दुर्गा नर्सरी रोड, एम.बी. कॉलेज चौराहे होते हुए छात्र कल्याण अधिष्ठात कार्यालय पहुंच नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने के दौरान हुई छात्रों की भी$ड एवं जुलूस के कारण एम.बी. कॉलेज एवं दुर्गा नर्सरी रो$ड पर यातायात भी बाधित हुआ कई

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बार ट्रापि*क जाम हो गया।
अभाविप में दिखी भाजपा: नामांकन दाखिल करने के दौरान जुलूस में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ भाजयुमों व भाजपा के कई नेता भी साथ दिखाई दिए। छात्रसंघ चुनावों में भाजपा नेताओं की दिलचस्पी लोगों में चर्चा का विषय बन रही। भाजपा के प्रदेश मंत्री प्रमोद सामर, देहात जिलाध्यक्ष तख्तसिंह शत्त*ावत, भाजयुमो जिलाध्यक्ष जिनेन्द्र शास्त्री, लवदेव बाग$डी आदि उपस्थित थे।
इधर, एबीवीपी से बागी होकर एनएसयूआई में शामिल हुए हिमांशु चौधरी का जुलूस फतह स्कूल के समीप हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुआ जिसे पूर्व विधायक रघुवीर मीणा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडिया ने झंडी दिखाकर रवाना किया। जुलूस के रूप में छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय पहुंच हिमांशु ने अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करते समय उनके साथ परमवीर सिंह, अभिमन्यु सिंह झाला, राजा चौधरी, रिजवान खान सहित एनएसयूआई के कई पदाधिकारी मौजूद थे।
छात्र संघर्ष समिति की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी कुणाल कुमावत ने बिना जुलूस के संगठन के पांच पदाधिकारियों के साथ अपना नामांकन दाखिल किया। वहीं विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेजों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं महासचिव पद के प्रत्याशियों ने अपने कॉलेजों में ही अपने नामांकन दाखिल किए।

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इन्होंने भी भरा नामांकन: अभाविप से छात्रसंघ उपाध्यक्ष पद पर गजेन्द्र रावल, महासचिव पद पर भावेश पुरोहित, संयुत्त* सचिव पद पर इति मीणा व एनएसयूआई से उपाध्यक्ष पद पर हरिओम मीणा, महासचिव सिद्घार्थ सोनी व संयुत्त* सचिव के लिए भावना ने नामांकन पेश किया।
दो दोस्त अलग राह: सुविवि छात्रसंघ अध्यक्ष के दो दावेदार अभाविप से देवेन्द्र सिंह चुण्डावत व संगठन से बागी होकर एनएसयूआई से चुनाव ल$ड रहे हिमांशु चौधरी जब नामांकन के दौरान जुलूस के रूप में छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय पहुंचे इस दौरान दोनों प्रत्याशियों को अपने समर्थकों ने कंधों पर उठा रखा था। इस दौरान हिमांशु और देवेन्द्र दोनों एक-दूसरे से मिले हाथ मिलाया और आगे ब$ढ गए। ज्ञातव्य है कि एक ही संगठन में रहकर दोनों ही बीते वर्ष सुविवि में सिटी बस संचालन सहित कई छात्र हितों की मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन एवं भूख ह$डताल की थी परन्तु अभाविप से टिकट नहीं मिलने से नाराज हिमांशु अपने समर्थकों के साथ एनएसयूआई में जा मिले और प्रत्याशी के रूप में चुनाव ल$ड रहे है।
साइंस कॉलेज में खदे$डा: छात्रसंघ चुनावों को लेकर साइंस कॉलेज में विभिन्न प्रत्याशियों द्वारा हो रहे नामांकन के दौरान कॉलेज परिसर में काप*ी भी$ड जमा हो गई जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जमीन पर लाठियां ठपकाई और छात्रों को कॉलेज परिसर से खदे$डा।
बसों पर च$ढे छात्र: छात्रसंघ चुनावों को लेकर सुविवि के एक छात्र संगठन द्वारा निकाले जा रहे जुलूस के दौरान जब जुलूस दुर्गा नर्सरी रो$ड पर चल रहा था इसी दौरान कुछ छात्र वहां से गुजर रही बस की छत पर च$ढ गए और नारेबाजी करते हुए, अपने प्रत्याशी के पेम्पलेट आसमान में उछाले।

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कैबिनेट ब्रीफिंग निरस्त कराने पर आमादा वकील

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उदयपुर | राजस्थान हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर आठवें दिन शनिवार को भी बार एसोसिएशन, उदयपुर एवं मेवाड वागड हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वाधान में आंदोलन जारी रहा और महिला अधिवक्ताओं ने भूख हडताल की तथा सभी वकीलों ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार जारी रखा साथ ही स्टाम्प वेण्डर्स, टाईपिस्ट, फोटो स्टेट व्यवसायी, नोटेरी अधिवक्ताओं ने अपना कारोबार बंद रखा।
आंदोलन को उग्र करते हुए बार एसोसिएशन ने २५ अगस्त को उदयपुर बंद के दौरान सरकार आपके द्वार कार्यऋम के अंतर्गत आरसीए में सोमवार को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक को निरस्त कराने की घोषणा की है। इसके लिए अधिवक्ता सोमवार को उदयपुर बंद कराएंगे और सभी संगठनों को साथ में लेकर आरसीए परिसर पहुंचेंगे, जो पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि २५ अगस्त को अधिवक्ताओं ने उदयपुर बंद का आव्हान किया है, जिसे शहर के सभी सामाजिक, राजनैतिक, गैर राजनैतिक संगठन समर्थन देने की घोषणा कर चुके है। इसी दिन सरकार आपके द्वार कार्यऋम के अंतर्गत आखरी दिन मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे उदयपुर में केबिनेट की ब्रीफिंग लेगी। बार एसोसिएशन ने मंत्रिमंडल बैठक निरस्त कराने की प्रतिबद्घता जताते हुए आरसीए में धरना देकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
आज धरना स्थल पर महिला अधिवक्ता बार एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्षा प्रमोदिनी बक्षी के नेतृत्व ऋमिक अनशन पर बैठी। भूख हडताल पर अधिवक्ता सहवृत सदस्य हितेषी जैन, पूर्व वित सचिव स्वाति रॉबर्ट, रागिनी शर्मा, वीना अग्रवाल, मीरा पोरवाल, लता शर्मा, शीतल नंदवाना, हितेषी जैन, नीता शर्मा, मंजुलता, संगीता अरोडा, रेखा तलेसरा, चन्द्रप्रभा दशोरा, आशा माली, पुष्पा सेन, नरगीस, सुधा मेहता, पायल पुरोहित, मीनाक्षा शाह नागोरी, अनुपमा झा, सोनिका जैन, शीतल पालीवाल, नीशा शर्मा, रितु मेहता आदि ने भाग लिया।
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धरना स्थल पर आज पूर्व नगरीय विकास मंत्री भारत सरकार व पूर्व सांसद डॉं. गिरजा व्यास एवं राजस्थान यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली भी उपस्थित हुए। धरना स्थल पर सभा का आयोजन किया गया जिसे पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरजा व्यास ने अपने उदबोधन में कहा कि गरीब की आवाज, गरीब को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ताओं ने उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने का जो आंदोलन किया है इसके लिए वो क्षेत्र के सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करती है। सभा के पूर्व इससे पूर्व २५ अगस्त को उदयपुर बंद सफल करवाने के लिए विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और गैर राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बार एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें कई संगठनों ने स्वैच्छा से बंद सफल बनाने का आश्वासन दिया। बार महासचिव गगन सनाढ्य ने बताया कि बंद को सफल बनाने के लिए बार एसोसिएशन की साधारण सभा हुई जिसमें २५अगस्त को आहूत उदयपुर बंद को सफल बनाने के लिए सम्पूर्ण उदयपुर नगर को २२ विभागों में विभक्त किया तथा प्रत्येक विभाग के लिये तीन-तीन अधिवक्ताओं के नेतृत्व में क्षेत्रीय अधिवक्ता निर्धारित पोइन्ट पर उपस्थित देते हुए शांति पूर्वक अपने-अपने क्षेत्र में बंद करवायेगे। इस संबंध में सभी अधिवक्ताओ को क्षेत्रवार जिम्मेदारी दी गई एवं बार एसोसिएशन व संघर्ष समिति की ओर से उदयपुर शहर के सभी सम्मानित नागरिक बंधुओं, व्यापारिक वर्ग, विधार्थी वर्ग से उक्त बंद को सफल बनाने की अपील की गई।
उदयपुर द्वारा हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर कई वर्षो से मांग लम्बित है एवं अधिवक्ता लम्बे समय से न्यायिक कार्यो का बहिष्कार कर रहे है। हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर राज्य सरकार के उदयपुर प्रवास के दौरान २५ अगस्त को बार एसोएिसशन द्वारा आहूत उदयपुर बन्द को उदयपुर देहात जिला कांगे्रस कमेटी ने अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है।
इनका कहना….
शांतिपूर्वक आंदोलन करने से किसी को नहीं रोका जाएगा। अपनी बात कहने का सभी को अधिकार है। चाहे वो बार एसोसिएशन हो, चाहे मजदूर नेता या आमजन। शांतिपूर्वक अपनी बात रखें, उसका मौका सभी को दिया जाएगा, लेकिन उग्र रूप धारण करने पर पुलिस प्रशासन की तैयारियां पूरी और पर्याप्त हैं। सोमवार को बंद और ब्रीफिंग के दौरान होने वाली किसी भी तरह की घटना से निपटने के लिए तैयार हैं।
-अजयपाल लांबा,
पुलिस अधीक्षक

गुलाबबाग बना चोरों और असामाजिक तत्वों का अड्डा

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उदयपुर। शहर के सबसे बडा और खूबसूरत ऐतिहासिक बाग गुलाब बाग दो विभागों की लडाई में चन्दन चोरों और असमाजिक तत्वों के सुपुर्द हो चुका है। चन्दन चोर अब वहां पर आराम से किश्तों में चंदन के पेड चोरी कर चन्दन का नामोनिशान मिटा रहे है तो असमाजिक तत्व खुल कर हुडदंग मचा रहे है इधर नगर निगम व् पीडब्ल्यूडी जिम्मेदारी एक दूसरे पर थोंप रहे है।
IMG_0272चन्दन चोरों के हौसले इतने बुलंद होगये कि कुछ माह पहले जो पेड काट कर लेगये थे बीती रात अब उनके ठूंठ भी उखाड कर लेगये। पूर्व में पेड चोरी होने के बाद भी नगर निगम या पीडब्ल्यूडी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई और इसीलिए चोरों के हौसले बुलंद हो गए कि उन पेडों के ठूंठ भी चुरा कर लेगये।
गुलाबबाग में कई लोग सुबह शाम भ्रमण के लिए जाते है। उनका कहना है कि गुलाब बाग में पिछले कई समय से कोई सुरक्षा नहीं है और खास कर शाम ढले यहाँ पर नशेडियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है। अंदर ये लोग नशा करते है हुडदंग मचाते है। कोई उन्हें रोकने के लिए नहीं आता जबकि कई लोग यहां सुबह शाम परिवार के साथ भ्रमण पर आते है।
नगर निगम और पीडब्ल्यूडी दोनों विभागों में से कोई भी जिम्मा लेने को तैयार नहीं पीडब्ल्यूडी के अधिकारी का कहना है कि इस मामले में आप नगर निगम से बात करो और नगर निगम आयुक्त का कहना है कि अभी पीडब्ल्यूडी ने हमारे जिम्मे नहीं किया है । ऐसे में दिन ब दिन गुलाब बाग की स्थिति बिगडती जा रही जबकि करीब साल भर पहले नगरीय विकास एवं शासन सचिव जीएस संधु ने पीडब्ल्यूडी को बाग नगर निगम को सपने को कहा था और नगर निगम को जिम्मेदारी उठाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कागजी कार्रवाई दोनों विभागों की तरफ से नहीं हो पायी तो बात यहीं अटक गयी।
दो गार्डों के जिम्मे: गुलाबबाग की सुरक्षा दो गार्डों के जिम्मे है दिन में तो गार्ड तैनात रहते है और आने जाने वाले वहां का इन्द्राज या संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी करते है लेकिन रात में गुलाब बाग का कोई धनि धोरी नहीं कोई पूछताछ करने वाला नहीं है।
इनका कहना है…..
गुलाबबाग में सुरक्षा का जिम्मा नगर निगम का है अभी में तो बहार हु मुझे चन्दन चोरी के बारे में कुछ पता नहीं। आप नगर निगम से पूछो।
गणपत लाल मीणा,
गुलाब बाग अधीक्षक
गुलाबबाग में पीडब्ल्यू दी विभाग अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है। सुरक्षा गार्ड जरूर नगर निगम ने लगा रखे है, लेकिन अभी तक पीडब्ल्यूडी ने गुलाब बाग नगरनिगम को सौंपा नहीं है
हिम्मत सिंह बारहठ,
नगर निगम आयुक्त